Narasimha Jayanti 2026: नरसिंह जयंती अप्रैल में कब ? जानें तारीख, मुहूर्त, नरसिंह अवतारी की पूजा का महत्व

Apr 22, 2026 - 11:18
 0
Narasimha Jayanti 2026: नरसिंह जयंती अप्रैल में कब ? जानें तारीख, मुहूर्त, नरसिंह अवतारी की पूजा का महत्व

Narasimha Jayanti 2026: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरसिंह जयंती मनाई जाती है. इस साल नरसिंह जयंती 30 अप्रैल 2026 को है. इस तिथि पर भगवान विष्णु ने अधर्म के अंत और भक्त की रक्षा के लिए आधे मनुष्य और आधे शेर के रूप में अवतार लिया था.

जिसे श्रीहरि का चौथा नरसिंह अवतार कहा जाता है. ये भगवान विष्णु के रौद्र रूप का अवतार है. इनकी आराधना से ज्ञान-शक्ति की प्राप्त होती है. साथ ही शत्रु का भय नहीं रहता. आइए जानते हैं नरसिंह जयंती पर पूजा का मुहूर्त, विधि.

नरसिंह जयंती 2026 मुहूर्त

वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 29 अप्रैल 2026 को रात 7.51 पर शुरू होगी और अगले दिन 30 अप्रैल 2026 को रात 9.12 पर समाप्त होगी.

  • नृसिंह जयन्ती सायंकाल पूजा का समय - शाम 04:17 - शाम 06:56
  • नृसिंह जयन्ती मध्याह्न संकल्प का समय - सुबह 10:59 - दोपहर 01:38

नरसिंह जयंती 2026 व्रत पारण समय

नृसिंह जयन्ती के लिए अगले दिन का पारण समय - 1 मई 2026 को सुबह 05:41 के बाद. नृसिंह जयन्ती पारण के दिन चतुर्दशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी.

नरसिंह जयंती पूजा विधि

  • व्रत के एक दिन पहले त्रयोदशी तिथि केवल एक समय भोजन करना चाहिए.
  • व्रत वाले दिन सभी प्रकार के अनाज और धान्य जैसे चावल, गेहूं आदि का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है.
  • व्रत का पालन एकादशी व्रत की तरह नियमपूर्वक किया जाता है.
  • नृसिंह जयंती के दिन मध्याह्न काल यानी दोपहर में व्रत का संकल्प लेना शुभ माना जाता है.
  • सूर्यास्त से पहले संध्या समय में भगवान नृसिंह की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.
  • मान्यता है कि भगवान नृसिंह चतुर्दशी तिथि के सूर्यास्त के समय प्रकट हुए थे, इसलिए इसी समय पूजा का विशेष महत्व है.
  • इस व्रत में रात्रि जागरण, कीर्तन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
  • अगले दिन प्रातःकाल विसर्जन पूजा करना आवश्यक होता है.
  • पूजा के बाद ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देकर व्रत को पूर्ण किया जाता है.
  • अंत में शुभ मुहूर्त में पारण करना चाहिए.

नरसिंह भगवान का मंत्र

‘नैवेद्यं शर्करां चापि भक्ष्यभोज्यसमन्वितम्. ददामि ते रमाकांत सर्वपापक्षयं कुरु'

नरसिंह भगवान की पूजा के लाभ

भगवान नरसिंह आशा और दृढ़ता के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं, विशेष रूप से उ लोगों के लिए जो उत्पीड़न या विपत्ति का सामना करेत हैं. उनका अवतार इस बात का स्मरण दिलाता है कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी, ईश्वर बुराई की शक्तियों का नाश करने और भक्तों की रक्षा करने के लिए हस्तक्षेप करेंगे.

नरसिंह केवल बाहरी राक्षसों का नाश करने वाले ही नहीं है, बल्कि अहंकार, क्रोध और ज्ञान जैसे आंतरिक राक्षसों के उन्मूलन का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आध्यात्मिक प्रगति में बाधा डालते हैं. इस तरह नरसिंह जयंती का उत्सव बुराई की विनाशकाली शक्तियों पर आंतरिक और बाहरी सद्गुणों की विजय पर चिंतन करने का समय है.

Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा कब ? जानें स्नान-दान का मुहूर्त, इस दिन से जुड़ी हैं गौतम बुद्ध की 3 अहम घटनाएं

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Barwara Patrika Barwara Patrika is a Hindi newspaper published and circulated in Jaipur , Ajmer , Sikar, Kota and Sawaimadhopur . Barwara Patrika covers news and events all over from India as well as international news, it serves the Indian community by providing relevant information.