Delhi Blast Timeline: एक कार, 9 लाशें और फरीदाबाद कनेक्शन... लाल किला तक कैसे बनी मौत की साजिश, अब तक क्या हुआ?

Nov 11, 2025 - 15:43
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Delhi Blast Timeline: एक कार, 9 लाशें और फरीदाबाद कनेक्शन... लाल किला तक कैसे बनी मौत की साजिश, अब तक क्या हुआ?

दिल्ली सोमवार (10 नवंबर) की शाम एक भयावह धमाके से दहल उठी. लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक आई-20 कार में हुए विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया. शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर यह धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनएसजी की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. प्रारंभिक जांच में यह आतंकी हमला बताया गया है.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं. दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) रवींद्र सिंह यादव ने पुष्टि की है कि यह एक आतंकी घटना है, जिसमें फरीदाबाद कनेक्शन सामने आया है.

फरीदाबाद से जुड़ा आतंक का कनेक्शन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धमाके के कुछ घंटे पहले ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने धौज और फतेहपुर तगा गांव में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था. यह वही विस्फोटक पदार्थ है जिसका इस्तेमाल कई बड़े बम धमाकों में होता आया है. पुलिस का कहना है कि आई-20 कार (HR26CE7674) फरीदाबाद से जुड़ी हुई है और इसमें जम्मू-कश्मीर का रहने वाला उमर आदिल सवार था. प्रारंभिक जांच में दो थ्योरी सामने आई हैं.

  1. उमर ने सुसाइड बम बनकर खुद को उड़ा लिया.
  2. कार में रखे विस्फोटक में किसी तकनीकी कारण से स्वतः विस्फोट हुआ.

धमाके के बाद घटनास्थल से कई लोगों के शरीर के टुकड़े मिले हैं. इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. अब डीएनए टेस्ट से यह पुष्टि की जाएगी कि क्या उमर उन्हीं में से एक है.

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जांच की कमान NIA या स्पेशल सेल को सौंपी गई

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) या स्पेशल सेल को केस सौंपने की सिफारिश की है. देर रात तक इस पर विचार चल रहा था.

आईबी ने भी जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क कर उमर की पृष्ठभूमि, मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्क नेटवर्क की जानकारी मांगी है. उमर के परिवार से डीएनए सैंपल लिए गए हैं ताकि फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिलान कराया जा सके.

धमाके के बाद दिल्ली एनसीआर में हाई अलर्ट

धमाके के तुरंत बाद दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद कर दिया गया है. आसपास के बाजारों को खाली कराया गया. सभी सार्वजनिक स्थलों और पार्किंग एरिया में सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है. यमुनापार, करोल बाग, चांदनी चौक, दरियागंज और कश्मीरी गेट क्षेत्रों में पुलिस गश्त तेज कर दी गई है. एनएसजी, फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते ने देर रात तक घटनास्थल की जांच की. पार्किंग क्षेत्र से कार के मलबे, धातु के टुकड़े और विस्फोटक अवशेष जुटाए गए हैं.

रातभर चला पोस्टमार्टम, सुबह तक पांच शव सौंपे गए

लोकनायक अस्पताल में रात 1 बजे से पोस्टमार्टम शुरू हुआ. डॉक्टरों ने पूरी रात काम किया. सुबह 7 बजे तक 5 शव परिजनों को सौंप दिए गए, जबकि दो शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई शव बुरी तरह झुलसे हुए थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है. घायलों का इलाज दिल्ली के लोकनायक, राम मनोहर लोहिया और जीटीबी अस्पतालों में चल रहा है.

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फरीदाबाद और जम्मू कश्मीर में फिर सर्च ऑपरेशन शुरू

धमाके के बाद फरीदाबाद पुलिस और एनआईए ने धौज और तगा गांव में फिर से तलाशी अभियान शुरू किया है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमोनियम नाइट्रेट जिस जगह से मिला था, वहां से कई नकली नंबर प्लेट और संदिग्ध फोन कॉल डिटेल्स भी बरामद हुए हैं.

जानें दिल्ली में धमाकों का लंबा इतिहास 

दिल्ली इससे पहले भी कई बार आतंकियों का निशाना बन चुकी है.

  • 25 मई 1996: लाजपत नगर धमाके में 16 मौतें की मौत हुई थी.
  • 30 नवंबर 1997: रेड फोर्ट विस्फोट में 3 की मौत और 70 लोग घायल हुए थे.
  • 29 अक्टूबर 2005: सरोजिनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी में तीन धमाके में 59 से अधिक मौतें हुई थी.
  • 13 सितंबर 2008: करोल बाग और कनॉट प्लेस में पांच विस्फोट में 20 से अधिक मौतें हुई थी.
  • 25 मई 2011: दिल्ली हाईकोर्ट पार्किंग ब्लास्ट में कई लोग घायल हुए थे.
  • लाल किला क्षेत्र में यह तीसरी बड़ी आतंकी घटना है. इससे पहले 1997 और 2000 में यहां विस्फोट हो चुके हैं.

एजेंसियों की तैनाती के साथ सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस, एनएसजी, आईबी और एनआईए को सहयोगी जांच टीम बनाने के निर्देश दिए हैं. लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी शुरू की गई है. दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और मॉल्स में संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है.

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