गोरखपुर: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर अमेरिकी लोगों से करोड़ों की ठगी
उतर प्रदेश के गोरखपुर में हेल्थ इंश्योरेंस के बहाने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर लोगों को ठगने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. यह अमेरिका सहित अलग-अलग देश में हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर ठगी कर पैसे अलग-अलग खातों में मंगाते थे. इसके पहले भी लखनऊ पुलिस ने इस गैंग को फर्जी कॉल सेंटर चलाने की शिकायत पर गिरफ्तार किया था.
पुलिस ने लखनऊ में रहने वाले इस गैंग के सदस्यों को भी अरेस्ट किया है. वहीं इनका पहले से भी अपराधी इतिहास है. इस फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग में कुल 10 से 15 युवक और युवतियों के शामिल होने की खबर पुलिस को मिली थी, जिसके बाद पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है.
गिरोह विदेशी लोगों से हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर करता था ठगी
गोरखपुर के एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार 23 जनवरी को इस घटना का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर की आड़ में विदेशों में बैठे लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह के छह युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह करीब छह महीने से गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र के करीमनगर में किराए के मकान में फर्जी काल सेंटर संचालित कर रहा था. जहां 10 से 15 युवक-युवतियां काम करते थे. चिलुआताल पुलिस हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य अमेरिका सहित अन्य देशों के लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर कॉल करते थे और झांसे में लेकर उनसे पैसे ठगते थे. ठगी की रकम विभिन्न डिजिटल माध्यमों और फर्जी खातों के जरिए एकत्र की जाती थी. गिरोह का सरगना चिलुआताल क्षेत्र के करीमनगर इलाके में किराए का कमरा लेकर यह गतिविधि चला रहा था.
पुलिस ने गिरोह पर बीएनएस की धाराओं तहत किया मुकदमा दर्ज
हिरासत में लिए गए ठगों की पहचान पश्चिम बंगाल के हुगली उत्तरपारा कोतरुग माखला के गवर्नमेंट कालोनी नंबर 1 के रूपेश सिंह, कोलकाता के थानक्षेत्र पोस्ता के नवाबगंज के अभिषेक पाण्डेय, गोरखपुर के तिवारीपुर थानाक्षेत्र के सूर्यकुंड के रहने वाले हर्षा आर्या, बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात के शेखरपुर के रहने वाले सूरज कुमार तिवारी, अश्वनी कुमार मौर्या और लखनऊ के लेखराज थानक्षेत्र के इंदिरानगर के पीरबाग वार्ड नम्बर 3 की रहने वाली शलोनी यादव के रूप में हुई है.
वहीं पुलिस को इस गैंग के 4 अन्य सदस्य उत्तर पश्चिम बंगाल के 24 परगना के रजरहत गोपालपुर एम के फ्लैट नम्बर 4033 टावर 4 सिल्वररक स्टेट काली पार्क के रहने वाले गौवर पाठक, कोलकाता के एमजी रोड के रहने वाले रौनक कुमार, विनीत अग्रवाल और कृष्णा की तलाश कर रही है.
पुलिस ने इनके कब्जे से ठगी करने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण 28 लैपटाप, 2 राउटर, 37 हेड फोन, 22 लैपटाप चार्जर, 7 मोबाईल फोन, 6 चेक बुक, 3 पासबुक, 1 पासपोर्ट, 1 आधार कार्ड व अन्य इलेक्ट्रानिक्स उपकरण और कागजात बरामद किए हैं. इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 319 (2), 318 (4), 336 (3), 340 (2) और 66 D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस टीम ने जांच में तीन मंजिला मकान में अवैध काल सेंटर की शिकायत पर ये कार्रवाई की है.
USA की कम्पनियों को काल करते थे फारवर्ड
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया गया कि उनके द्वारा अवैध रूप से एक काल सेंटर चलाया जाता है, जिसमें एक इमेल आईडी के माध्यम से USA के क्लाइंटों की डिटेल काल सेंटर में काम करने वाले एजेंटों को दी जाती है. एजेंट अपना नाम बदलकर (जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क) लिखित स्क्रिप्ट की सहायता से वहां के इन्सुरेंस और सब्सिडी का उल्लेख के माध्यम से क्लाइंटों से बात करते हैं. वहीं क्लाइंट एजेंट की बातों में रुचि लेता है, तो वे उनके काल को USA की कम्पनियों (1.Evolvetech innovation LCC, 2. Advance Gro media LLC) को फारवर्ड कर देते हैं.
जहां क्लाइंटों के साथ ठगी की जाती है और ठगी से प्राप्त रकम का हिस्सा आरोपियों को प्राप्त होता है. पुलिस अब कॉल डाटा, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और इंटरनेशनल कॉलिंग से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है, जिससे यह पता लग सके कि ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई है.
यह भी जांच हो रही है कि काल सेंटर के संचालन के लिए किसी प्रकार का वैध लाइसेंस लिया गया था या नहीं? साथ ही मकान मालिक से भी पूछताछ हो रही है कि उसे किराएदारों की गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं? वहीं पुलिस का मानना है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय ठगी में संलिप्त हो सकता है और जांच के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना हो सकती है.
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