Surya Gochar 2026: सूर्य के सिंह राशि में आते ही कुंडली का कौन-सा भाव हो जाता है महत्वपूर्ण? नौकरी से पिता तक इन मामलों पर पड़ता है प्रभाव
Surya Gochar 2026: आज सिंह संक्रांति है, यानी सूर्य स्वराशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं. सिंह में सूर्य की स्थिति को ज्योतिष में मजबूत स्थिति माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र अनुसार सूर्य को आत्मा, पिता, सत्ता, तेज और पद-प्रतिष्ठा का कारक ग्रह माना जाता है.
सूर्य जब राशि बदलते हैं तो अपने कारकत्व को मजबूत करते हैं इसलिए नौकरी में लीडरशिर, पद-प्रतिष्ठा और पिता से जुड़े विषय इस गोचर में महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन एस्ट्रोलॉजर अनीष व्यास के अनुसार कुंडली के भाव और ग्रह स्थिति देखकर ही अंतिम फल मिलता है. सूर्य के सिंह राशि में आते ही कुंडली का कौन-सा भाव हो जाता है महत्वपूर्ण आइए जानते हैं.
सूर्य के सिंह राशि में आते ही कुंडली का कौन-सा भाव हो जाता है महत्वपूर्ण
सिंह सूर्य की अपनी राशि है, इसलिए यहां सूर्य को बलवान माना जाता है, सिंह राशि आपकी जन्मकुंडली में जिस भाव में स्थित है, सूर्य का गोचर उसी भाव को सक्रिय करता है. चूंकि सूर्य को पिता, नौकरी, पद-प्रतिष्ठा और करियर से जोड़ा जाता है इसलिए इन चीजों पर प्रभाव देखने को मिलता है.
नौकरी और करियर का संबंध किस भाव से है ?
दशम भाव (कर्म भाव) नौकरी, पेशा, पद-प्रतिष्ठा, कार्यक्षेज्ञ ,पद-प्रतिष्ठार का प्रमुख भाव माना जाता है. इसलिए अगर सिंह राशि आपकी कुंडली के दशम भाव में आती है, तो सूर्य के सिंह में गोचर के दौरान करियर और नौकरी से जुड़े विषय विशेष रूप से सक्रिय हो सकते हैं. कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ हो और तो सिंह राशि में आने के बाद ये शुभ प्रभाव पड़ते हैं.
- नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लीडरशिप का मौका मिल सकता है.
- वरिष्ठ अधिकारी आपके काम और क्षमता पर ध्यान दे सकते हैं.
- सरकारी नौकरी, प्रशासन और मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा रह सकता है.
- नौकरी में पद बढ़ने या बदलाव के योग बन सकते हैं.
- सरकारी या प्रशासन से जुड़े रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं.
- करियर को लेकर व्यक्ति ज्यादा गंभीर और फैसले लेने में आत्मविश्वासी हो सकता है.
- काम में मान-सम्मान बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है.
पिता का किस भाव से संबंध
पिता के लिए वैदिक ज्योतिष में नवम भाव को प्रमुखता दी जाती है. ऐसे में सिंह में सूर्य के गोचर के दौरान पिता से जुड़े मामलों को विशेष रूप से देखा जा सकता है.
- पिता से महत्वपूर्ण सलाह या मार्गदर्शन मिलना.
- पिता के साथ संबंधों में सक्रियता बढ़ना.
- पिता के काम या करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय.
- पितृ पक्ष या पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान बढ़ना
- जन्मकुंडली में सूर्य या नवम भाव पीड़ित है, तो पिता के साथ मतभेद, वैचारिक टकराव या दूरी जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं.
किन राशियों को विशेष लाभ
- मिथुन राशि: साहस बढ़ेगा, छोटी यात्राओं और संचार कार्यों में सफलता मिलेगी.
- सिंह राशि: आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी.
- तुला राशि: आय, मित्रों और रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है.
- वृश्चिक राशि: नौकरी और व्यवसाय में पद-प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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