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<title>सच्ची बात सच्चाई के साथ &#45; : देश</title>
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<description>सच्ची बात सच्चाई के साथ &#45; : देश</description>
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<dc:rights>Copyright © 2024&#45;25 Barwara Patrika , All Rights Reserved</dc:rights>

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<title>Jammu News: 43 पार पहुंचा पारा, भीषण गर्मी से वैष्णो देवी के श्रद्धालु बेहाल, रात में कर रहे चढ़ाई</title>
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<description><![CDATA[ समूचे उत्तर भारत की तरह जम्मू में भी आसमान से आग बरस रही है. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जम्मू शहर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं कठुआ जिले में तापमान 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया है. इस झुलसाती गर्मी का सीधा असर अब श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है.
देशभर से माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालुओं को इस भीषण गर्मी के कारण अपनी यात्रा के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ रहा है. पटना और उत्तर प्रदेश से आए कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे जैसे ही जम्मू रेलवे स्टेशन पर उतरे, उन्हें लू के गर्म थपेड़ों ने बेहाल कर दिया.
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जानलेवा गर्मी को देखते हुए बदल दिया प्लान
यात्रियों के अनुसार, पहले उनका प्लान था कि कटरा पहुंचकर थोड़ी देर विश्राम करने के बाद दोपहर में ही माता के भवन के लिए पैदल चढ़ाई शुरू कर देंगे. लेकिन, इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए उन्होंने अपना प्लान बदल दिया है. अब वे धूप और लू से बचने के लिए दोपहर की बजाय देर शाम या रात के समय ही अपनी चढ़ाई शुरू कर रहे हैं.
डिहाइड्रेशन और लू लगने का सता रहा डर
श्रद्धालुओं का कहना है कि दिन की तेज धूप और भीषण गर्मी में 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करने के गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं. यात्रियों ने बताया कि इस मौसम में दिन में यात्रा करने से शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है. इसके अलावा, लू लगने और चक्कर आने का भी खतरा बना रहता है.
स्वास्थ्य संबंधी इन्हीं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए अब ज्यादातर श्रद्धालु दिन के समय कटरा के होटलों या बेस कैंप में ही विश्राम कर रहे हैं और मौसम थोड़ा ठंडा होने के बाद ही भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं.
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Delhi News: पैरोल पर निकला कैदी 24 साल तक रहा गायब, नई पहचान बनाकर चला रहा था दुकान, प्रयागराज से गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच शाखा को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, क्राइम ब्रांच ने 24 साल से फरार एक उम्रकैद के दोषी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने हत्या के मामले में पैरोल मिलने के बाद जेल में सरेंडर नहीं किया था और तब से अपनी पहचान बदलकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रह रहा था.
1990 में हत्या कर हुआ था फरार कुख्यात आरोपी राकेश
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान राकेश पटेल उर्फ पप्पी के रूप में हुई है. वह दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके का रहने वाला है. राकेश को 1990 में हुई एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. इस मामले में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मामूली विवाद में अपने पड़ोसी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी.
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पैरोल पर निकलने के बाद नहीं किया सरेंडर
कोर्ट ने वर्ष 1995 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. राकेश को पहली बार 1999 में शादी के लिए पैरोल मिली थी. उस समय उसने जेल में वापस सरेंडर कर दिया था. लेकिन 2002 में दूसरी बार उसे अपने दूसरे बच्चे के जन्म के अवसर पर दिल्ली हाईकोर्ट से पैरोल मिली. 3 जून 2002 को वह जेल से बाहर आया और 24 जून 2002 को वापस लौटना था, लेकिन वह फरार हो गया.
दिल्ली पुलिस से बचने के लिए पहचान छुपाकर रह रहा था आरोपी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को हाल ही में पुराने पैरोल जम्परों की सूची की जांच के दौरान राकेश का नाम मिला. इसके बाद एक विशेष टीम बनाई गई और दिल्ली व उत्तर प्रदेश में कई जगह छापेमारी की गई. लंबे समय तक टेक्निकल और मैनुअल निगरानी के बाद पुलिस को सूचना मिली कि राकेश प्रयागराज में नंदलाल वर्मा नाम से रह रहा है. पुलिस टीम ने प्रयागराज पहुंचकर उसे दबोच लिया.
दिल्ली पुलिस की जांच में आरोपी ने किया खुलासा
दिल्ली पुलिस की जांच में उसने खुद को नंदलाल वर्मा बताया लेकिन पूछताछ और पुराने रिकॉर्ड से सामना कराने पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली. पुलिस ने बताया कि फरारी के दौरान उसने कई जगह ठिकाने बदले और प्रयागराज में ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाकर जीवन यापन कर रहा था. फिलहाल आरोपी को पकड़कर तिहाड़ जेल प्रशासन को सौंप दिया गया है.
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>TMC सांसद सयानी घोष का सिर काटने के बयान पर प्रदीप दीक्षित ने जताया खेद, &amp;apos;मुझे नहीं मालूम था कि...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ TMC सांसद सयानी घोष का सिर काटकर लाने वाले को 1 करोड़ देने वाले बयान पर अब सिकंदराबाद के चेयरमैन डॉ प्रदीप दीक्षित बैकफुट पर आ गए हैं. उन्होंने कहा कि वो खेद जाहिर करते हैं. डॉ प्रदीप दीक्षित ने 5 दिन पहले धर्म ध्वज यात्रा के दौरान सिकंदराबाद में TMC सांसद सायोनी घोष का सिर काटने पर 1 करोड़ रुपये नगद इनाम देने की घोषणा वाला विवादित बयान दिया था.&amp;nbsp;
मैं हिंसा में विश्वास नहीं रखता- डॉ प्रदीप दीक्षित&amp;nbsp;
एक वीडियो जारी करते हुए डॉ प्रदीप दीक्षित ने कहा, &quot;जो संसार के समस्त प्राणियों को अपनी आत्मा समझता हो, ऐसे वंश में मैंने जन्म लिया है. मैं हिंसा में विश्वास नहीं रखता. ना मेरी प्रवृत्ति हिंसक है. सयानी घोष जी के माध्यम से मैंने भगवान शिव को सोशल मीडिया पर अपमानित होते देखा. उसे देखकर मैं बहुत व्यथित हो गया.&quot;
&#039;देव, पीर, पैगंबर इत्यादि का किसी को अपमान नहीं करना चाहिए&#039;
इसके आगे उन्होंने कहा, &quot;बाद में मुझे मालूम हुआ कि ये 2015 का दृश्य था जिसके लिए सयानी घोष जी ने खेद व्यक्त किया था. उस क्रम में मैं भी खेद व्यक्त करता हूं और मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि देव, पीर, पैगंबर इत्यादि का किसी को अपमान नहीं करना चाहिए. मैं हिंसावादी नहीं हूं और न मैं हिंसा में विश्वास रखता हूं. हम तो उस वंश परंपरा में जन्मे हैं जो वृक्षों को पानी लगाते हैं, जो चिड़ियां को दाना डालते हैं, जो चीटियों की छिद्र के पास चीनी डालते हैं. निश्चित रूप से हिंसा का समर्थन में नहीं हूं.&quot;
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अपने वीडियो में उन्होंने ये भी कहा, &quot;मैं गुजारिश करता हूं कि किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए. सयानी घोष जी के माध्यम से हम लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं पर उन्होंने खेद व्यक्त किया. मुझे नहीं पता था कि भावना आहत करने के बाद में उन्होंने खेद व्यक्त कर लिया था.&quot;
मैंने सार्वजनिक रूप माफी भी मांगी थी- सयानी घोष&amp;nbsp;
इससे पहले टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने कहा, &quot;कोई भी किसी के धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं चाहता. मैं खुद एक हिंदू हूं. 2015 का पोस्ट है, उस समय मेरी उम्र 22 साल थी. ट्विटर नया नया चल रहा था. मैंने अपने हैंडल से पोस्ट भी नहीं किया, कार्टून मैंने बनाया भी नहीं था. अगर किसी के पीछे जाना है तो जिसने बनाया उसके पीछे जाइए. मेरे जेहन में जब 2021 में 7 साल बाद यह बात लाई गई. तुरंत उस पोस्ट को हटाया गया, मैंने सार्वजनिक रूप माफी भी मांगी थी.&quot;
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:30 +0530</pubDate>
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<title>दिल्ली: भीषण गर्मी और पेट्रोल&#45;डीजल की कीमतों का असर, केशोपुर मंडी में नींबू हुआ महंगा</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का स्वाद बिगाड़ दिया है. सब्जियों के दामों में अचानक आई तेजी ने मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर सीधा असर डाला है. हालत यह है कि रोजमर्रा की थाली से हरी और मौसमी सब्जियां धीरे-धीरे गायब होती नजर आ रही हैं.
पश्चिमी दिल्ली की सबसे बड़ी केशोपुर मंडी में सब्जियों के भाव जानने पहुंची एबीपी लाइव की टीम को व्यापारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम और महंगाई बढ़ने की आशंका ज्यादा है.
आलू-प्याज स्थिर, लेकिन बाकी सब्जियों ने बढ़ाई चिंता
मंडी में आलू 40 से 55 रुपये प्रति 5 किलो और प्याज 90 से 125 रुपये प्रति 5 किलो के भाव पर बिक रहा है. दोनों के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं. वहीं खीरा, तोरी, बैंगन और घिया जैसी सब्जियों के दाम भी तेजी के साथ ऊपर बने हुए हैं. देशी और चाइनीज खीरा 150 रुपये प्रति 5 किलो, तोरी 150 रुपये प्रति 5 किलो और बैंगन 150 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. घिया 100 से 150 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच चुका है.
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गोभी और अरबी के दामों में उछाल
गोभी शिमला की कीमत पिछले चार दिनों में बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. आगरा की गोभी 150 से 200 रुपये प्रति 5 किलो बिक रही है. वहीं अरबी 200 से 250 रुपये प्रति 5 किलो के भाव पर बिक रही है. व्यापारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से पैदावार कम हो रहा है और बाहर से माल मंगाने में ट्रांसपोर्ट खर्च भी तेजी से बढ़ा है.
टमाटर अभी राहत में, लेकिन जल्द बढ़ सकते हैं दाम
इस समय टमाटर यूपी और हरियाणा के लटवा, सोनीपत, झिड़का और अमरोहा से मंडियों में पहुंच रहा है. इसकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति 5 किलो बनी हुई है. टमाटर विक्रेता प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी टमाटर 10 रुपये किलो तक बिक रहा है, लेकिन बारिश शुरू होते ही दाम अचानक बढ़ जाते हैं. उनका कहना है कि अगले 10 से 15 दिनों में टमाटर 40 से 60 रुपये किलो तक पहुंच सकता है.
नींबू की कीमतें सुन कर खट्टे हो रहे लोगों के स्वाद
सबसे ज्यादा तेजी नींबू में देखने को मिल रही है. नींबू व्यापारी नीतीश साहनी के मुताबिक 15 दिन पहले मद्रास का नींबू 450 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 1250 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच गया है. फिलहाल मंडी में जबलपुर, मद्रास, हैदराबाद और मुंबई से नींबू की सप्लाई हो रही है. गर्मी बढ़ने के साथ मांग में तेजी आने से इसके दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं.
टिंडा, मटर और विंस ने भी बढ़ाई महंगाई
सब्जी व्यापारियों के मुताबिक टिंडा 200 से 250 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. मटर 200 से 300 रुपये प्रति 5 किलो और विंस 300 से 400 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच चुका है. हरिओम माथुर ने बताया कि शिमला मिर्च 15 दिन पहले 500 रुपये प्रति 5 किलो थी. वहीं व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मूली के दाम भी 250 रुपये प्रति 5 किलो तक जा सकते हैं.
अदरक, मशरूम और ब्रोकली ने भी तोड़ा रिकॉर्ड
महेंद्र केवट के मुताबिक कर्नाटक का अदरक 750 से 800 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. एक महीने पहले इसकी कीमत 70 से 80 रुपये कम थी. वहीं सब्जी विक्रेता जमील खान ने बताया कि ब्रोकली 500 रुपये प्रति 5 किलो, मशरूम 600 रुपये प्रति 5 किलो और वेलपेपर 600 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. हालांकि वेलपेपर के दाम 15 दिन पहले 1250 से 1500 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच गए थे.
धनिया भी जल्द दिखाएगा महंगाई का असर
ओम प्रकाश गुप्ता उर्फ बबलू ने बताया कि फिलहाल हरियाणा के तरावड़ी इलाके से आने वाला धनिया 10 से 40 रुपये किलो तक बिक रहा है. लेकिन एक महीने बाद बंगलौर का धनिया आने लगेगा, जिसकी कीमत 150 से 200 रुपये किलो तक पहुंच सकती है. उन्होंने कहा कि बंगलौर का धनिया फ्लाइट से आता है, जिससे उसकी लागत काफी बढ़ जाती है.
व्यापारियों ने बताया क्यों बढ़ रही हैं सब्जियों की कीमतें
व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के कारण सब्जियों का उत्पादन घट रहा है. दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है. रवि पोद्दार के मुताबिक दिल्ली की लोकल गोभी की सप्लाई कम हो गई है, जिससे दूसरी जगहों से माल मंगाना पड़ रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में लगभग सभी सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं.
जुलाई तक राहत की उम्मीद
हालांकि कुछ सब्जी विक्रेताओं का मानना है कि अभी बाजार में सब्जियों की आवक ज्यादा होने से कीमतें नियंत्रण में हैं. वेदराम ने कहा कि फिलहाल घिया 20 रुपये किलो, खीरा 30 रुपये किलो और गोभी 40 रुपये किलो तक बिक रही है. उनका कहना है कि जुलाई तक सब्जियां सस्ती रह सकती हैं, लेकिन उसके बाद पेट्रोल-डीजल और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फिर महंगाई बढ़ेगी.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:29 +0530</pubDate>
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<title>पिता के अंतिम संस्कार में भावुक हुए बारामूला सांसद इंजीनियर रशीद, &amp;apos;शायद अब चुनाव न लड़ूं&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बारामूला से सांसद और अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) प्रमुख इंजीनियर रशीद ने मंगलवार को अपने पिता के अंतिम संस्कार के दौरान भावुक भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने चुनावी राजनीति से दूर होने के संकेत भी दिए. राशिद ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ अनुच्छेद 370 या जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की गरिमा, सम्मान और आज़ादी की लड़ाई है.
इंजीनियर राशिद 2019 से टेरर फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं. इसके बावजूद उन्होंने जेल में रहते हुए ही 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. हाल ही में उनके पिता खज़ीर मोहम्मद का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अंतरिम ज़मानत दी गई.
राहुल गांधी ने PM मोदी को कहा &#039;गद्दार&#039; तो महबूबा मुफ्ती बोलीं, &#039;इतना ज्यादा...&#039;
अंतिम संस्कार के दौरान राशिद काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि राजनीति ने उनसे बहुत कुछ छीन लिया है और अब शायद वह आगे चुनाव न लड़ें.
उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मैं उन लोगों को एक संदेश देना चाहता हूँ जो हमेशा वोटों की गिनती करते रहते हैं कि इंजीनियर राशिद के चुनाव लड़ने की संभावना बहुत कम है. यह मेरे दिल की इच्छा है, हालाँकि अंतिम फ़ैसला बाद में लिया जाएगा.&amp;rdquo;
राशिद ने साफ कहा कि उनका संघर्ष कभी निजी लाभ या राजनीतिक फायदे के लिए नहीं रहा. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी लड़ाई जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान और सम्मान के लिए रही है.
उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मेरा संघर्ष अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा मिलने से कहीं आगे का है. यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा और सम्मान के लिए है.&amp;rdquo;
उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया. साथ ही तंज भरे अंदाज में उन लोगों का जिक्र भी किया जिन्होंने उनका नाम लेने से भी परहेज किया.
&#039;डरिए मत, राजनीति विचारों की लड़ाई होनी चाहिए&#039;
अपने संबोधन में राशिद ने लोगों से अपील की कि वे उनसे डरें नहीं. उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, न कि नफरत और डर का माध्यम. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;डरें नहीं. मुझे नहीं पता कि मैं राजनीति जारी रखूँगा या नहीं, लेकिन मेरे साथ जो कुछ हुआ, उसे मैं कभी नहीं भूलूँगा.&amp;rdquo;
राशिद ने बताया कि शुरुआत में वह जेल से बाहर आना ही नहीं चाहते थे, लेकिन परिवार और दोस्तों के दबाव में उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बाहर आना पड़ा. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;कल मेरे परिवार और दोस्तों ने मुझे ज़बरदस्ती तिहाड़ से बाहर निकाला.&amp;rdquo;
युवाओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
अपने भाषण में इंजीनियर राशिद ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं की गिरफ्तारी और PSA के तहत जेल भेजे जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने हंदवाड़ा में एक आदमखोर तेंदुए का उदाहरण देते हुए सरकार से पूछा कि अगर एक हिंसक जानवर का व्यवहार बदला जा सकता है, तो युवाओं के दिल क्यों नहीं जीते जा सकते.
उन्होंने कहा, &amp;ldquo;अगर सरकार हत्याएँ करने के बाद एक जानवर के व्यवहार को सुधार सकती है, तो उन कश्मीरियों के दिलों को क्यों नहीं जीता जा सकता जिन्होंने छोटी-मोटी गलतियाँ की हैं, बजाय इसके कि उन्हें PSA के तहत जेलों में डाल दिया जाए?&amp;rdquo;
राशिद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात सुधारने का रास्ता मेल-मिलाप और भरोसा कायम करने से होकर जाता है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा लोगों के दिल जीतने की बात की है. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मैंने उन्हें दिल जीतने का रास्ता दिखाया है.&amp;rdquo; इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा &amp;ldquo;मुझे तिहाड़ में ही रहने दो. तिहाड़ मुझे तोड़ नहीं सकता, क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है.&amp;rdquo;
भारत और पड़ोसी देशों से शांति की अपील
अपने संबोधन के आखिर में इंजीनियर राशिद ने भारत और पड़ोसी देश दोनों से जम्मू-कश्मीर में हिंसा रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि आम लोगों को शांति और आज़ादी से जीने दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मैं सभी से गुज़ारिश करता हूँ, चाहे वे इस तरफ के हों या पड़ोसी देश के कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों को न मारें, चाहे वे हिंदू हों या मुसलमान. हमें आज़ादी से जीने दो.&amp;rdquo;
बिजनौर के नाबालिग का कश्मीर में बदलवाया धर्म? इंस्टाग्राम वीडियो से खुला मामला
भारत के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीरी देश के दुश्मन नहीं हैं और इस्लाम शांति और भाईचारे की सीख देता है.उन्होंने कहा, &amp;ldquo;हम पूरे देश से आने वाले पर्यटकों का स्वागत करते हैं और चाहते हैं कि वे कश्मीर के हर कोने में घूमें, जिसमें बंगस भी शामिल है. लेकिन इस सोच के साथ मत आइए कि आपने कश्मीर को जीत लिया है.&amp;rdquo; ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:29 +0530</pubDate>
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<title>‘दिल्ली के गॉडफादर’ वाले बयान पर बवाल! अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, लेकिन लगी विदेश जाने पर रोक</title>
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<description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में बड़ी राहत मिली है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल पुलिस को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है. हालांकि अदालत ने उनके बयान पर नाराजगी भी जताई और &amp;ldquo;दिल्ली के गॉडफादर&amp;rdquo; जैसी टिप्पणी को लेकर कड़ी टिप्पणी की.
यह मामला चुनावी रैली के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी पर अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. इस संबंध में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, जिसे रद्द करने की मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था.
हिरासत में पूछताछ जरूरी नहींसुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिलहाल इस मामले में अभिषेक बनर्जी से हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने 31 जुलाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
विदेश जाने पर रोकहालांकि राहत के साथ कोर्ट ने कई शर्तें भी लगाई हैं. अदालत ने साफ कहा कि अभिषेक बनर्जी जांच में पूरा सहयोग करेंगे और पुलिस द्वारा भेजे गए किसी भी नोटिस का जवाब देना होगा. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बिना अदालत की अनुमति के वे देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे.
जज ने जांच अधिकारी को मामले की जांच जारी रखने का आदेश देते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाना जरूरी है. साथ ही पुलिस को यह छूट दी गई कि अगर अभिषेक जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो वह अदालत को इसकी जानकारी दे सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:12 +0530</pubDate>
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<title>Explained: भारत में &amp;apos;अल्पसंख्यक&amp;apos; का मतलब और कानून क्या है? संविधान में शब्द ही गायब, किन राज्यों में हिंदू भी माइनॉरिटी</title>
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<description><![CDATA[ भारत में &#039;अल्पसंख्यक&#039; शब्द सुनने में भले ही छोटा लगे, लेकिन कानूनी तौर पर यह एक बहुत बड़ा और अहम मसला है. आम बोलचाल में लोग इसे सिर्फ मुसलमानों या ईसाईयों से जोड़कर देखते हैं, जबकि हकीगत इससे कहीं ज्यादा बड़ी और दिलचस्प है. अल्पसंख्यक या माइनॉरिटी शब्द का इस्तेमाल अक्सर राजनीतिकिच और सामाजिक बहसों में होता है, लेकिन इसका कानून अर्थ काफी जटिल और परतदार है. आमतौर पर लोग इसे सिर्फ धार्मिक पहचान से जोड़कर देखते हैं, जबकि भारतीय संविधान और कानूनी ढांचे में &#039;अल्पसंख्यक&#039; की अवधारणा कहीं ज्यादा गहरी है.
संविधान ने &#039;अल्पसंख्यक&#039; शब्द को परिभाषित नहीं किया
सबसे पहली और सबसे अहम बात जो आपको जाननी चाहिए वह यह है कि भारत का संविधान खुद अल्पसंख्यक शब्द की कोई सीधी-सादी परिभाषा नहीं देता. भारत में दो तरह के अल्पसंख्यक हैं, एक धार्मिक आधार पर और दूसरे भाषाई आधार पर. संविधान सभा में जब इस मुद्दे पर बहस हुई थी, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर और दूसरे नेताओं ने जानबूझकर ऐसा किया. उनका तर्क था कि भारत जैसे विविधता वेला देश में अल्पसंख्यकों की कोई एक फिक्स लिस्ट नहीं बनाई जा सकती है. हालात और इलाके के हिसाब से यह बदलता रहेगा, इसलिए संविधान में परिभाषा तो नहीं दी गई, लेकिन दो अहम अनुच्छेदों के जरिए अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मजबूती दी गई.

अनुच्छेद 29: यह नागरिकों के किसी भी ऐसे वर्ग को संरक्षित रखने का अधिकार देता है, जिसकी अपनी अलग भाषा, लिपि या संस्कृति है. यह राज्य को यह भी निर्देश देता है कि सैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के समय सिर्फ धर्म, मूलवंश, जाति या भाषा के आधार पर किसी नागरिक से भेदभाव नहीं किया जाएगा.
अनुच्छेद 30: यह धार्मिक और भाषाई दोनों तरह के अल्पसंख्यकों को एक बहुत ही जरूरी अधिकार देता है. यानी उन्हें पसंद के शैक्षिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार है. यह अधिकार उनके सांस्कृतिक और शैक्षिक सुशासन तय करने के लिए है.

फिर अल्पसंख्यक तय कौन करता है?
संविधान ने जब खुद कोई सूची नहीं बनाई तो सवाल उठा कि फिर अल्पसंख्यकोचं की पहचान कैसे होगी? यह जिम्मेदारी सरकार ने &#039;राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) अधिनियम, 1992&#039; के जरिए निभाई. इस कानून की धारा 2(C) कहती है कि &#039;अल्पसंख्यक&#039; वह समुदाय है जिसे केंद्र सरकार राजपत्र यानी गजट में अधिसूचित करे. इसी प्रावधान के तहत केंद्र सरकार ने अब तक 6 समुदायों को राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक अल्पसंख्यक घोषित किया.

मुस्लिम
ईसाई
सिख
बौद्ध
पारसी
जैन

27 जनवरी 2014 में जैन समुदाय को यह दर्जा मिलने के बाद से यह सूची स्थिर है.
धार्मिक अल्पसंख्यक: आंकड़ों की तस्वीर
2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी में हिंदू 79.8% थे. मुसलमान 14.23% के साथ सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह थे. इसके बाद ईसाई 2.30%, सिख 1.72%, बौद्ध 0.70%, जैन 0.37% और पारसी 0.006% थे. कुल मिलाकर ये सभी अल्पसंख्यक समुदाय भारत की आबादी का करीब 19.3% हिस्सा बनाते थे. लेकिन यहां एक मजेदार बात है कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब मिजोर और लक्ष्यद्वीप जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू खुद अल्पसंख्यक हैं.
इसका मतलब यह हुआ कि &#039;अल्पसंख्यक&#039; होना हमेशा पूरे देश के हिसाब से नहीं, बल्कि कई बार राज्य के हिसाब से भी तय होता है. यही वजह है कि कई राज्यों ने अपने यहां अलग से राज्य अल्पसंख्यक आयोग बनाए हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अल्पसंख्यक आयोग के मामले देखते हैं.
भाषाई अल्पसंख्यक: एक अलग ही दुनिया
अब तक हमने सिर्फ धार्मिक अल्पसंख्यकों की बात की है, लेकिन भारत में एक और बहुत बड़ा वर्ग है- भाषाई अल्पसंख्यक. दरअसल, भारत में 22 अनुसूचित भाषाएं हैं, लेकिन हर राज्य की अपनी एक प्रमुख भाषा होती है. अगर किसी राज्य में लोगों का एक समूह ऐसी भाषा बोलता है जो उस राज्य की मुख्य भाषा से अलग है, तो वह समूह उस राज्य में &#039;भाषाई अल्पसंख्यक&#039; कहलाएगा.
उदाहरण से समझें: महाराष्ट्र में रहने वाले तमिल भाषी लोग या पश्चिम बंगाल में रहने वाले हिंदी भाषी लोग भाषाई अल्पसंख्यक हैं. संविधान का अनुच्छेद 350-A के तहत एक &#039;विशेष भाषाई अधिकारी&#039; भी होता है जो इन मामलों की जांच करता है.
अल्पसंख्यकों पर सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है?
सालों से &#039;अल्पसंख्यक&#039; की परिभाषा को लेकर अदालतों में बहस होती रही है. सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े फैसलों में इस पर अहम रोशनी डाली है: &amp;nbsp;

टी.एम.ए. पाई फाउंडेशन बनाम कर्नाटक राज्य (2002): यह मामला अल्पसंख्यक अधिकारों के संदर्भ में एक मील का पत्थर है. 11 जजों की बेंच ने यह साफ कहा है कि अनुच्छेद 30 के तहत धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों की पहचान राज्य स्तर पर की जानी चाहिए, न कि संपूर्ण भारत के आधारत पर. इसका मतलब है कि किसी समुदाय के अल्पसंख्यक होने का निर्धारण संबंधित राज्य की जनसंख्या में उनकी हिस्सेदारी के आधार पर होगा.
बाल पाटिल बनाम भारत संघ (2005): इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जैनियों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का फैसला राज्य सरकारों को करना चाहिए, केंद्र सरकार को नहीं. हालांकि, बाद में 2014 में केंद्र सरकार ने इसके बावजूद जैनियों को राष्ट्रीय स्तर पर ही अल्पसंख्यक घोषित कर दिया.

अल्पसंख्यक होने का फायदा क्या?
अल्पसंख्यक का दर्जा सिर्फ एक लेबल नहीं है, बल्कि इससे समुदायों को कई ठोस फायदे मिलते हैं:

सबसे बड़ा फायदा अनुच्छेद 30 के तहत अपनी पसंद की शिक्षा संस्थाएं खोलने और चलाने का अधिकार है.
केंद्र और राज्य सरकारें अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाती हैं. जैसे- अल्पसंख्यक छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, कौशल विकास कार्यक्रम और आर्थिक मदद.
NCM का काम भी यही है कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे और उनकी शिकायतों का निवारण करे.
2004 में गठित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (NCMEI) विशेष रूप से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं के मामले देखता है.

विवादों से नहीं बचा अल्पसंख्यक मुद्दा
यह पूरी व्यवस्था विवादों से अछूती बी नहीं है. कुछ लोगों का कहना है कि धर्म के आधार पर अल्पसंख्यक तय करना संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र के खिलाफ है. कुछ राज्यों की मांग है कि दिंहुओं को भी उन राज्यों में अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना चाहिए जहां उनकी आबादी कम है. हालांकि, इस पर अभी तक कोई आम सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन यह मांग लगातार उठ रही है.
कुल मिलाकर, भारत में अल्पसंख्यक की कोई एक और अंतिम परिभाषा नहीं है. राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार ने छह धार्मिक समुदायों को अल्पसंख्यक घोषित किया है, लेकिन राज्य स्तर पर यह सूची अलग हो सकती है. भाषाई अल्पसंख्यकों की पहचान राज्य की मुख्य भाषा के आधार पर होती है. यह पूरी व्यवस्था संविधान की उस मूल भावना पर टिकी है, जो विविधता में एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत मानती है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:11 +0530</pubDate>
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<title>TVK प्रमुख विजय थलापति के शपथ ग्रहण में &amp;apos;तमिल गान&amp;apos; पर मचा बवाल, लास्ट में बजाए जाने पर भड़के सहयोगी</title>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु की राजनीति में राज्य गीत &#039;तमिल थाई वाझथु&#039; को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. गुरुवार (21 मई) को टीवीके प्रमुख और मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार के 23 विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने के दौरान राज्य गीत को पहले से तय परंपरा के उलट सबसे आखिर में बजाया गया.
विजय के शपथ ग्रहण में भी ऐसा ही हुआ
समारोह में सबसे पहले राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम&#039; बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान &#039;जन गण मन&#039; और आखिरी में तमिल राज्य गीत बजाया गया. ठीक एक हफ्ते पहले मुख्यमंत्री विजय के अपने शपथ ग्रहण समारोह में भी ऐसा ही हुआ था, जिसके बाद भारी हंगामा हुआ था.
टीवीके ने दी सफाई
लगातार दूसरी बार हुई इस घटना पर विपक्ष ही नहीं टीवीके की अगुवाई वाली सरकार के सहयोगी दल भी गुस्से में हैं. विवाद पर सफाई देते हुए विजय की पार्टी तमिलगा वेट्रि कड़गम (TVK) के नेता नंजिल संपत ने कहा, &#039;आज (21 मई) को मंत्रियों की शपथ का कार्यक्रम राजभवन ने आयोजित किया गया था, इसलिए तमिल गीत आखिरी में गाया गया. इसमें तमिलनाडु सरकार की कोई भूमिका नहीं थी. विधानसभा में तमिल गीत सबसे पहले ही गाया जाएगा.&#039;
(इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:11 +0530</pubDate>
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<title>शुभेंदु सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लागू किए सख्त नियम, अभिषेक बनर्जी बोले&#45; &amp;apos;दिल्ली में..&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कई तरह के प्रतिबंध जारी किए हैं. इसमें मीडिया में बयान देना, मीडिया डिबेट में भाग लेना, सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिक करना और यहां तक कि सरकार की महत्वपूर्ण जानकारी लीक करना भी शामिल है. इसे लेकर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी बीजेपी सरकार पर हमलवार हैं.
अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार (21 मई) को एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने इसे पूर्ण प्रतिबंध बताया है. उनका कहना है कि ये यह आदेश एक चेतावनी की तरह है और ये शासन की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में सरकारी कर्मचारियों पर चुप्पी साधने के लिए लागू किया गया है.

&amp;ldquo;Complete prohibition.&amp;rdquo; The phrase echoes through this circular like a WARNING - not to protect governance, but to ENFORCE SILENCE upon Govt employees across #Bengal. No speaking to the press. No writing articles. No participating in media programs. No criticism of the&amp;hellip; pic.twitter.com/nTVWxkuWVX
&amp;mdash; Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) May 21, 2026



राज्य कार्मिक प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से ये आदेश बुधवार रात को जारी किया गया. इसमें स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार के प्रतिबंध अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) आचरण नियम, 1968, पश्चिम बंगाल सेवा (सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य, अधिकार और दायित्व) नियम 1980 और पश्चिम बंगाल सरकारी सेवक आचरण नियम, 1959 के पहले से मौजूद प्रावधानों के तहत लगाए गए हैं.
टीएमसी नेता ने क्या कहाइन आदेशों को लेकर टीएमसी नेता ने कहा कि प्रेस से बात नहीं करनी, लेख नहीं लिखना, मीडिया कार्यक्रमों में भाग नहीं लेना, &amp;nbsp;केंद्र या राज्य सरकार की आलोचना नहीं करनी, दिल्ली के साथ संबंधों को तनावपूर्ण बनाने वाली कोई भी बात नहीं करनी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह कंट्रोल सरकार ने शासन व्यवस्था में चुप्पी को अब प्रशासनिक अनिवार्यता बना दिया है.&amp;nbsp;

यह लोकतंत्र का गला घोंटना है- अभिषेक बनर्जी&amp;nbsp;उन्होंने आगे कहा कि यह चौंकाने वाला आदेश अनुशासन के बारे में नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और मौलिक अधिकारों का व्यवस्थित रूप से गला घोंटने के बारे में है, ताकि दिल्ली में बैठे आकाओं की पूर्ण आज्ञाकारिता सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने आगे कहा कि जैसा कहा जाए वैसा सोचो और केवल अनुमति मिलने पर ही बोलो. इस तरह का सरकार ने आदेश लागू किया है. उन्होंने आगे कहा कि जब कोई सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकती तो वह असहमति को कुचलना शुरू कर देती है. यह शक्ति नहीं है. यह लोकतंत्र का गला घोंटना है.
किन पर लागू होगा आदेशबता दें कि ये आदेश राज्य सरकार से संबद्ध सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस), पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य राज्य सरकारी कर्मचारियों, सुधार सेवा कर्मचारियों, राज्य सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, राज्य संचालित बोर्डों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों और राज्य सरकार के अधीन स्वायत्त निकायों पर लागू होंगे.
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प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री शाह को &#039;गद्दार&#039; बताने वाले बयान पर राहुल गांधी की मुसीबत, दिल्ली में दर्ज हो गई शिकायत ]]></description>
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:10 +0530</pubDate>
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<title>Housing Row: सांसद को बुलाए बिना लोगों को घर बांटने लगीं BJP MLA, हाथापाई पर आई नौबत, फिर बहाए आंसू</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के निप्पाणी में आवास वितरण कार्यक्रम में बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत, बीजेपी विधायक शशिकला जोल्ले भावुक होकर रो पड़ीं. बेलगावी जिले के निप्पाणी तालुका के पट्टणकुडी गांव में आयोजित आवास वितरण कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया.
यह कार्यक्रम आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों को लॉटरी प्रणाली के जरिए मकान वितरित करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें आश्रय समिति के अधिकारी और सदस्य मौजूद थे. योजना के तहत करीब 950 मकान शामिल थे, जिनमें से लगभग 800 मकानों का वितरण किया जा रहा था, जबकि शेष मकानों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की तैयारी थी.

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कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप
विवाद उस समय शुरू हुआ जब BUDA चेयरमैन और चिक्कोडी जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मणराव चिंगाले अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे और मकानों के आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. चिंगाले ने आरोप लगाया कि मकानों के वितरण में अनियमितताएं और भेदभाव किया जा रहा है और चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सांसद प्रियंका जारकीहोली को कार्यक्रम में क्यों नहीं बुलाया गया.
कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई&amp;nbsp;
इसी बात को लेकर निप्पाणी की बीजेपी विधायक शशिकला जोल्ले और लक्ष्मणराव चिंगाले के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव में बदल गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए चिंगाले को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गई. हंगामे के चलते अधिकारियों ने बीच में ही आवास वितरण प्रक्रिया को स्थगित कर दिया.
विधायक शशिकला जोल्ले हुईं इमोशनल
कार्यक्रम रद्द होने के बाद विधायक शशिकला जोल्ले महिलाओं और लाभार्थियों से बात करते हुए भावुक हो गईं और रो पड़ीं. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों के लिए घर पाने का सपना लेकर यहां आए थे, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.&amp;nbsp;
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<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:32:06 +0530</pubDate>
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<title>गोरखपुर: पेट्रोल&#45;डीजल के बढ़े दामों को लेकर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, रिक्शा पर बाइक लादी, लगाए नारे</title>
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<description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के हालात की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. ऐसे में विपक्ष में बैठी कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा है. प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान गोरखपुर में भी कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी आई, महंगाई लाई के नारे भी लगाए. इतना ही नहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता गोरखपुर की सड़कों पर रिक्शा पर बाइक लादकर अनोखा-प्रदर्शन करते हुए भी दिखे.
गोरखपुर के नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क के समक्ष दर्जनों की संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार के खिलाफ सोमवार 18 मई को प्रदर्शन किया. कांग्रेस जिला एवं महानगर के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार को जमकर कोसा. पेट्रोल डीजल के बड़े दामों को कम करने के लिए वे नारे लगाते हुए दिखाई दिए. कार्यकर्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सरकार बड़े हुए पेट्रोल-डीजल के दाम को खत्म करें.
सड़क पर उतरकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन यहीं पर खत्म नहीं हुआ. बीजेपी सरकार के खिलाफ &#039;बीजेपी आई महंगाई लाई&#039; नारे लगाते हुए गोरखपुर की प्रमुख सड़कों की ओर बढ़ चले. रिक्शा पर बाइक लादकर जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी ने रिक्शे की हैंडल संभाली और खुद &#039;निरहुआ रिक्शावाला&#039; बन गए. उनका यह अनोखा अंदाज भी लोगों को खूब भा गया. सड़क पर आते जाते लोग भी निरहुआ रिक्शावाला बने राजेश तिवारी को टकटकी निगाहों से देखते रहे. जिला अध्यक्ष का साथ देने के लिए महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद ने रिक्शा पर चढ़कर भी नारेबाजी की कमान संभाली और भाजपा आई महंगाई लाई के नारे लगाते दिखे.
ये भी पढ़िए- बाराबंकी में पीएम मोदी और सीएम योगी की अपील का बड़ा असर, पैदल कोर्ट पहुंचे न्यायाधीश
बड़े हुए पेट्रोल-डीजल के दाम वापस लिए जाएं- राजेश तिवारी
इस अवसर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि बीजेपी ने महंगाई के साथ पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ा दिए हैं. ऐसे में जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है महंगाई की सिद्धि मार जनता के ऊपर पड़ी है इसीलिए कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन लोगों की मांग है कि बड़े हुए पेट्रोल डीजल के दाम वापस लिए जाएं. जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ कम हो सके. बीजेपी की तानाशाही पूरे देश में चल रही है. इसकी वजह से जनता त्राहि-त्राहि कर कराह रही है. केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार के खिलाफ यह कांग्रेस का हल्ला बोल है और वह सरकार को चेताना चाहते है कि केंद्र और राज्य सरकार अपनी आदतों से बाजार नहीं तो आने वाले चुनाव में जनता इसका करारा जवाब देते हुए सुपड़ा साफ कर देगी.
सरकार मनमाने तरीके से बढ़ा रही हर चीज में दाम- रवि प्रताप
महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद ने कहा कि सरकार मनमाने तरीके से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ा रही है. इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है. केंद्र और प्रदेश सरकार ने देश की जनता को लाइन में खड़ा करने का संकल्प ले रखा है. यही वजह है कि नोटबंदी से लगातार देश की जनता हर जरूरी चीजों के लिए लाइन में लगी हुई है.
उन्होंने कहा कि इस देश से दूसरे देशों में पेट्रोल-डीजल का निर्यात किया जा रहा है. पीएम मोदी बताएं कि पहले देश को खिलाने की जरूरत है कि दूसरे देश को खिलाने की जरूरत है. आज इस देश के लोग परेशान हैं. यही वजह है कि उन लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार को यह संदेश देने का कार्य किया है कि इससे तो बेहतर होता कि वे लोग रिक्शा और साइकिल से चलते. इस अवसर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के साथ कांग्रेस के जिला मीडिया प्रभारी अनवर हुसैन, राजेन्द्र यादव, अविनाश पति त्रिपाठी, सोहेल अंसारी, तस्लीम अंसारी, प्रभाष चतुर्वेदी, अनुसूचित विभाग के प्रदेश महासचिव केसी भारती व अन्य कार्यकर्तागण मौजूद रहे.
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:36 +0530</pubDate>
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<title>मिर्जापुर &amp;apos;जिम जिहाद&amp;apos; केस में CM योगी के निर्देश पर बड़ा एक्शन, सभी 10 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम जिहाद और धर्मांतरण के मामले में मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख देखने को मिला है. सीएम योगी के आदेश पर महिलाओं के ख़िलाफ अपराध करने वाले लव जिहाद गैंग के दस आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.&amp;nbsp;
मिर्जापुर में जिम की आड़ में धर्मांतरण साजिश मामले में सीएम योगी के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी मौलवी खलीलु रहमान, जिम ट्रेनर इमरान खान समेत 10 आरोपियों पर संगठित लव जिहाद का गिरोह चलाने का आरोप है. जिसके बाद ये एक्शन लिया गया है.&amp;nbsp;
हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण की साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक ये गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ हिन्दू महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उन्हें निशाना बनाते थे. आरोपियों ने जिम आने वाली सैकड़ों हिंदू महिलाओं को बहला-फुसलाकर लव जिहाद का शिकार बनाया और फिर उनके धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाता था. पुलिस की टीम इस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रही हैं.
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सीएम योगी के निर्देश पर सख्त एक्शन
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना इमरान खान अपने साथियों के साथ जिम में आने वाली हिन्दू महिलाओं को अपना शिकार बनाता था. ये गिरोह ट्रेनिंग के बहाने महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाने का काम करते थे, इसके बाद उन्हें फँसाकर संबंध बनाए जाते थे और आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था. पुलिस इस गिरोह से जुड़े और लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है.&amp;nbsp;
पुलिस ने कहा कि यूपी में महिलाओं से जुड़े किसी भी अपराध और उनके खिलाफ रची जा रही साजिशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके और अपराधी अपराध करने से पहले हजार बार सोचें. पुलिस के इस एक्शन से आरोपियों में हड़ंकप मच गया है.&amp;nbsp;
जयवीर सिंह बोले- अजान से नींद हो रही खराब, सीएम ने कहा- सड़क पर नहीं होगी नमाज, चुनावी साल में संयोग या प्रयोग? ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>मिर्जापुर, जिम, जिहाद, केस, में, योगी, के, निर्देश, पर, बड़ा, एक्शन, सभी, आरोपियों, पर, लगा, गैंगस्टर, एक्ट</media:keywords>
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<title>उत्तराखंड: ऋषिकेश में ट्रेन हादसा, दीवार तोड़कर पटरी से उतरी उज्जैनी एक्सप्रेस, देखें Video</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड के ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस अचानक बेकाबू हो गई. दीवार तोड़कर इंजन और कोच पटरी से उतर गए. &amp;nbsp;खांड गांव मे शंटिंग के दौरान ये हादसा हुआ है.&amp;nbsp;
घटना गाड़ी संख्या 14317 उज्जैनी एक्सप्रेस स्टेशन यार्ड में शंटिंग मूवमेंट के दौरान हुई. रेलवे के मुताबिक उस समय ट्रेन खाली थी, इस घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है. घटना की जाँच की जा रही है.
&amp;nbsp;

योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास खंड गांव इलाके में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए. यह घटना बीती रात करीब 9:30 बजे हुई. दुर्घटना के समय ट्रेन में कोई भी यात्री सवार नहीं था. #UjjainiExpress #uttarakhand #rishikesh #trainderail #abpnews pic.twitter.com/MnurTEDKpU
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) May 19, 2026



इस वजह से हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते यह हादसा हुआ. राहत की बात यह रही कि ट्रेन खाली थी, इसलिए किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है.
रेलवे अधिकारियों और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि इंजन के पहिए पटरी से उतरे हैं और जांच शुरू कर दी गई है.
व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
घटना ने रेलवे की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. समय रहते ट्रेन खाली होने से बड़ा हादसा टल गया, वरना तस्वीर कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती थी.
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इस हादसे पर आरपीएफ अधीक्षक सरोज कुमार ने बताया कि रात को उज्जैनी एक्सप्रेस की शंटिंग की जा रही थी, उसकी दौरान ये घटना हो गई है. इस गाड़ी को सुबह छह बजे निकलना था, निकलने से पहले ट्रेन की शंटिंग हो रही थी. उन्होंने कहा कि रात करीब दस बजे आरपीएफ को इसकी सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गईं.
आरपीएफ अधीक्षक ने कहा कि जिस समय ये हादसा हुआ ट्रेन खाली थी, उसमें कोई यात्री सवार नहीं था. ये हादसा क्यों और कैसे हुआ इसकी जाँच की जा रही है. जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है. &amp;nbsp;
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 ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>उत्तराखंड:, ऋषिकेश, में, ट्रेन, हादसा, दीवार, तोड़कर, पटरी, से, उतरी, उज्जैनी, एक्सप्रेस, देखें, Video</media:keywords>
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<title>महाराष्ट्र: कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ के भाई का निधन, इस पद पर थे तुषार गायकवाड़</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई से एक दुखद खबर सामने आ रही है. यहां सांसद वर्षा गायकवाड़ के भाई और कांग्रेस के नेता एकनाथ गायकवाड़ के बेटे तुषार गायकवाड़ का निधन हो गया है. तुषार गायकवाड़ महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जुड़े थे. बता दें कि गायकवाड़ परिवार महाराष्ट्र की कांग्रेस राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं. एकनाथ गायकवाड़ महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और कई पदों पर अपनी सेवा दे चुके थे. साल 2021 में उनकी कोरोना की वजह से मृत्यु हो गई थी अब उनके बेटे के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर है.&amp;nbsp;
खबर अपडेट की जा रही है... ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:35 +0530</pubDate>
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<title>बाहुबली नेता आनंद मोहन के दावे से बिहार में सनसनी, बोले&#45; &amp;apos;करोड़ों में बेचे गए टिकट और मंत्री पद&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बिहार की रजनीति में बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के वीडियो ने नया भूचाल ला दिया है. आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़ा कर दिया है. उन्होंने दावा किया है कि बिहार में करोड़ों रुपये में टिकट बेचे गए और मंत्री पद दिए गए. शिवहर-सीतामढ़ी का बताया जा रहा यह वीडियो अब तेजी से वायरल है. जिसने बिहार में सत्ता के भीतर पनप रहे आक्रोश को जाहिर कर दिया है. इस मामले में JDU के किसी नेता की कोई टिप्पणी अभी नहीं आई है.
वायरल वीडियो में आनंद मोहन काफी गुस्से के अंदाज में कहते दिख रहे हैं कि निशांत कुमार को इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया क्यूंकि, पिता-पुत्र दोनों को डॉक्टर की जरूरत है.यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में करोड़ों में टिकट बेचे गए और उसके बाद मंत्री पद के लिए भी करोड़ों रुपए लिए गए. आनंद मोहन यहीं नहीं रुके उन्होंने जदयू के कुछ नताओं को चंडाल चौकड़ी करार देते हुए पार्टी पर सवाल खड़ा कर दिया है.
यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार के बेटे निशांत के स्वास्थ्य पर सवाल उठाने वालों को JDU का जवाब, &#039;हर आदमी के&amp;hellip;&#039;
नीतीश कुमार के खिलाफ बताई साजिश&amp;nbsp;
आनंद मोहन ने कहा, &amp;nbsp;&amp;ldquo;यह सिर्फ नीतीश कुमार का सफाया नहीं कर रहे हैं, बल्कि पिछड़ों के राज का सफाया हो रहा है.&amp;rdquo; आनंद मोहन ने याद दिलाया कि नीतीश कुमार के खिलाफ पहले भी कई साजिशें हुईं, लेकिन वे कभी झुके नहीं. फिर भी रातोंरात साजिश के तहत सरकार बदल दी गई.
बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने से नाराजगी
वहीं चर्चा यह भी है कि आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में जगह ने मिलने से वे नाराज हैं. उनकी पत्नी शिवहर से जदयू से सांसद हैं.यही नहीं आनंद सिंह को नीतीश कुमार का करीबी बताया जाता है. &amp;nbsp;इसलिए ही उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब थैली की पार्टी है. उनके मुताबिक सरकार बचाने में उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है. लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.
बहरहाल बिहार की राजनीति में आनंद मोहन के बयान के बाद नई हलचल होना तेज है. जबकि जदयू के किसी नेता का अभी कोई बयान इस पर नहीं आया है. माना जा रहा है कि नीतीश के सीएम पद से हटने के बाद पार्टी का एक धड़ा नाराज है.
यह भी पढ़ें: &#039;BJP-JDU में कुछ ठीक नहीं&#039;, RJD की बड़ी भविष्यवाणी, दावा- &#039;&amp;hellip;बगावत करने वाले हैं&#039; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Yogi Namaz Remark Row: सड़कों पर नमाज से यूपी के CM को ऐतराज, अब इस BJP नेता ने कहा&#45; &amp;apos;योगी सही, मुस्लिम बताएं कि...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर हैदराबाद से भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा कि सीएम योगी ने बिल्कुल सही कहा है. बकरीद आ रही है और सार्वजनिक सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जानी चाहिए, जिससे सड़क जाम हो और दूसरे धर्मों के लोगों को परेशानी हो. वह सही कह रहे हैं, आपके पास बहुत सारी जगहें हैं. मैं मुस्लिम समुदाय से पूछना चाहता हूं कि आपके पास बहुत सारी वक्फ जमीनें हैं, आप उनका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या दिक्कत है? क्या समस्या है? क्या आप इसे अपनी ताकत दिखाने के लिए कर रहे हैं? कृपया देश के नियमों का पालन करें.
पश्चिम बंगाल में इमामों और पुरोहितों को दिए जाने वाले भत्तों को समाप्त करने का ऐलान किया गया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंन्दु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया. टीआर श्रीनिवास ने इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.

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ईमामों और पुरोहितों का पैसा बंद पॉजिटिव कदम
समाचार एजेंसी (INS) से खास बातचीत में टीआर श्रीनिवास ने कहा कि बंगाल में इमामों और पुरोहितों के लिए दिए जाने वाले पैसे को बंद किया गया है. यह सीएम शुवेंदु अधिकारी द्वारा किया गया बहुत-बहुत पॉजिटिव डेवलपमेंट है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछली अंतरिम बजट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए केवल 155 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि इमामों, मदरसों और अल्पसंख्यकों के लिए 5700 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे.
प्रो-माइनॉरिटी राजनीति
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार का यह फैसला घुसपैठियों और प्रो-माइनॉरिटी राजनीति को बढ़ावा देने की मंशा को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? यह सब उनकी मंशा को दिखाता था कि वे तथाकथित प्रो-माइनॉरिटी या प्रो-घुसपैठिया ढांचा तैयार करना चाहती थीं, जिन्हें वह भारतीय बताया करती थीं.
शुभेंदु के बयान पर भाजपा का समर्थन
कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर सीएम शुभेंदु के बयान पर श्रीनिवास ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी खत्म हो गई और पश्चिम बंगाल में भी यह खत्म हो जाएगी. पार्क सर्कस में हुई पत्थरबाजी के संदर्भ में सीएम शुभेंदु का बयान बिल्कुल सटीक है. बात बहुत सीधी है. ममता बनर्जी के 15 साल के अराजक शासन में लोगों की मनमानी चल रही थी, खासकर घुसपैठियों, अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की. उन्होंने सड़कों पर कब्जा कर लिया, फुटपाथों पर कब्जा कर लिया, उन्होंने हर चीज पर कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण भी किए. यहां तक कि हावड़ा स्टेशन का भी पूरा स्वरूप इस कदर बदल गया था कि उसे पहचानना भी मुश्किल हो गया था. जब सफाई अभियान चलाया गया, तो उन्हें इसकी चुभन महसूस हुई.
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Hyderabad Raid ACB: तिजोरियों, लकड़ी की अलमारियों में मिले नोटों के बंडल, रेड डालते ही अधिकारियों की फटी रह गई आंखें</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWS&amp;amp;SB) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के शक का पर्दाफ़ाश करते हुए एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक विशेष टीम ने मंगलवार को तड़के रेड हिल्स डिवीज़न के जनरल मैनेजर जी. कुमार के मल्लापुर वेंकटरमना कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा और अवैध संपत्ति का एक विशाल भंडार बरामद किया. जब शुरुआती तलाशी पूरी हुई, तब तक ACB के अधिकारियों ने ₹1.05 करोड़ की बेहिसाब नकदी, बड़ी मात्रा में सोने के गहने (जिनकी सही कीमत अभी भी आंकी जा रही है) और संपत्ति के ऐसे दस्तावेज़ बरामद कर लिए थे, जिनसे आरोपी अधिकारी के बेनामी साम्राज्य की पूरी संरचना सामने आने की उम्मीद है.
भोर होते ही पूरी गोपनीयता के साथ चलाया गया यह अभियान, महीनों तक गुप्त रूप से जानकारी जुटाने का नतीजा था. ACB सूत्रों के अनुसार, कुमार के खिलाफ &#039;आय से अधिक संपत्ति&#039; का मामला तब दर्ज किया गया, जब एक शुरुआती जांच में उनकी वैध आय और उनके द्वारा जमा की गई आलीशान संपत्ति के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया. एक विशेष अदालत द्वारा जारी तलाशी वारंट से लैस होकर, भ्रष्टाचार-रोधी टीमों ने तेज़ी से कॉलोनी को घेर लिया और घर में प्रवेश किया, जिससे अधिकारी और उनका परिवार पूरी तरह से हैरान रह गया. नकदी कई लकड़ी की अलमारियों और स्टील की तिजोरियों में छिपाकर रखी गई थी, जिसे बड़े मूल्य वाले नोटों के बंडलों के रूप में सावधानीपूर्वक बांधा गया था.

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&amp;nbsp;ACB अधिकारियों ने पुष्टि की
यह जब्ती केवल आवासीय परिसर तक ही सीमित नहीं है. ACB अधिकारियों ने पुष्टि की कि मंगलवार शाम तक भी छापे जारी थे, और अधिकारी कुमार तथा उनके रिश्तेदारों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी तलाशी ले रहे थे. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, जांचकर्ताओं को परिवार के कई बैंक लॉकरों को खोलने और उनकी जांच करने की अनुमति मिल गई है; यह प्रक्रिया बुधवार से शुरू होने की उम्मीद है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि लॉकरों की तलाशी से और अधिक नकदी, गहने, और यहां तक कि ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ी सबूत भी सामने आ सकते हैं, जो अधिकारी को भ्रष्टाचार के एक व्यापक नेटवर्क से जोड़ सकते हैं.
वॉटर बोर्ड के प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस मामले ने वॉटर बोर्ड के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि जी. कुमार, रेड हिल्स डिवीज़न के जनरल मैनेजर के तौर पर कई परियोजनाओं, निविदाओं और अनुबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखते थे. ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद की गई नकदी, ठेकेदारों से मिली रिश्वत की एक सोची-समझी वसूली का हिस्सा थी या फिर यह मनी लॉन्ड्रिंग का कोई बड़ा ऑपरेशन था, जिसका मकसद अवैध कमीशन को बेनामी संपत्तियों में खपाना था. घर से बरामद किए गए संपत्ति के दस्तावेजों की बहुत बारीकी से जांच की जा रही है और उम्मीद है कि अगले चौबीस घंटों के भीतर फोरेंसिक ऑडिटर भी इस जांच में शामिल हो जाएंगे. यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब ACB ने पूरे तेलंगाना में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;हम फिलिस्तीन या क्यूबा नहीं, सरकार चाहे जितनी...&amp;apos;, PM मोदी से सवाल पूछने वाली नॉर्वे की पत्रकार को तहसीन पूनावाला का जवाब</title>
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<description><![CDATA[ नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस पत्रकार के सवाल को इग्नोर किया, उसको लेकर हंगामा मचा हुआ है. हालांकि इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. हेले लिंग ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले नंबर पर है, वहीं भारत 157वें नंबर पर है और वो फिलिस्तीन, यूएई और क्यूबा से कंप्टीशन कर रहा है. नॉर्वे की पत्रकार को अब भारत में राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने जवाब दिया है.&amp;nbsp;
तहसीन पूनावाला ने एक्स पर Helle Lyng को जवाब देते हुए लिखा कि वर्तमान में सरकार के विरोधी होने के नाते भारत को लेकर मेरा तर्क थोड़ा अलग है. उन्होंने लिखा, &#039;भारत में हर कोई मीडिया से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेही की और भी अधिक मांग करेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन हम निश्चित रूप से फ़िलिस्तीन, UAE या क्यूबा नहीं हैं, बल्कि उनसे बहुत दूर हैं.&#039;

I am amongst the voice of the opposition in INDIA &amp;amp; everyday I attack the government on television &amp;amp; social media, am severely critical of the PM &amp;amp; his ministers and no one has ever taken any action against me. I find it offensive you compare my country&#039;s press freedom with&amp;hellip; https://t.co/nS8ZyPeO3o
&amp;mdash; Tehseen Poonawalla Official 🇮🇳 (@tehseenp) May 18, 2026



राजनीतिक विश्लेषक ने नॉर्वे की पत्रकार से आगे कहा कि अगर आप मेरे इंस्टाग्राम या ट्विटर पोस्ट या कल के टीवी कमेंट्री को ही देख लें तो मैंने मंत्रियों को बिना रीढ़ वाला बताया है. टैक्स रेड को टैक्स टेररिज्म कहा है. मंत्रियों को भाई-भतीजावाद से प्रेरित बताया है और फिर भी मुझे कोई गिरफ्तार नहीं करता.&#039;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;ईरान-अमेरिका की जंग को लेकर नॉर्वे में क्या बोले पीएम मोदी, जानें क्या दिया दुनिया को मैसेज?
पूनावाला ने कहा, &#039;हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए और भी अधिक प्रयास करना चाहिए और यही एक युवा भारत चाहता है, लेकिन भारत एक स्वतंत्र देश है, एक समृद्ध लोकतंत्र है, जहां सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगा सकती, ऐसा करना बेहद मुश्किल होगा! आपको शुभकामनाएं और कृपया भारत अवश्य पधारें. आपके सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं.&#039;
नॉर्वे की पत्रकार ने क्या कहा था?
नॉर्वे की पत्रकार ने पीएम मोदी की ओर से सवाल नहीं लेने पर कहा था कि मुझे उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. वीडियो शेयर कर Helle Lyng ने कहा, &#039;वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है, जबकि भारत 157वें स्थान पर है, जहां वह फिलिस्तीन, यूएई और क्यूबा से कंप्टीशन कर रहा है. जिन शक्तियों के साथ हम सहयोग करते हैं, उनसे सवाल करना हमारा कर्तव्य है.&#039;&amp;nbsp;

Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to. Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates &amp;amp; Cuba. It is our job to question the powers we cooperate&amp;hellip; pic.twitter.com/vZHYZnAvev
&amp;mdash; Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 18, 2026



ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&#039;जाओ, कोर्ट जाओ...&#039;, नॉर्वे में PM मोदी के जवाब न देने वाले सवाल पर गुस्से में विदेश मंत्रालय, VIDEO
विवाद बढ़ने के बाद पत्रकार ने दी सफाई
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद Helle Lyng ने सफाई भी दी. उन्होंने लिखा, &#039;मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह लिखना पड़ेगा, लेकिन मैं किसी भी तरह की विदेशी जासूस नहीं हूं, जिसे किसी विदेशी सरकार ने भेजा हो. मेरा काम पत्रकारिता है और मैं मुख्य रूप से नॉर्वे में काम करती हूं.&#039;

I never thought I would have to write this, but I am not a foreign spy of any sort, sent out by any foreign government. My work is journalism, primarily in Norway now.
&amp;mdash; Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 18, 2026



MEA ने इस विवाद पर क्या कहा?&amp;nbsp;
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में वही पत्रकार फिर मौजूद रहीं. उन्होंने MEA सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से पूछा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे और क्या भारत में मानवाधिकार उल्लंघन बंद होंगे. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय मीडिया के कठिन सवालों का जवाब देना शुरू करेंगे.
इसका जवाब देते हुए सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि पांच हजार साल पुरानी निरंतर सभ्यता है. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की पहचान उसकी आबादी, सरकार, संप्रभुता और क्षेत्र से होती है और भारत इन सभी मूल्यों के साथ दुनिया में मजबूती से खड़ा है. जॉर्ज ने कहा कि भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है और कोरोना महामारी के समय भारत ने खुद को दुनिया से अलग नहीं किया, बल्कि जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे आया. यही भरोसा दुनिया को भारत पर विश्वास दिलाता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>हम, फिलिस्तीन, या, क्यूबा, नहीं, सरकार, चाहे, जितनी..., मोदी, से, सवाल, पूछने, वाली, नॉर्वे, की, पत्रकार, को, तहसीन, पूनावाला, का, जवाब</media:keywords>
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<title>&amp;apos;आंखें नहीं मूंद सकते, अगर जरूरत पड़े तो...&amp;apos;, आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें</title>
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<description><![CDATA[ देश में डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा है. SC ने उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें डॉग लवर्स की ओर से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के पहले के आदेश में बदलाव की मांग की गई थी.
1. &#039;ढंग से लागू नहीं हुआ एनिमन बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम&#039; - SC
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनिमन बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम को सही तरीके से लागू नहीं किए जाने की वजह से समस्या और गंभीर होती जा रही है. कोर्ट ने कहा, राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स का पालन करना चाहिए था. तब ऐसी स्थिति नहीं बनती.

2. गंभीर समस्या बन चुकीं कुत्तों के काटने की घटनाएं - SC
कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि &#039;आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह अब बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है. राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं. तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं. दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट के केस आए हैं. विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है. देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं.&#039;
3. &#039;आंखें नहीं मूंद सकते&#039; - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;बच्चों, बुजुर्गों को कुत्ते काट रहे हैं. ऐसी घटनाएं शहरी प्रशासन और गवर्नेंस पर लोगों के भरोसे को प्रभावित कर रही हैं. हम ऐसी स्थिति से आंखें नहीं मूंद सकते हैं. संविधान का अनुच्छेद कमजोर और असहाय लोगों को भी गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है.&#039;
Stray Dogs Case Verdict: &#039;बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर हो विचार&#039;, आवारा कुत्तों के मामले में SC का आदेश
4. &#039;खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार हो&#039; - SC
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में आदेश देते हुए यह भी कहा कि गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार किया जाना चाहिए.
5. अवमानना की तरह देखा जाएगा&#039; - कोर्ट&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त और 7 नवंबर 2025 को जारी अपने निर्देशों का जिक्र करते हुए कहा कि इन निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकारें और संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो इसे अवमानना की तरह देखा जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से नहीं पेश हुए नोएडा प्रदर्शन के आरोपी, 19 मई तक के लिए टली सुनवाई
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>आंखें, नहीं, मूंद, सकते, अगर, जरूरत, पड़े, तो..., आवारा, कुत्तों, पर, सुप्रीम, कोर्ट, के, फैसले, की, बड़ी, बातें</media:keywords>
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<title>सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों पर फैसले को लेकर आया कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?</title>
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<description><![CDATA[ आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि पहले यह देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लिखित आदेश है या सिर्फ मौखिक टिप्पणी. उन्होंने कहा कि खतरनाक श्रेणी के कुत्तों की पहचान करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाएगा तो यह चिंता और विरोध का विषय बनेगा.
&amp;lsquo;सभी आवारा कुत्तों के साथ अमानवीय व्यवहार ठीक नहीं&amp;rsquo;
सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि प्रशासन को सिर्फ उन कुत्तों को चिन्हित करना चाहिए जो वास्तव में लोगों के लिए खतरा हैं. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;अगर सही तरीके से चिन्हित कर कार्रवाई की जाए तो सुप्रीम कोर्ट को तर्कसंगत फैसला लेना चाहिए, लेकिन सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई गलत होगी.&amp;rdquo;
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनके बंध्याकरण से जुड़े पुराने निर्देश वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं. अदालत ने कहा कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमले से सुरक्षित रहने का अधिकार भी शामिल है.
राज्यों को दिए सख्त निर्देश
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवारा कुत्तों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि देशभर में &amp;lsquo;पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम&amp;rsquo; सही तरीके से लागू नहीं हो रहा और इसमें लगातार कमी देखी जा रही है.
&amp;lsquo;जमीनी हकीकत से आंखें नहीं मूंद सकते&amp;rsquo;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी पर्यटक तक कुत्तों के काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं. अदालत ने माना कि यह एक गंभीर समस्या है और इससे निपटने के लिए राज्यों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 19 May 2026 13:38:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बाराबंकी में PM मोदी और CM योगी की अपील का असर, अधिकारियों संग पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे DM</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद बाराबंकी में भी पहल शुरू की गई है, इसी क्रम में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह अपने आवास से कलेक्ट्रेट तक पैदल पहुंचे.साथ ही लोगों को संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी देशहित में बड़ा योगदान बन सकते हैं. डीएम के साथ अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह भी पैदल चलते नजर आए.
बाराबंकी में प्रधानमंत्री की अपील का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी दिखाई देने लगा है. गुरुवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह अपने सरकारी आवास से कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय तक पैदल पहुंचे. इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वि/रा) निरंकार सिंह भी उनके साथ पैदल चलते नजर आए. जिलाधिकारी ने इस पहल के जरिए जनपदवासियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश दिया कि जहां संभव हो वहां वाहन का कम इस्तेमाल करें और पैदल चलने की आदत अपनाएं.
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पेट्रोलिय पदार्थो की बचत बेहद जरूरी
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पेट्रोलियम पदार्थों की बचत बेहद जरूरी है और प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए. डीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की गई है. यदि लोग छोटी दूरी के लिए वाहन की जगह पैदल चलना शुरू करें तो इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
डीएम ने गिनाए पैदल चलने के फायदे
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी पैदल चलना बेहद लाभकारी है. इससे शरीर स्वस्थ रहता है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है. डीएम ने कहा कि प्रशासन की कोशिश सिर्फ आदेश देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि अधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए.
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों की बचत किसी एक व्यक्ति या विभाग का काम नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. जनसहभागिता से ही ऐसे अभियान सफल हो सकते हैं. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि कार्यालय आने-जाने में जहां संभव हो वहां पैदल चलने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें.
स्वास्थ्य विभाग भी नहीं रहा पीछे
वहीं, बाराबंकी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अवधेश यादव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल और सरकारी व निजी वाहनों का कम प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं. सीएमओ ने इसे राष्ट्रहित से जुड़ा कदम बताते हुए सभी से बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है.
सीएमओ ने की सार्वजनिक वाहन उपयोग करने की अपील
सीएमओ डॉ अवधेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तरफ से जो अपील की गई है, उसे चिकित्सा विभाग में पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी और सरकारी गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल करें तथा जहां संभव हो वहां सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें.
इस अपील में सभी को बढ़ चढ़कर लेना चाहिए हिस्सा
डॉ अवधेश यादव ने कहा कि वह स्वयं भी सरकारी वाहन का बहुत कम प्रयोग करते हैं और केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही उसका इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक औपचारिक अपील नहीं बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है और इसमें सभी लोगों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए.
सीएमओ ने कहा कि देश सर्वोपरि है और यदि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर राष्ट्रहित में योगदान दिया जा सकता है तो हर व्यक्ति को इसके लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से कहा कि आम जनता के बीच भी इस संदेश को पहुंचाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल का हिस्सा बन सकें.
बाराबंकी प्रशासन की यह पहल अब चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में जिले में पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर ऐसे और अभियान चलाए जा सकते हैं.
UP में आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने की पहल, योगी सरकार चला रही विशेष अभियान ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बाराबंकी, में, मोदी, और, योगी, की, अपील, का, असर, अधिकारियों, संग, पैदल, कलेक्ट्रेट, पहुंचे</media:keywords>
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<title>PM की कटौती वाली अपील पर अजमेर दरगाह के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती बोले, &amp;apos;अल्लाह का शुक्र है कि...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन परिषद के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पीएम की अपील को देश के हर नागरिक को फॉलो करना चाहिए. हर किसी को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए ताकि पेट्रोल और डीजल की बचत हो सके. उन्होंने ये भी दावा किया कि संकट की घड़ी में भारत दूसरे देशों से बेहतर स्थिति में है.
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा, &#039;&#039;वैश्विक संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से स्पष्ट अपील की है और इस मुश्किल समय में हर नागरिक को उनकी अपील को गंभीरता से लेना चाहिए. दुनिया के अंदर जो हालात हैं, वो किसी से छिपे हुए नहीं हैं.&#039;&#039;

Ajmer, Rajasthan: Chairman of the All India Sufi Sajjadanashin Council (AISSC), Syed Naseeruddin Chishti says, &quot;Prime Minister Narendra Modi has made a clear appeal to the country because of the global crisis, and every citizen should take his appeal seriously in this difficult&amp;hellip; pic.twitter.com/KB0w1QijAO
&amp;mdash; IANS (@ians_india) May 14, 2026



पीएम मोदी वैश्विक स्थिति को बेहतर समझते हैं- सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती
नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, &#039;&#039;पीएम मोदी इस देश को चला रहे हैं तो वो वैश्विक स्थिति को बेहतर समझते हैं. मिसाल के तौर पर उन्होंने खुद अपने घर से इसकी शुरूआत की है. प्रधानमंत्री ने खुद अपने काफिले में कटौती की है. कई मंत्री और मुख्यमंत्री भी इसी राह पर चल रहे हैं. हर नागरिक को इसे फॉलो करना चाहिए, उन्हें अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए. जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो. संकट की घड़ी कोई सी भी हो, सभी को देश को मजबूत रखने में अपना योगदान देना चाहिए.&#039;&#039;
भैरोंसिंह शेखावत के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में अशोक गहलोत को नहीं बुलाया, BJP बोली- &#039;इस बारे में...&#039;
हम दूसरे मुल्कों से बेहतर स्थिति में हैं- सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;अल्लाह का शुक्र है कि संकट की इस घड़ी में हम दूसरे मुल्कों से बेहतर स्थिति में हैं. हमारे देश की सरकार ने आधिकारिक तौर पर ये कह दिया है कि हमें किसी चीज की कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन ऐहतिहात के तौर पर कदम उठाना जरूरी है. तो उसमें हर देश के नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना चाहिए.&#039;&#039;
NEET पेपर लीक में बीजेपी नेता का हाथ? कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग, सत्ताधारी दल ने झाड़ा पल्ला ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>की, कटौती, वाली, अपील, पर, अजमेर, दरगाह, के, सैयद, नसीरुद्दीन, चिश्ती, बोले, अल्लाह, का, शुक्र, है, कि...</media:keywords>
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<title>SIR की घोषणा पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, &amp;apos;हर नागरिक को इसे बहुत ही गंभीरता से...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की घोषणा कर दी है. अब इसे लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि असली वोटर्स का नाम कटना नहीं चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि एसआईआर को लेकर हर किसी को संबंधित तमाम डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए.&amp;nbsp;
वारिस पठान ने कहा, &#039;&#039;एसआईआर की जो प्रक्रिया शुरू हुई वो बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है. हर नागरिक को इसे बहुत की गंभीरता से लेनी चाहिए. हम पहले भी बोल रहे थे. असली वोटर्स का नाम कटना नहीं चाहिए. उसका वोट डालने का संवैधानिक अधिकार है. उसका नाम किसी वजह से नहीं हट जाए, जितने भी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत है, हम पहले से बोलते आ रहे हैं कि आप सब जमा करके रखिए ताकि जब बीएलओ आए तो बता सकते हैं. अभी मैपिंग चल रही थी, इसमें कई लोगों ने अपना नाम डालकर रजिस्टर्ड करवाया.&#039;&#039;&amp;nbsp;
एसआईआर के मद्देनजर एक ऐप तैयार किया गया- पठान
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;हमारी वाहिद एक पार्टी है, एक ही पार्टी है जिसने एसआईआर के मद्देनजर एक ऐप तैयार किया है. इस ऐप में आप देखेंगे कि 2002 में जिसका वोटर लिस्ट में नाम है वो भी है, 2024 का भी है. आप इसमें एपिक नंबर डालेंगे तो पूरी डिटेल्स मिल जाएगी. अभी हमारी पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी साहब महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आए थे, पार्टी से जुड़े राज्य के तमाम लोगों को बुलाया था और मीडिया को भी बुलाया गया था. यहां प्रेजेंटेशन भी दिखाया था कि देखिए इस तरह से हमारे ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका फायदा आप उठाइए ताकि किसी वास्तविक वोटर का नाम कट न जाए.&amp;nbsp;
लोगों को तमाम डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए- वारिस पठान
वारिस पठान ने ये भी कहा कि ये ऐप बहुत ही फायदेमंद है. हैदराबाद में ट्रेनिंग भी चालू है. कैंप लगाए जा रहे हैं. जब बीएलओ आएग तो वहां बीएलएस भी जाएंगे और सहयोग करेंगे ताकि किसी भी वोटर्स का नाम न कटे, ये बहुत ही अहम है क्योंकि भारत सरकार इसे एनपीआर, एनआरसी के साथ जोड़ रही है. जो लिस्ट दिया गया है, उससे संबंधित तमाम डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए. आप उस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं, उसमें पूरी तरह से समझ में आ जाएगा कि क्या करना है.&amp;nbsp;
किसी भी इंसान की नागरिकता नहीं जानी चाहिए- पठान
उन्होंने कहा, &#039;&#039;किसी भी इंसान की नागरिकता नहीं जानी चाहिए. इन्होंने घोषणा कर दी है, जून में चालू करेंगे. बीएलओ रहेंगे, हमारी पार्टी के तमाम लोग रहेंगे और हेल्प करेंगे. किसी की भी नागरिकता या किसी का भी वोटिंग अधिकार न छिने ये आश्वास्त करना चाहिए.&#039;&#039;&amp;nbsp;
PM मोदी का जिक्र कर शरद पवार का बड़ा बयान, &#039;जो लोग अपना काफिला छोटा कर रहे हैं उन्हें...&#039; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:45 +0530</pubDate>
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<media:keywords>SIR, की, घोषणा, पर, AIMIM, नेता, वारिस, पठान, बोले, हर, नागरिक, को, इसे, बहुत, ही, गंभीरता, से...</media:keywords>
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<title>&amp;apos;21 साल से कम उम्र के पुरुष को नहीं दी जा सकती कानूनी सुरक्षा&amp;apos;, लिव इन पर इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ इलाहाबाद हाईकोर्ट का लिव इन रिलेशनशिप को लेकर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा कि 21 साल से कम उम्र के पुरुष को कानूनी सुरक्षा नहीं दी जा सकती है. कोर्ट ने कहा कि लड़के की शादी कानूनी उम्र 21 साल तय की गई है, इसलिए अदालत ऐसे जोड़े को संरक्षण नहीं दे सकती है. कोर्ट ने बिजनौर के एक अंतर धार्मिक प्रेमी जोड़े की याचिका को खारिज करते हुए या आदेश दिया है.
दरअसल, 20 साल की मुस्लिम लड़की और 19 साल की हिंदू लड़के की ओर से याचिका दाखिल की गई थी, दोनों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी. याचिका में कहा गया था कि वह अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं, लेकिन लड़की के घर वाले उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं. जिस याचिका को जस्टिस गरिमा प्रसाद की सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया है.
Watch: प्रतीक की नन्ही परी की मासूमियत और चाचा अखिलेश का प्यार, ये भावुक पल आपकी आंखें आंसुओं से भर देगा
&#039;कानून को कमजोर करने के लिए नहीं किया जा सकता आजादी का इस्तेमाल&#039;
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यह देखा कि कानून में लड़की की शादी की उम्र 18 साल और लड़के की शादी की उम्र 21 साल तक की गई है. कोर्ट ने कहा कि कानून की बाध्यता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हर इंसान को अपनी मर्जी से अपने मन पसंद का जीवन साथी चुनने का पूरा अधिकार है, लेकिन साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि आजादी का इस्तेमाल कानून को कमजोर करने के लिए नहीं किया जा सकता है.
लड़के की उम्र 21 साल से कम तो वह मेच्योर नहीं- HC
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ तौर कहा है कि कानून की शक्तियों का इस्तेमाल किसी अवैध स्थिति को वैध बनाने के लिए नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगर लड़के की उम्र 21 साल नहीं है तो वह रिश्ता कानून की नजर में मेच्योर नहीं माना जाएगा.
सुरक्षा के लिए पुलिस से ले सकते हैं मदद- HC
कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें अपनी जान को का किसी तरह का खतरा है,तो हम मदद के लिए पुलिस के पास जा सकते है लेकिन कोर्ट ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है की माता-पिता या कानून को अपनी उचित कार्यवाही से रोका जाए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ना तो खतरे के कोई ठोस सबूत हैं और नहीं लड़के की उम्र पूरी है. कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी.
UP में आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने की पहल, योगी सरकार चला रही विशेष अभियान ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>21, साल, से, कम, उम्र, के, पुरुष, को, नहीं, दी, जा, सकती, कानूनी, सुरक्षा, लिव, इन, पर, इलाहाबाद, का, बड़ा, फैसला</media:keywords>
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<title>छत्तीसगढ़ के CM साय बोले, &amp;apos;पेट्रोल&#45;डीजल की कमी नहीं, भ्रामक सूचना से दूर रहें&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दावा किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. राज्य के निवासियों को किसी भी प्रकार से चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है. प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.&#039;&#039;
सीएम ने कहा, &#039;&#039;वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार ने प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से अपील की है कि वे अनावश्यक खरीदारी और संग्रहण से बचें. किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. मैं प्रदेशवासियों से भी आग्रह करता हूं कि संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें. केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें और किसी भी भ्रामक सूचना से दूर रहें.&#039;&#039;

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां&amp;hellip;
&amp;mdash; Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 14, 2026



&#039;संयम और सहयोग से ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी&#039;
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा, &#039;&#039;आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी. आइए, हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें. संयम, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें. हम सब मिलकर जिम्मेदार नागरिक बनें. संयम, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र हित में अपना योगदान सुनिश्चित करें.&#039;&#039;
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रायपुर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
दरअसल, छत्तीसगढ़ के रायपुर में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं. इसमें कोई सुबह से अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा है तो कोई कई पेट्रोल पंपों के चक्कर काटते-काटते उतना पेट्रोल जला चुका है, जितना भरवाने निकला था. हालात ऐसे हैं कि लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है. ऑफिस जाने वाले परेशान हैं. स्कूली बच्चों के अभिभावक परेशान हैं और सबसे ज्यादा मुश्किल उन लोगों के सामने खड़ी हो गई है जिनका रोज़गार ही गाड़ियों पर निर्भर है.
रायपुर में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत से लोग परेशान
राजधानी के कई पेट्रोल पंपों में कथित तौर पर या तो पेट्रोल खत्म हो चुका है या फिर सीमित मात्रा में दिया जा रहा है. घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को यह भरोसा नहीं कि उनकी बारी आने तक पेट्रोल बचेगा या नहीं. वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल पंपों की लंबी कतारों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं जो हालात की गंभीरता को साफ दिखा रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर बाइक और कारों की लंबी कतार ने हर किसी को इस बात के लिए परेशान कर दिया है कि उनके नंबर आने तक कहीं पेट्रोल पंप ड्राई ना हो जाये.&amp;nbsp;
MSP बढ़ोतरी पर CM विष्णुदेव साय ने जताया पीएम मोदी का आभार, बोले- किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक फैसला ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, के, साय, बोले, पेट्रोल-डीजल, की, कमी, नहीं, भ्रामक, सूचना, से, दूर, रहें</media:keywords>
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<title>NEET Paper Leak: फिजिक्स में 9, बायोलॉजी में 20 नंबर…जिसने खरीदा NEET का पेपर, उसकी मार्क्सशीट चौंकाने वाली, ये बन जाता डॉक्टर</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान के जयपुर जिले के जमवारामगढ़ स्थित बिवाल परिवार से जुड़े NEET पेपर लीक मामले में अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. जिस छात्र ऋषि के लिए कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदे जाने की बात कही जा रही है, उसकी 12वीं की मार्कशीट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, ऋषि 12वीं की परीक्षा सेकंड डिवीजन से पास हुआ था और उसे कई विषयों में बहुत कम अंक मिले थे. बताया गया है कि थ्योरी परीक्षा के कुल 56 अंकों में उसे फिजिक्स में सिर्फ 9 अंक, केमिस्ट्री में 15 अंक और बायोलॉजी में केवल 20 अंक मिले थे. वह ग्रेस अंकों की मदद से परीक्षा पास कर पाया.

परीक्षा सिस्टम की ट्रांसपिरेंसी पर सवाल
इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अगर कथित पेपर लीक का खुलासा नहीं होता तो संभव है कि यही छात्र NEET में अच्छे अंक लाकर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला हासिल कर लेता. ऐसे में एक कमजोर प्रदर्शन करने वाला छात्र डॉक्टर बनने की राह पर पहुंच जाता. इस मामले ने परीक्षा सिस्टम की ट्रांसपिरेंसी और मेडिकल एजुकेशन की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अगर अयोग्य छात्र गलत तरीके से मेडिकल कॉलेज में पहुंचेंगे तो भविष्य में इसका असर सीधे स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा पर पड़ेगा. पेपर लीक जैसी घटनाएं सिर्फ परीक्षा की निष्पक्षता को नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ भी बड़ा अन्याय करती हैं. साथ ही इससे समाज का शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर भरोसा भी कमजोर होता है.
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
&amp;nbsp;
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार (15 मई 2026) को घोषणा की कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर सुधारों के तहत अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी. प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्र और उनका भविष्य है. उन्होंने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा के संचालन में पाई गई अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
&amp;nbsp;
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>NEET Exam Paper Leak: NEET पेपर लीक के बाद IMA को सता रहा ये डर, जानें क्यों लिखी केंद्रीय शिक्षामंत्री को चिट्ठी?</title>
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<description><![CDATA[ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA ने NEET परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेटर लिखा है. इस पत्र में IMA ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA और परीक्षा से जुड़े उन लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है, जिन पर किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने का आरोप है. IMA ने अपने लेटर में कहा है कि NEET परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद ने छात्रों, अभिभावकों और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है. संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए पूरे मामले की साफ और समय सीमा के अंदर जांच होनी चाहिए.
डॉक्टरों की इस संस्था ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि जो लोग या संस्थाएं किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी के दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं. IMA का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की ईमानदारी और भरोसे को बनाए रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा होता है. IMA ने शिक्षा मंत्रालय से परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की भी अपील की है, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. संगठन का मानना है कि परीक्षा सिस्टम में सुधार करना अब बेहद जरूरी हो गया है.

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IMA writes letter to Union Minister of Education, Dharmendra Pradhan over NEET issue, demands &#039;immediate action against NTA and the culprits involved&#039;. pic.twitter.com/SwKjKE9Cxq
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) May 15, 2026



दोबारा होगा नीट एग्जाम
NEET विवाद को लेकर देशभर में लगातार चर्चा हो रही है. छात्र और कई विपक्षी दल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और NTA के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं. इसी बीच IMA का यह पत्र मामले को और गंभीर बना रहा है. हालांकि, NTA ने नीट परीक्षा की नई तारीख जारी कर दी है. एग्जाम कैंसिल होने के बाद 21 जून को दोबारा से नीट की परीक्षा होगी.
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दिया इस्तीफा, नंदीग्राम या भवानीपुर कौन सी सीट छोड़ी?</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा सीट पर बंपर वोटों के साथ जीत हासिल की थी. हालांकि, अब उन्हें कोई एक सीट छोड़नी थी इसलिए उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया है.&amp;nbsp;
शुभेंदु अधिकारी ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि नंदीग्राम के लोगों के साथ उनका रिश्ता हमेशा रहेगा. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, &#039;नंदीग्राम के साथ मेरा किसी भी तरह का चुनावी संबंध नहीं है. मेरा नंदीग्राम के साथ गहरा रिश्ता है और मेरे मरने के तक रहेगा.&#039;
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष रतिंद्र बोस को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. नियमों के अनुसार नतीजे घोषत होने के बाद 14 दिन के अंदर इस्तीफा करना होता है. उनके इस्तीफे के बाद अब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव होगा.
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नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने 9 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को हराया था. शुभेंदु को यहां 1,27,301 वोट मिले थे, जबकि पवित्र कर के खाते में 1,17, 636 वोट आए. उधर, भवानीपुर विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व सीएम और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को पटखनी दी थी. शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था. हालांकि, मतों की गिनती के शुरुआती राउंड्स में दोनों के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन 20वें राउंड के बाद शुभेंदु को 73,917 और ममता को 58,812 वोट मिले.
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यह दूसरी बार है जब ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के सामने हार का सामना करना पड़ा है. 2021 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को चुनौती दी थी और वह यह चुनाव जीत गए थे. इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और जीत गईं. ममता बनर्जी 2011 से भवानीपुर सीट से जीतती रही हैं और यह सीट टीएमसी का गढ़ मानी जाती है, लेकिन इस बार टीएमसी को यहां हार का सामना करना पड़ा है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बंगाल, के, सीएम, शुभेंदु, अधिकारी, ने, दिया, इस्तीफा, नंदीग्राम, या, भवानीपुर, कौन, सी, सीट, छोड़ी</media:keywords>
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<title>&amp;apos;...खनन पट्टा धारकों के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं करेंगे&amp;apos;, अरावली विवाद पर बोला सुप्रीम कोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को कहा कि वह खनन पट्टा धारकों के पक्ष में फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं करेगा. कोर्ट ने कहा कि उसे अरावली पहाड़ियों को लेकर काफी चिंताजनक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं इसलिए वह अभी कोई आदेश पारित नहीं करेगा.
देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामले का उल्लेख किए जाने पर कहा, &#039;हम इस मामले की टुकड़ों में सुनवाई नहीं करेंगे. जब तक हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं देंगे.&#039;&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट &#039;अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की परिभाषा और संबंधित मुद्दे&#039; शीर्षक से स्वतः संज्ञान लेते हुए एक मामले की सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में विशेष पारिस्थितिकीय मुद्दे जुड़े हुए हैं. फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय और अन्य पक्षकारों से अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला की परिभाषा तय करने के लिए एक समिति बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों के नाम सुझाने को कहा था.
सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने मामले का उल्लेख करने वाले वकील से कहा कि अगर किसी खनन पट्टे को रद्द किया जाता है, तो संबंधित पक्ष उसे चुनौती दे सकता है. बेंच ने कहा, &#039;हम अभी खनन पट्टा धारकों के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं करेंगे. यह एक संवेदनशील मामला है.&#039;
यह भी पढ़ें:- Supreme Court News: चुनाव आयुक्तों की चयन समिति में कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, कहा - &#039;तीसरे व्यक्ति को...&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला की एक समान परिभाषा स्वीकार करते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में इसके दायरे में आने वाले क्षेत्रों में विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने तक नए खनन पट्टे देने पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत शृंखला की सुरक्षा के लिए इसकी परिभाषा को लेकर मंत्रालय की समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया था.
समिति ने सिफारिश की थी कि अरावली पहाड़ी उस भू-आकृति को माना जाए, जिसकी ऊंचाई निर्धारित अरावली जिलों में स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या उससे अधिक हो, जबकि अरावली पर्वतमाला ऐसी दो या अधिक पहाड़ियों का समूह होगा, जो एक-दूसरे से 500 मीटर के भीतर स्थित हों.
सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को अरावली की नई परिभाषा को लेकर उठे विरोध का संज्ञान लेते हुए 20 नवंबर के अपने आदेश को स्थगित कर दिया था, जिसमें पहाड़ियों और पर्वतमाला की एक समान परिभाषा स्वीकार की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सभी खनन गतिविधियों पर भी रोक लगा दी थी.
यह भी पढ़ें:- उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रद्द किया दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गंभीर अस्पष्टताओं को दूर करने की जरूरत है, जिनमें यह सवाल भी शामिल है कि 100 मीटर ऊंचाई और पहाड़ियों के बीच 500 मीटर की दूरी का मानदंड कहीं पर्वतमाला के बड़े हिस्से को पर्यावरणीय संरक्षण से वंचित तो नहीं कर देगा.
पीठ ने कहा था, &amp;lsquo;&amp;lsquo;पर्यावरणविदों के बीच भारी आक्रोश देखने को मिला है. उन्होंने नयी परिभाषा और अदालत के निर्देशों की संभावित गलत व्याख्या और अनुचित क्रियान्वयन को लेकर गहरी चिंता जताई है.&amp;rsquo;&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>...खनन, पट्टा, धारकों, के, पक्ष, में, कोई, आदेश, पारित, नहीं, करेंगे, अरावली, विवाद, पर, बोला, सुप्रीम, कोर्ट</media:keywords>
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<title>पुलिस की गाड़ियों के बीच सिलेंडर की लॉरी, लूट से बचाने के लिए इतनी तगड़ी सुरक्षा, देखने के लिए लगी भीड़</title>
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<description><![CDATA[ एक अजीब और पहले कभी न हुई घटना, जिसकी चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है. तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में गैस सिलेंडर ले जा रही गाड़ी को पूरी तरह से VIP-स्टाइल सुरक्षा एस्कॉर्ट दिया गया. यह अजीब नज़ारा पेद्दा मुप्पारम गांव में देखने को मिला, जिससे वहां के लोग हैरान रह गए साथ ही मजे भी लेने लगे.&amp;nbsp;
आम तौर पर पुलिस जीप और हथियारबंद जवानों के साथ ऐसी बड़ी सुरक्षा व्यवस्थाएं नेताओं, सरकारी अधिकारियों या VVIPs के लिए होती हैं, लेकिन यहां पुलिस एस्कॉर्ट एक साधारण लॉरी को दिया गया था, जो खाना पकाने वाला गैस सिलेंडर ले जा रही थी. सूत्रों के अनुसार यह अनोखी सुरक्षा देने का फ़ैसला स्थानीय अधिकारियों ने खास खुफिया जानकारी मिलने के बाद लिया था.&amp;nbsp;
अधिकारियों को सता रहा था लूट का डरअधिकारियों को कथित तौर पर डर था कि रास्ते में गैस सिलेंडरों की लूट हो सकती है. आस-पास के इलाकों में हाल ही में ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां सिलेंडर से लदी गाड़ियों को बदमाशों ने निशाना बनाया और फिर उन सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में बहुत ज़्यादा कीमतों पर बेच दिया. जिले के कई हिस्सों में घरेलू गैस सिलेंडरों की चल रही कमी के बीच, ब्लैक मार्केट में इनकी मांग काफ़ी बढ़ गई है. ऐसी में लूट की कोशिश को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने ये बड़ा कदम उठाया.

सड़क चौराहों पर लगी लोगों की भीड़&amp;nbsp;यह पूरा ऑपरेशन 2 सब-इंस्पेक्टरों की सीधी देखरेख में किया गया. एक काफ़िला बनाया गया, जिसमें गैस सिलेंडर वाली गाड़ी को दो पुलिस जीपों के ठीक बीच में चलाया गया. एक जीप आगे चल रही थी और दूसरी पीछे. हथियारबंद पुलिस कांस्टेबल पूरी यात्रा के दौरान काफ़िले के साथ रहे. एक आम गाड़ी को पूरे सरकारी प्रोटोकॉल के साथ एस्कॉर्ट होते देखने के लिए कई सड़क चौराहों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.&amp;nbsp;
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालइस असाधारण सुरक्षा व्यवस्था ने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है. यह सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को गैस सिलेंडरों की रोज़मर्रा की सप्लाई की सुरक्षा के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था क्यों करनी पड़ी. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ज़िले में सिलेंडरों की कमी इतनी गंभीर हो गई है कि प्रशासन को अब लूट का डर सता रहा है, जो अपने आप में सरकार की नाकामियों का एक बड़ा सबूत है.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
48 घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म! रूसी तेल खरीद पर फिर से लगेगी रोक? तेल कंपनियों की बढ़ी टेंशन ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:09:37 +0530</pubDate>
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<title>Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव के निधन पर CM योगी ने जताया दुख, जानें क्या कहा?</title>
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<description><![CDATA[ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का लखनऊ में निधन हो गया. देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार (13 मई) की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. प्रतीक यादव के अचानक निधन से लोग स्तब्ध हैं. यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक की मौत से सियासी गलियारों में भी शोक की लहर है. इसपर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया आई है. सीएम योगी ने प्रतीक के निधन पर शोक व्यक्त किया.
योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट के जरिए प्रतीक यादव की मृत्यु पर दुख जताया और लिखा, &quot;उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के बेटे और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का अचानक निधन अत्यंत दुखद है. मेरी ओर से हार्दिक श्रद्धांजलि. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्राप्त हो और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति मिले. ॐ शांति!&quot;

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, &#039;पद्म विभूषण&#039;, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव जी के पति श्री प्रतीक यादव जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि।मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ&amp;hellip;
&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 13, 2026



केशव प्रसाद मौर्य ने भी जताया दुख
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर पोस्ट किया, &quot;उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव जी के अचानक निधन की खबर अत्यंत दुखद है. मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को शक्ति प्रदान करें.&quot;
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ के अस्पताल में ली आखिरी सांस ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Prateek Yadav Death: स्कूल से शुरू हुई दोस्ती, ई&#45;मेल से बढ़ा प्यार, ऐसी रही अपर्णा और प्रतीक यादव की लव स्टोरी</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की लव स्टोरी भी कम दिलचस्प नहीं है. दोनों एक ही स्कूल में साथ पढ़ते थे, लेकिन कभी कोई बातचीत या मुलाक़ात नहीं हुई. फिर एक दिन एक पार्टी में दोनों की बातचीत हुई तो ई-मेल आईडी शेयर किए गए. 2001 के आस-पास दोनों तरफ से मेल का सिलसिला शुरू हुआ. शुरुआत में अपर्णा मेल रोज चेक नहीं करती थीं. फिर उन्होंने प्रतीक के मेलों का जबाब देना शरू किया. इसके बाद दोनों की प्रेम कहानी शुरू हो गयी.
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की लव स्टोरी करीब 10 साल तक चली. इसके बाद दोनों ने अपने-अपने परिवार को बताया, जिसके बाद 4 दिसंबर 20 11 को दोनों की शादी हो गयी. दोनों के दो बच्चे भी हैं. प्रतीक को जिम और रियल एस्टेट में रूचि है, जबकि अपर्णा की राजनीति में.
लखनऊ में शाही अंदाज में हुई थी शादी&amp;nbsp;
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक के चलते एक भव्य समारोह में हुई. सपा सुप्रीमो मौअलाय्म सिंह यादव ने लखनऊ में भव्य समारोह आयोजित करवाया था. जिसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अनिल अंबानी समेत कई वीवीआईपी पहुंचे थे. लखनऊ के साथ साथ सैफई में भी कई प्रोग्राम आयोजित किए गए थे.
अपर्णा को मुलायम राजनीति में लेकर आए&amp;nbsp;
अपर्णा यादव की राजनीति में दिलचस्पी देखते हुए मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 2017 में पहली बार सपा से लखनऊ कैंट से टिकट दिया, लेकिन वे बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी से हार गयीं थीं. इसके कुछ समय बाद ही अपर्णा का झुकाव बीजेपी की ओर हो गया. यूपी चुनाव 2022 से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. तब से वे अभी भी बीजेपी में ही हैं.
यही नहीं पिछले दिनों दोनों में किसी बात को लेकर तनाव भी बढ़ गया था, जिसके बाद प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट भी किया था, जो काफी वायरल हुआ था. बाद में दोनों ने गलतफहमी होने की बात कही थी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>प्रतीक यादव को थी फेफड़ों से जुड़ी यह गंभीर बीमारी, 38 साल की उम्र में अचानक हुआ निधन</title>
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<description><![CDATA[ अपर्णा यादव के पति और अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के अचानक निधन से सभी हैरान हैं. महज 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने बुधवार, 13 मई की सुबह लखनऊ में अंतिम सांस ली. बताया जा रहा है कि देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी. सूत्रों की मानें तो घर पर ही प्रतीक यादव के शरीर में हलचल नहीं देखी जा सकी, जिसके बाद उन्हें आनन फानन में अस्पताल लाया गया था.
सूत्रों के हवाले से एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है. सूत्रों की मानें तो प्रतीक यादव को लंग्स से जुड़ी गंभीर बीमारी थी. उनके फेफड़ों में क्लॉट था और उनका इलाज लंबे समय से मेदांता अस्पताल में चल रहा था. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>PM मोदी की अपील पर एक्शन में राजस्थान सरकार, CM भजनलाल शर्मा ने घटाए काफिले के वाहन</title>
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<description><![CDATA[ देश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब राजस्थान सरकार भी एक्टिव मोड में नजर आ रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी काफिलों और अधिकारियों के वाहनों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब सरकारी कार्यक्रमों और दौरों के दौरान अनावश्यक वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या सीमित रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा है कि सुरक्षा के नाम पर जरूरत से ज्यादा गाड़ियां नहीं चलनी चाहिए. केवल जरूरी वाहन ही काफिले का हिस्सा बनें. माना जा रहा है कि यह फैसला बढ़ते ईंधन खर्च और मौजूदा हालात को देखते हुए लिया गया है.
NEET 2026 पेपर लीक में बड़ा खुलासा: 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों के नाम आए सामने, CBI ने जांच संभाली
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी सख्त निर्देश
सीएम ने सिर्फ अपने काफिले तक यह फैसला सीमित नहीं रखा, बल्कि राज्य के सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी वाहन इस्तेमाल में कमखर्ची बरतने के निर्देश दिए हैं. कहा गया है कि सरकारी कामकाज के दौरान कम से कम वाहनों का उपयोग किया जाए और जहां संभव हो, एक ही वाहन में यात्रा की जाए.
सरकार की तरफ से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की बचत समय की जरूरत है. ऐसे में अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचना चाहिए. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सभी विभागों में इसको लेकर निगरानी भी बढ़ाई जा सकती है.
मुख्य सचिव समेत सभी विभागों को निर्देश जारी
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मुख्य सचिव सहित सभी विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सरकार चाहती है कि ईंधन बचत का संदेश सिर्फ आम जनता तक ही नहीं बल्कि सरकारी व्यवस्था में भी दिखाई दे.
&#039;हमारा मनोबल टूट गया, मेहनत पर पानी फिरा...&#039;, नीट परीक्षा रद्द होने पर छलका स्टूडेंट्स का दर्द
राजस्थान सरकार के इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है. अब देखने वाली बात होगी कि इसका असर दूसरे राज्यों में भी देखने को मिलता है या नहीं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:58 +0530</pubDate>
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<title>Prateek Yadav Death: &amp;apos;जी मैं घर पर था...&amp;apos; प्रतीक यादव के निधन के बाद इस शख्स ने किया बड़ा दावा</title>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर्स ने बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बच पाए.
&amp;nbsp;
जी मैं घर पर था...&#039; मैं पांच बजे घर पहुंचा और वहां से सीधे सिविल अस्पताल आ गए.&amp;nbsp;
तबीयत खराब थी तभी मैैं पहुंचा था. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सोनिया गांधी की फिर तबीयत खराब, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती, राहुल&#45;प्रियंका भी मौजूद</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी की तबीयत फिर खराब हो गई है. उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सोनिया गांधी के साथ उनके बेटे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी आंख की समस्या को लेकर मेदांता अस्पताल में भर्ती हुई हैं. ये भी सामने आया है कि वह थोड़ी देर में अस्पताल से डिस्चार्ज होंगी. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनके साथ ही मौजूद हैं और उन्हें साथ लेकर ही घर वापस लौटेंगे.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;सोनिया गांधी की अचानक बिगड़ी तबीयत, सर गंगाराम अस्पताल के लिए हुईं रवाना
सोनिया गांधी की तबीयत ठीक नहीं रहती है. उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं,फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं और सांस से जुड़ी दिक्कत रहती हैं. उनका सर गंगा राम अस्पताल, शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चलता है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;सर गंगाराम अस्पताल से डिस्चार्ज हुईं सोनिया गांधी, 6 दिनों बाद मिली छुट्टी, अब घर पर ही चलेगा इलाज
सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सबसे प्रमुख हस्तियों में से एक हैं और उन्होंने दशकों तक पार्टी के नेतृत्व को आकार देने में केंद्रीय भूमिका निभाई है. वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की मां हैं. ऐसे समय में जब केरल में पार्टी को बहुमत मिला है और वहां मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाना है, ऐसे में उनकी तबीयत खराब होने से इसमें देरी हो सकती है.&amp;nbsp;
सोनिया गांधी ने कब की राजनीति में एंट्री?
राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी कई वर्षों तक राजनीति से दूर रहीं, लेकिन पार्टी नेताओं के बार-बार अनुरोध पर उन्होंने 1997 में सक्रिय सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया.&amp;nbsp;
1998 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला और लगातार 22 वर्षों तक पार्टी का नेतृत्व किया, जिससे वे पार्टी के इतिहास में सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली महिला बन गईं. बाद में वे 2019 में फिर से इस पद पर लौटीं और तीन और वर्षों तक इस भूमिका में बनी रहीं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;मासिक धर्म को कलंक की तरह समझा जाता है...&amp;apos;, सबरीमाला मंदिर मामले में तीखी बहस, SC बोला&#45; ये भक्त के नजरिए पर...</title>
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<description><![CDATA[ सबरीमाला मंदिर मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मई, 2026) को कहा कि मासिक धर्म वर्जना या कलंक है, अगर आपको उसको उस नजरिए से देखते हैं. सवाल ये है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं. कोर्ट ने उस वक्त यह टिप्पणी की जब एक वकील ने कोर्ट में कहा कि अक्सर मासिक धर्म को वर्जना या कलंक के रूप में देखा जाता है.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मामले में एक हस्तक्षेपकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विजय हंसारिया ने कहा कि सबरीमाला मंदिर के संदर्भ में महिलाओं को प्रवेश से रोकने का आधार उनके मासिक धर्म की उम्र है. उन्होंने कहा, &#039;मान लीजिए मैं 10 साल की लड़की हूं और अपने परिवार के साथ (सबरीमाला मंदिर) जा रही हूं... मासिक धर्म को अक्सर एक वर्जना और कलंक के रूप में देखा जाता है.&#039; इस पर जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की, &#039;यह वर्जना तब है अगर आप इसे उसी नजरिए से देखते हैं. सवाल यह है कि आप इसे कैसे देखते हैं, एक &amp;lsquo;भक्त&amp;rsquo; इसे कैसे देखता है... न कि एक गैर-भक्त कैसे देखता है.&#039;
विजय हंसारिया ने दलील दी कि अगर सरकार की तरफ से कोई सामाजिक कल्याण कानून बनाया जाता है, तो उसे बरकरार रखा जाना चाहिए और उसे किसी धार्मिक प्रथा के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि संविधान निर्माताओं ने समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कानून बनाए थे और नौ-सदस्यीय संविधान पीठ इसे &amp;rsquo;उलट&amp;rsquo; नहीं सकती.
14वें दिन की सुनवाई में केरल सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता ने दलील दी कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म के मूल पहलुओं को हटाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा, &#039;हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पहलू पवित्र स्थलों पर पूजा का अधिकार है. यह पूजा पवित्र स्थलों पर ही की जाती है और अगर इसे खत्म किया जाता है यह उनके (हिंदू धर्म के अनुयायियों के) अधिकारों का उल्लंघन होगा.&#039; जस्टिस नागरत्ना ने उनकी दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &#039;समाज सुधार के नाम पर संविधान के अनुच्छेद 25(1) के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता.&#039;
यह भी पढ़ें:- &#039;कई हजार नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं....&#039;, दाऊदी बोहरा समुदाय में बच्चियों की खतना प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर कहा, &#039;अगर इस देश के लोग अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से एक स्वर में यह मांग करते हैं कि इस मुद्दे पर सामाजिक सुधार की आवश्यकता है, तो संभवतः अदालत इसे सामाजिक सुधार के रूप में स्वीकार करेगी, लेकिन अगर यह लोगों की इच्छा और सहमति के खिलाफ है, उनपर कुछ थोपा जाता है या उन्हें चुप कराने के नियम की तरह इस्तेमाल किया जाता है, तो अदालत हस्तक्षेप कर सकती है.&#039;
यह भी पढ़ें:- महिलाओं में खतना की तुलना पुरुषों से करने पर सीनियर वकील पर भड़का SC, कहा- फैक्ट्स ठीक करिए, मुझे हैरानी है कि...
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 9 जजों की संविधान बेंच केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी. यह बेंच धार्मिक स्वतंत्रता के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही है, जिनमें दाऊदी बोहरा समुदाय से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं.
संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, जस्टिस प्रशांत बी. वराले, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल हैं.aa ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>विजय थलापति ने तमिलनाडु विधानसभा में साबित किया बहुमत, जानें TVK के समर्थन में कितने पड़े वोट? </title>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु विधानसभा के फ्लोर टेस्ट वाली अग्निपरीक्षा विजय थलापति ने पास कर ली है. विजय सरकार को फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि प्रमुख विपक्षी दलों ने फ्लोर टेस्ट की वोटिंग से पहले सदन से वॉकआउट कर दिया. इसके साथ ही टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया.
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके गठबंधन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा, लेकिन उसके पास अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं था. कांग्रेस, CPI, CPI (M), VCK, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और कुछ निर्दलीय एवं छोटे दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाई थी. फ्लोर टेस्ट के दौरान गठबंधन को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला है.&amp;nbsp;
विजय ने सदन में पेश किया था विश्वास प्रस्ताव
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया. चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के सहयोगी दलों ने सरकार के समर्थन में अपनी बात रखी, जबकि विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. हालांकि मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रमुख विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;तमिलनाडु के CM बने थलापति विजय तो आया इस देश के प्रधानमंत्री का रिएक्शन, कहा- एक उंगली की क्रांति...
चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
TVK विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है. उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह गई है. वीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं. इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है. हालांकि विजय की पार्टी को फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों ने अपना समर्थन दिया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले विजय के लिए खुशखबरी, SC ने TVK विधायक के मतदान पर लगी रोक हटाई</title>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु में टीवीके के विधायक सीनिवास सेतुपति को सदन में मतदान से रोकने वाले आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. कोर्ट ने बुधवार (13 मई, 2026) को सुनवाई की और इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया है. अब अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी.
सीनिवास सेतुपति को मद्रास हाईकोर्ट ने विधानसभा के &#039;फ्लोर टेस्ट&#039; में हिस्सा लेने से रोक दिया था. उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:44 +0530</pubDate>
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<media:keywords>तमिलनाडु, विधानसभा, में, फ्लोर, टेस्ट, से, पहले, विजय, के, लिए, खुशखबरी, ने, TVK, विधायक, के, मतदान, पर, लगी, रोक, हटाई</media:keywords>
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<title>NEET UG 2026 Exam Cancelled: 11 साल बाद दोहराया इतिहास! AIPMT पेपर लीक कांड से नहीं लिया सबक, NTA ने पहली बार परीक्षा रद्द क्यों की?</title>
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<description><![CDATA[ NEET-UG 2026 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अचानक रद्द कर दिया. यह परीक्षा 3 मई को देशभर के 22.05 लाख अभ्यर्थियों के लिए एक ही पाली में आयोजित की गई थी. 12 मई (मंगलवार) परीक्षा रद्द होने के पीछे राजस्थान में सामने आया एक बड़ा पेपर लीक मामला है, जिसकी जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. यह पहला मौका है जब NTA ने NEET-UG को पूरी तरह से रद्द किया है. इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे, लेकिन तब सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था.
इस बार...

