यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष ने जेब से ऐसा क्या निकाला कि देखकर हंसने लगे PM मोदी, ट्रंप को दे दिया बड़ा संदेश
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबे समय बाद मंगलवार (27 जनवरी 2026) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है. इस समझौते को साल 2027 में लागू किए जाने की संभावना है. इस दौरान यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने खुद को प्रवासी भारतीय बताया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्कुराने लगे. इस दौरान उन्होंने अपनी जेब से ओवरसीज इंडियन पासपोर्ट (OCI) निकालकर भी दिखाया.
मैं ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं: कोस्टा
एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि उन्हें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया जो उनके लिए बहुत ही गर्व की बात है. उन्होंने कहा, 'मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन इसके साथ ही मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं इसलिए मेरे लिए ये पल भावनात्मक भी है. मुझे गोवा की अपनी पहचान पर बहुत गर्व है, जहां मेरे पिता का परिवार आया है. मेरे लिए भारत और यूरोप का रिश्ता सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि निजी भी है.'
#WATCH | Delhi | President of the European Council, António Luís Santos da Costa, says, "I'm the President of the European Council, but I'm also an overseas Indian citizen. Then, as you can imagine, for me it has a special meaning. I'm very proud of my roots in Goa, where my… pic.twitter.com/wDMuNbzr3h
— ANI (@ANI) January 27, 2026
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष का ट्रंप को सख्त संदेश
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष के कहा, 'भारत के साथ इस शिखर सम्मेलन ने दुनिया को सख्त संदेश दिया है. जब दुनिया बड़े वैश्विक बदलाव की ओर बढ़ रही है ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़े हैं. भारत और यूरोपीय यूनियन अपने नागरिकों को लाभ पहुंचाने, शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को आकार देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.' एंटोनियो कोस्टा यह बयान देकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त संदेश दिया, जो बार-बार टैरिफ के बहाने बीते कुछ दिनों से यूरोपीय देशों को धमका दे रहे हैं.
भारत-EU डील से क्या फायदा होगा?
भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और यूरोपीय यूनियन के दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने से यह वैश्विक जीडीपी का 25 फीसदी हिस्सा और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई है. भारत के 99 फीसदी से अधिक निर्यात को यूरोपीय यूनियन के मार्केट में प्रवेश मिलेगा, जिससे अपार संभावनाएं बनेगी. कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में 33 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को एफटीए के तहत पहुंच से भारी लाभ होने की संभावना है.
'दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल'
पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को मदर ऑफ ऑल डील और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'भारत ग्लोबल मांग को पूरा करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है. आज हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए दुनिया के टॉप पांच देशों में से हैं. हमारा एक्सपोर्ट 150 से ज्यादा देशों तक पहुंचता है. भारत की क्षमता आपके लिए बहुत उपयोगी होगी इसीलिए एनर्जी वीक जैसा प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन जगह है.'
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