भारी बारिश के बीच वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन, बैटरी कार सेवा प्रभावित, यात्रा पर पड़ेगा असर?
कटरा स्थित माता श्री माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले मार्ग पर बुधवार शाम को भूस्खलन हुआ है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने भी आई हैं. इस भूस्खलन का यात्रा पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही. हालांकि, भूस्खलन के चलते बैटरी कार सेवा रोकनी पड़ी है.
अधिकारियों के अनुसार, रियासी जिले के कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हुआ. भूस्खलन के चलते बैटरी कार सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, लेकिन श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं हुई. सैकड़ों श्रद्धालु पुराने मार्ग से आने-जाने की यात्रा करते रहे.
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यात्रा पुराने मार्ग से जारी
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद भवन जाने वाले नए मार्ग पर हिमकोटी के पास यह भूस्खलन हुआ. घटना की जानकारी मिलते ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मलबा हटाने के लिए तुरंत कर्मचारी और मशीनें मौके पर भेजीं. अधिकारियों के मुताबिक, बैटरी कार सेवा को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि यात्रा पुराने मार्ग से जारी है. हालांकि, कई लोग नए मार्ग से भी भूस्खलन के बाद भरे किचड़ के बावजूद यात्रा करते दिखे, जिसका वीडियो भी सामने आया है.
माता वैष्णो देवी हिंदू धर्म की एक प्रमुख देवी
माता वैष्णो देवी, जिन्हें वैष्णवी, त्रिकुटा और शेरावाली के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म की एक प्रमुख देवी हैं. उन्हें शक्ति का स्वरूप माना जाता है. वैष्णो देवी मंदिर में देवी तीन पिंडियों के रूप में विराजमान हैं, जिन्हें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का स्वरूप माना जाता है.
देवी की पूजा एक तपस्विनी, शाकाहारी और कुंवारी देवी के रूप में की जाती है. उन्हें भगवान विष्णु से भी जुड़ा माना जाता है. श्रद्धालु उन्हें दिव्य माता के रूप में पूजते हैं, जो अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.
जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पहाड़ियों में समुद्र तल से लगभग 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है. मां दुर्गा के स्वरूप को समर्पित इस पवित्र धाम तक पहुंचने के लिए कटरा से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है. श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं.
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