Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर जल से भरा घड़ा दान करने से क्या होता है ?
Vaishakh Amavasya 2026: आज वैशाख अमावस्या शाम 5.22 तक रहेगी. है. ये तिथि स्नान और दान के लिए सबसे अधिक पुण्यदायी मानी जाती है. अमावस्या पर लोग पितरों की ऋर्ण मुक्ति के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं.
स्कंद पुराण के अनुसार इस दिन किए गए धार्मिक कार्य व्यक्ति के पापों का नाश करते हैं साथ ही मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. वैशाख में अक्षय तृतीया के अलावा वैशाख अमावस्या ही वो खास दिन है जब जल से भरा कलश दान करने की परंपरा निभाई जाती है, इसके धार्मिक और ज्योतिष में क्या लाभ मिलते हैं आइए जानते हैं.
वैशाख अमावस्या पर मिट्टी का घड़ा दान का महत्व
- एस्ट्रोलॉजर अनीष व्यास के अनुसार वैशाख का महीना भीषण गर्मी का होता है, ऐसे में जल का दान “महादान” माना गया है. प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य बताया गया है इसलिए इस दिन जल से भरा मिट्टी का घड़ा दान किया जाता है.
- शास्त्रों के अनुसार इस दिन किया गया जल दान पितरों को तृप्त करता है. उनकी आत्मा को शांति मिलती है, व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति पाता है.
- यह दान व्यक्ति के भीतर सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को भी बढ़ाता है. उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव होते हैं. दुर्भाग्य दूर रहता है, सुख समृद्धि का आगमन होता है.
नहीं परेशान करते ये ग्रह
- ज्योतिष के अनुसार जल तत्व चंद्रमा और मन से जुड़ा होता है. जल दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है. जीवन में चल रहा तनाव कम होने लगता है.
- जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष, पितृ दोष या शनि से संबंधित समस्याएं होती हैं, उनके लिए यह उपाय विशेष लाभकारी माना जाता है.
कैसे दान करें जल से भरा घड़ा
- मिट्टी या तांबे का घड़ा लें और उसमें साफ जल भरें
- उसमें थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाल सकते हैं. एक रुपए का सिक्का डाल दें.
- इस घड़े को किसी जरूरतमंद, मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर दान करें
- दान करते समय मन में पितरों और देवताओं का स्मरण करें.
- वैशाख अमावस्या पर सार्वजनिक स्थान पर पियाऊ लगवाना सबसे अधिक पुण्य देता है या फिर अपने घर के बाहर मिट्टी का जल से भरा मटका राहगीरों के लिए रख दें. इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं.
वैशाख अमावस्या उपाय
- इस दिन रात में जलाशय में दीपदान करना चाहिए, मान्यता है कि इससे पितरों को सद्गति प्राप्त होती है.
- घर में दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं. साथ ही ईशान कोण में घी का दीपक प्रज्वलित करें. मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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