7 मई 2026: NTA को पहली बार सूचना मिली कि NEET-UG 2026 में गड़बड़ हुई है. यह सूचना एक PDF फाइल के बारे में थी जो व्हाट्सएप पर घूम रही थी और जिसमें परीक्षा के प्रश्नों से मिलते-जुलते प्रश्न थे. NTA ने 8 मई को इस मामले को जांच एजेंसियों को भेज दिया.
10-11 मई: NTA ने एक बयान जारी कर कहा कि मामला जांच के हो रही है और &#039;बहुत बड़ी संख्या में ईमानदार अभ्यर्थियों के प्रयास और अखंडता पर कोई सवाल नहीं है और इसे कम नहीं आंका जाएगा.&#039; इस बीच, राजस्थान पुलिस के विशेष कार्य बल (SOG) ने खुलासा किया कि उन्हें एक &#039;गेस पेपर&#039; (अनुमानित प्रश्न पत्र) मिला है जिसमें 410 प्रश्न थे, जिनमें से 120 प्रश्न असली परीक्षा में पाए गए.
12 मई: NTA ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की. NTA ने यह भी साफ कहा कि दोबारा परीक्षा के लिए किसी नए रजिस्ट्रेशन या फीस की जरूरत नहीं होगी. साथ ही, केंद्र सरकार ने इस मामले की CBI जांच के आदेश दे दिए.

&#039;गेस पेपर&#039; का खेल क्या है?
इस पूरे मामले की जड़ एक &#039;गेस पेपर&#039; है, जो एक PDF फाइल थी. यह फाइल व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों पर &#039;Forwarded Many Times&#039; (कई बार आगे बढ़ाई गई) टैग के साथ घूम रही थी.

कितने प्रश्न मिले: इस PDF में 410 प्रश्न थे, जिनमें से 120 से 135 प्रश्न NEET-UG की वास्तविक परीक्षा में बिल्कुल हू-ब-हू पाए गए. इनमें 45 कैमिस्ट्री और 90 बायोलॉजी के प्रश्न शामिल थे, जो अपने उत्तरों के साथ मिलान करते थे.
लीक का नेटवर्क: जांच में पता चला कि यह &#039;गेस पेपर&#039; राजस्थान के सीकर और झुंझुनू जिलों में कोचिंग हब के जरिए फैला. यह PDF पहले नासिक के एक मेडिकल छात्र तक पहुंची और फिर व्हाट्सएप से राजस्थान के छात्रों तक पहुंचाई गई. यह लीक राजस्थान के चूरू जिले के एक MBBS छात्र से शुरू हुआ, जो केरल में पढ़ता है और उसने यह फाइल सीकर के अपने दोस्तों को भेजी.
कीमत: यह गेस पेपर 30,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक में बेचा गया.
गिरफ्तारियां: राजस्थान SOG ने अब तक 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें जयपुर का एक व्यक्ति मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. नासिक के एक आयुर्वेदिक मेडिकल स्टूडेंट शुभम खैरनार को भी हिरासत में लिया गया है, जिसके पास से इस &#039;गेस पेपर&#039; की कॉपी मिली है.

NTA ने पेपर ही क्यों रद्द कर दिया?
NTA के डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने कहा कि एजेंसी ने &#039;जीरो टॉलरेंस&#039; का रुख अपनाया है. उन्होंने कहा, &#039;हमें उनकी चाल को नाकाम करना होगा, भले ही यह एक मुश्किल फैसला हो. यह NTA, छात्रों या माता-पिता के लिए आसान नहीं है.&#039; NTA ने पाया कि परीक्षा प्रक्रिया &#039;दूषित&#039; हो गई थी और इसे जारी रखना ईमानदार छात्रों के साथ अन्याय होता.
पहले के पेपर लीक मामलों में क्या हुआ?
NEET-UG के इतिहास में पेपर लीक के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, लेकिन हर बार परिणाम अलग रहे:

NEET-UG 2024: यह मामला झारखंड के हजारीबाग और बिहार के पटना से जुड़ा था. CBI जांच में पता चला कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्न पत्र चुरा लिया गया था और उसे पटना के एक हॉस्टल में बेच दिया गया था. हालांकि, बड़े पैमाने पर विरोध के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया कि &#039;रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रश्न पत्र के सिस्टम का लीकेज का सबूत नहीं देती है.&#039; उस समय सिर्फ 1,563 छात्रों के लिए &#039;ग्रेस मार्क्स&#039; को लेकर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी.
UGC-NET 2024: यह परीक्षा एक दिन बाद ही रद्द कर दी गई थी, क्योंकि आशंका थी कि इसका पेपर डार्कनेट पर लीक हो गया था. CSIR-UGC NET और NEET-PG को भी स्थगित कर दिया गया था.

मेडिकल इंट्रेंस एग्जाम का रद्द होना: 2015 का वह ऐतिहासिक फैसला
NEET-UG से पहले 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय प्री-मेडिकल/प्री-डेंटल टेस्ट (AIPMT) को रद्द कर दिया था, जिसे तब CBSE आयोजित करता था. यह मामला भी इस बार की तरह ही था. तब हरियाणा के रोहतक में पुलिस ने चार संदिग्धों को माइक्रो सिम और ब्लूटूथ डिवाइस लगी जैकेट पहने हुए पकड़ा था, जो परीक्षा के दौरान आंसर की तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. कोर्ट ने इसे &#039;परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने&#039; के लिए रद्द किया था और चार हफ्तों के अंदर दोबारा परीक्षा का आदेश दिया था.
2016 में AIPMT की जगह NEET-UG ने ले ली और 2019 से इसका आयोजन NTA कर रही है.
तो क्या 2015 से कोई सबक सीखा गया?
2024 के विवाद के बाद सरकार ने पूर्व ISRO चीफ डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय समिति बनाई थी. इस समिति ने 101 सिफारिशें की थीं. इन सिफारिशों में प्रमुख थे:

परीक्षा केंद्रों को जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में सील करना
NTA का राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करना
परीक्षा को कंप्यूटर आधारित और कई पालियों में कराना, ताकि लीक का खतरा कम हो

NTA ने दावा किया था कि 2026 की परीक्षा के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे, जैसे:

परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक वैरिफिकेशन
5G जैमर की तैनाती
प्रश्न पत्रों को GPS से लैस गाड़ियों ले जाना
AI-सहायता प्राप्त CCTV निगरानी

हालांकि, समिति की कई अहम सिफारिशें अभी भी लागू नहीं हो पाई हैं. उदाहरण के लिए, NEET-UG अभी भी पेन-पेपर मोड में होती है, कंप्यूटर बेस्ड नहीं. NTA ने मजबूरियां गिनाते हुए कहा कि कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा पर कोई भी फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को लेना है.
अब आगे छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

दोबारा परीक्षा: NTA जल्द ही नई तारीखों का ऐलान करेगा. छात्रों के पुराने एडमिट कार्ड और रजिस्ट्रेशन डिटेल्स मान्य रहेंगे.
शुल्क वापसी: जिन छात्रों ने एग्जाम फीस जमा की थी, उन्हें यह राशि वापस कर दी जाएगी. दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.
CBI जांच: केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले की तह तक जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें करेगी.

एक तरफ लाखों छात्र सालों की मेहनत करते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ गिरोह पैसे के दम पर इसकी साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं. सवाल यह है कि क्या इस बार के झटके के बाद प्रशासनिक सुधारों की रफ्तार तेज होगी या यह सिर्फ एक और घटना बनकर रह जाएगी? ]]></description>
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<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:14:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>NEET, 2026, Exam, Cancelled:, साल, बाद, दोहराया, इतिहास, AIPMT, पेपर, लीक, कांड, से, नहीं, लिया, सबक, NTA, ने, पहली, बार, परीक्षा, रद्द, क्यों, की</media:keywords>
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<title>आगरा में जमीन के लिए सगे भाई को उतारा मौत के घाट, पुलिस के साथ मिलकर ढूंढने का करता रहा नाटक</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने खून के रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. यहां के थाना मलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बाईंखेड़ा में संपत्ति के विवाद में एक भाई ही अपने सगे भाई का कातिल बन गया. पुलिस ने हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है.
घटना की शुरुआत बीते 7 मई को हुई, जब गांव निवासी अनीत यादव रहस्यमय तरीके से अचानक लापता हो गया. परिजनों के मुताबिक, अनीत रात को अपने पशुओं के बाड़े में सोता था. अगली सुबह जब उसकी पत्नी बाड़े पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. अनीत की चारपाई उल्टी पड़ी थी, बिस्तर गायब था और वहां जमीन पर खून के धब्बे गिरे हुए थे. किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने तुरंत मलपुरा पुलिस को इसकी सूचना दी.
&#039;हमें तो कंघे की जरूरत...&#039;, ओम प्रकाश राजभर के बाल बढ़ाने वाले बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार
गंगाजल पाइपलाइन के गड्ढे में मिला शव
पुलिस लगातार अनीत की तलाश कर रही थी. इसी बीच दो दिन बाद गंगाजल परियोजना की पाइपलाइन के नीचे बने एक गहरे गड्ढे से अनीत यादव का शव बरामद हुआ. कातिल ने शव को उसी के बिस्तर में लपेटकर गड्ढे में फेंक दिया था. शव मिलने की खबर फैलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया.
हत्यारा निकला सगा भाई, कर रहा था नाटक
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया. इस नृशंस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा भाई मनीष यादव ही निकला. हैरानी की बात यह थी कि मनीष घटना के बाद से ही पुलिस और परिजनों के साथ मिलकर अपने भाई को तलाशने का नाटक कर रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो. लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सख्ती के आगे वह टूट गया. पूछताछ में मनीष ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि संपत्ति को लेकर उसका अनीत से लगातार विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसने चाकू और भारी वस्तु से वार करके उसकी हत्या कर दी.
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस उपायुक्त पूर्वी (DCP East) अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि 7 मई को अनीत के लापता होने की सूचना पर एसीपी सैंया के नेतृत्व में तत्काल पुलिस टीम गठित की गई थी. 10 मई 2026 को पुलिस ने घटना का सफल अनावरण करते हुए आरोपी मनीष यादव को जेल भेज दिया है. अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हो गया है. इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
&#039;दिल्ली से पर्ची आ गई क्या? सुना है यूपी में...&#039;, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अखिलेश यादव का BJP पर तंज ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>राजस्थान पेपर लीक: RPSC पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा गिरफ्तार, सरकारी आवास से 60 लाख में बेचा था पेपर</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान में एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक (Rajasthan Paper Leak) का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. राज्य में साल 2022 की &#039;कृषि विज्ञान लेक्चरर भर्ती परीक्षा&#039; (Agriculture Science Lecturer) के पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. इस कार्रवाई ने पूरे भर्ती सिस्टम की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
SOG ने इस मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और कुख्यात पेपर माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया है.
राजस्थान: प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, डॉक्टर की हत्या मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार
RPSC के अंदर से हुआ खेल, 60 लाख में बिका पेपर
SOG की जांच में यह हैरान करने वाला सच सामने आया है कि कृषि विज्ञान का पेपर सीधे RPSC के भीतर से लीक हुआ था. आरोप है कि तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपये की मोटी रकम लेकर पेपर माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था. कटारा ने पेपर को अपने सरकारी निवास पर मंगाया, जहां उसके भांजे विजय डामोर ने उसे एक रजिस्टर में उतारा और बाद में यही पेपर माफियाओं तक पहुंचा दिया गया.
फर्जी डिग्री और 7 लाख में खरीदा हुआ &#039;सॉल्व्ड पेपर&#039;
SOG के ADG विशाल बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे खेल में सिर्फ पेपर ही लीक नहीं हुआ, बल्कि फर्जी डिग्री और मार्कशीट का भी जमकर इस्तेमाल हुआ. कई अभ्यर्थियों ने बैक डेट में B.Ed और MSc (Agriculture) की फर्जी मार्कशीट बनवाई.
इसी कड़ी में SOG ने अशोक कुमार यादव नाम के एक व्याख्याता को भी पकड़ा है. अशोक के परीक्षा परिणाम ने ही जांच एजेंसियों को चौंका दिया था. वह सामान्य ज्ञान (GK) के पेपर में सिर्फ 68 नंबर ही ला पाया, लेकिन कृषि विज्ञान के पेपर में उसने 300 में से 239 अंक हासिल कर मेरिट में तीसरा स्थान पा लिया. पूछताछ में अशोक ने कबूल किया कि उसने 7 लाख रुपये देकर परीक्षा से एक दिन पहले सॉल्व किया हुआ पेपर खरीदा था.
भांजे को पास कराने के लिए मंगवाया पेपर, लेकिन...
इस मामले में एक बेहद हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई कि बाबूलाल कटारा अपने भांजे विजय डामोर को भी पास करवाना चाहता था. इसके लिए कटारा ने सामान्य ज्ञान और भूगोल का पेपर भी मंगवाने की डील की थी. हालांकि, परीक्षा के दिन विजय डामोर अपना मोबाइल चेक ही नहीं कर पाया और बिना पेपर देखे परीक्षा केंद्र में चला गया, जिससे उसे इस धांधली का कोई फायदा नहीं मिल सका.
SOG कर रही नेटवर्क की पड़ताल
SOG अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है. जांच एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को बेचने वाले इस गिरोह में शामिल हर आरोपी, बिचौलिए और फर्जी अभ्यर्थी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नौकरी पाने की दौड़ में मेहनत से ज्यादा पैसे और पहुंच का गंदा खेल चल रहा था.
Ajmer News: ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में सुरक्षा सेंध, बड़ी देग के अंदर कूदा शख्स, खादिम से हाथापाई ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>मध्य प्रदेश: मातम में बदलीं खुशियां, बेटी की शादी का सामान ला रही मां की सड़क हादसे में मौत</title>
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<description><![CDATA[ मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसवाही में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया. बेटी की शादी का सामान खरीदकर लौट रही महिला सरोज साकेत बेटे करण साकेत और बेटी शालू साकेत अमरपाटन से अपने ग्राम बारी जा रही थी.&amp;nbsp;
इसी दौरान हाईवे रिपेरिंग के लिए सड़क पर खोदे गड्डे में बाइक उछली और चलती बाईक से महिला सरोज साकेत सड़क पर गिर गई. पीछे से आ रहे बेलगाम ट्रक ने सड़क पर गिरी महिला को रौंध दिया, जिससे महिला के ऊपर से ट्रक गुजर गया. महिला का शव &#039;क्षत-विक्षत&#039; हो गया. मौके पर ही महिला की मौत हो गई.&amp;nbsp;
MP: सागर में शराब माफिया के हमले में दूसरे युवक की भी मौत, शव रखकर प्रदर्शन, शाहपुर का बाजार बंद
गुस्साए परिजनों ने लगाया चक्का जाम
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा. सड़क के दोनों और नेशनल हाईवे 30 पर दो किलोमीटर तक जाम लग गया. जिसमें छोटे बड़े वाहन, बस और एम्बुलेंस घंटों तक जाम में फंसी रही.
जानकारी के अनुसार ग्राम परसवाही निवासी महिला अपने बेटे और बेटी के साथ बाइक से अमरपाटन बाजार शादी का सामान खरीदने आई थी. खरीदारी के बाद तीनों वापस गांव लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में अचानक बाइक गढ्ढे में कूदकर अनियंत्रित हो गई, जिससे महिला सड़क पर गिर गई. तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. हादसे में बेटा और बेटी सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
घटना से परिवार में मचा कोहराम
घटना की खबर लगते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. शादी वाले घर में मातम का माहौल छा गया. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रशासन से मुआवजे की मांग करने लगे. देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया. करीब दो घंटे की मशक्कत और प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है.
ग्वालियर में NH-44 पर तेज रफ्तार कार खंभे से टकराई, पटाखों से भड़की आग में दो की मौत, एक गंभीर ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:54 +0530</pubDate>
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<title>शिमला में चिट्टा तस्करों पर बड़ा एक्शन, UP से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, पंजाब&#45;चंडीगढ़ तक जुड़े तार</title>
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<description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश में युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले &#039;चिट्टे&#039; (ड्रग्स) के सौदागरों पर शिमला पुलिस ने अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है. पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.
रोहड़ू और कोटखाई में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) के मामलों की गहन जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैली चिट्टा सप्लाई चेन को ट्रेस करते हुए मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया है.
Delhi Shimla Flights: आज से दिल्ली-शिमला हवाई सेवा बहाल, 11 मई से धर्मशाला की भी फ्लाइट, देखें पूरा शेड्यूल
यूपी से सलमान हैदर और पंजाब से थोमस मसीह गिरफ्तार
एएसपी शिमला (हेडक्वार्टर) अभिषेक ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना रोहड़ू में दर्ज एक मामले में पुलिस ने 53 ग्राम चिट्टे के साथ दो आरोपियों को पकड़ा था. जब पुलिस ने उनकी कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला, तो पता चला कि यह मुख्य आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश निवासी सलमान हैदर के जरिए चिट्टा मंगवाकर रोहड़ू क्षेत्र में बेच रहा था. पुलिस टीम ने तुरंत यूपी में दबिश देकर मुख्य सप्लायर सलमान हैदर को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद जांच के तार पंजाब तक जुड़े. आर्थिक लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पंजाब के गुरदासपुर से एक और बड़े सप्लायर थोमस मसीह को भी दबोच लिया गया.
पिस्टल और &#039;आइस&#039; के साथ जुड़े चंडीगढ़ के तार
एएसपी अभिषेक ने बताया कि दूसरा मामला थाना कोटखाई का है, जहां पुलिस ने आरोपियों को पिस्टल, मेथ क्रिस्टल आइस (Meth Crystal Ice) और हेरोइन के साथ पकड़ा था. इस मामले में जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो चंडीगढ़ तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य सप्लायर गोलू (निवासी दड़ूमाजरा, चंडीगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है.
2026 में ध्वस्त किए गए 24 बड़े नशा नेटवर्क
शिमला पुलिस नशा तस्करों की जड़ें काटने के लिए &#039;बैकवर्ड लिंकेज&#039; (Backward Linkages) पर फोकस कर रही है, यानी छोटे पेडलरों को पकड़ने के बाद उनके मुख्य आकाओं तक पहुंचा जा रहा है. एएसपी ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है.
पुलिस ने अब तक 24 बड़े नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए हैं. इन तस्करों की सप्लाई चेन पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल तक फैली हुई थी. शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह &#039;जीरो टॉलरेंस&#039; अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा.
हिमाचल में बादल फटने की घटनाओं का होगा वैज्ञानिक अध्ययन, CM सुक्खू ने HPU सेंटर को दिए निर्देश ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूपी: अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ संवाद और भाषाई समझ बढ़ाने की पहल, योगी सरकार लगाएगी समर कैंप</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब शिक्षा को भारतीय संस्कृति, संवाद कौशल और सामाजिक समावेश से जोड़ते हुए नई पीढ़ी को भारतीय भाषाई विरासत से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. इसी क्रम में प्रदेश के परिषदीय और कस्तूरबा विद्यालयों में 13 से 19 मई तक &#039;भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026&#039; आयोजित किए जाएंगे, जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ भारतीय भाषाओं और सांकेतिक संवाद की भी सीख दी जाएगी. जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए बहुभाषावाद और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है. शिविर के दौरान बच्चे अपनी मातृभाषा के साथ दूसरी भारतीय भाषाओं से परिचित होंगे. संवाद कौशल विकसित करेंगे और पहली बार इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) की बुनियादी जानकारी भी प्राप्त करेंगे.
UP कैबिनेट विस्तार से पहले BJP विधायक आशा मौर्य के पोस्ट से हड़कंप, बोलीं- &#039;पार्टी अब बागियों को...&#039;
बच्चों को संस्कृति और सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़ने की पहल
योगी सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों को भारतीय संस्कृति, विविधता और सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़ने का माध्यम भी बना रही है. यह शिविर भाषा सीखने के कार्यक्रम के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीयता, सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने वाले अभियान के रूप में भी स्थापित हो रहा है.
&#039;भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026&#039; अभियान
योगी सरकार अब प्रदेश में शिक्षा को भारतीयता, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक समावेश से जोड़कर नई दिशा देने की ओर अग्रसर हो चुकी है. &#039;भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026&#039; आने वाले समय में बच्चों में संवाद क्षमता, भाषाई समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने वाला बड़ा अभियान बन सकता है.
बहुभाषावाद और भारतीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
शिविर का उद्देश्य बच्चों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और बहुभाषावाद की समझ विकसित करना है. इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी मातृभाषा के अलावा दूसरी भारतीय भाषाओं में भी बुनियादी संवाद कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सबसे मजबूत कड़ी है. इसी सोच के अंतर्गत योगी सरकार द्वारा स्कूलों में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
समावेशी शिक्षा को मजबूत करेगी सांकेतिक भाषा की पहल
शिविर में इंडियन साइन लैंग्वेज को शामिल किया जाना योगी सरकार की समावेशी शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और आरपीडब्ल्यूडी &amp;nbsp;एक्ट-2016 के अनुरूप बच्चों को सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि समाज में संवेदनशीलता और समावेश की भावना को बढ़ावा मिल सके. एससीईआरटी द्वारा पीएम ई-विद्या चैनल के माध्यम से इंडियन साइन लैंग्वेज से जुड़ी शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों इसका प्रभावी उपयोग कर सकें.
पूजा पाल को यूपी कैबिनेट में नहीं मिली जगह तो सपा ने कसा तंज, &#039;जो धोखा देकर गए हैं, वो...&#039; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Shashi Tharoor On SIR: बंगाल में कैसे हुई बंपर जीत? शशि थरूर ने बताया वो कारण राहुल गांधी, ममता बनर्जी दोनों हो जाएंगे खुश!</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने और अपीलों के निपटारे में देरी की वजह से पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP को शायद बड़ा फायदा मिला हो. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटें जीतीं, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटें मिलीं. इसके बाद राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी और शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने.
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे. इनमें से करीब 34 लाख लोगों ने अपील दायर कर दावा किया कि वे असली और जीवित वोटर हैं और उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए. थरूर ने कहा, &#039;नियमों के मुताबिक हर मामले की अलग-अलग जांच जरूरी थी, लेकिन चुनाव से पहले सिर्फ कुछ सौ मामलों पर ही फैसला हो पाया. इसका मतलब है कि लाखों लोग ऐसे थे, जो शायद सही वोटर साबित हो सकते थे, लेकिन वे वोट नहीं डाल पाए.&#039;

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BJP की जीत का अंतर लगभग 30 लाख वोट
शशि थरूर ने कहा कि BJP की जीत का अंतर लगभग 30 लाख वोटों का था, जो लंबित अपीलों की संख्या के काफी करीब है. थरूर ने सवाल उठाते हुए कहा, &#039;क्या यह पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी? यही सवाल मैं पूछ रहा हूं.&#039; हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नकली, मृत, माइग्रेटेड या गलत तरीके से दर्ज वोटरों के नाम हटाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. शशि थरूर ने केरल चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस को SIR प्रक्रिया से फायदा हुआ हो सकता है, क्योंकि वहां लंबे समय से डबल या कई जगहों पर वोटर नाम दर्ज होने की शिकायतें थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि CPM इस तरह की व्यवस्था में माहिर थी.
बंगाल में 34 लाख अपीलें दर्ज
शशि थरूर ने कहा, &#039;केरल और तमिलनाडु में बहुत कम अपीलें आईं, लेकिन बंगाल में 34 लाख अपीलें दर्ज हुईं. इनमें से ज्यादातर मामलों की अब तक सुनवाई नहीं हुई है.&#039; 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के 10 साल पुराने शासन को खत्म कर दिया.
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:44 +0530</pubDate>
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<title>Explained: राष्ट्रपति चुनाव कितनी आसानी से जीतेगी बीजेपी? लोकसभा के जख्मों पर कैसे लगेगा पांच विधानसभा चुनावी नतीजों का &amp;apos;मरहम&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है. खासकर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने गहरा असर डाला है. यह कोई आम राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि सीधे-सीधे चुनावी गणित का खेल है. बीजेपी के लोकसभा में 293 सांसद, राज्यसभा में 140 से ज्यादा सांसद और 21 राज्यों की विधानसभाओं में बहुमत, जीत की संभावना को लगभग अटल बना देते हैं. आइए जानते हैं कैसे?
निर्वाचक मंडल: राष्ट्रपति चुनाव की आत्मा
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि राष्ट्रपति चुनाव का &#039;गणित&#039; आखिर काम कैसे करता है. संविधान के अनुच्छेद 54 और 55 के तहत, राष्ट्रपति का चुनाव एक खास निर्वाचक मंडल (Electoral College) करता है. इस मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी निर्वाचित सांसद, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के सभी निर्वाचित विधायक शामिल होते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल के मनोनीत सांसद या विधायक इस चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं.
अब मजेदार पेच यह है कि हर वोट की कीमत एक जैसी नहीं होती. संविधान के मुताबिक, सभी सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा) के वोटों का कुल मूल्य और सभी विधायकों के वोटों का कुल मूल्य लगभग बराबर होना चाहिए. इसी को संतुलित करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है. जहां एक सांसद के वोट का मूल्य तय होता है (2022 में यह 700 था और 2027 में भी लगभग इतना ही रहने की संभावना है).
हर राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य अलग-अलग होता है. यह मूल्य उस राज्य की 1971 की जनगणना के आधार पर तय जनसंख्या और विधानसभा सीटों की संख्या पर निर्भर करता है. इसीलिए, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य (2022 में 208) सिक्किम जैसे छोटे राज्य के एक विधायक के वोट के मूल्य (2022 में महज 7) से लगभग 30 गुना ज्यादा था.
लोकसभा का झटका और विधानसभाओं से &#039;मरहम&#039;
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा था. पार्टी अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा (272) नहीं छू पाई और उसकी सीटों की संख्या 303 से घटकर 240 रह गई. इस सीधे नुकसान ने निर्वाचक मंडल में बीजेपी के वोट बैंक में 44,100 वोटों की बड़ी सेंध लगा दी थी. विपक्ष को लगा कि शायद अब बीजेपी की राह आसान नहीं रहेगी. लेकिन, इसके बाद जो हुआ, वह बीजेपी के लिए किसी &#039;संजीवनी&#039; से कम नहीं था.
लगातार हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी और NDA ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने न सिर्फ लोकसभा के घाव पर मरहम लगाया, बल्कि राष्ट्रपति चुनाव की पूरी बिसात ही पलट दी. खासतौर पर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार जैसे बड़े राज्यों में NDA के प्रदर्शन ने यह कारनामा कर दिखाया.
तीन राज्यों के &#039;गणित&#039; ने बदली पूरी तस्वीर
राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा वोट वैल्यू वाली तीन विधानसभाएं महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार की ही हैं. इन तीनों राज्यों में NDA की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है:

महाराष्ट्र: 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के समय 288 सदस्यीय विधानसभा में NDA की ताकत लगभग 150 विधायकों की थी. आज यह आंकड़ा बढ़कर 237 तक पहुंच चुका है.
बिहार: 243 सदस्यीय विधानसभा में NDA के विधायकों की संख्या पिछली बार के 125 से बढ़कर अब 202 हो गई है.
पश्चिम बंगाल: यह तो सबसे बड़ा गेम-चेंजर रहा. बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की और राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाई. पिछली बार उसके सिर्फ 77 विधायक थे.

कागज पर अब कैसे दिखता है जीत का गणित?
अब आते हैं असली गणित पर, जो बताता है कि जीत कितनी आसान है. 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल का कुल वोट मूल्य 10,86,431 था. 2027 के चुनाव में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जुड़ने से यह कुल वोट वैल्यू थोड़ा बढ़ सकती है, लेकिन जीत के लिए 50% से अधिक वोटों का आंकड़ा हासिल करना होगा.
अब जरा NDA की मौजूदा ताकत पर नजर डालते हैं:
संसद में ताकत:

लोकसभा में अकेले बीजेपी के 240 सांसद हैं. TDP (16) और JDU (12) जैसे सहयोगियों के साथ &amp;nbsp;NDA के पास 293 सांसदों का समर्थन है.
राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है और पूरे &amp;nbsp;NDA के पास लगभग 140 से 148 सांसद हैं. यह अपने आप में बहुमत का आंकड़ा है.

विधानसभाओं में दबदबा:

देश के 28 राज्यों में से 21 राज्यों में अब &amp;nbsp;NDA की सरकार है, जिनमें से 15 राज्यों में अकेले बीजेपी की सरकार है.
इन 21 राज्यों के हजारों विधायक आज &amp;nbsp;NDA के साथ हैं.

राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ उत्तर प्रदेश के विधायकों की कुल वोट वैल्यू ही 83,800 से ज्यादा है और राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार मजबूती से काबिज है.
अगर &amp;nbsp;NDA के सभी सांसद और विधायक पार्टी लाइन पर वोट करते हैं, तो गठबंधन के पास जीत के लिए जरूरी 50% से अधिक वोट आराम से मौजूद हैं. लोकसभा में हुई भरपाई से कहीं ज्यादा विधानसभाओं में हुई बढ़त ने कर दी है.
तो क्या राह बिल्कुल आसान है?
हां, लेकिन मौजूदा आंकड़ों और नए राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, 2027 के राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी और &amp;nbsp;NDA की जीत की राह बेहद आसान नजर आती है. आज की तारीख में, NDA के पास निर्वाचक मंडल में इतनी ज्यादा संख्या बल है कि वह आसानी से अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा सकता है. हालांकि, राजनीति में किसी भी चीज को पूरी तरह &#039;तय&#039; मानना जल्दबाजी होगी. कभी-कभी क्रॉस वोटिंग, गठबंधन के भीतर असंतोष या कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर खेल बदल सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सोना न खरीदने और WFH वाली PM मोदी की अपील पर भड़की स्टालिन की DMK, कहा&#45; खुद तो प्राइवेट जेट से...</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से बड़ी अपील करते हुए कहा है कि वह सोना न खरीदे और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम वाले रूटीन पर वापस लौटे. इसके अलावा आने-जाने के लिए अपने व्हीकल की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करे. पीएम मोदी की इस अपील पर एमके स्टालिन की डीएमके भड़क गई. उसने कहा कि चुनाव से पहले तक वह खुद अपने जेट से पूरे देश का दौरा कर रहे थे.&amp;nbsp;
डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नागरिकों से ये मांगें क्यों कर रहे हैं. उन्होंने पूछा कि क्या पीएम को यह जानकारी है कि हालात और खराब होने वाले हैं. अन्नादुरई ने कहा कि चुनाव से पहले तक प्रधानमंत्री अपने जेट विमान से पूरे देश का दौरा कर रहे थे, उनके काफिले चल रहे थे.&amp;nbsp;
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तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी के प्रवक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह इतनी बड़ी घटना है, जिससे भारतीयों के जन-जीवन पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला है तो इस पर विपक्षी पार्टियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया जा रहा है.

#WATCH | Chennai: On PM Modi&#039;s statement, DMK spokesperson, Saravanan Annadurai says, &quot;...Why is the Prime Minister making these demands from the Indian citizens? Is it because he has information that the situation is going to get very worse?... Until the elections, the Prime&amp;hellip; pic.twitter.com/gEiXnLTilp
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 11, 2026



डीएमके नेता ने कहा, &#039;प्रधानमंत्री को इस देश को समझाना होगा कि वे ऐसी मांग क्यों कर रहे हैं. वे कहते हैं विदेश यात्राएं बंद करें, लेकिन 15 मई को वे खुद UAE, नीदरलैंड और स्वीडन जाने वाले हैं, आखिर किसलिए?&#039;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;तमिलनाडु की विजय कैबिनेट में कांग्रेस से कितने बनेंगे मंत्री? सामने आया राहुल गांधी का प्लान
पीएम मोदी ने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि लोग डीजल-पेट्रोल बचाने के लिए मेट्रो, कारपूल, ईवी अपनाएं. इसके अलावा कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह भी दी. पीएम ने विदेश यात्रा टालने, सोना न खरीदने, मेक इन इंडिया उत्पाद खरीदने और किसानों को रासायनिक खाद कम करने को भी कहा है. उनका कहना है कि खाद की एक बोरी तीन हजार की पड़ती है, जिसमें हम किसान को बढ़ी मात्रा में सब्सिडी देते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:43 +0530</pubDate>
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<title>बंगाल में शुभेंदु सरकार के बाद अभिषेक बनर्जी पर भड़के दिलीप घोष, कहा&#45; समाज ऐसे लोगों को...</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है. वहीं, टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई. &amp;nbsp;टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बंगाल के चुनाव परिणाम को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे. बनर्जी के आरोपों पर मंत्री दिलीप घोष ने करारा पलटवार किया है.&amp;nbsp;
क्या बोले दिलीप घोष?
दिलीप घोष ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि &#039;जब तक वे जीत रहे थे, तब तक सब ठीक था, ईवीएम ठीक थी और चुनाव आयोग ठीक था. अब जब वे हार गए हैं, तो कह रहे हैं कि मैनिपुलेशन हुआ है. समाज ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करता.&#039; कहा कि &#039;महिलाओं की सुरक्षा के लिए सब कुछ लागू किया जाएगा. बंगाल में जो भी घटनाएं हुई हैं, वे भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए. हम इस पर जीरो-टॉलरेंस अप्रोच के साथ काम करेंगे.&#039;

टीएमसी सांसद ने लगाए थे ये आरोप
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीते दिनों &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट में लिखा था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने लिखा था कि हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था.
केरल में क्यों नहीं अब तक मुख्यमंत्री पर हो पाया फैसला? जीत के बाद क्या है वहां पर कांग्रेस की किच-किच
अभिषेक बनर्जी ने लिखा था कि लोकतांत्रिक संस्थाएं जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं. इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
&#039;कतई बर्दाश्त करने लायक नहीं&#039;
उन्होंने लिखा था कि लोकतंत्र तभी जिंदा रह सकता है, जब चुनावी संस्थाएं नागरिकों के मन में भरोसा और विश्वास जगाएं. दुर्भाग्य से, हमने जो कुछ देखा है, उसने उस भरोसे को बुरी तरह से तोड़ दिया है. इसके साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा, पार्टी दफ्तरों पर हमले, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना और समर्थकों को धमकियां देना. ये सभी बातें एक लोकतांत्रिक समाज में बेहद चिंताजनक और कतई बर्दाश्त न करने के लायक हैं.
विजय होंगे तमिलनाडु के सीएम? रास्ता हुआ साफ, इन पार्टियों ने कर दिया सपोर्ट ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:43 +0530</pubDate>
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<title>मौत की रफ्तार! रेसिंग बाइक कार से टकराई, एक ही परिवार के तीन लोगों समेत पांच की मौत</title>
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<description><![CDATA[ Mahabubnagar Road Accident:&amp;nbsp; तेलंगाना के महबूबनगर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई. यह हादसा मुख्य बाईपास सड़क पर स्थित पलकोंडा जंक्शन के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार रेसिंग बाइक विपरीत दिशा से आ रही एक कार से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई.
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है. इनमें चार लोग महबूबनगर शहर के न्यू प्रेम नगर इलाके के रहने वाले बताए गए हैं. मृतकों में 30 वर्षीय अर्शिया बेगम, उनका 7 साल का बेटा मोहम्मद उज़ैब और 2 साल का बेटा मोहम्मद अमर शामिल हैं. चौथा मृतक बाइक चला रहा था. उसकी पहचान 25 वर्षीय याकूब अफ़ज़ल के रूप में हुई है, जो हैदराबाद का रहने वाला था और डिलीवरी बॉय का काम करता था. वहीं पांचवें मृतक की आधिकारिक पहचान अभी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार वह कार का ड्राइवर था, जिसकी हादसे में मौके पर ही मौत हो गई.
रेस लगा रही थी बाइक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक एक अन्य दोपहिया वाहन के साथ तेज रफ्तार में रेस लगा रही थी. इसी दौरान बाइक चालक ने नियंत्रण खो दिया और गलत लेन में घुस गया. बताया जा रहा है कि कार चालक को संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला और बाइक सीधे कार से टकरा गई. हादसा इतना भयानक था कि मदद पहुंचने से पहले ही सभी लोगों की मौत हो चुकी थी.
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.
परिवारों में पसरा मातम
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. पड़ोसियों के अनुसार अर्शिया बेगम अपने बच्चों को कहीं से लेने जा रही थीं, तभी यह हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि अस्पताल में पत्नी और दोनों बेटों के शव देखकर बच्चों के पिता बेसुध होकर गिर पड़े. पुलिस ने बाइक चालक याकूब अफ़ज़ल के परिवार को भी हादसे की जानकारी दे दी है. उसके परिजन हैदराबाद से महबूबनगर के लिए रवाना हो चुके हैं.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर रेस लगाना गंभीर अपराध है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि तेज रफ्तार और रेसिंग करते पकड़े जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस आसपास की दुकानों और इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे के पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी मिल सके.
&amp;nbsp;
(इनपुट-शेख मोहसिन) ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 12:46:42 +0530</pubDate>
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<title>मध्य प्रदेश: रतलाम में पटवारी की आत्महत्या से हड़कंप, नायब तहसीलदार पर लगे गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने रतलाम स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया.
मृतक की मां ने नायब तहसीलदार पर काम को लेकर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सुसाइड नोट के आधार पर हर पहलू की पड़ताल की जा रही है.
नायब तहसीलदार पर परिजनों ने लगाया आरोप
इस घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है. वहीं मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की माता का कहना है कि नायब तहसीलदार सविता राठौर उनके मृतक बेटे पर लगातार दबाव बना रही थीं. आरोप है कि किसी किसान का काम पैसे लेकर करने का दबाव बनाया जा रहा था, और जब वह काम पूरा नहीं हो पा रहा था, तो इसका मानसिक दबाव उनके मृतक बेटे पर डाला जा रहा था.
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पुलिस को घटना स्थल से मिला सुसाइड नोट
वहीं मामले को और गंभीर बनाता है घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट, जिसमें मृतक ने पारिवारिक जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए लिखा है कि छोटे भाई की शादी के कारण वह परिवार के कामों में व्यस्त था, लेकिन इसके बावजूद उस पर लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा था. फिलहाल औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस सुसाइड नोट और परिजनों के आरोपों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है.
घटना की जांच में जुटी पुलिस
वहीं सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि रतलाम की औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस को सुसाइड की सूचना मिली थी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को पोस्मार्टम के लिए अस्पताल भेजा हैं और मर्ग कायम करके जांच शुरू कर दी हैं. पुलिस ने शव के पास से एक सुसाइड नोट और कुछ चीजें जब्त की है और जांच चल रही हैं आगे भी न्याय संगत कार्यवाही की जाएगी.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:19:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;भोली भाली महिलाएं इनके झांसे में...&amp;apos;, यूपी बीजेपी अध्यक्ष के बयान पर बोले सपा के पूर्व सांसद</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में महिला बिल पास न होने के बाद लखनऊ में तपिश भरी गर्मी के बीच महिला जन आक्रोश रैली निकाली गई. जिसमें भीषण गर्मी में हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया. महिलाओं के साथ रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी चले. रैली के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि नकाब वालों के चक्कर में सपा कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद डॉ एसटी हसन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये पार्टी ठगों की पार्टी है. हमारी भोली भाली महिलाएं इनके झांसे में आ जाती हैं. महिला बिल 2023 में पास हो चुका है जब मैं पार्लियामेंट में था सभी ने इसका समर्थन किया था. इन्होंने अब तक इम्प्लीमेंट क्यों नहीं किया.
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महिला आरक्षण बिल को लेकर क्या बोले एसटी हसन?
पूर्व सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में ये परिसीमन करना चाहते थे. जिस तरह से इन्होंने असम में किया. विपक्ष के वोटों को बांट दिया और संख्या कम कर दी. अब वो हम नहीं होने देंगे. महिलाओं के लिए मैं व्यक्तिगत तौर पर कह रहा हूं कि 50 फीसदी आरक्षण मिले. प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया गया. उनसे कोई पूछने वाला नहीं है.
पूर्व सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण बिल तो पास हो चुका है, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के दस्तखत हो चुके हैं. भाजपा के लोग ये भ्रम फैला रहे हैं कि महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया. महिला बिल पास हो रखा है. ये लोग लागू नहीं कर रहे है. भोले-भाले लोगों को ठग रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर कहा कि बुर्के वालों की वजह से नहीं किया. लोग यहां पर भी हिन्दू मुसलमान कर रहे हैं.
रैली के दौरान क्या बोले सीएम योगी?
रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण गर्मी में महिलाओं की हजारों की संख्या इस बात की गवाही दे रही हैं कि सपा कांग्रेस के प्रति महिलाओं का आक्रोश और गुस्सा है. इस पर पूर्व सांसद ने कहा कि 21 वीं सदी की महिलाएं इतनी भोली नहीं है कि वो आपकी चालों को न समझें. ये भाजपा की ऑर्गेनाइज कराई हुई रैली है.&amp;nbsp;
महिलाओं को कुछ न कुछ लालच है किसी को पद का तो किसी को चुनाव लड़ने का. वो अपने साथ लोगों को लेकर आते हैं. हम लोग ये चाहते हैं और उस बिल के अंदर ओबीसी, एससी एसटी और मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण के अंदर आरक्षण हो. एसटी हसन ने कहा कि अब ये कहते हैं कि धर्म के नाम पर नही हो सकता, लेकिन मुसलमानों की जातियों के आधार पर हो सकता है.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:19:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>मुस्लिम परिवार ने धर्म परिवर्तन कर अपनाया हिंदू धर्म, हरिद्वार में हुआ शुद्धिकरण संस्कार</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने हरिद्वार में धर्म परिवर्तन कर हिंदू धर्म अपना लिया है. धार्मिक संगठनों और साधु-संतों की मौजूदगी में हरिद्वार के नमामि गंगे घाट पर गंगा स्नान और शुद्धिकरण कर पति-पत्नी और तीन बच्चों ने सनातन धर्म में वापसी की है.&amp;nbsp; पूरे परिवार का हवन-यज्ञ और शुद्धिकरण संस्कार कराया गया. धर्म परिवर्तन करने वाले मोहमद शहजाद ने अब अपना नाम बदलकर शंकर रखा है और उसकी पत्नी का नाम सावित्री हो गया है.
धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति (अब शंकर) ने हिंदू धर्म और भगवान शिव में गहरी आस्था है और इसी कारण यह फैसला लिया. शंकर ने हिंदू धर्म स्वीकार करने के बाद घर वापसी कर पर अपनी खुशी जाहिर की. हालांकि, शंकर ने यह भी बताया कि धर्म परिवर्तन के बाद कुछ लोगों से उन्हें जान का खतरा है.&amp;nbsp;
&#039;जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया, पति देता था गालियां&#039;, मिस इंडिया अर्थ 2019 विनर सायली का छलका दर्द
पूरे परिवार संग अपना हिंदू धर्म
21 अप्रैल 2026 को हरिद्वार के चंडी घाट पर ब्रह्मकुंड पर यह धर्म परिवर्तन का कार्य संपन्न हुआ, जिसमें अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के महामंत्री रामविशाल दास महाराज, श्री कृष्ण सनातन सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कृष्ण, अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी और प्रबोधानंद गिरी महाराज शामिल हुए. संतों ने वैदिक रीति से अनुष्ठान के बाद पूरे परिवार को हवन यज्ञ भी कराया.&amp;nbsp; संत दिगंबर अखाड़ा के बाबा हठयोगी ने बताया कि परिवार ने वैदिक परंपराओं के अनुसार सनातन धर्म स्वीकार किया है और उन्हें हिंदू धर्म की रीति-रिवाजों की जानकारी भी दी जाएगी.
उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार के पूर्वज पहले हिंदू थे और अब उन्होंने पुनः घर वापसी की है. उन्होंने बताया कि यज्ञ, हवन और पूजन और वैदिक परंपरा के अनुसार वह हिंदू धर्म में शामिल हुए. अरुण कृष्ण महाराज के अनुसार, परिवार ने स्वयं आगे आकर सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जताई थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनके संपर्क में ऐसे अन्य लोग भी हैं जो घर वापसी करना चाहते हैं.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:19:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>कश्मीर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर रेप का आरोप, शादी का झांसा देकर किया शोषण; अब गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कश्मीर यूनिवर्सिटी के 52 साल के एक साइंटिस्ट (Professor) को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी 28 साल की एक महिला की शिकायत के आधार पर की गई है. महिला ने प्रोफेसर पर शादी का झूठा वादा करके उसका शोषण करने का आरोप लगाया है. प्रोफेसर पहले से ही शादीशुदा है.
आरोपी की पहचान सज्जाद मोहम्मद खान के रूप में हुई है. वह श्रीनगर के सौरा इलाके का रहने वाला है और यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के तौर पर काम करता है. जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए रेप के मामले में गिरफ्तार होने के बाद कश्मीर यूनिवर्सिटी ने उसे सस्पेंड कर दिया है.
यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को किया सस्पेंड
यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेशन टीचिंग सेक्शन द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि हिरासत में लिए जाने के मद्देनजर सज्जाद मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विसेज (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1956 के नियम 31 के तहत की गई है. यह कार्रवाई श्रीनगर के रामबाग स्थित महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 11/2026 में उसकी गिरफ्तारी के बाद की गई है. शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने साल 2018 में उससे संपर्क किया और उसके साथ प्रेम संबंध बना लिए.
इसके बाद में शादी का वादा करके आरोपी ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके कारण वह कई बार गर्भवती भी हुई. लेकिन, आरोपी ने न केवल पीड़िता को गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया और शादी को टालता रहा, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी और अन्य खर्चों के बहाने उससे भारी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान भी ऐंठ लिए.
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने न केवल पीड़िता को बडगाम के कनिहामा इलाके में अपनी जमीन और सोने के गहने बेचने के लिए मजबूर किया, बल्कि इस दौरान उससे नकदी भी ऐंठी. आरोपी ने पीड़िता के नाम पर श्रीनगर में UCO बैंक की एक ब्रांच से गोल्ड लोन भी ले लिया. पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने इस पैसे का इस्तेमाल अपना घर बनाने और इस दौरान अपनी आलीशान जीवनशैली बनाए रखने के लिए किया. बार-बार शोषण और शादी के लिए कोई तय समय न होने के कारण, रिश्ता तब खराब हो गया जब पीड़िता ने उस पर शादी के वादे को पूरा करने का दबाव डाला. इसके जवाब में उसे न केवल अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा बताया गया. बल्कि सोशल मीडिया पर उसकी निजी नग्न तस्वीरें और वीडियो जारी करने की भी धमकी दी गई.
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महिला ने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज कराई FIR
शिकायत के अनुसार, पीड़िता जो पुराने श्रीनगर शहर में रहती थी. उस दौरान दूसरे इलाके में चली गई थी और उसने राज बाग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन शुरू में उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. आखिरकार, अब महिला पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 0011/ दिनांक 20-04-2026 के तहत BNS की धारा 64 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.
हालांकि, सूत्रों ने बताया है कि पीड़िता लंबे समय से एक साझा दोस्त के जरिए आरोपी के संपर्क में थी. सूत्रों ने आगे बताया कि इसी दौरान आरोपी के बेटे को एक गंभीर बीमारी हो गई, जिसके बाद उसने पीड़िता से दूरी बना ली. सूत्रों का कहना है कि पीड़िता ने आरोपी को उसके बेटे के इलाज और अन्य खर्चों के लिए कई मौकों पर 48 लाख रुपये से ज्यादा की रकम दी है. मामला सार्वजनिक होने से पहले दोनों के बीच सुलह की कोशिशें भी हुई थीं, जिसके दौरान आरोपी ने पीड़िता को 8 लाख रुपये दिए थे.
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
माना जा रहा है कि पिछले दो सालों से आरोपी अपने बेटे के इलाज में लगा हुआ है, जो एक बहुत ही गंभीर बीमारी से पीड़ित है. इस इलाज का खर्च कश्मीर विश्वविद्यालय प्रशासन और अपने सहकर्मियों सहित कई लोगों से उधार लिए गए पैसों से उठाया जा रहा है. हालांकि, इन तथ्यों का मामले पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता, क्योंकि आरोपी पर लगाए गए आरोप बहुत ही गंभीर प्रकृति के हैं. पुलिस ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबित कर दिया है और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:19:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>चारधाम यात्रा में आस्था का सैलाब, गंगोत्री&#45;यमुनोत्री में अब तक 20 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभूतपूर्व उत्साह के साथ शुरू हो चुकी है. 19 अप्रैल से यात्रा के आगाज के बाद से ही तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण का आंकड़ा 20 लाख के पार पहुंच गया है, जो इस धार्मिक आयोजन की लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाता है.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया सरल और सुलभ हो गई है. पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 6 मार्च से 21 अप्रैल तक चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब के लिए कुल 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं.
यात्रा के प्रारंभिक चरण में ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद मात्र तीन दिनों के भीतर 20 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यह संख्या आने वाले दिनों में और तेजी से बढ़ने की संभावना है.
&amp;nbsp;केदारनाथ धाम के लिए अब तक 7.23 लाख से अधिक पंजीकरण
अगर अलग-अलग धामों के लिए पंजीकरण आंकड़ों की बात करें, तो केदारनाथ धाम सबसे आगे है, जहां अब तक 7.23 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं. इसके बाद बदरीनाथ धाम के लिए 6.10 लाख, गंगोत्री धाम के लिए 3.61 लाख और यमुनोत्री धाम के लिए 3.51 लाख पंजीकरण दर्ज किए गए हैं. वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए भी 21,867 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं.
&#039;इस दुख में राजनीति नहीं...&#039;, पहलगाम हमले की बरसी पर शुभम द्विवेदी की पत्नी का छलका दर्द
चारधाम यात्रा हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. हिमालय की गोद में बसे ये चारों धाम, केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाते हैं. यहां दर्शन करने को जीवन का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है.
यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं
सरकार और प्रशासन द्वारा यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. साथ ही, श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें. शुरुआती आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इस वर्ष चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड बना सकती है. आस्था, उत्साह और बेहतर व्यवस्थाओं के संगम से यह यात्रा एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनती नजर आ रही है.
यूपी के 35 जिलों भीषण लू का अलर्ट, प्रयागराज-वाराणसी रहे सबसे गर्म जिले, अभी और बढ़ेगी गर्मी ]]></description>
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:19:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Manipur News: मणिपुर के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पास गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल, जानें क्या है पूरा मामला</title>
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<description><![CDATA[ मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री वांगजिंग टेंथा में नए ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे.
पुलिस के बयान के मुताबिक, पत्थरों और गुलेल से लैस बड़ी संख्या में लोग भवन में तोड़फोड़ करने के इरादे से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे. बयान में कहा गया, &#039;पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी और अपील के बावजूद भीड़ आक्रामक रूप से आगे बढ़ती रही, जिससे सार्वजनिक संपत्ति, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया.&#039;

पुलिस ने बताया कि शुरुआत में न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया गया और स्थिति बिगड़ने पर प्रोटोकॉल के तहत अंतिम विकल्प के रूप में नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की गई. इस दौरान हीरोक पार्ट-2 एलंगबाम लेइराक निवासी और वर्तमान में विलेज डिफेंस फोर्स के सदस्य एलंगबाम नंदबीर सिंह (40) घायल हो गए. पुलिस के बयान में कहा गया, &#039;स्थिति को बाद में नियंत्रण में ले लिया गया और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.&#039;
घाटी जिले में विरोध को लेकर क्या बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने वांगजिंग टेंथा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन घाटी जिले में उनके दौरे का विरोध देख वह हैरान हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं हाल ही में कई पहाड़ी जिलों में गया, वहां मेरे दौरे का कोई विरोध नहीं हुआ लेकिन थौबल जिले में हो रहे विरोध से मैं हैरान हूं.&#039;
उन्होंने कहा कि मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकते हैं.
बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में सात अप्रैल को दो बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा गठित संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;सरकार पीड़ितों के माता-पिता के लिए उपयुक्त सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करने पर भी विचार कर रही है.&amp;rdquo;
घटना के विरोध में कुछ समूहों द्वारा बुलाए गए पांच दिवसीय पूर्ण बंद पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी अनावश्यक गतिविधियां लोगों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और कभी-कभी सरकार को भी ऐसी स्थिति पर खेद होता है.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:18:39 +0530</pubDate>
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<title>पहले बांधा हाथ&#45;पैर, फिर आंखों पर पट्टी और उसके बाद डाला केरोसीन... नए स्टाइल में प्रोपोज के बहाने प्रेमी को जिंदा जलाया</title>
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<description><![CDATA[ Terrifying Murder in Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी और देश का आईटी हब माना जाने वाला बैंगलोर में मंगलवार (20 अप्रैल 2026) को एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली हत्या का मामला सामने आया.&amp;nbsp;
इसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया. एक टेलीकॉम स्टोर में काम करने वाली महिला ने अपने ही प्रेमी को घर बुलाया और फिर उसकी आंखों पर पट्टी बांधी फिर कुर्सी से बांधने के बाद जिंदा आग के हवाले कर दिया. इस घटना को जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई.&amp;nbsp;
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महिला प्रेरणा (27) और मृतक किरण (27) पिछले एक साल से रिलेशनशिप में थे. दोनों वोडाफोन के एक स्टोर में काम करते थे. हाल के दिनों में दोनों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी. प्रेरणा को शिकायत थी कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा है. शादी करने से भी इनकार कर रहा है.
फिल्मी स्टाइल में दिया वारदात को अंजामघटना मंगलवार दोपहर की है. प्रेरणा ने किरण को दक्षिण बेंगलुरु के अंजनापुर स्थित अपने घर बुलाया. घर पर उस समय वह अकेली थी. कुछ देर बातचीत के बाद प्रेरणा ने किरण की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे कुर्सी पर बैठाकर बांधने लगी. जब किरण ने इसका विरोध किया, तो उसने इसे विदेशों में चल रहे नए तरह के प्रपोजल का हिस्सा बताया.
कुर्सी से बंधे और आंखों पर पट्टी लगाए किरण को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है. इसी दौरान प्रेरणा पहले से तैयार पेट्रोल और केरोसिन का मिलाकर लेकर आई और उस पर डालकर आग लगा दी. बताया जा रहा है कि उसने इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड भी किया.

पुलिस ने क्या जानकारी दी?पुलिस अधिकारी डीसीपी डीएल नागेश के मुताबिक की मानें तो प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि महिला ने अपने प्रेमी को आग लगाकर उसकी हत्या की है. वह इस बात से नाराज थी कि वह उसे नजरअंदाज कर रहा था. घटना बेंगलुरु के बयादरहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अंजनानगर इलाके में हुई. पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है. मृतक किरण के परिवार को सूचित कर दिया गया है. उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:18:38 +0530</pubDate>
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<title>गुजरात ATS ने तोड़ा ‘गजवा&#45;ए&#45;हिंद’ की साजिश रचने वालों का ख्वाब! पाटण और मुंबई से ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां</title>
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<description><![CDATA[ गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कथित साजिश रचने वाले एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस मामले में गुजरात ATS ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से एक युवक को मुंबई से गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को पाटण से गिरफ्तार किया है. दोनों युवक कथित तौर पर गजवा-ए-हिंद की विचारधारा को बढ़ावा देने और देश में आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहे थे.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरफान कालेखान पठान (22) निवासी सिद्धपुर (पाटन, गुजरात) और मुर्शिद जाहिद अख्तर शेख (21) निवासी साकीनाका (मुंबई) के रूप में हुई है. जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों एक संगठित नेटवर्क बनाने की कोशिश में थे और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे. यह कार्रवाई मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को सामने आई, जब स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को 11 दिनों की ATS हिरासत में भेज दिया. इससे पहले ATS कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी.
कहां से जुड़े तार?&amp;nbsp;जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी इरफान पठान गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर का रहने वाला है, जबकि उसका सहयोगी मुर्शिद शेख मुंबई के साकीनाका इलाके से पकड़ा गया. दोनों के तार देश के कई हिस्सों में संभावित नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.
क्यों रची जा रही थी साजिश?&amp;nbsp;ATS के मुताबिक आरोपियों का मकसद &amp;lsquo;ग़ज़वा-ए-हिंद&amp;rsquo; की अवधारणा को आगे बढ़ाना, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करना और देश में आतंकी नेटवर्क खड़ा करना था. वे कथित तौर पर शरिया कानून लागू करने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश में शामिल थे. आरोपियों के निशाने पर RSS से जुड़े लोगों के भी होने की जानकारी सामने आई है.&amp;nbsp;
कैसे खुला मामला?&amp;nbsp;एटीएस ने तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया इनपुट के जरिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी. जांच के दौरान इरफान पठान के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध बातचीत मिली, जिसमें कथित तौर पर ISIS से जुड़े तत्वों के साथ संपर्क और जिहादी प्रचार सामग्री साझा करने के सबूत मिले. इसके बाद पूछताछ और डिजिटल जांच के आधार पर मुर्शिद शेख की भूमिका भी सामने आई.
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर युवाओं की भर्ती, हथियारों की ट्रेनिंग और RDX जैसे विस्फोटक बनाने की योजना बना रहे थे. इसके अलावा, वे पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी और फंडिंग के प्रयास में भी लगे थे. ATS ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (आपराधिक साजिश) और 148 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:18:38 +0530</pubDate>
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<title>Pahalgam Attack Anniversary: &amp;apos;भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा&amp;apos;, पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी ने पाकिस्तान को दिया अल्टीमेटम</title>
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<description><![CDATA[ Pahalgam Attack Anniversary:&amp;nbsp;पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों को याद करते हुए कहा कि उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करता हूं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. एक राष्ट्र के रूप में हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं. भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे.&#039;

Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026



पहलगाम में बनाया गया मृतकों की याद में स्मारक
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए वहां एक स्मारक बनाया गया है. लिद्दर नदी के किनारे काले संगमरमर से निर्मित एक स्मारक बनाया गया है, जिस पर 26 मृतकों के नाम अंकित हैं. वहीं बरसी पर इलाके की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;

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आतंकियों ने धर्म पूछकर मारी थी गोली&amp;nbsp;
पिछले साल 22 अप्रैल को पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में घूमने आए सैलानियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर महिलाओं और बच्चों के सामने गोली मारी थी. इस हमले के बाद देशभर में आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा फैल गया था.
ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के नौ ठिकाने तबाह कर दिए थे. इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. भारतीय सेना को असली कामयाबी 28 जुलाई 2025 को उस वक्त मिली थी, जब भारतीय सेना ने ऑपेरशन महादेव के तहत पहलगाम में लोगों को गोली मारने वाले आतंकियों को मौत के घाट उतारा था.
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:18:37 +0530</pubDate>
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<title>बंगाल चुनाव को लेकर ECI सख्त, 20 साल में पहली बार चुनाव अधिकारी ने किया हवाई सर्वे</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर चुनाव आयोग (ECI ) ने सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक सभी बूथों के प्रिसाइडिंग ऑफिसर को यह सुनिश्चित करना है कि ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें. किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से ढका नहीं होना चाहिए.
ईवीएम से छेड़छाड़ पड़ेगा महंगा- इलेक्शन कमीशनचुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि बैलेट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर वोट की गोपनीयता बनाए रखें और किसी तरह का कोई रंग, स्याही, परफ्यूम या अन्य रासायनिक पदार्थ का उपयोग न करें. ऐसी कोई भी घटना होने पर प्रिसाइडिंग ऑफिसर तुरंत सेक्टर ऑफिसर या रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित करेंगे. निर्देशों में आगे कहा गया है कि ऐसे सभी मामलों को ईवीएम से छेड़छाड़/हस्तक्षेप की श्रेणी में माना जा सकता है, जो एक चुनावी अपराध है. ऐसे किसी भी मामले में ईसीआई पुनर्मतदान का आदेश देने सहित आपराधिक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
20 साल में पहली बार चुनाव अधिकारी का हवाई सर्वेराज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से मालदा, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार और मेदिनीपुर का हवाई सर्वेक्षण किया. बता दें कि पिछले 20 सालों में यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस तरह का हवाई निरीक्षण किया है.&amp;nbsp;

मार्च कर रहे हैं अर्धसैनिक बलों के जवानउन्होंने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की. चुनाव के दौरान निगरानी को मजबूत करने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की गाड़ियों में कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम में भेजी जा रही है. अर्धसैनिक बलों के जवान बख्तरबंद गाड़ियों में बैठकर पूरे राज्य में फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ताकि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके.
पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 21 अप्रैल से थम चुका है. चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार राज्य में कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं. पहले चरण के लिए 20 अप्रैल से ही राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है.&amp;nbsp;
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<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:18:37 +0530</pubDate>
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<title>Indore News: इंदौर में मंदिर से लौट रही युवती से गैंगरेप, जान बचाने के लिए भागा साथी युवक, जांच जारी</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. बड़गोंदा थाना इलाके में मंदिर दर्शन कर लौट रही एक युवती के साथ गैंगरेप किया गया. आरोपियों ने पहले युवती के साथी युवक को बुरी तरह पीटा और मौके से भगा दिया, फिर युवती को जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया.
जानकारी के मुताबिक घटना बड़गोंदा थाना क्षेत्र के लगनशाह भैरव बाबा मंदिर के पास की है. युवक और युवती मंदिर में दर्शन करने के बाद जय जवान जय किसान तालाब के पास टहलते हुए जंगल की ओर गए थे. इसी दौरान दो अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और दोनों को रोक लिया.
आरोपियों ने पहले युवक को निशाना बनाया. लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. जान बचाने के लिए युवक वहां से भाग निकला. इसके बाद बदमाशों ने युवती को जबरन अपने कब्जे में ले लिया.
MP News: आशीर्वाद लेने गए BJP विधायक को बाबा ने दिया धक्का, मुक्के भी मारे, वीडियो वायरल
बताया जा रहा है कि बदमाश युवती को जबरन पकड़कर पास के जंगल में ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. वारदात के दौरान युवती ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उसे धमकाते रहे.
घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं लोगों में गुस्सा भी देखने को मिल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
महिला आरक्षण बिल पर MP की राजनीतिक तस्वीर ने उठाए सवाल, क्या राजनीति में चलता रहेगा परिवारवाद?
पुलिस ने शुरू की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई. बड़गोंदा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.&amp;nbsp;अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा. वहीं, इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:19:11 +0530</pubDate>
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<title>Jaipur News: &amp;apos;पुरुषवादी मानसिकता का नतीजा&amp;apos;, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान पर भड़की मुस्लिम महिलाएं</title>
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<description><![CDATA[ मुस्लिम महिलाओं को सिर्फ घर तक सीमित रखने की बात कहने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान पर अब विरोध तेज हो गया है. जयपुर की यूनिवर्सिटी से जुड़ी मुस्लिम महिलाओं ने उनके बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है और खुलकर विरोध किया है. महिलाओं का कहना है कि यह सोच न सिर्फ पुरानी है, बल्कि महिलाओं की क्षमता को कम आंकने वाली भी है.
जयपुर की मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि मौलाना का बयान बेहद पिछड़ी और छोटी सोच को दर्शाता है. उनका कहना है कि आज की महिला सिर्फ घर तक सीमित नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. महिलाओं ने साफ कहा कि वे घर भी संभाल सकती हैं और देश भी चला सकती हैं, और कई मामलों में पुरुषों से बेहतर काम कर सकती हैं.
महिलाओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें राजनीति में आने से रोकना गलत है. उनका कहना है कि सियासत में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है, क्योंकि वे समाज की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं. अगर महिलाएं आगे आएंगी, तो फैसले भी ज्यादा संतुलित और बेहतर होंगे.
Jaipur News: जयपुर की मुस्लिम महिलाओं ने महिला आरक्षण बिल का किया स्वागत, PM मोदी को कहा शुक्रिया
&amp;lsquo;ऐसे लोग ही बनते है रुकावट&amp;rsquo;
कुछ महिलाओं ने कहा कि मौलाना जैसे लोग ही महिलाओं के आगे बढ़ने में सबसे बड़ी बाधा हैं. इस तरह की बयानबाजी पुरुषवादी मानसिकता का नतीजा है, जो महिलाओं को पीछे रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि आज की मुस्लिम महिलाएं पढ़-लिखकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और अब उन्हें रोकना आसान नहीं है.
कई बुर्कानशी महिलाओं ने भी खुलकर मौलाना के बयान का विरोध किया. उनका कहना है कि इस तरह के बयान से लगता है कि कुछ लोगों को महिलाओं की तरक्की से डर लग रहा है. उन्होंने साफ कहा कि ऐसी बातें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और महिलाओं को उनका हक मिलकर रहेगा.
महिलाओं ने कहा कि अब समय बदल चुका है. आज महिलाएं फाइटर प्लेन तक उड़ा रही हैं, बड़े-बड़े पदों पर काम कर रही हैं और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं. ऐसे में उन्हें सियासत से दूर रखने की बात करना पूरी तरह गलत है.
Women&amp;rsquo;s Reservation Bill: राजस्थान में आधी आबादी का हक या परिवारों का दबदबा? महिला आरक्षण के बीच बहस तेज ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:19:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Delhi News: दिल्ली से रोहतक के बीच शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस, रेखा गुप्ता की सरकार का फैसला</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली सरकार ने राजधानी में सफर को आसान, सस्ता और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. जल्द ही दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी. इसके साथ ही दिल्ली से रोहतक के बीच इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा भी शुरू होगी, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
नई इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह आधुनिक होंगी. इनमें एयर कंडीशन, CCTV कैमरे, पैनिक बटन और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. खास बात यह है कि दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी लोग आराम से सफर कर सकें. इन बसों के जुड़ने के बाद DTC के बेड़े में बसों की संख्या करीब 6300 हो जाएगी.
दिल्ली-रोहतक सफर होगा आसान
नई बस सेवा कश्मीरी गेट और पीरागढ़ी से शुरू होगी. यह बसें टिकरी बॉर्डर, बहादुरगढ़ और सांपला जैसे इलाकों से गुजरेंगी. इससे खासकर नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को काफी फायदा मिलेगा, जो रोजाना इस रूट पर सफर करते हैं.
CM रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपियों को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने ट्रायल रोकने से किया इनकार
सरकार ने मदनपुर खादर में एक नया बस टर्मिनल भी तैयार किया है. यहां यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं. इसके अलावा ईस्ट विनोद नगर में नया प्रशासनिक भवन बनाया गया है, जिससे बस संचालन और कर्मचारियों के काम में सुधार होगा.
प्रदूषण कम करने पर जोर
दिल्ली में लंबे समय से प्रदूषण बड़ी समस्या रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दे रही है. ये बसें धुआं नहीं छोड़तीं, जिससे हवा साफ रखने में मदद मिलती है. सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ाकर 14,000 तक पहुंचाने का है.
सरकार का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन से न सिर्फ ट्रैफिक कम होगा, बल्कि लोगों का समय और पैसा भी बचेगा. यही वजह है कि दिल्ली में लगातार बस, मेट्रो और ई-रिक्शा जैसे साधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
दिल्ली में अब जाम का झाम होगा खत्म! ई-रिक्शा स्टैंड और अतिक्रमण पर कसा जाएगा शिकंजा ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:19:10 +0530</pubDate>
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<title>Bhadohi News: भदोही में 10 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, फर्जी खातों से खेल, 3 गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों अंशुल मिश्रा, मोहम्मद शोएब और कपिल रावत को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के अनुसार यह गिरोह मासूम लोगों को सरकारी योजना और सस्ते लोन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था.&amp;nbsp;आरोपियों के पास से 4 एंड्रॉइड मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें 200 से अधिक बैंक खातों का डेटा मिला है. इन खातों के विरुद्ध देशभर में 500 से अधिक NCRP शिकायतें दर्ज हैं और 10 करोड़ रूपये से अधिक का फ्रॉड किया है.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया के जरिए करते थे ठगी 
ज्ञानपुर पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने प्रेसवार्ता कर बड़ा खुलासा किया है. एसपी त्यागी ने कहा कि यह गिरोह पीड़ितों के पासबुक, ATM कार्ड और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर उन्हें दिल्ली, राजस्थान और लखनऊ जैसे शहरों में सहयोगियों को भेजता था. WhatsApp, Telegram और Instagram के जरिए निवेश और मालवेयर फाइल भेजकर ठगी की जाती थी.&amp;nbsp;
POS मशीन के जरिए कैश निकालते थे 
भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि ठगी की रकम को लखनऊ के एक पेट्रोल पंप की POS मशीन के जरिए कैश कराया जाता था, जहां आरोपी कपिल रावत कार्यरत था. उन्होंने कहा कि इस गिरोह ने अब तक 10 करोड़ से अधिक का फ्रॉड किया है. पीड़ित अमन कुमार बिंद की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस गिरोह को दबोचा.
जनता से सावधानी बरतने की अपील 
एसपी ने जनता से अपील की है कि वे अपना बैंक विवरण और सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें. उनके मुताबिक ये अपराधी आम लोगों की गलती का फायदा उठाते हैं. फिलहाल इससे निपटने का सिर्फ बचाव ही उपाय है. इसके साथ ही इस तरह की ठगी का शिकार होने पर तुंरत पुलिस या साइबर क्राइम पुलिस टीम से संपर्क करें, देरी से पैसा मिलने की उम्मीद और कम हो जाती है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:19:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 12 मई को वोटिंग, उद्धव ठाकरे फिर बनेंगे MLC? कांग्रेस का बड़ा ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए नियमित चुनाव और 1 सीट के लिए उपचुनाव आयोजित किए जाने को लेकर हलचल तेज हो गई है. भारत निर्वाचन आयोग ने इस चुनाव को लेकर कार्यक्रम घोषित कर दिया है. 10 सीटों के लिए 12 मई को वोटिंग होगी. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे. प्रज्ञा सातव के बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी सीट खाली हुई है, जिसके लिए उपचुनाव भी 12 मई को ही होगा. प्रज्ञा सातव कांग्रेस के दिवंगत नेता राजीव सातव की पत्नी हैं.&amp;nbsp;
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रज्ञा सातव बीजेपी में शामिल हुई थीं. उनका कार्यकाल 27 जुलाई 2030 तक था. इस उपचुनाव में महायुति की जीत लगभग तय मानी जा रही है. बीजेपी की ओर से फिर से प्रज्ञा सातव को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है.
Women&amp;rsquo;s Reservation Bill: महिला आरक्षण के खिलाफ या पक्ष में? उद्धव ठाकरे ने साफ किया अपना रुख
10 सीटों के चुनाव में 9 सीटों के लिए अलग मतदान और 1 सीट के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी. 9 सीटों के लिए 29 वोटों का कोटा तय किया गया है, जबकि प्रज्ञा सातव की सीट के लिए 144 वोटों का कोटा निर्धारित है. अगर बारामती और राहुरी विधानसभा उपचुनाव के विजेता मतदान करते हैं तो यह कोटा 145 तक पहुंच सकता है.
क्या बोले हर्षवर्धन सपकाल?
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय इस विषय पर चर्चा हुई थी. यदि उद्धव ठाकरे फिर विधान परिषद में जाते हैं तो कांग्रेस उनका समर्थन करेगी. लेकिन अगर कोई अन्य प्रस्ताव आता है तो उस पर चर्चा की आवश्यकता होगी. उन्होंने आगे कहा कि सातव की सीट पहले कांग्रेस की थी. देवेंद्र फडणवीस ने उस समय राजनीतिक मर्यादा (संस्कृति) की बात कही थी और कांग्रेस ने उसे स्वीकार भी किया था. इसलिए अब राजीव सातव की जो सीट है, उसे भी उसी राजनीतिक परंपरा के तहत कांग्रेस को दिया जाना चाहिए.
किन-किन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा समाप्त?

उद्धव ठाकरे (शिवसेना - उद्धव गुट)
नीलम गोरहे (शिवसेना)
शशिकांत शिंदे (एनसीपी- शरद पवार गुट)
अमोल मिटकरी (एनसीपी - अजित पवार गुट)
गोपीचंद पडलकर (बीजेपी)
रणजित सिंह मोहिते-पाटील (बीजेपी)
राजेश राठौड़ (कांग्रेस)
प्रवीण दटके (बीजेपी)
रमेश कराड (बीजेपी)

चुनाव का कार्यक्रम

अधिसूचना जारी: 23 अप्रैल 2026
नामांकन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
नामांकन की जांच: 2 मई 2026
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 4 मई 2026
मतदान: 12 मई 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
मतगणना: 12 मई 2026 शाम 5 बजे

लोकसभा की कार्यवाही से हटाया गया निशिकांत दुबे का बयान, शिवसेना-UBT बोली- माफी मांगें BJP MP ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:19:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;अगले 2 हफ्ते के भीतर...&amp;apos;, मौसम विभाग की देश के लिए बड़ी चेतावनी, जानें दिल्ली&#45;यूपी, बिहार का ताजा अपडेट</title>
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<description><![CDATA[ अगले 2 हफ्तों (16 से 29 अप्रैल 2026) तक देशभर में मौसम का रुख तेजी से बदलने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपना विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए साफ संकेत दिया है कि अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज एकदम अलग रहने वाला है, कहीं बारिश और राहत देगी तो कहीं भीषण गर्मी और लू लोगों की परेशानी बढ़ाएगी.
पिछले हफ्ते उत्तर भारत में आंधी-तूफान की गतिविधियां कम होने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी गई. वहीं पूर्वोत्तर और कुछ पूर्वी इलाकों में भारी बारिश हुई. IMD के अनुसार पूरे देश में साप्ताहिक बारिश सामान्य से करीब 46 फीसदी कम रही, जबकि प्री-मानसून सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से 14 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई है.
पूर्वोत्तर में बारिशइस हफ्ते यानि (16 से 22 अप्रैल) तक पूर्वोत्तर सबसे ज्यादा हलचल भरा रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी, तो कुछ इलाकों में भारी बारिश भी संभव है. इसके साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. IMD की तरफ से मिजोरम में एक-दो जगह ओले पड़ने की आशंका जताई गई है.

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश की संभावनाउत्तर-पश्चिम में भी मौसम थोड़ा सक्रिय रहेगा. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. 17 अप्रैल के आसपास पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक के आसार बन रहे हैं. पूर्वी राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी अलग-अलग दिनों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. कुछ जगहों पर तो आंधी 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है.
कहां-कहां चलेगी लूIMD द्वारा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में 16 से 20 अप्रैल तक लू चलने की चेतावनी दी गई है. महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्मी के साथ उमस भी सताएगी. फिलहाल देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान 38 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है. कई जगह यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा है. उत्तर-पश्चिम में तापमान ज्यादा नहीं बदलेगा, जबकि मध्य भारत में पहले हल्की बढ़ोतरी के बाद थोड़ी सी गिरावट आ सकती है.
23 से 29 अप्रैल तक पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है. बाकी देश में मौसम ज्यादातर शुष्क रह सकता है. मध्य और आसपास के इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा और कहीं-कहीं हल्की लू भी जारी रह सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ, हरियाणा-मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम और अलग-अलग ट्रफ लाइनें इन सब बदलावों के पीछे का कारण हैं.
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Delimitation Bill: लोकसभा सीटें बढ़ाने के 5 फायदे और 5 नुकसान! परिसीमन बिल में 543 से बढ़ाकर 840 सांसद कितने जरूरी? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:18:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Explained: परिसीमन बिल की अटकलें दूर! अमित शाह बोले&#45; &amp;apos;दक्षिण भारत के साथ अन्याय नहीं&amp;apos;, जानें पूरा सच</title>
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<description><![CDATA[ 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि दक्षिण भारत के पांच राज्यों (तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल) की लोकसभा सीटों में करीब 50% से ज्यादा बढ़ोतरी होगी. कोई राज्य नुकसान में नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि &#039;दक्षिण के खिलाफ कोई साजिश नहीं है, बल्कि हर राज्य को समानुपातिक बढ़ोतरी मिलेगी.&#039; यह बयान उन तमाम अटकलों पर विराम लगा रहा है जिनमें कहा जा रहा था कि नए परिसीमन से दक्षिण की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी.
अभी दक्षिण भारत की कितनी सीटें हैं और नए परिसीमन के बाद कितनी होंगी?
लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण के पांच राज्यों की कुल 129 सीटें हैं, जो 23.76% हैं. नए परिसीमन के बाद &amp;nbsp;लोकसभा में कुल 816 सीटें हो जाएंगी और दक्षिण भारत की कुल 195 सीटें (23.90%) होंगी. यह बढ़ोतरी हर राज्य को अलग-अलग दी गई है:

तमिलनाडु: 39 से बढ़कर 59 (सबसे ज्यादा फायदा, सदन में शेयर 7.23%)
कर्नाटक: 28 से बढ़कर 42 सीटें
आंध्र प्रदेश: 25 से बढ़कर 38 सीटें
तेलंगाना: 17 से बढ़कर 26 सीटें
केरल: 20 से बढ़कर 30 सीटें

यानी सभी राज्यों में 50% सीटें बढ़ जाएंगी.
यह 50% बढ़ोतरी का फॉर्मूला क्या है और क्यों अपनाया गया?
सरकार का कहना है कि हर राज्य को अपनी मौजूदा सीटों पर करीब 50% अतिरिक्त सीटें मिलेंगी, ताकि सदन में उनका प्रतिशत शेयर बिल्कुल वही या थोड़ा बढ़ा रहे. अमित शाह ने उदाहरण देते हुए कहा:

कर्नाटक का शेयर 5.15% से 5.14% (लगभग बराबर)
आंध्र प्रदेश 4.60% से 4.65%
तेलंगाना 3.13% से 3.18%
तमिलनाडु 7.18% से 7.23% &amp;nbsp;

इस फॉर्मूले का मकसद है कि परिवार नियोजन करने वाले दक्षिणी राज्यों को सजा न मिले और जनसंख्या बढ़ने वाले जवाब भारत को भी न्याय मिले. कुल सीटें बढ़ाकर 816 करने का कारण भी साफ है, यानी 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए बिना किसी पुरुष सांसद की सीट घटाए आरक्षण दिया जा सके.
क्या दक्षिण की चिंताएं पूरी तरह गलत हैं?
अमित शाह ने कहा कि &#039;दक्षिण की शक्ति बढ़ेगी, न कि घटेगी.&#039; लेकिन कांग्रेस, DMK और TDP जैसी विपक्षी पार्टियां अभी भी सतर्क है. उनका कहना है कि बिल के ड्राफ्ट में &#039;50% बढ़ोतरी&#039; का फॉर्मूला लिखा नहीं है. यह सिर्फ अमित शाह का आश्वासन है. अगर बाद में शुद्ध जनगणना आधार पर परिसीमन हुआ तो प्रतिशत बदल सकता है.
आम आदमी और राजनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा?

फायदा: दक्षिण भारत के पास 66 अतिरिक्त सांसद होंगे. दिल्ली में उनकी आवाज और मजबूत होगी. महिला आरक्षण भी बिना किसी की सीट घटाए लागू होगा.
राजनीतिक समीकरण: 2029 के चुनाव में दक्षिण की पार्टियां ज्यादा सीटें जीत सकती हैं. NDA और INDIA गठबंधन दोनों को फायदा.
संघीय भावना: उत्तर-दक्षिण विवाद थम सकता है, लेकिन अगर परिसीमन आयोग बाद में अलग फैसला ले तो फिर बहस छिड़ सकती है.

संसद के विशेष सत्र में तीनों बिल पास हो गए तो परिसीमन आयोग बनेगा. नई सीटें और महिला आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होंगे. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:18:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Explained:, परिसीमन, बिल, की, अटकलें, दूर, अमित, शाह, बोले-, दक्षिण, भारत, के, साथ, अन्याय, नहीं, जानें, पूरा, सच</media:keywords>
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<title>Delimitation Bill 2026: &amp;apos;मैं चाहता हूं, बंगाल भी कश्मीर बने&amp;apos;, आगा सैयद रुहुल्लाह ऐसा क्या बोले? सीट से खड़े हो गए अमित शाह</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में परिसीमन बिल 2026 पर चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने केंद्र सरकार पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इस बिल से देश में संतुलन बिगड़ सकता है और छोटे राज्यों, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे इलाकों की आवाज कमजोर हो सकती है.
मेहदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें डर है कि इस परिसीमन के बाद कुछ बड़े राज्य ही पूरे देश के फैसले लेने लगेंगे. उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े राज्यों के पास 400 से ज्यादा सीटें हो जाएंगी कि वे अकेले ही छोटे राज्यों पर फैसले थोप सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे संसद में बराबरी का संतुलन खत्म हो जाएगा और छोटे राज्यों की राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी.

हम लाचार हैं- सैयद रुहुल्ला मेहदी
सैयद रुहुल्ला मेहदी ने कहा कि हम लाचार हैं. हमने जो 2019 में देखा इस डीलिमिटेशन के बाद वो प्रोपोर्शन और ज्यादा खराब होगा. उसकी लाठी जो है, वो साउथ पे भी बरसेगी. बंगाल पे भी बरसेगी, नॉर्थ ईस्ट पे भी बरसेगी और मैं खुश हूं ये सारा साउथ कश्मीर बने. ये बंगाल कश्मीर बने. ये नॉर्थ ईस्ट कश्मीर बने और इनको पता चले कि कश्मीर के साथ कैसी ज्यादतियां की गईं. उनकी इन बातों पर गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई और सदन में दोनों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. अमित शाह ने बोला ये क्या बोल रहे हो.
आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी का आरोप
मेहदी ने यह भी आरोप लगाया कि परिसीमन के नाम पर जेरीमेंडरिंग की जा सकती है, यानी चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं इस तरह बदली जा सकती हैं, जिससे कुछ खास वर्ग या पार्टियों को फायदा मिले. मेहदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले भी ऐसा अनुभव हो चुका है, जहां आबादी के अनुपात को इस तरह बदला गया कि एक समुदाय का प्रभाव कम हो गया. मेहदी ने कहा कि इससे अल्पसंख्यकों की राजनीतिक ताकत घट सकती है और उनके वोट की कीमत भी कम हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में जब जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बना था, तब कुछ अधिकार और सुरक्षा की बातें तय की गई थीं, लेकिन धीरे-धीरे वे खत्म होती जा रही हैं.
धारा 370 हटाए जाने का जिक्र
मेहदी ने 2019 में धारा 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय भी जम्मू-कश्मीर की सहमति नहीं ली गई थी. उनका कहना था कि संसद ही एक ऐसा मंच है जहां जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन अगर संसद में ही उनका प्रतिनिधित्व कमजोर हो जाएगा तो उनकी आवाज कौन सुनेगा. मेहदी ने यह भी कहा कि पहले से ही संसद में सीटों का संतुलन उत्तर भारत की ओर ज्यादा झुका हुआ है और अगर नया परिसीमन हुआ तो यह असंतुलन और बढ़ जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर सिर्फ कश्मीर ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत, बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों पर भी पड़ेगा. &amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: Explained: परिसीमन बिल की अटकलें दूर! अमित शाह बोले- &#039;दक्षिण भारत के साथ अन्याय नहीं&#039;, जानें पूरा सच ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:18:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अशोक मित्तल के बाद एक और AAP नेता को झटका, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर सुबह&#45;सुबह पहुंच गई ED</title>
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<description><![CDATA[ पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की है, आज (17 अप्रैल) सुबह लुधियाना में उनके घर में ईडी की टीम पहुंची और बाहर केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया गया है. मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोरा और कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों की जांच के तहत तलाशी ली. एजेंसी के अधिकारी लुधियाना और कुछ अन्य जगहों की छानबीन कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरोरा के घर पर 2024 में भी ईडी ने छापा मारा था. तब ईडी ने एक बयान में कहा था कि अरोरा और कुछ अन्य संस्थाओं से जुड़ी कंपनियों ने आवासीय परियोजनाओं के लिए इंडस्ट्रियल जमीन के कथित दुरुपयोग से राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाया और काली कमाई की.
अशोक मित्तल के घर भी ईडी की रेड
बुधवार को ED ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर और उनकी निजी यूनिवर्सिटी में रेड की थी. उनके घर पर ED की रेड आज सुबह ही खत्म हुई मगर उनकी निजी यूनिवर्सिटी में अभी भी ED की सर्च चल रही है.
पंजाब सीएम करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं पर ईडी की लगातार की गई छापेमारी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सुबह 10.30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. इससे पहले भगवंत मान ने राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और उनसे जुड़े परिसरों पर ईडी की रेड को लेकर सवाल उठाए थे और सरकार पर निशाना साधा था.
(इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:18:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;अश्लील भाषा, साड़ी&#45;बिंदी का मजाक...एक हिंदू ने अपनाया इस्लाम&amp;apos;, TCS की पूर्व कर्मचारी के चौंकाने वाले खुलासे</title>
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<description><![CDATA[ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक पूर्व कर्मचारी ने एनडीटीवी को बताया कि कंपनी के नासिक कार्यालय में टीम लीडर अपने डेस्क का इस्तेमाल काम के लिए नहीं, बल्कि महिला सहकर्मियों के शोषण के लिए करते थे. कर्मचारी ने बताया कि डेस्क पर महिलाओं को बुलाते समय अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था. सभी आरोपियों का बात करने का तरीका बहुत अभद्र था.
पूर्व कर्मचारी ने कहा, &quot;लड़कियों को टीम लीडर की डेस्क पर बुलाया जाता था और उनके साथ ऐसी अश्लील भाषा का प्रयोग किया जाता था, जिसकी किसी भी पेशेवर ऑफिस में कल्पना नहीं की जा सकती.&quot;
&#039;साड़ी-बिंदी पहनने पर मजाक उड़ाता था तौसीफ अत्तार&#039;मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर हिंदू रीति-रिवाजों को निशाना बनाने का आरोप है. गवाह ने बताया कि वह त्योहारों के दौरान महिला कर्मचारियों का मजाक उड़ाता था, जब वे साड़ी या बिंदी पहनती थीं. कर्मचारी ने बताया, &quot;त्योहार पर जब हम साड़ी पहनते थे तो वह हमारे पहनावे और धर्म पर सवाल उठाता था. जब हम जाने लगते थे तो वह घिनौनी टिप्पणियां करता था.&quot;
एक हिंदू कर्मचारी ने अपनाया इस्लाम- पूर्व कर्मचारीपूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि कृष्णा नाम का एक सहकर्मी कार्यालय में रुद्राक्ष की माला पहनता था और बाद में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया. एक और खुलासा निदा खान से संबंधित है, जिसकी जांच चल रही है. पूर्व कर्मचारी ने बताया कि निदा खान HR नहीं बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थी, जो रहस्यमय तरीके से कर्मचारियों के तबादलों के लिए काम करती थी. कर्मचारी ने दावा किया कि सुरक्षा के नाम पर कर्मचारियों के फोन, बैग के अलावा लंच बॉक्स भी कार्यालय परिसर के बाहर छोड़ने के लिए कहा जाता था ताकि गतिविधियां रिकॉर्ड न हों.

