Shiv Gorakhnath Ashram: शिव गोरखनाथ आश्रम की बढ़ी महिमा, 400 साल पुरानी तपोभूमि पर पहुंचेगे CM योगी
Shiv Gorakhnath Ashram: हिमालय की गोद से निकली गंगा की धारा की तरह शांत और शक्तिशाली, बागपत जनपद का श्री शिव गोरखनाथ आश्रम भक्तों के लिए एक जीवंत तीर्थ बन चुका है. लगभग 400 वर्ष पूर्व यहां बाबा छोटे नाथ और बाबा लिच्छी नाथ ने कठोर तपस्या के बाद समाधि ले ली थी. उनकी तपोस्थली आज लगभग 23 बीघा विशाल भूमि पर बने इस आश्रम में साकार हो रही है, जहां प्राचीन समाधियां और भव्य मंदिर आस्था का अनोखा संगम रचते हैं.
मंदिरों और समाधियों में बसती है आध्यात्मिक ऊर्जा
आश्रम में शिव मंदिर (Shiv Mandir), माता मंदिर, हनुमान मंदिर (Hanuman Mandir), भैरव मंदिर (Bhairav Mandir), शनि देव मंदिर (Shani Mandir), नवनाथ मंदिर और गोरखनाथ मंदिर जैसे अनेक पावन स्थल हैं. बाबा छोटे नाथ और बाबा लिच्छी नाथ की समाधियां यहां की आत्मा हैं, जहां भक्त दर्शन मात्र से मन की शांति पाते हैं. नाथ संप्रदाय की परंपरा को जीवंत रखते हुए यह आश्रम योग, ध्यान और भजन-कीर्तन का केंद्र बना हुआ है. सुबह की आरती से रात की आरती तक, यहाँ की दिव्यता भक्तों को खींच लाती है.
पिछले कुछ वर्षों में आश्रम की मान्यता दिनों दिन बढ़ती जा रही है. दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. आश्रम प्रबंधन द्वारा आयोजित नाथ सिद्ध महोत्सव, रुद्राभिषेक और शनि शांति पूजा जैसे कार्यक्रम भक्तों को आकर्षित करते हैं.
11 मई को आश्रम पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
11 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का आश्रम में आगमन निर्धारित है. यह दौरा आश्रम के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है. विकास कार्यों का शिलान्यास और भक्तों को संबोधन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि बागपत को धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनाने में मदद मिलेगी. आश्रम के महंत अर्जुन नाथ का कहना है कि हमारा पूरा ध्यान आश्रम की सुंदरता और भव्यता बनाए रखने पर है. पहले की तरह आरम में चंदन, रुद्राक्ष, कदम के पौधे लगाकर तालाब को पुनर्जीवित करेंगे.
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजकर 30 मिनट श्री शिव गोरखनाथ आश्रम पहुंचेंगे, जहां वे खोखरा भगवानपुर नांगल में आयोजित 'नव नाथ' प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे. इसके साथ ही, वे 'आठ मान' में आयोजित भंडारे में भी हिस्सा लेंगे. कार्यक्रमों के समापन के बाद, मुख्यमंत्री दोपहर 3:45 बजे गाजियाबाद के लिए प्रस्थान करेंगे.
करोड़ों की लागत से हुआ सौंदर्यीकरण
ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब यह तपोस्थली देशभर में पहचानी जाएगी. यह बता दें कि वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग से 616.89 लाख रुपये की धनराशि से सौंदर्यीकरण कार्य हुआ. साल 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दर्शन के बाद आश्रम की महत्ता राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो गई. अब एक बार फिर आज योगी आदित्यनाथ यहां आकर दर्शन करेंगे.
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