अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, CAG जांच से पहले लगाई रोक, क्या है मामला?

May 23, 2025 - 16:50
 0
अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, CAG जांच से पहले लगाई रोक, क्या है मामला?

Ajmer Sharif Dargah: अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिमों की दोनों अंजुमनों की आमदनी चढ़ावे और खर्च की जांच CAG से कराए जाने के केंद्र सरकार के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने यह अंतरिम रोक 28 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक के लिए लगाई है. हाईकोर्ट याचिकाकर्ता अंजुमनों की उस दलील से फिलहाल सहमत नजर आया है, जिसमें कहा गया था कि CAG जांच का फैसला करने में नियमों का पालन नहीं किया गया.

CAG से ऑडिट कराने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक का यह अंतरिम आदेश जस्टिस सचिन दत्ता की सिंगल बेंच ने जारी किया है. हाईकोर्ट से अंतरिम रोक लगने से दरगाह के खादिमों को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में अब 28 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा. अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर खादिमों की 2 अंजुमन यानी संस्थाएं हैं. दरगाह में दान पात्र में चढ़ावे की रकम सरकार की देखरेख में संचालित होने वाली दरगाह कमेटी को मिलती है.

जायरीनों यानी श्रद्धालुओं को दरगाह में दर्शन का काम खादिम करते हैं. सैकड़ों की संख्या में दरगाह से जुड़े खादिमों को जियारत के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से पैसे मिलते हैं.

निजी संस्थाओं की जांच के लिए राष्ट्रपति का आदेश जरूरी

CAG की जांच से सरकार को यह पता करना था कि अंजुमनों को कितने पैसे मिलते हैं. उनका रिकॉर्ड किस तरह तैयार किया जाता है. खर्च कैसे किया जाता है. खादिमों को जो पैसे दिए जाते हैं, उनमें से दरगाह पर कितना पैसा खर्च किया जाता है. वेलफेयर के लिए कितने काम होते हैं और जायरीनों यानी श्रद्धालुओं की कोई आर्थिक मदद की जाती है या नहीं. खादिमों की अंजुमने रजिस्टर्ड है या नहीं और क्या वह नियमों के मुताबिक ही संचालित होती हैं और क्या अंजुमनों को जायरीनों से पैसे लेने का अधिकार है या नहीं.

फिलहाल पिछले 5 साल की आमदनी खर्च और चढ़ावे का आडिट कराया जाना था. इस बारे में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार के वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया था. वैसे CAG आमतौर पर निजी संस्थाओं की जांच नहीं करती है. वह सिर्फ सरकारी संस्थाओं, सरकारी मदद से चलने वाली संस्थाओं और सार्वजनिक धन इस्तेमाल होने वाली संस्थाओं की ही जांच करता है. निजी संस्थाओं की जांच के लिए राष्ट्रपति का आदेश जरूरी होता है. 

नोटिस केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह पर जारी किया 

केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने पिछले साल 15 मार्च को दरगाह की अंजुमनों को सेक्शन बीस सी के तहत नोटिस जारी किया था. यह नोटिस केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह पर जारी किया गया था. नोटिस के जरिए अंजुमनों की आमदनी और खर्च की जांच CAG से कराए जाने पर जवाब मांगा गया था. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय को यहां विदेशी फंडिंग होने और जियारत के बदले मिलने वाली रकम को गलत कामों में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिली थी.

खादिमों की अंजुमनों ने राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह और वागीश कुमार सिंह के माध्यम से नोटिस का जवाब दिया और साथ ही नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती भी दी. अल्पसंख्यक मंत्रालय के नोटिस को पिछले साल 23 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. नोटिस के जवाब और हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया कि खादिमों को जियारत यानी दर्शन कराने के बदले श्रद्धालु अपनी खुशी से बख्शीश यानी दक्षिणा देते हैं. इसी पैसे से खादिमों के परिवार का खर्च चलता है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में कहा गया था कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना निजी संस्था की CAG जांच नहीं कराई जा सकती. हाईकोर्ट में यह भी कहा गया था कि नोटिस में किन्हीं विशेष बिंदुओं पर जवाब नहीं मांगा गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा था. केंद्र सरकार की तरफ से कई तारीखों पर जवाब दाखिल नहीं किया गया. 

पिछले दिनों हुई सुनवाई में केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि अंजुमनों की याचिका औचित्यहीन हो गई है क्योंकि इस मामले में राष्ट्रपति ने जांच को मंजूरी दे दी है और केंद्र सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए हैं. इसके बाद खादिमों की अंजुमनों की तरफ से एक नई याचिका भी दाखिल की गई. हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की और अंतरिम फैसला सुनाया है.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Barwara Patrika Barwara Patrika is a Hindi newspaper published and circulated in Jaipur , Ajmer , Sikar, Kota and Sawaimadhopur . Barwara Patrika covers news and events all over from India as well as international news, it serves the Indian community by providing relevant information.