&#039;लड़कियों पर होटल में जाने के लिए डालते थे दबाव&#039;पूर्व कर्मचारी ने दानिश और रज़ा नाम के दो अन्य कर्मचारियों का नाम लिया, जिन पर आरोप है कि वे ऑफिस से ही होटल और रिसॉर्ट बुक करते थे और युवा महिला कर्मचारियों पर उनके साथ आने का दबाव डालते थे. गवाह ने कहा कि कंपनी छोड़ने के बाद अब वह सुरक्षित महसूस करती हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कॉर्पोरेट संस्था होने के बावजूद वरिष्ठ प्रबंधन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी.
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई. याचिका में कहा गया है कि नासिक में संगठित धर्मांतरण ने पूरे देश के नागरिकों की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. इसमें तर्क दिया गया है कि धोखे से किया जा रहा धर्मांतरण संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बंधुत्व, गरिमा, एकता और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है.
निदा खान समेत 7 गिरफ्तार, 1 महिला अब भी फरारनासिक पुलिस टीसीएस से जुड़े मानसिक और यौन उत्पीड़न की 9 शिकायतों की जांच कर रही है. ये शिकायतें 8 महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई हैं और फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक की अवधि से संबंधित हैं. इस मामले में 7 कर्मचारियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान को गिरफ्तार किया गया है. एक अन्य महिला कर्मचारी फिलहाल लापता है.
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<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:18:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>अश्लील, भाषा, साड़ी-बिंदी, का, मजाक...एक, हिंदू, ने, अपनाया, इस्लाम, TCS, की, पूर्व, कर्मचारी, के, चौंकाने, वाले, खुलासे</media:keywords>
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<title>नोएडा हिंसा में बाहरी तत्वों के शामिल होने का खुलासा, गिरफ्तार 66 लोगों में 45 नहीं हैं मजदूर</title>
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<description><![CDATA[ नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने अब तक 66 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इनमें से 45 किसी कंपनी के मजदूर नहीं है. बावजूद इसके ये लोग प्रदर्शनों में शामिल रहे और इस दौरान हिंसा व आगजनी भड़काने में इन बाहरी तत्वों ने भूमिका निभाई.&amp;nbsp;
बुधवार को यूपी सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन बाहरी लोगों ने मजदूर आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश फैलाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने इसे नाकाम कर दिया और कुछ ही घंटों में स्थिति पर काबू पा लिया गया. इसके बाद औद्योगिक गतिविधियां सामान्य हो गईं.
नोएडा में हिंसा भड़काने में बाहरी लोगों का हाथ
नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था. इस दौरान नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों में आगजनी की गई, सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं थी. सरकार ने बताया है कि अब तक की जाँच में आगजनी के मामलों में पहचाने गए 17 लोगों में से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें आठ मजदूर नहीं हैं.&amp;nbsp;
लोगों को भड़काने के मामले में पहचाने गए 32 लोगों में से अब तक 19 को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है जो मजदूर नहीं थे और उन पर प्रदर्शन में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने का आरोप है. प्रशासन का कहना है कि चार लोगों को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनके संगठित नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
आर्थिक तंत्र का बाधित करने की थी साजिश
प्रशासन के मुताबिक ये घटना केवल श्रमिक असंतोष तक सीमित नहीं थी, बल्कि नोएडा के आर्थिक तंत्र को बाधित करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा थी, जिसमें कुछ राजनीतिक तत्वों और संगठित समूहों की संलिप्तता रही. सरकार के अनुसार, विभिन्न राज्यों की कुछ महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल पाई गईं और हिंसक गतिविधियों में लगे लोगों की मदद कर रही थीं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने हालात काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठाए. जिसमें वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद मजदूरों और फैक्टरी मालिकों, दोनों ने सहयोग किया. जिससे नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां जल्द ही पटरी पर लौट आईं. सरकार ने कहा, कारखानों में सामान्य रूप से कामकाज जारी है और श्रमिक तथा उद्योग जगत के हितधारक सहयोग कर रहे हैं.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:25 +0530</pubDate>
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<title>Bhadohi News: भदोही में शातिर लुटेरों पर &amp;apos;हंटर&amp;apos;,  पुलिस ने 3 अपराधियों पर लगाया गैंगस्टर एक्ट</title>
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<description><![CDATA[ भदोही की औराई पुलिस ने एक संगठित अपराधी गिरोह के तीन सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसा है. यह गिरोह पिछले लंबे समय से जिले में चोरी, लूट और धोखाधड़ी जैसी वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. पुलिस ने अपराधियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है.
क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना कुशीनगर का रहने वाला पंकज राव है. यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से बैंक से पैसा निकालने वाले लोगों की रेकी करता था. बीते 17 फरवरी को इन बदमाशों ने औराई के जयरामपुर इलाके में एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया था. बैंक से 49,000 रुपये निकालकर जा रहे बुजुर्ग से घोसिया ओवरब्रिज के पास इन बदमाशों ने दिनदहाड़े पैसे छीन लिए थे और फरार हो गए थे.
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दबोचा
बताया गया कि पुलिस ने इन अपराधियों को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया, जिनके पास से लूट के 8,000 रुपये बरामद हुए थे. इस गिरोह में पंकज राव के साथ सर्वेश सिंह और सकलेन नाम के अपराधी शामिल हैं. ये तीनों ही कुशीनगर जनपद के रहने वाले हैं और इनका एक संगठित नेटवर्क है, जो आर्थिक लाभ के लिए जघन्य वारदातों को अंजाम देता है.
इलाके में था दहशत का माहौल
राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, इस गिरोह का खौफ इतना था कि समाज का कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था. ये अपराधी अवैध तरीके से कमाए गए धन से अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे थे. औराई पुलिस ने धारा 3(1) गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत केस दर्ज किया है.
अपराधियों की संपत्ति की जा सकती है कुर्क
एसपी त्यागी अभिनव त्यागी ने दो टूक चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. अहम खबर यह है कि गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद अब इन अपराधियों द्वारा अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों पर भी पुलिस की पैनी नजर है, जिसे जल्द ही कुर्क किया जा सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:25 +0530</pubDate>
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<title>जयपुर: महिलाओं के लिए खुलेंगे नए मौके, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर CM भजनलाल शर्मा का बयान</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णायक कदम है. इस अधिनियम के माध्यम से आधी आबादी अब निर्णय लेने की मुख्य भूमिका भी निभाएगी. इससे महिलाएं योजना एवं बजट बनाने सहित देश के हर अहम निर्णय में शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि बेटियों का दृढ़ आत्मविश्वास ही विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदलेगा.
सीएम ने बुधवार (15 अप्रैल) को मुख्यमंत्री आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर की छात्राओं के साथ संवाद कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जब बेटियां आगे बढ़ती हैं तो परिवार, जिला, प्रदेश और राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है. नेतृत्व में नारी शक्ति की भागीदारी बढ़े, इसके लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए हैं. इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
महिलाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खोलेगा अधिनियम-सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा. छात्राएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही समाज और प्रदेश के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार महिलाओं की सुरक्षा और समृद्धि के संकल्प के साथ कार्य कर रही है. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजना के माध्यम से बालिका लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है. उज्ज्वला, जन-धन और मुद्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है.
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. इसी क्रम में लाडो प्रोत्साहन योजना राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये किया गया है. मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है. मां वाउचर योजना के माध्यम से महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा मिली है. उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रही है. लखपति दीदी ऋण योजना की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये किया गया है. प्रदेश में 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में महिला अपराधों में कमी दर्ज की गई है. प्रदेश में 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं.
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युवाओं के रोजगार का मार्ग हो रहा प्रशस्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मंशा है कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार प्रदाता भी बनें. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में 4 लाख एवं निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार देने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है. अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा 1 लाख 25 हजार नई सरकारी नौकरियों की भर्तियों का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक से युवाओं के सपने टूटे, लेकिन हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:24 +0530</pubDate>
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<title>हिमाचल प्रदेश: एक पत्नी और दो पति, अब घर में आया नन्हा मेहमान, जोड़ीदार प्रथा से हुई थी शादी</title>
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<description><![CDATA[ 
देश दुनियां में पिछले साल सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोरने वाली हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की अनोखी शादी एक बार फिर सुर्खियों में है. जोड़ीदार प्रथा के तहत शादी करने वाली सुनीता ने एक बच्चे को जन्म दिया है. परिवार में बच्चे के जन्म के बाद दोनों पिता बेहद खुश हैं. एक पिता घर पर मौजूद रहकर इस खुशी को मना रहा है तो दूसरे ने विदेश से यह जानकारी अपने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर दी है.
अब यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. इसे परंपरा और सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा मानते हुए कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं तो कुछ नहीं कर रहे. विदेश में रह रहे पिता ने सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो शेयर कर लिखा, &#039;आज हमारे घर एक प्यारा सा नन्हा मेहमान आया है, और हम दोनों भाइयों की जिंदगी सच में पूरी हो गई है.&#039;
बच्चे से मिलने को बेताब पिता
&amp;nbsp;उसने आगे लिखा, &amp;nbsp;&#039;विदेश में रहते हुए भी आज दिल बस एक ही बात कह रहा है. अब जल्दी से घर जाऊँ, अपने बच्चे को गोद में उठाऊं और उस खुशी को महसूस करूं जिसके लिए हर इंसान तरसता है. विदेश में रह रहे पिता ने आगे लिखा, &#039;पहले घर जाने की उतनी उत्सुकता नहीं होती थी, लेकिन अब हर पल बस यही इंतज़ार है..अपने परिवार और अपने बच्चे के साथ वो अनमोल समय बिताने का.&#039;
&amp;nbsp;&amp;nbsp;गौर हो कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में जोरीदार प्रथा के तहत एक ही परिवार के दो या अधिक भाई एक ही महिला से विवाह करते हैं. इसी परंपरा के तहत &amp;nbsp;प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने सुनीता चौहान के साथ सात फेरे लिए थे. वैसे तो पुराने समय में ये आम बात थी, लेकिन पिछले साल इस शादी के चर्चे खूब हुए. पढ़े-लिखे और संपन्न परिवार से जुड़े इस जोड़े के फैसले ने इसे चर्चा का बड़ा विषय बना दिया था. अब इस परिवार में नन्हा मेहमान आने से खुशियां बढ़ गई हैं. सोशल मीडिया से लेकर पड़ोसी भी इस परिवार को नए मेहमान के लिए बधाई दे रहे हैं.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:24 +0530</pubDate>
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<title>जयपुर: ईरानी सुप्रीम लीडर को दी गई श्रद्धांजलि, अली खामेनेई के प्रतिनिधि समेत कई नेता हुए शामिल</title>
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<description><![CDATA[ राजधानी जयपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की शहादत पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. अमेरिका व इजराइल द्वारा ईरान व लेबनान पर किए गए हमले का विरोध जताने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
राजस्थान मुस्लिम समाज की तरफ से जयपुर के कर्बला मैदान बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के प्रतिनिधि इस्लामिक स्कॉलर अब्दुल माजिद हकीम इलाही भी खास तौर पर शामिल हुए.&amp;nbsp;
इन कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रवक्ता असीम वकार, अजमेर दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद सरवर चिश्ती, लेखक और आलोचक डॉ. अशोक पांडेय, कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कादरी के साथ ही ईरान और लेबनान पर किए गए हमले की निंदा की गई.&amp;nbsp;
ईरान के सुप्रीम लीडर को दी गई श्रद्धांजलि
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को श्रद्धांजलि पेश की गई. इस पूरे मामले पर भारत सरकार के कदम पर सवालिया निशान खड़े किए गए. इस दौरान आम आदमी पार्टी और एमआईएम ने मंच से सियासी निशाना भी साधा,
कहा गया कि ईरान हमेशा से भारत का अच्छा दोस्त रहा है. 1994 में जब सभी मुस्लिम देश भारत के खिलाफ हो गए थे, तब भी ईरान हिंदुस्तान के साथ खड़ा हुआ था. मुश्किल वक्त में भी ईरान ने भारत को गैस और तेल मुहैया कराया है. ईरान के साथ गलत किया गया है .
सरकार को ईरान के साथ खड़ा होना चाहिए
कार्यक्रम में कहा गया कि ऐसे वक्त में भारत सरकार को ईरान के साथ खड़े होना चाहिए. यह कार्यक्रम जयपुर के कर्बला मैदान पर आयोजित हुआ. इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी मौजूद थीं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस कार्यक्रम में बढ़ृचढ़कर हिस्सा लिया है.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:24 +0530</pubDate>
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<title>India Economy 2025: IMF रैंकिंग में पिछड़ा भारत, इस देश से हुआ पीछे, जानें अब किस नंबर पर पहुंचा</title>
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<description><![CDATA[ भारत 2025 में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत एक स्थान नीचे खिसक गया है, जबकि इससे पहले 2024 में भारत पांचवें स्थान पर था. उस समय भारत की अर्थव्यवस्था करीब 3.76 ट्रिलियन डॉलर की थी. इस लिस्ट में भारत से आगे जापान, जर्मनी, चीन और सबसे ऊपर अमेरिका था.
2025 में भारत की अर्थव्यवस्था बढ़कर लगभग 3.92 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद ब्रिटेन (करीब 4 ट्रिलियन डॉलर) भारत से आगे निकल गया है. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका है, जिसकी वैल्यू लगभग 30.8 ट्रिलियन डॉलर है. इसके बाद चीन (19.6 ट्रिलियन डॉलर) और जर्मनी (4.7 ट्रिलियन डॉलर) का स्थान आता है.
क्या है भारत की रैंकिंग गिरने का कारण?
भारत की रैंकिंग गिरने का कारण यह नहीं है कि देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है दरअसल, भारत ने इस दौरान रुपये के हिसाब से करीब 9 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ दर्ज की है, &amp;nbsp;लेकिन वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं की तुलना डॉलर में होती है. ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने से भारत की कुल जीडीपी डॉलर में उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाई. IMF के अनुसार, 2024 में एक डॉलर की कीमत करीब 84.6 रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 88.5 रुपये हो गई है. रुपये के कमजोर होने से भारत की आर्थिक बढ़त का असर वैश्विक रैंकिंग में कम दिखाई दिया. इसके अलावा जीडीपी के नए आंकड़ों में किए गए संशोधन का भी असर पड़ा है.
क्या हो सकती है आने वाले दिनों में भारत की स्थिति?
आने वाले वर्षों में भारत के फिर से तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है. अनुमान है कि 2026 में भी भारत छठे स्थान पर रह सकता है, लेकिन 2027 तक भारत फिर से ब्रिटेन को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच जाएगा. उस समय भारत की अर्थव्यवस्था करीब 4.58 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जबकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था लगभग 4.47 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है. इसके बाद 2028 में भारत जापान को भी पीछे छोड़ सकता है. उस समय भारत की अर्थव्यवस्था करीब 5.06 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि जापान की अर्थव्यवस्था करीब 4.74 ट्रिलियन डॉलर रह सकती है. इस तरह भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. कुछ नए अनुमानों के अनुसार भारत 2031 तक मजबूती से तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है, जब उसकी अर्थव्यवस्था करीब 6.79 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
क्या होने वाली है साल 2030 में भारत की स्थिति?
भारत की बढ़त थोड़ी धीमी दिखने की सबसे बड़ी वजह रुपये की लगातार कमजोरी है. हालांकि, रुपये के हिसाब से देखें तो भारत की जीडीपी 2024 में 318 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 2025 में 346.5 ट्रिलियन रुपये हो गई है, जो मजबूत वृद्धि को दिखाती है. इन सबके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. आने वाले समय में भी भारत की अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढ़ती रहने की उम्मीद है. अनुमान है कि 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था करीब 6.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी और जर्मनी के साथ अंतर कम हो जाएगा. इसके बाद भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है. वहीं अमेरिका पहले स्थान पर बना रहेगा और चीन दूसरे स्थान पर रहेगा.
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<title>अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान, कहा&#45; &amp;apos;महिला&#45;विरोधी सोच&amp;apos; वाली पार्टियां आरक्षण...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ Women Reservation Bill: जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को विपक्षी पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि &#039;महिला-विरोधी सोच&#039; रखने वाले लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं.
उनकी यह टिप्पणी संसद के तीन दिन के बढ़े हुए बजट सत्र के दोबारा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले आई है. इस सत्र के दौरान &#039;नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023&#039; में संशोधनों और एक प्रस्तावित परिसीमन बिल पर चर्चा होने की उम्मीद है, ताकि संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.
आईएएनएस से ​​बात करते हुए ठाकुर ने कहा: &#039;जो लोग महिला-विरोधी हैं, वे ही यह काम कर रहे हैं। 1971 में ही यह तय हो गया था कि किसे कितनी सीटें मिलेंगी। दक्षिण भारतीय राज्यों को उससे ज्यादा सीटें मिल रही हैं.&#039;

उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी मिल रहा है. इसलिए जिन पार्टियों की विचारधारा महिला-विरोधी है, वे आज इसका विरोध कर रही हैं&amp;mdash;चाहे वह (कांग्रेस सांसद) सोनिया गांधी हों, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हों, डीएमके हो या कोई अन्य पार्टी. उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूएपीए सरकार पर अपने कार्यकाल के दौरान इस बिल को पारित न कर पाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि जब वे यूएपीए सरकार का हिस्सा थे, तब भी उन्होंने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान महिला आरक्षण बिल को पारित नहीं होने दिया; लेकिन हमने इस बिल को पारित कर दिया है.
इसके अलावा, ठाकुर ने कहा कि हम महिलाओं को उनके अधिकार देते हैं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करते हैं.&amp;nbsp;इस बीच, भाजपा सांसद ने पत्रकारों से तृणमूल कांग्रेस के शासन और अगले हफ्ते होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं के बारे में भी बात की.
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उन्होंने कहा कि लोगों ने ममता बनर्जी की आवाज बंद कर दी है. तृणमूल कांग्रेस की हार तय है। 4 मई को तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जाएगी. इसीलिए ममता बनर्जी घबराई हुई हैं. वह राज्य में अपने 15 साल के शासन की किसी भी उपलब्धि के बारे में बात नहीं कर पा रही हैं.
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं, जो अपने नेताओं को बचाने के लिए ईडी की छापेमारी वाली जगह पर पहुंच गईं.
इसके अलावा, ठाकुर ने कहा कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल भ्रष्टाचार, कमीशन और अवैध घुसपैठ से मुक्त हो जाएगा. जब राज्य तृणमूल कांग्रेस से छुटकारा पा लेगा, तो वह अपने आप ही सभी बुराइयों से मुक्त हो जाएगा.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>केंद्र के परिसीमन वाले विधेयक को लेकर गुस्से में स्टालिन, विधेयक की कॉपी को लगाई आग, बोले&#45; &amp;apos;अब होगा...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार (16 अप्रैल) को मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ विरोध तेज करते हुए विधेयक की एक प्रति जलाई और काला झंडा फहराया. उनके इस कदम से राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत हो गई है.
स्टालिन ने काले कपड़े पहनकर 131वें संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में काला झंडा फहराया, क्योंकि इसमें विधानसभाओं और लोकसभा के आकार को बदलने के लिए परिसीमन का प्रस्ताव है. स्टालिन ने इसे काला कानून बताया है.
यह आंदोलन द्रविड़ भूमि में फैलेगा- स्टालिनस्टालिन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह प्रतिरोध तमिलनाडु में फैले और फासीवादी बीजेपी का अहंकार धराशायी हो जाए. अतीत के हिंदी-विरोधी आंदोलनों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के पूर्व प्रतिरोध ने दिल्ली को झुकने पर मजबूर कर दिया था और इसी तरह का आंदोलन वर्तमान प्रस्ताव को चुनौती देगा. उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक तमिलों को उनकी अपनी भूमि में शरणार्थी बना देगा और कहा कि बीजेपी के अहंकार को कुचलने के लिए यह आंदोलन द्रविड़ भूमि में फैलेगा.

संसद का विशेष सत्र बुलाने पर उठाए सवालकेंद्र द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने के लिए मसौदा संशोधन विधेयकों को मंजूरी देने के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है. विपक्षी दलों ने चुनावी मौसम में संसद का विशेष सत्र बुलाने की जल्दबाजी पर भी चिंता जताई है. स्टालिन ने राज्य भर के लोगों से विरोध के प्रतीक के रूप में अपने घरों पर काले झंडे फहराने का आह्वान किया. विरोध प्रदर्शन के तहत तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर स्थित तमिलनाडु के मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी के आवास पर भी काले झंडे लगाए गए.
क्या बोले तमिलनाडु के मंत्री&amp;nbsp;तमिलनाडु के मंत्री महेश ने पहले आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है, जिससे राज्यों के अधिकारों का हनन होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सीटों की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है और बताया कि मसौदा रिपोर्ट विपक्षी दलों के साथ साझा नहीं की गई है.&amp;nbsp;
उन्होंने इस कदम के समय पर भी सवाल उठाया और कहा कि पार्टियां वर्तमान में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि यह कदम किसी गुप्त मकसद से प्रेरित है. केंद्र सरकार ने लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें शामिल हैं.&amp;nbsp;
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:05 +0530</pubDate>
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<title>India&#45;Russia Relations: रूस का भारत को तगड़ा ऑफर, पुतिन के दूत ने कहा&#45; &amp;apos;कुछ भी हो जाए, इंडिया को तेल और LPG देते रहेंगे&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने हाल ही में भारत और रूस के रिश्तों, रक्षा सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और दुनिया की बदलती राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने साफ कहा कि दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और रूस, भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का पूरा समर्थन करता है.
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच बड़े नेताओं का आना-जाना आगे भी जारी रहेगा. रूस को उम्मीद है कि सितंबर 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद शामिल होने आ सकते हैं. पिछले साल पुतिन के भारत दौरे के बाद अब रूस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारी कर रहा है और इसको लेकर बातचीत चल रही है.
रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव का बयान
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों का रिश्ता काफी मजबूत बना हुआ है. राजदूत ने बताया कि S-400 मिसाइल सिस्टम की जो बाकी डिलीवरी बची है, वह जल्द भारत को मिल जाएगी. इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल और AK-203 राइफल को भारत-रूस सहयोग की बड़ी सफलता बताया गया. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस के आधुनिक लड़ाकू विमान SU-57 में रुचि दिखाई है, लेकिन कई रक्षा सौदों की जानकारी सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की जा सकती. ऊर्जा के मामले में रूस भारत का अहम साथी बना हुआ है. अलीपोव ने कहा कि दुनिया में चाहे जितना तनाव हो, रूस भारत को उसकी जरूरत के अनुसार कच्चा तेल और LPG देता रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में भारत को रूस से मिलने वाली सप्लाई बढ़ी है. साथ ही उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे प्रतिबंध और दबाव बनाकर भारत-रूस संबंधों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके अनुसार, रूस हमेशा एक भरोसेमंद साथी रहा है.
ईरान-अमेरिका जंग पर रूस का बयान
पश्चिम एशिया में चल रहे जंग और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी रूस ने अपना रुख साफ किया है. अलीपोव ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को गलत बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ईरान को अपने बचाव और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के उपयोग का अधिकार है. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि सिर्फ युद्धविराम काफी नहीं है, बल्कि लंबे समय के लिए बातचीत से हल निकालना जरूरी है. आर्थिक संबंधों की बात करें तो भारत और रूस अब व्यापार को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों देशों ने 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है, जिसे राजदूत ने हासिल करने लायक बताया. फिलहाल भारत ज्यादा तेल खरीद रहा है, जिससे व्यापार संतुलन रूस की तरफ झुका हुआ है. इसे संतुलित करने के लिए रूस चाहता है कि भारत अपने कृषि उत्पाद, मशीनें और अन्य सामान का निर्यात बढ़ाए.
भारत और रूस के रिश्ते
एक खास बात यह भी है कि दोनों देशों के बीच अब ज्यादातर व्यापार अपनी-अपनी मुद्रा में हो रहा है. करीब 95 प्रतिशत लेन-देन राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों का असर कम किया जा सके. इसके लिए दोनों देशों ने वित्तीय व्यवस्था भी तैयार कर ली है और उसे और आसान बनाने की कोशिश जारी है. यह साफ है कि भारत और रूस के रिश्ते सिर्फ पुराने नहीं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है

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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>विदेशों से भी अब फंड ले सकेंगे धीरेंद्र शास्त्री, बागेश्वर धाम को सरकार की मंजूरी, जानें क्या है FCRA</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम को अब विदेश से दान (Foreign Funds) लेने की सरकारी मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) के तहत दी है.&amp;nbsp;
इसका मतलब है कि अब बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था विदेश में रहने वाले लोगों से भी कानूनी तरीके से पैसे (दान) ले सकेगी. पहले ऐसा करने के लिए केंद्र सरकार की खास अनुमति जरूरी होती थी, जो अब धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को मिल गई है.
किन क्षेत्रों में काम करता है बागेश्वर धामबता दें कि धीरेंद्र शास्त्री की देखरेख में काम करने वाली धार्मिक संस्था बागेश्वर धाम जन सेवा समिति ग्राम गड़ा जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. ये संस्था धार्मिक कार्यों के अलावा सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी काम करती है. अब विदेश से मिलने वाले फंड का उपयोग इन सभी कामों को आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा.

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर चर्चा में रहते हैं. उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ नजर आती है और उनके फॉलोवर्स सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मौजूद हैं. ऐसे में ये मंजूरी उनकी संस्था को दुनियाभर से चंदा जुटाने में बड़ी मददगार साबित होगी.
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क्या है FCRA&amp;nbsp;दरअसल, इस मंजूरी के साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े होते हैं. बता दें कि FCRA के तहत जो भी संस्था विदेशों से पैसा लेती है, उसे पूरा हिसाब किताब रखना होता है. मतलब ये कि पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, इसकी सारी जानकारी सरकार को देनी होती है. साथ ही एक तय बैंक खाते के जरिए ही यह लेन-देन करना होता है और समय-समय पर रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ती है.
संस्था को सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होता है. इस फैसले से बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा. यह संस्था दान के जरिए मिलने वाले फंड से शिक्षा, सेवा और अन्य योजनाओं पर भी काम करती है.
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<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:03 +0530</pubDate>
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<title>सम्राट चौधरी: BJP के पहले और कोइरी समुदाय से दूसरे CM होंगे, पार्टी ने उन्हें ही क्यों चुना?</title>
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<description><![CDATA[ बिहार में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब बीजेपी सम्राट चौधरी को सत्ता की कमान सौंपने जा रही है. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी सीएम पद की शपथ लेंगे. सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आने वाले बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे. इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह इस समुदाय से मुख्यमंत्री बने थे, जिनका कार्यकाल मात्र पांच दिन का रहा था. नई सरकार में जेडीयू से दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं.&amp;nbsp;
ओबीसी वर्ग को बीजेपी ने साधा!
बिहार में कोइरी को कुशावाहा भी कहा जाता है. ओबीसी में यादव के बाद कुशवाहा दूसरी बड़ी जाति है. बीजेपी ने ओबीसी वर्ग को साधने की कोशिश की है. बिहार के साथ फोकस में यूपी भी है. सम्राट चौधरी, गैर यादव ओबीसी नेता के रूप में बीजेपी की पहली पसंद थे. वो RJD और JDU में रहने के बाद बीजेपी में शामिल हुए. उनके पास संगठन का लंबा अनुभव है, इसलिए भी बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया है.&amp;nbsp;
नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री!
इसके अलावा सम्राट चौधरी आक्रामक और मुखर छवि के नेता हैं. डिप्टी सीएम बनने के बाद उन्होंने बिहार बीजेपी में नया जोश भरा है. यही नहीं नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम रहते हुए सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री काफी अच्छी थी. माना जाता है कि उन्हें सीएम की कुर्सी पर बिठाने में नीतीश कुमार की भी भूमिका रही.
लगातार विपक्ष के निशाने पर रहे सम्राट चौधरी
ये वही सम्राट चौधरी हैं, जिन्होंने बीजेपी में आने के बाद नीतीश कुमार के खिलाफ प्रतिज्ञा ली थी. प्रतिज्ञा ये कि वो जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर नहीं करेंगे, अपनी पगड़ी नहीं खोलेंगे. आज नीतीश कुमार बिहार की सत्ता से बाहर हो चुके हैं और उनकी कुर्सी पर सम्राट चौधरी बैठने जा रहे हैं. सम्राट चौधरी ही बिहार में बीजेपी के ऐसे नेता हैं जो विपक्ष के निशाने पर सबसे ज्यादा रहे हैं.
सम्राट चौधरी को घेरती रही आरजेडी
आरजेडी उनकी डिग्री, बर्थ सर्टिफिकेट को फर्जी बताकर हमला करती रही है. आरजेडी ने बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त सम्राट चौधरी को जमकर घेरा था. अब जब वो सीएम बनने जा रहे हैं तो उनके चयन पर आरजेडी एक बार फिर सवाल उठा रही है. तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि बिहार अब गुजरात से चलेगा तो उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, &#039;&#039;मुख्यमंत्री बनाने के लिए बीजेपी को एक घुमंतू ही मिला&#039;.&amp;nbsp;
सम्राट चौधरी का सियासी सफर
अब नीतीश कुमार बिहार की सियासी पिक्चर से आउट हो चुके हैं और विपक्ष के सीधे टारगेट पर सम्राट चौधरी आ गए हैं. सम्राट चौधरी के सियासी सफर पर नजर डालें तो उनके पिता शकुनी चौधरी और मां पार्वती देवी भी राजनीति में रही हैं. सम्राट चौधरी ने 1999 में आरजेडी से सियासी करियर की शुरुआत की थी. 2000 में वो आरजेडी से विधायक बने और राबड़ी सरकार में मंत्री बने. 2014 में वो जेडीयू के पाले में चले गए. जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री रहे.
इसके बाद 2017 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. साल 2023 में बिहार बीजेपी के अध्यक्ष बने. 2024 में उन्हें पहली बार नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया. 2025 के चुनाव के बाद गृहमंत्री बने. अब 15 अप्रैल 2026 को वो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं.&amp;nbsp;
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:24:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>CM तो फाइनल हैं, बिहार की नई सरकार में डिप्टी CM कौन? नीतीश कुमार ने लगा दी मुहर</title>
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<description><![CDATA[ बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री का नाम फाइनल हो गया है. अब बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने की राह साफ हो गई है. सम्राट चौधरी प्रदेश में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. इस बीच अब डिप्टी सीएम के नाम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए राजी नहीं हैं. कहा जा रहा है कि वो अभी संगठन के लिए काम करना चाहते हैं.
डिप्टी सीएम कौन?
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में दो डिप्टी सीएम होंगे. एक तरह से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और बीजेपी के जो दो उपमुख्यमंत्री का फार्मूला था, उसी को उल्टा किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो JDU के विजेंद्र यादव और विजय चौधरी को डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे.
बुधवार को नहीं होगी मंत्रियों की शपथ
सम्राट चौधरी बुधवार (15 अप्रैल) को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. उनके साथ दो डिप्टी सीएम शपथ लेंगे. इसके अलावा किसी मंत्री की शपथ नहीं होगी.&amp;nbsp;
नितिन नवीन ने सम्राट चौधरी को दी बधाई
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सम्राट चौधरी को NDA विधायक दल का नेता चुने जाने पर बधाई दी. &amp;nbsp;उन्होंने &amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर कहा, &amp;ldquo;मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और आपके सक्षम नेतृत्व में बिहार प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर आगे बढ़ेगा और &amp;lsquo;विकसित बिहार 2047&amp;rsquo; के संकल्प को नयी ऊर्जा और गति मिलेगी.&amp;rdquo;&amp;nbsp;
इससे पहले दिन में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का भी नेता चुना गया था. &amp;nbsp;बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. चौधरी ने RJD और जदयू में करीब 12 वर्ष बिताने के बाद वर्ष 2017 में BJP का दामन थामा था. राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:24:10 +0530</pubDate>
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<title>राजस्थान में अब &amp;apos;घीसा&#45;कजोड़मल&amp;apos; नहीं होंगे बच्चों के नाम, शिक्षा विभाग ने जारी किए 3000 नए नाम</title>
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<description><![CDATA[ कई बार बच्चों के अजीबोगरीब या निरर्थक नाम रख दिए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें स्कूल में और दोस्तों के बीच शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है. कई बार तो बच्चे इसी हीन भावना के चलते स्कूल जाने से कतराते हैं.&amp;nbsp;लेकिन अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इस शर्मिंदगी से हमेशा के लिए छुटकारा मिलने जा रहा है. राजस्थान का शिक्षा विभाग बच्चों के लिए &#039;सार्थक नाम अभियान&#039; शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत छात्र अपना नाम आसानी से बदल सकेंगे.
मिलेंगे सम्मानजनक विकल्प
प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस अनूठी पहल की जानकारी देते हुए कहा, &quot;ग्रामीण परिवेश या अन्य कारणों से अक्सर बच्चों के नाम &#039;कजोड़मल&#039;, &#039;शेरू&#039; या &#039;घीसा&#039; जैसे रख दिए जाते हैं. जब ये बच्चे बड़े होते हैं, तो समाज में उन्हें अजीब लगता है. शिक्षा विभाग अब ऐसे निरर्थक नामों की जगह बच्चों को सम्मानजनक और सार्थक विकल्प दे रहा है.&quot;
कक्षा 1 से 9वीं तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग का यह अभियान सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से लेकर 9वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए चलाया जाएगा. नाम बदलने की यह प्रक्रिया बेहद पारदर्शी होगी. इसके लिए अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य की गई है. माता-पिता की लिखित मंजूरी मिलने के बाद ही शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर बच्चे का नाम परिवर्तित कर नया नाम अपडेट किया जाएगा.
3000 बेहतरीन नामों की लिस्ट तैयार
अभिभावकों की सुविधा और इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 3000 सार्थक और गौरवपूर्ण नामों की एक आधिकारिक सूची तैयार की है.
इस लिस्ट में बालिकाओं के लिए 1529 बेहतरीन नाम शामिल हैं. वहीं, बालकों के लिए 1409 आकर्षक और अर्थपूर्ण नाम दिए गए हैं.&amp;nbsp;सबसे खास बात यह है कि इस सूची में सभी नाम बच्चों की &#039;राशि&#039; और उनके स्पष्ट &#039;अर्थ&#039; के साथ दिए गए हैं. इससे अभिभावक अपनी पसंद, ज्योतिषीय विश्वास और नाम के अर्थ के आधार पर अपने बच्चों के लिए एक सही और सम्मानजनक नाम का चुनाव कर सकेंगे. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:24:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>राजस्थान, में, अब, घीसा-कजोड़मल, नहीं, होंगे, बच्चों, के, नाम, शिक्षा, विभाग, ने, जारी, किए, 3000, नए, नाम</media:keywords>
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<title>रामबन में शख्स की हत्या को लेकर CM उमर अब्दुल्ला ने गौरक्षकों को घेरा, &amp;apos;कुछ लोग ऐसे हैं...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन में एक स्थानीय व्यक्ति की कथित हत्या को लेकर दक्षिणपंथी &#039;गौरक्षकों&#039; पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार &#039;जंगल राज&#039; की अनुमति नहीं देगी और इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. बिजबेहरा में पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि कैसे किसी इंसान पर जानवर ले जाने पर हमला हो सकता है.&amp;nbsp;
सीएम अब्दुल्ला ने कहा, &quot;मेरी सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में एक &#039;नया दौर&#039; लाना है, जिसकी पहचान शांतिपूर्ण माहौल और स्थिर परिस्थितियों से हो. उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर में जंगल राज की अनुमति नहीं देगी और किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.&#039;&#039;
कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शांति पसंद नहीं- उमर अब्दुल्ला
उन्होंने कहा, &quot;कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शांति पसंद नहीं है और इसके बजाय वे सांप्रदायिक अशांति और संघर्ष चाहते हैं. जब तक मेरी सरकार सत्ता में रहेगी, हम जम्मू-कश्मीर में ऐसी चीजें कभी नहीं होने देंगे.&quot; उखराल तहसील के मुंडखाल पोगल के रहने वाले तनवीर अहमद चोपन जम्मू से अपने पैतृक गांव की ओर एक वाहन में यात्रा कर रहे थे, जिसमें एक दुधारू गाय और दो बछड़े थे. स्थानीय लोगों का दावा है कि रविवार को गौरक्षकों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया और उन पर हमला किया.
&#039;सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाएगी&#039;
किसी व्यक्ति या समूह का नाम लिए बिना, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ तत्व मौजूदा शांति को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारी सरकार कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की गिरावट को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी आग्रह किया कि वे रामबन में हाल ही में हुई हत्या में शामिल लोगों के साथ-साथ स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोपी लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें.
अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी- उमर अब्दुल्ला
उन्होंने कहा, &quot;इससे एक कड़ा संदेश जाना चाहिए कि मौजूदा सरकार द्वारा इस तरह की अव्यवस्था और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.&quot; मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का यह कड़ा बयान उस घटना के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. आरोप है कि अपनी गाड़ी में गाय ले जाने के कारण उस पर हमला किया गया था, जिसके बाद वह एक तेज बहती धारा में गिर गया था.
सरकार जम्मू-कश्मीर में जंगल राज की अनुमति नहीं देगी- उमर अब्दुल्ला
उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में जंगल राज की अनुमति नहीं देगी और किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा, &#039;&#039;कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शांति पसंद नहीं है और इसके बजाय वे सांप्रदायिक अशांति और संघर्ष चाहते हैं, जैसा कि आपने देखा है. मैं कहना चाहता हूं कि जब तक मेरी सरकार सत्ता में रहेगी, हम जम्मू-कश्मीर में ऐसी चीजें कभी नहीं होने देंगे.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:24:09 +0530</pubDate>
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<title>PM मोदी के देहरादून दौरे में ट्रैफिक पुलिस रही चौकन्नी, बिना जाम के सफल रहा आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे एवं दिल्ली&amp;ndash;देहरादून एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय दिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और सुचारु बनी रही, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा. यह आयोजन ट्रैफिक पुलिस के सुनियोजित &amp;ldquo;होमवर्क&amp;rdquo; और माइक्रो लेवल प्लानिंग का परिणाम रहा.
27 मार्च से ही शुरू कर दी गई थी तैयारी
इस बड़े आयोजन की तैयारी 27 मार्च 2026 से ही शुरू कर दी गई थी. पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश पंत के पर्यवेक्षण में छह विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं. यातायात निरीक्षक जितेन्द्र जोशी को कार्यालयीय कार्यों के साथ वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान विभिन्न विभागों से समन्वय और पत्राचार का दायित्व दिया गया. वहीं यातायात निरीक्षक प्रदीप कुमार को डायवर्जन प्लान तैयार करने और अन्य विभागों से तालमेल बैठाने की जिम्मेदारी दी गई.
अधिकारियों को दी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
बसों के संचालन और पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी यातायात निरीक्षक समरवीर रावत को सौंपी गई, जबकि यातायात निरीक्षक ललित मोहन बोरा ने मानव श्रृंखला के माध्यम से त्रुटिरहित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्लान तैयार किया. नए पार्किंग स्थलों के चिन्हीकरण और वहां वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराने का कार्य यातायात निरीक्षक कमल सजवाण ने संभाला. वहीं यातायात निरीक्षक सीपीयू नरेश कुमार को रात्रि में क्रेन के माध्यम से अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने और सीपीयू टीम की निगरानी का कार्य सौंपा गया.
इसके अलावा एक समर्पित ट्रैफिक टीम में उपनिरीक्षक कुंवर सिंह, हेड कांस्टेबल हेमंत, हेड कांस्टेबल कैलाश, कांस्टेबल मुकेश फर्सवान, कांस्टेबल जसवीर सिंह, कांस्टेबल धर्मेन्द्र, कांस्टेबल भरत, कांस्टेबल रवि और होमगार्ड आयुष रमोला को शामिल किया गया. इस टीम ने ड्यूटी वितरण, पार्किंग और डायवर्जन के फ्लैक्स बोर्ड तैयार करने, रूट मैप बनाने और आवश्यक सामग्री जैसे बैरियर, कोन और रस्से आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की.
पूरे रूट को 54 सेक्टर में किया गया विभाजित
पूरे रूट को 54 सेक्टरों में और पार्किंग व्यवस्था को 22 ब्लॉकों में विभाजित कर सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाई गई. आगंतुकों के लिए ड्रॉप प्वाइंट और पार्किंग की व्यवस्था पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार की गई. मार्गदर्शन के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर फ्लैक्स बोर्ड और संकेतक लगाए गए, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
क्रेन मोबाइल की पांच टीमें लगा रहीं एक्टिव
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक क्रेन मोबाइल की पांच टीमें लगातार सक्रिय रहीं. इस दौरान लगभग 150 वाहनों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कराया गया. इसके साथ ही प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, नगर निगम और परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की गईं.
14 थानों की 43 टीमों को ड्यूटी में लगाया गया
कार्यक्रम के दौरान 14 थानों की 43 टीमों को यातायात ड्यूटी में लगाया गया और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया. बसों के संचालन को नियंत्रित करने के साथ ही अन्य जनपदों से आने वाले वाहनों पर भी विशेष नजर रखी गई. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार ब्रीफिंग देकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
देहरादून में PM मोदी का 12 किमी रोड शो, &#039;ऐसा दृश्य मैंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा&#039;
ट्रैफिक प्लान का व्यापक प्रचार 8 अप्रैल से ही एफएम, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए किया गया, जिससे लोगों को पहले से ही जानकारी मिल सके. खास बात यह रही कि 12 अप्रैल से एक्सप्रेस-वे बंद होने के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई और पूरी तरह सामान्य बनी रही.
पूरे कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की गई और थाना पुलिस को भी ट्रैफिक प्लान में शामिल किया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में और पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया.
गौरतलब है कि पिछले छह महीनों के भीतर प्रधानमंत्री के यह दूसरा दौरा था, जिसे देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने सफलतापूर्वक बिना किसी जाम के सम्पन्न कराया. यह सफलता उनकी बेहतर योजना, समन्वय और कड़ी मेहनत का परिणाम है.
&#039;प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा&#039;, बोले CM धामी ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:24:09 +0530</pubDate>
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<title>Weather Updates: दिल्ली&#45;यूपी, बिहार से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक कितनी पड़ेगी गर्मी, मौसम विभाग की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ देशभर में बुधवार (15 अप्रैल 2026) को मौसम (Weather Today) का हाल बदला हुआ नजर आ रहा है. कुछ जगहों पर तेज हवा और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है तो कई इलाकों में अभी भी तेज धूप और लू लोगों को परेशान कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से कई राज्यों में मौसम बदल रहा है, जिससे अलग-अलग जगहों पर अलग हालात बन गए हैं. दिल्ली और एनसीआर में आज मौसम (Delhi-NCR Weather Today) मिला-जुला रहेगा. दिन में तापमान करीब 36 से 37 डिग्री तक जा सकता है, जबकि रात में यह 21 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है. आसमान में बादल आ सकते हैं और कुछ जगहों पर हल्की बारिश या तेज हवा चल सकती है. इससे थोड़ी राहत तो मिलेगी, लेकिन गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी.
पंजाब और हरियाणा में भी गर्मी (Punjab Haryana Heatwave) का असर बना हुआ है. यहां दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच रह सकता है. कुछ जगहों पर बादल छा सकते हैं और हल्की हवा चल सकती है. कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद गर्मी से राहत कम ही मिलेगी. बिहार के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर तेज हवा और आंधी की चेतावनी भी दी गई है. इससे तापमान थोड़ा नीचे आया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है.
राजस्थान-मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
राजस्थान में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. पश्चिमी हिस्सों में तेज गर्मी पड़ रही है और तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा सकता है. पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश और धूल भरी आंधी की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. मध्य प्रदेश में भी मौसम स्थिर नहीं है. कई जगहों पर बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जिससे उमस बढ़ सकती है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और कुछ जगहों पर बर्फबारी भी हो सकती है वहीं मैदानों में बादल और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. यहां तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है.
दक्षिण भारत के मौसम का हाल
गुजरात और महाराष्ट्र में गर्मी का असर अभी भी ज्यादा है. इन राज्यों में तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच बना हुआ है. हालांकि समुद्र के किनारे वाले इलाकों में हल्की हवा से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन गर्मी अभी भी बनी हुई है. दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में मौसम मिला-जुला है. कुछ जगहों पर बारिश हो रही है, जबकि कई इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है. केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है. देशभर में इस समय मौसम एक जैसा नहीं है. कहीं बारिश है तो कहीं तेज गर्मी, जिससे लोगों को अलग-अलग तरह का अनुभव हो रहा है.
ये भी पढ़ें: देश के रोजगार पर पड़ रहा पश्चिम एशिया की जंग का असर,लॉन्ड्री वालों ने भी बढ़ाए एक जोड़ा कपड़े पर प्रेस के दाम ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:23:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>India US Relations: 40 मिनट की फोन कॉल में ट्रंप का PM मोदी को बड़ा मैसेज&#45;  &amp;apos;मैं बस आपको बताना चाहता हूं कि...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बात हुई है, जो अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद पहली बातचीत है. इस फोनकॉल के आखिर में ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, &#039;मैं बस आपको बताना चाहता हूं कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं (We All Love You).&#039; यह बातचीत करीब 40 मिनट तक चली और इस साल दोनों नेताओं के बीच तीसरी बार बात हुई.
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने बताया कि इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के रिश्तों में हुई प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों और हफ्तों में दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौते हो सकते हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में. फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी को मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्होंने अपने दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हुए अच्छे कामों की समीक्षा की. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

Received a call from my friend President Donald Trump. We reviewed the substantial progress achieved in our bilateral cooperation in various sectors. We are committed to further strengthening our Comprehensive Global Strategic Partnership in all areas. We also discussed the&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026



पीएम मोदी से बातचीत में किस चीज पर हुई चर्चा?
पीएम मोदी ने बताया कि बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई और दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला और सुरक्षित रहना चाहिए. यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बहुत अहम है, खासकर तेल की सप्लाई के लिए. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री हाल ही में अमेरिका का तीन दिन का दौरा पूरा करके लौटे हैं. साथ ही, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत आने वाले हैं, जहां वे विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य अधिकारियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.&amp;nbsp;
डोनाल्ड ट्रंप और मोदी के बीच कितनी बार हुई बात?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोदी इस साल तीन बार बात कर चुके हैं. इससे पहले 2 फरवरी को दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते में हुई प्रगति पर चर्चा की थी, जबकि 24 मार्च को उन्होंने मध्य पूर्व के हालात पर बात की थी.. इसी बीच ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और यह अगले दो दिनों में हो सकती है. उन्होंने बताया कि बातचीत की जगह पाकिस्तान ही रहेगी.
ये भी पढ़ें: आई-पैक मामले में ईडी की कार्रवाई तेज, पत्नी, भाई को पूछताछ के लिए किया गया तलब ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:23:58 +0530</pubDate>
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<title>अरविंद केजरीवाल के करीबी सांसद को बड़ा झटका, सुबह&#45;सुबह घर पहुंच गई ED, भगवंत मान बोले &#45; &amp;apos;औकात में रहें&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर पर ईडी ने छापेमारी की है. मित्तल को हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर आम आदमी पार्टी का राज्यसभा का डिप्टी लीडर बनाया गया था.
न्यूज एजेंसी ANI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की है.

Enforcement Directorate (ED) conducted raids at multiple premises linked to Aam Aadmi Party (AAP) Rajya Sabha MP and Deputy Leader of the Upper House, Dr Ashok Kumar Mittal, in connection with an alleged violation of the Foreign Exchange Management Act (FEMA): Officials
&amp;mdash; ANI (@ANI) April 15, 2026



भगवंत मान ने साधा निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू&amp;hellip;आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड..typical मोदी स्टाइल.. हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे, आंधियो को कह दो अपनी औकात में रहें.&#039;

भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू&amp;hellip; आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड..typical मोदी स्टाइल..हम भो पत्ते नहीं जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें
&amp;mdash; Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 15, 2026



कौन हैं अशोक कुमार मित्तल?
अशोक मित्तल पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं. पंजाब का यह पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी है. शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान है. शिक्षाविद से राजनेता बने अशोक कुमार मित्तल ने 2022 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था. अप्रैल 2022 में वह राज्यसभा के सांसद बने थे. तब से वह रक्षा समिति, वित्त समिति और फरवरी 2026 में गठित समिति सहित कई संसदीय समितियों के मेंबर रहे हैं.
उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का सदस्य भी बनाया गया था. पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में रूस, लातविया, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी वे शामिल थे.
यह भी पढ़ें - &#039;पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू...&#039; अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की रेड पर भगवंत मान ने कसा तंज

&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:23:58 +0530</pubDate>
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<title>‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को प्रतिभा पाटिल का समर्थन, PM मोदी को लिखा पत्र, अब क्या करेगी कांग्रेस?</title>
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<description><![CDATA[ महिला आरक्षण कानून यानी &amp;lsquo;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&amp;rsquo; को लेकर देश में जारी बहस के बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इसका खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस पहल की सराहना की है. इस पत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष इस कानून के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठा रहा है.
11 अप्रैल को पुणे स्थित अपने आवास &amp;lsquo;रायगढ़&amp;rsquo; से लिखे गए पत्र में प्रतिभा पाटिल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक &amp;lsquo;परिवर्तनकारी कदम&amp;rsquo; करार दिया. उन्होंने इस कानून के ऐतिहासिक क्रियान्वयन के लिए अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त की.
लोकतंत्र को मिलेगा मजबूतीउन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह संवैधानिक संशोधन विधायी निकायों में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा, जिससे भारत का लोकतांत्रिक ढांचा और मजबूत होगा. देश की पहली महिला राष्ट्रपति होने के नाते उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण तभी संभव है, जब महिलाओं को उन निर्णयों में समान अवसर मिले जो राष्ट्र को प्रभावित करते हैं.
लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम
प्रतिभा पाटिल ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और एक प्रगतिशील भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प है. उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से विधायी बहसों में विविधता आएगी और नीतियां अधिक संतुलित और संवेदनशील बनेंगी. पूर्व राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह पहल खासकर ग्रामीण और हाशिए के समुदायों से आने वाली महिलाओं को प्रेरित करेगी और उन्हें राष्ट्र निर्माण में नेतृत्व करने का अवसर देगी.
सियासी मायने भी अहमप्रतिभा पाटिल की राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से जुड़ी रही है और वे यूपीए सरकार के दौरान राष्ट्रपति बनी थीं. ऐसे में उनका यह समर्थन खास मायने रखता है, क्योंकि कांग्रेस इस कानून की समय-सीमा, परिसीमन और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रही है. ऐसे में उनकी ओर से प्रधानमंत्री मोदी को लिखा गया यह पत्र सरकार के लिए एक नैतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. पत्र के अंत में उन्होंने इस लंबे समय से लंबित सपने को साकार करने वाले सभी नेताओं और हितधारकों की सराहना भी की. महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर संसद के विशेष सत्र से पहले सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने इस कानून की मंशा पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर अतीत में महिलाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है.
PM मोदी का महिलाओं को संदेशदेश की महिलाओं के नाम लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव पूरी तरह महिला आरक्षण लागू होने के साथ कराए जाते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत और जीवंत होगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं की नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी &amp;lsquo;विकसित भारत&amp;rsquo; के लक्ष्य को और मजबूती देगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:23:57 +0530</pubDate>
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<media:keywords>‘नारी, शक्ति, वंदन, अधिनियम’, को, प्रतिभा, पाटिल, का, समर्थन, मोदी, को, लिखा, पत्र, अब, क्या, करेगी, कांग्रेस</media:keywords>
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<title>&amp;apos;सम्राट चौधरी को जिताइए, हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे&amp;apos;, अमित शाह ने निभाया तारापुर में किया अपना वादा</title>
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<description><![CDATA[ सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. &amp;nbsp;सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के पहले सीएम बने हैं. उनकी ताजपोशी भले आज (15 अप्रैल) को हो रही हो, लेकिन उनको &#039;बड़ा आदमी&#039; बनाने का वादा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 6 महीने पहले ही कर दिया था.
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह तारापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मंच से वादा किया था कि &amp;nbsp;&#039;सम्राट जी को प्रचंड बहुमत से जिताइए, मोदी जी सम्राट जी को बड़ा आदमी बनाएंगे.&#039; शाह का 6 महीने पहले दिया यह बयान अब हकीकत बन चुका है. मंगलवार को उनको एनडीए विधायकदल का नेता चुना गया और आज (15 अप्रैल) को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:23:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सीकर: गुहाला में भाईचारे की मिसाल, हिंदू परिवार ने मुस्लिम ईदगाह के लिए दान की बेशकीमती जमीन</title>
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<description><![CDATA[ सीकर जिले के नीमकाथाना गुहाला क्षेत्र में आपसी प्रेम और सौहार्द की अनोखी मिसाल देखने को मिली. ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए जगह कम पड़ने पर एक हिंदू परिवार ने ईद के मौके पर मुस्लिम समाज को जमीन भेंट कर दी. इस पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है. ढाणी सावावाली निवासी लक्ष्मण राम सैनी, भोपाल राम सैनी, पूरणमल सैनी और जगदीश सैनी ने ईदगाह के लिए अपनी जमीन देने का फैसला लिया.
चारों भाइयों के इस कदम को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बताया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कार्य समाज में एकता और आपसी विश्वास को और मजबूत करते हैं. इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने चारों भाइयों का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया. समाज के लोगों ने उनका आभार जताते हुए कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा.
हिंदू परिवार ईदगाह के लिए दान की कीमती जमीन
नवाब कुरैशी ने बताया कि जब हिंदू समुदाय के लोगों ने देखा कि ईदगाह नरसिंहपुरी पंचायत की ढाणी सावावाली में स्थित ईदगाह वाली जगह मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए छोटी है तो इस पर ढाणी सावावाली के निवासी लक्ष्मण राम सैनी, भोपाल राम सैनी, पूरणमल सैनी, जगदीश सैनी और चारों भाइयों ने ईदगाह और मस्जिद की सीमा से लगने वाली जमीन मुस्लिम भाइयों को दान कर हिन्दू-मुस्लिम की सौहार्द की एक नजीर पेश की.
सैकड़ों नमाजियों की मौजूदगी में हिंदू परिवार का स्वागत
हाजी मोहम्मद तौफीक ने बताया, &#039;&#039;ईद के दिन यहां इतनी भीड़ हो जाती थी कि लोगों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती थी. आसपास के कई गांवों में ईदगाह की सुविधा नहीं है, इसलिए सब यहीं आते हैं. इस समस्या को लेकर हमने इन भाइयों से बात की. इन भाइयों ने ईदगाह के लिए बिना पैसे के जमीन देने की इच्छा जाहिर की. ईद पर ईदगाह में नमाज के लिए पहुंचे सैकड़ों नमाजियों की मौजूदगी में इन भाइयों का स्वागत सम्मान भी किया गया. जिसका वीडियो सामने आने के बाद इस पहल की खूब तारीफ हुई.&#039;&#039;
हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की पेश की मिसाल
पूरणमल सैनी ने बताया, &quot;जब उनसे ईदगाह के लिए थोड़ी जमीन देने की बात कही गई तो उन्होंने बिना हिचक हामी भर दी. उन्होंने कहा कि हमारा मुसलमान भाइयों से पहले से ही प्यार है. जमीन मांगी तो हमने कह दिया ले लो. मुसलमान भाइयों ने पैसे देने की पेशकश की लेकिन हमने आपसी प्यार में पैसा लेने से इनकार कर दिया.&#039;&#039; गांव के अब्दुल रशीद इस पहल को एक बड़े संदेश के तौर पर देखते हैं. उन्होंने कहा, &quot;आजकल जिस तरह का माहौल जैसा है उसमें ईदगाह के लिए जमीन देने बहुत बड़ी बात है. इन्होंने दिखाया है कि भाईचारा क्या होता है.&#039;&#039; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Jodhpur News: जोधपुर में गाड़ी साइड करने को लेकर पड़ोसी भिड़े, एक पक्ष ने दूसरे के घर पर बोला धावा</title>
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<description><![CDATA[ जोधपुर के बलदेव नगर इलाके में शनिवार (11 अप्रैल) देर रात एक मामूली बात ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया. सिलावटों की मस्जिद के पास गाड़ी साइड करने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई. घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच सिर्फ बहस हो रही थी. लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लोग आमने-सामने आ गए. गुस्से में आकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर तक पहुंचकर हमला कर दिया. अचानक हुए इस हमले से आसपास के लोग भी दहशत में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
पड़ोसी ने घर पर किया हमला, लोगों में दहशत
पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावरों ने उनके घर पर आकर तोड़फोड़ और मारपीट की. इस दौरान महिलाएं और बच्चे भी डर गए. स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हालात कुछ समय तक बिगड़े रहे.
पीड़ित पक्ष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हमलावरों में मोहम्मद शाकिर, राजा, बंटी, परवेज, लादेन और समीर खान शामिल थे. घटना के बाद पीड़ित सीधे थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
सीसीटीवी फुटेज आया सामने
बताया जा रहा है कि पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है. फुटेज में झगड़े और हमले के दृश्य साफ दिखाई देने की बात कही जा रही है, जिससे पुलिस को जांच में मदद मिल सकती है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए गश्त भी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इलाके में हालात काबू में हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Jodhpur, News:, जोधपुर, में, गाड़ी, साइड, करने, को, लेकर, पड़ोसी, भिड़े, एक, पक्ष, ने, दूसरे, के, घर, पर, बोला, धावा</media:keywords>
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<title>बिहार में CM पर सस्पेंस के बीच मंत्री विजय चौधरी का बड़ा बयान, &amp;apos;मुख्यमंत्री वही चुना जाएगा जो...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात पर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि&amp;nbsp;सम्राट जी पहले भी सीएम हाउस&amp;nbsp;आते थे. नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है.&amp;nbsp;स्वाभाविक है कि आपस में बातचीत होगी.&amp;nbsp;अभी मंत्रिमंडल को लेकर कोई चर्चा नहीं&amp;nbsp;है. चंद दिनों का इंतजार है रुक जाइए.&amp;nbsp;सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि जल्द ही&amp;nbsp;सब कुछ पता चल जाएगा.&amp;nbsp;&#039;
&#039;बीजेपी की अनुशंसा के बाद CM के नाम पर लगेगी मुहर&#039;&amp;nbsp;
सीएम फेस को लेकर भी मंत्री विजय चौधरी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, &#039;&#039;बीजेपी को तय करना है.&amp;nbsp;उनकी अनुशंसा पर एनडीए के विधायक दल में नेता चुना जाएगा.&amp;nbsp;मुख्यमंत्री वही चुना जाएगा जो एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा.&amp;nbsp;बीजेपी की उसमें अहम भूमिका होगी.&amp;nbsp;बीजेपी अनुशंसा करेगी तब नाम का मुहर लगेगी.&#039;&#039;
सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश से की मुलाकात
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी रविवार (12 अप्रैल) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है. जिसके बाद सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं. इससे पहले शनिवार (11 अप्रैल) को सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना है.
&#039;सुशासन, सामाजिक न्याय की दिशा में नीतीश कुमार का बड़ा योगदान&#039;
नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में 10 अप्रैल की शपथ ली थी. राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई थी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चौधरी समेत कई नेताओं ने नीतीश कुमार को बधाई दी थी. सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा था, &#039;&#039;मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. बिहार में सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में आपका ऐतिहासिक योगदान है. मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, महिला सशक्तिकरण की प्रभावी पहल और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने राज्य को नई पहचान दी है.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने संसद के दोनों सदनों और बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य रहने का ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है.चौधरी ने विश्वास जताया कि उनका अनुभव, दृष्टि और जनकल्याण के प्रति समर्पण राज्यसभा में राष्ट्रीय नीतियों को नई दिशा देगा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:58 +0530</pubDate>
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<media:keywords>बिहार, में, पर, सस्पेंस, के, बीच, मंत्री, विजय, चौधरी, का, बड़ा, बयान, मुख्यमंत्री, वही, चुना, जाएगा, जो...</media:keywords>
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<title>शिवराज सिंह चौहान के केंद्रीय पर्यवेक्षक बनने पर सम्राट चौधरी की पहली प्रतिक्रिया, &amp;apos;विधायक दल…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बिहार में नई सरकार की तैयारी शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. पार्टी के इस फैसले पर बिहार बीजेपी के नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली प्रतिक्रिया आई है.
दरअसल, रविवार (12 अप्रैल, 2026) को पार्टी की ओर से शिवराज सिंह चौहान के नाम की घोषणा की गई. इसके बाद सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए इस पर रिएक्शन दिया. उन्होंने खुशी जताई है और शिवराज सिंह चौहान को शुभकामना दी है.
&#039;उनके अनुभव और मार्गदर्शन&amp;hellip;&#039;
अपने एक्स पोस्ट में सम्राट चौधरी ने लिखा है, &quot;बिहार में संगठन को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम. माननीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने पर हार्दिक स्वागत एवं शुभकामनाएं. उनके अनुभव और मार्गदर्शन में विधायक दल के नेता का चयन सुचारु रूप से संपन्न होगा और संगठन नई ऊर्जा के साथ जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाएगा.&quot;

बिहार में संगठन को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।माननीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री @ChouhanShivraj जी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने पर हार्दिक स्वागत एवं शुभकामनाएं।उनके अनुभव और मार्गदर्शन में विधायक दल के नेता का चयन सुचारु&amp;hellip; pic.twitter.com/mW62gbBGN1
&amp;mdash; Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 12, 2026



यह भी पढ़ें- बिहार में नई सरकार की पहली तस्वीर, BJP ने शिवराज सिंह चौहान को दी ये बड़ी जिम्मेदारी
क्या बोले शिवराज सिंह चौहान?
दूसरी ओर पार्टी के फैसले पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रतिक्रिया दे दी है. उन्होंने कहा, &quot;मैं तो एक कार्यकर्ता हूं और एक कार्यकर्ता के नाते जो भी काम मिलता है, उसे पूरी ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ करना ये मेरा कर्तव्य है. जो भी दायित्व पार्टी देती है मैं उसे पूर्ण करता हूं... मैं 14 तारीख को बिहार जाऊंगा.&quot;

#WATCH | रायसेन, मध्य प्रदेश: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, &quot;मैं तो एक कार्यकर्ता हूं और एक कार्यकर्ता के नाते जो भी काम मिलता है, उसे पूरी ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ करना ये मेरा कर्तव्य है। जो भी दायित्व पार्टी देती है मैं उसे पूर्ण करता हूं... मैं 14 तारीख को&amp;hellip; https://t.co/4A4acHhzj6 pic.twitter.com/m2JAVWEsTO
&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2026



यह भी पढ़ें- 14 को नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक, नई सरकार की तारीख भी तय, मुख्यमंत्री कौन? ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>शिवराज, सिंह, चौहान, के, केंद्रीय, पर्यवेक्षक, बनने, पर, सम्राट, चौधरी, की, पहली, प्रतिक्रिया, विधायक, दल…</media:keywords>
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<title>Ghaziabad News: हैवान मामा ने लगा दबाकर 4 साल की भांजी की हत्या की, कार के नीचे से मिला शव, रेप का भी आरोप</title>
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<description><![CDATA[ गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देर रात एक 4 साल की मासूम बच्ची का शव एक कार के नीचे से बरामद हुआ है. इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची की हत्या उसके ही सगे मामा जसीम द्वारा गला दबाकर की गई है. परिजनों ने आरोपी पर बच्ची के साथ गलत काम करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बच्ची को खिलाने के बहाने घर लाया था आरोपी मामा
बताया जा रहा है कि आरोपी जसीम बच्ची के घर के पास ही रहता था. शुक्रवार (10 अप्रैल) दोपहर वह बच्ची को खिलाने के बहाने अपने घर ले गया था. शाम तक जब बच्ची वापस घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने जसीम से संपर्क किया. उसने यह कहकर उन्हें गुमराह कर दिया कि वह बच्ची को घर छोड़ आया है. लेकिन देर रात तक बच्ची का कोई पता नहीं चला. इसके बाद करीब 12 बजे रात को बच्ची का शव 80 फुटा रोड पर खड़ी एक कार के नीचे मिला, जिससे परिवार में कोहराम मच गया.
बच्ची के गाल पर पाए गए चोट के निशान
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सड़क किनारे खड़ी एक कार के नीचे एक बच्ची का शव पड़ा है. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि शव को छिपाने के इरादे से कार के नीचे फेंका गया था. बच्ची के गाल पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Andhra Pradesh: खाकी पर लगा दाग! एएसआई पर प्रेमी जोड़ों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप</title>
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<description><![CDATA[ Andhra Pradesh Blackmail Case: आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के माचेर्ला पुलिस स्टेशन में एएसआई के रूप में कार्यरत निवास को गंभीर आरोप के वजह से निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, उन पर प्रेम जोड़ों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और अपनी इच्छा पूरी करने के लिए उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं. इसके बाद मामले की गंमभीरता को देखते हुए आईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने उनके खिलाफ सस्पेंशन का आदेश जारी किया.
बताया जा रहा है कि सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले इस पुलिस अधिकारी ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को अपने घिनौने अपराध का निशान बनाया. आरोप है कि वह प्रेम जोड़ों और महिलाओं के निजी पलों का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करटा और उनसे पैसे वसूलता था. इसके अलावा, वह महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न जैसे घिनौने काम भी करते थे.&amp;nbsp;
ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा
इस मामले की जांच में सामने आया है कि माचेर्ला निर्वाचन क्षेत्र के पर्यटन स्थलों पर कॉलेज के छात्र और प्रेम जोड़े बड़ी संख्या में आते हैं. इसी का फायदा उठाते हुए एएसआई निवास ने जम्मलमदका के एक ऑटो ड्राइवर को उनके एकांत दृश्यों के वीडियो बनाने के लिए कहा.
इसके बाद उन वीडियो को दिखाकर उन जोड़ों को डराया-धमकाया जाता था और पुलिस स्टेशन आने और उनपर कारवाई का डर दिखाया जाता था. इस डर कर फायदा उठाकर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे. जांच में पता चला कि आरोपी सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने कई युवतियों और महिलाओं को अपनी निजी इच्छा पूरी करने के लिए परेशान भी किया था.
वायरल वीडियो से खुली पोल
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब उत्पीड़न में शामिल एएसआई निवास के कारनामों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत गंभीरता दिखाई.
जांच के दौरान यह पुष्टि की गई कि एक व्यापारी और उसकी महिला मित्र के साथ उसका एक वीडियो बनाकर आरोपी एएसआई ने कई बार पैसे वसूले. इतना ही नहीं, इस अवैध वसूली रैकेट में उसी स्टेशन के एक एसआई और एक कांस्टेबल की भी भूमिका होने के आरोप है. फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद अधिकारी गहन जांच कर रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>21 बंकर तबाह, 13 IED जब्त... मणिपुर में बीएसएफ जवान की मौत के बाद सुरक्षा बलों ने की बड़ी कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ मणिपुर में सुरक्षा बलों ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुरक्षा बलों ने राज्य के उखरुल जिले में बने 21 बंकरों को तबाह कर दिया है. साथ ही, सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले से 13 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी जब्त किए हैं.
एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को सिकिबुंग गांव में 14 और मोंगकोट चेपू में बने सात बंकर नष्ट कर दिए गए, जो दोनों लितान पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. विभागीय बयान में आगे कहा गया कि ये सभी बंकर सशस्त्र उपद्रवियों की ओर से अवैध रूप से बनाए गए थे. एक अन्य अभियान में, सुरक्षा बलों ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को तेंगनौपाल जिले के मोरेह क्षेत्र से भी हथियारों और गोला-बारूद का एक जखीरा भी बरामद किया है.
ड्यूटी के दौरान गोली लगने से BSF जवान की मौत
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक बीएसएफ कांस्टेबल की मौत हो गई. यह घटना तब घटी जब जवान मोंगकोट चेपू गांव के पास ड्यूटी कर रहा था और इसी दौरान अज्ञात दिशा से चली गोली बीएसएफ कांस्टेबल को लग गई और कांस्टेबल की मौत हो गई. बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान 9 मिमी पिस्तौल मैगजीन के साथ दो कॉम्बैट यूनिफॉर्म और 13 IED बरामद किए गए और उन सभी को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया.
दो बच्चों की मौत के बाद लोगों ने CRPF कैंप पर बोला था धावा
जबकि एक अलग घटना में 7 अप्रैल, 2026) को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों की तरफ से एक घर पर बम फेंके जाने से पांच साल के एक बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद करीब 500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने त्रोंग्लाओबी से कुछ सौ मीटर दूर गेलमोल के पास एक CRPF कैंप पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ के साथ-साथ सुरक्षा वाहनों में आगजनी की. इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से की गई फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हुए.
त्रोंग्लाओबी घटना के बाद चलाए गए ऑपरेशनों में पुलिस ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के तीन संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि गिरफ्तार लोग सीधे तौर पर विस्फोट से जुड़े थे या नहीं.
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:37 +0530</pubDate>
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<title>बंगाल चुनाव में गरजे सीएम योगी, टीएमसी पर लगाए बड़े आरोप, बोले&#45; ‘अब खेला खत्म, विकास शुरू’</title>
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<description><![CDATA[  West Bengal Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे. उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए. सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है. हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई. स्वरूप घोष, पलाश घोष, उत्पल दास जैसे कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए. सुशोभन का हाथ काट दिया. तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं.
सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा, &quot;दिल्ली में मोदी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी. तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है.&quot; सीएम योगी ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए कहा, &quot;अब बंगाल में &amp;lsquo;खेला&amp;rsquo; बंद और भाजपा की जीत से विकास शुरू होगा. उन्होंने मंच से भाजपा प्रत्याशियों सोनामुखी से दिबाकर घरामी, इंडास से निर्मल धारा व बरजोड़ा से बिलेश्वर सिंघा को जिताने की अपील की.&quot;
बांग्लादेश में दलित हिंदू की हत्या पर ममता दीदी मौन -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की निर्मम हत्या हुई. इसके खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मौन रहीं. भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए. वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं. कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट न दीजिए. ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं. मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं.&quot;
&amp;nbsp;परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया. उन्होंने कहा, &quot;वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई. स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा. राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है.&quot;
बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है. बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है. इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं. अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.&quot;
बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा, &quot;देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था. नेता सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने &amp;lsquo;गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं&amp;rsquo; का भाव जगाया. बंगाल रामकृष्ण परमहंस व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया.&quot;
जो हाल आज बंगाल का, 9 साल पहले वही हाल यूपी का था -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी. वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था. गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे. 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है. यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा. यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए. यूपी में सुरक्षा का अहसास है. यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है. अयोध्या के रामजन्मभूमि आंदोलन में बंगाल से भी कारसेवक गए थे. डबल इंजन सरकार आई तो बुलेट स्पीड से भव्य राम मंदिर का निर्माण भी हो गया.&quot;
तृणमूल कांग्रेस सरकार में किसानों का शोषण -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;बंगाल का अन्नदाता किसान भारत का पेट भरने वाला है, लेकिन दुख है कि उसे दाम नहीं मिल पा रहा. उत्तर प्रदेश में आलू किसान को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये. यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है, डिप्रेशन का शिकार है. टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उस त्रासदी की ओर ले जाने का कार्य कर रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था. उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं. शोषण, पलायन, बेरोजगारी के कारण किसान हताश-निराश होकर अन्याय-अत्याचार सहने को मजबूर हैं.&quot;&amp;nbsp;
जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा, &quot;जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है. हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है. किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं. सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों का भी जिक्र किया.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;बंगाल में सारी संभावनाएं हैं, बस मतदाताओं के समर्थन व आशीर्वाद की आवश्यकता है. 1905 में जब ब्रिटिशर द्वारा बंगाल विभाजन की साजिश रची गई थी, तब बंगाल ने आह्वान किया था कि हम विभाजित नहीं होंगे. उस समय बंगाल से स्वदेशी की हुंकार निकली थी और पूरे भारत को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया था.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:37 +0530</pubDate>
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<title>Bengal: नंदकुमार में गरजे सीएम योगी! बोले&#45; ‘तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी से बर्बाद हुआ बंगाल’</title>
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<description><![CDATA[ West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब &amp;ldquo;तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी&amp;rdquo; बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है.
मुख्यमंत्री ने टीएमसी के &amp;lsquo;मां-माटी-मानुष&amp;rsquo; के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा, &quot;आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है.&quot;
तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा, &quot;बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है. यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं. इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका. रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित &amp;ldquo;जन गण मन&amp;rdquo; और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के &amp;ldquo;वंदे मातरम्&amp;rdquo; जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं. लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है.&quot;
बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है. स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी. कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है. मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी.&quot;
बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश &amp;lsquo;बीमारू&amp;rsquo; राज्य के रूप में जाना जाता था. 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा.&quot;
सीएम योगी ने कहा, &quot;कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं.&quot; सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा, &quot;अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की.&quot;&amp;nbsp;
माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है. यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा. जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा. यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है. और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है.&quot;
हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है. मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया.&quot;
सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, &quot;तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती.&quot; मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा, &quot;लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.&quot;&amp;nbsp;
बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot; बंगाल, जो कभी &amp;ldquo;कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया&amp;rdquo; के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है.&quot; मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचने और इसके बाद स्वदेशी आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि &quot;वंदे मातरम्&amp;rdquo; जैसी प्रेरणा देने वाली इस भूमि को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव दिलाना होगा.&amp;nbsp;उन्होंने तमलुक से सांसद बने अभिजीत गांगुली के चयन पर जनता का अभिनंदन करते हुए अपील की कि भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देकर विकास और परिवर्तन के प्रतीक कमल को विजय दिलाएं, ताकि बंगाल को फिर समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सके. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:37 +0530</pubDate>
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<title>‘संशोधन के लिए यही समय, नहीं तो...’, कांग्रेस अध्यक्ष ने PM मोदी को क्यों लिखा था खत, समझें पूरी बात</title>
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<description><![CDATA[ नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को पास कराने के लिए सरकार ने गुरुवार से शनिवार (16-18 अप्रैल, 2026) तक संसद सत्र बुलाया है, लेकिन इस पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखकर बिल पर समर्थन देने की अपील की. उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले पर जल्दबाजी करने और चुनाव में फायदा उठाने के आरोप लगाया. अब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनके आरोपों को खारिज किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को किरेन रिजिजू ने लिखा पत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी है. अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2023 में संसद के दोनों सदनों की ओर से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा का परिणाम है और यह महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित स्थान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर अब आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण लागू करने में देरी हो सकती है. इसलिए वर्तमान समय इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त और तार्किक है.
केंद्रीय मंत्री ने खरगे के आरोपों को किया खारिज
किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से परामर्श न किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 16 मार्च, 2026 से ही विभिन्न दलों के साथ संवाद शुरू किया गया था. बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर व्यक्तिगत स्तर पर भी चर्चा की गई थी और 26 मार्च को इस संबंध में विस्तृत उत्तर भी दिया गया था. सरकार की तरफ से सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कई दौर की बैठकों और संवाद का आयोजन किया गया है, इनमें समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी सहित एनडीए और गैर-एनडीए दलों के कई नेता शामिल रहे हैं. पिछले पखवाड़े में भी कई दलों के नेताओं से विस्तृत बातचीत की गई, जिनमें से कई ने समर्थन जताया है, जबकि कुछ ने अपने दलों से परामर्श के लिए समय मांगा है.
रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से की अपील
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है और विधेयक पर चर्चा के दौरान सभी राज्यों की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति का पूरा अवसर मिलेगा. अपने पत्र में रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने और देशभर की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्थन देने का आग्रह किया.
यह भी पढ़ेंः 21 बंकर तबाह, 13 IED जब्त... मणिपुर में बीएसएफ जवान की मौत के बाद सुरक्षा बलों ने की बड़ी कार्रवाई ]]></description>
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<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:23:36 +0530</pubDate>
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<title>MP News: 26 IAS अफसरों का तबादला, 14 जिलों के कलेक्टर बदले, जनगणना से पहले सरकार का बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है. राज्य सरकार ने 14 जिलों के कलेक्टर समेत कुल 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. यह फैसला गुरुवार को लिया गया, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए.
इस फेरबदल के तहत भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. वहीं, धार के कलेक्टर प्रियांक मिश्रा को अब भोपाल का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा &amp;nbsp;सागर, धार, रीवा, भोपाल, नर्मदापुरम, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया, श्योपुर, मैहर, दमोह, मंडला, झाबुआ और बैतूल सहित कई जिलों के कलेक्टरों को भी बदला गया है. जबकि नर्मदापुरम के संभागीय आयुक्त और लोक निर्देश आयुक्त को भी बदल दिया गया है.
तबादले में महिलाओं को भी दी गई अहम जिम्मेदारी
सरकार के अनुसार यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच हुई बैठक में लिया गया. इसके बाद तुरंत आदेश जारी कर दिए गए. बताया जा रहा है कि यह बदलाव काफी समय से प्रस्तावित था, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के कारण इसमें देरी हो रही थी. इस तबादले में महिलाओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है. कुल 9 महिला आईएएस अधिकारियों का तबादला हुआ है. जिनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पाटले, नेहा मीणा, रानी बटाड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी शामिल हैं.
ये भी पढ़िए- Chhindwara News: संगीत के जरिए MP पुलिस में भर्ती, 679 पदों के लिए छिंदवाड़ा बस स्टैंड पर लाइव परफॉर्मेंस
पांच महिलाओं को बनाया गया कलेक्टर
जानकारी के अनुसार, इनमें से 5 को कलेक्टर बनाया गया है. राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है. जबकि प्रतिभा पाल और नेहा मीणा पहले से इस पद पर कार्य कर रही थीं. यह पूरा प्रशासनिक फेरबदल 16 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना को ध्यान में रखकर किया गया है. सरकार चाहती है कि जनगणना जैसे बड़े कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत और व्यवस्थित हो.
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:49:02 +0530</pubDate>
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<title>नर्मदा नदी में उड़ेला गया 11000 लीटर दूध! ऑक्सीजन लेवल पर बुरा असर होने की आशंका, बढ़ा आक्रोश</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के सीहोर में एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद नर्मदा नदी में करीब 11,000 लीटर दूध बहाया गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो को देखने के बाद पर्यावरण प्रेमी और पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है. उन्होंने इस कृत्य के इकोसिस्टम पर होने वाले नकारात्मक प्रभाव की बात कही है.
जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर भेरुंडा क्षेत्र के सतदेव गांव में पातालेश्वर महादेव मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान 21 दिवसीय एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसके समापन अवसर पर नर्मदा नदी में करीब 11,000 लीटर दूध सीहोर जिले में डाला गया था.
आयोजकों ने कहा कि पानी की शुद्धता, श्रद्धालुओं की भलाई और समृद्धि के लिए अनुष्ठान और प्रार्थना के हिस्से के रूप में नदी में दूध चढ़ाया गया था. दूध को टैंकरों में नदी के किनारे लाया गया और बाद में भक्तों की भीड़ की उपस्थिति में मंत्रों के जाप के बीच बहते पानी में डाला गया. पर्यावरणविदों ने इस प्रथा पर चिंता जताई और बुरे प्रभाव की चेतावनी दी.
नदी में पानी का ऑक्सीजन लेवल हो जाएगा कम!&amp;nbsp;
एमपी के जाने-माने पर्यावरणविद् और वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा, &#039;इतनी बड़ी मात्रा में कार्बनिक पदार्थ पानी में घुलित ऑक्सीजन को कम कर सकते हैं, जिससे नदी पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;ये पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर स्थानीय समुदायों को प्रभावित करते हैं और जलीय जीवन के साथ-साथ घरेलू जानवरों को भी खतरे में डालते हैं.&#039; ऐसे कार्यक्रम सचेत होकर प्रतीकात्मक रूप से भी किए जा सकते हैं.
दूध से कार्बनिक प्रदूषण होगा
जाने-माने पर्यावरणविद सुभाष पांडे ने कहा कि 11,000 लीटर दूध एक महत्वपूर्ण कार्बनिक प्रदूषक के रूप में कार्य करता है. वहीं, सोशल मीडिया पर यह वायरल वीडियो देखने वाले अन्य लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि देश में कितने गरीब बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा. अगर 11 हजार लीटर दूध गरीबों में बांट दिया जाता तो कितने पुण्य का काम होता. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:49:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>MP  News: उज्जैन में ढाई साल का मासूम बोरवेल में गिरा, 60 फीट पर अटका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के एक गांव में 3 साल के मासूम के बोरवेल में गिरने का मामला सामने आया है. यह घटना बडनगर तहसील के झालरिया गांव की है, जहां बृहस्पतिवार (9 अप्रैल) की शाम ढाई वर्ष का एक बच्चा खेलते-खेलते एक बोरवेल में गिर गया. बच्चे के गिरते ही गांव में हड़कंप मच गया और तेजी से बचाव अभियान शुरू किया गया. बच्चे पर कैमेरे से नजर रखी जा रही है और पाइप से ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक यह हादसा उज्जैन से करीब 75 किमी दूर बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में हुआ. अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) महेन्द्र सिंह परमार ने बताया कि घटना की सूचना शाम 7-7.30 बजे के बीच मिली और तत्काल पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) टीम और अन्य संबंधित टीम भी घटना स्थल पर पहुंच गयी हैं. परमार ने बताया कि बच्चा बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई पर फंस गया है उसके आगे बोरवेल संकरा है तथा नीचे पानी है.
तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उन्होंने कहा, &quot;बच्चे के लिए बोरवेल में आक्सीजन के लिए पाइप की नली डाल दी गई है. कैमरे से उसकी हलचलपर नजर रखी जा रही है.&quot; स्थानिय अधिकािरियों के अनुसार गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल मे भेड़ के साथ सभी चरवाहे ठहरे हुए थे. सूचना मिलने पर जिलाधिकारी रोशन कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं. सिंह ने बताया कि घटना स्थल पर एसडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है और उन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर जेसीबी एवं पोकलेन मशीन भी मौजूद है. हादसे की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने भी कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन तेज गति से चल रहा है.
उन्होंने बताया की बच्चे को नली के सहारे आक्सीजन पहुंचाई जा रही है. उन्होंने बताया कि बच्चे की पहचान भेड़ चराने वाले प्रवीण देवासी के ढाई वर्षीय पुत्र भागीरथ के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार शाम को परिवार अपने काम में लगा था और बच्चा खेत में खेल रहा था. उन्होंने कहा कि पास ही कुछ दूरी पर उसके पिता एवं परिवारजन भेड़ों की देख-रेख कर रहे थे.&amp;nbsp; इसी दौरान बच्चा बोरवेल में जा गिरा. उन्होंने बताया कि प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के गुडानला से तीन दिन पूर्व ही यहां भेड़ चराने परिवार के साथ आए थे. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:49:02 +0530</pubDate>
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<title>पंजाब चुनाव 2027 में किसकी बनेगी सरकार? शिअद प्रमुख का दावा&#45; &amp;apos;इस बार हर एक व्यक्ति  ने...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ पंजाब में शिरमणी अकाली दल ने आगामी चुनाव में राज्य के अंदर सरकार बनाने का दावा किया है. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार, 9 अप्रैल को विश्वास जताया कि जनता ने वर्ष 2027 में पंजाब में उनकी पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना लिया है.
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मैं जिस तरह का उत्साह देख रहा हूं और जिस तरह लोग बड़े पैमाने पर हमारा साथ दे रहे हैं. सभी पंजाबियों ने यह ठान लिया है कि अगर राज्य को बचाना है, तो क्षेत्रीय पार्टी अकाली दल को सत्ता में लाना ही होगा.
2027 की शुरुआत में होंगे पंजाब विधानसभा चुनाव
बादल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) कुल 117 विधानसभा सीटों में से एक भी सीट नहीं जीत पाएगी. उन्होंने कांग्रेस पर भी उसके नेताओं के बीच कथित कलह को लेकर निशाना साधा. पंजाब विधानसभा चुनाव अगले वर्ष 2027 की शुरुआत में होने हैं.
बेरोजगार युवाओं से मिले सुखबीर सिंह बादल
आज बेरोजगार बी.एड स्नातकों, टीईटी उत्तीर्ण छात्रों, स्कूल लेक्चररों, ईटीटी उत्तीर्ण छात्रों, कंप्यूटर शिक्षकों और भौतिकी संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई. आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़े-बड़े वादे करके राज्य के छात्रों और शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.
बैमौसम बारिश में किसानों के नुकसान का उठाया मुद्दा
उन्होंने बे-मौसम बारिश से किसानों के हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं. भगवंत मान और उनकी सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ चुके हैं, लेकिन शिरोमणि अकाली दल किसानों और कृषि मजदूरों के साथ खड़ा है.
उन्होंने आगे कहा कि हम अपनी ओर से गेहूं, जौ, चारा और अन्य सामग्री भेजकर उनकी मदद करेंगे. आज हम कर्मचारियों के महंगाई भत्ता और पेंशन के बकाया भुगतान के लिए उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को जारी किए गए आदेशों का तहे दिल से स्वागत करते हैं. यह उनके संघर्ष की जीत है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:49:00 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;यूथ अगेंस्ट माफिया&amp;apos; के सदस्य दलित छात्र को जान से मारने की धमकी, अखिलेश सरकार को बताया था &amp;apos;ल्यारी राज&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ पोस्टर लगवाने वाले &#039;यूथ अगेंस्ट माफिया&#039; संगठन से जुड़े दलित छात्र को जान से मारने की धमकी मिली है. छात्र ने सपा कार्यकर्ता पर जान से मारने का आरोप लगाया है. जिसके बाद प्रदेश में सियासी संग्राम तेज हो गया है. सपा और वाईएएम में आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया है.&amp;nbsp;
यूथ अंगेस्ट माफिया से जुड़ा ये दलित छात्र लखनऊ यूनिवर्सिटी का छात्र है. छात्र ने आरोप लगाया कि उसे एक अज्ञात शख्स ने कॉल करके गाली गलौज की और &amp;nbsp;उसे हत्या की धमकी भी दी. आरोपी ने उसे सपा के विरोध में और अखिलेश यादव की सरकार की तुलना ल्यारी राज से करने पर धमकी दी है.&amp;nbsp;
पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप
इस धमकी के बाद YAM छात्र संगठन ने लखनऊ के हसनगंज थाने में तहरीर दी है लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई. आरोप है छात्र की शिकायत पर हसनगंज पुलिस का रवैया भी बेहद लापरवाही वाला रहा और थाने में उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई. छात्र ने सपा कार्यकर्ता एसके सिंह पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है.&amp;nbsp;
पीड़ित छात्र ने इस धमकी के बाद समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि अब सपा के पीडीए में D मतलब क्या है समझ आ गया है. PDA में D मतलब &#039;धमकी&#039; है. जिसके बाद सपा और वाईएएम दोनों संगठन आमने सामने आ गए हैं. पीड़ित छात्र ने सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है उसने कहा- &#039;डरेंगे नहीं, डटे रहेंगे.&#039;
सपा और YAM आए आमने-सामने
इस धमकी के बाद दलित छात्र की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन ने पुलिस से धमकी को लेकर कार्रवाई की माँग की है. वहीं इस संगठन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की है. संगठन ने कहा कि हमें सीएम योगी पर पूरा भरोसा है. इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी.&amp;nbsp;
बता दें कि बीते सोमवार को लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन ने सपा के खिलाफ पोस्टर लगवाए थे, इस होर्डिंग्स में सपा सरकार की फिल्म धुरंधर के &#039;ल्यारी राज&#039; से तुलना की गई थी और सीएम योगी आदित्यनाथ को धुरंधर सीएम बताया गया था. जिसके बाद से सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा देखने को मिला था. सपा ने इन पोस्टरों को फाड़ दिया था.&amp;nbsp;
UP Weather: यूपी में प्रचंड गर्मी सहने के लिए हो जाइए तैयार, तेज धूप करेगी परेशान, 40 के पार जाएगा पारा ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:49:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>West Bengal Election 2026: पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा से पहले पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक, बंगाल में किया 6 गारंटियों का ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ बीजेपी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए संकल्प पत्र की घोषणा करने जा रही है. संकल्प पत्र की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए छह महत्वपूर्ण गारंटियों का ऐलान किया है.&amp;nbsp;
पिछले कई विधानसभा चुनावों की बात करें तो बीजेपी ने मोदी की गारंटी को एक बड़ा मुद्दा बनाया है. बीजेपी का मानना है कि मोदी की गारंटी पर जनता को उनके पूरे होने यकीन होता है और उसका लाभ चुनाव में मिलता है.
पीएम मोदी ने इन गारंटियों के साथ दोहराया संकल्प
प्रधानमंत्री ने इन गारंटियों के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन में पारदर्शिता लाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने का संकल्प दोहराया है.
प्रधानमंत्री द्वारा दी गई गारंटियों में कहा गया है कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त कर कानून के शासन में लोगों का विश्वास बहाल किया जाएगा. साथ ही प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा.
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हर घोटाले, भ्रष्टाचार के मामलों, महिलाओं के खिलाफ अपराधों और बलात्कार के मामलों की फाइलों को दोबारा खोला जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पीएम मोदी ने TMC के शासन में हुए भ्रष्टाचार को लेकर साधा निशाना
तृणमूल के शासन पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति चाहे वह मंत्री हो या कोई अन्य को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा.
इसके अलावा, शरणार्थियों को संविधान द्वारा प्रदत्त सभी अधिकार और सुविधाएं देने का वादा किया गया है, जबकि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, जिससे राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. यह गारंटियां पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास को लेकर भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: PM मोदी के गढ़ में ओवैसी की एंट्री, यूपी विधानसभा चुनाव में बढ़ेगी बीजेपी की टेंशन? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:48:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>तमिलनाडु में 1.02 करोड़ तो एमपी में 45.11 लाख वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाए, जानें कैसे चुनाव आयोग ने SIR के तहत बदल दी मतदाता सूची</title>
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<description><![CDATA[ How electoral rolls changing India: देश के राज्यों में चल रही चुनाव सुधार प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) यानी एसआईआर ने देश के चुनाव प्रक्रिया और वोटर्स लिस्ट को काफी हदतक बदल कर रख दिया है. आजादी के बाद से चुनाव आयोग का यह कदम एक अहम बदलाव माना जा रहा है.&amp;nbsp;
अब तक कई राज्यों में हुई इस प्रक्रिया का जो ब्योरा सामने आया है, उसमें ऑथिंटिक वोटर्स की लिस्ट तैयार की गई है. आइए समझते राज्यवार एसआईआर के आंकड़े, किन राज्यों में कितने वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. अब कुल कितने वोटर्स मतदान के लिए उपयुक्त हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;(समझते हैं, भारत में कैसे तमिलनाडु से लेकर पुड्डुचेरी तक कैसे मतदाता सूची की तस्वीर बदली है.)
क्या कहते हैं राज्यवार आंकड़े? 

तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया को अंजाम दिया जा चुका है. जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 6.41 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.67 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 1.02 करोड़ वोटर्स को हटाया गया है. 15.85% वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
केरल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 2.79 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 2.7 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 24.62 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 8.84% वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.08 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 4.40 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 77.69 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 15.28 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 7.89 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 7.42 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 68.66 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 8.7 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
मध्यप्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.74 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.4 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 45.11 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 7.86 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
छत्तीसगढ़ में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 2.12 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 1.87 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 28.44 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 13.39 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
राजस्थान में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.47 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.16 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 44.28 लाख वोटर्स को हटाया गया है. &amp;nbsp;8.1 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
गोवा में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 11.85 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 10.58 लाख पर आ गया है. इस दौरान 1.4 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 11.78 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
अंडमान और निकोबार द्वीप में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 3.1 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 2.58 लाख पर आ गया है. इस दौरान 69,283 वोटर्स को हटाया गया है. 22.32 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
लक्षद्वीप में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 57,813 हजार वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 57,607 हजार पर आ गया है. इस दौरान 1,476 वोटर्स को हटाया गया है. 22.32 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;
पुड्डुचेरी में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 10.22 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 9.44 लाख पर आ गया है. इस दौरान 1.19 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 11.67 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. &amp;nbsp;

इन आधारों पर चुनाव आयोग ने हटाए वोटर्स के नाम
चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अपनाते हुए इन मापदंडो का सहारा लिया. इनमें एसआईआर प्रक्रिया के बाद जिन वोटर्स के नाम जोड़े गए हैं, वह सभी नए वोटर्स हैं. इसके अलावा जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें जो अनुपस्थित रहे, अन्य जगह पर रहने लगे हैं, डुप्लीकेट वोटर्स, काबिल वोटर्स, और सत्यापन के समय जो वोटर्स अलग शिफ्ट हो गए हैं, शामिल है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, TMC बोली- &amp;lsquo;1000 करोड़ की BJP से हुई डील&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:48:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>असम चुनावी माहौल में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ बैठकर गोगोई&#45;गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ Assam Assembly Election 2026: जोरहाट विधानसभा चुनाव के बीच मंगलवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने राजनीतिक माहौल में एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया. आमतौर पर चुनावी सरगर्मी के दौरान जहां आरोप&amp;ndash;प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, वहीं इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. भाजपा प्रत्याशी हितेंद्र नाथ गोस्वामी और कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई एक ही स्थान पर साथ बैठकर चाय की चुस्की लेते नजर आए.
दोनों नेता, जो चुनावी मैदान में एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं, बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में बातचीत करते दिखे. उनके बीच किसी तरह की राजनीतिक कटुता का भाव नहीं दिखा, बल्कि यह मुलाकात आपसी सम्मान और सौहार्द का प्रतीक बनकर उभरी. आसपास मौजूद लोगों ने भी इस पल को खास रुचि के साथ देखा और इसे अपने कैमरों में कैद किया.
इस तरह की तस्वीरें कम देखने को मिलती हैं
चुनावी माहौल में इस तरह की तस्वीरें कम ही देखने को मिलती हैं, जहां विरोधी दलों के नेता सार्वजनिक रूप से इतने सहज और मित्रतापूर्ण तरीके से संवाद करते नजर आएं. यह दृश्य न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा, बल्कि सोशल और जनचर्चा में भी तेजी से जगह बना रहा है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का माध्यम भी है. उनका मानना है कि नेताओं के बीच इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करता है और समाज में सकारात्मक संदेश देता है.
एक्सपर्ट्स ने इस तस्वीर को लेकर क्या कहा है?&amp;nbsp;
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस प्रकार की सौहार्दपूर्ण पहलें राजनीतिक संस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि विचारधारा में भिन्नता होने के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों में सम्मान बनाए रखा जा सकता है. कुल मिलाकर, जोरहाट के चुनावी माहौल में सामने आई यह तस्वीर सियासत के उस मानवीय पहलू को उजागर करती है, जहां प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सम्मान और संवाद भी कायम रहता है. यह पल मतदाताओं के बीच न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि राजनीति में शालीनता और परिपक्वता का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है.
यह भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, TMC बोली- &amp;lsquo;1000 करोड़ की BJP से हुई डील&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:48:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Assembly Election 2026: केरल&#45;असम और पुडुच्चेरी में जबरदस्त वोटिंग, मुख्य चुनाव आयुक्त बोले&#45; दुनिया के लिए लोकतंत्र के लिए उदाहरण</title>
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<description><![CDATA[ देश के दो राज्यों असम, केरलम और साथ में केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में चल रहे विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर 9 अप्रैल 2026 यानी गुरुवार को चल रही वोटिंग शाम 6 बजे तक थम गई है. अब मतदाता पेटी में कई धुरंधरों की किस्मत कैद हो गई है. चुनाव आयोग ने ईवीएम और वीवीपेट सील करना शुरू कर दिए हैं. चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक असम में 84.42%, केरलम में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92% वोटिंग हुई.
पुड्डुचेरी में सीएम रंगास्वामी ने वोट डाला, केरल में रक्षामंत्री एके एंटनी वोट डाला. इसके अलावा असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कामाख्या मंदिर में पूजा की, साथ ही पत्नी के साथ जालुकबाड़ी में वोट डाला. अब सभी को 4 मई का इंतजार है, जब इन राज्यों के चुनाव नतीजे सामने आएंगे.&amp;nbsp;
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि Assam, Kerala और Puducherry में हुए विधानसभा चुनाव न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण हैं. उन्होंने Election Commission of India की ओर से इन राज्यों के सभी मतदाताओं को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह लोकतांत्रिक भागीदारी का एक शानदार प्रदर्शन है. सीईसी ने अपने संदेश में &amp;ldquo;चुनाव का पर्व, मतदाता का गर्व&amp;rdquo; का उल्लेख करते हुए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और लोकतंत्र के प्रति उनके समर्पण को सराहा.
असम की इन सीटों पर नजर
अगर असम की बात करें तो यहां 3 बड़ी सीटें, जिनपर सभी की निगाहें हैं. इनमें पहली चर्चित सीट जलुकबाड़ी विधानसभा है. यहां से बीजेपी उम्मीदवार और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा चुनावी मैदान में हैं. उनके खिलाफ बिदिशा नियोग कांग्रेस से मैदान में उतरीं हैं. यहां से लगातार पांच बार से हिमंता चुनाव जीत रहे हैं. यह बीजेपी का गढ़ माना जाता है.&amp;nbsp;
दिसपुर में भाजपा के उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई चुनावी मैदान में हैं. यहां से कांग्रेस ने मीरा बोरठाठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा है. यह कांग्रेस की पारंपरिक सीट रही है, लेकिन फिलहाल बीजेपी का दबदबा है.&amp;nbsp;
असम की तीसरी सीट जोरहाट पर भी सभी की निगाहें हैं. यहां से हितेंद्र नाथ गोस्वामी बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं. तो गौरव गोगोई कांग्रेस से चुनावी मैदान में हैं. गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.&amp;nbsp;
केरल की इन सीटों पर नजर
केरल की दो बड़ी सीटें हैं, जिनपर सभी की निगाहें हैं. नेमोम सीट से बीजेपी उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर चुनावी मैदान में हैं. उनके खिलाफ वी. शिवनकुट्टी सीपीआईएम से चुनाव लड़ रहे हैं.&amp;nbsp;
धर्मदम सीट से बीजेपी के सीके पद्मनाभन चुनावी मैदान में हैं. सीपीआईएम उम्मीदवार पिनाराई विजयन चुनावी मैदान में हैं.&amp;nbsp;
पुड्डुचेरी में बीजेपी दोहरा पाएगी अपनी गठबंधन सरकार?
अगर पुड्डुचेरी की बात करें तो यहां 30 विधानसभा सीटें हैं. यहां 20 पार्टियों के 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. सभी की किस्मत ईवीएम और वीवीपेट में कैद हो गई है. पुड्डचेरी की राजनीति हमेशा से गठबंधन की रही है. यहां कभी बीजेपी भारी रही तो कभी कांग्रेस ने अपना दबदबा बनाए रखा. यहां फिलहाल बीजेपी और एआईएनआरसी गबंधन की सरकार है. उनके पास कुल 16 सीट हैं. देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार बीजेपी गठबंधन इस चुनाव में अपनी जीत को दोहरा पाएगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: त्रिशूर में डेढ़ घंटा वोट डालने के लिए लाइन में खड़ा रहा 62 साल का शख्स, मतदान करते ही हुई मौत ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:48:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>कथित स्टिंग ऑपरेशन वाले वीडियो पर भड़के हुमायूं कबीर, ममता बनर्जी को दिया चैलेंज, कहा&#45; हिम्मत है तो...</title>
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<description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने पर गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद छिड़ गया. वीडियो में वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के प्रयासों का कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं. टीएमसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के साथ कबीर की कथित निकटता के दावों की ईडी से जांच की मांग की.
स्टिंग ऑपरेशन AI से बनाया गया: हुमायूं कबीर
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;यह वीडियो पूरी तरह से AI के जरिए बनाया गया है. तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक रूप से मेरा सामना नहीं कर पा रही है. TMC मुझसे और मेरे राजनीतिक दल से डर गई है. असदुद्दीन ओवैसी के साथ जो गठबंधन हुआ है, उससे भी डर गई है इसलिए मेरे खिलाफ AI वीडियो बनाकर फैलाया जा रहा है.&amp;nbsp;
हुमायूं कबीर ने TMC को दिया चैलेंज
उन्होंने कहा, &#039;अगर उनमें ताकत है तो साबित करें कि मेरी किन-किन बीजेपी नेताओं के साथ मीटिंग हुई है, कोई सांठगांठ हुई है. अगर साबित कर दें तो मैं मान लूंगा. अगर साबित नहीं कर पाए तो कुणाल घोष, बॉबी हाकिम, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करूंगा और उन्हें उचित सजा दिलवाऊंगा. AI वीडियो बनाकर पूरे मुस्लिम समाज का अपमान करने और उन्हें गुमराह करने की कोशिश की गई है. मुस्लिम वोट ममता बनर्जी से दूर हो गया है. हुमायूं कबीर के समर्थन में आज मुसलमान बोल रहे हैं इसलिए डरकर उनके खिलाफ ऐसी साजिश रची जा रही है.&#039;
TMC ने कहा कि बीजेपी के साथ 1000 करोड़ की डील&amp;nbsp;
हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;स्टिंग ऑपरेशन में तो बॉबी हाकिम को पैसे लेते हुए देखा गया था, उसका क्या हुआ? अगर हिम्मत है तो सबूत दें. यह प्रतीक जैन और अभिषेक बनर्जी का खेल है, तरह-तरह की साजिशें की जा रही हैं. जितनी भी कोशिश कर लें, बच नहीं पाएंगे. AI वीडियो बनाकर हुमायूं कबीर को बदनाम नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें मुसलमानों से दूर किया जा सकता है.&#039;
वीडियो में कथित तौर पर कबीर यह कहते हुए भी नजर आ रहे हैं कि उनकी रणनीति सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने के इर्द-गिर्द केंद्रित है.&amp;nbsp;वीडियो में, उन्होंने कथित तौर पर योजना को अंजाम देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के सौदे के हिस्से के रूप में अग्रिम के रूप पर 200 करोड़ रुपये प्राप्त करने का जिक्र किया है.
ये भी पढ़ें : असम चुनावी माहौल में बेहद ही शानदार तस्वीर, एक साथ बैठकर गोगोई-गोस्वामी ने चाय पर की चर्चा ]]></description>
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<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:48:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>जयपुर: कांग्रेस MLA की शादी का जाम पुलिस के लिए बना आफत, पहली बार अधिकारियों पर होगा एक्शन!</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान की राजधानी जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात हो गई है. ट्रैफिक जाम से आम जनता परेशान होता ही है लेकिन इस बार जयपुर में एक खास शादी की वजह से पुलिस अधिकारी भी परेशानी में पड़ गए. दरअसल, पिछले दिनों लाडनूं से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह में लगे जाम पर पुलिस मुख्यालय सख्त नजर आ रहा है.&amp;nbsp;
मुख्यालय की ओर से जयपुर के स्पेशल कमिश्नर से मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी जिसमें एक IPS और एक RPS सहित 6 अधिकारियों से जवाब तलब किया गया. माना जा रहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.
जाम में फंस गए थे कई VIP, निकालना हुआ मुश्किल
ऐसा पहली बार होता दिख रहा है जहां जाम की स्थिति बनने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों पर एक्शन होगा. हालांकि, अभी जांच जारी है. बता दें 9 मार्च को जयपुर के सीकर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह था. इस कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. साथ ही पुलिस के कुछ आल अधिकारी भी समारोह में पहुंचे थे.&amp;nbsp;
समारोह के दौरान सिक्का रोड पर जाम लग गया जिसमें कई VIP फंस गए. मैसेज के बाद भी VIP को जाम से निकालना मुश्किल हो गया, जिसके बाद जांच शुरू की गई. स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने जांच की और मुख्यालयों को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसके बाद अब अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है.
जयपुर पुलिस के इन अधिकारियों पर हो सकता है एक्शन
जयपुर शहर में जाम की स्थिति अब आम बात हो गई है. शहर में सुबह से शाम तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन ऐसा पहली बार है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों पर ट्रैफिक जाम के कारण कार्रवाई हो रही है. जिम्मेदार अधिकारियों में एसीपी चौमूं IPS उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदौरिया, TI मंजू चौधरी, TI संपत राज, TI नवरत्न धौलिया और हरमाडा थानाधिकारी उदयसिंह शामिल हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:16:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>CM पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार की पार्टी ने कर दी बड़ी मांग, &amp;apos;हम लोग चाहते हैं…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं. ऐसे में चर्चा है कि बिहार में अब बीजेपी का सीएम बनेगा. इस बीच जेडीयू की ओर से निशांत को सीएम कैंडिडेट के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है. नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से पहले जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपने आवास पर एक पोस्टर लगाया है. इसको लेकर सियासी गलियारे में कई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
&#039;विरासत मजबूत, भविष्य दमदार...&#039;
पोस्टर में नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत की तस्वीर है. इस पर लिखा गया है, &quot;विरासत मजबूत, भविष्य दमदार. निशांत कुमार हैं तैयार.&quot; पोस्टर को लेकर एबीपी न्यूज़ से बुधवार (08 अप्रैल, 2026) को बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि हम लोग और जेडीयू के कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत सीएम बनें. नीतीश कुमार के सारे गुण निशांत में हैं.
नीरज कुमार ने निशांत को बताया जेडीयू का भविष्य
नीरज कुमार ने कहा कि निशांत में काफी काबिलियत है. निशांत जेडीयू के भविष्य हैं. Ni से Nitish, Ni से Nishant भी होता है. नीतीश ने अपनी विरासत निशांत को सौंप दी है. नीतीश ने सामाजिक आंदोलन वैचारिक धरातल पर उतारा है. उसके वाहक निशांत हैं. निशांत जेडीयू के अब सर्वमान्य नेता हैं. निशांत तैयार हैं. हालांकि सीएम कौन होगा, किस पार्टी से होगा, इस पर एनडीए के सभी दल मिलकर निर्णय करेंगे.
यह भी पढ़ें-&amp;nbsp;तेजस्वी यादव ने बिहार को बताया &#039;अमंगल दोष&#039; से ग्रसित, स्कूटी पर मरीज देख NDA सरकार को घेरा
दिल्ली से पटना आने पर इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश
बता दें कि नीतीश कुमार कल (गुरुवार) दिल्ली रवाना हो रहे हैं. 10 तारीख को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे. पटना लौटने पर वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. नई सरकार का गठन होना है. बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री हो सकता है. इसी बीच जेडीयू की तरफ से निशांत को सीएम कैंडिडेट के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाने लगा है. पोस्टर अपने आप में एक बड़ा संदेश दे रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- Bihar New CM: बिहार में नए मुख्यमंत्री के लिए BJP में हलचल तेज, सम्राट चौधरी सहित इन नेताओं को दिल्ली से बुलावा ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:16:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>तमिलनाडु चुनाव में किसी भी पार्टी ने नहीं दिए ब्राह्मण कैंडिडेट, प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं&#45; &amp;apos;और बजाओ ताली थाली...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ उद्धव ठाकरे गुट की सीनियर नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सियासी पारा हाई हो गया है. चुनावी राज्य तमिलनाडु के डाटा का जिक्र करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने नाराजगी जताई है और दावा किया है कि राज्य में सभी बड़ी पार्टियों ने एक भी ब्राह्मण चेहरे को उम्मीदवार नहीं बनाया. इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट किया और लिखा- &#039;ऐसा और भी राज्यों में होगा... और बजाओ ताली और थाली.&#039;
एक्स पोस्ट में प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, &quot;मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसे आंदोलन को प्रेरित किया जो हमेशा आक्रोशित ही रहता है. जिस भी पक्ष के साथ भेदभाव होता है, मैं उसके पक्ष में बोलूंगी, चाहे वह मुस्लिम हों, SC-ST हों, ईडब्ल्यूएस हों या इस मामले में ब्राह्मण हों.&quot;
आरक्षण पर प्रियंका चतुर्वेदी का सवाल
इतना ही नहीं, आरक्षण के मकसद की सफलता पर सवाल उठाते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी पूछा कि क्या रिजर्वेशन का फायदा उस हर समुदाय को मिला है जिसको इसकी जरूरत थी या फिर कुछ समुदायों ने इसका ज्यादा लाभ उठाया? यूबीटी नेता ने अपने पोस्ट में लिखा, &quot;...और जब हम आक्रोश की बात कर ही रहे हैं, तो यह भी जांचने का समय है कि प्रतिनिधित्व के नेक इरादे से शुरू हुई आरक्षण व्यवस्था ने क्या वास्तव में सभी आरक्षित वर्गों को समान रूप से लाभ पहुंचाया है या फिर इसका लाभ कुछ समुदायों ने दूसरों की तुलना में अधिक उठाया है?&quot; प्रियंका चतुर्वेदी ने दो टूक यह भी कहा कि वह कठिन सवाल पूछेंगी, जवाब देना होगा.
प्रियंका चतुर्वेदी के इस पोस्ट से जनता सहमत नहीं दिख रही. कई लोगों ने यूबीटी नेता के पोस्ट पर कमेंट कर लिखा है कि जब उन्हें ब्राह्मण उम्मीदवारों का डेटा पता लगा, तब उन्होंने आवाज उठाई, लेकिन जब अन्य समुदायों के साथ ऐसा कुछ होता है तो वह चुप्पी साध लेती हैं. हालांकि, प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया है कि वह उस हर समुदाय के पक्ष में हैं, जिसको भेदभाव का सामना करना पड़ता है. इस मामले में वह समुदाय ब्राह्मण है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:16:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;जो होर्मूज स्ट्रेट पहले से खुला था, उसे दोबारा खुलवाकर क्या हासिल किया?&amp;apos; CM अब्दुल्ला का US से सवाल</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका-इसलाइयल और ईरान के बीच 39 दिन तक चले युद्ध के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए द्विपक्षीय सीजफायर का ऐलान किया, जिसके साथ ही ईरान &#039;स्ट्रेट ऑफ होर्मूज&#039; खोलने के लिए राजी हो गया. इसको लेकर अब जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान आया है.&amp;nbsp;
उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका से बड़ा सवाल किया है जो चर्चा का विषय बन रहा है. उन्होंने अमेरिका से पूछा है कि जो स्ट्रेट ऑफ होर्मूज युद्ध से पहले सभी के लिए खुला हुआ था, वॉर के बीच उसे बंद करवाया और अब समझौता कर सीजफायर के साथ उसे दोबारा खुलवा दिया. ऐसा कर के अमेरिका ने क्या हासिल कर लिया?

