Hyderabad Raid ACB: तिजोरियों, लकड़ी की अलमारियों में मिले नोटों के बंडल, रेड डालते ही अधिकारियों की फटी रह गई आंखें
हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWS&SB) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के शक का पर्दाफ़ाश करते हुए एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक विशेष टीम ने मंगलवार को तड़के रेड हिल्स डिवीज़न के जनरल मैनेजर जी. कुमार के मल्लापुर वेंकटरमना कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा और अवैध संपत्ति का एक विशाल भंडार बरामद किया. जब शुरुआती तलाशी पूरी हुई, तब तक ACB के अधिकारियों ने ₹1.05 करोड़ की बेहिसाब नकदी, बड़ी मात्रा में सोने के गहने (जिनकी सही कीमत अभी भी आंकी जा रही है) और संपत्ति के ऐसे दस्तावेज़ बरामद कर लिए थे, जिनसे आरोपी अधिकारी के बेनामी साम्राज्य की पूरी संरचना सामने आने की उम्मीद है.
भोर होते ही पूरी गोपनीयता के साथ चलाया गया यह अभियान, महीनों तक गुप्त रूप से जानकारी जुटाने का नतीजा था. ACB सूत्रों के अनुसार, कुमार के खिलाफ 'आय से अधिक संपत्ति' का मामला तब दर्ज किया गया, जब एक शुरुआती जांच में उनकी वैध आय और उनके द्वारा जमा की गई आलीशान संपत्ति के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया. एक विशेष अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट से लैस होकर, भ्रष्टाचार-रोधी टीमों ने तेज़ी से कॉलोनी को घेर लिया और घर में प्रवेश किया, जिससे अधिकारी और उनका परिवार पूरी तरह से हैरान रह गया. नकदी कई लकड़ी की अलमारियों और स्टील की तिजोरियों में छिपाकर रखी गई थी, जिसे बड़े मूल्य वाले नोटों के बंडलों के रूप में सावधानीपूर्वक बांधा गया था.
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ACB अधिकारियों ने पुष्टि की
यह जब्ती केवल आवासीय परिसर तक ही सीमित नहीं है. ACB अधिकारियों ने पुष्टि की कि मंगलवार शाम तक भी छापे जारी थे, और अधिकारी कुमार तथा उनके रिश्तेदारों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी तलाशी ले रहे थे. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, जांचकर्ताओं को परिवार के कई बैंक लॉकरों को खोलने और उनकी जांच करने की अनुमति मिल गई है; यह प्रक्रिया बुधवार से शुरू होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि लॉकरों की तलाशी से और अधिक नकदी, गहने, और यहां तक कि ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ी सबूत भी सामने आ सकते हैं, जो अधिकारी को भ्रष्टाचार के एक व्यापक नेटवर्क से जोड़ सकते हैं.
वॉटर बोर्ड के प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस मामले ने वॉटर बोर्ड के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि जी. कुमार, रेड हिल्स डिवीज़न के जनरल मैनेजर के तौर पर कई परियोजनाओं, निविदाओं और अनुबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखते थे. ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद की गई नकदी, ठेकेदारों से मिली रिश्वत की एक सोची-समझी वसूली का हिस्सा थी या फिर यह मनी लॉन्ड्रिंग का कोई बड़ा ऑपरेशन था, जिसका मकसद अवैध कमीशन को बेनामी संपत्तियों में खपाना था. घर से बरामद किए गए संपत्ति के दस्तावेजों की बहुत बारीकी से जांच की जा रही है और उम्मीद है कि अगले चौबीस घंटों के भीतर फोरेंसिक ऑडिटर भी इस जांच में शामिल हो जाएंगे. यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब ACB ने पूरे तेलंगाना में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
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