हापुड़: एक्सीडेंटल इंश्योरेंस का पैसा लेने के लिए पुतले का करने वाले थे अंतिम संस्कार, खुली पोल
यूपी के जनपद हापुड़ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर 4 लोग दिल्ली से कार में सवार होकर आए और ब्रजघाट पर गंगा किनारे एक शव का अंतिम संस्कार करने में जुट गए. बताया जा रहा है कि अंतिम क्रियाक्रम के लिए पारंपरिक तरीके से मृतक की अर्थी का पूरा सामान भी इन लोगों ने पास की ही एक दुकान से खरीद लिया.
अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां और घी भी मंगा लिया और देखते ही देखते अंतिम संस्कार के लिए चिता को सजा दिया गया. जैसे ही उक्त लोग कार में से शव निकालकर लाए तभी आसपास मौजूद लोग संदेह में आ गए.
पूरे मामले पर एक नजर
बताया जा रहा है कि जब कार से शव निकाला गया, तो बॉडी इतनी हल्की थी कि एक ही व्यक्ति उसे अपने हाथ में लेकर चल रहा था और उसने चिता पर उसे रख दिया. संदेह जब और गहराया तो चिता के आसपास लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई. लोगों ने जब चिता पर से कपड़ा हटाकर शव को देखा, तो उनकी आंखें फटी रह गईं.
चिता पर किसी की डैडबॉडी नहीं, बल्कि पुतला लेटा हुआ था. यह देखकर लोगों ने शोर मचा दिया. देखते ही देखते सूचना पुलिस को दी गई और मौके पर कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर पुलिस भी पहुंच गई. पुलिस को देखते ही दो लोग मौके से फरार हो गए, जबकि दो युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया. पुलिस दोनों युवकों को पकड़कर पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई.
दिल्ली से गढ़मुक्तेश्वर पहुंचे थे 4 लोग
जानकारी के अनुसार दिल्ली के पालम क्षेत्र में रहने वाले कमल सोमानी की करोल बाग में कपड़े की बड़ी दुकान थी. सीओ गढ़मुक्तेश्वर स्तुति सिंह ने बताया कि कमल सोमानी पर करीब 23 लाख रूपये का पुश्तैनी लोन था, जिसकी रकम बढ़कर करीब 50 लाख रूपये हो गई थी. लोन होने की वजह से कमल सोमानी काफी परेशान चल रहा था और उसकी दुकान तक बिक गई थी.
बैंक का लोन किस तरह से चुकाया जाए. इसके लिए कमल सोमानी ने अपने दिमाग का शातिराना तरीके से इस्तेमाल करते हुए दुकान पर काम करने वाले उड़ीसा निवासी युवक अंशुल उम्र करीब 30 साल का ऑनलाइन तरीके से 50 लाख रूपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस करा दिया. इसकी जानकारी तक अंशुल को नहीं थी.
मामले में सीओ ने किया यह खुलासा
सीओ ने बताया कि अंशुल के इंश्योरेंस का लाभ कैसे मिले, इसके लिए कमल सोमानी अपने अन्य दोस्त आशीष खुराना के साथ कार में कपड़े की दुकान की डमी रखकर तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर पहुंच गया. यहां उसने गंगा किनारे चिता पर अंशुल के नाम की डमी रखकर उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की.
कमल सोमानी का मानना था कि वह फर्जी डमी का अंतिम संस्कार करने के बाद अंशुल के नाम की शमशान घाट से पर्ची हासिल कर लेगा और उसके जरिये इश्योरेंस का 50 लाख रूपये का क्लेम प्राप्त कर लेगा. लेकिन उससे पहले ही नगर पालिका के कर्मियों ने मौके पर डमी का अंतिम संस्कार होते देख शोर मचा दिया और मौके पर पहुंची पुलिस ने कमल सोमानी को गिरफ्तार कर लिया.
सीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान कमल ने अपने दोस्त आशीष खुराना तक को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं दी. कमल ने आशीष को बताया कि रिश्तेदारी में किसी की मृत्यु हो गई है और परिवार में कोई अंतिम संस्कार करने वाला नहीं है, जिस पर आशीष भी कमल की बातों में आ गया और मदद के लिए अपनी कार लेकर अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंच गया. फिलहाल पुलिस ने कमल सोमानी को अपनी हिरासत में ले लिया है और उस पर कानूनी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0