So the ceasefire allows a strait to reopen, a strait that was open &amp;amp; freely available to everyone to use before the war started. What exactly did this 39 day war achieve for the US? #UnjustWar
&amp;mdash; Omar Abdullah (@OmarAbdullah) April 8, 2026



&#039;ईरान-अमेरिका युद्ध अन्यायपूर्ण&#039;
उमर अब्दुल्ला ने एक्स पोस्ट में लिखा, &quot;युद्धविराम से एक स्ट्रेट फिर से खुल गया, एक ऐसा स्ट्रेट जो युद्ध शुरू होने से पहले भी सभी के लिए खुला हुआ था और कोई भी उसका इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र था. इस 39 दिन के युद्ध से अमेरिका को आखिर क्या हासिल हुआ?&quot; इतना ही नहीं, सीएम अब्दुल्ला ने इसे एक &#039;अन्यायपूर्ण युद्ध&#039; करार दिया है.&amp;nbsp;
दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले ही ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की थी. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान ने उनसे अनुरोध किया था कि ईरान के खिलाफ होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दूं लेकिन शर्त यह थी कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:16:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बिहार में BJP नहीं महागठबंधन की सरकार बनेगी? नीतीश कुमार से RJD बोली&#45; &amp;apos;आपको...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ नीतीश कुमार को आरजेडी की ओर से बड़ा ऑफर मिला है. आरजेडी के प्रधान महासचिव एवं विधायक रणविजय साहू ने बुधवार (08 अप्रैल, 2026) को एबीपी न्यूज़ से कहा कि आप (नीतीश कुमार) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा मत दीजिए. आपको पूर्ण बहुमत रहेगा. संख्या बल की कमी नहीं होगी. महागठबंधन समर्थन करेगा. जनता चाहती है नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री बने रहें.
रणविजय साहू ने कहा कि नीतीश कुमार के चेहरे पर एनडीए को प्रचंड जीत मिला है जबकि बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए नीतीश को जबरन सीएम की कुर्सी से हटाना चाहती है. राज्यसभा सदस्य बनाकर दिल्ली ले जाकर नीतीश की राजनीति को खत्म कर देना चाहती है. नीतीश कुमार आगे बढ़ें. आंकड़ा की कोई कमी नहीं होगी.
&#039;हम लोगों का रुख स्पष्ट&#039;
आरजेडी विधायक ने आगे कहा कि बिहार में सांप्रदायिक शक्तियों को सरकार बनाने से महागठबंधन रोकेगा. जनता नीतीश कुमार के साथ, जनमत नीतीश के साथ, तो फिर क्यों नीतीश को सीएम की कुर्सी से बीजेपी हटा रही है? नीतीश कुमार को तय करना है कि क्या फैसला करेंगे. हम लोगों ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. बिहार की जनता चाहती है कि नीतीश बिहार के सीएम बने रहें. जनता के लिए हम लोग नीतीश के समर्थन के लिए तैयार हैं.
यह भी पढ़ें-&amp;nbsp;CM पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार की पार्टी ने कर दी बड़ी मांग, &#039;हम लोग चाहते हैं&amp;hellip;&#039;
पार्टी की ओर से पहली बार आया ऐसा बयान
बता दें कि रणविजय साहू की ओर से दिए गए इस तरह के बयान से बिहार का सियासी माहौल और गर्म हो उठा है. पार्टी की ओर से पहली बार इस तरह का बयान आया है. रणविजय साहू का बयान ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार दिल्ली रवाना होने वाले हैं. 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के तौर पर वे शपथ लेंगे. वापस आने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. उसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होना है. बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है. अब आरजेडी के ऑफर से एक नई हवा बहने लगी है.
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:16:15 +0530</pubDate>
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<title>दिल्ली में दो दिन पानी की सप्लाई रहेगी प्रभावित, इन इलाकों में होगी किल्लत, जानें क्या है वजह?</title>
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<description><![CDATA[ राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए जरूरी सूचना सामने आई है. दिल्ली जल बोर्ड ने बताया है कि वार्षिक फ्लशिंग कार्यक्रम के चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रहने वाली है. ऐसे में नागरिकों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है.
जानकारी के मुताबिक आठ और नौ अप्रैल को अंडरग्राउंड रिजर्वायर और बूस्टर पंपिंग स्टेशन की सफाई और रखरखाव का काम किया जाएगा. इसी वजह से इन दोनों दिनों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी.
8 अप्रैल को इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत
पहले दिन यानी 8 अप्रैल को सुल्तानपुरी 80 गज, हरिजन बस्ती, इंद्रा झील कॉलोनी, निजामपुर गांव, गढ़ी रंधाला गांव और रोहिणी सेक्टर-3 के पॉकेट-एच व पॉकेट-एफ जैसे इलाकों में सप्लाई प्रभावित रहेगी. इन इलाकों के लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है.
9 अप्रैल को इन इलाकों में रहेगा असर
दूसरे दिन यानी 9 अप्रैल को सुल्तानपुरी, हरिजन बस्ती, इंद्रा झील कॉलोनी, रोहिणी सेक्टर-4 (पॉकेट-बी-6 और बी-8), अवंतिका एन्क्लेव, मजरा गांव, किराड़ी गांव, प्रेम नगर, अमन विहार, निठारी गांव, मुबारकपुर और कराला गांव में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
जल बोर्ड ने साफ कहा है कि जिन इलाकों में सप्लाई प्रभावित होगी, वहां के निवासी अपनी जरूरत के हिसाब से पहले ही पानी स्टोर कर लें. इससे असुविधा से काफी हद तक बचा जा सकता है.
आपात स्थिति में उपलब्ध रहेंगे पानी के टैंकर
जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए कंट्रोल रूम के नंबर 1916, 23527679 और 23538495 पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा मंगोलपुरी ओएचटी के नंबर 27294132 और 27915531 पर भी मदद ली जा सकती है.
जल बोर्ड ने इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद जताया है और लोगों से सहयोग की अपील की है. विभाग का कहना है कि यह काम बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूपी में पंचायत चुनाव पर सस्पेंस के बीच उपचुनाव का ऐलान, इन 10 जिलों में वोटिंग 5 मई को</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टलने की अटकलों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने विभिन्न नगरीय निकायों में उपचुनाव की घोषणा कर दी है. 10 जिलों के विभिन्न निकायों की यह रिक्तियां वर्ष 2025-26 के दौरान की हैं.
आयोग ने शाहजहांपुर के नगर पंचायत कटरा और कुशीनगर के नगर पंचायत फाजिलनगर में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव घोषित किया है. इसके साथ ही 8 और जिलों के नगर निकायों में उपचुनाव का ऐलान किया गया है.
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इसके अलावा प्रयागराज के आलोपीबाग वार्ड संख्या 48 में पार्षद पद के लिए भी बाय इलेक्शन होगा. वहीं 7 अन्य जिलों-इटावा, बदायूं, गौतमबुद्धनगर, बाराबंकी, बागपत, गोंडा और मीरजापुर-की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सदस्य पद के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे.
जिन सीटों पर उपचुनाव होगा, उनमें इटावा नगर पालिका परिषद् का वार्ड संख्या 40, बदायूं का वार्ड संख्या 28, गौतमबुद्धनगर के नगर पंचायत जेवर का वार्ड संख्या 12, बाराबंकी के नगर पंचायत सुबेहा का वार्ड संख्या 5 और रामनगर का वार्ड संख्या 7 शामिल है. इसके साथ ही बागपत नगर पालिका परिषद् का वार्ड संख्या 23, गोंडा के कर्नलगंज नगर पालिका परिषद् के वार्ड संख्या 16 और 25 तथा मीरजापुर नगर पालिका परिषद् का वार्ड संख्या 36 भी शामिल हैं.
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उपचुनाव के लिए कब है वोटिंग और काउंटिंग?
इन 9 जिलों में सदस्य, अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी. नामांकन पत्रों की जांच 18 अप्रैल को होगी, जबकि 20 अप्रैल तक नाम वापसी की जा सकेगी. चुनाव चिन्हों का आवंटन 21 अप्रैल को किया जाएगा.
मतदान 5 मई को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 7 मई को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे. उपचुनावों के संदर्भ में उपरोक्त निर्देश राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने दिए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Gurugram News: तेज रफ्तार स्कूल वैन ने 8 साल के मासूम को कुचला, CCTV में कैद हुई दर्दनाक घटना</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. भोंडसी थाना क्षेत्र के श्याम कुंज कॉलोनी में एक स्कूल वैन ने लापरवाही से बैक करते समय 8 साल के मासूम बच्चे को बेरहमी से कुचल दिया. इस हृदयविदारक हादसे में केशव नाम के इस छोटे से बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई. पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए.
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस वक्त घटी जब एमएस पब्लिक (MS Public) स्कूल की वैन का चालक बच्चों को घर छोड़ने के बाद अपनी गाड़ी को काफी तेज गति से पीछे की तरफ बैक कर रहा था. उसी दौरान आठ साल का मासूम केशव दौड़ते हुए वैन के ठीक पीछे आ गया और पलक झपकते ही गाड़ी की चपेट में आ गया. बच्चे को गाड़ी के नीचे आता देख वहां खड़े स्थानीय लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चीख-पुकार सुनकर जमा हुए लोगों ने आनन-फानन में खून से लथपथ मासूम को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने आरोपी चालक को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही मारुति कुंज पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वैन चालक राजेश को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने दुर्घटना में शामिल गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है. मासूम केशव के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है और चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
प्रशासन की लापरवाही और अवैध परिवहन पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने स्कूल परिवहन व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर कर दिया है. बताया जा रहा है कि जो गाड़ी बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रही थी, वह नियम के अनुसार पीले रंग की प्रमाणित &#039;स्कूल वैन&#039; नहीं थी. गुरुग्राम शहर में धड़ल्ले से प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल स्कूली बच्चों को ढोने के लिए किया जा रहा है, जो कि कानूनन अपराध है. ऐसे वाहनों के चालक अक्सर तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाते हैं, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं. इस दुखद घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है और इलाके के लोग प्रशासन से अवैध स्कूली वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बारामती उपचुनाव: कांग्रेस ने उतारा उम्मीदवार तो भड़के पार्थ पवार, अब सुप्रिया सुले ने दिया बड़ा बयान</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. इस पर NCP नेता पार्थ पवार की ओर से निंदा किये जाने के एक दिन बाद एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मंगलवार (07 अप्रैल) को कहा कि चुनाव लड़ना एक संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस सम्मान की पात्र है. सुले ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एनसीपी नेताओं ने सोमवार को पार्थ की मां और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के वक्त उपस्थित रहने के लिए उन्हें और एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार को आमंत्रित किया गया था.
पार्थ पवार ने सोमवार (06 अप्रैल) को कहा कि सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ेगा.&amp;nbsp;पार्थ के बयान पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाया था. पवार परिवार के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि कांग्रेस को स्वतंत्र राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ने का अधिकार है.
निजी सलाह घर पर दी जाती है, सार्वजनिक रूप से नहीं- सुप्रिया सुले
एनसीपी प्रमुख और सुनेत्रा पवार के पति अजित पवार की 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के कारण 23 अप्रैल को इस सीट से उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था. पार्थ की टिप्पणी और उसपर शरद पवार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;हमारे परिवार में, जब बड़े बोलते हैं, तो हम सुनते हैं, और निजी सलाह घर पर ही दी जाती है, सार्वजनिक रूप से नहीं. मेरा पालन-पोषण इसी सिद्धांत के साथ किया गया है और मैं इसका पालन अपने परिवार और राजनीति दोनों में करती हूं.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
कांग्रेस को चुनाव लड़ने का अधिकार- सुप्रिया सुले
बारामती सांसद सुले ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाई और देश की प्रगति तथा विकास के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि डॉ. बी. आर. आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के अनुसार कांग्रेस को चुनाव लड़ने का अधिकार है. सुले ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;यह एक ऐसी पार्टी है, जो संविधान के दायरे में रहकर काम करती है और सम्मान की पात्र है. मैंने कांग्रेस के समर्थन और मार्गदर्शन में चुनाव लड़ा है. हम कांग्रेस की विचारधारा के साथ बड़े हुए हैं.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
सुप्रिया सुले और शरद पवार को भी किया गया था आमंत्रित
सुले के पिता शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था, लेकिन बाद में उसके साथ गठबंधन कर लिया.&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि एनसीपी नेता छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के समय मुझे और शरद पवार को उपस्थित रहने के लिए आमंत्रित किया. सुले ने अपनी अनुपस्थिति का कारण बताए बिना कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;पवार साहब को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी थी, इसलिए वह वहां उपस्थित नहीं हो सके.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
क्या चुनाव प्रचार के लिए सुप्रिया सुले जाएंगी बारामती?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह चुनाव प्रचार के लिए बारामती जाएंगी, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत &amp;lsquo;महायुति&amp;rsquo; ने एनसीपी अध्यक्ष रहे अजित पवार के सम्मान में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को निर्विरोध निर्वाचित कराने की अपील की थी. एनसीपी (SP) और शिवसेना (UBT) ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में चूक मामले में एक्शन, SI और ASI सस्पेंड, स्पीकर ने दिए थे सख्त निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में चूक के मामले में अब दिल्ली पुलिस ने एक्शन लिया है. इस मामले में विधानसभा सुरक्षा यूनिट में तैनात एक SI और ASI को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं इस मामले की जांच जारी है.
इससे पहले दिल्ली विधानसभा में सोमवार को हुई बड़ी सुरक्षा चूक के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में अफसरों की बड़ी बैठक बुलाई. बैठक में गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो, पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक पुलिस और विधानसभा के अफसर मौजूद रहे. अध्यक्ष ने साफ कहा कि विधानसभा की सुरक्षा में अब किसी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं होगी.&amp;nbsp;
सुरक्षा में जरा सी कमी भी न हो- विजेंद्र गुप्ता
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, &quot;विधानसभा की सुरक्षा में जरा सी भी कमी नहीं होनी चाहिए. हर गेट पर चौकसी, साफ जिम्मेदारी और सभी एजेंसियों के बीच तालमेल जरूरी है.&quot;
अध्यक्ष ने विधानसभा के सभी गेटों पर तुरंत हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाने का आदेश दिया. यह ऐसे मजबूत लोहे के अवरोध होते हैं जो जरूरत पड़ने पर जमीन से ऊपर आ जाते हैं और किसी भी गाड़ी को अंदर जाने से रोक देते हैं. इसके साथ ही हर गेट पर सुरक्षा जांच और सख्त करने, गेट मजबूत बनाने और अंदर आने वाली हर गाड़ी की पूरी जांच करने के निर्देश दिए गए.
&#039;केवल गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मी काफी नहीं&#039;
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अब केवल गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मी काफी नहीं हैं. विधानसभा परिसर में एक मोबाइल पेट्रोलिंग गाड़ी भी तैनात की जाएगी, ताकि कोई संदिग्ध गाड़ी या व्यक्ति दिखने पर तुरंत कार्रवाई हो सके. उन्होंने कहा कि हर गेट पर कम से कम दो-दो जवान तैनात हों और उन्हें पूरी जानकारी और जरूरी सामान दिया जाए.
&#039;थोड़ी भी देरी सुरक्षा को कर देती है कमजोर&#039;
बैठक में यह भी तय हुआ कि दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के बीच एक संयुक्त कमांड सिस्टम बनाया जाएगा. यानी किसी भी खतरे की स्थिति में एक ही अफसर के आदेश पर तुरंत कार्रवाई होगी. अध्यक्ष ने कहा कि सूचना देने में थोड़ी भी देरी सुरक्षा को कमजोर कर देती है.
दिल्ली पुलिस के अफसरों ने हर महीने मॉक ड्रिल कराने का सुझाव दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बनी रहे. साथ ही एक ऐसा अलार्म सिस्टम लगाने की बात भी कही गई, जो पूरे परिसर को एक साथ अलर्ट कर सके. वहीं पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने विधानसभा के गेटों पर मजबूत और फोल्ड होने वाले सुरक्षा गेट लगाने का सुझाव दिया. अध्यक्ष ने इसे भी मंजूरी दे दी.
बता दें कि सोमवार (6 अप्रैल) को दोपहर दिल्ली विधानसभा में एक सफेद एसयूवी गाड़ी जबरन गेट नंबर-2 तोड़कर अंदर घुस गई थी. गाड़ी सीधे विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर की तरफ पहुंची. वहां फूलों का गुलदस्ता रखा गया और अध्यक्ष की गाड़ी पर स्याही फेंकी गई. इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया.&amp;nbsp;
आरोपी गिरफ्तार
बाद में दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया. पुलिस के मुताबिक गाड़ी उत्तर प्रदेश नंबर की थी और आरोपी की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है. सूत्रों के मुताबिक घटना के समय विधानसभा अध्यक्ष अपने दफ्तर में मौजूद थे और यह पूरी घटना उनके पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद हुई. इस घटना के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठे हैं. बताया जा रहा है कि जिस गेट से गाड़ी अंदर आई, वहां सुरक्षा कम थी क्योंकि उस समय सदन की कार्यवाही नहीं चल रही थी.
बम से उड़ाने की मिली थी धमकी
गौरतलब है कि हाल ही में बजट सत्र के दौरान भी दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. ऐसे में इस नई घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. अब विधानसभा परिसर में नई सुरक्षा व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी और हर महीने इसकी समीक्षा होगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:37 +0530</pubDate>
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<title>अगले कुछ घंटे दिल्ली के मौसम का रहेगा हाल&#45;बेहाल, इंडिगो ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी</title>
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<description><![CDATA[ खराब मौसम के चलते इंडिगो ने मंगलवार को एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. इसमें यात्रियों को दिल्ली में खराब मौसम की वजह से संभावित दिक्कतों की चेतावनी दी है. यहां आसमान साफ नहीं होने की वजह से फ्लाइट्स शेड्यूल पर असर पड़ा है.&amp;nbsp;
एक्स पर पोस्ट कर एयरलाइंस ने यात्रियों को क्या जानकारी दी?&amp;nbsp;
एयरलाइंस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि दिल्ली में खराब मौसम ने फ्लाइट्स शेड्यूल पर असर डाला है. हम मौसम पर करीब से नजर रख रहे हैं. आपको सुरक्षित और आसानी से वहां पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां आपको पहुंचना है. इसके साथ ही एयरलाइंस ने यात्रियों से वेबसाइट या मोबाइल एप पर फ्लाइट का स्टेट्स चेक करने की अपील की है. साथ ही कहा है कि यात्रियों की मदद के लिए ग्राउंड पर टीमें मौजूद हैं.&amp;nbsp;
एयरलाइंस ने एडवाइजरी मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बाद जारी की है. इसमें कहा गया है कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश और गरज के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.&amp;nbsp;
दिल्ली में मंगलवार सुबह हुई हल्की बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह शहर में हल्की बारिश हुई. मौसम केंद्रों पर अलग-अलग बारिश दर्ज की गई है. आधिकारिका आंकड़ों के मुताबिक, सुबह साढ़े आठ तक 24 घंटे में कुल बारिश इस तरह हुई है, इसमें सफदरगंज में 0.4mm, पालम में 1.4 mm, लोधी रोड पर 1mm, रिज पर थोड़ी बारिश, आयानगर में 3 mm, सफदरगंज में तापमान 20.1 डिग्री पर दर्ज किया गया है. यह सीजन के औसत आंकडे़ से 0.1 डिग्री ज्यादा है.&amp;nbsp;
बुधवार को कैसा रहेगा मौसम का हालइधर, बुधवार यानी 8 अप्रैल 2026 को दिल्ली में कम से कम 20.58 डिग्री और ज्यादा से ज्यादा 31.3 डिग्री तक तापमान रहने का अनुमान है. इसके अलावा कल उमस का प्रतिशत 37 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;
केदारनाथ जाने वालों के लिए बड़ी खबर, दर्शन फ्री, लेकिन यात्रा का खर्च बढ़ा, देखें नई रेट लिस्ट ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:04 +0530</pubDate>
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<title>मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया में सबसे ज्यादा  कटे वोटर्स के नाम, जानें जिलेवार वोटर्स कटौती का पूरा हिसाब</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच चुनाव आयोग ने एक चौंकाने वाला डेटा जारी किया है. राज्य में चलाए गए &#039;स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन&#039; (SIR) अभियान के बाद करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. आयोग ने अभी आधिकारिक तौर पर नए वोटर बेस का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल वोटरों में से लगभग 11.85 प्रतिशत की कटौती की गई है. इस बड़े बदलाव ने राज्य की सियासी हलचल को और तेज कर दिया है.
91 लाख नाम हटने का पूरा गणितचुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर तक बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाता थे. जांच प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 90.83 लाख नामों को हटाया जा चुका है. इनमें से करीब 27.16 लाख नाम तो अकेले न्यायिक अधिकारियों की उस जांच (Adjudication) के दौरान कटे, जिसमें 60.06 लाख वोटरों की पात्रता पर सवाल उठे थे. यानी जांच के दायरे में आए करीब 45 प्रतिशत लोग वोट डालने के लिए अयोग्य पाए गए.
मुस्लिम बाहुल्य और सीमावर्ती जिलों में भारी कटौतीआंकड़ों में सबसे बड़ी कटौती मुस्लिम बाहुल्य जिले मुर्शिदाबाद में देखी गई है, जहां जांच के दायरे में आए 11 लाख लोगों में से 4.55 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए. इसी तरह बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना में 3.25 लाख और मालदा में 2.39 लाख नाम काटे गए हैं. दक्षिण 24 परगना में भी करीब 2.23 लाख वोटरों की छुट्टी कर दी गई है.
नदिया और मतुआ बाहुल्य इलाकों का हालप्रतिशत के हिसाब से देखें तो नदिया और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में स्थिति और भी चौंकाने वाली है. नदिया जिले में जांच के दायरे में आए नामों में से रिकॉर्ड 77.86 प्रतिशत और उत्तर 24 परगना में 55.08 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं. बता दें कि ये इलाके हिंदू &#039;नमोशूद्र मतुआ&#039; समुदाय के प्रभाव वाले माने जाते हैं.
ममता बनर्जी के गढ़ कोलकाता में क्या हुआ?मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर वाले &#039;कोलकाता दक्षिण&#039; इलाके में भी करीब 28,000 वोटरों के नाम काटे गए हैं. वहीं &#039;कोलकाता उत्तर&#039; में स्थिति ज्यादा गंभीर दिखी, जहाँ जांच के दायरे में आए 64 प्रतिशत यानी करीब 39,000 लोगों को वोटिंग के लिए अयोग्य पाया गया.
पहले चरण के लिए वोटर लिस्ट &#039;फ्रीज&#039;चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है. सोमवार आधी रात के बाद पहले चरण (23 अप्रैल) की 152 सीटों के लिए वोटर लिस्ट को &#039;फ्रीज&#039; कर दिया गया है, यानी अब इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा. दूसरे चरण की 142 सीटों के लिए लिस्ट 9 अप्रैल को लॉक कर दी जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया, में, सबसे, ज्यादा, कटे, वोटर्स, के, नाम, जानें, जिलेवार, वोटर्स, कटौती, का, पूरा, हिसाब</media:keywords>
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<title>‘SIR देश की सुरक्षा के लिए जरूरी, BJP से कोई संबंध नहीं’, पश्चिम बंगाल में बोले केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलकों में बवाल मचा हुआ है. जहां एसआईआर को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर चुनिंदा समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर नाम काटने का आरोप लगाया है, वहीं केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि एसआईआर देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है.
एसआईआर को लेकर क्या बोले सुकांता मजूमदार?
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुकांता मजूमदार ने मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में एसआईआर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे लगता है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई संबंध नहीं है. यह प्रक्रिया देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.&amp;rsquo;

VIDEO | West Bengal Election: Union Minister Sukanta Majumdar (@DrSukantaBJP) on SIR says, &amp;ldquo;I feel that SIR is not related to the BJP at all. It is important for the security of the country. The Representation of the People Act states that only citizens of the country have the&amp;hellip; pic.twitter.com/UjrAjUVG37
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) April 7, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;देश के रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के अनुसार सिर्फ देश के नागरिकों को ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चुनने का अधिकार है. इसलिए यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी मतदाता सूची तैयार करे जो किसी भी घुसपैठिए से मुक्त हो.&amp;rsquo;
ममता बनर्जी का एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में जारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही हैं. उन्होंने नदिया जिले के चकदाहा में आयोजित एक रैली में कहा, &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल में मतुआ, राजबंशी और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को निशाना बनाकर SIR के बाद वोटर लिस्ट से उनके नाम हटाए जा रहे थे. तृणमूल कांग्रेस (TMC) उन सभी लोगों के साथ खड़ी रहेगी, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. हम ट्रिब्यूनल्स में इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;हम उन सभी के साथ खड़े हैं जिनका नाम...&amp;rsquo;, CM ममता बनर्जी का SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना, कहा- &amp;rsquo;91 लाख नाम हटाए गए&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>‘SIR, देश, की, सुरक्षा, के, लिए, जरूरी, BJP, से, कोई, संबंध, नहीं’, पश्चिम, बंगाल, में, बोले, केंद्रीय, मंत्री, सुकांता, मजूमदार</media:keywords>
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<title>तेलंगाना vs केरल: रेवंत रेड्डी ने विजयन को लिखा करारा जवाब&#45; सोने की तस्करी, गरीबी और झूठे आंकड़ों पर उठाए सवाल</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्रियों के बीच चिट्ठियों की जंग तेज हो गई है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने जब यह कहा कि वो तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से बहस में नहीं पड़ना चाहते, तो रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को एक विस्तृत जवाबी पत्र लिखकर विजयन के हर दावे की हवा निकाल दी.
रेवंत रेड्डी ने अपने पत्र में पहले विजयन की भाषा पर आपत्ति जताई. उन्होंने लिखा कि मैं तो सम्मानजनक और शालीन ढंग से जवाब देना चाहता था, लेकिन आपके पत्र की भाषा आपत्तिजनक थी. इसके बाद उन्होंने एक-एक मुद्दे पर विजयन को घेरा.
रेड्डी ने पूछे चार सवालपहला सवाल था केरल की &#039;उपलब्धियों&#039; पर. रेवंत रेड्डी ने लिखा कि केरल की जो भी तरक्की है, वो पिछली UDF सरकारों की मेहनत का नतीजा है, LDF की लगातार दो सरकारों के दौर में क्या हुआ, यह केरल की जनता को बताइए.
SDG इंडेक्स 2023-24 के आंकड़ों को लेकर लिया आड़े हाथदूसरा तीखा सवाल था नीति आयोग के SDG इंडेक्स 2023-24 को लेकर. रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जिस दौर के आंकड़े विजयन तेलंगाना पर थोप रहे हैं, उस वक्त यहां BRS-BJP के दस साल के कुशासन की आखिरी बेला थी.&amp;nbsp; मौजूदा कांग्रेस सरकार को 28 महीनों के काम के आधार पर परखा जाए. उन्होंने बताया कि 2024-25 में तेलंगाना की GSDP 16.12 लाख करोड़ रुपये रही, जो 10.7% की वृद्धि दर के साथ राष्ट्रीय औसत 9.9% से आगे है. RBI हैंडबुक के मुताबिक, तेलंगाना ने कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और केरल को पीछे छोड़ दिया है.
सच में खत्म हो गई गरीबी?तीसरा सवाल था विजयन के उस दावे पर जिसमें उन्होंने 2025 तक केरल से अत्यंत गरीबी खत्म करने की बात कही थी. रेवंत रेड्डी ने पूछा &#039;अप्रैल 2026 आ गया और आपके अपने पत्र में 64,006 परिवार अभी भी योजनाओं पर निर्भर हैं तो क्या गरीबी सच में खत्म हुई?&#039;
गोल्ड स्मगलिंग केस को लेकर साधा निशानासबसे धारदार सवाल था सोने की तस्करी पर. रेवंत रेड्डी ने पूछा अगर केरल सरकार इतनी पाक-साफ है, तो गोल्ड स्मगलिंग केस में आपके कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता दस्तावेज़ों सहित साबित होने के बाद भी वो मामला अनसुलझा क्यों है? और सबरीमला मंदिर से 4.5 किलो सोने की कथित अवैध ढुलाई का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा? ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>तेलंगाना, केरल:, रेवंत, रेड्डी, ने, विजयन, को, लिखा, करारा, जवाब-, सोने, की, तस्करी, गरीबी, और, झूठे, आंकड़ों, पर, उठाए, सवाल</media:keywords>
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<title>‘अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहें’, ट्रंप की धमकी के बीच ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी</title>
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<description><![CDATA[ Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एक एडवायजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवायजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.
एडवाइजरी में कहा गया, &amp;lsquo;जो लोग भारतीय दूतावास की ओर से बुक किए गए होटलों में ठहरे हुए हैं, वे वहीं अंदर ही रहें और वहां मौजूद दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें.&amp;rsquo;
दूतावास ने शेयर किए इमरजेंसी संपर्क सूत्र
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में चार इमरजेंसी नंबर और ईमेल भी साझा किए है. जिनमें- +989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359 मोबाइल नंबर्स शामिल हैं और cons.tehran@mea.gov.in ईमेल आईडी है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी बड़े हमले की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर ईरान को बड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि वे ऐसा चाहते तो नहीं है, लेकिन शायद ऐसा ही हो जाएगा.
उन्होंने पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा कि आज की रात दुनिया के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक होगी, क्योंकि 47 सालों से चली आ रही जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का दौर आखिरकार खत्म हो जाएगा.&amp;nbsp;वहीं, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बीच अमेरिका से बातचीत के सभी चैनलों को सस्पेंड कर दिया है.
यह भी पढ़ेंः &amp;rsquo;55 साल पहले दो टुकड़े किए थे, लेकिन इस बार...&amp;rsquo;, ख्वाजा आसिफ के कोलकाता वाली धमकी पर भड़के राजनाथ, 1971 की दिलाई याद ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:00:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>‘अगले, घंटे, तक, जहां, हैं, वहीं, रहें’, ट्रंप, की, धमकी, के, बीच, ईरान, में, रह, रहे, भारतीयों, के, लिए, एडवाइजरी</media:keywords>
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<title>Assam Election: असम के रण में योगी की गर्जना, बोले&#45; कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी, घुसपैठियों को करेंगे बाहर</title>
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<description><![CDATA[ Assam Elections 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को असम के चुनावी रण में उतरे. एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के पक्ष में बारपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा, &quot;कांग्रेस चुनाव के पहले ही मैदान छोड़कर भाग गई, जबकि यूडीएफ को भी बंगाल की खाड़ी में फेंकने का समय आ गया है.&quot;
उन्होंने असमवासियों से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया और कहा, &quot;घुसपैठियों को बाहर करना है और असम की डेमोग्राफी को बदलने नहीं देना है. एनडीए का संकल्प है कि असम को लव जेहाद-लैंड जेहाद की धरती नहीं बनने देंगे. यहां घुसपैठ नहीं होने देंगे. कांग्रेस व यूडीएफ की घुसपैठियों के जरिये डेमोग्राफी बदलने की साजिश सफल नहीं होने देंगे. एक-एक घुसपैठी को चिह्नित कर यहां से बाहर करने की भी व्यवस्था हो रही है.&quot;
असम में घुसपैठ की जननी है यूडीएफ, कांग्रेस उसकी सहयोगी
सीएम योगी ने कहा, &quot;डबल इंजन सरकार ने तय किया है कि असम को घुसपैठ का अड्डा नहीं बनने देंगे और दंगाइयों को निकाल बाहर करेंगे. कांग्रेस व यूडीएफ को जब भी अवसर मिला, इन्होंने भारत व भारतीयता को अपमानित किया. यूडीएफ असम में घुसपैठ की जननी है. घुसपैठियों के बल पर असम की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;कांग्रेस उनकी सहयोगी बनकर असम की संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है. वहीं एनडीए सरकार असम की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करते हुए हर घुसपैठिए को बाहर कर डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश को विफल कर रही है.&quot;
मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया -योगी
सीएम ने असमवासियों को रंगोली बिहू उत्सव की शुभकामना दी. सीएम योगी असम को भारत के गौरव की धरा बताया और कहा, &quot;हर भारतवासी यहां मां कामाख्या के दर्शन करने आता है. यहां की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व समृद्ध परंपरा ने &amp;lsquo;एक भारत-श्रेष्ठ भारत&amp;rsquo; के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन किया है. वैष्णव परंपरा में शंकर देव व माधव देव की पावन धरा ने नई ऊंचाई के साथ इसे एकता, भक्ति व मानवता के संदेश की भूमि के रूप में परिवर्तित किया है. असम का काजीरंगा नेशनल पार्क राइनो के साथ जैव विविधता के लिए जग विख्यात है.&quot;
योगी ने कहा, &quot;अहोम राजवंश ने इसी पावन धरा में विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ाकर अहोम की समृद्ध संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर भारत की रक्षा में योगदान दिया था. अहोम राजवंश के महान नायक लचित बोरफुकन का अदम्य साहस, शौर्य व पराक्रम भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा रहा है. असम ने मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया. असम अब चाय के साथ चिप के उत्पादन की केंद्रभूमि भी बन रही है.&quot;
कांग्रेस के लोग एक खानदान का रखते थे ध्यान -सीएम योगी
सीएम योगी ने तंज कसा कि कांग्रेस सरकार में भारत रत्न केवल एक खानदान के लोगों को प्राप्त होता था. असम के संगीत व संस्कृति की पहचान भूपेन हजारिका को कांग्रेस ने भारत रत्न नहीं दिया. उन्हें 2019 में मोदी सरकार ने और गोपीनाथ बोरदोलोई को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत रत्न दिया. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की एनडीए सरकार ने संस्कृति, परंपरा व विरासत को आगे बढ़ाया. एनडीए सरकार सुरक्षा, सुशासन व सेवा के माध्यम से बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिला व नौजवान तक पहुंचा रही है.
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों ने 60 वर्षों तक असम में अराजकता, दंगा, कर्फ्यू, घुसपैठ को बढ़ावा देकर सुरक्षा में सेंध लगाई और विरासत को अपमानित किया. कांग्रेस को मां कामाख्या कॉरिडोर, काजीरंगा नेशनल पार्क में राइनो संरक्षण, असम व पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी याद नहीं आई. आज पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, रेल, एयरपोर्ट व इनलैंड वाटरवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है और यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईटी, आईआईएम का निर्माण हो रहा है.&amp;nbsp;
जहां भी एनडीए सरकार, वहां विकास व विरासत का सम्मान
मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से संवाद करते हुए कहा, &quot;देश में जहां-जहां एनडीए सरकार है, पीएम मोदी के नेतृत्व में वहां-वहां विकास और विरासत का सम्मान है. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन चला. असम से भी रामभक्त जाते थे, नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. लेकिन, कांग्रेस ने कहा कि राम तो हुए ही नहीं. उसके सहयोगी दलों ने भी राम के अस्तित्व को नकारा, लेकिन जब यूपी में डबल इंजन सरकार बनी तो 500 वर्ष की तमन्ना पूरी हुई और अयोध्या में भव्य राममंदिर बन गया.&quot;
यूपी में धर्मस्थल से नहीं आती चिल्लाने की आवाज - सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा, &quot;उत्तर प्रदेश आज दंगा, कर्फ्यू और माफिया मुक्त है. नो कर्फ्यू, नो दंगा, वहां सब है चंगा. यूपी की सड़कों पर कोई नमाज नहीं पढ़ सकता. वहां धर्मस्थलों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है. यदि किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर दलितों, गरीबों, जनजाति समुदाय में बांट दी जाती है. घुसपैठियों या दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता.&quot;
योगी ने कहा, &quot;कांग्रेस व यूडीएफ ने असम की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया. घुसपैठियों को बसाकर डेमोग्राफी बदलने और असमवासियों के हक, राशन, मकान व जमीन पर जबरन कब्जे का काम किया. अब एक-एक घुसपैठिए को चिह्नत कर बाहर करने की व्यवस्था हो रही है. इसके साथ ही एनडीए की डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में विरासत के रूप में मां कामाख्या कॉरिडोर के निर्माण को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी ओर हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार विकास कार्य कर रही है.&quot;&amp;nbsp;
एनडीए ही कर सकती है विकास - सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;उत्तर प्रदेश में 9 वर्ष से डबल इंजन सरकार है. वहां एक भी दंगा नहीं हुआ. यूपी में डबल इंजन सरकार विकास और गरीब कल्याण के कार्यों को बढ़ा रही है. उज्ज्वला योजना कनेक्शन, भरपूर बिजली, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक का लाभ, युवाओं को नौकरी व रोजगार, गरीबों के लिए फ्री राशन की सुविधा दी जा रही है.&quot;
उन्होंने आगे कहा, &quot;असम के चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों को स्पेशल पैकेज देकर सम्मानजनक रूप से आगे बढ़ाने का कार्य केवल भाजपा व एनडीए सरकार ही कर सकती है, क्योंकि कांग्रेस व यूडीएफ के पास विजन और कार्य करने की क्षमता नहीं है. ये केवल भारत की सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं. योगी ने असमवासियों से अपील की कि इन्हें सेंध लगाने की छूट नहीं देनी है.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>असमिया रंग में रंगे योगी, &amp;apos;जापी&amp;apos; पहनी और बजाया पारंपरिक ढोल, कांग्रेस&#45;यूडीएफ पर जमकर बरसे</title>
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<description><![CDATA[  Assam News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, &quot;कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठ व दंगा कराने का काम किया, लेकिन बीजेपी ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है. पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे, असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब डबल इंजन सरकार असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी ले रही है. सीएम योगी शुक्रवार को असम विधानसभा चुनाव में बरछला विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी ऋतु बरन सरमा के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने जनता से 9 अप्रैल को कमल का बटन दबाकर बीजेपी प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की.&quot;
सीएम योगी ने कहा, &quot;समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाली, किसानों का संरक्षण और विदेशी आक्रांताओं को धूल धूसरित करने वाली इस पावन धरा के सामने कांग्रेस ने यूडीएफ के साथ मिलकर पहचान का संकट खड़ा किया. यह संकट किसी एक क्षेत्र में नहीं था. कांग्रेस व यूडीएफ के अघोषित समझौते के कारण असमिया जाति, माटी व बेटी के सामने पहचान का संकट हुआ था. इन्होंने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर असमिया पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;यहां की माटी में घुसपैठियों को घुसाकर असम के सामने पहचान का संकट खड़ा किया. असम के नागरिकों, बहनों के हक पर घुसपैठियों के जरिये डकैती डलवाई. असमिया संस्कृति मिटाने की साजिश रची, लेकिन जब पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली और असम में पहले सर्वानंद सोनोवाल, फिर हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनी तो असम चाय के साथ अब चिप उत्पादन का नया केंद्र भी बन गया है.&quot;
पहले घुसपैठिए खा जाते थे गरीबों का राशन -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;डबल इंजन सरकार असम की पहचान को संरक्षित कर रही है. असमिया संगीत-संस्कृति, महापुरुषों, महानायकों, योद्धाओं को सम्मान दे रही है. अब असम में विकास और विरासत का अद्भुत समन्वय दिख रहा है. मां कामाख्या, श्रीमंत शंकर देव कॉरिडोर व भूमि संरक्षण का कार्य नए सिरे से प्रारंभ हुआ है.&quot;
उन्होंने ने आगे कहा, &quot;10 साल में डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव गरीबों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है. पहले गरीबों का राशन विदेशी घुसपैठिए खा जाते थे, अब असम के लोगों को राशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत हर गरीब को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा, प्रधानमंत्री आवास, नौजवानों को रोजगार-नौकरी मिल रही है. अब चाय बागान में काम करने वाली बहनों, कारीगरों, नौजवानों के लिए स्पेशल पैकेज की व्यवस्था है.&quot;
घुसपैठ व दंगा कराती थी कांग्रेस -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि असम के लोगों का संरक्षण होगा और एक-एक घुसपैठिए को निकाल बाहर करेंगे. कांग्रेस घुसपैठ-दंगा कराती थी और बीजेपी ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है. बीजेपी सरकार दंगा-कर्फ्यू मुक्त असम के निर्माण के लिए कार्य कर रही है. जहां भी बीजेपी सरकार आई है, वहां शांति-सुरक्षा, समृद्धि लाई है.&quot;
योगी आदित्यनाथ ने कहा, &quot;उत्तर प्रदेश में पहले हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा व कर्फ्यू लगता था. यूपी की आबादी 25 करोड़ है, लेकिन वहां 9 वर्ष में नो कर्फ्यू, नो दंगा है, सब चंगा है. 500 वर्ष में जो काम नहीं हो पाया, वह काम भी अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के रूप में हो गया.&quot;
यूपी में अब सड़कों पर नहीं पढ़ी जाती नमाज -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, &quot;यूपी में उग्रवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद नहीं है, वहां सड़कों पर नमाज भी नहीं पढ़ी जाती है. बीजेपी की डबल इंजन सरकार लव जेहाद, लैंड जेहाद का सफाया करने को संकल्पित है. कांग्रेस व यूडीएफ को घुसपैठियों का वोट चाहिए, वे सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं. इन पार्टियों को देश की कीमत पर वोट चाहिए. ये नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और अफवाह फैलाकर गुमराह करने वाले लोग हैं. वहीं मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने जो कहा, वो कर के दिखाया.&quot;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;मोदी जितनी बार पूर्वोत्तर भारत में आए हैं, 60 साल के कांग्रेस के शासनकाल में इतनी बार कोई प्रधानमंत्री नहीं आया. मोदी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं की हैं, तब शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल तैयार हुआ है. 60 वर्ष में कांग्रेस उचित कनेक्टिविटी नहीं दे पाई, लेकिन आज पूर्वोत्तर के हर राज्य तक रोड, रेलवे, एयर व इनलैंड वाटरवे की कनेक्टिविटी है. पहले मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं थे, लेकिन डबल इंजन सरकार ने एम्स, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी दिया है. पूर्वोत्तर भारत व असम विश्वस्तरीय संस्थानों का केंद्र बना है.&quot;
कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा, रोजगार की गारंटी -योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे और असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी डबल इंजन सरकार ले रही है. अयोध्या में राममंदिर व काशी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हुआ तो मां कामाख्या के भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी उसी भव्यता से हो रहा है.&quot;
उन्होंने ने कहा, &quot;यह गारंटी केवल बीजेपी की डबल इंजन सरकार देगी, यह गारंटी कांग्रेस नहीं देगी. नौजवानों को रोजगार, बहनों को सुरक्षा की गारंटी केवल डबल इंजन सरकार देगी, कांग्रेस व यूडीएफ यह गारंटी नहीं दे सकती. वे सुरक्षा में सेंध लगाने वाले लोग हैं. घुसपैठियों के जरिये भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग हैं. कांग्रेस व यूडीएफ पर विश्वास नहीं किया जा सकता. डबल इंजन सरकार असमवासियों को सुरक्षा, सेवा, सुशासन, समृद्धि, नौकरी की गारंटी देगी.&quot;
असम को भारतीय गौरव की पावन धरा -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने असम को भारतीय गौरव की पावन धरा बताते हुए सिंगरी गुप्तेश्वर, अहोम राजवंश के लचित बोरफुकन, ब्रह्मपुत्र नदी व मां कामाख्या का जिक्र किया. उन्होंने कहा, &quot;इस धरा ने विपरीत परिस्थितियों में देश को पहचान दी. एक ओर कामगारों की मेहनत का परिणाम है कि यहां की चाय दुनिया के बाजारों व घरों में लोगों को स्फूर्ति प्रदान करती है तो दूसरी ओर इस पावन धरा ने महान सपूत भारत रत्न भूपेन हजारिका व गोपीनाथ बोरदोलोई जैसे रत्न दिए. बीजेपी सरकार ने इस पावन धरा से जुड़ीं विभूतियों को उनके योगदान, असमिया संस्कृति के संरक्षण के कारण सम्मानित भी किया.&quot;
1. सीएम योगी की झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े युवा
असम में भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू जमकर चला. बरछला जनसभा में सीएम योगी को देखने व सुनने के लिए जबरदस्त भीड़ उमड़ी. खासतौर पर युवा पेड़ों व वाहनों पर चढ़कर योगी आदित्यनाथ की एक झलक पाने का प्रयास करते रहे. सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर असमवासियों का अभिवादन किया. इस दौरान &amp;lsquo;बुलडोजर बाबा की जय&amp;rsquo; नारे भी लगे.
2. &amp;lsquo;जापी&amp;rsquo; पहन कर असमिया ढोल बजाया सीएम योगी ने
जनसभा में मंचस्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया. उन्हें राज्य के प्रतीक के तौर पर असमिया टोपी (जापी) व असमिया ढोल भेंट किया गया. मुख्यमंत्री ने यह टोपी पहन कर असमिया ढोल बजाने का भी आनंद लिया. वह बेहद खुश भी नजर आए. इस दौरान उद्घोषक द्वारा &amp;lsquo;स्वागतम&amp;rsquo; बोलने पर पूरा जनसभा स्थल &amp;lsquo;स्वागतम-सुस्वागतम&amp;rsquo; की ध्वनि से गुंजायमान हो उठा.
गौरतलब है कि असमिया टोपी (जापी) असमिया पहचान का एक अभिन्न हिस्सा है. ताड़ के पत्तों से बनी इस टोपी का इस्तेमाल असम के किसान तेज धूप व बारिश से बचने के लिए करते हैं. अहोम शासनकाल के दौरान जापी राज्य की प्रतिष्ठा का प्रतीक बनी. जापी केवल एक टोपी नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक है. बिहू नृत्य के दौरान भी इसे पहना जाता है और इसे अतिथियों को सम्मान के रूप में भेंट किए जाने की परंपरा रही है.
असमिया ढोल, जिसे बिहू ढोल भी कहा जाता है, असम का एक प्रमुख पारंपरिक ताल वाद्ययंत्र है. यह असम की सांस्कृतिक आत्मा है. यह लकड़ी के बेलनाकार ढांचेनुमा होता है, जो बोहाग बिहू के दौरान नृत्य व संगीत में केंद्रीय भूमिका निभाता है. इसे एक हाथ और एक बांस की छड़ी से बजाया जाता है. असम की इस विरासत को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार ने इसे जीआई-टैग प्रदान किया है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:45 +0530</pubDate>
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<title>वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार का PNG विस्तार पर फोकस, एक महीने में लगे 3.42 लाख नए कनेक्शन</title>
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<description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में लगातार जारी संघर्ष के बीच जहां दुनिया भर के देशों में ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है, वहीं भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया है कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार में काफी तेजी आई है.
मंत्रालय ने बताया कि देश भर में मार्च, 2026 से अब तक 3.42 लाख नए पीएनजी कनेक्शन गैसीफाइड किए जा चुके हैं, जबकि 3.7 लाख नए रजिस्ट्रेशन भी दर्ज किए गए हैं. इसके साथ-साथ मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं.
केंद्र सरकार ने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत सरकार ने इस बात को स्पष्ट किया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. इस दौरान नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर ईंधन की खरीद या एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग न करें. साथ ही, LPG सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और बिना जरूरत गैस एजेंसी पर न जाने की भी सलाह दी गई है.
मंत्रालय ने घरों से पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की है. साथ ही वर्तमान परिस्थितियों में ऊर्जा की बचत पर भी जोर दिया गया है. सरकार ने लोगों को अफवाहों से सावधान रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है.
ईरान युद्ध के बीच घरेलू LPG और PNG बनी सरकार की प्राथमिकता
ईरान युद्ध के कारण आपूर्ति में आई चुनौतियों के बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी जा रही है. आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना शामिल है. एलपीजी की मांग को कम करने के लिए केरोसिन और कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए हैं.
केंद्र ने राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने के दिए निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक, कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरिज को राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने राज्यों को स्थानीय जरूरत के अनुसार 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण पर भी विचार करने को कहा है. 23 मार्च से अब तक 5 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिनमें से 67,000 से अधिक गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को ही बिके.
यह भी पढ़ेंः अफगानिस्तान में तेज भूकंप, पाकिस्तान से लेकर भारत तक कांप गई धरती, घरों से बाहर निकले लोग ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:44 +0530</pubDate>
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<title>भारत के लिए गुड न्यूज! होर्मुज पार किया एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी, कब तक पहुंचेगा मुंबई?</title>
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<description><![CDATA[ Green Sanvi: होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी सफलतापूर्वक पार हो गया है. इस जहाज पर लगभग 44,000 मीट्रिक टन LPG है. टैंकर ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट पार किया और अनुमान है कि यह 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंच जाएगा. मार्च महीने में यह होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है. अभी भी कई भारतीय तेल-गैस जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं.
जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ग्रीन सान्वी फारस की खाड़ी में खड़ा था और ईरान के समुद्री इलाके से होकर होर्मुज स्ट्रेट के पूरब में पहुंचा. इसके बाद यह मुंबई की ओर बढ़ रहा है. अनुमान है कि इस टैंकर में लगभग 44,000 मीट्रिक टन LPG है, जो पश्चिम एशिया युद्ध से पहले भारत की LPG खपत के आधे दिन के बराबर है. युद्ध के कारण सप्लाई में कमी आई है और देश में मौजूदा एलपीजी खपत कम है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दो और एलपीजी टैंकर &amp;nbsp;ग्रीन आशा और जग विक्रम भी होर्मुज पार करके भारत आने की उम्मीद है.
होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, ग्रीन सान्वी ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है. अब तक आने वाले सभी सात जहाज एलपीजी टैंकर ही थे. ग्रीन सान्वी के ट्रांजिट के साथ, फारस की खाड़ी में अब 17 भारतीय झंडे वाले जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पूरब में हैं. भारत अभी भी होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के सुरक्षित पास के लिए ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत कर रहा है. ईरान ने होर्मुज बंद कर रखा है और अब टोल वसूल रहा है, लेकिन भारत से अच्छे संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को छूट दी गई है.
केवल कुछ देशों को ही होर्मुज पार करने की अनुमति
पिछले हफ्ते ईरान ने कहा था कि केवल अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी देशों के अलावा मित्र देशों के जहाज ही ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल करके होर्मुज पार कर सकते हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उन देशों के लिए चालू है, जो ईरान के मित्र हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को समुद्री चोकपॉइंट से पार करने की अनुमति दी गई है.
ग्रीन सान्वी ने कैसे पार किया होर्मुज
होर्मुज पार करते समय ग्रीन सान्वी ने भारतीय जहाज होने का संकेत दिया, जिसमें भारतीय नाविक सवार थे. यह संकेत ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बनाने का एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया बन गया है. ईरान और ओमान के बीच संकरे पानी के रास्ते से जहाजों की आवाजाही को रेगुलेट किया जाता है. यह रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और ग्लोबल एनर्जी फ्लो के लिए महत्वपूर्ण है. भारतीय जहाजों को इंडियन नेवी द्वारा एस्कॉर्ट भी किया जाता है.
पिछले हफ्ते आए दो एलपीजी टैंकर
पिछले हफ्ते जग वसंत ने कांडला में 47,612 मीट्रिक टन LPG डिलीवर किया, जबकि पाइन गैस ने न्यू मंगलौर में 45,000 मीट्रिक टन LPG डिलीवर की. ये दोनों टैंकर भी होर्मुज पार करके भारत पहुंचे. दो और एलपीजी जहाज ग्रीन आशा और जग विक्रम अब स्ट्रेट पार करने के लिए रेडी हैं और इंडियन नेवी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. 28 फरवरी से ईरान-अमेरिका युद्ध जारी है. अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसमें खामेनेई की मौत हुई. तब से होर्मुज बंद है.
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:44 +0530</pubDate>
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<title>Shashi Tharoor Attack: केरल में कांग्रेस नेता शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर हुए घायल</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस सांसद शशि थरूर के गनमैन और ड्राइवर पर हमले का मामला सामने आया है. यह घटना केरल के वंडूर इलाके में हुई, जहां पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे चेलिथोडे इलाके में हुई. उस समय शशि थरूर एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे.
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक रास्ते में चेलिथोडे पुल के पास सड़क संकरी होने की वजह से जाम जैसी स्थिति बन गई थी. इसी दौरान दो गाड़ियों में सवार पांच लोगों ने थरूर के काफिले को रोक लिया. एफआईआर के मुताबिक, जब गनमैन रतीश के पी ने रास्ता साफ करने के लिए आगे खड़ी गाड़ी को हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गनमैन और ड्राइवर पर हमला कर दिया.
पुलिस ने दर्ज केसइस मामले में गनमैन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि एक आरोपी को देर रात हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस नेता शशि थरूर &amp;nbsp;का पोस्टमामले पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि कल रात जब मेरे सिक्योरिटी गार्ड पर हमला हुआ तो उसके बारे में चिंता जताने वाले सभी मैसेज और कॉल्स से सच में बहुत अच्छा लगा. वह ठीक है और मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ. सभी दोस्तों और शुभचिंतकों का धन्यवाद. हमने कल बिना डरे काम किया और प्लान के मुताबिक दो और इवेंट पूरे किए.

Truly touched by all the messages and calls expressing concern about the untoward incident last night when my security guard was attacked. He is well and I was untouched. Thank you to all friends and well-wishers. We carried on undaunted yesterday and concluded two more events as&amp;hellip;
&amp;mdash; Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 4, 2026


&amp;nbsp;ये भी पढ़ें: भारत के लिए गुड न्यूज! होर्मुज पार किया एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी, कब तक पहुंचेगा मुंबई? ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:43 +0530</pubDate>
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<title>Delhi News: दिल्ली में नकली टूथपेस्ट बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़, फैक्ट्री मालिक पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में नकली उत्पाद बनाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. कंझावला इलाके में चल रही नकली टूथपेस्ट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट, हजारों खाली ट्यूब, पैकिंग सामग्री, मशीनें और कच्चा माल बरामद किया है. इस मामले में फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वहां काम कर रहे मजदूरों से भी पूछताछ की जा रही है.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की टीम को 2 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी दिल्ली के कंझावला के महावीर विहार इलाके में एक गोदाम के अंदर बड़े पैमाने पर नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट तैयार किया जा रहा है. बताया गया कि यहां लोकल और घटिया क्वालिटी का पेस्ट खाली ट्यूब में भरकर उसे असली कंपनी के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता है. जिसके बाद पुलिस टीम ने कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि को भी मौके पर बुलाया और छापेमारी की योजना बनाई.
गोदाम में चल रहा था नकली उत्पादन
पुलिस टीम जब गोदाम पर पहुंची तो अंदर का नजारा देखकर हैरान रह गई. वहां छह मजदूर मशीन की मदद से खाली ट्यूब में नीले रंग का पेस्ट भर रहे थे. इसके बाद ट्यूब को सील कर उस पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट प्रिंट की जा रही थी, ताकि वह बिल्कुल असली उत्पाद जैसा दिखाई दे.&amp;nbsp;
बाद में इन ट्यूबों को कार्टन में पैक कर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी. पूछताछ में मजदूरों ने बताया कि यह गोदाम हरिओम मिश्रा नाम के व्यक्ति का है और वही इस पूरे काम को संचालित करता है. इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर बुलवाया और हिरासत में लेकर पूछताछ की.
आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हरिओम मिश्रा रोहिणी सेक्टर-2 का रहने वाला है. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने खंजावला में गोदाम किराए पर लेकर नकली टूथपेस्ट बनाने का काम शुरू किया था. वह बाजार से खाली ट्यूब और पैकिंग सामग्री मंगवाता था, उनमें लोकल तरीके से तैयार पेस्ट भरवाता था और फिर असली सेंसोडाइन के नाम से बाजार में बेच देता था. आरोपी के पास न तो किसी प्रकार का लाइसेंस था और न ही कंपनी की कोई अनुमति.
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली उत्पाद और मशीनें जब्त कीं. बरामद सामान में ट्यूब भरने और सील करने की मशीन, लगभग 1,800 भरे हुए नकली टूथपेस्ट ट्यूब, 10,000 से ज्यादा खाली ट्यूब जिन पर सेंसोडाइन की ब्रांडिंग थी.
वहीं करीब 1,200 से अधिक पैक किए हुए ट्यूब, सैकड़ों पैकिंग कार्टन और मास्टर कार्टन लगभग 130 किलो नीले रंग का नकली पेस्ट हजारों ट्यूब कैप, रैपर और पैकिंग सामग्री हीटिंग गन, टेप, ग्लू और अन्य उपकरण पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए. नकली उत्पादों की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है.
दिल्ली पुलिस की जांच जारी&amp;nbsp;
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता &amp;nbsp;और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नकली टूथपेस्ट दिल्ली और आसपास के किन बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: भूकंप के तेज झटकों से हिली दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में कांपी धरती, लोग घरों से निकले ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:37 +0530</pubDate>
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<title>Delhi Police News: दिल्ली में क्राइम ब्रांच का एक्शन, इंटरस्टेट ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, 60 लाख की चरस बरामद</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए &amp;nbsp;1.436 किलो फाइन क्वालिटी चरस बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक यह चरस हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गांव से लाई गई थी और इसे मुंबई में सप्लाई किया जाना था. जहां पार्टी और नाइट लाइफ में इसकी काफी मांग रहती है.
ट्रेन छूटने से ठीक पहले पकड़े गए आरोपी
क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम को 19 मार्च &amp;nbsp;को सूचना मिली थी कि हिमाचल प्रदेश का रहने वाला एक तस्कर दिल्ली में चरस की सप्लाई करने आने वाला है. सूचना के आधार पर टीम गठित की गई. पुलिस टीम ने पहले जीटी करनाल बाइपास पर जाल बिछाया. लेकिन आरोपी पुलिस की मौजूदगी भांपकर वहां से निकल गए.&amp;nbsp;
इसके बाद टीम ने आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर हिमाचल से आने वाली बसों की जांच की. मगर आरोपी फिर भी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे. आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ट्रेन से मुंबई जाने वाले हैं. इसके बाद टीम हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंची और महाराष्ट्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच से ट्रेन छूटने से कुछ ही मिनट पहले दोनों आरोपियों को दबोच लिया.
1 किलो से ज्यादा फाइन क्वालिटी चरस बरामद
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1.436 किलो फाइन क्वालिटी चरस बरामद हुई. इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में NDPS एक्ट की धारा 20/29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह चरस कुल्लू जिले के मलाणा गांव निवासी नौलू राम से खरीदी गई थी.&amp;nbsp;
पुलिस टीम ने मलाणा में उसके घर पर छापा भी मारा, लेकिन वह फरार मिला. पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है. दोनों आरोपी रिश्तेदार गिरफ्तार आरोपी ओम चंद उर्फ ओमू हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है. वह वहां टाटा सूमो टैक्सी चलाता है. दूसरा आरोपी प्यारे सिंह ओमू का चचेरा भाई है और दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य सप्लायर और मुंबई में ड्रग्स लेने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है.&amp;nbsp;
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूपी में हत्या के आरोपी को BJP ने बनाया जिला मंत्री, सपा बोली&#45; &amp;apos;जब योगी मंत्रिमंडल में 49%...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ आजमगढ़ में बीजेपी कार्यकारिणी में हत्या के आरोपी को जिला मंत्री का नियुक्त करने पर विवाद खड़ा हो गया है. जिला मंत्री बनाए गए लालचंद यादव पर आरोप है कि उसने 2020 में प्रधानी के चुनाव के दौरान महाराजगंज थाना क्षेत्र के गोंदापुर गांव निवासी ओमकार दुबे नाम के शख्स की हत्या कर दी थी, जबकि ओमकार दुबे का परिवार भाजपा का कट्टर समर्थक रहा है. इस मामले पर सपा ने बीजेपी पर हमला बोला है.
इस मामले में महाराजगंज थाने में 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इसमें लालचंद यादव का नाम भी शामिल था. अब लाल चंद यादव को भाजपा जिला मंत्री बनाया गया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की स्वीकृति मिलने के बाद 2 अप्रैल की देर रात जिला कार्यकारी और जिला कार्य समिति की घोषणा की गई थी.
जिला मंत्री बनाए गए लालचंद यादव पर हत्या का आरोप
भाजपा की इस नई कार्य समिति में 31 पदाधिकारी बनाए गए है, जिनमें हत्या के आरोपी लालचंद यादव को भी मंत्री के रूप में सम्मिलित किया गया है. भाजपा कार्यकारिणी में शामिल लालचंद यादव पर 2020 में प्रधानी के चुनाव में ओमकार दुबे की हत्या के आरोपी है, ओमकार दुबे उस दौरान भाजपा के बूथ अध्यक्ष थे. उस दौरान उस बूथ पर भाजपा मजबूत थी.
ओमकार दुबे के भाई ने निष्कासन की मांग
इस मामले में ओमकार दुबे के भाई नागेंद्र दुबे ने बताया- कानून व्यवस्था के लिए भारतीय जनता पार्टी जानी जाती है, लेकिन जिस तरह से आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को भाजपा कार्यकारिणी में पदाधिकारी बनाया गया है वह निश्चित रूप से दुखद है. हमारी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से अपील है कि ऐसे अपराधी प्रवृत्ति के पदाधिकारी को पार्टी से निकालकर इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.
&#039;मुकदमा दर्ज से होने से कोई नहीं हो जाता अपराधी&#039;
वही, इस मामले में भारतीय जनता पार्टी आजमगढ़ के जिला अध्यक्ष ध्रुव सिंह ने फोन बातचीत में कहा कि किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज होने से वह अपराधी नहीं हो जाता है, जब तक की न्यायालय से वह दोषी साबित ना हो जाय. उन्होंने कहा कि लालचंद यादव के खिलाफ 2020 में प्रधानी चुनाव के दौरान रंजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया था, लालचंद यादव अपराधी प्रकृति के नहीं है.
सपा ने बोला हमला
इस मामले में समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर हमला बोला है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि जब योगी मंत्रिमंडल में 49% प्रतिशत मंत्री दागी हैं तो संगठन में तो दागदार लोग ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के नेता को तो तुरंत दोषी मान लेती है लेकिन जब बात अपने पर आती है तो कोर्ट का हवाला देती है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:36 +0530</pubDate>
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<title>महोबा: रामराजा सरकार को बेटे की शादी का निमंत्रण देने जा रही थी मां, ट्रेन से कटकर हुई मौत</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बेटी के हाथ पीले होने से पहले ही मां &amp;nbsp;की अर्थी उठ गई. कबरई थाना क्षेत्र के मकरबई गांव में शादी की तैयारियों के बीच अचानक मातम पसर गया. एक मां, जो अपनी लाडली की शादी का पहला निमंत्रण कार्ड भगवान के चरणों में अर्पित करने जा रही थी, मगर ट्रेन की चपेट में आकर काल के गाल में समा गई.
इस दुर्घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गयी, किसी को यकीन नहीं हो रहा कि जिस घर में खुशियों के गीत बज रहे थे, वहां अब मातम पसर चुका है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है.
बेटी की शादी में जुटीं थीं ऊषा सिंह &amp;nbsp;
जानकारी के मुताबिक, मकरबई गांव की निवासी 42 वर्षीय ऊषा सिंह पत्नी धीरेंद्र सिंह, इन दिनों अपनी 21 वर्षीय पुत्री सपना की शादी की तैयारियों में जुटी थीं. सपना का विवाह आगामी 28 अप्रैल को होना तय था. घर में उत्साह का माहौल था और शादी के कार्ड छपकर आ चुके थे. हिंदू परंपरा के अनुसार शुभ कार्य का पहला निमंत्रण भगवान को दिया जाता है.
बेटे के साथ कार्ड चढ़ाने जा रहीं थीं 
इसी आस्था के साथ ऊषा सिंह अपने 15 वर्षीय छोटे पुत्र नागेंद्र के साथ बाइक पर सवार होकर मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित रामराजा सरकार के दरबार में पहला कार्ड चढ़ाने के लिए निकली थीं. हादसे की मुख्य वजह गांव के रेलवे अंडरब्रिज की बदहाली बनी है. परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार मकरबई गांव का रेलवे अंडरब्रिज बेहद खराब स्थिति में है. वहां से ट्रकों की भारी आवाजाही और ऊबड़ खाबड़ रास्ता केकारण बाइक पर दो लोगों का निकलना असंभव था. इसी कारण ऊषा सिंह ने अपने पुत्र नागेंद्र से बाइक अकेले निकालने को कहा और खुद पैदल ही रेलवे ट्रैक पार करके दूसरी ओर जाने लगीं.
दुर्भाग्यवश जैसे ही वह ट्रैक पार कर रही थीं, तभी वहां से तेज रफ्तार झांसी-बांदा मेमू ट्रेन गुजरी. ट्रेन की चपेट में आने से ऊषा सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. मृतका के देवर पिंटू सिंह और ग्रामीण सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि गांव के खराब रास्तों और अंडरब्रिज की दुर्दशा के कारण आए दिन हादसे होते हैं. मृतका अपने पीछे दो पुत्र 18 वर्षीय मानवेंद्र और 15 वर्षीय नागेंद्र सहित पुत्री सपना को रोता-बिलखता छोड़ गई हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:35 +0530</pubDate>
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<title>नकली नोटों पर सपा&#45;BJP में छिड़ी रार! अखिलेश यादव ने काली टोपी का जिक्र कर पूछा 5 बड़ा या 7?</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में नकली नोटों के गिरोह का खुलासा होने का बाद समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच छिड़ी रार कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आरोपी का कनेक्शन लाल टोपी से बताकर निशाना साधा तो अब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने काली टोपी वालो को असली नोटों का &amp;lsquo;धुएंधर&amp;rsquo; बताकर पलटवार किया है.&amp;nbsp;
सपा अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर आरएसएस की काली टोपी का जिक्र करते हुए निशाना साधा और चैलेंज करते हुए कहा कि अगर पंकज चौधरी को कोई शक है तो वो मोबाइल फोन का सीडीआर निकलवाकर देख लें बीजेपी का सारा चिट्ठा खुल जाएगा.&amp;nbsp;
काली टोपी वाले असली नोटों के &#039;धुएंधर&#039;- अखिलेश
अखिलेश यादव ने लिखा- &#039;काली टोपी वाले असली नोटों के &amp;lsquo;धुएंधर&amp;rsquo; हैं. बोलने से पहले पता होता कि नकली नोट का धंधा करने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी की अपनी पार्टी के ही अंतरंग लोग हैं तो ये कभी नहीं बोलते. अब &amp;lsquo;5 बड़ा 7&amp;rsquo; को दिल्ली-लखनऊ की दोहरी डाँट पड़ेगी. हमें इनके प्रति सहानुभूति है क्योंकि ये भी निम्नलिखित अनुत्तरित प्रश्नों को लेकर बेहद पीड़ित, दुखी और अपमानित हैं कि:&amp;nbsp;
- 5 बड़ा या 7?- विधायक बड़ा या सांसद?- राज्य बड़ा या केंद्र?- राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का?- ⁠बैठक बड़ी या नोटिस?- ⁠गोरखपुर बड़ा या दिल्ली?
विशेष सलाह: अगर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी को कोई शक है तो वो नक़ली नोटों के जालसाज के मोबाइल फ़ोन की सीडीआर निकलवा लें, भाजपा का सारा काला चिट्ठा खुल जाएगा.&#039;
पंकज चौधरी ने किया था &#039;लाल टोपी&#039; का जिक्र
बता दें कि इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस गिरोह के सरगना का सपा से कनेक्शन बताते हुए लाल टोपी वालों को नकली नोटों का &#039;धुरंधर&#039; बताया था. उन्होंने कहा कि यूपी में नकली नोटों की फैक्ट्री चलाने के आरोप में सपा नेता की गिरफ्तारी के बाद पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा सामने आ गया है. जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं वो राष्ट्रद्रोही हैं. &amp;nbsp;
UP Weather: यूपी में बारिश का तांडव! बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी, नोएडा से लखनऊ तक IMD का अलर्ट ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 11:52:35 +0530</pubDate>
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<title>Rajasthan News: स्कॉर्पियो पर डीजल डालकर रील्स बनानी पड़ी भारी, 2 युवक गिरफ्तार, गाड़ी जब्त</title>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर कुछ लाइक्स और फॉलोअर्स पाने की होड़ में युवा किस कदर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, इसका एक खौफनाक मामला राजस्थान के सिरोही जिले से सामने आया है. यहां एक पेट्रोल पंप पर स्कॉर्पियो (Scorpio) गाड़ी पर डीजल डालकर उसे &#039;वॉश&#039; करते हुए रील (Instagram Reel) बनाना दो युवकों को भारी पड़ गया. वीडियो वायरल होते ही सिरोही पुलिस ने सख्त एक्शन लिया और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है.
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था. इस वीडियो में एक युवक पेट्रोल पंप परिसर में अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी पर खतरनाक तरीके से डीजल डालकर उसे धोता हुआ नजर आ रहा था. इस वीडियो को एक स्टाइलिश रील के रूप में एडिट कर शूट किया गया था. पेट्रोल पंप जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ का खुलेआम इस्तेमाल एक बहुत बड़ी लापरवाही थी, जिससे कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था.



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SP के निर्देश पर तुरंत एक्शन
वायरल वीडियो पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सिरोही के पुलिस अधीक्षक (SP) पुष्पेंद्र सिंह ने तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए. पालड़ी एम थाना पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान छीबा गांव निवासी महिपाल सिंह और उसके एक अन्य साथी के रूप में की. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और शांति भंग की आशंका के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही स्टंट में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को भी तुरंत जब्त कर लिया गया है.
वायरल होने की चाहत में सुरक्षा से खिलवाड़
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इन युवकों ने महज शौक और सोशल मीडिया पर फेमस होने की चाहत में यह खतरनाक स्टंट किया था. उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी यह &#039;रील&#039; उन्हें सीधे हवालात पहुंचा देगी.
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थानों और विशेषकर पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील इलाकों में इस प्रकार की हरकत किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती थी. सिरोही पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रील और स्टंट के नाम पर सुरक्षा मानकों और कानून की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी खतरनाक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Jammu Kashmir News: जम्मू&#45;कश्मीर में बड़ा पुलिस फेरबदल, 82 IPS और JKPS अधिकारियों के तबादले</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में अब तक का एक बड़ा और अहम प्रशासनिक फेरबदल किया है.&amp;nbsp;गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत 82 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा (JKPS) अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है. प्रधान सचिव (गृह) चंद्रकर भारती द्वारा जारी इस विस्तृत आदेश में कई जिलों के कप्तान (SSP) और कई रेंज के डीआईजी (DIG) बदल दिए गए हैं.
DIG और IGP स्तर के बड़े बदलाव
इस बहुप्रतीक्षित तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों को अहम और नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. राजौरी-पुंछ रेंज के डीआईजी (DIG) रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तेजेंद्र सिंह का तबादला कर उन्हें आईजीपी सीआईडी (IGP CID) नियुक्त किया गया है. वहीं, उधमपुर-रियासी रेंज की डीआईजी सारा रिज़वी को अब आईजीपी क्राइम (IGP Crime) की महत्वपूर्ण कमान सौंपी गई है.
इसके अलावा, श्रीधर पाटिल दौलू को डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज से हटाकर जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज का डीआईजी बनाया गया है. आर्म्ड कश्मीर के डीआईजी शाहिद महराज राथर अब पुलिस दूरसंचार के निदेशक होंगे. पीएचक्यू (PHQ) की डीआईजी निशा नथ्याल को आईआर (IR) जम्मू का डीआईजी और इसी पद पर कार्यरत विनोद कुमार को उत्तरी कश्मीर रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है.
जिलों के कप्तानों (SSP) में अहम फेरबदल
जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए कई जिलों के पुलिस अधीक्षक (SSP) भी बदले गए हैं. आमोद नागपुरे अशोक का तबादला उधमपुर से अनंतनाग कर दिया गया है, जबकि अनंतनाग के एसएसपी अमृतपाल सिंह अब उधमपुर की कमान संभालेंगे.
इनके अलावा अनुज कुमार को सांबा, सुधांशु धामा को गांदरबल, कार्तिक श्रोत्रिय को डोडा, मुकुंद तिबरेवाल को रियासी और हरिप्रसाद के.के. को बडगाम जिले का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है. सरकार ने 2022 बैच के युवा आईपीएस अधिकारियों पर भी भरोसा जताया है. वैभव मीणा को एसपी साउथ जम्मू, अन्ना सिन्हा को एसपी मुख्यालय जम्मू और नेहा जैन को एसपी ईस्ट श्रीनगर के पद पर तैनात किया गया है.
JKPS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आईपीएस अधिकारियों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा (JKPS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी तबादले हुए हैं. शमशेर हुसैन को एसएसपी पीसीआर जम्मू, अमित गुप्ता को एसएसपी सीआईडी एसबी जम्मू, दाऊद अयूब को एसएसपी सीआईडी सीआई कश्मीर और ताहिर अशरफ भट्टी को एसएसपी एसआईए (SIA) कश्मीर के पद पर तैनात किया गया है.
यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आगामी चुनौतियों से निपटने और राज्य के सुरक्षा ग्रिड (Security Grid) को अधिक मजबूत करने की दिशा में उपराज्यपाल प्रशासन का एक बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>प्रियंका चतुर्वेदी ने PM मोदी से की मुलाकात, फ्यूचर की पॉलिटिक्स पर किया बड़ा ऐलान</title>
<link>https://www.barwarapatrika.com/5882</link>
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<description><![CDATA[ उद्धव ठाकरे गुट की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने गुरुवार (2 अप्रैल) को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने इसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की. उन्होंने मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और साथ ही अपने फ्यूचर की पॉलिटिक्स पर भी बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि वो विपक्ष की मुखर सदस्य बनी रहेंगी. उन्होंने कहा कि देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है.
&#039;यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है&#039;
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, &quot;मैं आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहूंगी जिन्होंने मुझसे मुलाकात की और राज्यसभा में मेरे अनुभव को सुना, साथ ही अपने विचार भी साझा किए. आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है. मैं विपक्ष में एक मुखर सदस्य बनी रहूंगी, क्योंकि देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है. मैं देश के लिए खड़ी रहूंगी और देश की आवाज उठाती रहूंगी. जय महाराष्ट्र. जय हिंद.&quot;

And I would like to take this opportunity to thank Hon. @PMOIndia @narendramodi ji who met me and heard from me my experience in the Rajya Sabha, as well as shared his insights. Thank you Hon. Prime Minister, this meant a lot for me. I will continue to be a vocal member in the&amp;hellip; pic.twitter.com/9ecgND78Il
&amp;mdash; Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 2, 2026



शिंदे गुट की डिनर डिप्लोमेसी! &#039;ऑपरेशन टाइगर&#039; की चर्चा के बीच उद्धव गुट के सांसद रहे मौजूद
प्रियंका चतुर्वेदी के इस कार्यकाल का राज्यसभा में 2 अप्रैल को आखिरी दिन था. उनकी पार्टी महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) का हिस्सा है. MVA के सभी दलों को मिलाकर उनके पास राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए विधायकों के वोट मौजूद थे. MVA के सभी दलों ने मिलकर सीनियर नेता शरद पवार को इस बार राज्यसभा भेजा है.
2019 में शिवसेना में हुई थीं शामिल
प्रियंका चतुर्वेदी ने 2010 में उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला किया. अपने सियासी करियर की शुरुआत कांग्रेस की. बाद में 2019 में वो शिवसेना (अविभाजित) में शामिल हो गईं. इसके बाद 2020 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा के लिए भेजा.
बारामती उपचुनाव में क्या होगा? निर्विरोध जीतना चाहती है NCP, 30 लोगों ने लिए नामांकन फॉर्म


 ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>प्रियंका, चतुर्वेदी, ने, मोदी, से, की, मुलाकात, फ्यूचर, की, पॉलिटिक्स, पर, किया, बड़ा, ऐलान</media:keywords>
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<title>हिमाचल का बजट सत्र संपन्न, 16 बैठकों में 103% काम, वेतन कटौती&#45;टैक्स बढ़ोतरी पर भारी हंगामा</title>
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<description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश विधानसभा का दो चरणों में चला बहुचर्चित बजट सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. 16 दिनों तक चले इस सत्र में जहां एक ओर 103 प्रतिशत उत्पादकता के साथ रिकॉर्ड कामकाज हुआ, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी घमासान भी देखने को मिला.
सत्र के दूसरे चरण में 21 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ा. यह सत्र कई ऐतिहासिक और कड़े फैसलों का गवाह बना. प्रदेश की माली हालत को सुधारने के लिए माननीयों (नेताओं) और बड़े अफसरों के वेतन में 6 माह के लिए 3 से 50 फीसदी तक की कटौती का बड़ा निर्णय लिया गया.
वहीं, जनहित से जुड़े मुद्दों पर सदन खूब तपा. विपक्ष के भारी हंगामे और वाकआउट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी, एंट्री टैक्स में इजाफा और दल-बदल विरोधी कानून को सख्त करने वाले संशोधन विधेयक पारित करा लिए. इसके अलावा पंचायती राज चुनावों और आरडीजी (RDG- रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई.
90 घंटे चला सदन, 103% रहा कामकाज
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र की सफलता का ब्योरा देते हुए बताया कि इन 16 बैठकों में कुल 90 घंटे तक कार्यवाही चली और उत्पादकता 103% रही. इस दौरान विधायकों ने 471 तारांकित और 146 अतारांकित सवाल पूछे. नियम 102 के तहत RDG पर सरकारी संकल्प लाया गया. शून्यकाल में 94 अहम विषय उठाए गए और 9 सरकारी विधेयकों को सदन में पुनः स्थापित किया गया.
&#039;कोई आर्थिक संकट नहीं, हम आत्मनिर्भर बन रहे हैं&#039;
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि RDG बंद होने से बजट का आकार जरूर कम हुआ है, लेकिन विकास की रफ्तार नहीं रुकेगी. उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में कोई गहरा आर्थिक संकट नहीं है, बल्कि राज्य सीमित संसाधनों के साथ &#039;आत्मनिर्भरता&#039; की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है.
&#039;व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था तार-तार&#039;
सत्र के समापन पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, &quot;हिमाचल की आर्थिक स्थिति के लिए पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ना गलत है. मुख्यमंत्री को अपने सामने सिर्फ जयराम ठाकुर नजर आते हैं.&quot; जयराम ठाकुर ने सीएम द्वारा पूर्व की जनहित योजनाओं के लिए &#039;संपदा लुटाने&#039; जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे कार्यवाही से हटाने की मांग की.
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने अब तक का सबसे ज्यादा (16 फीसदी) कर्ज लिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि &#039;व्यवस्था परिवर्तन&#039; के दौर में पूरी व्यवस्था तार-तार हो गई है. मुख्यमंत्री को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय आईएएस (IAS) अफसरों की आपसी लड़ाई सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:25 +0530</pubDate>
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<title>क्या प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने NCP पर कब्जा करने की कोशिश की? पार्थ पवार की दो टूक</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा राष्ट्रवाद कांग्रेस पार्टी (NCP) पर कब्जा करने के आरोपों के बीच, उनके बेटे पार्थ पवार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे का सपोर्ट करते हुए ऐसी किसी तरह की खबरों का खंडन किया है.
पार्थ पवार ने गुरुवार (2 अप्रैल) को कहा, &#039;&#039;दोनों वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने वाली खबरें &#039;बेबुनियाद और अटकलबाजी&#039; हैं.&#039;&#039; उन्होंने एक बयान में कहा कि इस तरह की बातें &#039;महज मनगढ़ंत&#039; हैं और दावा किया कि इन सम्मानित नेताओं को &#039;विवादों&#039; में घसीटने की कोशिश की जा रही है.&#039;&#039;&amp;nbsp;
निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण- पार्थ पवार
पार्थ ने कहा, &#039;&#039;प्रफुल्ल पटेल और तटकरे ने दशकों से प्रतिबद्धता और नेतृत्व का प्रदर्शन किया है, जो पार्टी का मार्गदर्शन करता आ रहा है. उन्होंने आगे कहा, &amp;ldquo;इस तरह के निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनकी निंदा की जानी चाहिए.&amp;rdquo;&amp;nbsp;पार्थ का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है कि उनकी मां और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पटेल और तटकरे से नाराज हैं.
रोहित पवार ने क्या किया था दावा?
एनसीपी (शरदचंद पवार) नेता रोहित पवार ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति की सूचना दी थी और कहा था कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में उनके पति अजित पवार की मृत्यु के बाद पार्टी से प्राप्त किसी भी पूर्व संदेश को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए.&amp;nbsp; राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रमुख का पदभार संभालने से पहले निर्वाचन आयोग को भेजे गए एक पत्र के संबंध में पटेल और तटकरे द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं थीं.
जय पवार को क्या मिलेगी जिम्मेदारी?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पूर्व प्रमुख दिवंगत अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार को पार्टी की &#039;सर्वोच्च समिति&#039; में शामिल किया गया है. &amp;nbsp;एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;जय पवार एक युवा नेता हैं और उन्हें कुछ जिम्मेदारी दी जाएगी क्योंकि वह अब हमारी निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था &#039;सर्वोच्च समिति&#039; का हिस्सा हैं.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
उन्होंने ये भी बताया कि पार्टी अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा 10 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को भेजे गये पत्र में जय को &#039;सर्वोच्च समिति&#039; के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। परांजपे ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;जय पवार पार्टी के काम को आगे बढ़ाएंगे और इसके संगठन में योगदान देंगे.&amp;rsquo;&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:22 +0530</pubDate>
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<title>NIA Raids: बंगाल में हड़कंप! मालदा हिंसा केस में NIA की एंट्री, जांच में कई आरोपी गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मालदा हिंसा मामले में प्रारंभिक जांच दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बुधवार (1 अप्रैल 2026) को हजारों लोगों ने कालियाचौक-2 ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) के दोनों गेटों को अवरुद्ध कर दिया था और सात न्यायिक अधिकारियों सहित कर्मचारियों को घंटों तक बंधक बनाकर रखा था, जिन्हें आधी रात के बाद छुड़ाया गया. आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने औपचारिक रूप से अपने महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले को इस मामले के संदर्भ में लिया.
ECI का NIA को यह निर्देश गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को जारी हाई कोर्ट के आदेश के बाद आया, जिसमें चुनाव आयोग को किसी केंद्रीय एजेंसी, CBI या NIA की तरफ से घटना की जांच करने का निर्देश दिया गया था. न्यायालय ने इस हमले को न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराने और उन्हें अपना कर्तव्य निभाने से रोकने का जानबूझकर और सोची-समझी कोशिश बताया था. सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा था कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और ECI को राज्य में अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करने का निर्देश दिया था.
NIA की एक टीम मालदा पहुंची
NIA की एक टीम मालदा पहुंच गई है. हालांकि एजेंसी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, सूत्रों ने संकेत दिया है कि NIA की एक टीम शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को तड़के कोलकाता स्थित अपने कार्यालय से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है. मालदा पहुंचकर टीम सबसे पहले संबंधित पुलिस स्टेशन का दौरा कर रही है और पुलिस से घटना से संबंधित सभी उपलब्ध जानकारी जुटा रही है. पुलिस फिलहाल इस मामले को संभाल रही है और उसने अब तक इस घटना से जुड़े 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोथाबारी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और कथित मास्टरमाइंड एडवोकेट मोफक्करुल इस्लाम शामिल हैं.
कितने आरोपियों को किया गया गिरफ्तार?
सभी आरोपियों को कालियाचक-II ब्लॉक कार्यालय में हिंसा, आगजनी और सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल थीं. उन्हें 8 घंटे के घेरे में रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 19 आरोपियों में से पुलिस ने शाहजहां अली समेत 18 को गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था. मोफक्करुल इस्लाम पश्चिम बंगाल CID की तरफ से गिरफ्तार किया गया 19वां आरोपी है. उसे बागडोगरा हवाई अड्डे पर भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था. सूत्रों के अनुसार, यह जांच एक विशेष दल द्वारा की जा रही है, जिसका नेतृत्व उप महानिरीक्षक (DIG ) रैंक का अधिकारी करेगा. और IG रैंक के अधिकारी को सारी अपडेट देगा.
NIA को सौंपी गई जिम्मेदारी
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कई घंटों तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही क्योंकि भीड़ ने नाकाबंदी जारी रखी, नारे लगाए और तितर-बितर होने से इनकार कर दिया. घेराबंदी देर रात तक जारी रही और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हस्तक्षेप के बाद बुधवार आधी रात के बाद फंसे हुए कर्मियों को आखिरकार बचाया गया. घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए, NIA को हिंसा के पीछे किसी बड़ी साजिश या संगठित तत्व की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्रीय एजेंसी की भागीदारी कानून-व्यवस्था और इस तरह के बड़े पैमाने पर लामबंदी के संभावित परिणामों को लेकर चिंताओं के बीच हुई है.
स्थानीय पुलिस ने शुरू कर दी थी जांच
स्थानीय पुलिस ने पहले ही मामले की अपनी जांच शुरू कर दी है और किसी भी तरह की और अधिक हिंसा को रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. अधिकारी नाकाबंदी और उसके बाद हुई हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की भी समीक्षा कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp; INS तारागिरी क्यों कही जा रही समंदर का तूफान! ब्रह्मोस से होगा सीधा वार, जानें कितनी विध्वंसक? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>कौन है ‘गोल्ड मैन’, जिसके पास मिला पौन किलो सोना, IT रेड के खुलासे से हड़कंप</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद में आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्ड मैन के नाम से चर्चित एक व्यक्ति के पास से करीब 700 ग्राम बेहिसाबी सोना जब्त किया है. यह मामला नए आयकर कानून के तहत की गई पहली बड़ी कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है.
आयकर विभाग ने अहम कार्रवाई करते हुए यदगिरी चिन्ना गौड़ उर्फ दरगाह चिन्ना पहलवान के पास से ये सोना जब्त किया है. अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति इस सोने के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई नए आयकर अधिनियम 2025 की धारा 247 के तहत की गई पहली प्रमुख कार्रवाई मानी जा रही है. इस कारण यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है.&amp;nbsp;
आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती सोने की मात्रा&amp;nbsp;विभाग ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि व्यक्ति के पास मौजूद सोने की मात्रा उसके घोषित आय स्रोतों से मेल नहीं खाती. बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया प्रोफाइलिंग के जरिए हुई. अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों और जीवनशैली पर नजर रखते हुए वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद आयकर विभाग ने कार्रवाई करते हुए सोना जब्त कर लिया.
गोल्ड मैन के नाम से मशहूर हैं यदगिरी चिन्ना गौड़&amp;lsquo;गोल्ड मैन&amp;rsquo; के नाम से मशहूर यदगिरी चिन्ना गौड़ अक्सर भारी मात्रा में सोने के आभूषण पहनने के कारण चर्चा में रहता था. सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें और वीडियो भी काफी वायरल होते रहे हैं, जिनमें वह सोने से लदा हुआ दिखाई देता था. आयकर विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह सोना किस तरह से अर्जित किया गया. अगर आगे भी कोई अवैध आय या संपत्ति का पता चलता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई एक संदेश है कि अब आयकर विभाग सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है और किसी भी तरह की आय छिपाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल जब्त किए गए सोने को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
डिफेंस हब की तरफ बढ़ रहा देश, भारत के हथियारों की डंका, 4 साल में तीन गुणा बढ़ी मांग ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>INS तारागिरी की भारतीय नौसेना में एंट्री, समंदर में ताकत दोगुनी, राजनाथ सिंह ने दिया PAK को मिर्ची लगाने वाला मैसेज</title>
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<description><![CDATA[ भारत की समुद्री ताकत को नई ऊंचाई देने वाला उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट &amp;lsquo;INS तारागिरी&amp;rsquo; आज भारतीय नौसेना में शामिल हो गया. इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, CDS जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस कमीशनिंग को भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है.
विशाखापत्तनम बना ऐतिहासिक गवाह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विशाखापत्तनम शहर अपने आप में भारत की समुद्री शक्ति का साक्षी रहा है, इसलिए यहीं से INS तारागिरी की कमीशनिंग अपने आप में एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण है. उन्होंने कहा कि भारत का समुद्र से हमेशा एक खास और गहरा संबंध रहा है, जो समय के साथ और मजबूत होता गया है. हमारी सांस्कृतिक विरासत से लेकर आज की रणनीतिक जरूरतों तक, समुद्र ने हमेशा भारत की दिशा तय की है.
2047 के विकसित भारत में समुद्री ताकत की अहम भूमिका
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री 2047 तक विकसित भारत की बात करते हैं, तो उसमें समुद्री शक्ति की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. उन्होंने बताया कि भारत की समुद्री सीमा 11,000 किलोमीटर से ज्यादा है और देश तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है. ऐसे में भारत का विकास समुद्र से अलग सोच ही नहीं सकता. उन्होंने यह भी कहा कि देश का लगभग 95% व्यापार समुद्री रास्तों से होता है और ऊर्जा सुरक्षा भी काफी हद तक समुद्र पर निर्भर करती है.
मजबूत नौसेना अब विकल्प नहीं, जरूरत
रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि इस स्थिति में एक मजबूत और सक्षम नौसेना भारत के लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरी आवश्यकता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज हम डिजिटल युग में रह रहे हैं और भारतीय नौसेना लगातार हमारी सुरक्षा को मजबूत कर रही है. राजनाथ सिंह ने कहा कि आज अत्याधुनिक युद्धपोत &amp;lsquo;तारागिरी&amp;rsquo; को भारतीय नौसेना में शामिल किया जा रहा है. उन्होंने इसे भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का प्रतीक बताते हुए देशवासियों, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और भारतीय नौसेना को बधाई दी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:13 +0530</pubDate>
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<title>जनगणना 2027: सरकार ने शुरू किया स्व&#45;गणना प्रोसेस, 15 अप्रैल से पहले कर लें पूरा, जानें सही तरीका</title>
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<description><![CDATA[ भारत में 2027 की जनगणना की तैयारियों के बीच सरकार ने स्व-गणना प्रक्रिया (Self-Enumeration Process) शुरू किया है, जिसके तहत नागरिक अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं. इससे यह प्रक्रिया तेज, सटीक और सुविधाजनक हो जाती है.&amp;nbsp;
जनगणना की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए लोगों को समय रहते अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी. स्व-गणना प्रक्रिया को समझने के लिए हम आपके स्टेप बाय स्टेप पूरा तरीका बता रहे हैं.
स्व-गणना (Self-Enumeration Process) करने का पूरा तरीकासबसे पहले आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल (https://en.vikaspedia.in/viewcontent/social-welfare/community-power/census-2027/self-enumeration-in-census-2027) पर जाएं. वेबसाइट पर पहुंचने के बाद नीचे स्क्रॉल करके &#039;स्व-गणना कैसे करें&#039; ढूंढें. उस पर क्लिक करके मुख्य पृष्ठ पर जाएं. वहां आपको अपना राज्य या केंद्र शासित प्रदेश चुनना होगा और एक कैप्चा कोड दर्ज करना होगा.&amp;nbsp;
परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर&amp;nbsp;सत्यापन के बाद आपको Welcome Page (स्वागत पृष्ठ) पर ले जाया जाएगा. इस पर आपको परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. ईमेल आईडी देना वैकल्पिक है. ये डिटेल्स सबमिट करने के बाद आपको अपने फ़ोन पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा. OTP दर्ज करने के बाद अपनी पसंदीदा भाषा चुनें और आगे बढ़ें. इसके बाद आपको जिला पिन कोड और इलाके जैसी जानकारी भरकर अपना पता सत्यापित करने के लिए कहा जाएगा.&amp;nbsp;
जानकारी भरने के बाद आगे बढ़ने के लिए सेव एंड नेक्स्ट पर क्लिक करें. इसके बाद पोर्टल आपसे आपके घर के बारे में जानकारी मांगेगा, जिसमें शामिल हैं: फर्श, दीवारों और छत की सामग्री घर की स्थिति उपयुक्त विकल्प चुनने के बाद और आगे बढ़ें. सबमिट करने से पहले आपके द्वारा दर्ज की गई सभी जानकारी एक पेज पर प्रदर्शित होगी. प्रत्येक विवरण की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें. यदि सब कुछ सही है तो अंतिम सबमिट पर क्लिक करें.
जल्द से जल्द पूरा कर लें प्रोसेससबमिट करने के बाद आपकी स्व-पंजीकरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी. आपको पंजीकरण की पुष्टि करने वाला एक संदेश भी प्राप्त होगा. स्व-गणना से नागरिकों को जनगणना में सीधे भाग लेने का अधिकार मिलता है, जिससे सटीक डेटा इकट्टा होता है और गणनाकर्ताओं द्वारा व्यक्तिगत रूप से जाकर जनगणना करने की आवश्यकता कम हो जाती है. यह अधिक कुशल और डिजिटल जनगणना प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. नागरिकों से अपील है कि वे अंतिम समय में समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपनी स्व-गणना पूरी कर लें.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
INS तारागिरी की भारतीय नौसेना में एंट्री, समंदर में ताकत दोगुनी, राजनाथ सिंह ने दिया PAK को मिर्ची लगाने वाला मैसेज ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:12 +0530</pubDate>
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<title>Explained: कभी पार्टी में फूंकी &amp;apos;जान&amp;apos;, अब हुए अनजान! राघव चड्ढा, संजय जोशी, आजम खान... साइडलाइन नेताओं की लंबी है लिस्ट</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय राजनीति में कुछ नेता अपनी पार्टी के पर्याय बन जाते हैं. उनकी आवाज पार्टी की आवाज हो जाती है, उनके नाम से पार्टी की पहचान होती है, लेकिन सत्ता का खेल कातिलनुमा होता है. एक दिन अचानक उन्हें किनारे कर दिया जाता है. ये कहानियां सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि गठबंधन, परिवार, गुटबाजी और &#039;नए चेहरों&#039; की भूख की कहानियां हैं. राघव चड्ढा, आरसीपी सिंह हों या संजय जोशी.. ये नेता भी कभी पार्टी के &#039;अनमोल रत्न&#039; थे. एक्सप्लेनर में समझते हैं कि कैसे यह &#039;पुराना सामान&#039; बन गए...
राघव चड्ढा- AAP: दिल्ली मॉडल का चेहरा, 2026 में अचानक हटा दिया गया
राघव चड्ढा AAP के सबसे चमकदार चेहरों में से एक थे. 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा सांसद बने, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने, बजट पर तीखे सवाल पूछे और केजरीवाल की &#039;अरविंद केजरीवाल&#039; इमेज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया, लेकिन 2 अप्रैल 2026 को AAP ने अचानक चौंकाने वाला फैसला लिया. राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया. उनकी जगह अशोक मित्तल को दे दी. पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को चिट्ठी लिखकर कहा कि अब चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए.
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP की हार के बाद चड्ढा चुप हो गए थे. वे केजरीवाल के कार्यक्रमों से दूर रहे, पार्टी की कोर एजेंडा से दूरी बढ़ गई. पार्टी सूत्रों ने इसे &#039;अनुशासनहीनता&#039; बताया. बीजेपी और कांग्रेस ने इसे &#039;AAP में दरार&#039; बताया. सिर्फ 24 घंटे पहले तक चड्ढा पार्टी का चेहरा थे, अगले दिन साइडलाइन हो गए.
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पार्टी सूत्रों ने राघव चड्ढा को &#039;अनुशासनहीनता&#039; बताया

