गाजीपुर मुर्गा मंडी पर हाई कोर्ट सख्त, जताई गहरी नाराजगी,अवमानना की चेतावनी
दिल्ली हाईकोर्ट ने गाजीपुर मुर्गा मंडी में चिकन और अन्य पक्षियों के लगातार हो रहे अवैध कटान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. कोर्ट ने इसे हॉरिफाइंग यानी बेहद डरावना बताया और साफ कहा कि अगर उसके पुराने आदेशों का पालन नहीं हुआ तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी.
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह याचिका पशु कल्याण कार्यकर्ता गौरी मौलेखी ने दायर की है. उन्होंने कोर्ट को कुछ ताजा तस्वीरें दिखाईं. जिनमें कथित तौर पर यह साफ नजर आ रहा है कि गाजीपुर मुर्गा मंडी में आज भी खुलेआम पक्षियों का कटान किया जा रहा है.
2018 के आदेश की अनदेखी
दिल्ली हाई कोर्ट ने याद दिलाया कि उसने 24 सितंबर 2018 को गाजीपुर मुर्गा मंडी में पक्षियों के कटान पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. साथ ही, उस समय नगर निगम और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए थे कि पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े सभी नियमों का पालन करते हुए एक उचित और व्यवस्थित बाजार बनाने की योजना तैयार की जाए.
तस्वीरों से साफ हुई खुलेआम अनदेखी
लेकिन अब जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनसे लगता है कि कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है. तस्वीरें देखने के बाद अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "कृपया सुनिश्चित करें कि यह सब बंद हो. यह स्थिति डरावनी है." कोर्ट ने नगर निगम से पूछा कि क्या उसके 2018 के आदेश का उल्लंघन हो रहा है.
दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाई कोर्ट में एमसीडी की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि निगम ने नियम तोड़ने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बिना लाइसेंस के या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्लॉटरहाउस चला रहा पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने नगर निगम दिल्ली और अन्य संबंधित एजेंसियों को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
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