भाद्रपद पूर्णिमा कब, नोट करें डेट, क्या इसी दिन होगा पूर्णिमा श्राद्ध
Bhadrapad Purnima 2026: पूर्णिमा तिथि को विशेष पुण्यदायी माना गया है लेकिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि इसके साथ पूर्णिमा श्राद्ध की परंपरा जुड़ी है और इसके अगले दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. साल 2026 में भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर शनिवार को है.
पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 25 सितंबर की रात 11:06 बजे शुरू होगी और 26 सितंबर की रात 10:18 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा का स्नान दान और लक्ष्मी पूजन किया जाएगा.
भाद्रपद पूर्णिमा मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त (स्नान समय) - सुबह 4.36 - सुबह 5.24
- शुभ का चौघड़िया - सुबह 7.42 - सुबह 9.12
लक्ष्मी-नारायण की पूजा क्यों खास?
पूर्णिमा को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा सुख, समृद्धि और पारिवारिक मंगल की कामना से की जाती है. इस दिन घर में दीप जलाकर विष्णु-लक्ष्मी का पूजन, भगवान के नाम का स्मरण और सात्त्विक भोग अर्पित करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा का चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, इसलिए इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति मिलती है.
क्या भाद्रपद पूर्णिमा पर पूर्णिमा श्राद्ध होता है?
भाद्रपद पूर्णिमा पर श्राद्ध किया जा सकता है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि पर तर्पण, पिंडदान आदि करने की परंपरा है लेकिन भादों की पूर्णिमा का श्राद्ध पितृपक्ष का हिस्सा नहीं माना जाता, बल्कि यह पितृपक्ष शुरू होने से ठीक पहले किया जाने वाला पूर्णिमा श्राद्ध है. पूर्णिमा तिथि के दिन जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनका श्राद्ध सर्व पितृ अमावस्या के दिन किया जाता है.
पंचक का साया
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