आरसीपी सिंह- JD(U): नीतीश कुमार के सबसे करीबी, 2022 में निकाल बाहर
आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे. 2020 में वे JD(U) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, 2021 में केंद्रीय इस्पात मंत्री बने. वे नीतीश का &#039;राइट हैंड&#039; माने जाते थे, लेकिन 2022 में नीतीश ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देने से इनकार कर दिया. फिर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. 6 अगस्त 2022 को JD(U) ने उनसे सफाई मांगी. उसी दिन आरसीपी सिंह ने पार्टी छोड़ दी. उन्होंने कहा, &#039;नीतीश कुमार के साथ 30 साल का रिश्ता था, लेकिन अब खत्म.&#039; नीतीश ने उन्हें &#039;गद्दार&#039; नहीं कहा, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया- अब कोई जगह नहीं. आज वे JD(U) से बाहर हैं.
संजय जोशी- बीजेपी: RSS का चाणक्य, मोदी की नजर में &#039;बैठे&#039;
संजय जोशी बीजेपी और RSS के पुराने योद्धा थे. 1990 के दशक में वे गुजरात BJP के महासचिव बने और संगठन को मजबूत किया, लेकिन 2005 में एक CD कांड के बाद उन्हें हटाया गया. 2011 में नितिन गडकरी ने पार्टी में उनकी वापस एंट्री कराई, लेकिन तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी इस फैसले से खफा थे. आखिरकार 8 जून 2012 को संजय जोशी ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया. 2014 के बाद वे पूरी तरह साइडलाइन हो गए. 2015 में उनके जन्मदिन पर पोस्टर लगाने वालों को पार्टी ने नोटिस थमा दिया. आज भी वे BJP के लिए &#039;क्लोज्ड चैप्टर&#039; हैं.
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2011 में संजय जोशी ने बीजेपी में वापसी की थी

गुलाम नबी आजाद- कांग्रेस: 50 साल की सेवा, 2022 में &#039;राहुल गांधी ने तोड़ दिया&#039;
गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे. जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा सांसद, स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस महासचिव रहे. 2022 में राहुल गांधी की &#039;एक व्यक्ति, एक पद&#039; नीति और पार्टी में सलाह-मशवरे की कमी का जिक्र करते हुए 26 अगस्त 2022 को उन्होंने 5 पेज का पत्र लिखकर कांग्रेस छोड़ दी. उन्होंने सोनिया गांधी को खत में लिखा, &#039;राहुल गांधी ने पार्टी का परामर्शी तंत्र नष्ट कर दिया.&#039; फिर आजाद ने अपनी पार्टी DPAP बनाई, लेकिन कांग्रेस में वे &#039;पर्याय&#039; थे, आज साइडलाइन हैं.
दिनेश त्रिवेदी- TMC: ममता की सरकार में मंत्री, 2021 में इस्तीफा
दिनेश त्रिवेदी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता थे और वे रेल मंत्री भी रह चुके. 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले 12 फरवरी 2021 को उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा, &#039;बंगाल में हिंसा और घटनाएं सहन नहीं हो रही.&#039; इस्तीफे के बाद उन्होंने मोदी की तारीफ भी की. ममता बनर्जी की TMC में वे &#039;पुराने विश्वासपात्र&#039; थे, लेकिन अचानक किनारे कर दिए गए.
राज ठाकरे- शिवसेना: बाल ठाकरे के भतीजे, 2005 में परिवार ने साइडलाइन किया
राज ठाकरे शिवसेना के सबसे आक्रामक चेहरे थे, लेकिन 2003 में उद्धव ठाकरे को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिए जाने के बाद राज को अपमान महसूस हुआ. 27 नवंबर 2005 को शिवाजी पार्क जिमखाना में भावुक भाषण देते हुए उन्होंने शिवसेना छोड़ दी. उन्होंने कहा, &#039;मैंने सिर्फ सम्मान मांगा था, मिला अपमान.&#039; बाद में उन्होंने MNS बनाई. 20 साल बाद भी वे शिवसेना के &#039;साइडलाइन&#039; चेहरे हैं.
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राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी बनाई

सीएम इब्राहीम- JDS: कर्नाटक का चेहरा, 2023 में निकाल फेंका
सीएम इब्राहीम JDS के कर्नाटक अध्यक्ष थे, लेकिन अक्टूबर 2023 में उन्होंने BJP-JDS गठबंधन का विरोध किया. 19 अक्टूबर 2023 को कुमारस्वामी ने उन्हें हटा दिया और 9 दिसंबर 2023 को पार्टी से निकाल दिया. इब्राहीम ने कहा, &#039;मैं लोगों के पास जाऊंगा.&#039; JDS में वे &#039;देवेगौड़ा का भरोसेमंद&#039; थे, लेकिन एक रात में साइडलाइन कर दिए गए.
आजम खान- SP: रामपुर का बादशाह, जेल और साइडलाइन
आजम खान SP के सबसे ताकतवर चेहरे थे. वे रामपुर से 7 बार MLA और मंत्री भी रह चुके, लेकिन 2020 से कई केसों में जेल भेजे गए. फरवरी 2020 में फर्जी पैन कार्ड केस में सजा हुई. फिर नवंबर 2025 में 7 साल की सजा हुई. जेल में रहते हुए सपा ने उन्हें साइडलाइन कर दिया. अखिलेश यादव ने आजम खान को लेकर कहा था, &#039;पार्टी फैसला करेगी.&#039; जेल में रहते हुए SP में उनकी सक्रिय भूमिका कम हो गई. कुछ रिपोर्ट्स में परिवार ने शिकायत की कि अखिलेश यादव ने जेल के दौरान ज्यादा समर्थन नहीं दिखाया. रामपुर में पार्टी की कमान दूसरे नेताओं को सौंपी गई. हालांकि रिहाई के तुरंत बाद अखिलेश ने उन्हें बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बनाया, लेकिन बार-बार जेल जाने से आजम खान राजनीतिक गतिविधियों से दूर हो गए.
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रामपुर का &#039;बादशाह&#039; एक झटके में सब गंवा बैठा

ओ. पन्नीरसेल्वम- AIADMK: जयललिता के बाद CM बने, लेकिन ससिकला ने साइडलाइन किया
ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) जयललिता के सबसे करीबी थे. दिसंबर 2016 में जयललिता की मौत के बाद वे AIADMK से तमिलनाडू CM बने, लेकिन 2017 में वीके ससिकला ने उन्हें हटाकर खुद को CM बनवाने की कोशिश की. OPS ने &#039;धर्म युद्ध&#039; शुरू किया. बाद में EPS के साथ मिले, लेकिन 2026 में EPS ने OPS को पार्टी में वापस आने से इनकार कर दिया. वे AIADMK के &#039;ईमानदार चेहरा&#039; थे, आज किनारे पर खड़े हैं.
ये कहानियां बताती हैं कि राजनीति में &#039;पर्याय&#039; बनना आसान नहीं, लेकिन साइडलाइन होना और भी आसान है. आज जो चेहरा है, कल वो &#039;पुराना&#039; हो जाता है. यह नेता याद दिलाते हैं कि पार्टी हमेशा &#039;व्यक्ति&#039; से ऊपर होती है, लेकिन कभी-कभी व्यक्ति को ही कुर्बान कर दिया जाता है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:26:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ढोंगी बाबा अशोक खरात का बेटा उगलेगा राज? पुलिस ने हिरासत में लिया, फरार पत्नी की तलाश जारी</title>
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<description><![CDATA[ खुद को &#039;भोंदू बाबा&#039; बताने वाले रेप के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को पूछताछ के लिए उसके बेटे को नासिक शहर से हिरासत में लिया. नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में खरात के खिलाफ कम से कम 10 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 8 यौन उत्पीड़न और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं. इतना ही नहीं, एसआईटी को फोन कॉल के जरिए अशोक खरात के खिलाफ 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की एक टीम अशोक खरात के कर्मयोगी नगर स्थित घर पहुंची और उसके बेटे हर्षवर्धन को हिरासत में ले लिया. हर्षवर्धन को पूछताछ के लिए महाराष्ट्र पुलिस अकादमी (MPA) ले जाया गया. जांचकर्ता अशोक खरात की पत्नी कल्पना का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.&amp;nbsp;
अशोक खरात की पत्नी कल्पना पर भी धोखाधड़ी का आरोप
एसआईटी टीम को कल्पना खरात अपने घर पर नहीं मिली, लेकिन बेटा हर्षवर्धन पुलिस की हिरासत में है. अशोक खरात की पुलिस हिरासत बुधवार को समाप्त हो होगी, जिसके बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा. इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी अहिल्यानगर जिले में पुलिस ने मंगलवार, 31 मार्च को अशोक खरात की पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ एक भूस्वामी से 4 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
फरार चल रही है कल्पना खरात
शिरडी के मंदिर नगर में पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, खरात की पत्नी कल्पना फरार है और उसकी तलाश जारी है. रफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान अरविंद बावके और किरण सोनावाने के रूप में हुई है. अशोक खरात, उसकी पत्नी और एक बिचौलिया इस मामले में वांछित हैं.
यह भी पढ़ें: UCC पर प्रियंका चतुर्वेदी का बड़ा बयान, &#039;असम के मुख्यमंत्री को देखते हुए लग रहा है कि...&#039; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:50 +0530</pubDate>
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<title>सूरत: &amp;apos;अश्लील&amp;apos; वीडियो सामने आने के बाद जैन मुनि के खिलाफ शिकायत, महिलाएं पहुंचीं पुलिस के पास</title>
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<description><![CDATA[ गुजरात के सूरत में जैन समुदाय की महिलाओं के समूह ने एक जैन मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसको लेकर महिलाएं पुलिस के पास पहुंचीं. कार्रवाई की मांग उस समय सामने आई जब सोशल मीडिया पर एक कथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ.&amp;nbsp;
वहीं, जैन मुनि ने इन आरोपों को &#039;बेबुनियाद अफवाहें&#039; बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गलत सूचना फैलाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है. महिलाओं के समूह ने रविवार, 29 मार्च को सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत को एक आवेदन सौंपकर जैन मुनि चंद्र सागर मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
&#039;जैन समुदाय की न हो बदनामी&#039;
महिलाओं की दलील है कि अगर इस मामले को तुरंत हल नहीं किया गया तो जैन समुदाय की बदनामी हो सकती है. समूह की एक सदस्य ने कहा, &#039;ये सब कुछ समय से चल रहा है. हमने अपने आवेदन के माध्यम से मांग की है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि हमारे जैन समुदाय को उनकी वजह से बदनामी न झेलनी पड़े.&#039;
जैन मुनि के खिलाफ अफवाह फैलाने का आरोप
महिला ने कहा, &#039;उनके कुकर्मों के कारण, हम दृढ़ता से चाहते हैं और मांग करते हैं कि उन्हें हटाया जाए.&#039; जैन मुनि के वेश में एक व्यक्ति का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया. आरोपों का जवाब देते हुए, जैन मुनि ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया और दावा किया कि कुछ समूह जानबूझकर उनके खिलाफ गलत सूचना फैला रहे हैं.
जैन मुनि ने वीडियो जारी कर खारिज किए सभी आरोप
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, &#039;कुछ समय से कुछ लोग मेरे बारे में अफवाहें फैला रहे हैं. मुझे पता चला है कि कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त के पास गई हैं.&#039; उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए सवाल किया कि क्या वे कभी उनसे मिली हैं या उन्हें आरोपों की कोई प्रत्यक्ष जानकारी है.&amp;nbsp;
पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं&amp;nbsp;
जैन मुनि ने कहा, &#039;आप मुझसे कब मिली हैं? क्या आपको पता है कि वास्तव में क्या हुआ है? आप मुझसे कहीं नहीं मिली हैं और फिर भी अपनी राय दे रही हैं.&#039; पुलिस ने अभी तक महिलाओं के समूह के आवेदन के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:50 +0530</pubDate>
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<title>आगरा में एक साथ दर्जनों आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से हड़कंप, पुलिस ने दर्ज किया केस</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक साथ दर्जनों आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए. वायरल वीडियो बेहद ही आपत्तिजनक है जिसमें दो किशोर और दो किशोरियों आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रही है. इन वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया.
बताया जा रहा है कि यह सभी वीडियो किसी बंद स्थान पर रिकॉर्ड किए गए. एहतियातन तौर पर पुलिस की ओर से गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई और पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है और कड़ी से कड़ी मिलाकर वायरल करने वाले और वीडियो में आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रही किशोर की तलाश में पुलिस जुट गई.
वीडियो के वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस
पुलिस जांच पड़ताल में लगी हुई है कि इन वीडियो को किन परिस्थितियों में और क्यों बनाया गया और किसके द्वारा इन्हें वायरल किया गया. वीडियो सोमवार की देर रात वायरल किए गए हैं. उसी के बाद से पुलिस हरकत में आई और जांच पड़ताल में जुट गई. सूचना मिलते ही थाना पुलिस गांव पहुंची और पूरे मामले की गहनता से पड़ताल शुरू कर दी. गांव में स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही पुलिस
पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किसके द्वारा रिकॉर्ड किए गए और सोशल मीडिया पर कैसे प्रसारित हुए. वहीं पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
मामले में क्या बोले पुलिस अधिकारी?
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया है कि थाना खंदौली पुलिस के संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं. इन वीडियो का पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना खंदौली पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है और वीडियो में दिखाई देने वाले दोनों किशोर को अभिरक्षा में लिया गया है.&amp;nbsp;
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने यह भी बताया है कि पूछताछ में पता चला है कि किशोर और किशोरियों आपस पहले से ही परिचित हैं और यह वीडियो तीन माह पुराने बताए जा रहे हैं. वहीं डीसीपी वेस्ट ने आम लोगों से अपील की है कि इस तरीके के वीडियो वायरल करने से बचें और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचें और अफवाह पर ध्यान न दें. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Patna News: व्यवसायी पर अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, इलाके में दहशत, जांच में जुटी पुलिस</title>
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<description><![CDATA[ राजधानी पटना में एक बार फिर अपराधियों ने बेखौफ होकर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है. शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित संप हाउस के पास देर रात एक सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया गया, जहां छड़-गिट्टी के बड़े व्यवसायी पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में 40 वर्षीय दिलीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
जानकारी के अनुसार, तीन की संख्या में आए बदमाशों ने पहले से घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोग सहमे हुए हैं, वहीं पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, व्यवसायी दिलीप की एमपी इंजिकॉन नाम की कंपनी है और उसी कंपनी के नाम से छड़-गिट्टी का व्यवसाय करता था. जिसका बोरिंग रोड के कुमार टावर में कार्यालय है. दिलीप कार्यालय से लौटकर शास्त्री नगर के संप हाउस के पास अपने अपार्टमेंट में जा रहा था. अपार्टमेंट के गेट के अंदर जैसे ही घुसा कि पहले से घात लगाए अपराधियों ने ताबड़ तोड़ गोलियां चला दी. दिलीप भागने लगे तो अपराधी सीढ़ियों के ऊपर चढ़कर गोली मार दी.
ये भी पढ़िए- सीतामढ़ी का गालीबाज थानेदार! विधवा महिला-देवर को दी गालियां, जांच के आदेश
घटना की जांच में जुटी पुलिस
बदमाशों ने पहले तीन गोली चलाई जो अपार्टमेंट के गेट पर जाकर लगी. आनन-फानन में घायल दिलीप को पाटलिपुत्र के रुबान हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां अभी इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि दिलीप फुलवारी शरीफ के जेडीयू विधायक श्याम राजक के करीबी मित्र हैं. घटना के सूचना मिलते ही श्याम राजक रुबान हॉस्पिटल पहुंचकर घायल का हाल-चाल जाना. बताया जा रहा है कि दिलीप की जो कंपनी (एमपी इंजिकॉन) एसपी शिगला जैसे बड़े कंपनियों को गिट्टी छड़ सप्लाई देती है. घटना की सूचना मिलते हैं पुलिस हरकत में आ गई और जांच शुरू कर दी है.
ये भी पढ़िए- अनंत सिंह का बड़ा बयान, &#039;अगर JDU से CM बने तो निशांत कुमार, अगर BJP से बने तो...&#039; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:30 +0530</pubDate>
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<title>गाजियाबाद जासूसी कांड के बाद एक्शन में महाराष्ट्र सरकार, हटाए जाएंगे &amp;apos;मेड इन चाइना&amp;apos; CCTV कैमरे</title>
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<description><![CDATA[ गाजियाबाद ISI जासूसी मॉड्यूल के तार महाराष्ट्र से जुड़ने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है. हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह खुलासा हुआ कि इस जासूसी मॉड्यूल ने महाराष्ट्र के कम से कम पांच बेहद संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा में सेंध लगाई थी.&amp;nbsp;
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इन स्थानों को चिन्हित कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था को &#039;सैनेटाइज&#039; कर दिया है, लेकिन इस घटना ने राज्य प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया है. सूत्रों ने बताया कि इस सुरक्षा चूक पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य भर में लगे सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा के आदेश दिए हैं.
चीनी कंपनियों के CCTV सिस्टम खरीद पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब महाराष्ट्र सरकार चीनी कंपनियों से जुड़े सीसीटीवी सिस्टम की खरीद पर पूरी तरह रोक लगाएगी. फडणवीस ने एहतियात के तौर पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष रूप से संवेदनशील ठिकानों पर लगे कैमरों की जांच करें और जहां भी सुरक्षा का खतरा नजर आए, वहां चीनी उपकरणों को हटाकर नए सिस्टम लगाए जाएं.
जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस जासूसी मॉड्यूल का एक आरोपी उरण (न्हावा शेवा पोर्ट के पास) में वेश बदलकर दिहाड़ी मजदूर के रूप में रह रहा था. इसके अलावा, सूत्रों का यह भी दावा है कि गिरोह के सदस्यों ने मुंबई में नौसेना के ठिकानों और हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की भी रेकी की थी. यह मॉड्यूल सौर ऊर्जा और सिम कार्ड से चलने वाले स्टैंडअलोन कैमरों का उपयोग कर रहा था, जिनके जरिए पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलर्स को गुप्त रूप से लाइव वीडियो फीड और जीपीएस लोकेशन भेजी जा रही थी.
महाराष्ट्र का गृहविभाग तैयार कर रहा नई सीसीटीवी पॉलिसी
इस खतरे से निपटने के लिए राज्य का गृह विभाग अब एक नई CCTV Policy तैयार कर रहा है. इस नई पॉलिसी के तहत अब बीएमसी और एमएमआरडीए जैसी किसी भी सरकारी एजेंसी को सीसीटीवी लगाने के लिए पुलिस की एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य होगा. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि इस्तेमाल किया जा रहा हार्डवेयर सुरक्षित है और उसमें डेटा लीक की कोई गुंजाइश नहीं है.
सरकार की योजना अब निजी सुरक्षा तंत्र को भी मुख्य सुरक्षा ग्रिड से जोड़ने की है. नई पॉलिसी के तहत निजी हाउसिंग सोसायटियों के लिए यह अनिवार्य किया जा सकता है कि वे अपने परिसरों के बाहर लगे कैमरों की लाइव फीड पुलिस के साथ साझा करें. इस कदम का उद्देश्य न केवल संवेदनशील डेटा को सुरक्षित करना है, बल्कि शहर की निगरानी प्रणाली को इतना मजबूत बनाना है कि भविष्य में विदेशी घुसपैठ या डेटा ट्रांसफर की किसी भी कोशिश को तुरंत नाकाम किया जा सके. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Explained: तेल, गैस... अब कंडोम की किल्लत! भारत में 8,000 करोड़ रुपए के कारोबार पर संकट, कैसे बिस्तर तक पहुंची US&#45;ईरान जंग?</title>
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<description><![CDATA[ इन दिनों आप सुबह चाय बनाते वक्त महसूस करते हैं कि चीनी, गैस और तेल महंगा हो गया है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि शाम को जो कंडोम का पैकेट आप इस्तेमाल करते हैं, उसकी कीमत भी ईरान युद्ध की वजह से बढ़ सकती है? जी हां. मिडिल ईस्ट वॉर की वजह से अप्रैल 2026 में भारत का कंडोम उद्योग संकट में आ गया है. 860 मिलियन डॉलर यानी करीब 8,000 करोड़ रुपये का यह सेक्टर अब कच्चे माल की भारी कमी और तेजी से बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है. लेकिन कैसे? आइए समझते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: US-ईरान जंग का असर कंडोम से कैसे जुड़ गया?
जवाब: अमेरिका-ईरान जंग और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पेट्रोकेमिकल्स की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. कंडोम बनाने में दो सबसे जरूरी चीजें हैं- सिलिकॉन ऑयल और अमोनिया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सिलिकॉन ऑयल की भारी किल्लत है, जिससे बाजार में उथल-पुथल मच गई है. अमोनिया की कीमत में 40-50 प्रतिशत का उछाल आने वाला है. पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले PVC फॉयल, एल्युमिनियम फॉयल और दूसरे मटेरियल भी महंगे हो गए हैं. लॉजिस्टिक्स में रुकावट ने ऑर्डर पूरा करना और मुश्किल बना दिया है.

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से कंडोम का प्रोडक्शन ठप पड़ रहा है

सवाल 2: भारत में कंडोम का कारोबार कितना बड़ा है?
जवाब: भारत में हर साल करीब 400 करोड़ कंडोम बनते हैं. देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी HLL लाइफकेयर लिमिटेड अकेले हर साल करीब 221 करोड़ कंडोम बनाती है. इसके अलावा Mankind Pharma Ltd और Cupid Ltd जैसे प्राइवेट प्लेयर भी इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हैं. एक कंडोम कंपनी के अधिकारी ने बताया, सप्लाई बाधित होने और कच्चे माल की कीमतों ने प्रोडक्शन और ऑर्डर एक्जीक्यूशन दोनों को प्रभावित किया है.&#039;&amp;nbsp;
कर्नाटक ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के जतिश एन. शेठ कहते हैं, &#039;हर पेट्रोकेमिकल्स वाला मटेरियल प्रभावित हो रहा है. हम प्रभावित तो हैं, लेकिन अभी असर की गहराई का आकलन कर रहे हैं.&#039;
सवाल 3: कंडोम आखिर बनता कैसे है, जो जंग का असर पड़ रहा?
जवाब: ज्यादातर कंडोम नेचुरल रबर के लेटेक्स यानी रबर के पेड़ों से निकलने वाले दूध से बनते हैं. पहले के जमाने में लेटेक्स को छोटे टुकड़ों में काटकर पेट्रोल में घोलते थे. यह तरीका खतरनाक था और फैक्ट्री में धमाके भी हो जाते थे. इस वजह से अब तरीका बदल गया है.
आज का बेहतर तरीका: लेटेक्स में अमोनिया मिलाकर गाढ़ा किया जाता है. इससे पानी कम खर्च होता है, लेटेक्स तरल रहता है और आसानी से ट्रांसपोर्ट हो जाता है. आगे प्रोसेसिंग में जब इसे गर्म किया जाता है तो अमोनिया भाप बनकर उड़ जाता है. आजकल एक लीटर लेटेक्स से करीब 700 कंडोम बनाए जा सकते हैं.
&amp;nbsp;

रबर के पेड़ के दूध से बनता कंडोम

कंडोम के प्रोडक्शन को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं:

ग्लास के मोल्ड (सांचे) को 20-30 डिग्री तापमान वाले लेटेक्स में डुबोया जाता है. लेटेक्स में 60% रबर सैप, 38.5% पानी और 1.5% सल्फर या जिंक ऑक्साइड मिला होता है.
ड्राई करने के बाद फिर डुबोया जाता है. इस तरह कई बार डुबोकर 0.03 से 0.08 मिलीमीटर मोटाई की पतली रबर फिल्म बनाई जाती है.
ब्रश की मदद से खुले सिरे पर रिम (किनारा) बनाया जाता है.
110-130 डिग्री गर्म हवा में सख्त किया जाता है, जिससे रबर मजबूत और लचीला हो जाता है.
पानी में सिलिकॉन ऑयल और पाउडर मिलाकर धोया जाता है, ताकि कंडोम चिपचिपे न रहें. फिर 85 डिग्री पर सुखाया जाता है.
कंडोम को इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन में डुबोकर चेक किया जाता है. अगर कोई छोटा सा छेद भी हो तो बिजली बह जाती है और लैंप जल जाता है. वो कंडोम फेंक दिया जाता है.
रैंडम चेक में लीक टेस्ट, इन्फ्लेशन टेस्ट, खिंचाव टेस्ट और माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट किए जाते हैं.

हर स्टेप इतना सटीक है कि अगर अमोनिया या सिलिकॉन ऑयल की कमी हो जाए तो पूरी लाइन रुक सकती है.
सवाल 4: तो क्या अब आम लोगों को महंगे कंडोम खरीदने पड़ेंगे?
जवाब: 11 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने इंटर-मिनिस्ट्रीरियल मीटिंग में फैसला लिया कि पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को 35 प्रतिशत कम संसाधन दिए जाएंगे, ताकि ज्यादा जरूरी सेक्टर बचाए जा सकें. इससे कंडोम जैसे हाई-वॉल्यूम, लो-मार्जिन प्रोडक्ट और दबाव में आ गए हैं.
कंडोम इंडस्ट्री हाई वॉल्यूम पर चलती है ताकि 140 करोड़ लोगों तक सस्ते कंडोम पहुंच सकें. कंडोम कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि कीमतें बढ़ाने से रेवेन्यू तो बढ़ सकता है, लेकिन सेल्स की संख्या घट जाएगी.
अगर होर्मुज स्ट्रेट की रुकावटें कम हुईं तो शायद राहत मिले, वरना अगले कुछ महीनों में दुकानों पर कंडोम की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं. सुरक्षित रहना सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि अब ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स से भी जुड़ गया है.
सवाल 5: तो फिर इससे परिवार नियोजन और समाज पर भी असर पड़ेगा? &amp;nbsp;
जवाब: भारत में कंडोम परिवार नियोजन और जनसंख्या कंट्रोल करने का अहम हिस्सा हैं. अगर उपलब्धता घटी या कीमत बढ़ी तो इस्तेमाल कम हो सकता है, खासकर गरीब लोगों में. इंडस्ट्री वाले चेतावनी दे रहे हैं कि इससे लंबे समय में सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है.
ईरान इस किल्लत से वाकिफ रहा है. अक्सर जंग के दौरान ईरान में कंडोम का भरपूर स्टॉक होता है. ईरान के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म दिगीकला के आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में इजरायल के साथ हुए 12 दिवसीय संघर्ष के दौरान ईरान में कंडोम की खरीद में 26% की वृद्धि हुई थी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की सुनवाई रोकने से मना किया, मुस्लिम पक्ष से अपनी आपत्ति वहीं रखने को कहा</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद की सुनवाई टालने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) से शुरू हो रही हाई कोर्ट की सुनवाई पर रोक की मांग की थी. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने कहा कि उसे अभी मामले में दखल देने की जरूरत नहीं लगती. मुस्लिम पक्ष परिसर की वीडियोग्राफी समेत दूसरी बातों को लेकर अपनी आपत्ति हाई कोर्ट में ही रखे.
क्या है मामला?आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से संरक्षित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि वह मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है. इसका निर्माण 11वीं सदी में परमार वंश के राजा ने कराया था. वहीं मुस्लिम समुदाय इस जगह को कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है. मामला फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में लंबित है. हाई कोर्ट के आदेश पर 2024 में परिसर का वैज्ञानिक सर्वे हुआ था. अब मामले की अंतिम सुनवाई होने जा रही है.
मुस्लिम पक्ष की आपत्तिमस्जिद पक्ष के वकील सलमान खुर्शीद ने हाई कोर्ट में सुनवाई को टालने की मांग की. खुर्शीद ने कहा कि ASI की तरफ से करवाई गई वीडियोग्राफी की कॉपी मस्जिद कमेटी को नहीं मिली है. उन्हें ASI रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने का मौका मिलना चाहिए. जल्दबाजी में सुनवाई नहीं होनी चाहिए. खुर्शीद ने कहा- वहां खुदाई भी करवाई गई थी, जबकि इससे सुप्रीम कोर्ट ने मना किया था.
हिंदू पक्ष की दलीलहिंदू पक्ष की तरफ से वकील विष्णु जैन और बरुन सिन्हा पेश हुए. उन्होंने कहा कि गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई है. वहां सभी बातें रखी जा सकती हैं. हिंदू पक्ष रंगीन तस्वीरें और वीडियो मांगने वाला है. दूसरा पक्ष भी ऐसा कर सकता है. जैन ने यह भी बताया कि मुस्लिम पक्ष का वीडियो मांगने वाला आवेदन हाई कोर्ट में लंबित है. उसे खारिज नहीं किया गया है
सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकारचीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने कहा कि फिलहाल सभी पक्षों को हाई कोर्ट में ही अपनी बात रखनी चाहिए. हाई कोर्ट सभी दलीलों पर कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत विचार करेगा. हाई कोर्ट वीडियो और तस्वीरें मांगने वाले आवेदनों पर भी विचार करेगा. सुप्रीम कोर्ट अभी इस मामले में कोई दखल नहीं देना चाहता.
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यह भी पढ़ेंः-बंगाल SIR को लेकर टीएमसी की आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट को आया गुस्सा, बोले- अरे चुनाव आयोग ही बताएगा कि कैसे.... ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>कुवैत में मारे गए 20 भारतीयों के शव पहुंचे भारत, जंग के बीच कैसे हुई इनकी मौत, जानें</title>
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<description><![CDATA[ कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के शव बुधवार (1 अप्रैल) को केरल के कोचीन एयरपोर्ट पर पहुंचे. क्षेत्रीय संघर्ष के कारण उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने में देरी हुई थी. कुवैत एयरवेज की एक स्पेशल फ्लाइट कोलंबो के रास्ते कोच्चि पहुंची. &amp;nbsp;इस फ्लाइट में कोई यात्री सवार नहीं था, इसे खासतौर पर शव को लाने लिए इस्तेमाल किया गया.&amp;nbsp;
मृतकों में तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के मुथुकुलथुर के रहने वाले &amp;nbsp;37 वर्षीय संथानसेल्वम कृष्णन भी शामिल हैं, जिनकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी. अन्य 19 व्यक्तियों की मृत्यु अलग-अलग घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष के कारण उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने में देरी हुई थी.
भारतीय दूतावास ने जताया शोक
कुवैत में भारतीय दूतावास ने सोमवार को कुवैत में एक वाटर प्लांट पर हुए हमले में भारतीय नागरिक की मौत पर शोक जताया. दूतावास ने कहा कि वे हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए अधिकारियों के संपर्क में हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में दूतावास ने कहा, &#039;कुवैत स्थित भारतीय दूतावास कुवैत में एक वाटर प्लांट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है. दूतावास हर संभव सहायता देने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है.&#039;
अब तक 8 भारतीयों की मौत
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुकी है. पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के चलते कुल 8 भारतीयों की मौत हुई है. &amp;nbsp;न्यूज एजेंसी ANI को विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि एक व्यक्ति अभी भी लापता है. अधिकारी ने आगे बताया कि कुवैत में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे कुवैत में हुए हमले में जान गंवाने वाले एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वापस लाया जा सके.
बता दें कि पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है. मिडिल ईस्ट में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं. जंग का असर भारतीयों पर भी पड़ रहा है.&amp;nbsp; भारतीय नागरिकों की मौत और लापता होने की घटनाओं को लेकर भारत सरकार चिंतित है और उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार जरूरी कदम उठा रही है. प्रधानमंत्री मोदी खाड़ी देशों के प्रमुखों से इसको लेकर बातचीत भी कर चुके हैं. विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक मिडिल ईस्ट से लगभग 55 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ममता और पीएम मोदी सगे भाई&#45;बहन, ओवैसी का बड़ा हमला, बोले&#45; हम सिर्फ अल्लाह से…</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली एजेयूपी के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी चीफ ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों का इस्तेमाल वोट बैंक की तरह किया, लेकिन समुदाय के विकास के लिए कुछ नहीं किया.
ममता और पीएम मोदी सगे भाई-बहन: ओवैसी
मुर्शिदाबाद की रैली में ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी को भाई-बहन हैं. उन्होंने कहा, &#039;ईद के दिन वोट हासिल करने के लिए ममता बनर्जी ड्रामा करती हैं. दिल में कोई मोहब्बत नहीं है. सिर्फ हमारा वोट हासिल करना चाहते हैं. पीएम मोदी और ममता बनर्जी सगे भाई-बहन की तरह हैं. अंदर से एक हैं. हमारा वोट करने के लिए इस तरह की बात करते हैं. अगर आपके वोट से आपका नेता नहीं होगा तो आपको गूंगा बनाकर रख दिया जाएगा. आपको दबाया जाएगा, कुचला जाएगा.&#039;
ममता के सामने सिर नहीं झुकाएंगे: ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, &#039;पीएम मोदी और ममता बनर्जी में कोई फर्क नहीं है. वे नहीं चाहते कि गरीब की आजाद लीडरशिप पैदा हो जाए. अगर भरोसा करना है तो ओवैसी और हुमायूं कबीर पर भरोसा करिए. टीएमसी से पूछना चाहता हूं कि बीजेपी इतनी मजबूत कैसे हुई? मुर्शिदाबाद और बंगाल की जनता से कहना चाहता हूं कि हमारी लड़ाई मुस्लिम लीडरशिप पैदा करने &amp;nbsp;की है. हम हिंदू भाइयों के खिलाफ नहीं हैं. हम हिस्सेदारी चाहते हैं. हम टीएमसी या ममता के सामने सिर नहीं झुकाएंगे. हम मोदी से नहीं डरेंगे.&#039;&amp;nbsp;
हुमायूं कबीर को लेकर क्या बोले ओवैसी
ओवैसी ने यह भी दावा किया कि पिछले 50 वर्षों में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस, वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल में मुसलमानों को राजनीतिक निर्णय लेने में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने और उनके वास्तविक विकास के लिए हमने हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाया है. हम सब मिलकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को करारा झटका देंगे.&amp;rsquo; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Assam Election: &amp;apos;माफियाओं और गिरोहों के चंगुल में...&amp;apos;, असम में हिमंता बिस्वा सरमा पर भड़कीं प्रियंका गांधी, कहा&#45; एक ही परिवार...</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर बुधवार को निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस संसाधन संपन्न राज्य में &#039;केवल एक परिवार सब कुछ लूट रहा है, जबकि आम लोगों के पास कुछ भी नहीं है.&#039;
वाड्रा ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को डरा-धमकाकर काम कर रही है. विपक्ष के नेता और पार्टी के उम्मीदवार देबब्रत सैकिया के समर्थन में नाजिरा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया और उन पर अमेरिका के लिए काम करने का आरोप लगाया.
असम में एक ही परिवार लूट रहा: प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने दावा किया, &#039;असम में एक परिवार सब कुछ लूट रहा है और जब वे लूटपाट नहीं कर रहे होते हैं तो खदानें, जमीनें और हर संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंप दी जाती है.&#039;
उन्होंने असम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए शारदा, स्मार्ट सिटी और एनसी हिल्स जैसे कई पुराने घोटालों का मुद्दा उठाया. कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, &#039;भाजपा ने कहा था कि उसने डबल इंजन वाली सरकार दी है. असल में यह दोहरी गुलामी वाली सरकार है. प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की गुलामी में लगे हैं और हिमंता बिस्वा सरमा मोदी की गुलामी कर रहे हैं.&#039;
चाय बागान के श्रमिकों की नहीं बढ़ी मजदूरी: प्रियंका
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह सरकार चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने के वादे को पूरा करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि बागानों के लोग संघर्ष कर रहे हैं. वायनाड सांसद ने कहा, &#039;विभिन्न जनजातीय समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की वर्षों से मांग कर रहे हैं. भाजपा ने उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे.&#039;
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेष रूप से प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना &#039;अरुणोदय&#039; से उनके नाम हटाने की धमकी देकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की रैलियों में जबरन शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है. वाड्रा ने कहा, &#039;प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता डर पैदा करके और धमकियों के बल पर देश और राज्य पर शासन कर रहे हैं. हमारी लड़ाई इसी डर के खिलाफ और असम की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए है.&#039;
माफियाओं के चंगुल में है असम: प्रियंका
अपनी पार्टी के उम्मीदवार बिपुल गोगोई के समर्थन में तिंगखोंग में अपनी दूसरी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि असम के पास भूमि, खदानें, इतिहास, प्रकृति, वन और हर प्रकार का अन्य संसाधन हैं. उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, &#039;इस भूमि ने आपको सब कुछ दिया है, लेकिन फिर भी आप लोगों के पास कुछ नहीं है. असम में केवल एक ही परिवार समृद्ध है.&#039;
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य &#039;माफियाओं और गिरोहों&#039; के चंगुल में है और सरकार लोगों को धमकाकर काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय संगीतकार जुबिन गर्ग असम की आवाज थे और उन्होंने भाईचारे, एकता और प्रेम के लिए गीत गाए थे. गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में तैरते समय मृत्यु हो गई थी.&amp;nbsp;
प्रियंका गांधी ने कहा, &#039;असम सरकार ने उनके परिवार को न्याय नहीं दिलाया. हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो जुबिन गर्ग को 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाए.&#039; असम विधानसभा की 126 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:06:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Dehradun News: 14 साल की लड़की लापता, सहेली से मिलने निकली थी घर से; पुलिस ने शुरू की तलाश</title>
<link>https://www.barwarapatrika.com/5824</link>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड के देहरादून में पटेल नगर थाना क्षेत्र के मोहब्बेवाला&amp;nbsp;इलाके से एक चौदह साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है. लड़की&amp;nbsp;गुरुवार सुबह दस बजे घर से अपनी किसी सहेली से मिलने के लिए निकली थी,&amp;nbsp;लेकिन उसके बाद&amp;nbsp;से वह न घर लौटी और न ही उसकी कोई खबर मिली. रात भर इंतजार करने और आसपास तलाश करने&amp;nbsp;के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने&amp;nbsp;6&amp;nbsp;मार्च&amp;nbsp;2026&amp;nbsp;को पटेल नगर थाने में&amp;nbsp;लिखित तहरीर दी. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच अपर उप-निरीक्षक सुभाष कुमार को सौंप&amp;nbsp;दी है.
मोहब्बेवाला,&amp;nbsp;चन्द्रबनी खालसा&amp;nbsp;निवासी अंजली राई पुत्री करन राई ने थाने में हस्तलिखित तहरीर दी है. अंजली ने बताया&amp;nbsp;कि&amp;nbsp;5&amp;nbsp;मार्च को सुबह करीब दस बजे उनकी छोटी बहन दिव्या राई,&amp;nbsp;उम्र&amp;nbsp;14&amp;nbsp;साल,&amp;nbsp;घर के आस-पास&amp;nbsp;अपनी किसी दोस्त से मिलने गई थी. लेकिन जैसे-जैसे दिन ढला और शाम होती गई,&amp;nbsp;दिव्या घर&amp;nbsp;नहीं आई. परिवार ने उसे ढूंढने की कोशिश की मगर कहीं कोई पता नहीं चला. रात गुजर गई&amp;nbsp;और सुबह हुई दिव्या का कोई अता-पता नहीं था. थक-हार कर परिजन अगले दिन यानी&amp;nbsp;6&amp;nbsp;मार्च&amp;nbsp;को थाने पहुंचे.
पहचान के लिए दिव्या का हुलिया
तहरीर में दर्ज जानकारी के&amp;nbsp;अनुसार दिव्या राई पिता करन राई की बेटी है,&amp;nbsp;उसकी उम्र&amp;nbsp;14&amp;nbsp;साल है और कद करीब&amp;nbsp;5&amp;nbsp;फुट&amp;nbsp;है. रंग सांवला है. घर से जाते वक्त उसने गुलाबी रंग की पैंट,&amp;nbsp;गुलाबी रंग का टॉप और&amp;nbsp;जूते पहने हुए थे. पटेल नगर थाने की कोतवाली में&amp;nbsp;प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता&amp;nbsp;2023&amp;nbsp;की धारा&amp;nbsp;137(2)&amp;nbsp;के तहत दर्ज हुआ है. पुलिस ने&amp;nbsp;इलाके में छानबीन शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दिव्या&amp;nbsp;का पता लगाने की कोशिश जारी है.
एक ही रात में देहरादून में दो गुमशुदगी के मामले
गौरतलब है कि&amp;nbsp;5&amp;nbsp;मार्च की रात&amp;nbsp;और&amp;nbsp;6&amp;nbsp;मार्च को देहरादून जिले में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के दो अलग-अलग मामले&amp;nbsp;सामने आए हैं. एक बसंत विहार थाना क्षेत्र से और दूसरा पटेल नगर थाना क्षेत्र से. &amp;nbsp;यह स्थिति चिंताजनक है और सवाल उठा रही है कि शहर में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए&amp;nbsp;क्या इंतजाम हैं. पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:48:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Dehradun, News:, साल, की, लड़की, लापता, सहेली, से, मिलने, निकली, थी, घर, से, पुलिस, ने, शुरू, की, तलाश</media:keywords>
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<title>MP News: कटनी में हुआ बड़ा रेल हादसा, कोयले से भरी मालगाड़ी के 7&#45;8 वैगन पटरी से पलटे, गुजरात जा रही थी ट्रेन</title>
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<description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बाबा घाट के पास एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जहां कोयले से भरी एक मालगाड़ी के कई वैगन अचानक पटरी से उतरकर पलट गए. जानकारी के अनुसार मालगाड़ी के करीब 7 से 8 लोडेड वैगन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं. हादसा इतना गंभीर था कि रेलवे ट्रैक को भी भारी नुकसान पहुंचा है और कई डिब्बों के पहिए पटरी से अलग हो गए. इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. दुर्घटना के कारण अप और डाउन दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया है.
छत्तीसगढ़ से कोयला लेकर गुजरात के बड़ोदरा जा रही थी मालगाड़ी&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि यह मालगाड़ी छत्तीसगढ़ से कोयला लेकर गुजरात के बड़ोदरा की ओर जा रही थी. जब ट्रेन कटनी जिले के बाबा घाट स्थित ए केबिन के पास पहुंची, तभी अचानक उसके कई वैगन पटरी से उतर गए और पलट गए. हादसे के बाद रेलवे ट्रैक के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है. कुछ जगहों पर पटरी उखड़ गई है, जबकि कुछ डिब्बों के पहिए पटरी से अलग होकर इधर-उधर बिखर गए.
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. टीम ने राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त करने और रेल यातायात को सामान्य करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. दुर्घटना के कारण इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा है और कुछ ट्रेनों को रोका या वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा सकता है.
सामान्य गति से आगे बढ़ रही मालगाड़ी अचानक पटरी से पलट गई
मौके पर पहुंचे हमारे संवाददाता लीलाधर जाटव ने घटनास्थल का जायजा लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मालगाड़ी सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक जोरदार आवाज के साथ कई डिब्बे पटरी से उतर गए और पलट गए. फिलहाल रेलवे की टीम ट्रैक की मरम्मत और गिरे हुए डिब्बों को हटाने के काम में जुटी हुई है, ताकि जल्द से जल्द रेल यातायात को बहाल किया जा सके. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:48:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>News:, कटनी, में, हुआ, बड़ा, रेल, हादसा, कोयले, से, भरी, मालगाड़ी, के, 7-8, वैगन, पटरी, से, पलटे, गुजरात, जा, रही, थी, ट्रेन</media:keywords>
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<title>JDU की अहम बैठक खत्म, निशांत भी रहे मौजूद, नीतीश कुमार को लेकर बोले संजय झा, &amp;apos;कोई कन्फ्यूजन...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर चल रही अहम बैठक खत्म हो गई है. सीएम नीतीश कुमार के बेटे&amp;nbsp;निशांत कुमार बैठक खत्म होने के बाद उनके आवास से निकल गए हैं. इस दौरान&amp;nbsp;संजय झा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि&amp;nbsp;जब तक हाउस दिल्ली में चलेगा तब तक नीतीश कुमार जी दिल्ली में रहेंगे और बाकी समय वो बिहार में रहेंगे.
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;कोई कन्फ्यूजन ना फैलाया जाए. नीतीश कुमार के सहयोग से ही बिहार की सरकार चलेगी. निशांत कल (08 मार्च) एक बजे जदयू कार्यालय में पार्टी ज्वाइन करेंगे और कल से ही वो पार्टी का कामकाज शुरू करेंगे और आगे पार्टी उनकी भूमिका तय करेगी.&#039;&#039;
नीतीश कुमार बिहार सरकार को गाइड करेंगे- संजय झा
संजय झा ने कहा, &#039;&#039;बहुत लोगों को लगता है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं. लेकिन मैं बता दूं कि बिहार में 2025 से 2030 तक जो सरकार चलेगी, उसमें नीतीश कुमार के ही मार्गदर्शन में सरकार चलेगी. उन्होंने शुक्रवार को हुए बैठक में बोला भी है और लिखा भी है. पार्टी को वो काम देखेंगे, वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सरकार को गाइड करेंगे और निशांत जी भी पार्टी का काम करेंगे और आने वाले समय में पार्टी जो उन्हें जिम्मेदारी देगी, उसे वो निभाएंगे.&#039;&#039;&amp;nbsp;
युवा विधायकों के साथ भी निशांत कुमार की बैठक हुई- संजय झा
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ये भी बताया कि हमारे युवा विधायकों के साथ भी निशांत कुमार की बैठक हुई है. कल शाम में जब मुख्यमंत्री जी के आवास पर जो हमारे विधानमंडल दल की बैठक थी, जिसमें सारे MLAs, सारे MLC, पार्टी के सांसद मौजूद रहे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारे लोगों की बैठक बुलाई थी. उस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने मैंने ही प्रस्ताव दिया और सभी ने उसका समर्थन किया.
&#039;JDU के सभी नेता चाहते थे कि निशांत पार्टी में काम करें&#039;
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;पार्टी के बहुत सारे साथी जो लंबे समय से मुख्यमंत्री के साथ हैं या पार्टी के जो समर्थक हैं, शुभचिंतक हैं, पार्टी के नेता हैं विधायक हैं, सभी लोगों की इच्छा थी कि निशांत कुमार आकर पार्टी में काम करें. रविवार (08 मार्च) को एक बजे निशांत कुमार पार्टी ज्वाइन करेंगे.&amp;nbsp;
नीतीश कुमार ने बिहार को दलदल से निकाला- संजय झा
जेडीयू के भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा, &#039;&#039;जेडीयू का भविष्य राज्य की जनता तय करती है. बिहार की जनता ने 2025 के चुनाव में पार्टी का भविष्य तय कर दिया. सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव हुआ था और सरकार चल रही है. नीतीश कुमार विचार सभी से करते हैं लेकिन जो भी वो फैसला लेते हैं उन्हीं का फैसला होता है. 20 साल वो मुख्यमंत्री रहे. दलदल से बिहार को निकाला.&#039;&#039;&amp;nbsp;
बिहार और जेडीयू का भविष्य उज्ज्वल- संजय झा
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;पूरे बिहार के लोगों को लगता है कि नीतीश कुमार हैं तो हम सभी सुरक्षित हैं. ये सच्चाई है. स्वभाविक तौर से उनके फैसले से बिहार के लोग दुखी हैं लेकिन एक बात ये भी है कि उन्होंने जो फैसला लिया है तो पूरी पार्टी उनके साथ है. नीतीश कुमार की लिगेसी को निशांत कुमार आगे ले जाएंगे. हम सभी लोग उनके फैसले के साथ हैं. बिहार और जेडीयू का भविष्य उज्ज्वल है. नीतीश कुमार जी कार्यकाल बिहार का स्वर्णिम काल कहलाएगा.&#039;&#039;&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:48:08 +0530</pubDate>
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<media:keywords>JDU, की, अहम, बैठक, खत्म, निशांत, भी, रहे, मौजूद, नीतीश, कुमार, को, लेकर, बोले, संजय, झा, कोई, कन्फ्यूजन...</media:keywords>
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<title>बिहार&#45;बंगाल को काट केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात पर BJP की प्रतिक्रिया, &amp;apos;योजना पूरी तरह…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बिहार-बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है. पहले आरजेडी और फिर बाद में सांसद पप्पू यादव ने इस पर प्रतिक्रिया दी. तमाम चर्चाओं के बीच अब इस पर बीजेपी की ओर से सफाई दी गई है. तमाम भ्रांतियों को पार्टी के नेता ने दूर किया है. शनिवार (07 मार्च, 2026) को सांसद नित्यानंद राय ने अपने एक्स हैंडल से इस संबंध में पोस्ट किया है और पप्पू यादव की बातों को गंभीरता से नहीं लेने की अपील की है.
नित्यानंद राय ने लिखा, &quot;बिहार और प. बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पूरी तरह तथ्य से परे है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं यह बताना चाहता हूं कि पप्पू यादव के ट्वीट को कोई गंभीरता से ना ले.&quot;

नित्या बाबू नमस्तेबिना आग का कोई धुंआ नहीं उठता!HM तीन दिन सीमांचल में रहे,फिर बिहार मेंसैनिक पृष्ठभूमि का गवर्नर और बंगाल मेंIB के पूर्व अधिकारी को गवर्नर बनानासंदेह पैदा करता है,अगर नहीं UT बनाए तोअच्छी बात है,अगर बनाए तो हम पूरीगंभीरता से लेंगे।आर्थिक नाकेबंदी करेंगे https://t.co/ELkzIex25h
&amp;mdash; Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) March 7, 2026



अब पढ़िए पप्पू यादव ने क्या कहा था
केंद्र शासित प्रदेश को लेकर बीते शुक्रवार (06 मार्च, 2026) को सांसद पप्पू यादव ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर लिखा था, &quot;पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित करा कर सीमांचल और मालदा, मुर्शिदाबाद, रायगंज दिनाजपुर आदि जिलों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का खेल बीजेपी करने वाली है. नीतीश जी को हटाने और लेफ्टिनेंट जनरल राज्यपाल लाने के पीछे का यह खेल है.&quot; पप्पू यादव के इसी पोस्ट पर नित्यानंद राय ने आज प्रतिक्रिया दी है.
यह भी पढ़ें- बिहार CM की कुर्सी छोड़ने से पहले नीतीश कुमार का बख्तियारपुर दौरा, इस खास काम के लिए आ रहे
नित्यानंद राय पर पप्पू यादव ने किया पलटवार
नित्यानंद राय की ओर से सफाई दिए जाने के बाद फिर पप्पू यादव ने पलटवार किया. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, &quot;नित्या बाबू , नमस्ते, बिना आग का कोई धुंआ नहीं उठता! HM तीन दिन सीमांचल में रहे, फिर बिहार में सैनिक पृष्ठभूमि का गवर्नर और बंगाल में IB के पूर्व अधिकारी को गवर्नर बनाना संदेह पैदा करता है. अगर नहीं UT बनाए तो अच्छी बात है, अगर बनाए तो हम पूरी गंभीरता से लेंगे. आर्थिक नाकेबंदी करेंगे.&quot;
बता दें कि इसके पहले आरजेडी के प्रधान महासचिव और विधायक रणविजय साहू ने बयान दिया था कि सीमांचल और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है. इससे ममता बनर्जी और हमारा एक बड़ा बोट बैंक कट जाएगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- &#039;2020 में हमने नीतीश को CM बनाया, अब JDU बड़ा दिल दिखाए&#039;, मुख्यमंत्री पद को लेकर बिहार में हलचल ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:48:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बिहार-बंगाल, को, काट, केंद्र, शासित, प्रदेश, बनाने, की, बात, पर, BJP, की, प्रतिक्रिया, योजना, पूरी, तरह…</media:keywords>
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<title>महोबा: NHM संविदा कर्मियों की हुंकार, वेतन नीति और स्थानांतरण की मांग को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले करीब एक लाख संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी अब अपनी अनदेखी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं. अपनी सेवा सुरक्षा और वेतन विसंगतियों से आहत होकर संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ ने महोबा में जोरदार प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक 9 सूत्रीय मांग पत्र सदर विधायक राकेश गोस्वामी को सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है.
जिला अध्यक्ष डॉ. दिवाकर प्रताप सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी दयनीय स्थिति को रेखांकित किया है. संघ की सबसे प्रमुख मांग वेतन विसंगति को दूर करना और मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर एक पारदर्शी व सम्मानजनक वेतन नीति लागू करना है. इसके अलावा, कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जनपद में स्थानांतरण (Transfer) की मांग कर रहे हैं, ताकि वे अपने परिवार के समीप रहकर सेवा दे सकें.
9 सूत्रीय एजेंडा: बजट बढ़ाने और स्थायित्व पर जोर
कर्मचारियों ने अपनी मांगों में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की वकालत की है:

निश्चित वेतन तिथि: पोर्टल की तकनीकी बाधाओं को दूर कर हर माह की 3 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
बजट में वृद्धि: स्वास्थ्य बजट को कुल बजट का 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग की गई है ताकि बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो सके.
स्थायी ढांचा: बिहार और ओडिशा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी राज्य आधारित स्थायी स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया जाए.
सामाजिक सुरक्षा: संविदा प्रथा में सुधार करते हुए ईपीएफ (EPF) और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं दी जाएं और वार्षिक एग्रीमेंट की बाध्यता को खत्म कर दीर्घकालीन अनुबंध किया जाए.

कोविड योद्धाओं का दर्द: &#039;अब और नहीं सहेंगे अनदेखी&#039;
प्रदर्शन के दौरान डॉ. दिवाकर प्रताप ने कहा कि कोरोना काल जैसी वैश्विक महामारी से लेकर नियमित टीकाकरण अभियानों तक, संविदा कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया है. इसके बावजूद उन्हें सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके अनुभवी कर्मियों के लिए विशेष समायोजन नीति बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई.
विधायक का आश्वासन
सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि उनकी मांगें जायज हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस 9 सूत्रीय ज्ञापन को प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और शासन स्तर पर पैरवी की जाएगी. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:48:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>महोबा:, NHM, संविदा, कर्मियों, की, हुंकार, वेतन, नीति, और, स्थानांतरण, की, मांग, को, लेकर, विधायक, को, सौंपा, ज्ञापन</media:keywords>
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<title>Raisina Dialogue 2026: समंदर में ईरान ने लगाई गुहार तो मदद के लिए आगे आया भारत, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई पूरी बात</title>
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<description><![CDATA[ रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय कानून, हिंद महासागर की स्थिति और हाल ही में एक ईरानी जहाज को भारत में प्रवेश देने के फैसले पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि भारत ने इस मामले में कानूनी पहलुओं के साथ-साथ मानवता को भी ध्यान में रखा. जयशंकर ने बताया कि ईरान की ओर से भारत को मैसेज मिला था कि उनका एक जहाज, जो उस समय भारत की समुद्री सीमा के करीब था, किसी समस्या का सामना कर रहा है और वह भारतीय बंदरगाह में आना चाहता है.
उन्होंने कहा कि 1 मार्च को भारत ने उस जहाज को आने की अनुमति दे दी. जहाज को भारत तक पहुंचने में कुछ दिन लगे और बाद में वह कोच्चि बंदरगाह पर आकर रुका.
विदेश मंत्री S. जयशंकर ने कहा कि उस जहाज में कई युवा कैडेट भी मौजूद थे. जहाज अपने मिशन पर निकला था, तब हालात सामान्य थे, लेकिन रास्ते में हालात पूरी तरह बदल गए. जयशंकर के अनुसार जहाज एक फ्लीट रिव्यू में भाग लेने जा रहा था, लेकिन अचानक बदले हालात की वजह से वह मुश्किल स्थिति में फंस गया. विदेश मंत्री ने कहा कि इसी तरह की स्थिति श्रीलंका में भी सामने आई थी, जहां वहां की सरकार ने अपना फैसला लिया था और उस मामले में एक जहाज सुरक्षित नहीं पहुंच पाया. उन्होंने कहा कि भारत ने पूरे मामले को मानवता के नजरिए से देखा और उसी आधार पर फैसला लिया. उनके मुताबिक भारत ने जो किया वह सही कदम था.
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का जयशंकर ने किया जिक्र
जयशंकर ने अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का भी जिक्र किया और कहा कि वह यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन लॉ ऑफ दी शी यानी UNCLOS और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बहस पर भी बयान दिया की और कहा कि लोगों को हिंद महासागर की वास्तविक स्थिति को समझना चाहिए. उन्होंने बताया कि डिएगो गार्सिया पिछले करीब पांच दशकों से हिंद महासागर में मौजूद एक सैन्य ठिकाना है. इसके अलावा ज़िबूटी में विदेशी सैन्य बलों की मौजूदगी भी इस सदी के पहले दशक में शुरू हुई थी. जयशंकर ने यह भी कहा कि हंबनटोटा बंदरगाह का विकास भी इसी दौर में हुआ था. उनके अनुसार हिंद महासागर क्षेत्र में कई देशों की मौजूदगी और गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं, इसलिए इस क्षेत्र की स्थिति को समझने के लिए सही नजरिए की जरूरत है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:47:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Raisina, Dialogue, 2026:, समंदर, में, ईरान, ने, लगाई, गुहार, तो, मदद, के, लिए, आगे, आया, भारत, विदेश, मंत्री, एस., जयशंकर, ने, बताई, पूरी, बात</media:keywords>
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<title>जिंदगी न मिलेगी दोबारा... दोस्त की अंतिम यात्रा में ACP का भावुक संदेश, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के वारंगल में एक युवक की अंतिम यात्रा के दौरान पुलिस अधिकारी का भावुक संबोधन लोगों के दिलों को झकझोर गया. सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक को अंतिम विदाई देने पहुंचे Prashanth Reddy ने जो शब्द कहे, उन्होंने वहां मौजूद हर व्यक्ति को गहरी सोच में डाल दिया. उनका यह संबोधन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है.
पूरे समाज के लिए एक चेतावनी- एसीपीजानकारी के अनुसार एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी. उसके अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में दोस्त, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद थे. शोक और सन्नाटे के माहौल के बीच एसीपी प्रशांत रेड्डी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है.
अपने भावुक संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन बेहद कीमती है और इसे गलत आदतों और गलत संगत की वजह से बर्बाद नहीं करना चाहिए. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा, &amp;ldquo;अपने दोस्त की इस हालत को देखकर कम से कम अब तो बदल जाओ. जिंदगी दोबारा नहीं मिलती. एक बार चली गई तो फिर लौटकर नहीं आती.&amp;rdquo;
शराब, गांजा और अन्य नशे की लत कर रही बर्बादउन्होंने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि शराब, गांजा और अन्य नशे की लत धीरे-धीरे युवाओं की जिंदगी को बर्बाद कर रही है. कई बार युवा गलत संगत में पड़कर ऐसे रास्तों पर चल पड़ते हैं जो अंत में दुखद घटनाओं में बदल जाते हैं. एसीपी ने युवाओं से कहा कि अगर कोई दोस्त आपको गलत रास्ते की ओर ले जा रहा है तो ऐसी दोस्ती से दूरी बना लेना ही बेहतर है. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;जो दोस्त आपको बर्बादी की तरफ ले जाए, वह सच्चा दोस्त नहीं होता. ऐसे रिश्तों को छोड़ देना ही समझदारी है.&amp;rdquo;
ये भी पढ़ें
Raisina Dialogue 2026: समंदर में ईरान ने लगाई गुहार तो मदद के लिए आगे आया भारत, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई पूरी बात ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:47:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>जिंदगी, न, मिलेगी, दोबारा..., दोस्त, की, अंतिम, यात्रा, में, ACP, का, भावुक, संदेश, युवाओं, से, नशे, से, दूर, रहने, की, अपील</media:keywords>
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<title>हैदराबाद एयरपोर्ट पर अफरा&#45;तफरी, युद्ध की वजह से एयरपोर्ट पर थमे खाड़ी देशों के विमान, कई उड़ानें प्रभावित</title>
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<description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है. हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली कई उड़ानों को अचानक रद्द कर दिया गया है, जबकि खाड़ी देशों से हैदराबाद आने वाली कई उड़ानों को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. इस फैसले के बाद यात्रियों के बीच भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल है.
हवाई अड्डे से मिली जानकारी के अनुसार शमशाबाद से खाड़ी देशों के लिए रवाना होने वाली कई नियमित उड़ानों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र से हैदराबाद आने वाली लगभग बारह उड़ानों को भी रोक दिया गया है. अचानक हुए इस फैसले के कारण कई यात्री घंटों तक हवाई अड्डे पर फंसे रहे और उन्हें अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ीं.
बहरीन और सऊदी अरब की भी उड़ानें रद्दप्रभावित उड़ानों में मुख्य रूप से कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से आने-जाने वाली सेवाएं शामिल हैं. इसके अलावा बहरीन और सऊदी अरब से संचालित होने वाली कई उड़ानों को भी फिलहाल रोक दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और हवाई क्षेत्र में पैदा हुई अनिश्चित स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
खाड़ी देश वापस नहीं जा पा रहे कामगारहवाई अड्डे पर मौजूद कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें अचानक संदेश मिला कि उनकी उड़ान रद्द कर दी गई है. कई लोग ऐसे भी थे जिन्हें रोज़गार के सिलसिले में खाड़ी देशों में वापस जाना था, जबकि कुछ यात्री अपने परिवार से मिलने जा रहे थे. उड़ानें रद्द होने के कारण कई लोगों को टिकट रद्द करवानी पड़ी या फिर नई तारीख पर यात्रा तय करनी पड़ी.
अधिकारियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कई हवाई मार्ग प्रभावित हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में विमान कंपनियां सुरक्षा कारणों से उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द या मार्ग बदलने का फैसला करती हैं. यात्रियों से अपील की गई है कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी संबंधित विमान कंपनी से अवश्य प्राप्त करें.
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हैदराबाद में बीयर की सीलबंद बोतल में निकला मछली का बच्चा, ग्राहक के उड़े होश ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:47:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>हैदराबाद, एयरपोर्ट, पर, अफरा-तफरी, युद्ध, की, वजह, से, एयरपोर्ट, पर, थमे, खाड़ी, देशों, के, विमान, कई, उड़ानें, प्रभावित</media:keywords>
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<title>&amp;apos;परमिशन की जरूरत नहीं&amp;apos;, ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर आया भारत का रिएक्शन</title>
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<description><![CDATA[ भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से जो 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने साफ किया कि भारत राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा वहां से तेल खरीदेगा. सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है, ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा.
भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित: केंद्र
केंद्र सरकार ने कहा, &#039;स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है. भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं. राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों. उन्नत रिफाइनरी क्षमता के कारण विभिन्न ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करना संभव है, जिससे आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है.&#039;
भारत ने शनिवार (7 मार्च 2026) को यह भी पुष्टि की है कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थायी छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करना जारी रखेगा. यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी. केंद्र ने कहा है कि नई दिल्ली को इस तरह की खरीदारी के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.

#HormuzRoute पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है।भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं।राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहाँ सबसे प्रतिस्पर्धी&amp;hellip; pic.twitter.com/N9Dmy05puz
&amp;mdash; पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) March 7, 2026



भारत को परमिशन की जरूरत नहीं: केंद्र
सरकार ने कहा, &#039;भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है. भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल का आयात जारी रखेगा और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन सालों के दौरान, भारत ने अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की आपत्तियों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा. रियायती कीमतों और रिफाइनरी की मांग के कारण 2022 के बाद आयात में बढ़ोतरी हुई.&#039;
रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है: केंद्र सरकार
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी फ्लो और शिपिंग रूट बाधित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ गया. अमेरिका ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को रूस पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील दी ताकि समुद्र में जहाजों पर लदे हुए रूस के तेल को भारत को बेचा जा सके. इसे लेकर केंद्र सरकार ने कहा, &#039;रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है. इस छूट के जरिए रूस के साथ हमारे ट्रेड को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है. भारत दुनिया के रिफाइन्ड प्रोडक्ट का निर्यातक है और ये स्थिति उनकी ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करती है.&#039; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:47:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>परमिशन, की, जरूरत, नहीं, ट्रंप, के, रूसी, तेल, खरीदने, की, दिन, की, छूट, पर, आया, भारत, का, रिएक्शन</media:keywords>
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<title>&amp;apos;यह ऐतिहासिक मील का पत्थर&amp;apos;, नेपाल में बालेन शाह की पार्टी बनी सबसे बड़ी पार्टी, PM मोदी ने दी बधाई</title>
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<description><![CDATA[ नेपाल में फिलहाल नई सरकार के गठन को लेकर मतगणना जारी है. यहां हुए आम चुनाव में लगभग बालेन शाह की सरकार बनती हुई नजर आ रही है. अबतक 165 सीटों पर रुझान आ चुके हैं. काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने बढ़त बनाई हुई है. अब इन्हीं नतीजों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के लोगों और सरकार को बधाई दी है.
पीएम मोदी ने नेपाल को दी बधाई&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन पर दिल से बधाई देता हूं. अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है. यह ऐतिहासिक मील का पत्थर नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक गर्व का पल है. एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के तौर पर भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के अपने वादे पर कायम है ताकि साझा शांति, तरक्की और खुशहाली की नई ऊंचाइयों को छुआ जा सके.

सफलतापूर्वक र शान्तिपूर्ण रूपमा निर्वाचन सम्पन्न भएकोमा म नेपालका जनता र सरकारलाई हार्दिक बधाई दिन चाहन्छु। मेरा नेपाली दिदीबहिनी तथा दाजुभाइहरूले आफ्नो लोकतान्त्रिक अधिकार यति जीवन्त रूपमा प्रयोग गरेको देख्न पाउँदा अत्यन्तै खुशी लागेको छ। यो ऐतिहासिक उपलब्धि नेपालको&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026



क्या हैं चुनाव परिणाम?&amp;nbsp;
हाल ही में आए चुनाव नतीजों में 165 सीटों पर गिनती चल रही है. इनमें बालेन शाह की आरएसपी ने 55 सीटें जीती है. वहीं 66 सीटों पर उनकी पार्टी आगे चल रही है. इस पार्टी को चार साल पहले एक पत्रकार रबि लामिछाने ने बनाई तथी. पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा सीट पर बालेन शाह से 43 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. ओली ने झापा-5 सीट पर चुनाव 2017 और 2022 में जीता था.
नेपाल में किस व्यवस्था के तहत होते हैं चुनाव?&amp;nbsp;
नेपाल में चुनावी व्यवस्था मिश्रित है. यहां दो तरीकों से संसद सदस्य चुने जाते हैं. इनमें एक सीधे चुनाव से और दूसरे पार्टी को मिले कुल वोट से जीतते हैं. वर्तमान में नेपाल ने पार्टी वोट प्रतिशत के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पूरी की है. नेपाल में 110 सीटें पार्टियों के मिले वोट प्रतिशत के आधार पर बांटी जाएगी. यहां किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि जनता सीधे पार्टी को वोट करती है. जिस भी पार्टी का जितना वोट प्रतिशत होता है, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें दी जाती है. &amp;nbsp;
बालेन शाह की पार्टी को अबतक 54.8 प्रतिशत वोट मिले हैं. चुनाव 5 मार्च को हुए. यहां कुल 58% लोगों ने वोट डाला है. वोट की गिनती 3 से 4 दिन चलने की उम्मीद है. चुनाव आयोग ने वोटिंग 9 मार्च तक पूरी करने की योजना बनाई है.
कौन हैं बालेन शाह?&amp;nbsp;
बालेन शाह काठमांडू के पूर्व मेयर रह चुके हैं. उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में ही हुआ. उनकी पढ़ाई वीएनआईटी नागपुर से हुई है. वह साल 2022 में काठमांडू के पहले स्वतंत्र मेयर बने. वह पेशवर तौर पर हिप-हॉप और रैप म्यूजिक आर्टिस्ट हैं. इस दौरान उन्होंने कई बैटल जीते हैं. वह नेपाल के युवाओं में काफी फेमस हैं. उन्होंने रैप में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे उठाए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 18:47:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>यह, ऐतिहासिक, मील, का, पत्थर, नेपाल, में, बालेन, शाह, की, पार्टी, बनी, सबसे, बड़ी, पार्टी, मोदी, ने, दी, बधाई</media:keywords>
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<title>Lucknow News: कांशीराम जयंती पर BSP का शक्ति प्रदर्शन, लखनऊ में बड़ी रैली की तैयारी, मायावती हो सकती हैं शामिल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी 15 मार्च को कांशीराम जयंती के मौके पर अपना शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई हैं. राजधानी लखनऊ में इस अवसर पर पार्टी की ओर एस बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा. जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ चलो को आह्वान किया है. इस कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हो सकती हैं और पार्टी की आगे की रणनीति की तस्वीर पेश कर सकती हैं.&amp;nbsp;
कांशीराम जयंती पर लखनऊ में पुरानी जेल रोड पर स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें बसपा कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिलेगा. इस कार्यक्रम को सभी 12 मंडलों से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे. इस कार्यक्रम का आखिरी रूप रेखा तैयार की जा रहा है. लखनऊ के अलावा बसपा नोएडा और राजस्थान के भरतपुर में भी विशाल रैली का आयोजन करेगी.&amp;nbsp;
कार्यक्रम में मायावती हो सकती हैं शामिल
कांशीराम जयंती आयोजन को बहुजन समाज पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. लखनऊ के कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हो सकती हैं और वो अपने समर्थकों को संबोधित कर सकती हैं. हालांकि अभी इसे लेकर कोई फ़ाइनल फैसला नहीं हो पाया है.&amp;nbsp;
माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के ज़रिए मायावती अपने कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संदेश दे सकती हैं और चुनाव में किस रणनीति के साथ उतरना है इसकी भी आधिकारिक घोषणा कर सकती है. भरतपुर में बसपा की रैली में उनके भतीजे और पार्टी संयोजक आकाश आनंद हिस्सा लेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.&amp;nbsp;
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बसपा
बहुजन समाज पार्टी जालौन की माधौगढ़ सीट से आशीष पांडेय को पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी हैं. इसके अलावा तीन अन्य प्रत्याशियों के नामों पर भी लगभग सहमति बन चुकी हैं हालांकि इसका ऐलान नहीं किया गया है. सूत्रों के मुताबिक़ बसपा आजमगढ़ की दीदारगंज सीट से अबुल कैश, जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर सीट से विनोद मिश्रा और सहारनपुर देहात सीट से फिरोज आफताब के नाम का ऐलान कर सकती है.&amp;nbsp;
इनके अलावा बसपा दूसरी सीटों पर भी पार्टी प्रत्याशियों के नाम पर मंथन कर रही है. अगले दो महीने में पार्टी प्रदेशभर की क़रीब 50 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर सकती हैं ताकि समय से पहले ही ये प्रत्याशी जमीन स्तर पर पार्टी का मज़बूत कर सके. &amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Nainital News: नैनीताल में 31 होमस्टे के लाइसेंस रद्द, बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर सील करने की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल जनपद में हर वर्ष देश-विदेश से हजारों पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं. पर्यटकों के ठहरने के लिए जिले में बड़ी संख्या में होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बने होमस्टे पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है.
दरअसल, जिले में कई ऐसे होमस्टे सामने आए हैं जो बिना आवश्यक दस्तावेज और नियमों का पालन किए संचालित हो रहे थे. इन होमस्टे में कई तरह की अनियमितताएं मिलने के बाद प्रशासन और पर्यटन विकास विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी क्रम में पर्यटन विकास विभाग ने जिले के 31 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है.
नियमों की अनदेखी पर होम स्टे का लाइसेंस रद्द
प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई होमस्टे संचालकों ने पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए थे, जबकि कुछ स्थानों पर होमस्टे के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. इसके अलावा कई जगह नियमों की अनदेखी भी पाई गई. इन अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इन होमस्टे के लाइसेंस रद्द कर दिए.
कई होम स्टे के अधूरे मिले दस्तावेज
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि नैनीताल जिले के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई है. जिन स्थानों पर होमस्टे का पंजीकरण निरस्त किया गया है उनमें नैनीताल, रामनगर, रामगढ़, मुक्तेश्वर और भीमताल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई होमस्टे के दस्तावेज अधूरे मिले और कुछ जगहों पर नियमों का उल्लंघन भी पाया गया.
&#039;नियमों का पालन करना अनिवार्य&#039;
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि होमस्टे संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है. यदि कोई भी व्यक्ति बिना पंजीकरण के होमस्टे संचालित करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे होमस्टे को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
प्रशासन ने सभी होमस्टे संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे करें और पर्यटन विभाग में विधिवत पंजीकरण कराएं. साथ ही यह भी कहा गया है कि पर्यटन क्षेत्र की छवि बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Kashmir News: अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर घाटी में तनाव, जुमे की नमाज से पहले लाल चौक सील</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है जिससे घाटी का माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है. खामेनेई की मौत को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और पिछले कई दिनों से घाटी के कई इलाकों में प्रदर्शन देखने को मिले हैं. इसके बाद से सुरक्षा बल लगातार अलर्ट मोड पर हैं.
&amp;nbsp;जुमे की नमाज से पहले लाल चौक और आसपास के इलाके सील
शुक्रवार की नमाज को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर के मुख्य इलाके लाल चौक और आसपास के क्षेत्रों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जुमे की नमाज के बाद अक्सर भीड़ बढ़ जाती है इसलिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है. एहतियात के तौर पर लाल चौक की तरफ आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और बिना जरूरी कारण किसी को भी उस इलाके में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
&amp;nbsp;पूरे शहर में और कड़ी होगी सुरक्षा
सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर में सुरक्षा और भी कड़ी की जाएगी. कश्मीर घाटी के दूसरे जिलों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की अतिरिक्त टुकड़ियां लगाई गई हैं. जगह-जगह नाकाबंदी की गई है और कई चौराहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
&amp;nbsp;धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात, पर पाबंदियां जारी
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं लेकिन एहतियात के तौर पर कई जगहों पर पाबंदियां अभी भी जारी हैं. प्रशासन का कहना है कि इन सभी कदमों का मकसद केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Sultanpur News: सुल्तानपुर में बच्चों के विवाद में फायरिंग, सगे भाइयों को मारी गोली, 1 की मौत और एक गंभीर</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बच्चे से शुरू हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया, विवाद में आरोपियों ने दो सगे भाइयों को गोली मार दी. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है. वहीं हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है.
दरअसल, यह मामला देहात कोतवाली के जनऊपुर गांव से सामने आया है, इसी गांव के रहने वाले वीरेंद्र प्रताप सोनकर होमगार्ड हैं. आज सुबह उन्हीं के लड़के मोहित सोनकर का गांव के ही रमेश सोनकर के बेटे से विवाद हो गया था. उस समय इन लोगों ने सुलह समझौता कर लिया था. देर शाम रमेश सोनकर अपने बेटे और घर की महिलाओं के साथ लाठी डंडे और असलहा लेकर आ धमका और विवाद करने लगा.
आरोपियों ने वीरेंद्र सोनकर के परिवार पर की ताबड़तोड़ फायरिंग
विवाद बढ़ता देख वीरेंद्र की पत्नी शारदा ने बेटों को अंदर कर घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया. इसी बीच विवाद रोकने के लिए मंगल की पत्नी बाहर निकली तो विपक्षियों ने उसे लाठी से पीट दिया. जिसके बाद ये सभी बाहर निकले, लेकिन पहले से तैयार रमेश सोनकर के बेटे भोलू सहित अन्य लोगों ने वीरेंद्र के परिवार वालों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई.
वीरेंद्र के दोनों बेटों को लगी गोली
इस घटना में वीरेंद्र के दोनों बेटों मोहित सोनकर और मंगल सोनकर को गोली लग गई, जबकि &amp;nbsp;वीरेंद्र सोनकर, मां शारदा सोनकर सहित तीन लोग घायल हो गए. पीड़ित परिजनों की माने तो रमेश का बेटा भोलू गांजा बेचने का कार्य करता है और गांव में दबंगई करता है.
इलाज के दौरान एक की मौत, एक हालत गंभीर
वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल मोहित, मंगल उनके पिता वीरेंद्र सहित सभी को जिला अस्पताल लेकर आई. जहां इलाज के दौरान मोहित की मौत हो गई, जबकि मंगल सोनकर की हालत गंभीर देख उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है. वहीं अस्पताल पहुंची पुलिस अधीक्षक चारु निगम की माने तो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी और स्थानीय थाने की गठित कर दी गई है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Aligarh News: अलीगढ़ में व्यापारी को बंधक बनाकर लूट, 24 घंटे के भीतर पकड़े गए 5 आरोपी, एक फरार</title>
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<description><![CDATA[ अलीगढ़ पुलिस ने व्यापारी के घर में हुई लूट का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया, पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट के रुपये-पैसे भी बरामद कर लिए हैं. बताया गया बदमाश घर में होली की शुभकामनाएं देने के बहाने घर में दाखिल हुए थे और बंधक बनाकर लूट &amp;nbsp;की थी. एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है.
दरअसल, पूरा मामला अलीगढ़ के थाना देहली गेट के घुडिया बाग चौकी क्षेत्र का है. अंतर्गत बुधवार को स्क्रैप कारोबारी के घर में घुसकर बुजुर्ग व्यापारी दंपती को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
लूट के गहने और रुपये बरामद
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक जोड़ी सोने के आभूषण और नकदी के साथ मोबाइल समेत दो अवैध तमंचे बरामद किए हैं. जबकि घटना का मास्टरमाइंड निजामुद्दीन पुलिस की गिरफ्त से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है. बदमाशों के खिलाफ थाने पर एनडीपीएस एक्ट समेत लूट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है.
होली के दिन आरोपियों ने की थी लूट
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज जादौन के मुताबिक, बुधवार को दिन के करीब 1:00 बजे थाना देहली गेट क्षेत्र में एक व्यापारी के यहां लूट की घटना हुई थी. जहां सभी पुलिस अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पुलिस के तीन टीमों का गठन किया गया था. पुलिस टीमों के द्वारा 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.&amp;nbsp;
दो बदमाश करते थे स्क्रैप का कारोबार
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम आरिफ, नदीम, भूरा,हाशिम और पप्पू है. भूरा और निजामुद्दीन व्यापारी के घर आते थे. जो कि स्क्रैप का काम करते थे. जो व्यापारी के घर स्क्रैप का काम करने के चलते उनके घर की हर बात से वाकिफ था. आरोपियों ने होली के त्योहार पर अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे और शरीर पर होली का रंग लगाते हुए होली मिलने के बहाने व्यापारी विनोद गुप्ता के घर में घुस गए. उन्होंने व्यापारी विनोद गुप्ता और उनकी पत्नी सुमन गुप्ता बंधक बनाकर लूट की घटना की थी.&amp;nbsp;
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
उन्होंने बताया कि इस दौरान व्यापारी की पत्नी सुमन गुप्ता ने लूट का विरोध करते हुए बदमाशों के साथ संघर्ष किया था. सुमन गुप्ता ने तिजोरी की चाबी छुपा ली. जिसके बाद बदमाश सोने के कंगन लूट कर अपने साथ ले गए. इस दौरान सुमन गुप्ता ने एक बदमाश के हाथ में काट लिया और वह घायल हो गया था. जो अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी.
सोने के कंगन और नकदी बरामद
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने लूटे के सोने के कंगन और 7500 रुपये नकदी के साथ मोबाइल फोन और दो अवैध तमंचे भी बरामद किए गए हैं. जबकि गिरफ्तार किए गए पांचो आरोपी समेत फरार अभियुक्त द्वारा पहली बार ही लूट की घटना को अंजाम दिया है.&amp;nbsp;
आरोपियों पर पूर्व में दर्ज है मामले
उन्होंने बताया कि आरोपियों में एक आरोपी बुलंदशहर व दूसरा आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद समेत अन्य आरोपी अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं. वही इनका आपराधिक इतिहास है. आरोपी आरिफ के विरुद्ध मथुरा जिला समेत अलीगढ़ के थाना जवा में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज है.&amp;nbsp;
एसएसपी ने की पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा
एसएसपी नीरज सिंह जादौन ने लूट की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीमों को 25000 रुपए इनाम दिए जाने की घोषणा की है.लूट की घटना के मास्टरमाइंड भूरा और निजामुद्दीन है. वही फरार आरोपी निजामुद्दीन की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा शीघ्र की जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं! ED ने मुंबई में 10&#45;12 ठिकानों पर छापेमारी, रिलायंस पावर से जुड़े लोगों से पूछताछ</title>
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<description><![CDATA[ 
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह अनिल अंबानी की रिलायंस पावर और उससे जुड़ी कंपनियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की है. सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में 10 से 12 जगहों पर ED की 15 टीमों ने एक साथ रेड डाली है. यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है.
अनिल की कंपनी से जुड़े अधिकारियों के घरों-दफ्तरों पर रेड
ED ने रिलायंस पावर के पूर्व डायरेक्टर्स, सहयोगियों और संबंधित लोगों के घरों-दफ्तरों पर फोकस किया है. यह छापा 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस का हिस्सा है. हाल के महीनों में ED ने अनिल अंबानी को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसमें फरवरी 2026 में 9 घंटे से ज्यादा की पूछताछ हुई थी.
सूत्रों के मुताबिक, आज की कार्रवाई रिलायंस पावर कंपनी से जुड़ी है. इसमें दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत जब्त किए जा रहे हैं. ED पहले ही अनिल अंबानी के मुंबई स्थित लग्जरी घर &#039;अबोड&#039; को 3,716 करोड़ रुपये में अटैच कर चुकी है. साथ ही कुल 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी अटैचमेंट हो चुकी हैं. ये कार्रवाई यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य बैंकों से लिए गए लोन के दुरुपयोग और फंड डायवर्शन के आरोपों पर आधारित है.
इससे पहले अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन (RCOM) पर छापेमार कार्रवाई हो चुकी है.
2019 से कई कानूनी मामलों में फंसी हुई RCOM
RCOM पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया में है और कंपनी 2019 से कई कानूनी मामलों में फंसी हुई है. अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियां जैसे रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस भी जांच के दायरे में हैं. ED ने पहले 40 से ज्यादा प्रॉपर्टी अटैच की थीं, जिनकी वैल्यू 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा थी. फिलहाल छापेमारी जारी है और कोई आधिकारिक बयान ED की तरफ से नहीं आया है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह जांच तेज हो गई है और आगे और कार्रवाई हो सकती है.
अनिल अंबानी की कंपनियां इन आरोपों से इनकार करती रही हैं और कहती हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं. यह घटना अनिल अंबानी ग्रुप पर चल रही कई एजेंसियों (ED, CBI, SFIO) की जांच का हिस्सा है, जहां कुल फ्रॉड अमाउंट 40,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बताया जा रहा है.
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:01 +0530</pubDate>
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<title>तेलंगाना को मिला नया राज्यपाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को दी गई जिम्मेदारी</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में राज्यपाल पद को लेकर अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया है. वहीं वर्तमान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को अब महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है. इस फैसले के बाद तेलंगाना की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
नए फैसले के अनुसार शिव प्रताप शुक्ल तेलंगाना के चौथे राज्यपाल होंगे. उनसे पहले इस पद पर ई. एस. एल. नरसिम्हन, तमिलिसाई सौंदरराजन और जिष्णु देव वर्मा अपनी सेवाएं दे चुके हैं. केंद्र सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक संतुलन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कौन हैं शिव प्रताप शुक्ल&amp;nbsp;बता दें कि शिव प्रताप शुक्ल इससे पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे. वे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. संसद और संगठन दोनों स्तरों पर उनका अनुभव काफी व्यापक माना जाता है. यही वजह है कि उन्हें तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है.
दूसरी ओर जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वे हाल ही में तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे और अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों का हिस्सा रहे.
मोदी सरकार का रणनीतिक फैसलाराजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यपालों की यह अदला-बदली केंद्र सरकार की व्यापक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है. दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्यों में से एक तेलंगाना में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना हैं. ऐसे में अनुभवी और वरिष्ठ नेतृत्व को राज्यपाल के रूप में नियुक्त करना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है.
इस नियुक्ति के बाद तेलंगाना के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिव प्रताप शुक्ल कब औपचारिक रूप से राज्यपाल पद की शपथ लेते हैं और आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर उनका क्या प्रभाव पड़ता है.
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:01 +0530</pubDate>
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<title>असम में फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, वायुसेना के 2 पायलट शहीद</title>
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<description><![CDATA[ असम के कार्बी आंगलोंग जिले में बीती रात सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें भारतीय वायु सेना के 2 पायलट शहीद हो गए. वायु सेना ने बताया कि पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के रूप में हुई है.&amp;nbsp;
वायु सेना ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि IAF के सभी कर्मी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं. बता दें कि Su-30MKI एक प्रशिक्षण मिशन पर था और जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था और उसके बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह एयरबेस दुर्घटनास्थल से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है.

