PM मोदी के देहरादून दौरे में ट्रैफिक पुलिस रही चौकन्नी, बिना जाम के सफल रहा आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे एवं दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय दिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और सुचारु बनी रही, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा. यह आयोजन ट्रैफिक पुलिस के सुनियोजित “होमवर्क” और माइक्रो लेवल प्लानिंग का परिणाम रहा.
27 मार्च से ही शुरू कर दी गई थी तैयारी
इस बड़े आयोजन की तैयारी 27 मार्च 2026 से ही शुरू कर दी गई थी. पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश पंत के पर्यवेक्षण में छह विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं. यातायात निरीक्षक जितेन्द्र जोशी को कार्यालयीय कार्यों के साथ वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान विभिन्न विभागों से समन्वय और पत्राचार का दायित्व दिया गया. वहीं यातायात निरीक्षक प्रदीप कुमार को डायवर्जन प्लान तैयार करने और अन्य विभागों से तालमेल बैठाने की जिम्मेदारी दी गई.
अधिकारियों को दी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
बसों के संचालन और पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी यातायात निरीक्षक समरवीर रावत को सौंपी गई, जबकि यातायात निरीक्षक ललित मोहन बोरा ने मानव श्रृंखला के माध्यम से त्रुटिरहित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्लान तैयार किया. नए पार्किंग स्थलों के चिन्हीकरण और वहां वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराने का कार्य यातायात निरीक्षक कमल सजवाण ने संभाला. वहीं यातायात निरीक्षक सीपीयू नरेश कुमार को रात्रि में क्रेन के माध्यम से अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने और सीपीयू टीम की निगरानी का कार्य सौंपा गया.
इसके अलावा एक समर्पित ट्रैफिक टीम में उपनिरीक्षक कुंवर सिंह, हेड कांस्टेबल हेमंत, हेड कांस्टेबल कैलाश, कांस्टेबल मुकेश फर्सवान, कांस्टेबल जसवीर सिंह, कांस्टेबल धर्मेन्द्र, कांस्टेबल भरत, कांस्टेबल रवि और होमगार्ड आयुष रमोला को शामिल किया गया. इस टीम ने ड्यूटी वितरण, पार्किंग और डायवर्जन के फ्लैक्स बोर्ड तैयार करने, रूट मैप बनाने और आवश्यक सामग्री जैसे बैरियर, कोन और रस्से आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की.
पूरे रूट को 54 सेक्टर में किया गया विभाजित
पूरे रूट को 54 सेक्टरों में और पार्किंग व्यवस्था को 22 ब्लॉकों में विभाजित कर सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाई गई. आगंतुकों के लिए ड्रॉप प्वाइंट और पार्किंग की व्यवस्था पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार की गई. मार्गदर्शन के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर फ्लैक्स बोर्ड और संकेतक लगाए गए, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
क्रेन मोबाइल की पांच टीमें लगा रहीं एक्टिव
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक क्रेन मोबाइल की पांच टीमें लगातार सक्रिय रहीं. इस दौरान लगभग 150 वाहनों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कराया गया. इसके साथ ही प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, नगर निगम और परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की गईं.
14 थानों की 43 टीमों को ड्यूटी में लगाया गया
कार्यक्रम के दौरान 14 थानों की 43 टीमों को यातायात ड्यूटी में लगाया गया और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया. बसों के संचालन को नियंत्रित करने के साथ ही अन्य जनपदों से आने वाले वाहनों पर भी विशेष नजर रखी गई. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार ब्रीफिंग देकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
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ट्रैफिक प्लान का व्यापक प्रचार 8 अप्रैल से ही एफएम, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए किया गया, जिससे लोगों को पहले से ही जानकारी मिल सके. खास बात यह रही कि 12 अप्रैल से एक्सप्रेस-वे बंद होने के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई और पूरी तरह सामान्य बनी रही.
पूरे कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की गई और थाना पुलिस को भी ट्रैफिक प्लान में शामिल किया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में और पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया.
गौरतलब है कि पिछले छह महीनों के भीतर प्रधानमंत्री के यह दूसरा दौरा था, जिसे देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने सफलतापूर्वक बिना किसी जाम के सम्पन्न कराया. यह सफलता उनकी बेहतर योजना, समन्वय और कड़ी मेहनत का परिणाम है.
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