आगरा में जमीन के लिए सगे भाई को उतारा मौत के घाट, पुलिस के साथ मिलकर ढूंढने का करता रहा नाटक
उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने खून के रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. यहां के थाना मलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बाईंखेड़ा में संपत्ति के विवाद में एक भाई ही अपने सगे भाई का कातिल बन गया. पुलिस ने हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है.
घटना की शुरुआत बीते 7 मई को हुई, जब गांव निवासी अनीत यादव रहस्यमय तरीके से अचानक लापता हो गया. परिजनों के मुताबिक, अनीत रात को अपने पशुओं के बाड़े में सोता था. अगली सुबह जब उसकी पत्नी बाड़े पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. अनीत की चारपाई उल्टी पड़ी थी, बिस्तर गायब था और वहां जमीन पर खून के धब्बे गिरे हुए थे. किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने तुरंत मलपुरा पुलिस को इसकी सूचना दी.
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गंगाजल पाइपलाइन के गड्ढे में मिला शव
पुलिस लगातार अनीत की तलाश कर रही थी. इसी बीच दो दिन बाद गंगाजल परियोजना की पाइपलाइन के नीचे बने एक गहरे गड्ढे से अनीत यादव का शव बरामद हुआ. कातिल ने शव को उसी के बिस्तर में लपेटकर गड्ढे में फेंक दिया था. शव मिलने की खबर फैलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया.
हत्यारा निकला सगा भाई, कर रहा था नाटक
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया. इस नृशंस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा भाई मनीष यादव ही निकला. हैरानी की बात यह थी कि मनीष घटना के बाद से ही पुलिस और परिजनों के साथ मिलकर अपने भाई को तलाशने का नाटक कर रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो. लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सख्ती के आगे वह टूट गया. पूछताछ में मनीष ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि संपत्ति को लेकर उसका अनीत से लगातार विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसने चाकू और भारी वस्तु से वार करके उसकी हत्या कर दी.
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस उपायुक्त पूर्वी (DCP East) अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि 7 मई को अनीत के लापता होने की सूचना पर एसीपी सैंया के नेतृत्व में तत्काल पुलिस टीम गठित की गई थी. 10 मई 2026 को पुलिस ने घटना का सफल अनावरण करते हुए आरोपी मनीष यादव को जेल भेज दिया है. अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हो गया है. इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
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