IAF acknowledges the loss of Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh Duragkar, who sustained fatal injuries in the Su-30 crash. All personnel of the IAF express sincere condolences, and stand firmly with the bereaved family in this time of grief.@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD&amp;hellip; pic.twitter.com/zUtfUJ2ewr
&amp;mdash; Indian Air Force (@IAF_MCC) March 6, 2026



अधिकारियों ने बताया था कि रूसी मूल के इस विमान से शाम 7:42 बजे संपर्क टूट गया था. Su-30MKI दो सीटों वाला मल्टीपर्पज फाइटर जेट है, जिसे रूसी विमान निर्माता सुखोई ने विकसित किया है. अब इसका निर्माण भारतीय वायु सेना के लिए लाइसेंस के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया जाता है.
सबसे दमदार लड़ाकू विमान माना जाता है सुखोईभारतीय वायु सेना के पास 260 से अधिक Su-30MKI जेट विमानों का बेड़ा है लेकिन जिस तरह से ये फाइटर जेट क्रैश हुआ है, इसके रख रखाव पर सवाल उठने लगे हैं. 2000 के दशक की शुरुआत में वायु सेना में शामिल किया गया सुखोई Su-30 MKI सबसे दमदार लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है.
पहले कब-कब हुआ क्रैशहालांकि यह पहली बार नहीं है जब सुखोई जेट क्रैश हुआ हो. इससे पहले सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुका है. अगस्त 2019 में सुखोई-30 एमकेआई एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में क्रैश हो गया था. उस दौरान दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे और बाद में उनकी जान बचा ली गई थी.
मई 2015 में सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किलोमीटर दूर दक्षिण में क्रैश हो गया था, जिसमें क्रैश होने से पहले दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे.
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;हम भारत के साथ चीन वाली गलती...&amp;apos;, ट्रेड डील पर ट्रंप के करीबी क्रिस्टोफर का बड़ा बयान,  &amp;apos;अमेरिका फर्स्ट&amp;apos; का छेड़ा राग</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडाउ ने साफ कहा है कि भारत के साथ ट्रेड डील में अमेरिका अपने हितों को सबसे ऊपर रखेगा. वे चीन के साथ 20 साल पहले हुई गलतियों को दोहराने नहीं देंगे, जहां अमेरिका ने बाजार खोल दिए और फिर चीन ने कई सेक्टर्स में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया.
हम भारत के साथ चीन वाली गलती नहीं करेंगे: लैंडाउ
लैंडाउ ने नई दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में यह बात कही. उन्होंने कहा, &#039;भारत को समझना चाहिए कि हम भारत के साथ वही गलती नहीं करेंगे जो हमने चीन के साथ 20 साल पहले की थी. जहां हमने कहा था कि तुम बाजार डेवलप करो और फिर अगले ही पल तुम हमें कई कमर्शियल चीजों में हरा रहे हो.&#039;
उन्होंने &#039;अमेरिका फर्स्ट&#039; पॉलिसी को दोहराया और कहा कि इसका मतलब &#039;अमेरिका अकेला&#039; नहीं है. बल्कि यह दूसरे देशों के साथ ऐसे सहयोग करने की बात है जो दोनों के नेशनल इंटरेस्ट में हो. लैंडाउ ने कहा, &#039;अमेरिका फर्स्ट का मतलब अमेरिका अकेला नहीं है. जैसे प्रेसिडेंट ट्रंप अमेरिका को फिर महान बनाना चाहते हैं, वैसे ही वे भारत के प्रधानमंत्री या दूसरे लीडर्स से भी उम्मीद करते हैं कि वे अपने देश को महान बनाएं.&#039;
ट्रेड डील से दोनों देशों को इकोनॉमिक बूस्ट मिलेगा: लैंडाउ
ट्रेड डील पर लैंडाउ ने बहुत पॉजिटिव बात कही. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका के बीच बाइलेटरल ट्रेड डील अब &#039;फिनिश लाइन&#039; के करीब है. वे बोले, &#039;हम इस ट्रेड डील को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं जो अब फिनिश लाइन पर है.&#039; इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को बड़ा बूस्ट मिलेगा.
उन्होंने भारत की बढ़ती ताकत पर जोर देते हुए कहा कि 21वीं सदी में भारत का उभार होगा क्योंकि यह दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है. अमेरिका-भारत की पार्टनरशिप चैरिटी या सोशल वर्क नहीं है, बल्कि दोनों के इंटरेस्ट में है. लैंडाउ ने कहा, &#039;मैं यहां सोशल वर्क या चैरिटी करने नहीं आया हूं. मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि यह हमारे देश के हित में है और हम मानते हैं कि भारत के हित में भी है कि हमारी पार्टनरशिप गहरी हो.&#039;
&#039;अमेरिका फर्स्ट&#039; नीति में उलझी ट्रेड डील
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन &#039;अमेरिका फर्स्ट&#039; के तहत ट्रेड पॉलिसी को सख्ती से लागू कर रहा है. पहले अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर बात हुई और टैरिफ कम करने की दिशा में कदम उठाए गए. लैंडाउ ने साफ किया कि कोई भी डील अमेरिकी लोगों के लिए फेयर होनी चाहिए, क्योंकि सरकार को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है. ठीक वैसे ही जैसे भारत सरकार को अपने लोगों के प्रति.
रायसीना डायलॉग में लैंडाउ अमेरिकी डेलीगेशन के लीडर थे और उन्होंने डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, काउंटरनारकोटिक्स जैसे मुद्दों पर भी भारतीय अधिकारियों से बात की. ट्रेड के अलावा उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को एनर्जी का बेहतर सोर्स बन सकता है, खासकर जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दिक्कतें हैं. फिलहाल ट्रेड डील के फाइनल होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के लिए बड़ा मौका है. लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यह डील बैलेंस्ड और रेसिप्रोकल होगी, ताकि कोई एक देश दूसरे पर हावी न हो. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;कर्नाटक में बच्चे इस्तेमाल नहीं करेंगे सोशल मीडिया&amp;apos;, सिद्धरमैया सरकार का बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार ने राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार (6 मार्च, 2026) को राज्य बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की है. सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है.
पिछले महीने सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और कुलपतियों से राय मांगी थी. चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, बच्चों की शिक्षा और शारीरिक फिटनेस पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:19:00 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;कौन देख रहा...&amp;apos;, NCERT के चैप्टर में गलती पर गुस्से में PM मोदी, बड़ा कदम उठाएगी सरकार</title>
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<description><![CDATA[ NCERT की क्लास 8 की सोशल साइंस किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक चैप्टर को लेकर बड़ा हंगामा मचा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और किताब पर बैन लगा दिया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर अपनी नाखुशी जाहिर की है और कहा है कि जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. सरकार की तरफ से अब जांच शुरू हो गई है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किताब को रोकने के लिए चिट्ठी भी लिखी गई है.
PM मोदी ने जताई नाराजगी, कहा- जिम्मेदारी तय हो
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, PM मोदी इस पूरे मामले से काफी नाराज हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कौन देख रहा है ये सब?&amp;rsquo; और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है. उन्होने इजरायल से भारत वापस आते समय ही इस पर अपनी राय दी है. सरकार अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और एक्शन लेने की तैयारी में है.
एजुकेशन मिनिस्टर ने माफी मांगी और एक्शन का वादा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस पर अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का हम सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं और सरकार की तरफ से इसे अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था. मंत्री ने कहा कि वो इस घटना से काफी दुखी हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह पालन किया जाएगा.
उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और जिम्मेदारों पर ऐक्शन लेने का वादा किया है. साथ ही, शिक्षा मंत्रालय ने इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (MeitY) को चिट्ठी लिखकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किताब को रोकने को कहा है.
NCERT ने शुरू की जांच, मानी गलती
NCERT ने इस चैप्टर को &amp;lsquo;जजमेंट की गलती&amp;rsquo; बताया है और माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि किताब को दोबारा लिखा जाएगा और सही अथॉरिटी से सलाह ली जाएगी. अब NCERT जांच कर रही है कि टेक्स्टबुक बनाने की प्रोसेस में कहां गड़बड़ी हुई और कौन-कौन जिम्मेदार हैं.
सूत्रों का कहना है कि ये जांच सख्ती से की जाएगी ताकि आगे ऐसी गलतियां न हों. किताब को एनसीईआरटी की वेबसाइट से भी हटा लिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने खुद सुनवाई करके नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब को लेकर बुधवार को खुद ही नोटिस लिया और गुरुवार को सुनवाई की. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि ये न्यायपालिका को बदनाम करने की अच्छी तरह सोची-समझी साजिश लगती है. कोर्ट ने किताब पर भारत और विदेशों में पूरा बैन लगा दिया है, साथ ही सभी फिजिकल और डिजिटल कॉपीज जब्त करने का आदेश दिया है. ऑनलाइन शेयर करने पर भी रोक लगा दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय के सेक्रेटरी और NCERT के डायरेक्टर को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है. उन्होंने पूछा है कि क्यों न इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी सवाल किए और कहा कि गहराई से जांच होनी चाहिए, जिम्मेदार लोगों पर सख्त ऐक्शन लिया जाए. चीफ जस्टिस ने यहां तक कहा कि &amp;lsquo;हेड्स मस्ट रोल&amp;rsquo; यानी जिम्मेदारों को नहीं बख्शा जाएगा और केस बंद नहीं होगा.
कोर्ट ने NCERT से उन कमिटी मेंबर्स की लिस्ट मांगी है जिन्होंने ये चैप्टर अप्रूव किया था. साथ ही टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम के नाम और क्रेडेंशियल्स भी देने को कहा है. मीटिंग्स के मिनट्स के ओरिजिनल रिकॉर्ड्स भी अगली सुनवाई में पेश करने होंगे.
कोर्ट का कहना है कि किताब में भ्रष्टाचार की बात तो की गई है, लेकिन न्यायपालिका की अच्छी चीजें जैसे कांस्टीट्यूशनल मोरालिटी, बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्रिन, लीगल ऐड और जस्टिस तक पहुंच पर ज्यादा फोकस नहीं है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:29 +0530</pubDate>
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<title>Weather Forecast: दिल्ली&#45;यूपी से लेकर बिहार तक भीषण गर्मी...मौसम विभाग की भविष्यवाणी, जानें कौन से 5 राज्यों में होगी बारिश!</title>
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<description><![CDATA[ देश के कई राज्यों में जहां गर्मी बढ़ रही है तो वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. बारिश की वजह से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है. IMD के मुताबिक आने वाले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. गुजरात और महाराष्ट्र के तापमान में भी बढ़ोतरी संभव है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग के अनुसार 2 पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27-28 फरवरी और 2 से 4 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. 27-28 फरवरी को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.&amp;nbsp;
दिल्ली में बढ़ेगी गर्मीराजधानी दिल्ली की बात करें तो आज शुक्रवार (27 फरवरी) से लेकर मार्च की शुरुआत तक आसमान साफ रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी होगी जो 29 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध भी छाई रह सकती है.
यूपी में बारिश की संभावना नहींउत्तर प्रदेश में आज मौसम साफ रहेगा. अगले 7 दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. मौसम साफ रहने के कारण दिन में तेज धूप खिली रहेगी, जिससे गर्मी का एहसास बना रहेगा. इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस सप्ताह दिन के तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. यह सामान्य से काफी अधिक बना रह सकता है.&amp;nbsp;
अयोध्या सबसे ठंडा जिलाराजधानी लखनऊ में भी आज आसमान साफ रहने वाला है. दिन में धूप खिली रहेगी और इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है. गुरुवार को लखनऊ में दिन का पारा 30.4 डिग्री और रात का तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पिछले 24 घंटे में यूपी का सबसे गर्म जिला हमीरपुर रहा, यहां का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि अयोध्या सबसे ठंडा जिला रहा. यहां का न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा.&amp;nbsp;
बिहार का मौसमयूपी से सटे बिहार में भी लगातार गर्मी बढ़ रही है. मार्च की शुरुआत के साथ ही बिहार में तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. हालांकि अगले दो दिनों तक मौसम में कुछ खास बदलाव नहीं होगा. वहीं बारिश की कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:29 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;मुझे दाढ़ी वालों से बहुत डर लगता है..&amp;apos;, बोले पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, क्यों दिया ये बयान</title>
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<description><![CDATA[ पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बुधवार (25 फरवरी) को अपने गृह राज्य राजस्थान के चुरू जिले में पहुंचे. यहां वह पूर्व सांसद राम सिंह कसवा और विधायक रहीं कमला कसवा से मिलने उनके घर गए. दरवाजे पर ही उनका स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने गांव के ही एक शख्स से मजाकिया लहजे में कहा कि अच्छा हुआ अपने दाढ़ी नहीं रखी है.&amp;nbsp;
जगदीप धनखड़ ने कहा कि दाढ़ी वालों को देखते ही मैं डर जाता हूं. मेरा ओएसडी भी अपनी दाढ़ी से मुझे डराता है. हालांकि यह बात वह हंसते हुए मजाकिया अंदाज में कह रहे थे. पू्र्व उपराष्ट्रपति का दाढ़ी वाला ये बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इसे लेकर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं.&amp;nbsp;
सियासी गलियारों में खूब चर्चाधनखड़ के दाढ़ी वाले बयान को लेकर सियासी गलियारों में भी खूब चर्चा हो रही है. कोई इसे सामान्य बात बता रहा है तो किसी का कहना है कि इसके जरिए उन्होंने दाढ़ी रखने वाले एक वर्ग विशेष को टारगेट करने का काम किया है.&amp;nbsp;
विपक्ष के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपनी पार्टी के उन बड़े नेताओं पर निशाना साधने की कोशिश की है, जो दाढ़ी रखे हुए होते हैं. बहरहाल पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ चुरू जिले के सादुलपुर इलाके में पूर्व सांसद के आवास पर तमाम लोगों से मिले. यहां उनकी आत्मीयता से बहुत से लोग प्रभावित भी हुए.&amp;nbsp;
दाढ़ी वाला बयान खूब सुर्खियों मेंउपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद वह पहली बार चूरू के सादुलपुर पहुंचे हुए थे. यहां एक तरफ उनकी सहजता और सरलता की चर्चा हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनका दाढ़ी वाला बयान भी खूब सुर्खियों में है. वैसे यहां दाढ़ी रखे और टोपी लगाए हुए कुछ लोगों ने भी जगदीप धनखड़ का स्वागत किया. सामने आए वीडियो में वह इन लोगों से भी बेहद आत्मीयता के साथ मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं.
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&#039;मैंने जब कहा कि मैं पद त्याग रहा हूं...&#039;, &amp;nbsp;उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पहली बार बोले जगदीप धनखड़&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;ये लोग सोचते हैं जज सिर्फ 6&#45;7 साल के लिए हैं और ये यहीं रहेंगे&amp;apos;, SC रजिस्ट्री के अधिकारियों से क्यों नाराज हो गए CJI?</title>
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<description><![CDATA[ मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार (26 फरवरी, 2026) को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के काम करने के तौर-तरीकों पर हैरानी जताई और इसकी गहन जांच का संकेत दिया कि कैसे समान मामलों को अलग-अलग बेंचों के सामने सूचीबद्ध किया जा रहा है. उन्होंने कहा, &#039;अगर मैं अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में मामलों को सूचीबद्ध करने में सुधार नहीं ला पाया, तो अपने कर्तव्य के निवर्हन में चूक जाऊंगा.&#039;
सीजेआई सूर्यकांत ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. यह मामला सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंचों ने खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी बेंच के समक्ष कैसे सूचीबद्ध किया गया, जबकि इसी तरह के एक मामले की वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य बेंच में सुनवाई जारी है.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली&amp;nbsp; की बेंच के सामने यह मामला लगा था. सीजेआई ने कहा, &#039;पिछले हफ्ते मुझे एक शिकायत मिली और रजिस्ट्री में जो हो रहा है उसे देखकर मैं हैरान रह गया. रजिस्ट्री के अधिकारी सोचते हैं कि वे यहां 20-30 साल के लिए हैं और जज सिर्फ 6-7 साल के लिए. जज आते-जाते रहते हैं. समस्या यह है कि वे सोचते हैं कि जज सभी अस्थाई अवस्था में हैं और वे इस संस्था में स्थाई हैं.&#039;
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, &#039;यही हो रहा है और वे सोचते हैं कि रजिस्ट्री को उनके मन मुताबिक काम करना चाहिए. अगर मैं अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में सुधार नहीं ला पाया, तो अपने कर्तव्य के निर्वहन में चूक जाऊंगा.&#039; जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सीजेआई का पदभार संभालने के बाद से उन्होंने मामलों की सूची तय करने के संबंध में कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है.
बेंच ने इरफान सोलंकी की ओर से दायर उस याचिका को अपने पास रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम की वैधता को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह केंद्रीय कानून बीएनएस की धारा 111 के विपरीत है. किसी कानून को तब विपरीत कहा जाता है जब राज्य और केंद्रीय कानून एक ही विषय क्षेत्र को कवर करते हैं, ऐसी स्थिति में केंद्रीय कानून प्रभावी होता है.
सुप्रीम कोर्ट ने सोलंकी की याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 25 मार्च तय कर दी है. सोलंकी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट शोएब आलम ने तब याचिका वापस लेने का अनुरोध किया जब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने उल्लेख किया कि सप्रीम कोर्ट की अन्य पीठों ने राज्य और केंद्रीय कानून के बीच असंगति के आधार पर ऐसी याचिकाओं को खारिज कर दिया है.
सिराज अहमद खान की ओर से दायर एक ऐसी ही याचिका, जिसमें &amp;lsquo;उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और असामाजिक गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1986&amp;rsquo; के प्रावधानों को चुनौती दी गई है, वर्तमान में जस्टिस जेबी परडीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष लंबित है. उस मामले में भी एएसजी नटराज पेश हुए थे.
शोएब आलम चाहते थे कि इरफान सोलंकी की याचिका को सिराज अहमद खान की याचिका के साथ जोड़ दिया जाए. एएसजी नटराज ने बताया कि तत्कालीन सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-जजों की बेंच और जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली दूसरी पीठ ने पहले भी हाईकोर्ट के उन आदेशों के खिलाफ दायर अपीलों को खारिज कर दिया था जिनमें यूपी गैंगस्टर एक्ट को इसी तरह के आधारों पर चुनौती दी गई थी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:27 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;एक साल में दुनिया ने कई युद्ध देखे&amp;apos;, आईडियाज ऑफ इंडिया समिट में बोले ABP के चीफ एडिटर अतिदेब सरकार</title>
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<description><![CDATA[ Ideas of India Summit 2026: ABP Group के चीफ एडिटर अतिदेब सरकार ने शुक्रवार को &amp;lsquo;आइडियाज ऑफ इंडिया 2026&amp;rsquo; समिट की शुरुआत की. उन्होंने दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि नई विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका बेहद अहम है. अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, &amp;ldquo;लेडीज़ एंड जेंटलमैन, आइडियाज ऑफ इंडिया 2026 में आपका स्वागत है. पिछले साल हमने इंसानियत के एक नए दौर की झलक देखी, लेकिन उसके बाद से दुनिया संघर्ष में फंसी हुई है.&amp;rdquo;&amp;nbsp;
चीफ एडिटर ने कहा कि युद्ध हमारे क्षेत्र तक पहुंच चुका है. व्हाइट हाउस ने टैरिफ लगाकर वैश्विक व्यापार को झटका दिया, हालांकि बाद में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया. भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की है. भारत में किसान संगठन अमेरिका के साथ संभावित समझौते का विरोध कर रहे हैं. गाजा में अब भी हालात खराब हैं. वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन हुआ है. ईरान में तनाव बना हुआ है. यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की कई कोशिशें अब तक शांति नहीं ला सकी हैं. उन्होंने साफ कहा कि वैश्विक राजनीति में शांति अपने आप नहीं आती.
किसिंजर का वर्ल्ड ऑडर पर नजरिया
अतिदेब सरकार ने 2014 में दिए गए हेनरी किसिंजर (Henry Kissinger) के विचारों का जिक्र किया. हेनरी किसिंज ने कहा था कि दुनिया को एक ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें तय नियम हों और हर देश की सीमा तय हो कि वह क्या कर सकता है और क्या नहीं. यह व्यवस्था देशों की मान्यता और ताकत के संतुलन से चलनी चाहिए, वरना दुनिया अराजकता की ओर बढ़ेगी.
चीफ एडिटर ने बताया कि 1648 में हुई Peace of Westphalia के बाद यूरोप में जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनी, वह देशों की संप्रभुता, एक-दूसरे के मामलों में दखल न देने और ताकत के संतुलन पर आधारित थी. बाद में यही व्यवस्था दुनिया के कई हिस्सों में लागू हुई, लेकिन तकनीक के बदलाव, दुनिया के ज्यादा जुड़ने और अलग सोच रखने वाले देशों के उभरने से यह व्यवस्था चुनौती में आ गई. यूरोप में हालात ऐसे हो गए कि एक साझा व्यवस्था उसकी मुद्रा और सीमाओं को नियंत्रित करने लगी.
रूस, अमेरिका और चीन की भूमिका पर कही ये बात
अतिदेब सरकार ने कहा कि रूस आज भी यूरोप के लिए एक पहेली बना हुआ है. उसने इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा युद्ध किए, लेकिन किसी एक देश को पूरे यूरोप पर हावी होने से भी रोका. अमेरिका के बारे में उन्होंने कहा कि वहां दो धाराएं रही हैं. एक आदर्शवादी सोच, जो दुनिया में लोकतांत्रिक मूल्यों को फैलाना चाहती है. दूसरी यथार्थवादी सोच, जो राष्ट्रीय हित और ताकत के संतुलन को प्राथमिकता देती है. चीन की सोच अलग रही है. वहां की व्यवस्था के अनुसार दुनिया में एक तरह की श्रेणी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें दूसरे देश मध्य राज्य यानी चीन को सम्मान दें. किसिंजर का मानना था कि दुनिया को एक नई और स्थिर व्यवस्था बनानी होगी, जो आज की हकीकत के अनुसार हो और जिसे सभी देश स्वीकार करें.
नए वर्ल्ड ऑडर पर विशेषज्ञों की राय
चीफ एडिटर अतिदेब सरकार ने मौजूदा हालात को लेकर विशेषज्ञों की राय को भी रखा. विशेषज्ञ मोनिका डफी टॉफ्ट की राय को रखते हुए उन्होंने कहा, &quot;अगर हालात दूसरे विश्व युद्ध के बाद जैसे हो जाएं तो दुनिया प्रभाव क्षेत्रों में बंट सकती है. यानी कुछ बड़े देश अलग-अलग क्षेत्रों पर असर बनाएंगे, भले ही वे सीधे शासन न करें. अमेरिका, रूस और चीन दुनिया को अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में बांट सकते हैं. जॉन मियरशाइमर का मानना है कि चीन का उदय शांतिपूर्ण नहीं होगा. उनका कहना है कि अमेरिका एशिया में चीन का दबदबा कभी स्वीकार नहीं करेगा. ऐसे में प्रतिस्पर्धा और टकराव तय है.
उन्होंने आगे कहा, &amp;nbsp;&quot;यान श्वेतोंग ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया में अमेरिका और चीन दो बड़ी शक्तियां बनेंगी क्योंकि चीन अर्थव्यवस्था, सेना और संस्कृति के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. माइकल बेकली का तर्क है कि विश्व व्यवस्था फिलहाल ठहरी हुई है. जनसंख्या, उत्पादन और क्षेत्र विस्तार की रफ्तार सीमित हो चुकी है इसलिए कोई भी देश इतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा कि वैश्विक संतुलन को पूरी तरह बदल दे. उत्पादकता के मामले में अमेरिका अब भी आगे है.&quot;
अनिश्चित माहौल में भारत की जिम्मेदारी
अतिदेब सरकार ने कहा कि ऐसे अनिश्चित समय में भारत के नीति निर्माताओं के सामने बड़ी चुनौती है. अमेरिका जैसा अहम साथी अंदरूनी मामलों में उलझा दिखता है. पड़ोसी देश अस्थिर हैं. चीन के साथ रिश्तों में नरमी दिखती है, लेकिन पूरी भरोसेमंदी नहीं है. अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते घरेलू सुधार की मांग करेंगे.
उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित पर मजबूती से ध्यान देना होगा. प्रधानमंत्री ने लक्ष्य तय किया है कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बने. यह आसान नहीं है. दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी है. महामारी के बाद लोग कम बचत कर रहे हैं. अडानी और रिलायंस को छोड़ दें तो बाकी भारतीय कंपनियां ज्यादा निवेश नहीं कर रहीं. युवाओं के लिए रोजगार अभी भी चुनौती है और कौशल की कमी भी है. इन हालात में प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि विकास ही असली राष्ट्रीय हित है.
भारत को क्या करना चाहिए?
उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले दो दशकों में ठोस आर्थिक प्रगति करनी होगी और साथ ही अपनी संप्रभुता की रक्षा भी करनी होगी. युद्ध भारत के हित में नहीं हैं. हमें उन देशों के साथ व्यापार बढ़ाना चाहिए जो हमारे सामान और सेवाएं खरीदते हैं. जो निवेशक यहां रोजगार देने को तैयार हैं, उनका स्वागत करना चाहिए. हालांकि अस्थिर क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी देशों के निवेश की जांच होनी चाहिए. बाकी क्षेत्रों में सरकार को यह पूछना चाहिए कि हम आपकी यहां स्थापना में कैसे मदद कर सकते हैं? यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता पूंजी और तकनीक लाने का मौका है, जिससे रोजगार बढ़ेंगे. अमेरिका के साथ समझौते पर फैसला करने से पहले वहां की स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि &amp;nbsp;भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ निष्पक्ष, मजबूत और शांत तरीके से व्यवहार करना चाहिए. बड़ी शक्तियों के साथ भी संतुलन रखना चाहिए, किसी को धमकी नहीं देनी चाहिए. जैसा कि कभी चीनी नेताओं ने अपने राजनयिकों से कहा था कि शांत रहकर काम पूरा करो.
क्या भारत को महाशक्ति बनना जरूरी है?
आखिर में अतिदेब सरकार ने कहा कि जब विश्व व्यवस्था बदल रही है, तब भारत को अपनी संप्रभुता की रक्षा करते हुए ठोस आर्थिक प्रगति करनी होगी. सवाल यह है कि क्या इसके लिए भारत को महाशक्ति बनना जरूरी है या विकास ही उसका असली लक्ष्य होना चाहिए?
&amp;nbsp;
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली आबकारी केस: CBI के मामले में अदालत ने आरोपी कुलदीप को किया बरी, कहा&#45; ठोस सबूत नहीं</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े &amp;nbsp;CBI मामले में रॉउज एवन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान &amp;nbsp;आरोपी कुलदीप सिंह को अदालत ने बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला. जज ने टिप्पणी की कि चार्जशीट में दर्ज गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते. विशेष रूप से गवाह संख्या 5 और 6 के बयानों में विरोधाभास पाया गया. अदालत ने यह भी कहा कि CBI द्वारा दिए गए दस्तावेज चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं.
सुनवाई के दौरान जज ने &#039;साउथ ग्रुप&#039; और &#039;साउथ लॉबी&#039; जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई. जज ने सवाल किया कि अगर यही चार्जशीट चेन्नई में दाखिल की जाती तो क्या वहां भी &#039;साउथ ग्रुप&#039; लिखा जाता? यह शब्द किसने गढ़ा? इस पर CBI ने कहा कि यह कई आरोपियों के लिए साझा शब्द था. जज ने कहा कि अमेरिका में एक मामले को केवल इसलिए खारिज कर दिया गया था क्योंकि किसी समूह के लिए एक विशेष शब्द का इस्तेमाल किया गया था. अदालत की राय थी कि &#039;साउथ ग्रुप&#039; जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था.
कोर्ट ने यह भी कहा कि CBI ने चेन्नई की अदालत में दायर चार्जशीट में &#039;साउथ लॉबी&#039; शब्द का इस्तेमाल किया था और पूछा कि यह शब्द कहां से आया. जज ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि अब तक उन्हें कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई. अदालत ने CBI के वकील से पूछा कि कन्फेशनल स्टेटमेंट जमा क्यों नहीं किया गया. इस पर CBI ने जवाब दिया कि वह सील कवर में जमा किया गया था. अदालत ने कहा कि पहले दिन से ही कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी मांगी जा रही थी. जज ने यह भी टिप्पणी की कि &#039;कभी-कभी आप फाइल ज्यादा पढ़ते हैं तो फाइल आपसे बात करने लगती है.&#039; अंत में जज ने सभी वकीलों और एएसजी का धन्यवाद किया.
इससे पहले रॉउज एवन्यू कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों की हाजिरी ली गई. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक अदालत पहुंचे और हाजिरी दी. के कविता, अमनदीप ढल समेत कई अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. मामला दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा CBI का है, जिस पर अदालत में सुनवाई जारी है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा&#45; आरोपों में दम नहीं</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में दम नहीं है और किसी आपराधिक षड्यंत्र का प्रमाण भी सामने नहीं आया. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में विफल रहा. इसी आधार पर मनीष सिसोदिया को शराब नीति से जुड़े सीबीआई मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया गया. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>केशव मौर्य को नहीं मिला ब्रिटेन का वीजा, डिप्टी CM ने जर्मनी से ही UK के निवेशकों से किया संवाद</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को ब्रिटेन का वीजा नहीं मिल सका है, जिसकी वजह से उन्हें अपना यूके दौरा रद्द करना पड़ा. जिसके बाद उन्होंने जर्मनी से ही वहां के निवेशकों से संवाद किया और यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया. &amp;nbsp;
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के वीजा के लिए एनओसी दी गई थी. लेकिन, फिर भी उन्हें ब्रिटेन का वीजा नहीं दिया गया इसलिए उन्हें अपना ब्रिटेन का दौरा कैंसिल करना पड़ा. डिप्टी सीएम को ब्रिटेन ने वीजा क्यों नहीं दिया? इसकी सही वजह से अब तक साफ़ नहीं हो सकी है.&amp;nbsp;
केशव प्रसाद मौर्य यूपी मे निवेश के लिए 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जर्मनी दौरे पर थे. जिसके बाद उन्हें यहां से ही ब्रिटेन के लिए रवाना होना था लेकिन, ऐसा नहीं हुआ. जिसके बाद उन्होंने जर्मनी से ही यूके के निवेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन-टू-वन बातचीत की. इस वर्चुअल संवाद में निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक सहमति जताई, जिसे प्रदेश के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है.
जर्मनी में सर्विस सेक्टर को मिला अच्छा रिस्पॉन्स
जर्मनी प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री को विशेष रूप से सर्विस सेक्टर में अच्छी संभावनाएं दिखीं. ड्रोन तकनीक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट सिटी जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में अग्रणी जर्मन कंपनियों के साथ उनकी विस्तृत बैठकें हुईं. कंपनियों ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े बाजार को निवेश के लिए अनुकूल बताया.
हालांकि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के साथ सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक रुचि देखने को मिली. आईटी सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों ने प्रदेश के विशाल उपभोक्ता आधार और कौशल संसाधन को निवेश का मजबूत आधार माना.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निवेशकों से की बात
इसी क्रम में यूके के निवेशकों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी साझा की गई. बातचीत सकारात्मक रही और निवेश को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी. इस बीच जर्मनी में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक के क्षेत्र में भी प्रगति हुई और करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी.
उप मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण के साथ सेवा क्षेत्र को समान प्राथमिकता देते हुए उद्योगों के लिए पारदर्शी और उद्योग-मित्र वातावरण सुनिश्चित कर रहा है. उन्होंने कहा कि निवेशकों को भूमि आवंटन से लेकर संचालन तक हर स्तर पर प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
इन क्षेत्रों पर भी हुई चर्चा
- मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा और फुटवियर- सेमीकंडक्टर, रक्षा और आईटी/आईटीईएस- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)- 660+ मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता
जर्मनी में प्रत्यक्ष बैठकों के साथ यूके के निवेशकों से डिजिटल माध्यम से हुआ संवाद निवेश कूटनीति के बेहद सकारात्मक स्वरूप का संकेत है. इससे न केवल तकनीकी सहयोग के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सेवा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को भी नई गति मिलेगी.
संभावित निवेश से कौशल आधारित रोजगार सृजित होंगे और स्मार्ट सिटी व डिजिटल सेवाओं के विस्तार के जरिए शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. जर्मनी में जारी बैठकों और यूके निवेशकों के साथ बनी सहमति को इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है.
बरसाना लठमार होली में भगदड़ में गिरे लोग, पुलिस की सावधानी से टला बड़ा हादसा, SSP ने किया सम्मानित ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली आबकारी केस में अरविंद केजरीवाल भी बरी, अदालत ने कहा&#45; फेयर ट्रायल के लिए फेयर इन्वेस्टिगेशन जरूरी</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत
दिल्ली शराब नीति से जुड़े CBI मामले में अरविंद केजरीवाल को बरी किया
राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने कहा केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला
कोर्ट ने कहा कि फेयर ट्रायल के लिए फेयर इन्वेस्टिगेशन ज़रूरी है
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:18 +0530</pubDate>
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<title>Delhi Liquor Policy Case Live: दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा&#45; ठोस सबूत नहीं</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. अदालत ने दोनों को इस मामले में बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला. अदालत ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में दम नहीं है और किसी आपराधिक षड्यंत्र का प्रमाण सामने नहीं आया. कोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में विफल रहा और निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है.
सुनवाई के दौरान जज ने चार्जशीट में दर्ज गवाहों के बयानों पर सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि गवाह संख्या 5 और 6 के बयान आपस में मेल नहीं खाते. जज ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा पेश किए गए दस्तावेज भी चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं. अदालत ने &amp;ldquo;साउथ ग्रुप&amp;rdquo; और &amp;ldquo;साउथ लॉबी&amp;rdquo; जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई. जज ने कहा कि अगर यही चार्जशीट चेन्नई में दाखिल की जाती तो क्या वहां भी &amp;ldquo;साउथ ग्रुप&amp;rdquo; लिखा जाता? यह शब्द किसने बनाया? इस पर सीबीआई ने कहा कि यह कई आरोपियों के लिए साझा शब्द था. जज ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था.
कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई ने चेन्नई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में &amp;ldquo;साउथ लॉबी&amp;rdquo; शब्द का इस्तेमाल किया था और पूछा कि यह शब्द कहां से आया. जज ने नाराजगी जताई कि उन्हें अब तक कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि पहले दिन से इसकी मांग की जा रही थी. सीबीआई ने कहा कि कन्फेशनल स्टेटमेंट सील कवर में जमा किया गया था. इस पर अदालत ने सवाल उठाए. जज ने कहा कि कभी-कभी फाइल ज्यादा पढ़ने पर फाइल खुद बात करने लगती है. अंत में जज ने सभी वकीलों और एएसजी का धन्यवाद किया.
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों की हाजिरी ली गई. मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल अदालत में मौजूद रहे, जबकि के कविता, अमनदीप ढल समेत कई अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. इसी मामले में आरोपी कुलदीप सिंह को भी अदालत ने बरी कर दिया और कहा कि उनके खिलाफ भी कोई सबूत नहीं मिला. फैसले के बाद कोर्ट में मौजूद आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने ताली बजाकर निर्णय का स्वागत किया. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:21:15 +0530</pubDate>
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<title>विकसित भारत के साथ कदमताल! CM साय बोले&#45; व्यापार&#45;उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ बना सबसे अनुकूल</title>
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<description><![CDATA[ National Trade Expo 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं. पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम &amp;ldquo;ज्ञान&amp;rdquo; था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था. दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम &amp;ldquo;गति&amp;rdquo; रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम &amp;ldquo;संकल्प&amp;rdquo; है.
व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र &amp;ldquo;सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास&amp;rdquo; की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है.
उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है. उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है.
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है. साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है. राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि &amp;ldquo;एक पेड़ मां के नाम&amp;rdquo; अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है.
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है. इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है.
नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है. इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.&amp;nbsp;
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सुप्रिया सुले और संजय राउत सदन में उठाएंगे अजित पवार की मौत का मामला, रोहित पवार बोले&#45; &amp;apos;कई शंकाएं...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने एक बार फिर से अजित पवार के विमान हादसे की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अजित दादा के विमान हादसे को लेकर कई तरह की शंकाएं उठ रही हैं. इस दुर्घटना की किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप के बिना निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है, लेकिन फिलहाल ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है.
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में सांसद सुप्रिया सुले और अमोल कोल्हे इस विषय पर आवाज उठाएंगे. वहीं राज्यसभा में यह मुद्दा उठाने के लिए वरिष्ठ नेता और शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत से भी आग्रह किया गया है. उन्हें इस संबंध में विस्तृत पत्र भी सौंपा गया है.&amp;nbsp;हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.&#039;&#039;
उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से इस्तीफे की मांग
एनसीपी (SP) के विधायक रोहित पवार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे हैं. उनका कहना है जब तक जांच पूरी न हो जाय उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. उनका दावा है कि 28 जनवरी को हुई घातक विमान हादसे में शामिल कंपनी &#039;वीएसआर&#039; को बचाने की कोशिश की गई.&amp;nbsp;
लापरवाही की वजह से हमने बड़ा नेता खो दिया- रोहित पवार
मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में बुधवार (25 फरवरी) को मीडिया से बात करते हुए रोहित पवार ने जांच प्रक्रिया में टाइम लिमिट और रिपोर्टों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि हादसे के दिन जब अजित पवार का शव अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा था, उसी वक्त दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी. रोहित पवार का कहना है कि लापरवाही की वजह से हमने एक बड़े नेता को खो दिया. वे सिर्फ डिप्टी सीएम नहीं थे, बल्कि जनता के दिलों के मुख्यमंत्री थे.
28 जनवरी को हुआ था बारामती में विमान हादसा
बता दें कि 28 जनवरी 2026 को बारामती प्लेन क्रैश में एनसीपी नेता अजित पवार की मौत हो गई. वो 28 जनवरी को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए प्रचार करने बारामती जा रहे थे, इसी दौरान रनवे पर लैंड करते वक्त विमान हादसे का शिकार हो गया. इस दुर्घटना में अजित के अलावा चार अन्य लोगों की भी जान चली गई. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:15 +0530</pubDate>
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<title>सींग मारा, पैर से कुचला... घर के सामने झाड़ू लगा रही बुजुर्ग पर बैल का हमला, 1 महीने से है कोमा में</title>
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<description><![CDATA[ Nagpur Bull Attack News: मानवीय बस्तियों में घूमने वाले आवारा जानवर लोगों, खासकर बुजुर्ग लोगों के जीवन के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसका एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आक्रोशपूर्ण उदाहरण नागपुर में आया है. वंदना देवीकर, जो 64 साल की एक बुजुर्ग महिला हैं जब वह घर के सामने झाड़ू लगा रही थीं तो एक आवारा बैल ने 27 जनवरी को हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था.
घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे की है, जब वंदना देवीकर अपने घर के सामने झाड़ू लगा रही थीं. उस समय गली में ज्यादा चहल-पहल नहीं थी. अचानक एक आवारा बैल ने उन पर हमला कर दिया. यह हमला इतना भयावह था कि उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गईं, जिनमें छाती की पसलियां भी शामिल हैं. साथ ही उन्हें मस्तिष्क में गंभीर चोट आई और जांघ में बैल का सींग घुस गया.
तीन सप्ताह तक आईसीयू में मौत से जूझती रहीं
हमले के बाद वंदना देवीकर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह लगभग तीन हफ्ते तक आईसीयू में मौत से जूझती रहीं. डॉक्टरों को उनकी मस्तिष्क की बड़ी सर्जरी करनी पड़ी और खोपड़ी का एक हिस्सा निकालना पड़ा. इसके बावजूद वंदना देवीकर आज तक होश में नहीं आ सकी हैं. पिछले एक महीने से उन्होंने न आंखें खोली हैं और न ही एक शब्द बोला है.
परिवार ने इलाज पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन बैल के हमले से हुई आंतरिक चोटें पूरी तरह ठीक नहीं हो सकीं. वर्तमान में वंदना देवीकर अपने घर में बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पड़ी हैं. वह न हिल-डुल सकती हैं और न ही बोल सकती हैं. उन्हें जीवित रखने के लिए कृत्रिम ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण घर पर लगाए गए हैं.
महीना बीत गया, प्रशासन की ओर से कोई पूछताछ नहीं&amp;nbsp;
आक्रोशपूर्ण बात यह है कि 27 जनवरी को वंदना देवीकर पर बैल के हमले के बाद एक महीना बीत जाने के बावजूद अभी तक नगर निगम के किसी भी अधिकारी या पार्षद ने देवीकर परिवार से मिलकर वंदना देवीकर की स्थिति जानने की कोशिश तक नहीं की है. पुलिस ने केवल खून से सने वंदना देवीकर के कपड़े जब्त कर जांच की औपचारिकता पूरी की है.
दूसरी ओर हमला करने वाला बैल अभी भी उसी क्षेत्र में आवारा घूम रहा है, जिससे आसपास के लोग दहशत में हैं. खूंखार बैल का आतंक और नगर निगम की लापरवाही के संबंध में आसपास के लोगों में आक्रोश की लहर फैल गई है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:14 +0530</pubDate>
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<title>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में होगा नार्को टेस्ट! अग्रिम जमानत अर्जी पर HC में सुनवाई कल</title>
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<description><![CDATA[ इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत अर्जी पर कल सुनवाई होगी. शंकराचार्य ने झूंसी थाने में दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले से गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम ज़मानत याचिका दाखिल की है. कोर्ट नंबर 72 में फ्रेश कॉज लिस्ट में 142 नंबर पर शुक्रवार 27 फरवरी को केस लगा हुआ है. जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में होगी मामले की सुनवाई.&amp;nbsp;
वहीं दूसरी तरफ इस मामले में लेकर विवाद और बढ़ता जा रहा है. शंकराचार्य के समर्थन में उतरे दिनेश फलाहारी महाराज ने उन पर आरोप लगाने वाले छात्रों और आशुतोष पांडेय के नार्को टेस्ट कराने की माँग की है. उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखा है. फलाहारी महाराज ने दावा किया उन्हें भी दूसरे मोबाइल नंबर से फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई है.&amp;nbsp;
फलाहारी बाबा ने आरोप लगाया कि आशुतोष ब्रह्मचारी गौकशी कराने वाला हिस्ट्रीशीटर रहा है. उसने शंकराचार्य को फंसाने का षड्यंत्र रचा है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>स्वामी, अविमुक्तेश्वरानंद, मामले, में, होगा, नार्को, टेस्ट, अग्रिम, जमानत, अर्जी, पर, में, सुनवाई, कल</media:keywords>
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<title>Bihar News: &amp;apos;हिंदू&#45;मुसलमान का...&amp;apos;, खुले में मांस की बिक्री पर रोक के बाद भड़के मुकेश सहनी</title>
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<description><![CDATA[ बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के अंदर खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगा दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का मांस-मछली खुले में नहीं बेचा जाएगा. इस फैसले को लेकर राजनीति गरमा गई है. इस बीच विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी की प्रतिक्रिया आई है.&amp;nbsp;
मुकेश सहनी ने कहा कि यह तो सब लोग जानते हैं कि हिंदू-मुसलमान का नैरेटिव सेट करने के लिए पहले चिकन और मटन से शुरू हुआ और अब मछली पहुंच गया है.यह एक जाति, एक धर्म के लोगों को निशाना बनाना की सोच है. उसके लिए अब मछुआरों को घसीट लिया गया.
जो मर्जी होगी करने लगेगा- मुकेश सहनी
मुकेश सहनी ने कहा कि कुछ दिन पहले बिहार के डिप्टी सीएम सोकर उठे और आदेश दिया कि कोई भी मछुआरा मछली नहीं बेचेगा, मांस नहीं बेचेगा. उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि सबका अपने बाबूजी का राज है, जो मर्जी होगी करने लगेगा.&amp;nbsp;
मुकेश सहनी ने आगे कहा कि हम भी मंत्री बने थे. हमने 5 हजार करोड़ रुपये का बजट बनाया था. पूरे बिहार में मछली बाजार बनाया जाएगा. इसमें कोई भी खुले में, सड़क किनारे मछली-मटन नहीं बेचेंगे. इसके लिए हमने 5 साल का ब्लूप्रिंट बनाया था. जिसके लिए 5 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे.&amp;nbsp;
अपना ब्लूप्रिंट लागू करने का दिया सुझाव&amp;nbsp;
इस ब्लूप्रिंट के मुताबिक हर साल में एक हजार करोड़ रुपये का खर्चा करना था. उन्होंने आगे कहा कि हमको रोड पर मछली बेचने का शौक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि सरकार का काम हर जगह व्यवस्था करने का है. इसलिए हर जगह मछली बाजार बनाई जाए.&amp;nbsp;उन्होंने आगे कहा कि बाजार बनेगा तो लोग वहां मछली बेचेंगे, मटन बेचेंगे और चिकन बेचेंगे.&amp;nbsp;
मुकेश सहनी ने कहा कि जो फाइल हमने विभाग में साइन की है. उससे पहले डिप्टी सीएम से आग्रह है कि पहले जितने भी शहर है और ग्रामीण इलाकों में मछली बाजार दिया जाए, ताकि वे लोग बाजार में मछली बेच सकें.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Himachal Pradesh&#45;Delhi Police Clash: दिल्ली और शिमला पुलिस आपस में क्यों भिड़ी, कब, और कैसे हुआ टकराव, आगे क्या होगा? जानें सब</title>
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<description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच बुधवार (25 फरवरी 2026) को टकराव उस समय बढ़ गया, जब दिल्ली पुलिस की एक टीम को शिमला के पास शोगी बैरियर पर रोक लिया गया. यह टीम 20 फरवरी को नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जा रही थी. शिमला पुलिस ने 15&amp;ndash;20 सादे कपड़ों में आए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया. आरोप है कि रोहड़ू क्षेत्र के एक रिजॉर्ट से तीन युवकों को बिना उचित दस्तावेजों के जबरन ले जाया गया. पुलिस के बयान के अनुसार, टीम ने रिजॉर्ट का सीसीटीवी डीवीआर भी बिना किसी रसीद या जब्ती मेमो के अपने साथ ले लिया.
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि उसकी स्पेशल सेल ने सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को रोहड़ू उपमंडल के चिरगांव इलाके के एक होटल से हिरासत में लिया था. दिल्ली के एक अधिकारी के अनुसार, तीनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाने हेतु ट्रांजिट रिमांड दी गई. ताजा जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस टीम गुरुवार तड़के शिमला की एक स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई. दिल्ली पुलिस के वकील नंद लाल ने कहा कि आरोपियों को प्रक्रिया के अनुसार दिल्ली में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा.
पहले क्या हुआ जानें पूरा टाइमलाइट
20&amp;ndash;23 फरवरी 2026 को क्या हुआ
बताया गया कि तीनों इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) सदस्य 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए कथित शर्टलेस विरोध प्रदर्शन में शामिल थे. अन्य की गिरफ्तारी के बाद ये तीनों हिमाचल प्रदेश चले गए और शिमला में ठहरे हुए थे. दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई की.
24&amp;ndash;25 फरवरी को दिल्ली पुलिस टीम शिमला पहुंची
करीब 15&amp;ndash;20 दिल्ली पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में शिमला जिले के चिरगांव क्षेत्र पहुंचे. वे मंडली गांव स्थित एक रिजॉर्ट में गए, जहां तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता ठहरे हुए थे.
25 फरवरी सुबह जबरन कार्रवाई
आरोप है कि दिल्ली पुलिस टीम तीनों युवकों और उनकी थार गाड़ी को अपने साथ ले गई. साथ ही, बिना किसी जब्ती मेमो, रसीद, वारंट या ट्रांजिट रिमांड दस्तावेज के मौके से सीसीटीवी डीवीआर भी हटाया गया.
स्थानीय पुलिस का हस्तक्षेप
रिजॉर्ट प्रबंधन की शिकायत के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शिमला&amp;ndash;कालका हाईवे पर शोगी बैरियर के पास दिल्ली पुलिस की टीम को रोक लिया, जब वे चंडीगढ़/दिल्ली की ओर जा रहे थे.
शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच पहला टकराव
हिमाचल पुलिस ने ऑपरेशन की वैधता और प्रक्रियात्मक कमियों पर सवाल उठाए और कथित तौर पर कई घंटों तक दिल्ली पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए रोके रखा. करीब 20 लोगों, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, उनसे पूछताछ की गई. एक वीडियो में दिल्ली पुलिस अधिकारी कहते सुनाई देते हैं कि हमने आज सुबह 5 बजे आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना है, लेकिन आपने रात 8 बजे FIR दर्ज कर हमें रोक लिया. हिमाचल पुलिस अधिकारियों ने वीडियो में कहा कि मैंने सुबह आपसे कानूनी दस्तावेज मांगे थे, लेकिन आपने न तो कोई दस्तावेज दिखाया, न FIR नंबर और न ही ट्रांजिट रिमांड ली.
शिमला के कोर्ट में कार्यवाही
मामला स्थानीय अदालत पहुंचा, जहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस को तीनों आरोपियों के लिए ट्रांजिट रिमांड मिल गई. इसके बाद टीम को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई और रोके गए कर्मियों को रिहा किया गया.
शिमला और दिल्ली पुलिस का दूसरा टकराव
उसी दिन बाद में शिमला पुलिस ने टीम को फिर शोगी पर रोका. एक और विवाद हुआ और चिरगांव थाने में दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ कथित अपहरण और प्रक्रियात्मक उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई.
शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीन यूथ कांग्रेस सदस्यों में से दो दिल्ली FIR में नामजद आरोपी हैं, जबकि तीसरे को साजिशकर्ता बताया गया है. इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव को बढ़ा दिया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जांच में बाधा डालने और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने के आरोप लगा रहे हैं. मामले को लेकर शिमला पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-2 एकांश कपिल की अदालत में एक निजी शिकायत भी दायर की है. इस मामले की सुनवाई गुरुवार को शिमला में निर्धारित है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Himachal, Pradesh-Delhi, Police, Clash:, दिल्ली, और, शिमला, पुलिस, आपस, में, क्यों, भिड़ी, कब, और, कैसे, हुआ, टकराव, आगे, क्या, होगा, जानें, सब</media:keywords>
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<title>Bangladeshi Woman: रानी बनकर यूपी में रह रही थी बांग्लादेशी महिला! मामला सामने आने के बाद अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां एक बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम अपनी पहचान छुपाकर फर्जी दस्तावेज के सहारे रानी बनकर रह रही थी. जानकारी के मुताबिक महिला बांग्लादेश के नारायणगंज के मुजिबुल में रहने वाली महमूदा बेगम 2021 में भारत पहुंची और उसने यहां हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित गांव दौताई में शरण ली.
बताया जा रहा है कि इसी दौरान बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम ने अपनी पहचान को बदलते हुए अपने नाम को रानी कर लिया और हापुड़ के ही मोहल्ला कुरैशी वाला में रहने वाले मोहम्मद मसरूफ पुत्र इंशाल्लाह से 2021 में नई दिल्ली में निकाह कर लिया. इसके बाद से महिला पूरी तरह से यहीं रहने लगी.
केंद्रीय एजेंसियों को बांग्लादेशी महिला की मिली जानकारी
जानकारी के अनुसार 23 फरवरी 2026 को जब केंद्रीय एजेंसियों को इसकी जानकारी हुई तो केंद्रीय एजेंसियों ने जांच पड़ताल करनी शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि दौताई के ग्राम प्रधान राशिद अली ने महमूदा बेगम के फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने में मदद की. फिलहाल अब यह मामला सामने आने के बाद मोहम्मद मसरूफ और महमूदा बेगम उर्फ रानी दोनों गांव से बाहर बताए जा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम उर्फ रानी और उसके पति मोहम्मद मसरूफ की तलाश में जुटे हुए हैं.
किस धारा के तहत हो सकती है कार्रवाई
अगर जांच में अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेज और पहचान छिपाने के आरोप साबित होते हैं तो विदेशी अधिनियम (Foreigners Act), पासपोर्ट अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है.
भारत में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज
द हिंदू अखबार ने एक रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी देश बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद भारत ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2024 के बीच भारत के पूर्वी सीमा क्षेत्र से बिना वैध दस्तावेजों के 337 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जो भारत छोड़कर वापस जा रहे थे. हालांकि, अगस्त 2024 से 21 मार्च 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 906 हो गई. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>भारतीय यूट्यूबर ने कुवैत में अपनी मां को भेजा I LOVE U का मैसेज, फिर कर ली खुदकुशी</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोमवार (23 फरवरी) को 21 वर्षीय यूट्यूबर बोनू कोमाली का किराए के घर में शव मिला. मौत से कुछ समय पहले ही उसने अपनी मां को आई लव यू सो मच का मैसेज भेजा था. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की निवासी कोमाली हैदराबाद के एक निजी कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई करते हुए लगभग 11 महीनों से एक अपार्टमेंट में अकेली रह रही थीं. वह यूट्यूब पर लाइफस्टाइल के वीडियो बनाती थीं.
पुलिस के अनुसार कोमाली ने सोमवार तड़के कुवैत में काम करने वाली अपनी मां बी सत्या वरलक्ष्मी को एक संदेश भेजा, जिसमें उसने लिखा, &quot;मम्मी मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं&quot; और उनसे अपने छोटे भाई का ख्याल रखने की बात कही. बाद में उसका फोन बंद पाया गया. बार-बार कॉल करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसकी मां ने एक दोस्त को सूचना दी, जो दोपहर में उसके फ्लैट पर गई.
छत के पंखे से लटकी मिली लाश
पुलिस अधिकारी सी. वेंकन्ना ने बताया कि लगभग दोपहर 3 बजे बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर हमने कुंडी तोड़ दी और उसे छत के पंखे से लटका हुआ पाया. घटनास्थल के पास एक सीढ़ी और एक साड़ी मिली. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते के विवाद के कारण मानसिक रूप से परेशान थी.&amp;rdquo;
पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास&amp;nbsp;पुलिस के मुताबिक कोमाली का 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और साथी यूट्यूबर के साथ तीन साल से रिश्ता था लेकिन खबरों के अनुसार दोनों अलग हो गए थे. पुलिस ने बताया कि कोमाली ने लगभग छह महीने पहले आत्महत्या का प्रयास किया था. पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल भेज दिया गया है. &amp;nbsp;पुलिस आत्महत्या से जुड़े सभी पहलुओं को जानने के लिए फोन रिकॉर्ड, संदेशों और दोस्तों व पड़ोसियों के बयानों की पड़ताल कर रही है.&amp;nbsp;
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>10वीं की छात्रा के साथ वैन में 3 लोगों ने की गैंगरेप की कोशिश, एक आरोपी से थी लड़की की दोस्ती</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के&amp;nbsp;तंजावुर जिले के पापनासम इलाके में 10वीं क्लास की छात्रा के साथ रेप करने की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने 19 साल के वेलमुरुगन एक टूरिस्ट वैन ड्राइवर को पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में दो अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिन्होंने आरोपी की मदद की.
पुलिस के मुताबिक, वेलमुरुगन तिरुमानूर इलाके के तिरुनावुकरसु का बेटा है और वह मंदिरों में आने वाले भक्तों को वैन से ले जाता था. छात्रा और वेलमुरुगन के बीच पहले से दोस्ती हो गई थी. 23 तारीख को वेलमुरुगन ने नियमित रूप से भक्तों को वैन में ले जाने के बाद छात्रा को वैन में बैठने के लिए कहा. उस समय उसके साथ उसके दोस्त वीर (पापनाट्टई निवासी) और कन्नन (57, नाचियार्कोइल के पास तिरुचेराई इलाके के निवासी) भी मौजूद थे.
तीनों ने छात्रा के साथ रेप की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक, तीनों ने वैन को लोगों की नजरों से दूर रोक कर छात्रा के साथ रेप करने की कोशिश की. डर के कारण छात्रा ने वेलमुरुगन को धक्का दिया और वहां से भाग गई. छात्रा ने इस घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी. इसके बाद उन्होंने पापनासम ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इंस्पेक्टर वनिता के नेतृत्व में जांच में यह सामने आया कि वेलमुरुगन ने छात्रा के साथ गलत व्यवहार करने की कोशिश की.
पुलिस ने वेलमुरुगन को गिरफ्तार किया
इसके बाद पापनासम ऑल वुमन पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वेलमुरुगन को गिरफ्तार कर लिया. इसके अलावा वीर और कन्नन की तलाश की जा रही है जिन्होंने इसमें मदद की. इस घटना से पापनासम इलाके में सनसनी फैल गई है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Telangana Marriage: ‘मिरर इमेज’ शादी! जुड़वां भाइयों ने जुड़वां बहनों को एक ही मुहूर्त में पहनाया मंगलसूत्र</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के घनपुर और डेमी कलान गांवों में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो लंबे समय तक याद रहेगा. मचरेड्डी मंडल के घनपुर गांव के जुड़वां भाई विजय और विनय ने ताडवई मंडल के डेमी कलान गांव की जुड़वां बहनों कीर्तना और कीर्ति के साथ एक ही शुभ मुहूर्त में विवाह कर लिया. चारों एक जैसे दिखने वाले युवक-युवतियों की यह डबल शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई. दोनों जोड़ों ने एक ही मंच पर बगल में बैठकर सारी पारंपरिक रस्में एक साथ निभाईं.
जब समारोह शुरू हुआ तो मंडप को खूबसूरत फूलों और रोशनियों से सजाया गया था. दोनों जोड़ियां पारंपरिक कपड़ों में सजी-धजी, बिल्कुल मैचिंग लुक के साथ दिख रही थीं. विजय-कीर्तना और विनय-कीर्ति की जोड़ी इतनी मिलती-जुलती थी कि मेहमान बार-बार भ्रम में पड़ जाते थे. कौन सा भाई किस बहन के साथ है, यह पहचानना नामुमकिन हो रहा था. मंत्रोच्चारण की आवाज के साथ हंसी-खुशी का माहौल बना रहा. मैं वहां मौजूद था और देखा कि हर कोई इस अनोखे नजारे को कैमरे में कैद कर रहा था.
शादी में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
दोनों गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे. घनपुर और डेमी कलान के बीच यह रिश्ता सिर्फ दो परिवारों को नहीं जोड़ रहा था बल्कि पूरे समुदाय को एकजुट कर रहा था. गांववाले कह रहे थे कि ऐसी शादी पहले कभी नहीं देखी. बच्चे से लेकर बूढ़े तक सब इस खुशी में शामिल होने के लिए उत्सुक थे. परिवार वालों ने बताया कि यह मिलन भाग्य का खेल था. दोनों परिवारों के बीच पहले से अच्छे संबंध थे और यह शादी दोनों गांवों की खुशी को दोगुना कर गई.
शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
इस शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए. लोग इसे &amp;lsquo;मिरर इमेज शादी&amp;rsquo; बता रहे हैं और तारीफों के पुल बांध रहे हैं. कई लोगों ने लिखा कि यह देखकर लगता है जैसे कोई फिल्म का सीन हो. तेलंगाना के इस इलाके में जुड़वां भाई-बहनों का ऐसा विवाह बहुत दुर्लभ माना जाता है. देश में पहले भी कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं लेकिन कामारेड्डी जैसे छोटे इलाके में यह पहला बड़ा मौका है. ऐसे संयोग दुनिया भर में लाख में एक ही होते हैं और यह रिश्ता परिवारों के बीच गहरे बंधन बनाने वाला साबित हो रहा है.
कामारेड्डी जिले के लोगों में खुशी
यह घटना स्थानीय परंपराओं को नई ऊर्जा दे गई है. यह दिखाता है कि प्रेम और रिश्ते कैसे पूरे समुदाय को मजबूत बनाते हैं. दो गांवों के बीच यह नया बंधन आने वाले समय में और मजबूत संबंध बनाएगा. समारोह में शामिल हर व्यक्ति इस खुशी को अपने साथ लेकर लौटा. कामारेड्डी जिले के लिए 22 फरवरी 2026 एक विशेष दिन साबित हुआ जहां चारों तरफ खुशी का माहौल छाया रहा. यह यादगार पल अब पूरे जिले की कहानी बन चुका है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Delhi News: मालवीय नगर में नॉर्थ ईस्ट की लड़कियों पर नस्लीय टिप्पणी के मामले में एक्शन, आरोपी महिला गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के मालवीय नगर में नॉर्थ ईस्ट की लड़कियों पर किए गए नस्लीय टिप्पणी के मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी रूबी जैन को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं आरोपी के खिलाफ जोड़ी हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:22:08 +0530</pubDate>
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<title>BMC Budget: आज पेश होगा BMC 2026&#45;27 का बजट, प्रभाकर शिंदे करेंगे पेश, इन प्रोजेक्ट्स पर रहेगा जोर</title>
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<description><![CDATA[ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सभी अहम समितियों के चुनाव पूरे होने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट बुधवार (25 फरवरी) को स्थायी समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे को प्रस्तुत करेंगे. आम तौर पर बीएमसी बजट हर साल फरवरी के पहले सप्ताह में, 5 फरवरी से पहले पेश किया जाता है, लेकिन इस बार नगर निगम चुनाव प्रक्रिया में देरी के कारण बजट पेश करने में विलंब हुआ.
पहली बार होने जा रहा है ये काम
खास बात यह है कि पिछले चार वर्षों में यह पहला मौका होगा जब बीएमसी का बजट किसी निर्वाचित निकाय के समक्ष पेश किया जाएगा. पिछले तीन बजट प्रशासक शासन के दौरान पारित किए गए थे.
सूत्रों के अनुसार, 2026-27 का बजट आकार पिछले वर्ष के 74,427.41 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है. वर्ष 2025-26 का बजट 65,180.79 करोड़ रुपये था, जिसमें 14.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी.
कोई नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं होगा घोषित
इस बार कोई नई बड़ी आधारभूत (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजना घोषित किए जाने की संभावना नहीं है. इसके बजाय, पहले से चल रही बड़ी परियोजनाओं जैसे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड सुरंग परियोजना और मुंबई कोस्टल रोड के उत्तरी चरण के लिए अधिक धन आवंटित किए जाने की उम्मीद है.
बीएमसी नगर निगम बॉन्ड जारी करने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि अपनी बढ़ती आधारभूत परियोजनाओं के लिए धन जुटाया जा सके. हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के नगर बॉन्ड पर 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा के बाद बीएमसी को इससे लाभ मिल सकता है. फिलहाल निगम बॉन्ड जारी करने से पहले आवश्यक मान्यता और क्रेडिट रेटिंग की प्रक्रिया में है.
घट सकती है फिक्स्ड डिपॉजिट राशि
सूत्रों के मुताबिक, बीएमसी की देनदारियां 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. वहीं, लगभग 80,000 करोड़ रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) राशि चालू वित्त वर्ष के अंत तक घटकर करीब 77,000 करोड़ रुपये रह सकती है, क्योंकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए इन निधियों का उपयोग किया जा रहा है.
मेयर ऋतु तावड़े ने दिया सुझाव
इस बीच, मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने शहर के चार प्रमुख प्रवेश बिंदुओं ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, मुलुंड चेक नाका, वाशी-मांखुर्द रोड और दहिसर चेक नाका पर भव्य प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और घड़ी टावर बनाने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल करने का सुझाव दिया है.
गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुलुंड के पार्षद प्रभाकर शिंदे को स्थायी समिति का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया. स्थायी समिति बीएमसी की सबसे प्रभावशाली वैधानिक संस्था है, जो सभी प्रमुख वित्तीय प्रस्तावों की जांच और मंजूरी देती है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:22:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Delhi State Name: केरल के बाद अब राजधानी दिल्ली की बदलेगी पहचान? सांसद ने गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी, सुझाया नया नाम</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद एवं कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि ऐसा कदम भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करेगा.
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी उपयुक्त स्थान पर,संभवतः पुराना क़िला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, जिससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके.
खंडेलवाल ने एक अलग पत्र में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम &#039;इंद्रप्रस्थ&#039; करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए.
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए.
खंडेलवाल ने कहा कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक साक्ष्य और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं यह स्थापित करती हैं कि वर्तमान दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थल है, जो पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी थी, जैसा कि महाकाव्य महाभारत में वर्णित है. महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के तट पर बसा एक समृद्ध और भव्य नगर बताया गया है, जो आज की दिल्ली के भौगोलिक स्वरूप से पूरी तरह मेल खाता है.
उन्होंने आगे बताया कि पुरातत्व सर्वे ऑफ़ इंडिया द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है. उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहाँ आज दिल्ली है.
खंडेलवाल ने कहा कि &#039;दिल्ली&#039; नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं. लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता.
इंद्रप्रस्थ सभ्यतागत पहचान का प्रतीक- सांसद
उन्होंने कहा, &#039;इंद्रप्रस्थ राजधानी की मूल सभ्यतागत पहचान का प्रतीक है, जबकि दिल्ली इतिहास के एक बाद के चरण को दर्शाता है. राजधानी का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की प्राचीन विरासत से उसके संबंध को पुनर्स्थापित करेगा और भारत की सांस्कृतिक निरंतरता को मजबूत करेगा.&#039;
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि भारत में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पुनर्स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज प्रमुख उदाहरण हैं.
उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ नाम पहले से ही दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों और स्थानों में प्रचलित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऐतिहासिक नाम को समाज में स्वाभाविक स्वीकृति प्राप्त है.
खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करना भारत की राजधानी की सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे राष्ट्रीय गौरव मजबूत होगा और विश्व के सामने भारत की प्राचीन विरासत और भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत होगी.
उन्होंने गृह मंत्री श्री अमित शाह से आग्रह किया कि इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य विशेषज्ञों से परामर्श कर इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाए.
खंडेलवाल ने कहा, &#039;यह कदम न केवल एक ऐतिहासिक विसंगति को दूर करेगा, बल्कि भारत की महान सभ्यता की विरासत को सम्मान देने और उसे संरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा.&#039;&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:22:04 +0530</pubDate>
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<title>Ambedkar Nagar News: अंबेडकरनगर के चर्चित हत्याकांड का आया फैसला, पूर्व ब्लॉक प्रमुख माफिया सहित 3 को उम्रकैद</title>
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<description><![CDATA[ अंबेडकरनगर के &amp;nbsp;चर्चित हत्या कांड में आखिरकार न्यायालय का बड़ा फैसला सामने आया है. बहुचर्चित माफिया और पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिंह सिपाही समेत तीन लोगों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, यह फैसला एडीजे प्रथम राम विलास सिंह की अदालत ने सुनाया.
यह मामला वर्ष 2016 का है, महरुआ थाना क्षेत्र के ग्राम लोकनाथपुर निवासी अजय सिंह सिपाही के घर होली के पर्व पर 23 मार्च 2023 को एक कार्यक्रम चल रहा था. इसी कार्यक्रम में सुल्तानपुर जिले के मंशाराम यादव भी शामिल हुए थे.
आरोप है कि उसी दौरान मंशाराम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था. दूसरे दिन जब शव बरामद हुआ तो परिजनों ने महरुआ थाने में मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस जांच में हत्या और साक्ष्य मिटाने की साजिश का खुलासा हुआ.&amp;nbsp;
किन-किन को मिली सजा
कोर्ट ने 4 नामजद आरोपियों में से तीन आरोपियों को दोषी करार दिया, जिसमें अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिंह सिपाही, मुलायम यादव, अजय यादव और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. एक आरोपी गिरेन्द्र पाण्डेय को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. &amp;nbsp;
10 साल बाद आया फैसला&amp;nbsp;
करीब दस वर्षों तक चले मुकदमे के बाद कोर्ट का यह फैसला आया है. अभियोजन पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि क्षेत्र में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:22:04 +0530</pubDate>
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<title>Bhadohi News: शहीद जवान के परिवार से मिले कांग्रेस नेता अजय राय, एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद निवासी धीरज गुप्ता भारतीय सेना में तैनात थे, जिनकी जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी थी और वे वहां शहीद हो गए. मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय धीरज गुप्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्होंने ढांढस बंधाने के साथ ही सरकार से परिवार को एक करोड़ का मुआवजा और सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अग्निवीर योजना पर सवाल खड़े किए हैं.
यही नहीं अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने योगी सरकार को तानाशाह की सरकार बताया और कहा कि शंकराचार्य जी के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज की गयी है. राय ने इस मामले में वाराणसी से सांसद होने के चलते प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है.
शहीद परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग 
औराई क्षेत्र के जेठूपुर गांव 23 फरवरी की देर शाम अजय राय शहीद के आवास पहुंचे. उन्होंने तिरंगे को नमन करते हुए धीरज गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की, मां के चरण स्पर्श किए और परिजनों को गले लगाकर ढांढस बंधाया. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;धीरज ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. राष्ट्र उनकी शहादत का सदैव ऋणी रहेगा.&amp;rdquo; साथ ही बाबा काशी विश्वनाथ से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को संबल देने की प्रार्थना की. बताया जाता है कि धीरज बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखते थे. उनका बलिदान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है.
पत्रकारों से बातचीत में अजय राय ने मांग की कि शहीद के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए. उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस सहायता मिलनी चाहिए.
मंत्रियों की अनुपस्थिति पर सवाल
अजय राय ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार में ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, जो जनपद के प्रभारी मंत्री भी हैं. इसके साथ बीजेपी की सहयोगी पार्टी गरीब मछुआरा समाज की बात करने वाले निषाद पार्टी अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के घंटों जनपद में रहने के बावजूद दोनों मंत्रियों का शहीद के घर न जाने पर सवाल खड़े होते हैं. यह संवेदनहीनता और दुर्भाग्यपूर्ण है ऐसे समय में परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था.
अग्निवीर योजना पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अग्निवीर योजना की आलोचना करते हुए कहा कि चार साल की अल्पकालिक सेवा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और सेना के मनोबल के लिए चिंताजनक है. उन्होंने मांग की कि या तो पुरानी स्थायी भर्ती प्रक्रिया बहाल की जाए या शहीद अग्निवीरों को अन्य सैनिकों के समान पूर्ण सम्मान और सुविधाएं दी जाएं. अजय राय ने कहा कि एक होनहार युवा का असमय जाना केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे देश की क्षति है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस दुःख की घड़ी में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:58 +0530</pubDate>
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<title>विमान हादसों को लेकर DGCA सख्त, लागू किए ये नए नियम, अब लापरवाही पड़ेगी भारी</title>
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<description><![CDATA[ देश में हाल के दिनों में विमान से जुड़े हादसों और घटनाओं के बढ़ने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) हरकत में आ गया है. मंगलवार &amp;nbsp;(24 फरवरी 2026) को DGCA ने चार्टर फ्लाइट, प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर सेवाएं देने वाले नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की. बैठक के बाद DGCA ने सख्त नियम लागू करने का ऐलान किया है.
DGCA का कहना है कि बीते 10 सालों के हादसों के आंकड़ों की समीक्षा में यह सामने आया कि कई मामलों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का ठीक से पालन नहीं हुआ और फ्लाइट प्लानिंग में लापरवाही बरती गई और पायलट ट्रेनिंग में भी कमियां रहीं. इन्हीं वजहों से चार्टर और प्राइवेट उड़ानों में जोखिम बढ़ा. अब नियामक ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं चलेगा.
DGCA ने किए ये बदलावDGCA ने दो टूक कहा है कि अब से सुरक्षा हर हाल में सबसे ऊपर रहेगी चाहे वह VIP मूवमेंट हो या कमर्शियल विमान. फ्लाइट के दौरान पायलट इन कमांड का फैसला अंतिम माना जाएगा. अगर पायलट खराब मौसम या तकनीकी कारणों से फ्लाइट को डायवर्ट या कैंसिल करता है तो उस पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा.
नए नियमों के तहत चार्टर और प्राइवेट फ्लाइट ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर विमान की उम्र, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और पायलट का अनुभव सार्वजनिक करना होगा. DGCA सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स की सेफ्टी रैंकिंग भी जारी करेगा, जिससे यात्रियों को पता चल सके कि कौन सा ऑपरेटर सेफ्टी मानकों पर कितना खरा उतरता है.
&#039;पायलट का लाइसेंस हो सकता है सस्पेंड&#039;DGCA कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर , फ्लाइट डेटा और टेक्निकल लॉग की रैंडम जांच बढ़ाएगा. नियम तोड़ने पर सिर्फ पायलट ही नहीं बल्कि ऑपरेटर के मैनेजमेंट को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा. फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट तोड़ने या सुरक्षा मानकों से नीचे लैंडिंग की कोशिश करने पर पायलट का लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है. वहीं ऑपरेटर पर जुर्माना लगने के साथ लाइसेंस या परमिट रद्द होने का भी खतरा रहेगा.
पुराने विमानों और जिन विमानों का मालिकाना हक बदला गया है उनकी मेंटेनेंस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. जिन ऑपरेटर्स के पास अपनी मेंटेनेंस सुविधा है उनकी भी जांच होगी. मानकों पर खरे न उतरने पर उन्हें मान्यता प्राप्त एजेंसी से मेंटेनेंस कराना होगा. DGCA के मुताबिक नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स का विशेष सेफ्टी ऑडिट दो चरणों में किया जाएगा. पहला चरण मार्च की शुरुआत में और दूसरा चरण उसके बाद पूरा होगा. इसके जरिए पूरे सेक्टर में सेफ्टी कल्चर मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:35 +0530</pubDate>
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<title>सरकार ने ULLU और ALT Balaji के बाद अब ये 5 OTT कर दिए बैन, इस्तेमाल किया तो बुरा होगा अंजाम!</title>
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<description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने एक बार फिर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई की है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पांच ऐसे OTT प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, जिन पर अश्लील, आपत्तिजनक और पोर्न जैसा कंटेंट दिखाया जा रहा था. यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नैतिकता और कानूनी मानकों को लागू करने के लिए उठाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि अगर उल्लंघन जारी रहा तो आगे भी सख्त कार्रवाई होगी.
सामाजिक संदेश के बिना सिर्फ अश्लील सामग्री दिखाई
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी फिल्में और वेब सीरीज चल रही थीं, जिनमें पूरी तरह नग्नता वाले लंबे-लंबे सीन्स, स्पष्ट यौन संबंध दिखाने वाले सीन और कोई कहानी या सामाजिक संदेश के बिना सिर्फ अश्लील सामग्री थी. इन प्लेटफॉर्म्स के नाम MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu हैं. सरकार का साफ कहना है कि यह सामग्री सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करती है और भारतीय कानूनों के खिलाफ है.
सरकार ने प्लेटफॉर्म्स पर नकेल कैसे कसी?
यह रोक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत लगाई गई है. इसी धारा के जरिए सरकार को इंटरनेट पर किसी भी सामग्री को ब्लॉक करने का अधिकार मिलता है, खासकर जब वह सार्वजनिक नैतिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा या शालीनता को खतरा पहुंचाती हो. साथ ही डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता नियम 2021 का भी हवाला दिया गया है.
सरकार ने सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेश दिया है कि ये प्लेटफॉर्म्स अब किसी भी डिवाइस पर खुलना नहीं चाहिए. चाहे जियो हो, एयरटेल हो, वोडाफोन-आइडिया हो या कोई और कंपनी. इन प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच पूरी तरह बंद कर दी गई है.
पहले भी कई बार दी गई चेतावनी
मंत्रालय ने सितंबर 2024 में इन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए थे. कई प्लेटफॉर्म्स ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और कुछ ने नए-नए नाम या डोमेन बदलकर वही अश्लील कंटेंट चलाना जारी रखा. मार्च 2024 में भी ऐसी ही पांच वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया गया था, लेकिन वे नए नाम से वापस आ गए थे. फरवरी 2025 में भी सभी OTT प्लेटफॉर्म्स को नैतिकता संहिता का पालन करने की याद दिलाई गई थी, मगर कुछ प्लेटफॉर्म्स ने सुधार नहीं किया.
इस बार कार्रवाई से पहले सरकार ने गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कानून मंत्रालय, FICCI-CII जैसी इंडस्ट्री संस्थाओं और महिला-बाल अधिकारों के विशेषज्ञों से भी सलाह ली. सभी ने एकमत होकर कहा कि ऐसी सामग्री को तुरंत रोकना जरूरी है.
उल्लू और ऑल्ट बालाजी जैसे प्लेटफॉर्म्स बंद
इससे जुलाई 2025 में सरकार ने 25 OTT ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था, जिनमें ALTBalaji, ULLU, Big Shots App, Desiflix, Boomex, Navarasa Lite और Gulab App जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स थे. उनमें भी यही शिकायत थी कि बेवजह के यौन संकेतों से भरे सीन, नग्नता और अश्लील सामग्री.
इस कार्रवाई से सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नैतिकता और शालीनता के मानक बने रहें. बच्चों, महिलाओं और समाज के हितों की रक्षा हो. अधिकारी कहते हैं कि ये प्लेटफॉर्म्स बार-बार चेतावनी के बावजूद नोटिस की अनदेखी कर रहे थे और नए-नए तरीकों से कंटेंट चला रहे थे. अब यह रास्ता भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:34 +0530</pubDate>
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<title>Telangana Board Exams 2026: तेलंगाना में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बड़ी राहत, अब मिलेगा 5 मिनट का ग्रेस पीरियड</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना सरकार ने राज्य में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक अहम और राहत भरा फैसला लेते हुए छात्रों के लिए 5 मिनट का ग्रेस पीरियड (अनुग्रह अवधि) देने की घोषणा की है. यह फैसला 25 फरवरी से शुरू होने वाली इंटरमीडिएट और 14 मार्च से होने वाली SSC परीक्षाओं के लिए लागू होगा, जिसमें कुल 14.7 लाख से अधिक छात्र भाग लेंगे. सत्ता प्राधिकरण ने न केवल छात्रों के लिए लचीलाहट बरती है, बल्कि परीक्षाओं को नकल व गड़बड़ी मुक्त कराने के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त भी किए हैं.
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस बार परीक्षा का आयोजन अभूतपूर्व पैमाने पर होगा, जिसमें इंटर पहले वर्ष के 4.89 लाख और दूसरे वर्ष के 4.53 लाख छात्र पेपर देंगे, वहीं SSC परीक्षा में 5.28 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे. छात्रों की सुविधा के लिए हॉल टिकट अब व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजे जाएंगे, साथ ही इन्हें ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है. परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वहां बेंच, घड़ी वाले कमरे (क्लॉक रूम्स) और मेडिकल सहायता की पूरी व्यवस्था रखी गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके.
तेलंगाना के परीक्षा केंद्र में CCTV
सुरक्षा के मामले में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है. परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रश्न पत्रों में QR कोड लगाया गया है और इन्हें परीक्षा शुरू होने के ठीक 15 मिनट पहले खोला जाएगा. केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बंदोबस्त के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वाड की भी तैनाती की गई है ताकि कोई भी अनचाहा तत्व परीक्षा प्रक्रिया में बाधा न पहुंचा सके. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकल को प्रोत्साहित करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
तेलंगाना में &amp;nbsp;नकल पर रोक लगाने की कोशिश
पिछले कुछ वर्षों में राज्य में परीक्षाओं के दौरान हुई अनियमितताओं और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से कहीं अधिक सतर्क है. ग्रेस पीरियड देने का यह निर्णय उन तमाम छात्रों के लिए सुकून की बात है जो यातायात या अन्य अनिवार्य कारणों से कभी-कभी मामूली देरी से पहुंच जाते हैं. यह कदम छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने और परीक्षा प्रणाली को और अधिक मानवीय बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है. तेलंगाना शिक्षा विभाग का यह प्रयास छात्र हित को प्राथमिकता देने के साथ-साथ परीक्षा की गरिमा को बनाए रखने का संदेश देता है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>गर्व से देश का सीना किया चौड़ा, 21 साल की भारतीय पायलट हिजाब पहनकर उड़ा रही विमान, पढ़ें सक्सेस स्टोरी</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद की 21 वर्षीय मुस्कान बेगम ने एक मध्यम वर्गीय परिवार से आने और सामाजिक रूढ़िवादों का सामना करते हुए भी अपने जज्बे से सबको प्रेरित किया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से ट्रेनिंग लेकर कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल कर लिया है, जिससे वह शहर की सबसे युवा पायलटों में शुमार हो गई हैं. मुस्कान ने न केवल अपना सपना पूरा किया है, बल्कि हिजाब पहनकर भी इस मुकाम को हासिल कर उन तमाम तर्कों को खारिज कर दिया, जो अक्सर लड़कियों की प्रगति में बाधा बनते हैं.
मुस्कान की शिक्षा हैदराबाद में हुई, जहां उन्होंने नारायणा स्कूल से स्कूली शिक्षा और चैतन्य से इंटरमीडिएट पूरा किया. एविएशन की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने हैदराबाद में ही मेडिकल टेस्ट क्लियर किए और खादर बाग स्थित वी2 एविएशन अकादमी से डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की परीक्षाएं पास कीं.&amp;nbsp;
250 घंटे से अधिक की उड़ान भरीइसके बाद 2023 में जब उन्हें दक्षिण अफ्रीकी वीजा मिला तो वह केपटाउन स्थित 4 एविएटर्स फ्लाइंग स्कूल में शामिल हो गईं. उन्होंने वहां थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास किया और सीपीएल चेकराइड में भी अपनी काबिलियत साबित की. अब तक उन्होंने 250 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है और कानूनी तौर पर वह लाइसेंस प्राप्त कमर्शियल पायलट हैं.
क्या करते हैं माता-पिताएक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी मुस्कान के परिवार में सात सदस्य हैं. उनके पिता कतर के दोहा में काम करते हैं, जबकि मां छोटा व्यवसाय करती है. मुस्कान का कहना है कि शुरू में परिवार को इस बात के लिए मनाना थोड़ा मुश्किल था क्योंकि समाज में लड़कियों के एविएशन में जाने को लेकर कई तरह के स्टीरियोटाइप और शंकाएं थीं, लेकिन अंत में उन्हें अपने माता-पिता का पूरा समर्थन मिला.&amp;nbsp;
हिजाब पहनकर दक्षिण अफ्रीका में ट्रेनिंग लेना उनके लिए थोड़ा संघर्षपूर्ण रहा होगा, लेकिन उन्होंने दूसरों की राय से प्रभावित होने की जगह अपनी मंजिल पर ध्यान केंद्रित रखा. उन्होंने बचपन में हवाई अड्डे के पास जहाज देखकर खुद को कॉकपिट में बैठाया था और आज वह सपना हकीकत बन चुका है.
अभी मुस्कान उसी फ्लाइंग स्कूल से इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग ले रही हैं. उनकी योजना है कि वह वहां इंस्ट्रक्टर के रूप में काम करेंगी ताकि उन्हें और अधिक उड़ान के घंटे और अनुभव मिल सके. उनका मानना है कि जब एयरलाइन कंपनियों में नौकरी निकलेगी तो वह अपने इस अनुभव के दम पर सीधे ज्वाइन कर सकेंगी. एविएशन को उन्होंने पहले सपना माना था, लेकिन अब यह उनकी जिंदगी बन चुका है.&amp;nbsp;
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:33 +0530</pubDate>
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<title>विधायक ने ऐसा क्या कह दिया, हेट स्पीच का केस हो गया तर्ज, किसको कर रहे थे टारगेट</title>
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<description><![CDATA[ गुरमितकल पुलिस ने सोमवार (23 फरवरी) को विजयपुरा के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. विधायक पर गुरमितकल शहर में शनिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के प्रोग्राम के दौरान अपने भाषण में एक खास कम्युनिटी को टारगेट करने का आरोप है, जिसे लेकर उनके खिलाफ हेट स्पीच का केस दर्ज किया गया है.
विधायक यतनाल पर खास समुदाय को टारगेट करने का आरोपपुलिस कांस्टेबल शिवरामरेड्डी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर के मुताबिक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन शिवाजी की तस्वीर को शहर के बस स्टैंड के पास नागरेश्वर सर्कल से एक जुलूस में लाया गया था, जहां यतनाल ने भाषण दिया था. दर्ज FIR में कहा गया है कि यतनाल जो प्रोग्राम में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए थे, उन्होंने एक कवि के कहे हुए हिंदी वाक्य को कोट करके एक खास समुदाय को टारगेट करने का काम किया.
गांधी-नेहरू पर भी किया कमेंटएफआईआर में यह भी कहा गया है कि विधायक यतनाल ने अपने भाषण में महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू पर भी कमेंट किया था और कहा था कि महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपति नहीं थे, बल्कि वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा था कि नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री नहीं थे बल्कि वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे.
बीजेपी से निष्कासित विधायक बसनगौडा पाटिल यतनाल का भाषण सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और इस बात पर बहस हुई कि उन्होंने एक खास समुदाय को टारगेट करते हुए हेट स्पीच दी थी. FIR में आगे कहा गया है कि कांस्टेबल की रिपोर्ट के आधार पर कानूनी जानकारों से राय लेने के बाद FIR दर्ज की गई. बता दें कि ये मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196, 299, 302, 302, 352 और 353 के तहत दर्ज किया गया है.
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<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:21:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान! 2026 होगा ‘कृषक कल्याण वर्ष’, किसानों के लिए नई योजनाएं</title>
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<description><![CDATA[ MP Farmers Welfare Year 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 पर वक्तव्य देते हुए कहा कि किसानों का सशक्तिकरण ही हमारे प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है. इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को &quot;कृषक कल्याण वर्ष&quot; के रूप में मनाने का निर्णय लिया है.&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कृषक कल्याण वर्ष में हम किसानों को &#039;अन्नदाता&#039; के साथ-साथ &#039;ऊर्जादाता&#039; और &#039;उद्यमी&#039; भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं. किसान खुशहाल होंगे, तभी &quot;समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश&quot; का सपना साकार होगा. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किसान कल्याण के लिये प्रमुख 5 फसल ( उड़द, सरसों, चना, मसूर और तुअर) के लिये घोषणाएं की. उन्होंने कहा कि इससे किसानों का सशक्तिकरण और सर्वांगीण विकास होगा.
सरसों पर भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष सरसों के रकबे में पूर्व वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और द्वितीय अग्रिम अनुमान अनुसार अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन है. कृषि उपजों के लिए सरकार की मूल्य नीति का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदेश में सरसों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिल सके.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरसों की माह जनवरी की औसत मण्डी दरें 6000 रूपए प्रति क्विंटल हैं. सरसों का केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रूपए प्रति क्विंटल हैं. हमारी सरकार ने सरसों का उपार्जन भावांतर योजना के नियत प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का निर्णय लिया है. इसी संदर्भ में केन्द्र सरकार को विधिवत् प्रस्ताव भी भेज दिया गया है.
इस योजना अंतर्गत एफएक्यू सरसों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम राशि मिलने की प्रतिपूर्ति के लिए योजना प्रस्तावित की गई है. भावांतर योजना अन्तर्गत पंजीकृत किसानों के सरसों के रकबे एवं राज्य की औसत उत्पादकता के मान से उनकी पात्रतानुसार भुगतान किया जायेगा.&amp;nbsp;
उड़द पर मिलेगा ₹600 प्रति क्विंटल बोनस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में दलहनी फसलों के संतुलित उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं. ग्रीष्मकालीन मूंग फसल का अधिक उत्पादन होने से उत्पन्न, उपार्जन तथा विपणन समस्याओं के निराकरण की चुनौतियों के दृष्टिगत उड़द की ग्रीष्मकालीन फसल पर हमारी सरकार द्वारा प्रति किसान 600 रूपए प्रति क्विंटल बोनस के रूप में देने का निर्णय लिया जा रहा है. मूंग की जगह उड़द उगाने को प्रोत्साहित करने के लिए यह प्रोत्साहन राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त दी जायेगी.&amp;nbsp;
समर्थन मूल्य पर चना, मसूर का उपार्जन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में चना एवं मसूर की फसल का प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चने के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन एवं मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई 2026 तक की अवधि प्रस्तावित की गई है. &amp;nbsp;इसके लिए 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक किसानों के पंजीयन की कार्यवाही फिलहाल प्रचलन में है.
तुअर उपार्जन के लिये प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसल तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत केन्द्रीय एजेंसियों (नाफेड एवं एनसीसीएफ) द्वारा सीधे उपार्जन के लिए 1.31 लाख मीट्रिक टन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है. किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर मात्रा में बिजली, पानी और कृषि ऋण मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें फसल विविधीकरण अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:22:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>इंदौर: भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, ASI सर्वे में हुआ ये बड़ा खुलासा</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर के भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चौंकाने वाली बात सामने आई है. इस दौरान पता चला है कि एएसआई सर्वे रिपोर्ट पहले ही ली हो चुकी है. जिसके चलते उसे पहले ही ओपन कर लिया गया है.&amp;nbsp;
हाईकोर्ट में बताया गया है कि सभी पक्षकारों को पहले ही रिपोर्ट मिल चुकी है. वहीं हाईकोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट पर 2 हफ्ते में दावे, आपत्ति और सुझाव देने के लिए समय दिया है. हाई कोर्ट ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया.&amp;nbsp;
भोजशाला मामले में ASI सर्वे रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

मंदिर का मूल ढांचा: रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्तमान संरचना एक पहले से मौजूद मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई है. यह मंदिर 11वीं-12वीं शताब्दी का बताया गया है.
हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां: सर्वे के दौरान परिसर से 97 ऐसी कलाकृतियां और मूर्तियां मिली हैं जो हिंदू धर्म से संबंधित हैं. इनमें गणेश, ब्रह्मा, शिव, हनुमान और कृष्ण की खंडित मूर्तियां शामिल हैं.
संस्कृत के शिलालेख: दीवारों और खंभों पर बड़ी संख्या में संस्कृत और प्राकृत भाषा के शिलालेख मिले हैं. इनमें राजा भोज के समय की काव्य रचनाएं और व्याकरण के सूत्र मौजूद हैं.
मराठा काल के अवशेष: रिपोर्ट में उल्लेख है कि कुछ संरचनाओं और मूर्तियों पर मराठा काल के प्रभाव भी देखे गए हैं, जो इसके निरंतर उपयोग को दर्शाते हैं.
इस्लामी संरचनाओं का निर्माण: ASI ने पाया कि मस्जिद के निर्माण में मंदिर के ही स्तंभों (Pillars) और पत्थरों का उपयोग किया गया था. कई स्तंभों पर हिंदू प्रतीकों को मिटाने की कोशिश की गई है.
सरस्वती की प्रतिमा का संदर्भ: रिपोर्ट में उस स्थान की पहचान की गई है जहाँ मूल रूप से वाग्देवी (देवी सरस्वती) की प्रतिमा स्थापित रही होगी. हालांकि, वर्तमान में वह प्रतिमा लंदन के संग्रहालय में है.
वैज्ञानिक तकनीक (GPR): &#039;ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार&#039; सर्वे में ज़मीन के नीचे दबी हुई दीवारों और कमरों का पता चला है, जो मूल मंदिर के आधार (Foundation) का हिस्सा हैं.
वास्तुकला की शैली: खंभों पर उकेरी गई घंटियां, कमल के फूल, और &#039;कीर्तिमुख&#039; (हिंदू वास्तुकला का एक प्रतीक) स्पष्ट रूप से मंदिर निर्माण शैली (परमार कालीन) की पुष्टि करते हैं.
नक्काशी के साथ छेड़छाड़: रिपोर्ट में दर्ज किया गया है कि कई जगहों पर पुरानी नक्काशी को ढंकने के लिए प्लास्टर का इस्तेमाल किया गया था, जिसे हटाने पर नीचे हिंदू कलाकृतियां दिखाई दीं.
समय का निर्धारण: कार्बन डेटिंग और पुरातात्विक विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह स्थल राजा भोज (1000-1055 ईस्वी) के काल में एक महान शिक्षण केंद्र और मंदिर था.

इस मामले पर 16 मार्च को हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई होगी. कोर्ट में रिपोर्ट ओपन होने के बाद, अब हिंदू और मुस्लिम पक्ष इन वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर अपनी दलीलें पेश करेंगे. यह रिपोर्ट इस विवाद के कानूनी समाधान के लिए सबसे बड़ा आधार बनेगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:22:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>छत्तीसगढ़ बजट 2026: युवाओं&#45;किसानों को सौगात या चुनावी संदेश? विष्णुदेव सरकार के तीसरे बजट में क्या खास?</title>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज 24 फरवरी को राज्य सरकार अपना वार्षिक बजट पेश करेगी. यह विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट होगा, जिसे वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी दोपहर 12:30 बजे सदन में प्रस्तुत करेंगे.
सरकार के इस बजट में गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है. युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए कई नई योजनाओं और प्रोत्साहनों का ऐलान किया जा सकता है.
इसके साथ ही जी राम जी योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और MSME सेक्टर को मजबूत करने पर भी जोर रह सकता है. राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने संबंधी बड़ी घोषणा संभव है.
नक्सल प्रभावित रहे जिलों के समग्र और नक्सल-मुक्त विकास के लिए नई विशेष योजना लाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:22:01 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;CM योगी पर बयान पर करें प्रायश्चित और राजनीति से...&amp;apos;, परमहंस आचार्य की अविमुक्तेश्वरानंद को नसीहत</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तपस्वी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए. यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें कानून के तहत सज़ा मिलनी चाहिए, लेकिन यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया जाना चाहिए.
परमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से अपील करते हुए कहा कि वे इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक दलों का माध्यम न बनें. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इस विषय पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि ये दल वास्तव में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं तो उन्हें सरकार को औपचारिक रूप से लिखित प्रस्ताव देना चाहिए. इस तरह से राजनीति नहीं करनी चाहिए.
&#039;सीएम योगी के बयान पर करें प्रायश्चित&#039;
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए परमहंस आचार्य ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपने शब्दों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी दयालुता के लिए जाने जाते हैं और यदि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उनसे क्षमा मांगते हैं तो मुख्यमंत्री उन्हें क्षमा भी कर सकते हैं.
&#039;सरकार पर दबाब बनाना अनैतिक&#039;
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिए गए 40 दिन के अल्टीमेटम पर परमहंस आचार्य ने कहा कि सरकार पर किसी भी प्रकार का अनैतिक दबाव बनाना उचित नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी देश को अचानक हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं किया जा सकता और उसी तरह गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध भी एक दिन में लागू करना संभव नहीं है.
परमहंस आचार्य ने कहा कि मर्यादा का पालन सभी को करना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयानों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. यहां बता दें कि परमहंस आचार्य अक्सर कई धार्मिक और राजनैतिक मामलों में बयानबाजी से चर्चा में रहते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:22:00 +0530</pubDate>
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<title>एयर एंबुलेंस हादसे पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने उठाए सवाल, पूछा&#45; कौन जिम्मेदार?</title>
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<description><![CDATA[ झारखंड में चतरा जिले के सिमरिया के पास एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई और उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
इस बीच झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने भारत सरकार पर सवाल उठाए हैं. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने चतरा में एयर एम्बुलेंस क्रैश पर कहा, &#039;भारत सरकार क्या कर रही है? अहमदाबाद, बारामती, और अब यह, इन घटनाओं के लिए कौन ज़िम्मेदार है? हमारे यहां अच्छे हॉस्पिटल नहीं हैं, इसलिए लोग इलाज के लिए बाहर जा रहे हैं. हमारी तरफ से, हम पूरा सपोर्ट करेंगे, और जो भी ज़िम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ़ सख़्त एक्शन लिया जाएगा.&#039;
&amp;lsquo;रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड&amp;rsquo; द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को यह सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई.
एक अधिकारी ने&amp;nbsp; बताया, &#039;हम सभी सात शवों को पोस्टमार्टम के लिए चतरा स्थित सदर अस्पताल लेकर आए हैं. दुर्घटना की जांच की जा रही है.&#039;
उन्होंने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया. उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया.
एयर एंबुलेंस का हादसा क्यों हुआ?
रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा.
मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है.
इस बीच, चतरा जिले में शोक का माहौल है. दुर्घटना में मारे गए लोगों के करीबी और प्रियजन सदमे में हैं.
दुर्घटना में जान गंवाने वाले डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी, जिसकी तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी.
प्रसाद ने बताया, &#039;उसका सात साल का बेटा है. वह मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी.&#039; वहीं, संजय कुमार (41) के परिवार के सदस्यों ने इस त्रासदी के लिए &#039;खराब&#039; स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया.
उनके एक रिश्तेदार ने कहा, &#039;अगर रांची में मेरे बहनोई संजय का सही इलाज हो जाता, तो अनमोल जानें बचाई जा सकती थीं. इस घटना में मैंने संजय और बहन अर्चना देवी दोनों को खो दिया.&#039;
चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया था कि दुर्घटनास्थल से सभी सात मृतकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए चतरा अस्पताल ले जाए गए हैं.
चतरा हादसे पर क्या है DGCA का बयान?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीजों को ले जा रहा था तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
इसमें कहा गया है, &#039;विमान ने भारतीय समयानुसार सात बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ान भरी. सात बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया.&#039;
बयान में कहा गया है कि विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे. वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:22:00 +0530</pubDate>
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<title>शादी से इनकार पर बौखलाए युवक ने गर्लफ्रेंड पर चाकू से किया हमला, बचाव में आई दादी की मौत, बहन घायल</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पोलाची के पास कोंडेगौंडनपलायम इलाके का रहने वाला 45 साल के भूपति टू-व्हीलर रिपेयर का काम करता है. वह अपनी 65 साल की मां थिरुमथल, पत्नी कलैयारसी और 18 साल की बेटियों हरिता और 17 साल की कौशिका के साथ रहता है.
हरिता ने दसवीं क्लास के बाद स्कूल छोड़ दिया था और एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रही है. कौशिका ने दसवीं क्लास तक पढ़ाई की है. ऐसे में कहा जा रहा है कि कंबालंकरई नेगामम का रहने वाला 24 साल का अभिषेक और कौशिका पिछले तीन साल से एक-दूसरे से प्यार करते हैं.
लड़की के माता-पिता ने शादी से किया इनकार
कुछ समय पहले अभिषेक अपने माता-पिता के साथ कौशिका के घर शादी का प्रस्ताव लेकर पहुंचा था, लेकिन लड़की के माता-पिता ने यह कहते हुए मना कर दिया कि कौशिका की उम्र शादी की नहीं है, इसलिए अभी उसकी शादी नहीं हो सकती और जब वह सही उम्र में होगी तो वे इस बारे में बात कर सकते हैं.
अभिषेक कौशिका पर शादी का दबाव बना रहा था. ऐसे में सोमवार रात को कौशिका के घर गया अभिषेक फिर से शादी की बात करने लगा. बहस के दौरान उसने छिपाकर रखे चाकू से कौशिका पर कई वार किए. जब बीच-बचाव करने आई उसकी दादी थिरुमथल और बहन हरिता ने उसे रोकने की कोशिश की तो अभिषेक ने उन पर भी हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया.
 कौशिका और थिरुमथल की मौत हो गई
खून से लथपथ पड़े तीनों लोगों को पड़ोस से निकालकर पोलाची सरकारी अस्पताल भेजा गया. वहां उनकी जांच करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि कौशिका और थिरुमथल दोनों की पहले ही मौत हो चुकी है. हरिता के हाथ में चोट लगी है, जिसका इंटेंसिव ट्रीटमेंट चल रहा है.
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची नेगामम पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फरार हत्यारे अभिषेक को पकड़ने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश पर छह स्पेशल टीमें बनाई गई हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:21:49 +0530</pubDate>
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<title>अपने ही रिश्तेदार से था अवैध संबंध, पत्नी ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर की पति की हत्या, नशे की हालत में घोंटा गला</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मनप्परई क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने इलाके को झकझोर कर रख दिया है. टैसमैक बार में काम करने वाले 32 साल के प्रभाकरन की हत्या की कहानी अब अदालत तक पहुंच चुकी है. प्रभाकरन अपनी पत्नी अभिरामी और दो बच्चों के साथ रहते थे.
जांच में सामने आया कि अभिरामी और उसके रिश्तेदार प्रभु के बीच अवैध संबंध चल रहा था. प्रभाकरन ने पहले इस संबंध के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन अभिरामी ने इसे नजरअंदाज करते हुए अपने पति को खत्म करने का फैसला किया. उसने प्रभु के साथ मिलकर साजिश रची.
नशे की हालत में प्रभाकरन का गला घोंटा
पुलिस के मुताबिक, 12 फरवरी की रात अभिरामी ने अपने पति को बहला-फुसलाकर बाहर ले गई. वहां छिपे प्रभु और उनके साथी सरवनन ने प्रभाकरन को अत्यधिक शराब पिला कर बेहोश कर दिया. नशे की हालत में तीनों ने मिलकर प्रभाकरन का गला घोंट दिया. हत्या के बाद, उन्होंने शव को सड़क किनारे एक इमली के पेड़ के नीचे फेंक कर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की.
पति को खोने का नाटक किया
अगले दिन सुबह पुलिस को शव मिला. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि की. प्रारंभिक जांच में अभिरामी ने पति को खोने का नाटक किया और आंसू बहाए, लेकिन पुलिस पूछताछ में उसके विरोधाभासी जवाब सामने आए. अंततः उसने स्वीकार किया कि उसने प्रभु के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की थी. फरार प्रभु ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण किया, जबकि उसका साथी सरवनन गिरफ्तार कर लिया गया. इस अपराध में दो बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो गया है, क्योंकि उनके पिता को अवैध संबंध के कारण ही जीवन से वंचित कर दिया गया. तीनों आरोपी अब जेल में बंद हैं.
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:21:49 +0530</pubDate>
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<title>Ranchi Air Ambulance: झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस हादसा, रांची से दिल्ली जा रहा विमान क्रैश, 7 लोगों की मौत, जानें कब क्या हुआ?</title>
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<description><![CDATA[ झारखंड के चतरा जिले में रांची से नई दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त हो गया. ये घटना सोमवार (23 फरवरी 2026) की रात की है. यह विमान रात 10 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाला था, लेकिन उससे पहले ही हादसे का शिकार हो गया. HT की रिपोर्ट के मुताबिक चार्टर्ड विमान ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के बयान के मुताबिक, विमान का कोलकाता एटीसी से संपर्क शाम 7:34 बजे टूट गया.
DGCA के अनुसार, दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज की ओर से संचालित बीचक्राफ्ट C90 (टेल नंबर VT-AJV) वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में रडार और संचार संपर्क से बाहर हो गया. इसके कुछ ही समय बाद यह झारखंड के सिमरिया के पास जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. PTI ने रांची एयरपोर्ट सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान ने उड़ान भरने के बाद अगले स्टेशन से संपर्क स्थापित किया था और नियंत्रण ट्रांसफर कर दिया गया था. इसके बाद संपर्क पूरी तरह टूट गया.
रांची प्लेन हादसे में सभी 7 लोगों की मौत
हादसे की सूचना खबर रात करीब 10:20 बजे मिली. विमान में सवार सभी 7 लोग पायलट, को-पायलट, मरीज और मेडिकल स्टाफ को मृत घोषित कर दिया गया. चतरा के एसपी सुमित कुमार ने एएनआई को बताया हमें रात करीब 10 बजे हादसे की सूचना मिली. इलाके की स्थिति काफी अलग है, जिससे मौके पर पहुंचना मुश्किल था. जांच के लिए दिल्ली से टीम आएगी और ब्लैक बॉक्स बरामद करने की कोशिश की जाएगी. कुल 7 लोगों की मौत हुई है.
रांची प्लेन हादसे की जांच शुरू
DGCA ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम भी दुर्घटना स्थल का दौरा कर चुकी है और ब्लैक बॉक्स की तलाश जारी है.
हाल के विमान हादसे
यह घटना भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हालिया समय की तीसरी घातक दुर्घटना है. पिछले महीने पुणे के बारामती में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रहा लियरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सभी सवार लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले जून 2025 में अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर (AI 171) क्रैश हो गया था, जिसमें केवल एक व्यक्ति 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक जिंदा बचा था. उस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:21:48 +0530</pubDate>
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<title>खुल गया PAK के गंदे खेल का राज, किश्तवाड़ में मारे गए आतंकी निकले पाकिस्तानी, abp न्यूज के हाथ लगी खुफिया जानकारी</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय सेना द्वारा रविवार (22 फरवरी) को किश्तवाड़ के छतरू इलाके के त्राशी के जंगल में एनकाउंटर में मारे गए जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकी सैफुल्लाह, फरमान और हुरैरा में से सैफुल्लाह और फरमान की असली पहचान और पता खुफिया एजेंसी के हाथ लग गया है. एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक 22 फरवरी को मारे गए जैश ए मोहम्मद के टॉप कमांडर सैफुल्लाह का असली नाम अतीक उर रहमान है. साथ ही ये अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के एबटाबाद जिले के नाथियां गली इलाके के केरी सरफली गांव का रहने वाला था.
2018 से अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह जैश ए मोहम्मद के साथ जुड़ा हुआ था, जहां सबसे पहले उसने बालाकोट में स्थित मदरसा तालीम उर कुरान से दौरा ए तरबियत की ट्रेनिंग ली और फिर अबोट्टाबाद की काला बाग-बाग़ान रोड पर स्थित जैश ए मोहम्मद की मस्जिद बाब अल इस्लाम में छोटे बच्चों को जिहाद के बारे में पढ़ाने लगा और हाफिज अतीक उर रहमान बन गया. साल 2021 में अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह को जम्मू कश्मीर में भेजने का जैश ए मोहम्मद ने प्लान बनाया और खैबर पख्तूनख्वाह की सामना पहाड़ी के पास हांगू स्थित ट्रेनिंग कैम्प में अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह की ट्रेनिंग कराई गई.
कुल 47 आतंकियों की कराई गई थी ट्रेनिंग&amp;nbsp;अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह के बैच में कुल 47 आतंकियों की ट्रेनिंग कराई गई थी, जिसमें 4 फरवरी को मारा गया कोहाट का स्वरुद्दीन उर्फ आदिल ख़ान, चौधरी उस्मान उर्फ निक्कू और लुकमान बशीर उर्फ अबू माविया भी शामिल था. इसी बैच में पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर के रावलकोट का रहने वाला चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान भी शामिल था, जिसने अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह, स्वरुद्दीन उर्फ आदिल ख़ान, चौधरी उस्मान उर्फ निक्कू और लुकमान बशीर उर्फ अबू माविया के साथ ट्रेनिंग की थी.
रावलकोट का चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान 22 फ़रवरी को किश्तवाड़ के त्राशी के जंगल में सैफुल्लाह के ग्रुप का मारा गया दूसरा आतंकी था. तीन भाइयों में सबसे बड़ा चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान साल 2019 में जैश ए मोहम्मद से जुड़ा था और इसे जैश ए मोहम्मद में भर्ती करने का काम जैश ए मोहम्मद के आतंकी कमांडर मसूद इलयास कश्मीरी ने किया था. मारे आतंकी चौधरी मुताबिर हुसैन का पिता चौधरी साबिर मसूद इलयास कश्मीरी का पुराना साथी है और ख़ुद भी हरकत ए मुजाहिद्दीन का आतंकी रह चुका है और हरकत के लिए अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत संघ के ख़िलाफ़ लड़ चुका है.
एनकाउंटर में कौन-कौन मारा गया22 फरवरी को पाकिस्तान के एबटाबाद के रहने वाले आतंकी अतीक उर रहमान उर्फ सैफुल्लाह और कश्मीर के पुंछ जिले के रावलकोट के रहने वाले आतंकी चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान को उसके एक और साथी जिसका छद्म नाम हुरैरा था, उसे भारतीय सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया था. सैफुल्लाह और फरमान छद्म नाम से जम्मू कश्मीर में एक्टिव इन दोनों आतंकियों के असली नाम पहचान सामने आने के बाद पाकिस्तान का आतंकी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है. जहां एक तरफ़ पाकिस्तान दुनिया के सामने ख़ुद को आतंक से पीड़ित बताता है और दूसरी तरफ़ ख़ुद भारत में अपने नागरिकों को आतंकी बना कर भेजता है.
ISI का झूठा प्रोपेगंडा ध्वस्त&amp;nbsp;आतंकी अतीक उर रहमान उर्फ सैफ़ुल्लाह के असली नाम और पते से जैश ए मोहम्मद और पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का झूठा प्रोपेगंडा भी ध्वस्त हो गया, जिसके तहत दोनों सैफ़ुल्लाह उर्फ अतीक उर रहमान के ग्रुप के एक्टिव होने के बाद दावा कर रहे थे कि कश्मीर में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से कश्मीरी युवा जुड़ रहे हैं क्योंकि ख़ुद जैश का सबसे बड़ा आतंकी कमांडर ही कश्मीरी है.&amp;nbsp;
ऐसे में एबटाबाद जिले के नाथियां गली इलाके के केरी सरफली गांव के रहने वाले आतंकी अतीक उर रहमान जो सैफ़ुल्लाह कोडनेम के साथ एक्टिव था. उसके मारे जाने और पहचान सार्वजनिक होने के बाद ये भी तय हो गया है कि भारत में आतंकी एक्सपोर्ट करने का काम पाकिस्तान, उसके पालतू आतंकी संगठन और पाकिस्तानी सेना और ISI ही करती है.
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कश्मीर में खेलो इंडिया विंटर गेम्स, सेना ने जीते 3 गोल्ड मेडल, जानें पहले दिन के क्या रहे नतीजे ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:21:47 +0530</pubDate>
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<title>दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, 155 यात्रियों को लेकर जा रहे विमान की कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, हुआ क्या?</title>
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<description><![CDATA[ SpiceJet Flight: दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-121 को शनिवार सुबह तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लाना पड़ा. उड़ान के दौरान इंजन में समस्या आने की सूचना मिली, जिसके बाद पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जानकारी दी.
सुबह करीब 6:35 बजे फ्लाइट के लिए फुल इमरजेंसी घोषित की गई. पायलट ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट लाने का फैसला किया.
बोइंग 737 विमान में 155 लोग थे सवार
स्पाइसजेट का यह विमान बोइंग 737 था. इसमें कुल 155 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे. एयर रिटर्न के बाद सुबह करीब 6:45 बजे रनवे 28 पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.
एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम अलर्ट
लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया था. सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले से कर लिए गए थे. लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. एयरलाइन के अनुसार, विमान को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है. प्रभावित यात्रियों के लिए दूसरी उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है.
एयर एंबुलेंस हुई दुर्घटनाग्रस्त
इससे पहले झारखंड के रांची से सात लोगों को दिल्ली ले जा रही एक एयर एंबुलेंस सोमवार को चतरा जिले के सिमरिया के पास एक वनक्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई . अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना रांची हवाई अड्डे से एयर एंबुलेंस के शाम करीब सात बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरने के बाद हुई . &amp;nbsp;चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. ने &amp;lsquo;पीटीआई-भाषा&amp;rsquo; को बताया, &#039;विमान शाम करीब 7:30 बजे लापता हो गया . यह सिमरिया के बरियातु पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया .&#039;&amp;nbsp;
रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने कहा कि एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था एक मरीज ने की थी . उन्होंने बताया, &amp;lsquo;&amp;lsquo;लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41) को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत जलने के बाद अस्पताल लाया गया था . उनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा था . ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:21:46 +0530</pubDate>
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<title>Live: &amp;apos;सुप्रीम कोर्ट ईश्वर...मिडिल कोर्ट हमारा हृदय&amp;apos;, FIR पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद</title>
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<description><![CDATA[ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में अदालत के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. झूंसी थाने में दर्ज किए गए मुकदमे में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है. यह केस पॉक्सो एक्ट में दर्ज किया गया है.&amp;nbsp;
प्रयागराज की बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने शनिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे. जगद्&amp;zwnj;गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में दो बच्चों को पेश करके उनके यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे.
पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद अपने ऊपर एफआईआर दर्ज करने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को अपराधी बताया और कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री है. वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान के बाद इस मामले में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि वर्तमान में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद किसी थाने से, किसी कोर्ट से ऐसा एविडेंस सार्वजनिक करें जिससे साबित हो रहा है कि वह अपराधी हैं.&amp;nbsp;
अब मुकदमा दर्ज होने के बाद झूंसी पुलिस साक्ष्य संकलन के लिए वाराणसी पहुंच गई है. सूत्रों की मानें तो पुलिस शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है. पुलिस पीड़ित छात्रों और आरोपियों से भी पूछताछ कर सकती है. इसके लिए पुलिस की टीम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम भी जा सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:48 +0530</pubDate>
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<title>रमजान के बीच रेनोवेशन! लखनऊ यूनिवर्सिटी की बारादरी मस्जिद के बाहर हंगामा, मुस्लिम स्टूडेंट्स के साथ आए हिन्दू</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एएसआई से संरक्षित इस इमारत पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ताला लगाए जाने के विरोध में छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में छात्र लाल बारादरी के सामने एकत्र हुए और प्रशासन के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की. छात्रों का कहना है कि यह इमारत करीब सन् 1800 के आसपास नवाब नसीरुद्दीन हैदर द्वारा बनवाई गई थी. लाल लखौरी ईंटों से निर्मित यह बारादरी विश्वविद्यालय की स्थापना से पहले की धरोहर है और इसके अंदर एक मस्जिद भी बनी हुई है, जहां वर्षों से नमाज अदा की जाती रही है.
छात्रों के मुताबिक, लाल बारादरी में रेनोवेशन का कार्य चलने की बात कही जा रही है और परिसर में एक बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन परंपरा के अनुसार जब मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करने पहुंचे तो उससे पहले ही इमारत पर ताला जड़ दिया गया और चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई. आरोप है कि प्रशासन ने नमाज पढ़ने से रोका, जिसके बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम छात्रों ने लाल बारादरी के बाहर ही नमाज अदा की और रोजा खोला.
Baradari Masjid में दिखी सौहार्द की तस्वीर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली. नमाज के दौरान हिंदू छात्रों ने हाथों में हाथ डालकर सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो सके और कोई व्यवधान न हो. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह का सांप्रदायिक माहौल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे शांति व आपसी भाईचारे के पक्षधर हैं. कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बैरिकेड हटाने के बाद ही नमाज अदा की जा सकी.
मामले को लेकर कुलसचिव के आदेश की कॉपी भी सामने आई है, जिसके आधार पर ताला लगाए जाने की कार्रवाई की गई बताई जा रही है. प्रशासन की ओर से रेनोवेशन और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है, जबकि छात्र इसे धार्मिक परंपरा में हस्तक्षेप मान रहे हैं. स्थिति को देखते हुए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन छात्र लगातार यह कह रहे हैं कि उनका उद्देश्य शांति बनाए रखते हुए अपनी बात रखना है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>JNU Violence: जेएनयू में झड़प के बाद गिरिराज सिंह लेफ्ट पर बरसे, &amp;apos;ये लोग राहुल गांधी के…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार (22 फरवरी, 2026) की रात एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प हो गई. घटना रात के करीब एकसे 1:30 बजे के आसपास की है. पथराव तक हुआ है. इस मामले पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया आई है.&amp;nbsp;
गिरिराज सिंह ने कहा, &quot;...ऐसे लोगों पर कड़े कानून बनने चाहिए. ये राहुल गांधी के टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं... जेएनयू अर्बन नक्सल की नर्सरी बन गई है... इन लोगों पर कड़ा कानून लाया जाना चाहिए... ये देश के प्रति समर्पित नहीं हैं. लेफ्ट ऑर्गनाइजेशन वहां (जेएनयू) देश के विरोधियों को पैदा करता है. जो लड़के लेफ्टिस्ट नहीं हैं उन्हें ये लोग ABVP का सदस्य कहते हैं और उन्हें मारते हैं...&quot;

