Varda Chaturthi 2026: अधिकमास की वरदा चतुर्थी कब ? जानें डेट, साल की 12 चतुर्थी करने के समान फलदायी है ये व्रत

May 15, 2026 - 15:09
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Varda Chaturthi 2026: अधिकमास की वरदा चतुर्थी कब ? जानें डेट, साल की 12 चतुर्थी करने के समान फलदायी है ये व्रत

Adhik Maas, Varda Vinayak Chaturthi 2026: मुद्गलपुराण में अधिकमास के शुक्ल चतुर्थी को वरदा चतुर्थी के रूप में जाना जाता है. इस साल अधिकमास 17 मई से शुरू हो रहा है. अधिकमास की वरदा चतुर्थी 20 मई 2026 बुधवार को है.

भविष्यपुराण में उल्लेख है कि अधिकमास में की गयी वरदा विनायक चतुर्थी व्रत की पूजा से सामान्य 12 मासों की चतुर्थी से भी अधिक पुण्य प्राप्त होता है. इस व्रत का श्रद्धापूर्वक पालन करने वाला मनुष्य समस्त विघ्नों से मुक्त होकर धन, सन्तति, यश तथा दीर्घायु को प्राप्त करता है.

अधिकमास वरदा चतुर्थी 2026 मुहूर्त

अधिकमास की वरदा चतुर्थी 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 20 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी.

  • चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 10:56 - सुबह 11:06
  • वर्जित चंद्रदर्शन का समय - सुबह 8.43 - रात 11.08

क्यों सभी महीनों में खास है वरदा विनायक चतुर्थी

  • इस मास को "अतिशय पुण्यप्रद मास" कहा गया है, इसीलिये इसमें किया गया गणपति व्रत सहस्र गुणा पुण्यदायी होता है.
  • ये व्रत समस्त प्रकार की समस्याओं से मुक्त कर उन्हें सुख, शान्ति एवं समृद्धि प्रदान करता है.
  • ग्रंथों के अनुसार मलमास की चतुर्थी व्रत का पालन करने से व्यक्ति के पूर्वजन्म के दोष और वर्तमान जीवन के विघ्न दूर होते हैं.
  • ये व्रत साधक के लौकिक और पारलौकिक, दोनों तरह के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है. साथ ही इसके प्रताप से पितृगणों एवं देवताओं की तृप्ति भी होती है.

वरदा चतुर्थी पूजा विधि

  • वरदा चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र पहनें.
  • इसके बाद पूजा स्थान को शुद्ध करके चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
  • पूजा के दौरान गणपति बप्पा को सिंदूर का तिलक अर्पित करें, क्योंकि यह उन्हें अत्यंत प्रिय माना जाता है.
  • गणेश जी की पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व बताया गया है. पूजा करते समय “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का उच्चारण करते हुए 21 दूर्वा दल अर्पित करें.
  • इसके बाद भगवान गणेश को मोदक या उनके प्रिय मिठाई का भोग लगाएं. विधि-विधान से विघ्नहर्ता गणेश की आराधना करें और अंत में आरती उतारें.
  • मान्यता है कि वरदा चतुर्थी का व्रत करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
  • इस दिन गणेश पूजन के बाद ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना और अपनी क्षमता अनुसार दान देना शुभ माना जाता है.
  • धार्मिक विश्वास के अनुसार “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और स्वास्थ्य संबंधी कष्टों में भी राहत मिलती है.

गणेश जी को सिंदुर चढ़ाने का मंत्र

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम् । शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम् ॥

लाभ - धार्मिक दृष्टि से सिंदूर ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. गणेश जी को सिंदूर अर्पित करने से मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.

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