#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने JNU में लेफ्ट विंग ग्रुप्स और ABVP वर्कर्स के बीच कथित झड़प पर कहा, &quot;... ऐसे लोगों पर कड़े कानून बनने चाहिए। ये राहुल गांधी की टुकड़े-टुकड़े गैंग है... JNU अर्बन नक्सल की नर्सरी बन गई है... इन लोगों पर कड़ा कानून लाया जाना चाहिए...&amp;hellip; pic.twitter.com/CX7Q6HtqiW
&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026



क्या है पूरी घटना?
जेएनयू में देर रात छात्र संगठनों में झड़प हो गई. ABVP के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए. कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं. विवाद के पीछे का जो कारण अब तक सामने आया है उसके अनुसार, स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे पर लेफ्ट के कदम का एबीवीपी से विरोध किया गया था. इसी पर हंगामा बढ़ा और फिर बात बढ़ गई. आरोप है कि देर रात छात्रों के दो गुट आमने-सामने हो गए. परिसर में हंगामा शुरू हो गया. पत्थरबाजी तक हुई है.
यह भी पढ़ें- पटना में जमीन विवाद को लेकर खूनी खेल, रिसेप्शन पार्टी के दौरान 2 सगे भाइयों को गोलियों से भूना ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अखिलेश यादव के आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आया बयान, सपा मुखिया को कहा नमाजवादी</title>
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<description><![CDATA[ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर जो बयान दिया है उस पर सियासत तेज हो गई है. सपा अध्यक्ष के आरोपों पर अब रामभद्राचार्य ने भी पलटवार किया और उन्हें &#039;नमाजवादी&#039; बताते हुए आरोपों को कोरा भ्रम बताया है. जिसके बाद अब ये मामला और तूल पकड़ सकता है.&amp;nbsp;
जगद्गुरू रामभद्राचार्य रविवार को यूपी के बस्ती में पहुंचे थे, यहां वो श्री राम कथा के आयोजन में शामिल हुए. इस दौरान जब रामभद्राचार्य से अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल किया गया तो रामभद्राचार्य ने उन्हें ग़लत बताया, एबीपी न्यूज के सवाल पर उन्होंने अखिलेश यादव को नमाजवादी कहते हुए संबोधित किया और उनके आरोपों को कोरा भ्रम बताकर खारिज कर दिया.
अखिलेश यादव ने लगाए थे ये गंभीर आरोप
दरअसल रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर हुई एफआईआर पर कड़ी आपत्ति जताई थी. सपा अध्यक्ष ने इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ जगद्गुरू रामभद्राचार्य को भी जिम्मेदार बताया और दावा किया कि शंकराचार्य कि खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसके पीछे रामभद्राचार्य का हाथ है.&amp;nbsp;
अखिलेश यादव ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा दर्ज हुआ था, मुझसे गलती हुई, उन पर दर्ज मुकदमे को हमने वापस ले लिया था, मुझे उन्हें उसी समय जेल भेज देना चाहिए था. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर दर्ज करवाने के पीछे रामभद्राचार्य और उनके चेले की साजिश है.&amp;nbsp;
बता दें कि प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया है. ये शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी ने दर्ज कराई है, वहीं शंकराचार्य ने आशुतोष को ही हिस्ट्रीशीटर बताया. इस पूरे विवाद में सियासत और धर्माचार्यों को एंट्री के बाद ये मामला अब और भी ज्यादा बढ़ता दिख रहा है.&amp;nbsp;
&#039;गवर्नर बनते ही..&#039;, पीएम मोदी को लेकर आरिफ खान के बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का पलटवार &amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बस्ती में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, जनसेवा केंद्र की आड़ में चलता था खेल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद की परसरामपुर पुलिस और एसओजी ने एक संयुक्त और साहसिक कार्रवाई करते हुए फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक अंतर-जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली इस बड़ी कामयाबी ने न केवल जिले के जालसाजों की कमर तोड़ दी है, बल्कि सरकारी विभागों के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े के बड़े खेल को भी उजागर कर दिया है.
परसरामपुर बाजार स्थित एक सहज जनसेवा केंद्र पर जब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए. केंद्र की आड़ में अधिकारियों की फर्जी मोहरें और कूटरचित दस्तावेज धड़ल्ले से तैयार किए जा रहे थे. इस गिरोह का जाल न केवल बस्ती, बल्कि पड़ोसी जनपद गोंडा तक फैला हुआ था.
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना 
पिछले कुछ समय से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र और कूटरचित सरकारी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग हो रहा है. थानाध्यक्ष विश्वमोहन राय के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें एसओजी और सर्विलांस सेल की अहम भूमिका रही, ने जाल बिछाया. मुखबिर की पक्की सूचना पर जैसे ही टीम ने परसरामपुर बाजार के जनसेवा केंद्र पर छापा मारा, वहां मौजूद लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया.
भारी मात्रा में नकली मोहरें व अन्य सामान बरामद 
तलाशी के दौरान मौके से जो सामान बरामद हुआ, वह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. पुलिस ने मौके से उप-जिलाधिकारी, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के नाम की हूबहू नकली मोहरें. अत्याधुनिक लैपटॉप, दो उच्च श्रेणी के प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन और भारी मात्रा में खाली व भरे हुए फर्जी फॉर्म भी बरामद किया गया है. दर्जनों फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय-जाति प्रमाण पत्र और इंक पैड से पुलिस ने जब्त किया है.
अनपढ़ लोगों को बनाता था निशाना 
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह गिरोह गरीब और अनपढ़ लोगों को निशाना बनाता था. उन्हें सरकारी पेंशन और सुविधाओं का लालच देकर फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र थमा दिया जाता था. इसके बदले में आरोपी प्रति व्यक्ति 5 से 10 हजार रुपये की वसूली करते थे. इन फर्जी कागजातों का उपयोग न केवल पेंशन के लिए, बल्कि ट्रेनों में रियायती यात्रा और भीख मांगने जैसे कार्यों के लिए भी किया जा रहा था.
पकड़े गए चार अभियुक्तों में से तीन पड़ोसी जनपद गोंडा के रहने वाले हैं, जबकि एक स्थानीय निवासी है. इसमें एक नाबालिग को भी शामिल किया गया था ताकि पुलिस को शक न हो. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी सरकारी विभाग के कर्मचारी से तो नहीं जुड़े हैं.
फर्जी लाभार्थियों पर भी होगी कार्रवाई 
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने इस कामयाबी पर टीम की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच यहीं नहीं थमेगी. हम उन सभी लाभार्थियों की सूची तैयार कर रहे हैं जिन्होंने इस केंद्र से प्रमाण पत्र बनवाए हैं. फर्जी दस्तावेज का उपयोग करने वाले भी उतने ही दोषी हैं जितने बनाने वाले. आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>भारत&#45;US ट्रेड डील पर खतरा? ट्रंप के टैरिफ पर पाबंदी के बाद अमेरिका ने उठाया बड़ा कदम, जानें आगे क्या होगा?</title>
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<description><![CDATA[ भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर होने वाली तीन दिवसीय बैठक को स्थगित कर दिया गया है. इस हफ्ते होने वाली इस चर्चा का मकसद दोनों देशों के बीच कानूनी दस्तावेजों को अंतिम रूप देना था, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और ट्रंप प्रशासन के टैरिफ नीति में बदलावों की वजह से यह फैसला लिया गया. सूत्रों के मुताबिक, यह स्थगन मार्च महीने में प्रस्तावित समझौते पर असर डाल सकता है, जो दोनों देशों के नेताओं की तय की गई समयसीमा थी.
टैरिफ के लिए ट्रंप का नया प्लान
पिछले शुक्रवार यानी 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल करके टैरिफ लगाने के फैसले को रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि टैरिफ नीति जैसे बड़े फैसले कांग्रेस के दायरे में आते हैं, न कि राष्ट्रपति के.
इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 का सहारा लिया, जिसके तहत टैरिफ दरें 15% तक सीमित हैं और यह सिर्फ 150 दिनों के लिए लागू हो सकती हैं. लेकिन अब धारा 338 पर भी विचार हो रहा है, जो 1930 के टैरिफ एक्ट के तहत 50% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देती है.
भारत और अमेरिका नई तारीख पर करेंगे मुलाकात
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, &amp;lsquo;अमेरिका में अभी स्थिति अनिश्चित है. पहले वे धारा 232, 301 और 122 की बात कर रहे थे, अब 338 पर चर्चा है. ऐसे में कोई स्थायी समझौता करना मुश्किल हो जाता है.&amp;rsquo;
इसी अनिश्चितता की वजह से भारत के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन की अमेरिका यात्रा को भी टाल दिया गया है. दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि हालिया घटनाक्रमों का आकलन करने के बाद ही नई तारीख तय की जाएगी.
बड़े व्यापार समझौते की ओर पहला कदम
यह अंतरिम समझौता भारत और अमेरिका के बीच बड़े व्यापार समझौते की दिशा में पहला कदम था. पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने मार्च 2026 तक अंतरिम डील पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा था. 6 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने फ्रेमवर्क पर सहमति जताई थी, जिसमें टैरिफ में बदलाव की स्थिति में समायोजन का प्रावधान भी शामिल था.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने सब कुछ बदल दिया. भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने 21 फरवरी 2026 को बयान जारी कर कहा, &amp;lsquo;हम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप के प्रेस कॉन्फ्रेंस का अध्ययन कर रहे हैं. हम इन बदलावों के प्रभाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं.&amp;rsquo;
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने X पर पोस्ट किया कि वे धारा 232, 301 और 122 का इस्तेमाल करके टैरिफ नीति को मजबूत रखेंगे और धारा 338 भी एक विकल्प है.
भारत के पास शर्तें मनवाने का मौका
इस स्थगन से अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर की मार्च में प्रस्तावित भारत यात्रा पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहां समझौते पर हस्ताक्षर होने थे. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ को चुनौती देने वाले वकील नील कत्याल ने कहा कि अगर ट्रंप को अपनी नीति पर इतना भरोसा है, तो उन्हें कांग्रेस से मंजूरी लेनी चाहिए. भारत के लिए यह मौका है कि वह अपनी शर्तों पर बातचीत करे, लेकिन अनिश्चितता दोनों पक्षों को प्रभावित कर रही है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Weather Forecast: बंगाल की खाड़ी से उठी &amp;apos;आफत&amp;apos;! 11 राज्यों के लिए चेतावनी, बारिश&#45;आंधी का अलर्ट, यूपी&#45;बिहार से दिल्ली तक मौसम कैसा?</title>
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<description><![CDATA[ देश के कई हिस्सों में जहां गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं अब अचानक बदलते मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान 11 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कुछ जगहों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
IMD के अनुसार 23 फरवरी से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बारिश की संभावना है. कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है.
&amp;nbsp;गरज के साथ बारिश की आशंका
23 फरवरी को हिमाचल प्रदेश में और 23-24 फरवरी को उत्तराखंड में छिटपुट बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 23 फरवरी को बारिश की संभावना है. असम, मेघालय, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में 23 और 24 फरवरी को गरज के साथ बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार में 23 से 26 फरवरी के बीच गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है.
दिल्ली का मौसम
दिल्ली में 23 फरवरी को बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. सुबह 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे प्रदूषण में कमी आ सकती है और AQI 150 से नीचे जा सकता है. हालांकि दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
उत्तर प्रदेश का हाल
उत्तर प्रदेश में 23 फरवरी को मौसम साफ रहेगा. बारिश की कोई संभावना नहीं है. कई जिलों में तापमान बढ़ेगा. लखनऊ में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर समेत कई जिलों में गर्मी बढ़ेगी.
बिहार में बढ़ेगी गर्मी
बिहार में फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट नहीं है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर सहित कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ने वाला है. पटना में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
उत्तराखंड में बारिश और ठंड
उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, उत्तरकाशी समेत कई जिलों में 23 और 24 फरवरी को बारिश हो सकती है. 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. देहरादून में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर और सिरमौर में 23 फरवरी को बारिश की संभावना है. मनाली और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 0 डिग्री और न्यूनतम माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.
गुजरात और राजस्थान
गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है, लेकिन अहमदाबाद में मौसम साफ रहेगा. अहमदाबाद में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. राजस्थान में अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हल्के बादल छा सकते हैं. तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है.
मध्य प्रदेश में पूर्वी हिस्सों में बारिश
रीवा, सतना, शहडोल, मंडला, बालाघाट और जबलपुर सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 23 फरवरी को बारिश हो सकती है. तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
पश्चिम बंगाल में हल्की बारिश
दक्षिण बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, हुगली, 24 परगना, पूर्व-पश्चिम मेदिनीपुर और झारग्राम में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. वहीं दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग और अलीपुरद्वार में भी हल्की बारिश हो सकती है. कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है. जहां कुछ राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी है, वहीं कई क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने लगी है. ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:33 +0530</pubDate>
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<title>पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन, TMC में 2 नंबर पर रह चुके थे &amp;apos;राजनीति के चाणक्य&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है. वे 71 वर्ष के थे. उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने इसकी पुष्टि की. मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली. अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे.
गंभीर बीमारियों से लड़ रहे थे मुकुल रॉय
पिछले कुछ सालों से मुकुल रॉय की तबीयत खराब चल रही थी. 2023 में डॉक्टरों ने पुष्टि की थी कि वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित हैं. ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी. 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं. हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी. बेटे शुभ्रांशु ने कहा, &#039;वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे.&#039;
मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर कैसा रहा था?
मुकुल रॉय का जन्म 17 अप्रैल 1954 को उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में हुआ था. उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा यूथ कांग्रेस से शुरू की. 1998 में ममता बनर्जी के साथ मिलकर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई. वे ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगी रहे और TMC के महासचिव बने. 2006 में राज्यसभा सदस्य चुने गए.

2009 से 2012 तक राज्यसभा में TMC के नेता रहे.
2012 में मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री बने.
2011 में TMC की सत्ता में आने के बाद उन्होंने पार्टी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई.
कई CPM और कांग्रेस नेताओं को TMC में लाने में सफल रहे.

2017 में TMC से अलग होकर नवंबर में बीजेपी में शामिल हो गए. बीजेपी में रहते हुए उन्होंने कई TMC नेताओं को पार्टी में लाने में मदद की, जिससे 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बंगाल में 18 सीटें मिलीं. 2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर कृष्णानगर उत्तर सीट से जीते, लेकिन जून 2021 में फिर TMC में लौट आए. 13 नवंबर 2025 को कलकाता हाईकोर्ट ने दल-बदल कानून के तहत उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित कर दिया था. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:33 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;गांधी जी भारत के नहीं पाकिस्तान के...&amp;apos;, BJP विधायक के बयान से सियासी बवाल, राष्ट्रपिता पर क्या कह गए यतनल?</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के विजयपुरा से बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनल ने महात्मा गांधी को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है. उन्होंने कहा कि गांधी भारत के राष्ट्रपिता नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान के हैं. साथ ही, वंदे मातरम न गाने या मातृभूमि को सलाम न करने वालों को पाकिस्तान जाने की सलाह दी. इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि BJP ने ही दूरी बना ली है.
हम गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते: यतनल
एक सार्वजनिक सभा में बोलते हुए यतनल ने कहा, &amp;lsquo;जो लोग वंदे मातरम नहीं गाएंगे या मातृभूमि को सलाम नहीं करेंगे, वे पाकिस्तान चले जाएं, जो गांधी ने आपको दिया है. इस देश में रहना है तो वंदे मातरम कहना पड़ेगा, वरना गांधी को साथ लेकर पाकिस्तान चले जाओ. हमारे लिए अंबेडकर काफी हैं. हमारे गांधी भारत के राष्ट्रपिता नहीं है. वह पाकिस्तान के राष्ट्रपिता है. हम उन्हें अपना राष्ट्रपिता नहीं मानते. हम नेहरू को भी अपना पहला प्रधानमंत्री नहीं मानते. हमारे पहले प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे.&amp;rsquo;
यतनल के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल
यतनल का यह बयान भारतीय इतिहास की मान्यताओं को चुनौती देता है. महात्मा गांधी को आधिकारिक तौर पर भारत का राष्ट्रपिता माना जाता है, जबकि जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज बनाई थी और उन्होंने खुद को &#039;प्रधानमंत्री&#039; घोषित किया था, लेकिन यह 1943 में सिंगापुर में हुआ था, जब भारत आजाद नहीं था. इतिहासकारों का कहना है कि ऐसे बयान राजनीतिक लाभ के लिए दिए जाते हैं, लेकिन वे तथ्यों को गलत तरीके से पेश करते हैं.
यतनल के बयान पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रियांक खरगे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &amp;lsquo;यह बयान गांधी के योगदान का अपमान है. गांधी ने पूरे देश को आजादी दिलाई, पाकिस्तान का विभाजन ब्रिटिश नीतियों का नतीजा था. BJP ऐसे विधायकों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती?&amp;rsquo; वहीं, TMC की ममता बनर्जी ने इसे &#039;विभाजनकारी राजनीति&#039; बताया है.
BJP ने यतनल के बयान से पल्ला झाड़ा
बीजेपी ने यतनल के बयान से दूरी बनाई है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, &amp;lsquo;यह विधायक का निजी विचार है, पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं. हम गांधी और अंबेडकर दोनों का सम्मान करते हैं.&amp;rsquo; हालांकि, कुछ बीजेपी नेता निजी तौर पर यतनल का समर्थन कर रहे हैं, जो पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करता है. यतनल पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के करीबी माने जाते हैं और उन्होंने कई बार पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए हैं.
यह बयान कर्नाटक विधानसभा के आगामी सत्र में गूंज सकता है, जहां विपक्ष बीजेपी पर हमला कर सकता है. यतनल पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं, यह देखना बाकी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा हैं, जो चुनावों से पहले बढ़ जाते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:32 +0530</pubDate>
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<title>Karnataka Government: ये राज्य लगाएगा 16 से से कम उम्र के बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर बैन, प्लान पर शुरू होने जा रहा काम</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों के लिए स्कूलों और कॉलेज परिसरों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सुझाव मांगे हैं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने छात्रों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत पर चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव डाल रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्र सोशल मीडिया के कारण गलत संगत और नशे जैसी गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
कुलपतियों के साथ हुई बैठक&amp;nbsp;
कुलपतियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने स्कूली छात्रों के बीच मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त नियम लागू किए हैं और कर्नाटक भी इस दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहा है. हालांकि यह प्रस्ताव केवल 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए होगा, वयस्क छात्रों के लिए नहीं.
क्यों लगाया जाएगा प्रतिबंध?
सरकार का मानना है कि अगर कम उम्र के छात्रों के लिए मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण लगाया जाता है तो इससे उनकी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और डिजिटल लत से बचाव होगा. हालांकि अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार सभी संबंधित पक्षों, शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों की राय लेगी.
यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्नाटक उन राज्यों और देशों की सूची में शामिल हो सकता है, जहां स्कूली छात्रों के लिए मोबाइल फोन उपयोग पर पहले से सख्त नियम लागू हैं. हाल ही में जर्मनी की सरकार ने 16 उम्र से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर विचार कर रही है. इसके लिए सरकार एक नया ऐप बनाएगी जो बच्चों से संबंधित कंटेंट को दिखाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:25:32 +0530</pubDate>
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<title>भोजपुरी स्टार पवन सिंह के शो के नाम पर लाखों की ठगी, आजमगढ़ पुलिस ने दर्ज किया मामला</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक और अभिनेता पवन सिंह के नाम पर 14 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ लोगों ने बड़े म्यूजिकल शो में भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बुलाने का झांसा देकर कलाकार से मोटी रकम ऐंठ ली. मामले में अतरौलिया पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यह मामला अमेठी के दिव्यांश सिंह ने दर्ज करवाया है. उनके मुताबिक शो के नाम पर झांसा दिया और अलग-अलग समय में ये रकम ली. लेकिन जब शो कराने की बारी आई तो फिर इनकार कर दिया. फिलहाल अभी इस मामले में पवन सिंह या उनकी टीम की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, अमेठी जिले के गजन पुर गांव निवासी दिव्यांश सिंह उर्फ कबीर पेशे से म्यूजिक कलाकार हैं और लखनऊ में रहकर क्लब, रेस्टोरेंट व विभिन्न कार्यक्रमों में गिटार बजाने के साथ म्यूजिकल बैंड शो आयोजित करते हैं. एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात मोहम्मद खर्शीद अहमद और टीना नामक लोगों से हुई. बातचीत के दौरान बड़े स्तर का म्यूजिक शो आयोजित करने की योजना बनी, जिसमें भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को मुख्य आकर्षण के तौर पर बुलाने की बात तय हुई.
31 दिसंबर 2024 को तय हुआ था कार्यक्रम 
दिव्यांश ने इस संबंध में अपने परिचित निहाल सिंह से संपर्क किया. निहाल ने दावा किया कि उसके पड़ोसी निशांत सिंह, नितिन सिंह और अमन सिंह का पवन सिंह से सीधा संपर्क है और वे कार्यक्रम की बुकिंग आसानी से करवा देंगे. आरोपियों ने बताया कि पूरे शो का खर्च करीब 14 लाख रुपये आएगा और 31 दिसंबर 2024 की तारीख तय कर दी गई. पीड़ित के अनुसार, भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने एडवांस के रूप में नौ लाख रुपये निहाल सिंह की मां के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए. इसके बाद प्रचार-प्रसार, टेंट, मंच और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर करीब पांच लाख एक हजार रुपये और ले लिए गए.
मैनेजर से बात के बाद हुआ ठगी का एहसास 
कुछ समय बाद जब दिव्यांश ने पवन सिंह की टीम से संपर्क किया तो उनके मैनेजर ने ऐसे किसी कार्यक्रम या बुकिंग से इनकार कर दिया. इसके बाद आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जिससे ठगी का शक पुख्ता हो गया. दिव्यांश ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से की, जिसके बाद अतरौलिया थाने में निहाल सिंह, निशांत सिंह, नितिन सिंह और अमन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
पुलिस ने शुरू की जांच 
इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि भोजपुरी स्टार पवन सिंह के कार्यक्रम को करने के लिए 14 लाख रुपए ले लिया गया है. कार्यक्रम हेतु उनकी बुकिंग नहीं की गई है दिव्यांश सिंह द्वारा थाना अतरौलिया में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया. मामले में नामजद अभियुक्त निहाल सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. इसकी विवेचना की जा रही है, विवेचना में जो भी तथ्य प्रकाश में आएगा उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:39 +0530</pubDate>
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<title>वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन को लेकर विवाद तेज, आपात बैठक के बाद कमेटी ने लिए बड़े फैसले</title>
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<description><![CDATA[ वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. गर्भगृह की जगह जगमोहन से दर्शन कराने के फैसले को लेकर गोस्वामी समाज के एक वर्ग और हाई पावर्ड कमेटी के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है. हालात को देखते हुए कमेटी ने आपात बैठक बुलाई और बैठक के बाद कई अहम फैसले लिए.
मंदिर में भारी भीड़ और व्यवस्था की चुनौती को देखते हुए कमेटी ने ठाकुर जी के दर्शन जगमोहन से कराने का फैसला किया था. कमेटी का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को आसानी होगी और सुरक्षा भी बेहतर रहेगी. लेकिन कुछ गोस्वामी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं.
उनका कहना है कि यह सदियों पुरानी परंपरा के खिलाफ है और गर्भगृह से ही दर्शन होने चाहिए. इसी मुद्दे पर बीते दिन मंदिर परिसर में हंगामा और नारेबाजी भी हुई.
आपात बैठक के बाद कमेटी के अध्यक्ष और रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कमेटी का आधिकारिक पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि मंदिर में जो हंगामा हुआ, वह पूर्व नियोजित था.
उनके मुताबिक, जिस समय ठाकुर जी जगमोहन पर विराजित थे, उसी दौरान कुछ गोस्वामी और उनके समर्थक जगमोहन पर चढ़ गए और वहीं खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब दबाव बनाने की कोशिश थी ताकि कमेटी से यह घोषणा करवाई जाए कि अब से दर्शन केवल उनकी शर्तों पर ही होंगे. अशोक कुमार ने साफ कहा कि ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित गोस्वामियों को अंतिम चेतावनी दी गई है.
शाम के दर्शन को लेकर फैसला
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शाम के समय भी जगमोहन से दर्शन कराने का अनुरोध किया जाएगा. कमेटी का कहना है कि यह फैसला भक्तों की भलाई और व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है. हालांकि विरोध कर रहे गोस्वामी अभी भी अपने रुख पर कायम हैं.
मीडिया एंट्री पर बैन
अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि कुछ पत्रकारों को पहले से बुलाया गया था और वे जगमोहन पर खड़े होकर वीडियो बना रहे थे. इसे व्यवस्था में हस्तक्षेप बताया गया. इसी के चलते बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब पत्रकारों को मंदिर के अंदर प्रवेश कर वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होगी. मीडिया से बातचीत मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर ही की जाएगी.गर्भगृह के दरवाजे पर जंजीर लगाने का वीडियो सामने आने के बाद भी सवाल उठे. इस पर अशोक कुमार ने कहा कि जंजीर &amp;ldquo;नेक इरादे&amp;rdquo; से लगाई गई थी, ताकि भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनी रहे.
लकड़ी के जर्जर आसन पर ठाकुर जी को विराजित करने के आरोप पर उन्होंने माना कि पहले दिन व्यवस्था में चूक हुई थी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ठाकुर जी को जगमोहन में चांदी के आसन पर विराजमान कराया गया है.
परंपरा तोड़ने के आरोपों को खारिज करते हुए अशोक कुमार ने कहा कि कोई परंपरा नहीं बदली गई है. उनके अनुसार, पहले भी जगमोहन से दर्शन का प्रचलन रहा है. उन्होंने यह भी कहा, &amp;ldquo;ठाकुर जी की मर्जी के बिना कुछ नहीं होता. अगर वे जगमोहन पर दर्शन दे रहे हैं, तो इसे उनकी इच्छा ही माना जाना चाहिए.&amp;rdquo;
फिलहाल हाई पावर्ड कमेटी, गोस्वामी समाज और श्रद्धालुओं के बीच मतभेद जारी हैं. कमेटी संवाद की बात कर रही है, जबकि विरोधी पक्ष इसे परंपरा से समझौता मान रहा है. अब देखना होगा कि वृंदावन में आस्था से जुड़ा यह विवाद बातचीत से सुलझता है या आने वाले दिनों में और गहराता है. श्रद्धालु चाहते हैं कि माहौल शांत रहे और उन्हें बिना विवाद के ठाकुर जी के दर्शन मिलते रहें. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:38 +0530</pubDate>
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<title>बुलंदशहर: इश्क में रोड़ा बने पति की हत्या, पत्नी ने प्रेमी संग रची मौत की साजिश</title>
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<description><![CDATA[ बुलंदशहर जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र में हुई नीरज हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. 18 फरवरी को रानीवाला चौराहे के पास एक ऑटो की सीट पर एक व्यक्ति दबा हुआ मृत अवस्था में मिला था. बाद में उसकी पहचान गोसमी हीरापुर निवासी नीरज के रूप में हुई. नीरज डिबाई थाना क्षेत्र का रहने वाला था और शिकारपुर कस्बे में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नीरज की मौत गला दबाने से हुई है. इसके बाद मामला हत्या का दर्ज किया गया. मृतक के चाचा देवेंद्र भारद्वाज की तहरीर पर शिकारपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.
पत्नी के अवैध संबंधों से शुरू हुई साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नीरज की पत्नी पूजा का गौरव नाम के युवक से अवैध संबंध था. बताया जा रहा है कि नीरज ने अपनी पत्नी को गौरव के साथ देख लिया था और इस रिश्ते का विरोध किया था. यही बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने नीरज को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
शराब पिलाकर गला घोंटा, हादसा दिखाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक 16 फरवरी की रात गौरव ने अपने साथी ओमवीर के साथ मिलकर नीरज को एक ट्यूबवेल पर बुलाया. वहां तीनों ने शराब पी. जब नीरज नशे में हो गया तो उसे रानीवाला चौराहे पर लाया गया. आरोप है कि वहां गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई.
हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने नीरज का ऑटो पलट दिया और उसकी गर्दन ऑटो के नीचे दबा दी, ताकि मामला एक्सीडेंट लगे. वारदात के बाद तीनों मौके से फरार हो गए.
पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की तलाश
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी गौरव को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के पास से वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद किया गया है. वहीं तीसरे आरोपी ओमवीर की तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस सनसनीखेज हत्याकांड से इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:32 +0530</pubDate>
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<title>UP में 2027 के चुनाव से पहले ओम प्रकाश राजभर का शक्ति प्रदर्शन, आजमगढ़ में करेंगे महारैली</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी में हैं. एनडीए गठबंधन का हिस्सा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 22 फरवरी 2026 को आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा में अहिरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज में &amp;lsquo;सामाजिक समरसता महारैली&amp;rsquo; का आयोजन करने जा रही है.
पार्टी का दावा है कि इस रैली में एक लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी रहेगी. साथ ही दस हजार से ज्यादा प्रबुद्ध ब्राह्मणों के शामिल होने की बात कही जा रही है. सुभासपा इस रैली के जरिए राजभर, ब्राह्मण, क्षत्रिय, चौहान, नाई, निषाद समेत समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर प्रदेश भर में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश में है.
आजमगढ़ में सुभासपा करेगी शक्ति प्रदर्शन
रैली में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के हजारों कमांडर भी शामिल होंगे, जो संगठन की अनुशासन क्षमता और ताकत का प्रदर्शन करेंगे. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह महारैली पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा संकेत देगी और एनडीए गठबंधन की मजबूती को दर्शाएगी.
राजनीतिक तौर पर आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है. 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ के सभी 10 की 10 विधानसभा सीटें जीती थी, लोकसभा में भी आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी जीती थी. 2022 की सरकार बनने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर लगातार आजमगढ़ के अतरौलिया विधानसभा में डेरा डाले हुए हैं.
अरुण राजभर ने 8 महीने से डाला डेरा
2022 में फिर से योगी सरकार बनने के बाद और ओम प्रकाश राजभर सपा का साथ छोड़कर एनडीए में शामिल हो गए थे, इसके बाद से राजभर अब तक कई बार आजमगढ़ में डेरा डाल चुके हैं. वहीं ओम प्रकाश राजभर के छोटे बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर भी यहां लगभग 8 महीने से डेरा डाले हुए हैं.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर इस रैली को सफल बनाने में लगे हुए हैं. उनका दावा है आजतक इतनी बड़ी रैली आजमगढ़ में कभी किसी ने नहीं कराई होगी. उन्होंने कहा इस रैली से बडा सियासी सन्देश आजमगढ़ में जायेगा और 2027 में एनडीए यहां की सारी सीटें जीतेगी.&amp;nbsp;
यूपी में बीजेपी ने तैयार की 2027 की सियासी पिच, &#039;बटुक प्रेम&#039; के जरिए बड़ा संदेश देने की कोशिश ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:32 +0530</pubDate>
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<title>बढ़ते UPI फ्रॉड के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से मांगी रिपोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली में ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते चलन के बीच UPI फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने इस गंभीर समस्या पर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांगा है. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने UPI फ्रॉड रोकने और पीड़ितों को तुरंत राहत देने के लिए ठोस गाइडलाइंस बनाने की मांग पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं. कोर्ट ने वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब देने को कहा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी पर चिंता जताई
याचिकाकर्ता पंकज निगम ने कोर्ट को बताया कि फरवरी 2024 में ऑनलाइन किराये का फ्लैट ढूंढते समय उनसे 1.24 लाख रुपये की ठगी हो गई. शिकायत करने के बावजूद न तो पैसा वापस मिला और न ही आरोपियों की कोई जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आम लोग पूरी तरह असहाय महसूस करते हैं.&amp;nbsp;
याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में कहा गया है कि फर्जी अकाउंट के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए सिर्फ फुल KYC वाले बैंक अकाउंट को ही UPI से जोड़ने की अनुमति दी जाए. साथ ही एक यूनिफाइड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म बनाने की मांग की गई है, जो साइबर क्राइम हेल्पलाइन को UPI ऐप, बैंक, पेमेंट कंपनियों और टेलीकॉम से जोड़े, ताकि पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज कर सकें.
दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर SOP बनाने की मांग की
याचिका में यह भी कहा गया है कि 10 लाख रुपये तक के UPI फ्रॉड मामलों को ई-जीरो FIR सिस्टम में शामिल किया जाए और गंभीर मामलों में अपने-आप FIR दर्ज हो. साथ ही राज्यों के अलग-अलग नियमों के कारण जांच में होने वाली देरी खत्म करने के लिए एक समान SOP लागू करने की भी मांग की गई है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन</title>
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<description><![CDATA[ बिहार में अब बिना लाइसेंस और बिना परमिशन के डीजे बजाने को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. राज्य में अब बिना इजाजत और लाइसेंस के बिना कोई भी डीजे नहीं बजा पाएगा. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुट गई है. साथ ही प्रशासन को भी सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रदेश में 15 दिनों के अंदर अब डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने डीजे के मुद्दे को उठाया है. जिस पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.
निर्दलीय एमएलसी ने उठाया मुद्दा&amp;nbsp;
विधान परिषद निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने परिषद की कार्यवाही के दौरान सवाल उठाया कि शादी, जुलूसों में बजने वाले तेज डीजे से लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है. बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों पर अवैध रूप से डीजे बजाया जाता है.&amp;nbsp;
उन्होंने आगे कहा कि कई लोग गाड़ियों को बिना परमिशन के डीजे वाले वाहन में तब्दील कर देते हैं. सरकार इस पर ध्यान दे और कार्रवाई करे. उन्होंने गुरुवार (19 फरवरी) को ध्वनि प्रदूषण और डीजे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा उठाया.
परिवहन मंत्री ने एमएलसी के सवाल पर किया ऐलान
परिवहन मंत्री एवं जदयू विधायक श्रवण कुमार ने उनके सवाल पर बड़ा ऐलान किया. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी.&amp;nbsp;उन्होंने आगे यह कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली डीजे गाड़ियों को सीधे जब्त किया जाएगा. बाद में यह मत कहिएगा कि शादी-ब्याह का मौका है, इसलिए डीजे बजाने दीजिए.
उन्होंने कहा कि उत्सव के नाम पर आम जनता की सेहत और शांति से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. बता दें बिना परमिशन चलने वाले डीजे संचालकों पर नकेल कसने की तैयारी सरकार कर रही है. साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग को अनिवार्य बनाया जाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:31 +0530</pubDate>
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<title>भगवा कपड़ों में जापान&#45;सिंगापुर का दौरा करेंगे CM योगी, कौन&#45;कौन जाएगा साथ? ये रहा पूरा शेड्यूल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर जाएंगे. उनके साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी रवाना होगा. सीएम योगी भगवा कपड़ों में जापान-सिंगापुर की धरती पर उतरेंगे. अपने चार दिवसीय दौरे पर वो निवेशकों और भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात करेंगे. ये दौरान निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है. &amp;nbsp;
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर और जापान जाएगा. सीएम योगी अपने विदेश दौरे पर भी भगवा वस्त्रों में ही नज़र आएंगे. हालांकि इस दौरान वो हमेशा की तरह सैंडल नहीं पहनेंगे बल्कि जूतों में नजर आएंगे.&amp;nbsp;
सीएम योगी के साथ प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री ⁠सुरेश खन्ना, औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, आईएएस ⁠दीपक कुमार, ⁠प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रम विभाग, प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईटी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टूरिज़्म, CEO Invest UP और ⁠निदेशक नेडा शामिल हैं. &amp;nbsp;
भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे सीएम योगी
सीएम योगी 23-24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे जबकि 25-26 फरवरी को जापान दौरे पर रहेंगे. उनके विदेश दौरे में सिंगापुर और जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन रखा गया है, जहां वो भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही वो दोनों जगहों पर निवेश को लेकर रोड शो का भी आयोजन करेंगे. &amp;nbsp;
सियासी हस्तियों और निवेशकों से मुलाक़ात
मुख्यमंत्री सिंगापुर में पीएम, राष्ट्रपति, गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात संभावित है. इसके अलावा 23 फरवरी को सिंगापुर और 25 फरवरी को जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन किया जाएगा. जापान में सीएम योगी यामानाशी के गवर्नर से भी मुलाकात कर सकते हैं. सीएम योगी न सिर्फ निवेशकों से मिलेंगे बल्कि यहां रह रहे भारतीयों से भी मिलेंगे.
सीएम योगी का ये दौरा यूपी के एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य प्राप्ति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री यहां ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित करेंगे.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Baramulla IED: जहां से गुजरने वाला था सेना का काफिला, आतंकियों ने वहीं लगाया भारी मात्रा में विस्फोटक, बड़ा हादसा टला</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के जनबाजपोरा इलाके में भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का पता लगाकर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि इसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था.
सेना के सूत्रों के अनुसार, नियमित गश्त और खुफिया इनपुट के आधार पर 46 राष्ट्रीय राइफल्स ने जनबाजपोरा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि को चिन्हित किया. तलाशी अभियान के दौरान सड़क किनारे एक IED बरामद हुआ. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता Bomb Disposal Squad (BDS) को मौके पर बुलाया गया. विशेषज्ञ टीम ने इलाके को घेरकर सुरक्षा घेरा बनाया और मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से डिएक्टिवेट कर दिया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान आसपास के नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो.
सेना के काफिले को था संभावित खतरा
सूत्रों के मुताबिक, जिस मार्ग पर IED पाया गया, उसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था. अगर यह विस्फोटक समय पर नहीं पकड़ा जाता तो गंभीर नुकसान हो सकता था. सेना की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी संभावित खतरे से बचाया. यह घटना दिखलाती है कि सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं.
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि IED किसने और किस उद्देश्य से लगाया था. संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए जांच जारी है. बारामूला और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में सुरक्षा बलों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती बेहद अहम मानी जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Shivaji Procession: मस्जिद से जुलूस पर फेंके गए पत्थर, हिंदू कार्यकर्ताओं ने ठेलों में लगाई आग, बागलकोट में तनाव</title>
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<description><![CDATA[ शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर मराठा समुदाय ने बागलकोट शहर में गुरुवार (19 फरवरी) देर शाम एक बड़ा जुलूस निकाला. ये विशाल जुलूस किले के अंबाभवानी मंदिर से शुरू हुआ और शिवाजी महाराज का जुलूस मेन रोड से होते हुए बसवेश्वर सर्कल के लिए निकला.&amp;nbsp;
जुलूस बसवेश्वर सर्कल के बाद वल्लभभाई चौक से होते हुए किले की ओर बढ़ने लगा. आरोप है कि जुलूस जब वहां बनी एक मस्जिद के बाहर पहुंचा तो DJ की आवाज को तेज कर दिया गया और वहीं पर रुककर लोग नारेबाजी करने लगे और जमकर नाच गाना शुरू कर दिया. इसके बाद मस्जिद में मौजूद लोगों ने विरोध किया.
शिवाजी महाराज के जुलूस पर फेंके पत्थरहालांकि मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने मस्जिद के अंदर जाकर वहां मौजूद मुस्लिम युवकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच किसी शरारती तत्व ने जुलूस की तरफ चप्पल फेंक दी. जिस कारण देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और इसके कुछ देर बाद कुछ बदमाशों ने मस्जिद के अंदर से जुलूस पर पत्थर फेंके.
हिंदू कार्यकर्ताओं ने ठेलों में लगाई आग &amp;nbsp;इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए स्थिति को संभाला और जुलूस को आगे के लिए रवाना कर दिया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद कथित तौर पर हिंदू कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के बाहर खड़े ठेलों में आग लगा दी. इस पूरे मामले को लेकर हिंदू संगठनों के नेताओं ने मांग की है कि जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले दोषियों के खिलाफ सही कार्रवाई की जाए. इस घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है.&amp;nbsp;
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस जवानों की संख्या और बढ़ा दी गई है. सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने इस तनाव के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है.&amp;nbsp;
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Shillong MP Death: फुटबॉल खेलते-खेलते अचानक गिर पड़े मेघालय के सांसद, रिकी एजे सिंग्कोन का निधन ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Emmanuel Macron Podcast: मैक्रों ने भारतीयों को दे दिया बंपर ऑफर, &amp;apos;फ्रांस आएंगे तो...&amp;apos;, भारत से रिश्तों पर दुनिया को दिया मैसेज</title>
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<description><![CDATA[ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मशहूर पॉडकास्टर राज शमानी के साथ शो में भारत-फ्रांस संबंधों, तकनीकी सहयोग, वैश्विक शक्ति संतुलन और अमेरिका-चीन के बीच उभरती विश्व व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की. यह एपिसोड ऐसे समय आया है, जब मैक्रों भारत दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी अहम मुलाकात भी प्रस्तावित है.
पॉडकास्ट के दौरान राज शमानी ने मैक्रों से सवाल किया, &#039;क्या आपको लगता है कि भारत और फ्रांस एक उदाहरण पेश कर रहे हैं?&#039; इस पर मैक्रों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, &#039;आपके देश के साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की पहल हुई है. मुझे सच में विश्वास है कि जब हम साथ काम करते हैं तो बेहतर परिणाम देते हैं.&#039;
रणनीतिक स्वायत्तता और संतुलित वैश्विक संबंध
मैक्रों ने कहा, &#039;फ्रांस और भारत दोनों ही किसी एक महाशक्ति पर निर्भर नहीं रहना चाहते. हम दो बड़ी शक्तियों में से किसी एक पर निर्भर नहीं होना चाहते. हम अमेरिका और चीन दोनों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं. भारत और फ्रांस के इन दोनों देशों के साथ अलग-अलग रिश्ते हैं.&#039; मैक्रों ने स्पष्ट रूप से कहा, &#039;हम इस दृष्टिकोण के समर्थक हैं.&#039;&amp;nbsp;
भारतीय छात्रों के लिए फ्रांस का संदेश
पॉडकास्ट के दौरान मैक्रों ने भारतीय छात्रों को फ्रांस आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने कहा, &#039;मैं भारतीय छात्रों को यह संदेश देना चाहता हूं कि यदि आप फ्रांस आते हैं तो आपको उच्च गुणवत्ता वाले विश्वविद्यालयों और संस्थानों तक पहुंच मिलेगी.&#039; उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस में पढ़ाई के लिए अंग्रेजी भाषा में पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं. फ्रांस बड़ी कंपनियों, प्रतिष्ठित संस्थानों और यूरोप के सबसे जीवंत स्टार्टअप एवं इनोवेशन इकोसिस्टम बनाता है. फ्रांस पिछले कुछ वर्षों से भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयास कर रहा है. तकनीक, प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है.
मुंबई दौरा और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी इस मौके पर मौजूद थे. मुंबई आगमन के बाद मैक्रों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात निर्धारित है, जिसमें रक्षा सहयोग, निवेश, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की संभावना है. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन बदल रहा है और भारत-फ्रांस संबंधों को नई रणनीतिक अहमियत मिल रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>US&#45; Pax Silica Alliance: अमेरिका संग &amp;apos;पैक्स सिलिका&amp;apos; में शामिल हो गया भारत, क्या है ये, कैसे नया किंग बनेगा इंडिया?</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एक बड़ा ऐलान हुआ है. भारत शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका अलायंस में शामिल हो गया. यह गठबंधन सेमीकंडक्टर (चिप), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण मिनरल की ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने के मकसद से बनाया गया है. अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी.
Pax Silica नाम का अपना एक मतलब है. Pax का अर्थ है शांति और स्थिरता, जबकि Silica का मतलब सिलिकॉन &amp;nbsp;है, जो आधुनिक कंप्यूटर चिप्स के लिए बेहद जरूरी रॉ मेटेरियल है. यानी यह गठबंधन तकनीकी स्थिरता और सुरक्षित डिजिटल फ्यूचर की दिशा में जरूी कदम है. इसका मकसद सेमीकंडक्टर, AI और महत्वपूर्ण मिनरल की सप्लाई चेन को अधिक सेफ बनाना है. कोविड-19 महामारी और जियोपॉलिटिक टेंशन के बाद दुनिया ने महसूस किया कि चिप्स और तकनीकी उपकरणों की सप्लाई कुछ चुनिंदा देशों पर ज्यादा निर्भर है.
खबर अपडेट की जा रही है... ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:53:00 +0530</pubDate>
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<title>नमाज के वक्त जामा मस्जिद के पास इकट्ठा हो गए लोग, जमकर किया हंगामा, जानें हैदराबाद में बवाल क्यों?</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद शहर के अम्बरपेट इलाके में जामा मस्जिद के नजदीक कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर हंगामा करने की घटना के बाद शहर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया. यह घटना गुरुवार शाम को हुई, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने मस्जिद के आसपास शोर-शराबा मचाया और इलाके में अशांति फैलाने की कोशिश की.&amp;nbsp;
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मस्जिद कमेटी ने कुछ शिकायतें दर्ज कराई हैं. उन्होंने कमेटी को सलाह दी है कि वे औपचारिक शिकायत अम्बरपेट पुलिस स्टेशन में कराएं. पुलिस ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
डीसीपी ने संभाला मोर्चानमाज़ के वक्त मस्जिद के बाहर कुछ लोग जमा थे, जो नारे लगा रहे थे और आवाजाही में रुकावट डाल रहे थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हंगामा हुआ था, जिससे आसपास के निवासियों में डर का माहौल बन गया. मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने पुलिस से बात की और कहा कि ऐसे तत्वों की वजह से धार्मिक स्थल के आसपास शांति भंग हो रही है. डीसीपी उत्तर जोन ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
पहले भी कईं बार हो चुके हैं विवादअम्बरपेट में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों से जुड़े विवाद अतीत में भी सामने आ चुके हैं. साल 2019 में यहां एक मस्जिद के ध्वस्त होने के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था. तब सड़क चौड़ीकरण के लिए ढांचा हटाया गया था, जिससे तनाव बढ़ा. हाल के वर्षों में भी कुछ जगहों पर शोर या अतिक्रमण को लेकर शिकायतें आई हैं.&amp;nbsp;
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हैदराबाद जैसे शहर में जहां सभी धर्म के लोग मिल-जुलकर रहते हैं, ऐसे छोटे-मोटे हंगामे शांति को भंग करते हैं. मस्जिद कमेटी ने अपील की है कि लोग संयम बरतें और कोई भी विवाद हो तो पुलिस या प्रशासन से संपर्क करें. पुलिस का कहना है कि वे इलाके में निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
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US- Pax Silica Alliance : अमेरिका संग &#039;पैक्स सिलिका&#039; में शामिल हो गया भारत, क्या है ये, कैसे नया किंग बनेगा भारत? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:52:59 +0530</pubDate>
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<media:keywords>नमाज, के, वक्त, जामा, मस्जिद, के, पास, इकट्ठा, हो, गए, लोग, जमकर, किया, हंगामा, जानें, हैदराबाद, में, बवाल, क्यों</media:keywords>
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<title>अजित पवार की मौत के बाद जल्दबाजी में दिए गए अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के दर्जे, CM फडणवीस ने लगाई रोक</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को उन 75 विद्यालयों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया.
सीएम फडणवीस ने लगाई रोक
अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया. बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई.
उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे. यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. सरकार में सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान जारी की गई सभी स्वीकृतियों, अनुदानों और प्रमाणपत्रों को व्यापक समीक्षा लंबित रहने तक रोक दिया जाए.
सीएम ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश&amp;nbsp;
ये स्वीकृतियां कैसे दी गयीं, उचित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं और क्या अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने पर पहले लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को औपचारिक रूप से हटाया गया था, यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के अल्पसंख्यक दर्जे पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है और उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया और उच्च स्तरीय जांच और सीआईडी ​​जांच सहित जवाबदेही की मांग की.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>अजित, पवार, की, मौत, के, बाद, जल्दबाजी, में, दिए, गए, अल्पसंख्यक, शिक्षण, संस्थान, के, दर्जे, फडणवीस, ने, लगाई, रोक</media:keywords>
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<title>हरियाणा: पानीपत जिला परिषद चेयरपर्सन बनीं ज्योति शर्मा, बराबर वोट मिलने पर पर्ची से हुआ फैसला</title>
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<description><![CDATA[ पानीपत जिला परिषद के चेयरपर्सन पद का चुनाव इस बार पूरी तरह रोमांच से भरा रहा. मुकाबला इतना कड़ा था कि आखिर में फैसला पर्ची से करना पड़ा. बराबरी के वोट के बाद निकली एक पर्ची ने राजनीतिक तस्वीर बदल दी और ज्योति शर्मा दोबारा चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठ गईं.
8-8 वोटों से बढ़ा सस्पेंस
चुनाव अधिकारी विवेक चौधरी ने बताया कि सभी सदस्य चुनाव में मौजूद थे और मतदान ईवीएम से कराया गया. कुल 16 वैध वोट पड़े. 8 वोट ज्योति शर्मा को मिले और 8 वोट सुदेश रानी के पक्ष में गए.
जैसे ही नतीजा बराबरी पर आया, सदन में सन्नाटा छा गया. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा. नियमों के मुताबिक जब वोट बराबर हों तो पर्ची से फैसला किया जाता है. इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग की 7 दिसंबर 2022 की गाइडलाइन के अनुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की गई.
पर्ची से हुआ अंतिम फैसला
दोनों उम्मीदवारों और सभी पार्षदों की मौजूदगी में पर्चियां डाली गईं. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई. एक निष्पक्ष व्यक्ति ने पर्ची निकाली और उसमें ज्योति शर्मा का नाम आया. इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से विजेता घोषित कर दिया गया. चुनाव अधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और सभी पार्षदों ने लिखित रूप में संतोष जताया.
जीत के बाद भावुक हुईं ज्योति शर्मा
जीत के बाद ज्योति शर्मा काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मैं इसे अपनी नहीं, परमात्मा की जीत मानती हूं. जो आठ सदस्य हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे, यह उनकी भी जीत है. यह पूरे जिला परिषद और सरकार की जीत है.&amp;rdquo;&amp;nbsp;
उन्होंने यह भी कहा कि जब मुकाबला बराबरी का हो जाए तो फैसला ऊपरवाले के हाथ में होता है. नतीजे के वक्त स्थिति पूरी तरह अनिश्चित थी, इसलिए भावनाएं भी स्वाभाविक थीं.
गौरतलब है कि ज्योति शर्मा 27 दिसंबर 2022 को भाजपा के समर्थन से चेयरपर्सन बनी थीं. लेकिन 6 मार्च 2024 को विरोध के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. उस समय 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ हो गए थे.
इसके बाद 14 जून 2024 को काजल देशवाल सर्वसम्मति से चेयरपर्सन बनीं, लेकिन उनका कार्यकाल भी ज्यादा लंबा नहीं चला. अब तीन साल में दूसरी बार ज्योति शर्मा की वापसी ने जिला परिषद की राजनीति को फिर से चर्चा में ला दिया है.
ज्योति शर्मा ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान जिले के विकास पर रहेगा. उन्होंने &amp;ldquo;सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास&amp;rdquo; के मंत्र के साथ रुके हुए कामों को आगे बढ़ाने की बात कही. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:27 +0530</pubDate>
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<title>बिहार: नवादा में बलात्कार के बाद महिला की हत्या, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम, पुलिस पर गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के नवादा जिले में एक महिला से कथित बलात्कार और हत्या के बाद ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. सोमवार रात हुई इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी और पुलिस पर शव को चुपचाप ले जाने का आरोप लगाया. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की तो ग्रामीण उग्र हो गए और थाना प्रभारी पर ईंट उठाकर मारने की कोशिश की.
यह घटना रोह प्रखंड के समरैथा गांव की है. मृतक की पहचान महेंद्र यादव की लगभग 40 वर्षीय पत्नी अनीता देवी के रूप में की गई है. सोमवार रात अनीता देवी खेत में पानी देने के लिए घर से निकली थीं, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया.
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
पुलिस द्वारा शव को ले जाने के बाद ग्रामीण और उग्र हो गए और उन्होंने सड़क जाम कर दी. मृतक के बड़े बेटे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने चुपचाप उनकी मां का शव मौके से हटा दिया. उन्होंने बताया कि उनकी मां के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था और उनके साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई थी. बेटे ने यह भी बताया कि उनके पिता बाहर रहते हैं और वे पटना में पढ़ाई करते हैं. रात में घटना की जानकारी मिलने पर वे नवादा पहुंचे, लेकिन सुबह लगभग 4 बजे पुलिस शव लेकर चली गई.
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी
इस घटना पर डीएसपी हुलास कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है. घटनास्थल पर कई थानों की पुलिस मौजूद है और जाम हटाने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासन का लोगों ने जमकर विरोध की जा रही है. थाना प्रभारी के खिलाफ लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:26 +0530</pubDate>
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<title>मेरठ में 30 साल से रह रही पाकिस्तानी महिला गिरफ्तार और बेटी फरार, जासूसी के आरोपों की होगी जांच</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में दिल्ली गेट थाना क्षेत्र में पुलिस ने बीते 30 सालों से बिना वैध दस्तावेजों के रह रही पाकिस्तानी महिला सबा मसूद उर्फ नाजिया को गिरफ्तार किया है. वह यहां जली कोठी में रह रही थी. जबकि उसकी बेटी एनम फरहत अभी फरार है. मां-बेटी पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का भी आरोप है. जिसकी तलाश पुलिस अभी कर रही है. यह कार्रवाई एक महिला रुखसाना की शिकायत पर की गयी है.
इस पूरी घटना ने स्थानीय खुफिया इकाई और पुलिस की पोल खोल दी है. क्यूंकि 30 वर्षों से इस तरह से रहना कई सवाल खड़े कर रहे हैं. अब पुलिस अधिकारी इस मामले में छानबीन में जुटे हैं.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक,शहर के जली कोठी स्थित नादिर अली बिल्डिंग के ब्रास बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने वर्ष 1988 में पाकिस्तान के लाहौर में सबा मसूद से निकाह किया था. जिसके बाद व लॉन्ग टर्म वीजा अपर भारत रहने आई. आरोप है कि साल 1993 में सबा पाकिस्तान गईं और वहां बेटी एनम फरहत को जन्म दिया. इसके बाद मां-बेटी फर्जी कागजातों के आधार पर मेरठ लौट आईं और जली कोठी में ही रहने लगीं. यही नहीं इन दोनों ने अलग-अलग नामों से वोटर आईडी बनवाए और वोटर लिस्ट में भी नाम जुड़वा लिया.
प्रॉपर्टी विवाद में हुआ खुलासा 
इस मामले का खुलासा प्रॉपर्टी विवाद में हुआ. स्थानीय महिला रुखसाना इसको लेकर देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज करवाया. जिसमें फर्जी दस्तावेज, अवैध रूप से देश में रहना और कई मामलों की शिकायत की गयी है. जिसके बाद पुलिस और एजेंसियों के कान खड़े हो गए.
पुलिस ने गिरफ्तार कर शुरू की जांच 
मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सबा मसूद उर्फ नाजी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जबकि बेटी एनम अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. खुफिया विभाग ISI कनेक्शन की भी जांच में जुटा हुआ है, क्योंकि आरोप है कि सबा के पिता भी ISI से जुड़े थे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>लखनऊ: मनरेगा के मुद्दे पर विधानसभा का घेराव करेगी कांग्रेस, कई नेता हाउस अरेस्ट, पुलिस अलर्ट</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कांग्रेस की ओर से विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया है. पार्टी ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह मनरेगा मजदूरों के मुद्दे पर सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी. सुबह से ही शहर में हलचल तेज है और कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों से जुटने लगे हैं.
कई नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
घेराव से पहले ही पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी. कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर है. पार्टी का आरोप है कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है. दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं.
विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है. बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोका जा सके. प्रशासन नहीं चाहता कि हालात बिगड़ें, इसलिए पूरे इलाके में चौकसी बरती जा रही है.
अजय राय पहुंचे कांग्रेस कार्यालय
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे. यहां से वे कार्यकर्ताओं के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
मनरेगा भुगतान का मुद्दा
अजय राय ने कहा, &amp;ldquo;विधानसभा का यह घेराव मनरेगा मजदूरों को उनका भुगतान न मिलने के मुद्दे पर है. यह मनरेगा के मूल उद्देश्य को नष्ट किए जाने के खिलाफ है, जिसे महात्मा गांधी के नाम पर लागू किया गया था और जो पहले गरीब लोगों को काम उपलब्ध कराता था. गरीबों को यह भरोसा था कि उन्हें 100 दिनों का रोजगार मिलेगा और वे अपने परिवार और घर का भरण-पोषण कर सकेंगे.&amp;rdquo;
उन्होंने आगे कहा, &quot;वर्तमान की जो यह मोदी सरकार है, पूरी तरीके से इस कानून को खत्म कर रही है. मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 11-12 महीने से रोक रखी हुई है. सोचिए आप बड़ी-बड़ी बात करने वाले, देश बदल रहा है, देश बदल गया, ये वो झूठी बात करके गरीब आदमी जो सबसे, सबसे कमजोर गरीब आदमी है, उसको आप उसकी मजदूरी रोक रखे हैं. सोचिए किस तरीके से, कैसे अपना परिवार चलाते होंगे? कितने गरीब लोग हैं, रोज कुआं खोदो, रोज पानी पीने वाले लोग हैं, उनको आप पैसा नहीं दिए तो वो आज सारी चीजों को लेते हैं.&quot;
शंकराचार्य के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, &quot;हमारे पूज्यनीय शंकराचार्य का जो अपमान योगी सरकार ने किया, जो बटुकों की चुटिया पकड़कर खींचकर जूते से मारा और माता अहिल्याबाई होलकर का अपमान किया, उनकी मूर्ति को तोड़ा और झूठ बोला योगी ने जाकर कि नहीं टूटी नहीं है मूर्ति, यही वीडियो ने दिखाया. दाल मंडी का ध्वस्तीकरण कर रहे हो. लखनऊ के 600 साल पुराने मजार को नोटिस दिलवा रहे हो. पूरे प्रदेश के अंदर महिला पर अत्याचार हो रहा है.&quot;
वहीं सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, &amp;ldquo;बहुत से लोग आ रहे हैं. हमारा कार्यक्रम अच्छी तरह चलेगा. हमारा &amp;lsquo;विधानसभा घेराव&amp;rsquo; का कार्यक्रम है. हमारे कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर आपने भी देखा होगा कि राज्य सरकार कितनी डरी हुई है. वे हमारे नेताओं को नजरबंद कर रहे हैं. किसी भी लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है. वे इसे कुचलना चाहते थे.&amp;rdquo; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:25 +0530</pubDate>
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<title>हरियाणा: रोहतक में स्कूटी सवार बदमाशों ने युवक पर की 15 से 20 राउंड फायरिंग, मौके पर ही हुई मौत</title>
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<description><![CDATA[ हरियाणा के रोहतक में देर शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दिल्ली बाईपास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के बाहर दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक युवक की निर्मम हत्या कर दी. बदमाशों ने युवक पर करीब 15 से 20 राउंड गोलियां बरसाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू की.
फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और मामले की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है. युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया गया है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है. ताकि जल्द से जल्द इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया जा सके.
युवक पर बदमाशों ने की 15 से 20 राउंड फायरिंग
जानकारी के अनुसार, रोहतक शहर के सबसे व्यस्थ चौराहे दिल्ली बाईपास पर एक निजी अस्पताल के बाहर दो बदमाश स्कूटी पर सवार होकर आए और उन्होंने एक युवक पर 15 से 20 राउंड फायरिंग कर दी. जिसके चलते युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. युवक निजामपुर का रहने वाला दिनेश उर्फ गोगा बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम में व एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है.
घटना की जांच में जुटी पुलिस
घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी रवि खुंडिया ने बताया कि अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि हत्या की घटना को अंजाम देने वाले बदमाश कौन थे और इस हत्या के पीछे कारण क्या रहे हैं. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया जाएगा. मृतक युवक के बारे में भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके खिलाफ भी कोई आपराधिक मामला दर्ज है या फिर कोई अन्य रंजिश हत्या का कारण हो सकती है.
ये भी पढ़िए- NEET छात्रा मौत: पप्पू यादव का बड़ा दावा, कांड से 2 नेताओं का कनेक्शन जोड़ा, नाम भी बताया ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूपी की इन महिलाओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में योगी सरकार, वित्त मंत्री जल्द करेंगे ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ यूपी विधानसभा में आज वित्त मंत्री सुरेश खन्ना प्रदेश की 1 करोड़ 6 लाख निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने का ऐलान कर सकते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार 13 फरवरी को विधानसभा में इसका जिक्र किया था. उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने की योजना के बारे में जानकारी दी थी.&amp;nbsp;
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने की योजना का ऐलान कर सकते हैं. योगी सरकार के इस कदम को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. ताकि महिला वोटरों को लुभाया जा सके.&amp;nbsp;
आज वित्तमंत्री कर सकते हैं सदन में ऐलान
यूपी में जिन 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने की तैयारी है उसके तहत सामाजिक पेंशन के दायरे में दिव्यांग, वृद्धजन और निराश्रित महिलाएं शामिल हैं. ये पेंशन कितनी तक बढ़ाई जा सकती हैं आज विधानसभा में इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी, जब बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में अपनी बात रखेंगे.&amp;nbsp;
सीएम योगी ने विधानसभा में की थी घोषणा
बता दें कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिलाओं को दिव्यांग पेंशन के तौर पर 300 रुपये और अन्य को 500 रुपये महीने दिए जाते थे. लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पेंशन की रकम को बढ़ाकर एक हज़ार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था. साल 2022 के चुनाव में बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का ऐलान किया था.&amp;nbsp;&amp;nbsp;सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार अब अपने इस वादे को पूरा करने जा रही है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने इसका ऐलान भी कर दिया था, अब ये पेंशन 1500 रुपये की जाएगी और रकम कुछ और होगी, इसका खुलासा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आज कर सकते हैं. बता दें कि यूपी में 67.50 लाख लोगों को वृद्धावस्था पेंशन, 38.50 लाख निराश्रित महिलाओं और 11 लाख को दिव्यांग पेंशन मिलती है. &amp;nbsp;
कानपुर: रिटायर्ड फौजी की &#039;खूनी सनक&#039;, पत्नी-बेटे की गोली मारकर हत्या, फिर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;सपनों की दुनिया में रहते हैं राहुल गांधी, PM मोदी को छूकर देखें...&amp;apos;, नवजोत कौर का कांग्रेस पर हमला</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस से अलग होने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू लगातार कांग्रेस पर ही हमलावर है. हाल के बयान में उन्होंने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गांधी परिवार में होना शायद यह उन्हें उपहार में मिला है. उन्होंने निचले स्तर तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत नहीं की है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &quot;मुझे लगता है कि जमीनी हकीकत को समझना बहुत जरूरी है. जमीनी हकीकत जानना हर किसी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है... आपको जमीनी हकीकत से वाकिफ रहना होगा. आप सपनों की दुनिया में नहीं जी सकते... जहां आपको कुछ भी पता नहीं होता और लोगों का एक समूह इकट्ठा होकर आपको जो भी बोल दे आप मान लो.&quot; उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें किसी ने भी नवजोत परिवार के बारे में जो बताया उन्होंने वो मान लिया है.
हमारी नहीं सुनी गई सिर्फ इसलिए कि हम ईमानदार हैं- नवजोत कौर
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हमारी नहीं सुनी गई सिर्फ इसलिए कि हम ईमानदार हैं... उन्हें लगता है कि हम (नवजोत परिवार) किसी की नहीं सुनते... लेकिन हम आपकी भ्रष्टाचार की हर बात सुनते हैं... हम सबकी बात सुनते हैं, लेकिन आप हमारे पास सिर्फ टेंडर देने और फाइलें पास करवाने के लिए आते हैं... हम ये सब कैसे कर सकते हैं? हम जीवन भर ईमानदार रहे हैं. हमने ईमानदारी और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए पंजाब की जनता, भारत की जनता का विश्वास जीता है.&quot;

#WATCH | Coimbatore, Tamil Nadu: On Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi, Former Congress leader Navjot Kaur Sidhu says, &quot;Probably it&#039;s been gifted to him. He has not worked his way through the lower steps to actually be on the lower ground. I think it&#039;s very important to&amp;hellip; pic.twitter.com/rDS3DYtRvM
&amp;mdash; ANI (@ANI) February 16, 2026


PM मोदी पर क्या कोई उंगली उठा सकता है- नवजोत कौर
उन्होंने आगे कहा, &quot;एक स्थानीय निकाय मंत्री ऐसे भी थे जो अपने कार्यकाल के दौरान दिवालिया हो गए, क्योंकि डेढ़ लाख रुपये के वेतन पर घर चलाना आसान नहीं होता, इसलिए अच्छे लोगों की भी जरूरत होती है.&quot; उन्होंने एएनआई को दिए बयान में कहा कि कोई प्रधानमंत्री मोदी पर उंगली नहीं उठा सकते हैं. उन्हें छूकर देखिए. क्या उनके पास एक पैसा भी है? क्या उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज है? उन्हें छूकर देखिए. उनके खिलाफ कुछ भी नहीं है.
UP में लोग हर समय योगी-योगी करते हैं- नवजोत कौर
उन्होंने कहा कि राजनीति में आस-पास के लोग जो चाहें कर सकते हैं... क्योंकि ऐसे राजनीति में आप टिक नहीं सकते, लेकिन आपको अपने आस-पास के सभी लोगों की जरूरत होती है. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा, &quot;यूपी के गरीब तबके को देखो तो यही बात लागू होती है, वहां के लोग हर समय योगी योगी का नाम जप रहे हैं... क्यों? क्योंकि उन्हें कुछ न कुछ मिल रहा है. वैसे ही आप किसी को भी अपने लिए कुछ कहने के लिए मजबूर नहीं कर सकते...आपको भी कुछ करना पड़ेगा.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Rajasthan: धौलपुर में अवैध मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली ने 6 साल की बच्ची को कुचला, दर्दनाक हादसे में मौत</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान के धौलपुर जिले में अवैध खनन एक बार फिर मासूम की जान ले गया. निहालगंज थाना क्षेत्र की मोहन कॉलोनी में मिट्टी से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने घर के बाहर खेल रही 6 साल की बच्ची को कुचल दिया. हादसा इतना दर्दनाक था कि ट्रैक्टर के दोनों पहिये बच्ची के ऊपर से गुजर गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
मिली जानकारी के मुताबिक मोहन कॉलोनी निवासी फिरोज की 6 साल की बेटी जोया अपनी एक सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी. इसी दौरान गली से मिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में आया और बच्ची को टक्कर मारते हुए उसके ऊपर चढ़ गया. दूसरी बच्ची बाल-बाल बच गई, लेकिन जोया की मौके पर ही जान चली गई.
बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. पूरे इलाके में मातम का माहौल है.
रोज गुजरते हैं तेज रफ्तार ट्रैक्टर
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी की गली से रोजाना अवैध मिट्टी से भरे ट्रैक्टर तेज रफ्तार में निकलते हैं. कई बार ट्रैक्टर चालकों को समझाया भी गया, लेकिन वे नहीं माने. उल्टा समझाने पर गाली-गलौज करने लगते हैं.
हादसे के बाद लोगों ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया था, लेकिन आरोप है कि उसके साथी अवैध हथियार लेकर मौके पर पहुंच गए और उसे छुड़ाकर ले गए. इसके बाद कॉलोनी के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. सीओ कृष्णराज जांगिड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही डीएसटी टीम, निहालगंज, कोतवाली और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया.
मासूम बच्ची के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया है और आरोपी की पहचान कर ली है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है. लोग अवैध खनन और बेलगाम ट्रैक्टर चालकों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>रोहतास में स्कूली बच्चों की बस ट्रक से भिड़ी, दर्दनाक हादसे में 2 शिक्षकों की मौत, कई छात्र घायल</title>
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<description><![CDATA[ रोहतास में भीषण सड़क हादसे में स्कूली बच्चों से भरी बस ट्रक से टकरा गई. परसथुआ थाना क्षेत्र में कैमूर के चैनपुर स्थित मध्य विद्यालय बढोना से बच्चे टूर पर पटना जा रहे थे, तभी मोहनिया-आरा पथ पर दुर्घटना हो गई.
हादसे में शिक्षक संजय कुमार राय और पुनीत कुमार सिंह की मौत हो गई. 10 से अधिक बच्चे घायल हुए, जिन्हें सासाराम सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. 4 शिक्षकों का इलाज जारी है.
(खबर लगातार अपडेट की जा रही है) ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>वर्दी में पुलिस या सरकार के रक्षक? जनगांव में बीआरएस पार्षद का हाई&#45;वोल्टेज ड्रामा, पुलिस की &amp;apos;किडनैपिंग थ्योरी&amp;apos; फेल</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में आज (16 फरवरी) नगर निकाय अध्यक्षों के चुनाव के दौरान लोकतंत्र की मर्यादा और सत्ता की खींचतान के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार सुबह करीब 10:15 बजे जनगांव नगर पालिका कार्यालय के बाहर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नवनिर्वाचित बीआरएस (BRS) पार्षद हफीज फातिमा को पुलिस ने भीतर जाने से रोक दिया.&amp;nbsp;
पुलिस का तर्क था कि उन्हें फातिमा के &#039;किडनैप&#039; होने की शिकायत मिली है, जबकि पार्षद खुद चिल्लाकर कह रही थीं कि वे सुरक्षित हैं और अपनी मर्जी से वोट डालने आई हैं. जनगांव के चुनावी अखाड़े में उस समय ड्रामा चरम पर पहुंच गया जब पुलिस कर्मियों ने हफीज फातिमा को जबरन अपनी हिरासत में लेने की कोशिश की.&amp;nbsp;
पुलिस का क्या है दावापुलिस का दावा था कि उनके पास शिकायत है कि पार्षद का अपहरण हुआ है और वे उन्हें &#039;बचाने&#039; आए हैं लेकिन हफीज फातिमा ने निडर होकर पुलिस को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा, &quot;मैं बीआरएस पार्टी के साथ हूं, मुझे किसी ने किडनैप नहीं किया है. मैं यहां अपनी पार्टी के लिए वोट करने आई हूं, मुझे रोका क्यों जा रहा है?&quot; इसके बाद वे पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए कार्यालय के भीतर दाखिल हुईं.&amp;nbsp;
पुलिस पर कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह काम करने का आरोपबीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस &#039;खाकी वर्दी&#039; में कांग्रेस के &#039;कार्यकर्ता&#039; की तरह काम कर रही है. सिर्फ जनगांव ही नहीं, थोरूर नगर पालिका चुनाव को लेकर भी भारी हिंसा देखने को मिली. सुबह 9:00 बजे के करीब जनगांव जिले के पेंबर्ती बाईपास पर कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और उनके समर्थकों ने बीआरएस पार्षदों की बस को रोक लिया. पूर्व मंत्री एर्राबल्ली राव और उनके समर्थकों ने जब इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई.&amp;nbsp;
ड्रामे के पीछे की असल वजह &#039;नंबर गेम&#039;विवाद इतना बढ़ गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों तक यातायात बाधित रहा. अंत में भारी पुलिस बल के हस्तक्षेप के बाद बस को थोरूर रवाना किया गया. इस पूरे ड्रामे के पीछे की असल वजह &#039;नंबर गेम&#039; है. हालिया चुनाव परिणामों में जनगांव नगर पालिका में त्रिशंकु परिणाम (BRS 13, कांग्रेस 12, निर्दलीय 5) आए हैं. यहां अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने के लिए एक-एक वोट की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है. यही कारण है कि &#039;कैंप पॉलिटिक्स&#039; और विपक्षी पार्षदों को रोकने के लिए अपहरण जैसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.
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AI Summit 2026: दुनिया देखेगी भारत की पावर! फ्रांस से ब्राजील तक AI Impact Summit 2026 में ग्लोबल पावर का लगेगा जमावड़ा ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>‘घर में संस्कार नहीं होंगे, तो होगा मतांतरण’, गोरखपुर में कुटुंब स्नेह मिलन कार्यक्रम में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि कुटुंब भारत में ही देखने को मिलता है, अन्य देशों में यह सौदा होता है. भारत में अपनेपन से बना संबंध विशेषता है, विदेशों में संबंध ऐसा नहीं हैं, वह सौदे का संबंध हैं. हमारे यहां बच्चे को अपना कुटुंब मिलता है, जबकि विदेशों में ऐसा नहीं है. वहां बड़े होने पर कुटुंब से मुक्त हो जाते हैं. सामाजिक शिक्षा, आर्थिक गतिविधियों का केंद्र, संस्कृति पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरण का केंद्र कुटुंब ही है. कुटुंब का केंद्र माता है. पीढ़ी को तैयार करने वाली महिला होती है. इसी से भारत माता का परिचय होता है.
उन्होंने कहा कि हम भारत माता के पुत्र है. हमारे देश में महिलाओं को माता की दृष्टि से देखते हैं, सिवाय उसके जिससे शादी हुई है, लेकिन विदेशों में ऐसा नहीं है, वहां महिलाओं को पत्नी की दृष्टि से देखते हैं. बाद में जैसा संबंध बना, बन गया. हमारी दृष्टि केवल वैचारिक नहीं है, यह आचार में आए. यह हमारी परंपरा है, जो परिवार से आती है. हमारे यहां व्यक्ति से बड़ा परिवार है. विदेशों में व्यक्ति परिवार से बड़ा है. हम विवाह को कर्तव्य मानते हैं, करार नहीं. घर में संस्कार नहीं होंगे, तो मतांतरण होगा.
कुटुंब के महत्व के बारे में संघ प्रमुख मोहन भागवत
गोरखपुर जनपद के रामगढ़ताल स्थित बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में सोमवार (16 फरवरी, 2026) को RSS प्रमुख मोहन भागवत ने &#039;कुटुंब स्नेह मिलन&#039; कार्यक्रम में लोगों को कुटुंब के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि आज हम अब कुटुंब स्नेह मिलन कार्यक्रम में आए है. एक छत एक चारदीवारी में एक पुरुष महिला से कुटुंब नहीं बनता. कुटुंब में एक रिश्ता होता है, जिसमें अपनापन होता है. शिशु के जन्म के कुछ क्षण बाद अपनेपन से धीरे-धीरे परिवार के सदस्यों से रिश्ता बन जाता है. अगली पीढ़ी सामाजिक बने, इसके लिए कुटुंब एक इकाई है. समाज में कैसे रहना है, इसका प्रशिक्षण परिवार में होता है.
उन्होंने कहा कि समाज कुटुंब के कारण चलता है. पेट भरने का कारण भी कुटुंब ही है. व्यवसाय का आधार परिवार होता है. उत्पादन, पैसे का बचत राष्ट्र की संपत्ति सब परिवार में है. परिवार में राष्ट्र का धन भी संचित है.
कुटुंब का साथ नहीं मिलता, तो संघ खड़ा नहीं होताः संघ प्रमुख
लाल बहादुर शास्त्री जी के माध्यम से इसका उदाहरण देते हुए मोहन भागवत ने लोगों से आवाह्न किया था कि वो अपना सोना-चांदी आदि दे दें, तो राष्ट्र के लिए लोगों ने दे दिया था. उन्होंने कहा कि मैं अकेला नहीं हूं, बल्कि हम सब हैं. अतः केवल अपनी आवश्यकताओं का विचार नहीं करूंगा. यह कुटुंब में सिखाया जाता है. कुटुंब का साथ नहीं मिलता तो संघ खड़ा नहीं होता.
उन्होंने कहा कि कुटुंब का साथ मिलता है, तो कोई भी समाज बड़ा होता है. संघ को जानना है, तो संघ की शाखा देखिए. संघ का स्वयंसेवक देखिए, संघ के स्वयंसेवक का कुटुंब देखिए. हम जो करते हैं, उसे आचरण में लाते हैं. संघ का वर्णन शब्दों में बहुत कठिन है. सौदे के आधार पर संसार चल रहा है, यह सोच जब आई, तबसे समस्याएं आनी शुरू हुई हैं.
छोटे स्तर पर कुटुंब मिलन कार्यक्रम करेः भागवत
सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि समाज को बदलना है, तो कुटुंब में परिवर्तन लाना होगा. हमारा परिवार व्रतस्थ होना चाहिए. रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य शिक्षा और अतिथि-सत्कार, ये कुटुंब की आवश्यक जरूरतें हैं. यह होना चाहिए. छोटे स्तर पर कुटुंब मिलन कार्यक्रम करें, साल में 2-3 बार. छोटे गुटों में मिलना, उसमें विचार-विमर्श करना, जिससे पश्चिमीकरण से आए भ्रम दूर हो जाएंगे. समाज अपना आचरण तब बदलता है, जब गृहस्थ के कार्य को देखता है. संघ के स्वयंसेवक को समाज से अवश्य पांच कदम आगे होना चाहिए. &#039;पंच परिवर्तन&#039; भाषण में नहीं रहना है, उसे स्वयं आचरण में लाना है. सभी विषमताओं से ऊपर उठना होगा. हमारी पहुंच जहां तक है, उसमें जितने प्रकार हैं, उन सबमें हमारा एक मित्र होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चिंता हमें अपने घर से करना है, जो हम कर सकते हैं. अलग से कुछ नहीं करना. पानी बचाओ, प्लास्टिक हटाओ, पेड़ लगाओ. भाषा, भूषा, भवन, भोजन और भजन हमारा अपना होना चाहिए. भाषा भाव को लेकर आती है. घर में अपनी मातृभाषा में बोलना, जिस प्रान्त में रहते हैं, उसकी भाषा को जानना और देश के स्तर पर एक भाषा जो सबके लिए उपयोगी हो सकती है. धोती पहनना हमें आना चाहिए.
दूध पीते बच्चे से लेकर बड़ों तक इसकी चर्चा करनाः संघ प्रमुख
संघ प्रमुख ने कहा कि परंपरागत भोजन हमारे अनुकूल होता है, घर का भोजन, अपना भोजन. घर में चित्र कैसा होना चाहिए, विचार करें. हमारे आदर्शो के चित्र जरूर हमारे घरों में होना चाहिए. जहां तक संभव है, स्वदेशी का प्रयोग करना. नियमों का पालन करना. ये सब बोध हो. इसके लिए सप्ताह में एक दिन सबको साथ बैठना. दूध पीते बच्चे से लेकर बड़ों तक इसकी चर्चा करना. जो सहमति बनती है, उसे व्यवहार लाना. समाज के लिए रोज हम एक अच्छा कार्य करें. क्या कर सकते हैं, उसे सोचना और करना. व्यक्ति के आचरण में और परिवार के आचरण में यह दिखेगा. इसलिए कुटुम्बों का मिलन साल में 2-3 बार होना चाहिए, जिससे समाज में परिवर्तन दिखेगा. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>AI Impact Summit 2026: इमैनुएल मैक्रों पत्नी के साथ मुंबई पहुंचे, PM मोदी से आज होगी मुलाकात? जानें 3 शेड्यूल</title>
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<description><![CDATA[ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों के साथ 16 फरवरी 2026 यानी सोमवार रात के आसपास मुंबई पहुंचे. उनका विमान मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. यह मैक्रों की 2017 में सत्ता संभालने के बाद भारत की चौथी आधिकारिक यात्रा है, जो तीन दिनों (17 से 19 फरवरी 2026) तक चलेगी.
मैक्रों के दौरे में राफेल डील सबसे ज्यादा खास
मैक्रों का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. सबसे बड़ी चर्चा नए राफेल लड़ाकू जेट्स की बहु-अरब डॉलर डील पर है. पिछले हफ्ते रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 114 अतिरिक्त राफेल जेट्स खरीदने की मंजूरी दी थी.
यह डील लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये (करीब 40-45 अरब डॉलर) की है. इनमें से ज्यादातर जेट्स भारत में ही मेक इन इंडिया के तहत निर्मित होंगे. अगर डील फाइनल हुई, तो यह 2016 में भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे गए 36 राफेल और नौसेना के लिए 26 राफेल में जोड़ देगी. यह भारत की सबसे बड़ी विमान खरीद में से एक होगी और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का &amp;lsquo;शताब्दी का अनुबंध&amp;rsquo; माना जा रहा है.
17 फरवरी 2026 को क्या-क्या कार्यक्रम होंगे?

दोपहर करीब 3:15 बजे मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
बैठक में कई समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे.
दोनों नेता इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का शुभारंभ करेंगे.
वे गेटवे ऑफ इंडिया जाएंगे और 2008 मुंबई आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
मैक्रॉन बॉलीवुड अभिनेताओं से मिलेंगे और इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम का उद्घाटन करेंगे.
साथ ही, भारत की पहली हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वीडियो कॉन्फ्रेंस से उद्घाटन होगा.

18-19 फरवरी को मैक्रों दिल्ली जाएंगे, जहां वे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. यह समिट AI के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग पर फोकस करेगी, खासकर हेल्थकेयर और जिम्मेदार इनोवेशन पर.
भारत-फ्रांस संबंधों की पृष्ठभूमि
जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ, जिसे दोनों पक्षों ने &amp;lsquo;मदर ऑफ ऑल डील&amp;rsquo; कहा. फ्रांस भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार है और दोनों देश इंडो-पैसिफिक में सुरक्षा, व्यापार और तकनीक पर मजबूत सहयोग करते हैं.
एक्सपर्ट क्रिस्टोफ जाफरेलोट ने इस संभावित डील को &amp;lsquo;बड़ी जीत&amp;rsquo; बताया. यह यात्रा भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी, खासकर रक्षा और AI जैसे क्षेत्रों में. दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Weather Forecast: 17, 18 और 19 को 10 राज्यों में बारिश! मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी&#45;दिल्ली, पंजाब&#45;हरियाणा में कब बरसेंगे बादल?</title>
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<description><![CDATA[ देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है. फरवरी के महीने में ही कई राज्यों में मार्च जैसी गर्मी महसूस की जा रही है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन इसी बीच बारिश का दौर भी शुरू होने वाला है. India Meteorological Department (आईएमडी) ने 17, 18 और 19 फरवरी तक 10 राज्यों में बारिश की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 17 और 18 फरवरी 2026 को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है. इसके अलावा 18 फरवरी तक ओडिशा के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा भी छा सकता है. जिन राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु शामिल हैं.
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के शहरों का हाल
उत्तर प्रदेश में वेर्स्टन डिर्स्टबेंस का असर मुख्य रूप से पश्चिमी जिलों में देखने को मिल सकता है. 17 और 18 फरवरी को मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, शामली, गाजियाबाद और नोएडा में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. हालांकि पूरे प्रदेश में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. उत्तराखंड में 17 और 18 फरवरी को चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और उधमसिंह नगर जिलों में बारिश हो सकती है. 18 और 19 फरवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही बर्फबारी का असर देखा जा रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में 17 फरवरी को तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर में गर्मी का एहसास होगा. हालांकि अगले 24 घंटों में मौसम बदल सकता है और हल्की बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश और कश्मीर का हाल
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर और कुल्लू जिलों में 17 और 18 फरवरी को बारिश हो सकती है. 18 और 19 फरवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, जम्मू, कुलगाम, कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा और अनंतनाग में 17 फरवरी को बारिश हो सकती है. लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव के संकेत हैं.
राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्थिति
राजस्थान में दोपहर बाद बादल छाने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है. हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू में 17 और 18 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मध्य प्रदेश में 18 और 19 फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. सिवनी, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और होशंगाबाद जिलों में वर्षा हो सकती है, जबकि 17 फरवरी को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है.
बिहार में मौसम का हाल
बिहार में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है. हालांकि मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्रों में मध्यम कोहरा और हल्की ठंड का असर बना रह सकता है. कुल मिलाकर फरवरी में बढ़ती गर्मी के बीच वेर्स्टन डिर्स्टबेंस के कारण कई राज्यों में मौसम फिर से करवट लेने वाला है. मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने और ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>India Seizes Oil Tankers: भारत का बड़ा एक्शन, ईरान के तीन तेल टैंकर जब्त! अमेरिका ने क्या दी थी जानकारी?</title>
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<description><![CDATA[ भारत ने इस महीने ईरान से संबंधित तीन तेल टैंकरों को जब्त किया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अवैध तेल व्यापार पर रोक लगाने के लिए भारत ने अपने समुद्री क्षेत्र में निगरानी भी कड़ी कर दी है. हालांकि नेशनल ईरानीयन Iranian ऑयल कंपनी ने कहा है कि इन तीनों जहाजों का उसकी कंपनी से कोई संबंध नहीं है. सूत्रों के अनुसार जिन तीन जहाजों को रोका गया, उनके नाम स्टेलर रूबी, एस्फाल्ट स्टार और अल जफ्जिया हैं. बताया गया कि ये जहाज पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना नाम और जानकारी बदलते थे, ताकि तटीय एजेंसियों की नजर से बच सकें. इन जहाजों के मालिक विदेश में स्थित हैं.
भारतीय अधिकारियों ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इन जहाजों को रोके जाने की जानकारी दी थी, जिसे बाद में हटा लिया गया. सूत्रों के मुताबिक मुंबई से लगभग 100 नॉटिकल मील पश्चिम में एक संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद इन जहाजों को रोका गया और आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया. सूत्र ने बताया कि भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके समुद्री क्षेत्र का इस्तेमाल जहाज-से-जहाज (शिप-टू-शिप) ट्रांसफर के जरिए तेल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाने के लिए न किया जाए. इस तरह के ट्रांसफर का इस्तेमाल अक्सर प्रतिबंधों से बचने और कार्गो की ट्रैकिंग को जटिल बनाने के लिए किया जाता है.
अमेरिका टैरिफ में कमी
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अमेरिका के संबंधों में हाल के दिनों में मजबूती आई है. इसी महीने वाशिंगटन ने घोषणा की थी कि भारत की ओर से रूसी तेल आयात रोकने पर सहमति के बाद भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के तहत काम करने वाले Office of Foreign Assets Control ने पिछले साल तीन जहाजों, ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 पर प्रतिबंध लगाया था. इनके अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) नंबर उन जहाजों से मेल खाते बताए गए हैं, जिन्हें हाल में भारत ने जब्त किया है.
तीन में से दो टैंकर ईरान से जुड़े
शिपिंग डेटा उपलब्ध कराने वाली कंपनी LSEG के अनुसार जब्त किए गए तीन में से दो टैंकर ईरान से जुड़े रहे हैं. अल जफ्जिया ने वर्ष 2025 में ईरान से जिबूती तक फ्यूल ऑयल लेकर चला था, जबकि स्टेलर रूबी पर ईरान का झंडा लगा हुआ था. स्फाल्ट स्टार मुख्य रूप से चीन के आसपास के समुद्री मार्गों पर संचालित होती रही है. जहाजों की जब्ती के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने निगरानी बढ़ा दी है. अब लगभग 55 जहाज और 10 से 12 विमान भारत के समुद्री क्षेत्र में चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:02 +0530</pubDate>
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<title>भारत&#45;अमेरिका के बीच फाइनल स्टेज पर ट्रेड डील! भारतीय टीम इस तारीख को जाएगी US, जानें कब लगेगी मुहर</title>
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<description><![CDATA[ India-US Trade Deal: वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले हफ्ते अमेरिका जाने वाले हैं. उनका मकसद 7 फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच जो संयुक्त बयान जारी हुआ था, उसके आधार पर अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है. यह जानकारी सोमवार को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी.
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका भारत से जाने वाले सामान पर लगाए गए 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी में है. उम्मीद है कि यह कटौती इसी हफ्ते हो सकती है.
संयुक्त बयान को कानूनी समझौते में बदला जा रहा
राजेश अग्रवाल ने कहा कि 7 फरवरी को जो संयुक्त बयान जारी हुआ था, वह दरअसल उस फ्रेमवर्क डील का हिस्सा है जिस पर भारत और अमेरिका के बीच सहमति बनी थी. उस बयान में समझौते की रूपरेखा तय कर दी गई थी. अब उसी रूपरेखा को एक पक्का कानूनी समझौता बनाया जा रहा है, जिस पर दोनों देश साइन करेंगे. फिलहाल दोनों तरफ से इस कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है.
उन्होंने यह भी बताया कि अगले हफ्ते मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अपनी टीम के साथ अमेरिका जाएंगे, ताकि समझौते के कानूनी मसौदे को फाइनल किया जा सके. कोशिश है कि मार्च तक यह पूरा काम निपटा कर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं. हालांकि उन्होंने कोई पक्की तारीख नहीं बताई, क्योंकि अभी कुछ कानूनी मुद्दों को सुलझाना बाकी है.
राजेश अग्रवाल ने बताया कि 27 अगस्त से भारतीय सामान पर जो 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था, वह अब हटा लिया गया है. यह टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से दंड के तौर पर लगाया गया था. अब दूसरे 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात चल रही है. इस पर उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि यह फैसला इसी हफ्ते हो जाएगा. अगर किसी वजह से देरी होती है, तो अगले हफ्ते भारतीय टीम अमेरिका में होगी और वहां जाकर बात साफ की जाएगी कि देर क्यों हो रही है.
जीरो टैरिफ और बाजार तक पहुंच समझौते के बाद ही लागू होगी
राजेश अग्रवाल ने साफ कहा कि कुछ सामान ऐसे हैं जिन पर रेसिप्रोकल टैरिफ को पूरी तरह खत्म यानी जीरो किया जा सकता है. लेकिन यह तभी लागू होगा जब दोनों देशों के बीच कानूनी समझौते पर साइन हो जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तरफ से भी टैरिफ में कोई कटौती, बाजार में ज्यादा पहुंच या किसी तरह की रियायत तभी दी जाएगी, जब समझौता आधिकारिक रूप से साइन हो जाएगा.
7 फरवरी को आया था बड़ा संयुक्त बयान
7 फरवरी को भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए थे. उसी दिन जारी संयुक्त बयान में कहा गया था कि अमेरिकी टैरिफ भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाएंगे. साथ ही कुछ चुनिंदा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, बाजार खोलने के कदम और दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही गई थी. यह समझौता करीब एक साल चली लंबी बातचीत के बाद संभव हो पाया.
पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक कदम
7 फरवरी को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित समझौता बताया था. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारतीय निर्यात के लिए नए दरवाजे खुलेंगे. इससे हमारे छोटे और मझोले उद्योग, किसान, मछुआरे, युवा, महिलाएं और देश के हुनरमंद लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:01 +0530</pubDate>
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<title>भारत का पाकिस्तान से होगा आमना&#45;सामना, आज एक जगह बैठेंगे दोनों देशों के नेता, जानें क्यों?</title>
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<description><![CDATA[ भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते इस समय काफी तनावपूर्ण चल रहे हैं। ऐसे माहौल में दोनों देशों के नेता एक ही मंच पर नजर आ सकते हैं। हालांकि यह किसी द्विपक्षीय बैठक या औपचारिक वार्ता के लिए नहीं होगा, बल्कि बांग्लादेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ऐसा संभव होगा।
बांग्लादेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है। यह कार्यक्रम मंगलवार शाम 4 बजे ढाका स्थित राष्ट्रीय संसदीय भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है।
पाकिस्तान के मंत्री भी होंगे शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में कई जानी मानी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के पहुंचने की संभावना है. इनमें भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल शामिल हो सकते हैं.&amp;nbsp; इसके अलावा नेपाल की ओर से विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा, श्रीलंका की स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिस्सा और ब्रिटेन की इंडो पैसिफिक अंडर सेक्रेटरी सीमा मल्होत्रा के भी शामिल होने की उम्मीद है. साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू के भी समारोह में भाग लेने की संभावना जताई जा रही है. डिप्लोमैटिक नियमों के अनुसार सभी देशों को निमंत्रण भेजा गया है. हालांकि कुछ देशों की ओर से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है.
भारत की ओर से जाएंगे लोकसभा स्पीकर
भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ओम बिरला की मौजूदगी भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और मजबूत दोस्ती को दर्शाती है. यह दोनों देशों को जोड़ने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है. बयान में आगे कहा गया कि साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान से जुड़े पड़ोसी देशों के रूप में भारत, तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनी हुई सरकार के गठन का स्वागत करता है. उनके विजन और मूल्यों को जनता का व्यापक समर्थन मिला है.
जोर शोर से चल रही तैयारियां
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जातीय संसद सचिवालय में पहले से चल रही हैं. परंपरा के अनुसार यह समारोह आम तौर पर जातीय संसद भवन के तय शपथ कक्ष में आयोजित होता है. गौरतलब है कि 13वें संसदीय चुनाव में 300 में से 299 सीटों के लिए 12 फरवरी को मतदान हुआ था. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:00 +0530</pubDate>
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<title>Telangana Municipal Elections 2026: कांग्रेस के लिए बड़ी गुड न्यूज, तेलंगाना की 105 में से 84 नगरपालिकाओं पर कब्जा, 7 में से 6 निगमों में भी बढ़त</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 105 में से 84 नगरपालिकाओं पर कब्जा कर लिया है. इसके अलावा, सात में से छह नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई है. 11 फरवरी को 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था, जबकि 13 फरवरी को नतीजे घोषित किए गए. हालांकि, 11 नगरपालिकाओं में नवनिर्वाचित पार्षदों द्वारा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका था. मुख्य विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने 17 नगरपालिकाओं में सत्ता हासिल की, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक नगरपालिका में जीत मिली. तीन नगरपालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष चुने गए.
कांग्रेस को 66 नगरपालिकाओं में स्पष्ट बहुमत मिला था, जबकि 18 अन्य नगरपालिकाओं में उसे अन्य दलों और निर्दलियों के समर्थन से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद हासिल हुए. दिलचस्प बात यह रही कि दो नगरपालिकाओं में कांग्रेस को भाजपा का समर्थन मिला. मेडक जिले के नरसापुर नगरपालिका में भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस का समर्थन किया, बदले में कांग्रेस ने भाजपा पार्षद को उपाध्यक्ष चुने जाने में मदद की. इसी तरह का समझौता मेडचल मलकाजगिरी जिले के आलियाबाद में भी हुआ. वहीं रंगारेड्डी जिले के अमंगल में बीआरएस ने भाजपा के समर्थन से अध्यक्ष पद जीता और उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा को समर्थन दिया
मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कांग्रेस का कब्जा
नगर निगमों की बात करें तो महबूबनगर, मंचेरियल, नलगोंडा और रामागुंडम नगर निगमों में कांग्रेस ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कब्जा किया. कोठागुडेम नगर निगम में कांग्रेस की सहयोगी सीपीआई के मूड गणेश मेयर चुने गए, जबकि कांग्रेस की एस. ललिता कुमार डिप्टी मेयर बनीं. यहां 60 सदस्यीय निगम में कांग्रेस और सीपीआई को 22-22 सीटें मिली थीं. निजामाबाद नगर निगम में कांग्रेस की के. उमा रानी को एआईएमआईएम के समर्थन से मेयर चुना गया, जबकि एआईएमआईएम की सलमा तहसीन डिप्टी मेयर बनीं. इससे कांग्रेस भाजपा को रोकने में सफल रही, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.
कांग्रेस भाजपा को नहीं रोक सकी
करीमनगर नगर निगम में कांग्रेस भाजपा को नहीं रोक सकी. 66 सदस्यीय निगम में 30 सीटें जीतने वाली भाजपा ने निर्दलियों के समर्थन से मेयर और डिप्टी मेयर पद हासिल कर लिया. आदिलाबाद नगरपालिका में निर्दलीय पार्षद बंदारी अनुशा अध्यक्ष चुनी गईं, जबकि एआईएमआईएम के मोहम्मद रोहित उपाध्यक्ष बने. यहां भाजपा 21 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि कांग्रेस को 11, बीआरएस और एआईएमआईएम को छह-छह सीटें मिली थीं. पांच निर्दलीय भी चुने गए थे. भैंसा नगरपालिका में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीयों की जीत हुई. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:59:00 +0530</pubDate>
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<title>बूंद&#45;बूंद को तरसेगा पाकिस्तान! शाहपुर कंडी डैम के आगे PAK पस्त, क्या है भारत का &amp;apos;रावी&amp;apos; अटैक?</title>
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<description><![CDATA[ भारत ने रावी नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. शाहपुर कंडी बांध का काम अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद रावी नदी का बचा हुआ पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ, सांबा जिले और पंजाब की सूखाग्रस्त जमीनों को सींचने के लिए इस्तेमाल होगा.
जम्मू के लिए जीवनरेखा साबित होगी परियोजना
यह परियोजना पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित है. जम्मू-कश्मीर के जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को साफ कहा, &amp;lsquo;हां, रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान जाने से रोका जाएगा. इसे रोकना जरूरी है.&amp;rsquo; उन्होंने बताया कि कठुआ और सांबा जिले सूखे से प्रभावित हैं और यह प्रोजेक्ट इन इलाकों के लिए जीवनरेखा साबित होगा.
इस परियोजना के मुख्य फायदे क्या होंगे?

जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों में 32,173 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी.
पंजाब में लगभग 5,000 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन को पानी मिलेगा.
कुल मिलाकर 37,000 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि को फायदा पहुंचेगा और बिजली उत्पादन भी होगा.
केंद्र सरकार ने सिंचाई हिस्से के लिए 485.38 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
इससे पानी की बर्बादी रुकेगी, जो पहले माधोपुर हेडवर्क्स से होकर पाकिस्तान चला जाता था.

सिंधु जल संधि का इस प्रोजेक्ट से क्या संबंध?
1960 की सिंधु जल संधि के तहत भारत को पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलज पर पूरा अधिकार है. लेकिन तकनीकी कमी और बांध न होने से रावी का काफी पानी पाकिस्तान चला जाता था. शाहपुर कंडी प्रोजेक्ट संधि के दायरे में ही है, क्योंकि यह भारत के अधिकार का इस्तेमाल करता है.
परियोजना की शुरुआत 2001 में हुई थी, लेकिन पंजाब-जम्मू-कश्मीर के बीच विवाद से रुकी रही. 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से समझौता हुआ और काम तेज हुआ. अब इसे &amp;lsquo;मिशन मोड&amp;rsquo; में पूरा किया जा रहा है.
इस प्रोजेक्ट से पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा?
पाकिस्तान पहले से पानी के संकट से जूझ रहा है. रावी का बचा पानी रुकने से उसके निचले इलाकों में भारी कमी हो सकती है. भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित कर दिया था, डेटा शेयरिंग बंद की और पाकिस्तान से आतंकवाद पर जवाब मांगा. अब रावी पानी रोकना आतंकवाद के खिलाफ रणनीतिक दबाव का हिस्सा भी माना जा रहा है. पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहिद्दीन ने कहा कि यह पूरी तरह संधि के अनुरूप है.
जम्मू-कश्मीर विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि अब पानी पाकिस्तान की बजाय कठुआ की जमीनों को सींचेगा. यह कदम भारत के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग और क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है. 31 मार्च 2026 तक बांध के पूरा होने पर रावी का पानी पूरी तरह भारत में रहेगा. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:58:59 +0530</pubDate>
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<title>Telangana Municipality: तेलंगाना की इस नगर पालिका में भारी सुरक्षा के बीच चुनाव! 500 पुलिसकर्मी तैनात, धारा 144 लागू</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के महबूबाबाद जिले की तोर्रूरु नगर पालिका में चेयरमैन और उप-चेयरमैन के चुनाव को लेकर तनाव का माहौल है. लगता है कि यह चेयरमैन और उप-चेयरमैन के चुनाव की नहीं बल्कि किसी जंग की तैयारी है. दरअसल 17 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे होने वाली इस महत्वपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों की भारी संख्या में तैनाती की गई है. जिले के एसपी शबरीश ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी ली है ताकि कोई भी अनचाही घटना न हो.
पिछले दिनों 11 फरवरी को हुए नगर पालिका चुनाव में तोर्रूरु में कुल 16 वार्डों में बीआरएस ने 9 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं. लेकिन एक्स-ऑफिशियो सदस्यों (विधायक और सांसद) के वोट जोड़ने पर कांग्रेस का आंकड़ा भी 9 तक पहुंच गया. इससे दोनों पार्टियों के वोट बराबर हो गए और स्थिति हंग पर आ गई. बीआरएस पक्ष अपने बहुमत का दावा कर रहा है, वहीं कांग्रेस एक्स-ऑफिशियो वोटों के आधार पर कुर्सी हासिल करने की कोशिश में जुटा है. इस कारण दोनों पार्टियों के बीच तीखी बहस और झड़पें हुईं.
कार्यालय के आसपास 144 धारा लागू
नगर पालिका कार्यालय के आसपास 200 मीटर तक 144 धारा लागू कर दी गई. सोमवार को स्थिति बिगड़ने पर पूर्व मंत्री एर्राबेली दयाकर राव कार्यालय में घुसने की कोशिश में पुलिस से बहस पर उतर आए. कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हुई और लाठीचार्ज भी हुआ. इस उलझन के चलते चुनाव टल गया और मंगलवार यानी 17 फरवरी को तय किया गया.
कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया
तेलंगाना में कुल 116 नगर पालिकाओं में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन तोर्रूरु जैसी हंग वाली जगहों पर राजनीतिक तनाव ज्यादा दिख रहा है. बीआरएस से कुछ काउंसलरों के पार्टी बदलने की अफवाहों ने भी माहौल को और गरमा दिया. एसपी शबरीश ने दोनों पार्टियों के नेताओं से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की. सुरक्षा बलों को मुस्तैद रखा गया है.
तेलंगाना की स्थानीय निकाय राजनीति&amp;nbsp;
यह चुनाव तेलंगाना की स्थानीय निकाय राजनीति में सत्ताधारी और विपक्ष के बीच चल रही कड़ी टक्कर को दर्शाता है. चाहे नतीजा किसी भी तरफ जाए, यह घटना राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है. प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरत रहे हैं ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो सके. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:58:59 +0530</pubDate>
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<title>Weather Forecast: सर्दी खत्म होते ही मौसम का यूटर्न, 8 राज्यों में बारिश, दिल्ली&#45;यूपी से पंजाब&#45;हरियाणा तक चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ सर्दी कम होने के साथ ही एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम में बदलाव आने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 और 18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. 18 से 19 फरवरी को मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक की संभावना जताई गई है. इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 17 से 19 फरवरी के बीच बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.&amp;nbsp;
दिल्ली का मौसमदिल्ली-एनसीआर के मौसम की बात करें तो आज सोमवार (16 फरवरी) को मौसम साफ रहेगा. सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध छाई रहेगी. दिन का अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम 11 से 13 डिग्री के बीच रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक कल राजधानी में घने बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय कोहरा भी छाया रहेगा. अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13-15 डिग्री के आसपास रहेगा.&amp;nbsp;
यूपी में बढ़ेगा पाराउत्तर प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने जा रहा है. बीच-बीच में एक्टिव होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ इलाकों में बादल, बूंदाबांदी और तेज हवाएं मौसम में अस्थायी बदलाव ला सकती हैं. राजधानी लखनऊ में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. आने वाले 15 दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. इसके चलते पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक आज सोमवार सुबह से आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. सुबह और रात के समय ठंडक बनी रहेगी, जबकि दोपहर में गर्मी का अहसास होगा.&amp;nbsp;
अगले दो से तीन दिनों तक कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय न होने के कारण अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रहेगी. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 और 18 फरवरी को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.
बिहार में कैसा है मौसमयूपी से सटे बिहार में मौसम अब सामान्य हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आज राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह हल्की धुंध दिख सकती है जबकि दिन में धूप निकलेगी, जिससे मौसम गर्म रहेगा. तापमान में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मिड फरवरी तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है. कुछ जगहों पर सुबह और रात के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है.फिलहाल राज्य का न्यूनतम तापमान 11-12 डिग्री के आसपास पहुंच गया है.&amp;nbsp;
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&amp;lsquo;भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है, क्योंकि...&amp;rsquo;, गोरखपुर में आयोजित सभा में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली में AI का महाकुंभ, PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स, 13 देश होंगे शामिल, जानें हर जरूरी बात</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के भारत मंडपम में आज सोमवार (16 फरवरी) से इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 की शुरुआत होगी. पीएम मोदी आज एक्सपो का उद्घाटन करेंगे. इसे देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट बताया जा रहा है. यह एक्सपो AI इम्पैक्ट समिट 2026 के साथ आयोजित किया जा रहा है और 20 फरवरी तक चलेगा.
सरकारी बयान के मुताबिक यह आयोजन देशभर में AI तकनीक के इस्तेमाल को आम लोगों तक दिखाने का मंच बनेगा. इस एक्सपो में लोगों को हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, गवर्नेंस और इंडस्ट्री जैसे सेक्टरों में AI के लाइव डेमो देखने को मिलेंगे.
क्या-क्या होगा एक्सपो में?इस मेगा इवेंट में 300 से ज्यादा प्रदर्शनी के पवेलियन देखने को मिलेंगे. होंगे. 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स अपने AI सॉल्यूशंस दिखाएंगे. इसके अलावा 13 देशों के इंटरनेशनल पवेलियन भी इसमें शामिल होंगे. कुल 10 बड़े एरीना बनाए जाएंगे, जहां अलग-अलग थीम पर शो-केस होगा.
इस आयोजन को तीन थीमों में बांटा गया है- People Planet and Progress. इसका मतलब है कि AI का इस्तेमाल कैसे लोगों की जिंदगी को आसान बना सकता है और कैसे पर्यावरण की भी मदद कर सकता है और कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से देश की तरक्की में योगदान दिया जा सकता है.&amp;nbsp;
दुनियाभर की कंपनियां और सरकारें शामिलइस एक्सपो में भारत के साथ-साथ दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थान, केंद्र और राज्य सरकारें और विदेशी प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेंगे. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों के पवेलियन भी लगाए जाएंगे.&amp;nbsp;
सरकार के मुताबिक इस एक्सपो में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है. AI पर 500 से ज्यादा सेशंस होंगे, जिनमें करीब 3,250 स्पीकर्स और एक्सपर्ट्स हिस्सा लेंगे. इन सेशंस में AI के फायदे, चुनौतियां, भविष्य की रणनीति और नीति निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.
क्यों खास है ये आयोजन?भारत इस मंच के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि AI सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका फायदा आम आदमी तक पहुंचे. स्टार्टअप्स के लिए यह बड़ा मौका होगा कि वे अपने प्रोडक्ट और इनोवेशन दुनिया के सामने दिखा सकें. वहीं सरकारों और कंपनियों के बीच नई साझेदारियां भी बन सकती हैं. कुल मिलाकर दिल्ली में होने जा रहा यह AI महाकुंभ भारत को ग्लोबल AI मैप पर और मजबूत तरीके से स्थापित करने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है.
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&#039;ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने ठोका, अब मैदान में खिलाड़ियों ने...&#039;, T-20 क्रिकेट में PAK की हार पर बोले बागेश्वर पीठाधीश्वर ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिका कर रहा भारत की तारीफ! एडमिरल पपारो की बात सुन सुलग जाएंगे मुनीर&#45;शहबाज, जानें क्या कहा?</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका के हिंद-प्रशांत कमान (INDO-PACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम आते ही भारत की सराहना करते हैं, क्योंकि भारतीय सेना ने इसमें अद्भुत संयम, रणनीतिक सटीकता और ताकत के जरिए शांति बनाए रखने की मिसाल पेश की. यह बयान ऐसे समय आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती आक्रामकता और जबरदस्ती पर चिंता बढ़ रही है, और भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात हो रही है.
दिल्ली दौरे पर भारत पहुंचे एडमिरल पपारो
अमेरिकी नौसेना के एडमिरल पपारो 15 फरवरी 2026 को नई दिल्ली दौरे पर थे. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से बात की. पपारो ने 4 बड़ी बातें कहीं:

संयम की सराहना: &amp;lsquo;हम दिखाए गए संयम की सराहना करते हैं. ऐसे अभियानों को देखकर सभी शांतिप्रिय राष्ट्र चिंतित हो जाते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने भारत की ताकतिक निष्पादन (tactical execution) और आत्ममंथन (introspection) की भी तारीफ की, जिसमें ऑपरेशन के बाद सबक सीखने पर गंभीरता दिखाई गई.
चीन से जुड़े सबक: पाकिस्तान के चीनी मूल के हथियारों (मिसाइल, गाइडेंस सिस्टम) के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि इससे बहुत सबक मिले हैं. लंबी दूरी के हथियारों और किल चेन की जटिलता पर फोकस जरूरी है. हालांकि, उन्होंने सीधे चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती &amp;lsquo;कोएर्शन और एग्रेशन&amp;rsquo; पर गंभीर चिंता जताई.
भारत-अमेरिका संबंध: &amp;lsquo;हमारी साझेदारी का डिटरेंस पर एक्सपोनेंशियल प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह शांति बनाए रखने के साझा उद्देश्य को दिखाता है.&amp;rsquo; दोनों देशों के हित एक जैसे हैं, खासकर समुद्री क्षेत्र में. अमेरिका भारत के हिंद महासागर में योगदान की सराहना करता है. दोनों संप्रभुता, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्र की आजादी के सिद्धांतों पर प्रतिबद्ध हैं.
क्षेत्रीय महत्व: हिंद-प्रशांत में दुनिया की 60% आबादी, 60% से ज्यादा GDP और टॉप 10 सेनाओं में से 7 इसी क्षेत्र में हैं. बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी है. नीति निर्माताओं के साथ सैन्य नेतृत्व को भी क्षमता बढ़ाने और किसी भी क्षण मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

26 बेगुनाहों की मौत का बदला था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (अनंतनाग जिले) के बायसरन घाटी में पर्यटकों पर भयानक आतंकी हमला हुआ. इस हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए, जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली शामिल था. 20 से ज्यादा लोग घायल हुए. यह 2008 मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला था. हमले के पीछे पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, द रेसिस्टेंस फ्रंट का हाथ बताया गया.
भारत ने जवाब में 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. नाम &#039;सिंदूर&#039; इसलिए चुना गया क्योंकि हमले में महिलाओं को छोड़कर पुरुषों को टारगेट किया गया था. सिंदूर हिंदू विवाहित महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है. भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी लॉन्चपैड/कैंपों पर सटीक हमले किए. ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, एयर स्ट्राइक, स्वदेशी हथियार और AI-आधारित प्लेटफॉर्म इस्तेमाल हुए. कोई पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकाना नहीं छुआ. 4 दिनों (7-10 मई) में आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया. करीब 100 आतंकी मारे गए.
भारत की एयर सुपीरियरिटी के चर्चे
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, ड्रोन और गोलीबारी से धार्मिक स्थलों पर हमला किया. पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके 40 नागरिक मारे गए. नतीजतन ऑपरेशन ने भारत की एयर सुपीरियरिटी दिखाई, पाकिस्तान को सीजफायर पर मजबूर किया. स्विस थिंक टैंक रिपोर्ट्स में इसे रणनीतिक बदलाव बताया गया. भारत ने इंडस वाटर ट्रीटी और शिमला समझौते को निलंबित किया.
एडमिरल पपारो के बयान से साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति दिखाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता और संयम की मिसाल पेश की. यह भारत-अमेरिका की मजबूत साझेदारी का भी प्रमाण है, जो हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता के लिए अहम है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>हैदराबाद में मजलिस का झंडा देख कौन भड़का? महाराष्ट्र से आए AIMIM कार्यकर्ताओं को पीटा...घूंसे मारे</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पुराने शहर (Old City) इलाके में रविवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई. रविवार की रात करीब 10 बजे गोलपुरा क्षेत्र में मजलिस (AIMIM) का झंडा लगी गाड़ी को रोककर एक अज्ञात व्यक्ति ने महाराष्ट्र से आए कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और पार्टी का झंडा भी फाड़ दिया. यह घटना तब हुई जब ये कार्यकर्ता पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के नेतृत्व में एक विशाल रैली में शामिल होने के बाद रात्रि भोज के लिए जा रहे थे.
पीड़ित कार्यकर्ता आरिफ खान ने बताया कि वे महाराष्ट्र से पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के साथ हैदराबाद आए थे. रैली के बाद सोमवार सुबह उन्होंने दारुस्सलाम में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और चारमीनार विधायक जुल्फिकार से मुलाकात की. शाम को जब वे अपने दोस्त मंसूर भाई के घर दावत पर जा रहे थे, तभी गोलपुरा के पास एक शख्स ने उनकी गाड़ी रोक दी.
पीड़ितों ने क्या बतायाआरिफ खान के मुताबिक, &quot;उस व्यक्ति ने गाड़ी पर लगा मजलिस का हरा झंडा देखा और भड़क गया. उसने चिल्लाते हुए कहा कि यहां यह झंडा नहीं चलेगा. उसने झंडा तोड़ दिया और विरोध करने पर हमारे साथी राजिक भाई, बिस्मिल्लाह भाई और अजीज भाई की छाती पर घूंसे मारे. मैं ड्राइवर सीट पर था तो उसने मेरी कंठी पकड़कर मेरे कान पर जोरदार हमला किया.&quot; पीड़ितों का आरोप है कि वहां पुलिस और जनता मौजूद थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया.
मुगलपुरा पुलिस इंस्पेक्टर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रात करीब 9:00 बजे आरिफ खान की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है. पुलिस फिलहाल इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके. इंस्पेक्टर ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि इलाके में शांति बनी हुई है.
पुलिस मामले की जांच में जुटीहैदराबाद हमेशा से AIMIM का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में पार्टी के बढ़ते विस्तार (विशेषकर औरंगाबाद और मुंबई बेल्ट में) के कारण दोनों राज्यों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ा है. इम्तियाज जलील जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. अतीत में भी पुराने शहर में राजनीतिक झंडों और नारों को लेकर छिटपुट झड़पें होती रही हैं, जिसे देखते हुए पुलिस अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है.
हमले के बाद मजलिस के स्थानीय विधायक जुल्फिकार और कॉर्पोरेटर मुजफ्फर ने कार्यकर्ताओं को ढांढस बंधाया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे चाहते तो पलटकर जवाब दे सकते थे, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की सीख &#039;अमन और शांति&#039; बनाए रखने की है, इसलिए उन्होंने कानून का रास्ता चुना है. फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है.
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दिल्ली में AI का महाकुंभ, PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स, 13 देश होंगे शामिल, जानें हर जरूरी बात ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:09 +0530</pubDate>
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<title>PM Modi Mumbai Visit: पीएम मोदी संग मैक्रों की मीटिंग का काउंटडाउन! भारत&#45;फ्रांस के बीच होंगी ये बड़ी डील, जानें सब</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी 2026 को मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो से औपचारिक बातचीत करेंगे. राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जो उनकी भारत की चौथी यात्रा और पहली मुंबई यात्रा होगी.
PIB की रिपोर्ट के मुताबिक 17 फरवरी को लगभग दोपहर 3:15 बजे दोनों नेता मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे. बैठक में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा और नई साझेदारी के क्षेत्रों पर चर्चा होगी. बातचीत का लक्ष्य आर्थिक, रक्षा, तकनीकी और नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और ग्लोबल इशू जैसे सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.
AI इम्पैक्ट समिट और नवाचार वर्ष 2026
शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रमुख, शोधकर्ता, स्टार्ट-अप संस्थापक और तकनीकी इनोवेटर्स शामिल होंगे. दोनों देश अपनी साझेदारी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उच्च तकनीकों के माध्यम से नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संदेश देंगे.
यात्रा का महत्व
राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक मानी जा रही है. यह दौरा वैश्विक स्तर पर द्विपक्षीय सहयोग को दोबारा पुष्टि करने और लंबी अवधि की साझेदारी को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है. इस तरह से 17 फरवरी का दिन भारत-फ्रांस संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां दोनों देशों के नेता रणनीतिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और नवाचार के विषयों पर गहन बातचीत करेंगे.
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग 
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुआ है. खासकर राफेल लड़ाकू विमानों की वजह से दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं. भारत ने साल 2016 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का समझौता किया था. ये विमान भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने में अहम साबित हुए. राफेल आधुनिक तकनीक से लैस है और यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमला करने में सक्षम है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:09 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;RSS शैतान, BJP इसकी परछाई...&amp;apos;, प्रियांक खरगे का संघ पर हमला, कहा&#45; &amp;apos;हमें इससे...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि RSS शैतान संगठन है और BJP उसकी परछाई है. हम अभी शैतान की परछाई से लड़ रहे हैं. अगर हम शैतान से ही लड़ेंगे तो देश सुधर जाएगा. उन्होंने कहा कि RSS के बिना BJP की हालत जनता दल (सेक्युलर) से भी खराब हो जाएगी और यह एक रीजनल पार्टी से भी निचले लेवल पर आ जाएगी. खरगे ने सुझाव दिया कि जनता दल (सेक्युलर) को अपने नाम से सेक्युलर हटा देना चाहिए.
&#039;RSS के पीछे बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट&#039;प्रियांक खरगे ने आगे कहा कि RSS के पीछे एक बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट शामिल है, जिससे यह पैसे लेता है. RSS से करीब 2500 संगठन जुड़े हुए हैं. अमेरिका और इंग्लैंड समेत कई देशों से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है. इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि RSS के पीछे एक बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट है.&amp;nbsp;
उन्होंने आगे कहा कि अगर हम RSS के पैसे के सोर्स के बारे में पूछते हैं तो वे हमें बताते हैं कि हमें गुरु दक्षिणा मिलती है. हालांकि जब मैंने कुछ रिसर्च की तो उनके अनुसार गुरु दक्षिणा का मतलब &#039;झंडा&#039; है. इसलिए अगर मैं भी नीला झंडा फहराता हूं और पैसे इकट्ठा करता हूं तो मैं सरकार और उनसे (RSS) पूछूंगा कि क्या वे मानेंगे. इस तरह कोई भी बेबुनियाद बातों से बच नहीं सकता. अब से मैं तब तक हार नहीं मानूंगा जब तक यह RSS संगठन संविधान और कानून के तहत रजिस्टर नहीं हो जाता.
गरीबों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोपप्रियांक खरगे ने कहा कि वाल्मीकि की लिखी रामायण अलग है, लेकिन अब जो हो रहा है वह अलग है. नेता और धार्मिक नेता अपनी मर्जी से धर्म के बारे में बात कर रहे हैं. कोई भी धर्म हिंसा नहीं भड़काता है. RSS चीफ मोहन भागवत जो कहते हैं कि तीन बच्चे होने चाहिए, लेकिन वह शादी नहीं कर रहे हैं. हालांकि वह दूसरों के बच्चों को पालने की बात करते हैं. इस तरह BJP लगातार बाहर और अंदर की बातें कर रही है और गरीबों के बच्चों को सड़कों पर हिंसा के लिए भेज रही है.
उन्होंने आगे कहा कि वो (मोहन भागवत) कहते हैं कि हमें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि हम बॉडी ऑफ इंडिविजुल्स हैं. मैं आपसे वादा करता हूं आज नहीं तो कल रजिस्ट्रेशन करवाना ही होगा, मैं करवाके रहूंगा. जब तक कानून और संविधान है ये होकर रहेगा. इसके लिए आपको राजनीतिक इच्छा शक्ति चाहिए और संवैधानिक और कानूनी तरीके से आपको सही रहना है, बस यही चाहिए.&amp;nbsp;
कहां से मिलता है पैसाखरगे ने कहा कि इनका 2500 से ज्यादा संगठनों का नेटवर्क है. अमेरिका हो इंग्लैंड हो, अलग अलग जगहों से पैसा आता है. मैं कह रहा हूं ना कि ये लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं. कहां से इनके पास इतना पैसा आ रहा है और कैसे आ रहा है. ये हमें उपदेश देते हैं कि एक अच्छा नागरिक होने के नाते हमें और आपको टैक्स भरना चाहिए, लेकिन इनके लिए सब फ्री फ़ॉर ऑल है ये कैसे सम्भव है.
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हैदराबाद में मजलिस का झंडा देख कौन भड़का? महाराष्ट्र से आए AIMIM कार्यकर्ताओं को पीटा...घूंसे मारे ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:08 +0530</pubDate>
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<title>ममता बनर्जी के अफसरों पर चुनाव आयोग का डंडा, SIR में लापरवाही को लेकर 7 अधिकारी किए सस्‍पेंड</title>
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<description><![CDATA[ चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल के 7 आधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को उनके खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है. इन सभी अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही और एसआईआर के संबंध में कानूनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप है.
चुनाव आयोग ने जनता प्रतिनिधि अधिनियम 1950 की धारा 13 सीसी के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कर्तव्य में लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग के लिए निलंबित कर दिया है, जो सीधे तौर पर SIR से संबंधित है.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी को लिखा लेटरपश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिन चक्रवर्ती को रविवार रात भेजे गए कई पत्र में चुनाव आयोग ने अलग-अलग जिलों के 7 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को तुरंत सस्पेंड करने का ऑर्डर दिया है. कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी से कहा गया है कि वे बिना किसी देरी के डिसिप्लिनरी कार्रवाई शुरू करें और इस बारे में कमीशन को अवगत कराएं.&amp;nbsp;
कौन-कौन से अधिकारी हुए हैं सस्पेंडइन 7 अधिकारियों में से 3 मुर्शीदाबाद, 2 साउथ 24 परगना और एक-एक वेस्ट मेदिनीपुर और जलपाईगुड़ी जिले में पोस्टेड हैं. सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में मुर्शिदाबाद में कृषि विभाग के एसिसटेंट डायरेक्टर और 56-समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र के एईआरओ डॉ सेफौर रहमान, फरक्का के राजस्व अधिकारी और 55-फरक्का विधानसभा क्षेत्र के एईआरओ नीतीश दास और सुती ब्लॉक के एडीए और 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के एईआरओ एसके मुर्शिद आलम शामिल हैं.&amp;nbsp;
मयनागुड़ी विकास खंड की महिला विकास अधिकारी और 16-मयनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के एईआरओ दलिया रे चौधरी को भी चुनाव आयोग ने सस्पेंड किया है. दक्षिण 24 परगना में 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के दोनों एईआरओ सत्यजीत दास और एफईओ जॉयदीप कुंडू और पश्चिमी मेदिनीपुर में 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए संयुक्त बीडीओ और एईआरओ देबाशीष बिस्वास को भी निलंबित किया गया है.&amp;nbsp;
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>ममता, बनर्जी, के, अफसरों, पर, चुनाव, आयोग, का, डंडा, SIR, में, लापरवाही, को, लेकर, अधिकारी, किए, सस्‍पेंड</media:keywords>
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<title>&amp;apos;भैरव...&amp;apos;, भारतीय सेना का ये मैसेज देखकर थर&#45;थर कांपेगा पाकिस्तान, अमिताभ बच्चन का कनेक्शन क्या?</title>
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<description><![CDATA[ Bhairav Battalion: भारतीय सेना ने अमिताभ बच्चन की आवाज में बनी शॉर्ट फिल्म भैरव रिलीज की है. इस फिल्म में भैरव बटालियन और देश की सुरक्षा में उसकी भूमिका को दिखाया गया है. भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय के आधिकारिक हैंडल पर आभार जताते हुए लिखा कि फिल्म के लिए अपनी खास आवाज देने पर अमिताभ बच्चन के प्रति हम दिल से कृतज्ञ हैं.
महाशिवरात्रि पर हुआ बटालियन का शुभारंभ
भैरव बटालियन का शुभारंभ महाशिवरात्रि के मौके पर किया गया. यह दिन खास तौर पर चुना गया क्योंकि भैरव को भगवान शिव का उग्र रूप माना जाता है, जो रक्षा और बुराई के नाश से जुड़ा है. भैरव बटालियन पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना इकाइयों के बीच की एक खास कड़ी है. इसका गठन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि दुश्मनों के खतरे के खिलाफ तेजी और सटीकता से कार्रवाई की जा सके.अमिताभ बच्चन ने बताया सम्मान
सेना के हालिया पुनर्गठन के तहत इस इकाई का गठन किया गया है. इसमें ऑपरेशन सिंदूर समेत वैश्विक संघर्षों से मिले अनुभवों को भी शामिल किया गया है. सोशल मीडिया मंच एक्स पर अमिताभ बच्चन ने इसे अपने लिए सम्मान और सौभाग्य की बात बताया. उन्होंने लिखा कि सेना के बहादुर योद्धाओं के लिए भैरव से जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है.

#ShadowsAndSteel#Bhairavभैरव - नाम नहीं, पहचान भैरव - नाम नहीं, परिणामWith profound gratitude to Shri Amitabh Bachchan for lending his iconic voice for the film.@SrBachchan pic.twitter.com/bKCApx2kZH
&amp;mdash; ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) February 15, 2026



आधुनिक युद्ध के लिए तैयार
भारतीय सेना की यह नई विशेष इकाई आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार की जा रही है. इसके सभी जवान ड्रोन उड़ाने में माहिर हैं और दुश्मन के इलाके में मौजूद ठिकानों और सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाने में सक्षम हैं.
अब तक 15 बटालियन का गठन
सेना मुख्यालय ने वैश्विक और देश के भीतर हुए संघर्षों से सीख लेकर भैरव बटालियन का गठन किया है. इनका मकसद तेजी से आक्रामक अभियान चलाने के लिए एक समर्पित बल तैयार करना है. भारतीय सेना अब तक करीब 15 बटालियन बना चुकी है, जिन्हें दोनों सीमाओं पर अलग अलग सैन्य टुकड़ियों में तैनात किया गया है. आने वाले समय में कुल 25 बटालियन बनाने की योजना है. भैरव बटालियन अर्ध विशेष बलों और नियमित पैदल सेना के बीच की दूरी को भी कम करेगी. इन्हें सामरिक से लेकर परिचालन स्तर तक विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;आपने कोई समाज का भला नहीं किया, टाडा के तहत सजा मिली है&amp;apos;, अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार</title>
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<description><![CDATA[ 1993 मुंबई बम ब्लास्ट केस में रिहाई मांग रहे गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सलेम का कहना था कि प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक उसकी सजा 25 साल से अधिक नहीं हो सकती.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से मना करते हुए कहा कि नासिक जेल से मिले दस्तावेज के हिसाब से हाईकोर्ट मामला सुनेगा. हाई कोर्ट को जल्द सुनवाई का निर्देश देने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम से कहा, &#039;आपको टाडा के तहत सजा मिली है, समाज का कोई भला करने के लिए नहीं.&#039;
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी. बेंच ने अबू सलेम के वकील ऋषि मल्होत्रा से पूछा कि वह हाई कोर्ट के किस आदेश के खिलाफ कोर्ट आए हैं. वकील ने जवाब दिया कि हाई कोर्ट कहता है कि प्रथम दृष्टया 25 साल नहीं हुए हैं, जिस पर बेंच ने उनसे कहा कि यह प्रथम दृष्टया निष्कर्ष है, उसके लिए हाई कोर्ट में आवेदन दें. कोर्ट ने यह भी कहा कि वह अंतरिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में अपील करें.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार सीनियर एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने कहा कि अबू सलेम को 10 महीने से अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया है, उसकी सजा 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती है और हाई कोर्ट उसका केस नहीं सुन रहा है. उन्होंने कहा कि 25 साल को लेकर जो कंफ्यूजन है, वो सिर्फ अंकगणितीय त्रुटि है, और कुछ नहीं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि हाई कोर्ट में IGP का एफिडेविट है, उसे भी देखना चाहिए.
कोर्ट ने वकील से पूछा कि क्या नासिक जेल ने हाई कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है, जिस पर वकील ने हां में जवाब दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया गया है तो हाई कोर्ट मामले पर विचार करेगा और फिर फैसला लेगा. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह अबू सलेम की जमानत याचिका नहीं सुन सकता है.&amp;nbsp;
सीनियर एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने बेंच से कहा कि वह कम से कम हाई कोर्ट को मामला जल्दी सुनने के लिए ही निर्देश दे दे. उन्होंने बताया कि वह तीन बार हाई कोर्ट में अपील कर चुके हैं और अबू सलेम पहले ही 10 महीने से ज्यादा समय अवैध कस्टडी में निकाल चुका है. वकील की इस दलील पर कोर्ट ने कहा कि अबू सलेम को टाडा के तहत सजा मिली है, उसने समाज के लिए कोई भलाई का काम नहीं किया था, जिसकी वजह से वह जेल में है.
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;पवन खेड़ा कठपुतली, थरूर बनना चाहते हैं विदेश मंत्री...&amp;apos;, यह क्या बोल गए मणिशंकर, कांग्रेस को डुबोएंगे!</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर से पार्टी के बड़े नेताओं पर तीखा हमला बोला है. एक इंटरव्यू में उन्होंने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को &amp;lsquo;कठपुतली&amp;rsquo; (puppet) कहा और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे &amp;lsquo;एंटी-पाकिस्तान&amp;rsquo; हैं और &amp;lsquo;अगले विदेश मंत्री&amp;rsquo; बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं. साथ ही उन्होंने संचार प्रमुख जयराम रमेश पर तंज कसा कि उन्हें &amp;lsquo;अपनी नौकरी बचानी है.&amp;rsquo;
चुनाव के समय कांग्रेस में अंतरकलह
यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है. अय्यर ने कहा कि कांग्रेस के नेता एक-दूसरे से ज्यादा नफरत करते हैं जितनी कम्युनिस्टों से करते हैं, इसलिए पार्टी केरल में जीत नहीं पाएगी.
अय्यर ने किन कांग्रेस नेताओं पर क्या कहा?

पवन खेड़ा पर: अय्यर ने कहा, &amp;lsquo;वो (पवन खेड़ा) कांग्रेस पार्टी की कठपुतली हैं... वो पार्टी के प्रवक्ता नहीं हैं. पिछले दो साल से वो मुझे आरोप लगा रहे हैं.&amp;rsquo; उन्होंने खेड़ा को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता नहीं माना.
शशि थरूर पर: थरूर को &amp;lsquo;एंटी-पाकिस्तान&amp;rsquo; बताते हुए कहा कि वे &amp;lsquo;अगले विदेश मंत्री&amp;rsquo; बनना चाहते हैं. अय्यर ने थरूर की महत्वाकांक्षा को पार्टी के लिए समस्या बताया.
जयराम रमेश पर: &amp;lsquo;जयराम रमेश को अपनी नौकरी बचानी है.&amp;rsquo;
केरल कांग्रेस पर: &amp;lsquo;मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे विश्वास नहीं है क्योंकि कांग्रेस नेता बंटे हुए हैं. वे एक-दूसरे से ज्यादा नफरत करते हैं जितनी कम्युनिस्टों से करते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि पार्टी में आपसी नफरत बहुत गहरी है.

अय्यर ने पिनारायी विजयन की तारीफ की
तिरुवनंतपुरम में &amp;lsquo;विजन 2031: डेवलपमेंट एंड डेमोक्रेसी&amp;rsquo; सेमिनार में अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री और CPM नेता पिनारायी विजयन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे आपके पैर छूने चाहिए, मुख्यमंत्री विजयन, और कांग्रेस द्वारा छोड़े गए बैटन को उठाने की गुजारिश करनी चाहिए. धन्यवाद और केरल समृद्ध हो.&amp;rsquo; उन्होंने पंचायती राज में केरल की सफलता को राजीव गांधी के सपने की पूर्ति बताया.
अय्यर का कांग्रेस के साथ विवाद क्या है?
अय्यर ने हाल ही में पिनारायी विजयन की तारीफ की थी और भविष्यवाणी की थी कि चुनाव के बाद भी वे मुख्यमंत्री रहेंगे. इससे कांग्रेस में हंगामा मचा, क्योंकि पार्टी लेफ्ट फ्रंट (LDF) के खिलाफ चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस ने खुद को इन बयानों से अलग किया. पवन खेड़ा ने X पर कहा, &amp;lsquo;मणिशंकर अय्यर पिछले कुछ सालों से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं रखते. वे पूरी तरह व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं.&amp;rsquo;
जयराम रमेश ने अय्यर को लेकर कहा कि कोई संदेह न हो. केरल के लोग UDF को ज्यादा जिम्मेदार और संवेदनशील शासन के लिए वापस लाएंगे. वे जानते हैं कि LDF और बीजेपी सीक्रेट पार्टनर हैं.&amp;rsquo;
अय्यर कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनकी बेबाक टिप्पणियां अक्सर विवाद पैदा करती हैं. पार्टी ने उन्हें पहले भी निलंबित किया है. अब उनका नया बयान कांग्रेस को शर्मिंदा कर रहा हैं, खासकर केरल चुनाव से पहले जहां पार्टी UDF के तहत सत्ता वापसी की कोशिश कर रही है. अय्यर के हमले पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठाते हैं और दिखाते हैं कि बड़े नेता भी आपसी मतभेदों से जूझ रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;मेरी मजबूरी समझिए, मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं...&amp;apos;, यूपी विधानसभा में भावुक हुए अब्बास अंसारी</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार (13 फरवरी, 2026) का दिन काफी हंगामे वाला रहा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर जबरदस्त बहस देखने को मिली. इसी बीच सदन में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की बारी आई तो उन्होंने भी सदन में अपनी बात रखी, इस बीच उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने सभी का ध्यान उनकी ओर खींच लिया.&amp;nbsp;
यूपी विधानसभा में राज्यपाल महोदया के संबोधन पर अपनी बात रखते हुए मऊ विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी को बोलने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मऊ में खुले नाले का मुद्दा उठाया. उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में सिर्फ 70 बेड का अस्पताल है जहां हमेशा 200 से ज्यादा मरीज़ रहते हैं.&amp;nbsp;
चार साल में पहली बार बोले अब्बास अंसारी
अंसारी ने कहा कि अपने क्षेत्र में ट्रामा सेंटर बनाने और डॉक्टरों की कमी का भी जिक्र किया. इसी दौरान उनका समय खत्म होने लगा तो सदन की अध्यक्षता कर रहे मनोज पांडे ने उन्हें रोका और बात खत्म करने को कहा, तभी अब्बास अंसारी उनसे कुछ और समय देने की मांग करने लगे और कहा कि मुझे चार साल में पहली बार मौका मिला है.
&#039;मेरी मजबूरी समझिए सर पता नहीं..&#039;
चेयर के रोकने पर अब्बास अंसारी ने कहा- &quot;मैं मात्र 30 सेकेंड लूंगा सर.. मुझे चार साल में पहली बार मौका मिला है. मेरी मजबूरी को समझिए और मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा. आप जानते हैं... इसलिए मेरी बातों को सुन लीजिए..&quot; इस पर मनोज पांडे ने कहा कि &quot;नहीं, आप आगे भी बोलेंगे..&quot;&amp;nbsp;
सुभासपा विधायक ने इसके बाद फिर अपनी बातों को आगे बढ़ाया और कहा कि उनके जिले में डॉक्टरों की बहुत कमी है, जिसकी वजह से जनता को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. न तो पर्याप्त डॉक्टर है और न ही बीमारियों के स्पेशलिस्ट हैं. &amp;nbsp;
योगी के मंत्री से भिड़ गईं सपा विधायक रागिनी सोनकर, सवालों में उलझे नंद गोपाल गुप्ता, सदन में हंगामा &amp;nbsp; &amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>जम्मू में भारत बंद का असर, बिजली कर्मचारियों की पेन डाउन स्ट्राइक, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद का आंशिक असर देखने को मिला. संयुक्त किसान मोर्चा और देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर यहां बिजली विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बिजली के निजीकरण के विरोध में मोर्चा खोल दिया.
जम्मू कश्मीर पावर एंप्लाइज और इंजीनियर कोऑर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने हाथों में विरोधी पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और एक दिन की पेन डाउन स्ट्राइक की. यह बंद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के खिलाफ देशव्यापी विरोध का हिस्सा है. जिसका असर जम्मू में भी साफ तौर पर नजर आया है.
कमेटी ने केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
जम्मू कश्मीर पावर इंजिनियर्स एंड एम्पलाइज कोऑर्डिनेशन कमेटी के कन्वीनर सचिन टिक्कू ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के नाम पर जिस तरह से बिजली का निजीकरण हो रहा है. वह जम्मू कश्मीर को अंधेरे में धकेल देगा. उन्होंने कहा कि कुछ निजी कंपनियों को जम्मू कश्मीर में बिजली के विभिन्न क्षेत्रों में ठेके दिए जा रहे हैं जिसका परिणाम यह होगा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को बिजली बिल के नाम पर लूटा जाएगा.
उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस मामले पर कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (जो बिजली मंत्री भी है) से मिल चुके है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार ने एक योजना पद तरीके से बीएसएनल को अंधेरे में धकेल कर कुछ निजी कंपनियों को मोबाइल सेक्टर की पूरी कमान दे दी है. उसी तर्ज पर बिजली विभाग के निजीकरण के बाद निजी कंपनियां ग्राहकों से मनमाना दाम वसूलेंगे.
सरकार की गलत नीतियों के कारण यात्रियों को करना पड़ा भुगतान
हाल ही में इंडिगो प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही देश के हजारों लाखों हवाई सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों को खामियाजा भुगतान पड़ा. उन्होंने कहा कि यह निजीकरण का ही नतीजा है कि इंडिगो एयरलाइंस में यह दिखा दिया कि बाजार पर कब्जा किसे कहते हैं. उन्होंने हैरान की जताते हुए कहा कि इंडिगो प्रकरण होने के बाद भी ना तो संसद में और ना ही किसी अन्य पटल पर इसका जिक्र हुआ.
उन्होंने विपक्षी सांसदों और जम्मू कश्मीर में विपक्ष में बैठी बीजेपी के विधायकों से अपील की कि वह सामने आकर लोगों को आने वाली मुश्किलों के बारे में आवाज उठाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली का निजीकरण किया गया, तो जम्मू कश्मीर से ऐसी चिंगारी उठेगी कि सरकार को अपना यह फैसला वापस लेना पड़ेगा.
ये भी पढ़िए- &#039;तेजस्वी यादव का भ्रष्टाचार पर बोलना शेर के शाकाहारी होने जैसा&#039;, प्रशांत किशोर ने कसा तंज ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:59 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई&amp;apos;, बटुक ब्राह्मणों वाले मामले पर BJP नेता ने CM योगी को लिखा पत्र</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कथित तौर पर बटुक ब्राह्मणों के साथ मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. इस मामले को लेकर बीजेपी नेता सुनील भराला ने अब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पत्र भी लिख दिया है. उन्होंने सीएम को पत्र लिख कर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि ये मामला प्रयागराज में 18 जनवरी 2026 का है जहां मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान के दौरान बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींचकर मारपीट किए जाने के कथित मामला सामने आया था.&amp;nbsp;
बीजेपी नेता ने पत्र में क्या लिखा?
सुनील भराला के द्वारा लिखे पत्र में बताया गया है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द के शिष्यों के साथ पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया और बटुकों की चोटी पकड़कर मारपीट की कथित घटना सामने आई. इस घटनाक्रम का इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में लगातार कई दिनों तक प्रसारण हुआ, जिससे मामला व्यापक चर्चा में आ गया.
पत्र में यह भी कहा गया कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस घटना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और इसे सरकार की छवि से जोड़ते हुए ब्राह्मण विरोधी तथा सनातन विरोधी होने का संदेश देने का प्रयास किया. इससे सनातन धर्मावलंबियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और कुछ बीजेपी समर्थन करने वालों में भी यह संदेश गया कि बटुकों के साथ ज्यादती हुई.



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A post shared by Pt. Sunil Bharala (@sunilbharalaofficial)


दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए- सुनील भराला
सुनील भराला ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो और समाज में फैला असमंजस दूर किया जा सके. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>JNU में 5 छात्र नेताओं के निष्कासन के खिलाफ छात्रों का क्लास बहिष्कार, कैंपस हड़ताल शुरू</title>
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<description><![CDATA[ देश की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर छात्र राजनीति और प्रशासनिक टकराव के केंद्र में आ गई है. छात्रसंघ के चार शीर्ष पदाधिकारियों समेत 5 छात्रों को दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट किए जाने के फैसले के बाद कैंपस का माहौल गरमा गया है. बुधवार (11 फरवरी) से छात्रों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है और प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग तेज हो गई है.
स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में हुई जनरल बॉडी मीटिंग में देर रात तक चर्चा चली. बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों ने सामूहिक रूप से क्लास का बहिष्कार करने और हड़ताल पर जाने का फैसला लिया.
छात्रों का कहना है कि जब तक निष्कासन आदेश रद्द नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उनका आरोप है कि प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया.
फेस रिकग्निशन गेट से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 21 नवंबर को डॉ. बी.आर. आंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में लगाए गए फेस रिकग्निशन आधारित प्रवेश द्वार से जुड़ा है. इस तकनीक को लेकर छात्रों ने पहले भी आपत्ति जताई थी. प्रशासन का आरोप है कि विरोध के दौरान तोड़फोड़ हुई, अव्यवस्था फैली और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डाली गई.
इन्हीं आरोपों के आधार पर छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष के. गोपिका, महासचिव सुनील यादव, संयुक्त सचिव दानिश अली और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार को विंटर और मॉनसून सेमेस्टर 2026 तक के लिए रस्टिकेट कर दिया गया.
जुर्माना और कैंपस एंट्री पर रोक
निष्कासित छात्रों पर कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. कुछ अन्य छात्रों पर करीब 19 हजार रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया गया है.
छात्रसंघ का कहना है कि यह कार्रवाई छात्र राजनीति को कमजोर करने की कोशिश है और जिन पदाधिकारियों को हटाया गया है, उनके कार्यकाल को भी जानबूझकर प्रभावित किया गया है.
क्लासरूम से सड़कों तक पहुंचा विरोध
बुधवार को कैंपस में प्रदर्शन तेज हो गया. छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और प्रशासन के खिलाफ मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान चीफ प्रॉक्टर मैनुअल की प्रतियां जलाकर प्रतीकात्मक विरोध जताया गया.
आंदोलनकारी रस्टिकेशन, आउट ऑफ बाउंड्स आदेश, जुर्माने और सीपीओ मैनुअल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. कैंपस में नारेबाजी और धरना जारी है.
फिलहाल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हैं. छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, हड़ताल जारी रहेगी. वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नरमी के संकेत नहीं मिले हैं. ऐसे में टकराव और लंबा खिंच सकता है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बातचीत से हल निकलता है या विवाद और गहराता है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:57 +0530</pubDate>
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<title>दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली में फिर से कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है. धमकी भरे संदेश के बाद संबंधित स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं. धमकी मिलने वाले स्कूलों में झंडेवाला स्थित बीटी तमिल स्कूल, एसपीवी स्कूल और ब्रिटिश स्कूल का नाम शामिल बताया जा रहा है.&amp;nbsp;
इस मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने भी स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू की. स्कूल की बिल्डिंग में कक्षाओं, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास के इलाकों की बारीकी से तलाशी ली.
इससे पहले साउथ दिल्ली के कई स्कूलों को भी बम की धमकी मिली थी, हालांकि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था. जिन स्कूलों को पहले बम की धमकी मिली थी उनमें लॉरेटो कान्वेंट स्कूल दिल्ली केंट, केम्ब्रिज स्कूल श्रीनिवासन पूरी, वेयकेटेशवर स्कूल रोहणी, केम्ब्रिज स्कूल NFC, इंडियन स्कूल सादिक नगर, CM श्री रोहणी, DTA स्कूल INA, बाल भारती स्कूल रोहणी, वनस्थली स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर शामिल थे.
अन्य राज्यों में भी स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी
हाल ही में दिल्ली ही नहीं अन्य राज्यों में भी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली हैं. राजस्थान में जयपुर के मानसरोवर इलाके में मॉडर्न विद्यालय को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला था. इसके साथ ही पंजाब के मोहाली में 16 निजी विद्यालयों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल आया था, जिसके बाद विद्यालयों को खाली कराना पड़ा. हालांकि जांच के बाद किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई. वहीं &amp;nbsp;पटना दीवानी अदालत को पिछले तीन दिन में बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, लेकिन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलता है.
JNU में 5 छात्र नेताओं के रस्टिकेशन के खिलाफ छात्रों का क्लास बहिष्कार, कैंपस हड़ताल शुरू ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:57 +0530</pubDate>
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<title>लखनऊ में बेकाबू कार ने बरपाया कहर! बाइक से टकराने के बाद लोगों को रौंदा, 1 की मौत और 6 घायल</title>
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<description><![CDATA[ कानपुर लैंबोर्गिनी कार हादसे अभी सुर्खियों में ही था कि लखनऊ से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में गुरुवार 12 फरवरी शाम करीब 7 बजे कानपुर रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. इसके बाद कार ने वहां खड़े कई लोगों और एक खाली ऑटो को भी रौंद दिया. इस हादसे में 2 महिलाओं और 2 बच्चों सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए, जिनमें एक मासूम की मौत हो गई.
कैसे हुआ हादसा?
बंथरा के सहिजनपुर निवासी प्रमोद कुमार अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दुकान पर सामान लेने गए थे. तभी लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर आगे बढ़ी और कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया.
इसके बाद कार ने खाली खड़े ऑटो को भी टक्कर मारी और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. राहगीरों ने घायलों तुरंत अस्पताल ले जाने में मदद की.
कौन-कौन हुए घायल?
हादसे में बंथरा निवासी पापे उर्फ पउवा के बेटे अरमान (12) घायल हुए. इसके अलावा उन्नाव के अटवा खुर्द निवासी संजय पटेल की पत्नी साधना पटेल (35), उनकी मां मीना देवी (60) और बेटे दीक्षांत (6) भी टक्कर की चपेट में आ गए. वहीं सोहरामऊ थाना क्षेत्र के पथरहा निवासी ई-रिक्शा चालक अवध बिहारी (42) भी घायल हो गए हैं. सभी घायलों को राहगीरों की मदद से पास के निजी अस्पताल पहुंचाया गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची.
मासूम को डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घायल दीक्षांत की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे सरोजनी नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया. लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कार और उसके चालक की तलाश में जुटी है. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:56 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;घुटनों के बल पर लागू करेगी बीजेपी&amp;apos;, यूजीसी बिल को लेकर पल्लवी पटेल ने सरकार को दी चुनौती</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा में यूजीसी बिल को लेकर अपना दल कमेरावादी पार्टी नेता और सिराथू सीट से विधायक पल्लवी ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने जानबूझकर यूजीसी बिल को कोर्ट के दांवपेंच में फंसा दिया है. लेकिन, एक दिन यहीं सरकार घुटनों पर आकर इसे लागू करेगी.&amp;nbsp;
पल्लवी पटेल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी से पूछना चाहती हूं कि आपकी दृष्टि बदलाव, सुधार और रिफॉर्म क्या है? क्या आपकी नजर मे रिफॉर्म सिर्फ आंकड़ों तक सीमित है या सत्ता प्राप्ति तक सीमित है. क्योंकि, झूठे आंकड़े पेश करके सुधार विकास के दावे करके छवि नहीं सुधार सकते हैं.&amp;nbsp;
यूजीसी बिल को लेकर सरकार को घेरा
सिराथू विधायक ने कहा कि जिस बदलाव, सुधार और रिफॉर्म की हम बात कर रहे हैं उसका उद्देश्य है न्याय, समानता और दक्षता है लेकिन, बीजेपी की सरकार ने इस विचार के उद्देश्य की धज्जियां उड़ा दी है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो क्या कारण था कि देश के उच्च संस्थानों में समानता के भाव को उजागर करने के लिए जिस यूजीसी एक्ट 2026 को संसदीय समिति की संस्तुति के बाद और कोर्ट के निर्देशानुसार लाया गया क्यों आपने उसे लाकर पिछड़ा वंचित समाज को खुश होने का अवसर दिया और फिर सोची समझी रणनीति के तहत सड़कों पर तनाव पैदा करने का काम किया. इसके बाद इसे न्यायपालिका के पेचीदा घुमाव में फंसा दिया.&amp;nbsp;
भारतीय जनता पार्टी पर उठाए सवाल
पल्लवी पटेल ने सवाल किया आपको ये करके क्या मिला? यूजीसी समानता अधिनियम के लागू होने के बाद यहां सालों से चले आ रहे वंचित और अगड़ा समाज की खाई को पाटा जा सकता था लेकिन आपने इस खाई को और गहरा कर दिया. ये तो वहीं बात हुई चित भी अपनी और पट भी अपनी.
जितना सवाल आज इस सरकार पर उठ रहा है उतना है सवाल आज हम जन प्रतिनिधियों पर भी उठ रहा है. क्योंकि वंचित समाज आज उच्च शिक्षा और सम्मान के लिए अपने जनप्रतिनिधियों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है. ये हम सबकी जिम्मेदारी है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस पर चर्चा की जाए..&amp;nbsp;
&#039;घुटनों पर आकर लागू करेगी सरकार&#039;
उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़ते हुए कहा कि &#039;जो तटस्थ है समय लिख देगा उसका भी अपराध..&#039; पल्लवी ने कहा कि मैं भविष्य वक्ता तो नहीं लेकिन याद रखिए जिस बीजेपी सरकार ने इस यूजीसी बिल को कोर्ट में फंसाकर का काम किया वहीं घुटनों पर आकर इस बिल को लागू करेगी. बीजेपी का हर कदम रिफॉर्म नहीं होता है.&amp;nbsp;
&#039;मेरी मजबूरी समझिए, मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं...&#039;, यूपी विधानसभा में भावुक हुए अब्बास अंसारी&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:56 +0530</pubDate>
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<title>डिजिटल डेटा की वजह से धर&#45;दबोचे गए 3 बदमाश, वारदात से पहले ही कर लेते थे जमानत का इंतजाम</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला चोरों के एक खतरनाक गिरोह को गिरफ्तार किया है. स्वाट, सर्विलांस और थाना कोतवाली नगर की संयुक्त टीम ने तीन शातिर अपराधियों को ओबरी जंगल के पास से धर दबोचा है.
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में लखनऊ का रहने वाला शैलेंद्र त्रिवेदी, सिद्धार्थनगर का गौतम शुक्ला और लखनऊ का ऋषि कौरी शामिल हैं. इन तीनों के खिलाफ यूपी के अलग-अलग जिलों में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. सबसे खतरनाक अपराधी गौतम शुक्ला के खिलाफ 58 मुकदमे, ऋषि कौरी के खिलाफ 44 और शैलेंद्र त्रिवेदी के खिलाफ 22 मुकदमे दर्ज हैं.
दिन में रेकी, रात में चोरी का खेल
एसपी ने बताया कि यह गिरोह बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम करता था. दिन के समय ये लोग अलग-अलग इलाकों में घूमकर रेकी करते थे और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे. गिरोह के सदस्य लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर और आसपास के जिलों में सक्रिय थे. बाराबंकी में इन्होंने लक्ष्मणपुरी कॉलोनी बड़ेल, सुभाष नगर कॉलोनी, मोहम्मदपुर और मयूर विहार कॉलोनी से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था.
पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से 2 पायल, 4 बिछिया, 3 चांदी के सिक्के और 1 लाख 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार, एक मोटरसाइकिल, 2 देसी तमंचा .12 बोर और 2 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं.
जेल-जमानत का था तैयार प्लान
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई है. ये अपराधी इतने प्रोफेशनल थे कि पकड़े जाने से पहले ही अपनी जमानत का इंतजाम कर लेते थे. चोरी से पहले ये अपनी पत्नियों को पैसे दे देते थे, ताकि पकड़े जाने पर तुरंत जमानत करवाई जा सके. एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि डिजिटल डेटा की मदद से इन अपराधियों को ट्रेस किया गया. स्वाट और सर्विलांस टीम ने लगातार निगरानी रखकर इन्हें गिरफ्तार किया.
अभियुक्तों के खिलाफ धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.साथ ही चोरी की वारदातों के सिलसिले में 4 अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं.
2 बदमाश अभी भी फरार
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के 2 और सदस्य फरार हैं.इनमें लखनऊ का रजत मिश्रा और सिद्धार्थनगर का रिंकू सोनी शामिल हैं. इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं. बाराबंकी पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में चोरी की वारदातों पर लगाम लगने की उम्मीद है. एसपी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:55 +0530</pubDate>
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<title>हिमांशु भाऊ गैंग का नाम लेकर 10 करोड़ की संपत्ति हड़पने की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर लोगों को डराता था. लेकिन जांच में वह अकेला ही निकला. आरोपी विकास उर्फ विक्की पीड़ित को करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति अपने नाम कराने के लिए लगातार धमका रहा था. पुलिस टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया और उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक आई-फोन भी बरामद किया गया.
पुलिस के मुताबिक, 26 नवंबर 2025 को अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने शिकायत दी थी कि एक अज्ञात व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर उन्हें धमका रहा है. रोहिणी सेक्टर-23 स्थित उनकी संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहा है. शिकायतकर्ता ने धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी पुलिस को सौंपे थे. इस पर अशोक विहार थाने में जबरन वसूली और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
दिल्ली पुलिस की जांच में अहम खुलासा
दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर पहले से एक और मामला बेगमपुर थाने में दर्ज है. जिससे साफ हुआ कि संपत्ति विवाद का फायदा उठाकर धमकियां दी जा रही थीं. टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने विकास की पहचान की और 4 फरवरी 2026 को उसे नरेला से गिरफ्तार कर लिया.
गैंग का सदस्य बनकर देता था धमकी- पुलिस
पुलिस के पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रॉपर्टी के काम से जुड़ा है और कानूनी तरीके से प्लॉट हासिल न कर पाने पर उसने साजिश रचकर धमकी देने का रास्ता चुना. उसने अपने साथी नितिन डबास समेत कुछ लोगों को गैंग सदस्य बनकर कॉल करने के लिए लगाया था. पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है.
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:55 +0530</pubDate>
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<title>नोएडा में फिर हुआ हादसा, खुले नाले में गिरी कार, बाल&#45;बाल बचा ड्राइवर, वीडियो हुआ वायरल</title>
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<description><![CDATA[ नोएडा में हाल ही में सेक्टर 150 में एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत ने शहर की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए थे. लेकिन ऐसा लगता है कि इस घटना से भी प्राधिकरण ने कोई सबक नहीं लिया. खुले नाले और डेथ पॉइंट आज भी लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं.
ताजा मामला थाना फेस 3 क्षेत्र के सेक्टर 70 स्थित बसई गांव के पास का है. यहां एक कार अचानक खुले नाले में जा गिरी. बताया जा रहा है कि कार चालक गाड़ी खड़ी कर पास में शराब लेने गया था. इसी दौरान गाड़ी अचानक खिसक गई और आधी कार खुले नाले में जा घुसी.
मौके पर पहुंची पुलिस, कार का रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस 3 पुलिस मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों की मदद से पहले ड्राइवर ने खुद को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर कार को नाले से बाहर निकाला. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.
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#WATCH | यूपी के नोएडा में बेकाबू कार नाले में गिरी, कार के नाले में गिरने का वीडियो वायरल@anchorjiya | https://t.co/smwhXUROiK#Noida #CarAccident #UPNews pic.twitter.com/ONsoqpjr9R
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) February 13, 2026


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खुले नाले बने हादसों की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में नाले खुले पड़े हैं और उन पर किसी तरह का कवर नहीं है. पहले भी यहां कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं. लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्राधिकरण ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
अगर कार पूरी तरह नाले में गिर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था. आसपास मौजूद लोगों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से एक बड़ा नुकसान टल गया. लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग किस्मत के भरोसे ऐसे खुले नालों के बीच जिंदगी जीते रहेंगे?
प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है. सेक्टर 150 की घटना के बाद भी अगर खुले नालों को ढका नहीं गया तो आने वाले दिनों में कोई और बड़ा हादसा हो सकता है. फिलहाल लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ देखी जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>114 राफेल, 400 SCALP मिसाइलें और छह P&#45;8I एयरक्राफ्ट... भारत की डिफेंस डील देख हिल जाएंगे चीन&#45;पाकिस्तान</title>
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<description><![CDATA[ फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दिल्ली यात्रा से पहले, भारत और फ्रांस में रफाल (राफेल) फाइटर जेट को लेकर मेगा-डील की तैयारी शुरू हो गई है. रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को भारतीय वायुसेना के लिए 114 मेक इन इंडिया रफाल लड़ाकू विमानों को बनाने की मंजूरी दे दी है.
भारत में बनने वाले फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों के इस सौदे की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है, जो दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील में से एक हो सकती है.
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई DAC की बैठक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की अहम बैठक हुई. इस बैठक में सीडीएस जनरल अनिल चौहान और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह सहित रक्षा सचिव भी मौजूद रहे, जहां डीएसी की ओर से इस डील को मंजूरी दी गई.
DAC से मंजूरी के बाद क्या है आगे की प्रक्रिया?
पिछले महीने रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने वायुसेना के इस प्रपोजल को हरी झंडी दी थी, जो किसी भी रक्षा सौदे की पहली सीढ़ी होती है. DAC के बाद ये प्रोजेक्ट (प्रस्ताव) वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास जाएगा. ऐसे में बहुत संभव है कि इन 114 रफाल फाइटर जेट में से 16 को सीधे फ्रांस से खरीदा जा सकता है. इन 114 रफाल फाइटर जेट से वायुसेना की 5-6 स्क्वाड्रन को खड़ा किया जा सकता है. भारतीय वायुसेना की एक स्क्वाड्रन में 18-20 लड़ाकू विमान होते हैं.
मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हो सकती है घोषणा
माना जा रहा है कि अगले हफ्ते (17-19 फरवरी) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस सौदे को लेकर अहम घोषणा हो सकती है. पिछले दोनों रफाल फाइटर जेट सौदों की तरह ये भी जीटूजी यानी गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील होने जा रही है.
साल 2016 में भारत ने फ्रांस से सीधे 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया था, उसकी कुल कीमत करीब 59 हजार करोड़ थी. पिछले साल अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए रफाल लड़ाकू विमानों के मरीन वर्जन यानी रफाल (M) खरीदने को लेकर करार किया था. इन रफाल (M) लड़ाकू विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.
स्वदेशी हथियारों से लैस होंगे मेक इन इंडिया राफेल फाइटर जेट
भारतीय वायुसेना ने घटती स्क्वाड्रन के मद्देनजर 114 रफाल (राफेल) फाइटर जेट देश में बनाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंपा था. पिछली रफाल डील की तरह ये सौदा भी जीटूजी यानी गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट करार करेगा. करार होने के बाद रफाल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दासो (दसॉल्ट), भारत में किसी स्वदेशी कंपनी के साथ देश (भारत में) ही एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. भारत में बनने वाले स्वदेशी रफाल फाइटर जेट में करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी हथियार और उपकरण लगे होंगे.
रफाल फाइटर जेट ऑपरेशन सिंदूर का हीरोः वाइस चीफ
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना के मौजूदा रफाल फाइटर जेट की ऑपरेशन्ल क्षमताओं को देखते हुए मेक इन इंडिया के तहत फ्रांसीसी लड़ाकू विमान बनाने का फैसला लिया था. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने बुधवार (11 फरवरी, 2026) को रफाल को ऑपरेशन सिंदूर का हीरो करार दिया था. वाइस चीफ ने एयर फोर्स में ज्यादा संख्या में रफाल को लेकर उम्मीद जताई थी.
पहलगाम नरसंहार का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए भारतीय वायुसेना ने रफाल फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था.
राफेल की मंजूरी के बाद MRFA प्रोजेक्ट पर क्या होगा असर?
जिन 36 रफाल फाइटर जेट को फिलहाल भारतीय वायुसेना इस्तेमाल करती है, उन्हें मिटयोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस किया गया है. ये सभी फ्रांसीसी मिसाइल है, लेकिन मेक इन इंडिया रफाल फाइटर जेट को भारत में बनी मिसाइलों से भी लैस किया जा सकता है.
सरकार से अगर इस 114 रफाल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है तो वायुसेना के पुराने MRFA यानी मीडियम वेट फाइटर जेट प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. MRFA प्रोजेक्ट में भी 114 फाइटर जेट मेक इन इंडिया में ही बनाए जाने थे, लेकिन उसमें विदेश की अलग-अलग एविएशन कंपनी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती थी (दासो सहित). वहीं, मौजूदा डील, सीधे भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच में होगी.
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल के महीने में ही भारत ने नौसेना के लिए फ्रांस के साथ रफाल के 26 मरीन वर्जन का सौदा भी किया था, जिसकी कीमत करीब 63 हजार करोड़ थी. इन रफाल (M) विमानों को नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर तैनात करने के लिए खरीदा जा रहा है.
स्कैल्प मिसाइल की खरीद को भी मिली मंजूरी
डीएसी ने गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को रफाल फाइटर जेट के लिए 400 स्कैल्प मिसाइल खरीदने को भी मंजूरी दी. ये वही स्कैल्प मिसाइल है, जिससे भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाली आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह किया था. यूरोप की MBDA कंपनी इन स्कैल्प मिसाइल का उत्पादन करती है.
करीब 1,300 किलो वजन की ये एक डीप स्ट्राइक (हवा से जमीन पर मार करने वाली) क्रूज मिसाइल है, जिसे रफाल से लॉन्च किया जाता है.
वायुसेना के लिए शूडो-सैटेलाइट को भी दिखाई हरी झंडी
इसके अलावा, DAC ने वायुसेना के लिए 15 हजार करोड़ के एयर-शिप बेस्ड हाई ऑल्टिट्यूड शूडो सैटेलाइल (एएस-एचएपीएस) को भी मंजूरी दे दी. ये दरअसल, बेहद ऊंचाई पर उड़ने वाले पायलट-लेस एयरक्राफ्ट (यूएवी) होते हैं, जो आसमान से रणभूमि पर नजर रखते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;आजकल लड़के&#45;लड़कियां नाच&#45;गाने करके...’, सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर क्या बोले कारी इसहाक गोरा?</title>
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<description><![CDATA[ जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक और प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने समाज, खासकर युवाओं में नाच-गाने और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से आत्ममंथन करने और सही दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है.
अपने संदेश में मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि पहले के समय में नाच-गाने को समाज में गलत और शर्म की बात माना जाता था, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल गए हैं. अब वही चीजें सोशल मीडिया पर मशहूर होने, लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने का जरिया बन गई हैं. उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि समय से ज्यादा हमारी सोच बदल गई है और यही बदलाव समाज के लिए खतरे की घंटी है.
समाज की पहचान अच्छे संस्कार से होती हैः इसहाक
मौलाना ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवक और युवतियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर नाच-गाने के वीडियो बना रहे हैं. कई बार मजहब और दीन से जुड़ी बातों को भी मजाक के तौर पर पेश किया जाता है. लोग इसे मनोरंजन समझकर देखते हैं और बिना सोचे-समझे साझा भी करते हैं. मौलाना ने कहा कि जब पवित्र बातों का मजाक बनने लगे, तो यह समाज की सोच के गिरने का संकेत है.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बुरा नहीं है, लेकिन इसका गलत उपयोग समाज को नुकसान पहुंचा रहा है. आज का युवा थोड़ी-सी प्रसिद्धि के लिए अपनी मर्यादा और संस्कार भूलता जा रहा है. मौलाना ने युवाओं से अपील की कि वे कुछ पल की शोहरत के बजाय अपने चरित्र, शिक्षा और अच्छे आचरण को महत्व दें. उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या कौम की पहचान उसके अच्छे व्यवहार, संस्कार और जिम्मेदारी से होती है, न कि वायरल वीडियो से.
परिवार, शिक्षक और समाज के लोग नई पीढ़ी को रास्ता दिखाएः इसहाक
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने यह भी कहा कि माता-पिता, शिक्षक और समाज के जिम्मेदार लोगों को चाहिए कि वे नई पीढ़ी को सही रास्ता दिखाएं. बच्चों को शुरू से ही अच्छे संस्कार, तहजीब और अनुशासन की शिक्षा दी जाए, ताकि वे सही और गलत में फर्क समझ सकें.
गौरतलब है कि देवबंद हमेशा से इस्लामी शिक्षा और सामाजिक सुधार का बड़ा केंद्र रहा है. यहां के उलेमा समय-समय पर समाज की बुराइयों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं. मौलाना कारी इसहाक गोरा का यह संदेश भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें समाज को बेहतर और संतुलित बनाने की बात कही गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा वर्ग उनकी बातों पर गंभीरता से विचार करेगा और समाज को सही दिशा देने में अपनी भूमिका निभाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:38 +0530</pubDate>
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<title>भारत में निपाह वायरस से पहली मौत, बंगाल में 25 साल की महिला नर्स ने गंवाई जान, लंबे समय से चल रहा था इलाज</title>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित एक 25 वर्षीय महिला नर्स की बारासात जिले में नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को मौत हो गई. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नर्स वायरस से संक्रमित होने के बाद लंबे समय तक कोमा में रही, इससे उसकी शरीर में रोगों से लड़ने से क्षमता पर बुरी तरह से प्रभाव पड़ा था. इसके बाद इलाज के दौरान उसे फेफड़ों का संक्रमण और अस्पताल से भी संक्रमण हो गया और अंत में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को अस्पताल में दिल की धड़कन रुकने से उसकी मौत हो गई.
कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी नर्सः अधिकारी
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा की रहने वाली नर्स निपाह वायरस के संक्रमण से उबर चुकी थी, उसकी हालत में सुधार भी हुआ था. पिछले महीने जनवरी के आखिर में उसे अस्पताल में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम से हटा दिया गया था, लेकिन वह कई तरह की जटिलताओं से पीड़ित थी.
उन्होंने कहा कि वह होश में आने, अपने शरीर के हिस्सों को हिलाने और बोलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आज अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, उसके दिल की धड़कन थम गई और शाम करीब 4 बजकर 20 मिनट पर उसकी मौत हो गई.
जनवरी की शुरुआत में पहली बार बीमार पड़ी थी नर्स
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्स नए साल की छुट्टियों के लिए 31 दिसंबर, 2025 को अपने घर गई थी. इस दौरान जनवरी की शुरुआत में वह पहली बार बीमार पड़ी थी. जिसके बाद उसे इलाज के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं, स्थिति में सुधार न होने पर उसे बारासात के नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था.
बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित दो मामलों की हुई थी पुष्टि
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दिसंबर, 2025 से लेकर अब तक निपाह वायरस से दो लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इन दो मामलों में एक पुरुष नर्स भी शामिल था, जो इस संक्रमण से उबर चुका है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:37 +0530</pubDate>
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<title>‘कांग्रेस को वोट नहीं दिया तो...’, तेलंगाना के अश्वारावुपेट में कांग्रेस प्रत्याशी की मांग पर भड़के वोटर, सड़क पर किया प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडम जिले के अश्वारावुपेट म्युनिसिपैलिटी के 10वें वार्ड में चुनाव के बाद एक बेहद हैरतअंगेज मामला सामने आया है. कांग्रेस पार्टी के एक उम्मीदवार ने उन मतदाताओं से चुनाव से पहले बांटे गए कुकर और नकद पैसे वापस मांग लिए, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था. इस घटना ने इलाके में हलचल मचा दी है. जिसके बाद गुस्से में आए मतदाताओं ने सड़क पर कुकर रखकर जमकर नारेबाजी की और उम्मीदवार पर सामाजिक बहिष्कार और अपमानित करने का आरोप लगाया. यह घटना चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद घटित हुई, जब यह तय हो चुका था कि किसे वोट मिले हैं.
पार्टी समर्थक और मतदाताओं के बीच हुई बहस
अश्वारावुपेट नगर पालिका के 10वें वार्ड में चुनाव का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थकों ने मतदाताओं के घर जाकर एक अजीब अल्टीमेटम जारी किया. उनका कहना था कि जिन लोगों ने पार्टी को वोट नहीं दिया, उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान मिले सामान और पैसे तुरंत लौटा देने चाहिए. इस मांग को लेकर उम्मीदवार के समर्थक और स्थानीय मतदाताओं के बीच जमकर बहस छिड़ गई.
क्या हम बिकाऊ माल हैं?- स्थानीय मतदाता
घटनास्थल पर मौजूद मतदाताओं ने बताया कि चुनाव से पहले उन्हें वोट हासिल करने के लिए कुकर और पैसे दिए गए थे, लेकिन जब वोटिंग हुई और परिणामों का रुख साफ होने लगा, तो उम्मीदवार की टीम ने अपनी नाकामयाबी का गुस्सा मतदाताओं पर निकाला. सड़क पर उतरे मतदाताओं ने कुकर जमा कर दिए और तेज नारेबाजी की. एक मतदाता ने गुस्से में कहा, &amp;lsquo;हमसे पैसे और कुकर मांग रहे हैं, क्या हम बिकाऊ माल हैं? जब वोट नहीं मिला तो हमें अपमानित क्यों कर रहे हैं? क्या लोकतंत्र में वोट देना हमारी मर्जी नहीं है?&amp;rsquo;
वोटरों को दिया हुआ सामान वापस मांगना शर्मसार करने वाली बात
तेलंगाना में नगर पालिका चुनावों में अक्सर गरमागरम बहसें देखने को मिलती है, लेकिन बंटवारे के सामान को वापस मांगना एक बेहद दुर्लभ और शर्मनाक घटना है. यह मामला राजनीतिक नैतिकता के घटते स्तर को दर्शाता है. अश्वारावुपेट जैसे इलाकों में जहां पारिवारिक राजनीति और स्थानीय कनेक्शन अहम होते हैं, वहां यह घटना कांग्रेस के लिए भी शर्मसार करने वाली साबित हो सकती है. पिछले कुछ वक्त में चुनाव आयोग ने &#039;नोट फॉर वोट&#039; पर कड़ी कार्रवाई की थी, लेकिन चुनाव के बाद &#039;सामान वापसी&#039; का यह नया नुस्खा राजनीतिक शिष्टाचार के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.
चुनाव आयोग को करनी चाहिए कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजनीतिक दलों को यह कैसे पता चल जाता है कि किसने किस को वोट किया या नहीं किया, क्योंकि मतदान कि प्रकिया को गुप्त रखा जाता है. अगर उम्मीदवार वोट के लिए मतदाताओं को कुछ भी देता है तो यह गलत है और चुनाव आयोग को इस मामले का संज्ञान लेते हुए इन उम्मीदवारों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.
पार्टी नेतृत्व घटना को लेकर क्या उठाएगा कदम?
मतदाताओं का गुस्सा जायज है, क्योंकि लोकतंत्र में वोट करना हर किसी का जन्मसिद्ध अधिकार होता है, कोई सौदा नहीं. अब यह देखने वाला है कि पार्टी का उच्च नेतृत्व इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या उम्मीदवार पर कोई कार्रवाई की जाती है. वर्तमान में स्थानीय पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है, लेकिन 10वें वार्ड का माहौल अभी भी गरम है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:37 +0530</pubDate>
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<title>Weather Forecast: दिल्ली में बारिश होगी या नहीं? IMD ने कंफ्यूजन किया दूर, यूपी के लिए भी अलर्ट, जानें देश का मौसम</title>
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<description><![CDATA[ देशभर में सर्दी अब विदाई की ओर है. दिन में धूप निकलने के कारण ठंड का असर कम होने लगा है. ठंड का प्रकोप कम होने के बीच ही कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली से लेकर मनाली तक बारिश का अलर्ट जारी किया है.&amp;nbsp;
क्या दिल्ली में बारिश होगी?राजधानी दिल्ली में भी सर्दी कम हो गई है. मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी शुक्रवार (13 फरवरी) को आसमान में बादल छा सकते हैं, हालांकि बारिश के आसार दूर-दूर तक नहीं है. दिल्ली और आस-पास के इलाकों में अभी बारिश की संभावना नहीं है.
यूपी में फिर मौसम बदलने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक 16 फरवरी से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम बदलेगा. आज पश्चिमी और पूर्वी यूपी के सभी 75 जिलों में आसमान साफ होगा. इस दौरान सुबह के समय कहीं-कहीं हल्का छिछला कोहरा नजर आएगा. हालांकि दिन चढ़ने के साथ तेज तीखी धूप भी खिली रहेगी. कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड होगा. 14 और 15 फरवरी को भी दोनों ही संभाग में मौसम सामान्य रहेगा.&amp;nbsp;
इन जिलों में कैसा रहेगा मौसमकानपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अमेठी, रायबरेली, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, आजमगढ़, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, अयोध्या, गोरखपुर, गाजियाबाद, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बरेली, रामपुर, बहराइच, सीतापुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, महराजगंज, मऊ, बलिया, देवरिया, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकर नगर, बिजनौर, इटावा और मैनपुरी में शुक्रवार को आसमान साफ होगा.&amp;nbsp;&amp;nbsp;लखनऊ नोएडा में बदला मौसमराजधानी लखनऊ में भी मौसम अब बदल रहा है. सुबह और रात को छोड़कर दिन का तापमान तेजी से बढ़ने लगा है. अगले 3 दिनों तक फिलहाल इसमें कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है. उधर दिल्ली से सटे नोएडा में भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही है.
बिहार में कोहराबिहार के कई राज्यों में दिन में तेज धूप निकल रही है. धूप की वजह से कई शहरों में लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है. मौसम विभाग ने आज पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, सहरसा, कटिहार, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है. हालांकि 12 बजे के बाद धूप निकल सकती है.
पहाड़ों में कब होगी बारिशमौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में 16 फरवरी से हल्का मौसम बिगड़ सकता है. हालांकि अभी आसमान साफ रहने की उम्मीद है. IMD के अनुसार 16-17 फरवरी को हिमाचल प्रदेश में बारिश या बर्फबारी देखी जा सकती है तो वहीं उत्तराखंड में भी 16 फरवरी को बारिश होने की संभावना है.
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&#039;मैं PM का करियर बर्बाद नहीं करना चाहता&#039;, डोनाल्ड ट्रंप के वायरल वीडियो पर MEA का रिएक्शन ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:36 +0530</pubDate>
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<title>भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और महात्मा गांधी के अपमान पर लोगों में गुस्सा, थाने के सामने जुटी भीड़</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के सीमावर्ती बीदर जिले में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है. इसे लेकर पूरे जिले में आक्रोश की लहर फैल गई है.&amp;nbsp;
मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा से सटे बीदर जिले के मेहकर पुलिस थाने के सामने सैंकड़ों नागरिक एकत्र हुए और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की. भालकी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
क्या है पूरा मामलाहुलसूर तालुका के अट्टर्गा गांव के कालिदास सूर्यवंशी, राहुल खंडारे और कपिल गोडबोले समेत कुछ युवकों पर रेल यात्रा के दौरान कविता के रूप में देवी-देवताओं के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मेहकर, सायगांव और अलवाई क्षेत्र में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. हिंदू संगठनों के नेतृत्व में मेहकर पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया गया.
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांचइस मामले में मेहकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. भालकी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि नफरत फैलाने को लेकर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.&amp;nbsp;
हिंदू संगठनों की चेतावनीहिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा. धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप के कारण बीदर जिले सहित महाराष्ट्र और कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
(इनपुट- निशांत भद्रेश्वर)
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:36 +0530</pubDate>
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<title>आसमान बना अभेद्य किला! रूस से ₹10,000 करोड़ की डील, पाकिस्तान को लगेगा 288 मिसाइलों का झटका</title>
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<description><![CDATA[ S-400 Deal: भारत की सुरक्षा ताकत को और मजबूत करने के लिए गुरुवार को बड़ा फैसला लिया गया. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने रूस से एस-चार सौ वायु रक्षा प्रणाली के लिए 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दे दी है. इस सौदे की कीमत करीब दस हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है.
इसी बैठक में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान और अमेरिका से छह समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर भी मुहर लगी है. इन समुद्री निगरानी विमानों का सौदा करीब तीस हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है. इस पूरी बैठक में कुल मिलाकर करीब तीन लाख साठ हजार करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
नई मिसाइलें क्यों खरीदी जा रही हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-चार सौ प्रणाली से कई मिसाइलें दागी गई थीं, जिससे मौजूदा भंडार कम हो गया था. इसी कमी को पूरा करने के लिए अब नई मिसाइलें खरीदी जा रही हैं. इस सौदे के तहत 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें ली जाएंगी. इन्हें तेज प्रक्रिया से खरीदा जाएगा, ताकि यह प्रणाली जल्दी फिर से पूरी ताकत में आ सके. सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब रूस से इसी साल जून और नवंबर में एस-चार सौ के दो बचे हुए दस्ता भारत को मिलने वाले हैं.
चार तरह की दूरी वाली मिसाइलें होंगी शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, एस-चार सौ के लिए 400 किलोमीटर, 200 किलोमीटर, 150 किलोमीटर और 40 किलोमीटर दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें खरीदी जाएंगी. ये सभी जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें होंगी. इन्हीं मिसाइलों की मदद से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 314 किलोमीटर अंदर तक निशाना लगाया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान को अपना हवाई अड्डा रावलपिंडी से दूसरी जगह ले जाना पड़ा था.
एस-चार सौ के पांच और दस्ता लेने की तैयारी
ऑपरेशन सिंदूर में एस-चार सौ की कामयाबी से भारतीय सेना काफी उत्साहित है. सेना अब इस प्रणाली के पांच और दस्ता खरीदने की बात कर रही है. इसके साथ ही रूस से पैंटसर छोटी दूरी की रक्षा प्रणाली लेने पर भी विचार चल रहा है. अगर ये सौदे पूरे हो जाते हैं, तो भविष्य में भारत के पास एस-चार सौ के कुल दस दस्ता हो जाएंगे. इससे देश की हवाई सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी और मानव रहित विमानों जैसे खतरों से भी बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>तारिक रहमान की पार्टी BNP ने बांग्लादेश में दर्ज की बंपर जीत, भारत से पहुंची बधाई, पीएम मोदी बोले&#45; &amp;apos;एक साथ मिलकर...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत पर पार्टी नेता तारिक रहमान को बधाई दी है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह जीत तारिक रहमान के नेतृत्व पर बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दिखाती है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह तारिक रहमान के साथ मिलकर भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को और मजबूत करने और दोनों देशों के साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्सुक हैं.

I convey my warm congratulations to Mr. Tarique Rahman on leading BNP to a decisive victory in the Parliamentary elections in Bangladesh. This victory shows the trust of the people of Bangladesh in your leadership.India will continue to stand in support of a democratic,&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026



BNP ने हासिल की जीतबांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान ने 13वें संसदीय चुनाव में जीत का दावा किया है. तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे हैं. उन्होंने 9 जनवरी को अपनी मां के निधन के कुछ समय बाद पार्टी की कमान औपचारिक रूप से संभाली थी.
अहम माना जा रहा है यह चुनावबांग्लादेश में 2024 के बड़े आंदोलन के बाद 12 फरवरी को पहली बार राष्ट्रीय चुनाव हुए. इसे देश की राजनीति के लिए बहुत अहम माना जा रहा है. ये चुनाव अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की निगरानी में कराए गए. इस बार लोगों ने दो तरह से वोट डाले. एक वोट नई संसद चुनने के लिए और दूसरा वोट संविधान में होने वाले बदलावों, यानी जुलाई चार्टर, पर अपनी राय देने के लिए.
शेख हसीना ने चुनाव को बताया दिखावातारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और उन्होंने दोनों ही सीटें&amp;nbsp; ढाका 17 और बोगुरा 6 जीत ली हैं. वहीं दूसरी तरफ, अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो इस समय देश से बाहर हैं, उन्होंने इस चुनाव को सिर्फ एक दिखावा बताया है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>देश में कितने हैं OBC और SC वर्ग के IAS और IPS अधिकारी, सरकार ने जारी कर दिए आंकड़े</title>
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<description><![CDATA[ सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने देश में IAS, IPS और IFS अधिकारियों के खाली पदों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछा. इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि IAS, IPS और IFS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में कुल 2830 पद खाली पड़े हैं.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में 1300 पद, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में 505 पद और भारतीय वन सेवा (IFS) में 1029 पद रिक्त हैं.
IAS के 6877 पद, 5577 अधिकारियों की तैनातीकेंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार तीनों अखिल भारतीय सेवाओं में कुल स्वीकृत पदों की संख्या और वर्तमान तैनाती के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक IAS के कुल स्वीकृत पद 6877 हैं, जबकि 5577 अधिकारियों की ही तैनाती है. वहीं IPS के कुल स्वीकृत पद 5099 हैं और तैनात अधिकारियों की संख्या 4594 है. इसी तरह IFS के कुल स्वीकृत पद 3193 हैं और तैनात अधिकारी 2164 हैं.
राज्यवार भी जारी किए गए आंकड़ेकैडरवार आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में अधिकारियों के पद खाली हैं. उत्तर प्रदेश में IAS के 652 स्वीकृत पदों के मुकाबले 571 अधिकारी तैनात हैं. मध्य प्रदेश में 459 स्वीकृत पदों के मुकाबले 391 अधिकारी कार्यरत हैं. महाराष्ट्र में 435 स्वीकृत पदों के मुकाबले 359 अधिकारी तैनात हैं. बिहार में IAS के 359 स्वीकृत पदों के मुकाबले 303 अधिकारी मौजूद हैं.
कितने OBC और SC वर्ग के अधिकारीकेंद्र की मोदी सरकार ने आरक्षित वर्गों से भर्ती के आंकड़े भी जारी किए हैं. सरकार ने पिछले पांच वर्षों (CSE 2020 से CSE 2024) के दौरान SC, ST और OBC वर्ग से सीधे भर्ती किए गए अधिकारियों का डेटा भी जारी किया है.
IAS में &amp;ndash; OBC 245, SC 135, ST 67IPS में &amp;ndash; OBC 255, SC 141, ST 71IFS में &amp;ndash; OBC 231, SC 95, ST 48
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दूरदर्शन की मशहूर एंकर रहीं सरला माहेश्वरी का निधन, 71 साल की उम्र में ली आखिरी सांस ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ज्योतिषी बोला&#45; पत्नि ने जादू टोना किया इसलिए मरे तुम्हारे पिता, बेटी ने बदला लेने के लिए मां को उतारा मौत के घाट</title>
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<description><![CDATA[ Karnataka News: कर्नाटक राज्य के तुमकुरु जिले में अंधविश्वास और ज्योतिष पर अति-विश्वास का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां सुचित्रा नाम की एक महिला ने अपने पिता की मौत के लिए अपनी मां को जिम्मेदार ठहराने वाले एक ज्योतिषी की बातों पर विश्वास कर अपनी ही मां पुष्पावती की हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक, सुचित्रा के पिता की डेढ़ साल पहले अचानक मृत्यु हो गई थी. इस घटना को स्वीकार नहीं कर पाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी. हाल ही में वह एक ज्योतिषी के संपर्क में आई और अपने पिता की मौत के कारण के बारे में पूछताछ की. ज्योतिषी ने दावा किया कि सुचित्रा की मां ने जादू-टोना किया था, जिसके कारण उसके पिता की मृत्यु हुई.
मां के चेहरे पर तकिया रख कर दी हत्या
इस बात को सच मानकर सुचित्रा बेहद क्रोधित हो गई. वह सीधे अपनी मां पुष्पावती के घर पहुंची. उस समय पुष्पावती गहरी नींद में थी. गुस्से और भ्रम में आकर सुचित्रा ने तकिया लेकर अपनी मां के चेहरे पर रख दिया और दम घुटने से उसकी हत्या कर दी.
हत्या के बाद सुचित्रा ने परिवार के सदस्यों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसकी मां की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. उसने तुरंत अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी, ताकि किसी को शक न हो. रिश्तेदार और पड़ोसी शव को श्रद्धांजलि देने घर पहुंचे, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों को परिस्थितियां संदिग्ध लगीं.
पूछताछ के दौरान सुचित्रा ने गुनाह किया कबूल
इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. अंतिम संस्कार से पहले मौके पर पहुंची पुलिस ने सुचित्रा और परिवार के अन्य सदस्यों से कड़ी पूछताछ की. पूछताछ के दौरान सुचित्रा ने अपना बयान बदलते हुए स्वीकार किया कि उसने अपनी मां की हत्या की है.
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उस ज्योतिषी की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने सुचित्रा को यह भड़काने वाला दावा किया था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में सुचित्रा के पति की कोई संलिप्तता थी या नहीं. फिलहाल जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:07:33 +0530</pubDate>
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<title>विपक्ष के &amp;apos;दुष्प्रचार&amp;apos; पर CM मान का प्रहार, मुख्यमंत्री सेहत योजना को लेकर अफवाहों से बचने की अपील</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाबवासियों से अपील की कि राज्य सरकार द्वारा हर परिवार के लिए शुरू की गई &amp;lsquo;मुख्यमंत्री सेहत योजना&amp;rsquo; के बारे में पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से गुमराह न हों. &amp;nbsp;
एक वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, &amp;ldquo;पंजाब सरकार ने लोक भलाई वाली इस प्रमुख योजना की शुरुआत की है ताकि पंजाब के हर नागरिक, खास तौर पर समाज के कमजोर वर्गों को कैशलेस इलाज तक सीधी पहुंच मिल सके.&amp;rdquo;
क्या है मुख्यमंत्री सेहत योजना?
इस पहल के बारे में बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, &amp;ldquo;लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने &amp;lsquo;मुख्यमंत्री सेहत योजना&amp;rsquo; शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है. इसके तहत पंजाब का हर परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकता है.&amp;rdquo;
इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, &amp;ldquo;यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब व्यापक स्तर पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है. यह योजना लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी कम करेगी और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सुनिश्चित करेगी.&amp;rdquo;
रजिस्ट्रेशन और पात्रता की प्रक्रिया&amp;nbsp;
इस योजना में रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, &amp;ldquo;इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र हैं. यह स्वास्थ्य कार्ड सुविधा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों से या आधार कार्ड या वोटर कार्ड का उपयोग करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है.&amp;rdquo;
लोगों से मिल रहे उत्साह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना का पंजाब के लोगों ने भरपूर स्वागत किया है और लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस पहल ने उन परिवारों को बड़ी राहत पहुंचाई है, जिन्हें पहले बीमारी के इलाज का भारी खर्च अपनी जेब से देना पड़ता था.
मुख्यमंत्री ने भ्राम जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि राज्य के लोगों को ऐसी सुविधाएं मिलें, जानबूझकर इस प्रमुख योजना के बारे में झूठ फैला रही हैं.
उन्होंने आगे कहा कि विपक्षियों द्वारा योजना को लेकर की जा रही बेतुकी बयानबाजी का मकसद लोगों को इस योजना से सिर्फ निराश करना है, जो पूरी तरह से गैर-वाजिब और अनुचित है.
अस्पतालों की जवाबदेही और कैशलेस इलाज&amp;nbsp;&amp;nbsp;
अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है और इस योजना के तहत सरकार ने लगभग 2,600 बीमारियों और इलाज सेवाओं के लिए दरें निर्धारित की हैं.
भुगतान विधि के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों को आपसी सहमति से तय दरों के अनुसार भुगतान करेगी, चाहे वे अस्पताल किसी बीमारी या इलाज सेवा के लिए बाहर के व्यक्तियों से कितनी भी अधिक राशि वसूल रहे हों.
अस्पतालों की जवाबदेही के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध सभी अस्पताल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर इलाज देने के लिए बाध्य हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिले.
योजना के बारे में किसी भी तरह की गलत जानकारी को सीधे तौर पर खारिज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अस्पतालों को सरकार द्वारा सीधा भुगतान किया जाएगा और लाभार्थियों से एक पैसा भी नहीं लिया जाएगा. उन्होंने पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा इस योजना के संबंध में गुमराह करने वाली और गलत तस्वीर पेश करने की कोशिशों को सिरे से नकारते हुए लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की.
योजना के लाभों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि &amp;lsquo;मुख्यमंत्री सेहत योजना&amp;rsquo; के तहत लाभार्थियों के लिए इलाज सेवाएं कैशलेस हैं और अस्पतालों द्वारा मरीजों से कोई फीस नहीं ली जाएगी.
लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी ताकतों से सावधान रहना चाहिए जो बेबुनियाद अफवाहें फैलाकर जनहित को नुकसान पहुंचाने पर तुली हुई हैं. उन्होंने कहा कि मैं समूह पंजाबियों से अपील करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.
योजना के तहत इलाज सेवाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने ठोस व्यवस्था बनाई है जिसके तहत अस्पताल में दाखिले से लेकर जांच या टेस्ट, इलाज और अस्पताल से छुट्टी तक की पूरी इलाज प्रक्रिया कैशलेस रहेगी.
अफवाहों से सावधान, शिकायत पर होगी सख्त कारवाई&amp;nbsp;
उल्लंघन के संबंध में स्पष्ट चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अस्पताल इस योजना के तहत किसी मरीज से पैसे की मांग करता है तो तुरंत सरकार को शिकायत दर्ज करवाई जाए. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ऐसे गलत कामों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी अस्पताल के खिलाफ सख्त, दंडात्मक और मिसाली कार्रवाई करेगी.
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &amp;ldquo;मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस योजना का, जिसकी दुनिया भर में सराहना हो रही है, अधिक से अधिक लाभ उठाएं.&amp;rdquo; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:33 +0530</pubDate>
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<title>फरवरी की वो तारीखें, जब दिल्ली के होटलों में एक कमरे का किराया होगा लाखों में, जानें क्यों होंगे महंगे</title>
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<description><![CDATA[ देश की राजधानी दिल्ली फरवरी 2026 में सिर्फ सियासी या कूटनीतिक हलचल का केंद्र नहीं रहने वाली, बल्कि लग्ज़री होटलों की कीमतों के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है. 16 से 20 फरवरी के बीच होने वाले India AI Impact Summit 2026 ने राजधानी के होटल बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है.
भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन में दुनियाभर से हजारों प्रतिनिधियों की आमद तय है. सम्मेलन से पहले ही 35 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. इसी भारी डिमांड ने दिल्ली के पांच सितारा और अल्ट्रा-लग्ज़री होटलों को हाई अलर्ट मोड में ला दिया है.
एक रात, एक कमरा और कीमत 2.32 लाख के पार
फरवरी के तीसरे हफ्ते में कुछ होटलों के टैरिफ ने सबको चौंका दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल इम्पीरियल में 16 फरवरी की एक रात के लिए कमरे का बेस किराया करीब 1.97 लाख रुपये दर्ज किया गया, जिस पर टैक्स जोड़ने के बाद कुल रकम 2.32 लाख रुपये से ज्यादा पहुंच गई.
वहीं, हयात रीजेंसी में इसी अवधि के दौरान कमरे करीब 50 हजार रुपये प्रति रात के आसपास लिस्ट हैं, जबकि लीला पैलेस में टैक्स सहित रेट लगभग 78 हजार रुपये तक पहुंच चुका है.
शांगरी-ला से लेकर ताज तक फुल हाउस की स्थिति
बुकिंग ट्रेंड्स बताते हैं कि शांगरी-ला इरोस होटल 18 फरवरी के लिए पहले ही पूरी तरह भर चुका है. 16 फरवरी के लिए यहां एक कमरे का किराया टैक्स सहित करीब 89 हजार रुपये तक देखा गया. ITC मौर्य, ताज पैलेस और लीला पैलेस जैसे होटल पीक सीजन प्राइसिंग के साथ सीमित उपलब्धता में कमरे ऑफर कर रहे हैं.
19&amp;ndash;20 फरवरी को &amp;lsquo;लगभग सोल्ड आउट&amp;rsquo; दिल्ली
होटल इंडस्ट्री से जुड़े मैनेजर्स का कहना है कि सम्मेलन के आखिरी दो दिन सबसे ज्यादा दबाव वाले हैं. द ललित सूरी हॉस्पिटैलिटी ग्रुप से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 19 और 20 फरवरी के लिए कई प्रॉपर्टीज़ लगभग सोल्ड आउट की स्थिति में हैं. सुइट्स से लेकर प्रीमियम रूम्स तक, हर कैटेगरी में इंटरनेशनल डेलिगेट्स की मजबूत मांग बनी हुई है.
100 से ज्यादा देशों की मौजूदगी, इसलिए बढ़ी कीमतें
India AI Impact Summit 2026 को अब तक के सबसे बड़े वैश्विक AI आयोजनों में गिना जा रहा है. इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख, 50 से ज्यादा मंत्री और 40 से अधिक बड़ी वैश्विक व भारतीय कंपनियों की भागीदारी तय मानी जा रही है. इसी हाई-प्रोफाइल उपस्थिति ने होटल इंडस्ट्री को असाधारण अवसर दिया है.
किरायों में 30 से 50 प्रतिशत तक उछाल
होटल ऑपरेटर्स के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में समिट पीरियड के दौरान रूम रेट्स में 30 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडस्ट्री मानती है कि दिसंबर और जनवरी में अपेक्षाकृत कमजोर बिजनेस के बाद फरवरी का यह इवेंट रेवेन्यू बैलेंस करने में मदद करेगा.
बुकिंग पहले की, रेट पुराने- होटल एसोसिएशन का दावा
हालांकि, बढ़ते किरायों पर होटल संगठनों का एक अलग पक्ष भी सामने आया है. दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर एसोसिएशन, करोल बाग के प्रेसिडेंट लवलीन आनंद ने ABP लाइव की टीम से बात करते हुए बताया कि AI समिट से जुड़ी अधिकांश बुकिंग्स तीन महीने पहले ही हो चुकी थीं और उस वक्त रेट्स सामान्य थे. उनके मुताबिक, मीडिया में दिख रही ऊंची कीमतें कुल बुकिंग्स का एक सीमित हिस्सा हो सकती हैं, जो करीब 10 प्रतिशत के आसपास हों.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाई-प्रोफाइल समिट से होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को बड़ा आर्थिक फायदा जरूर होगा, लेकिन आम घरेलू यात्रियों और टूरिस्ट्स के लिए फरवरी के ये दिन दिल्ली में ठहरने के लिहाज से बेहद महंगे साबित हो सकते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:33 +0530</pubDate>
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<title>गोगी गैंग कनेक्शन वाला कुख्यात गैंगस्टर मुकेश गिरफ्तार, MCOCA की कार्रवाई से गिरोह को बड़ा झटका</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर मुकेश उर्फ पुनीत को गिरफ्तार कर लिया है. सख्त महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत की गई यह गिरफ्तारी नरेला और आसपास के इलाकों में अपराध की कमर तोड़ने वाली मानी जा रही है. लंबे समय से पुलिस की नजर में चल रहे इस गैंगस्टर की गिरफ्तारी से इलाके में दहशत फैलाने वाले गिरोह को बड़ा झटका लगा है.
दिल्ली पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर की कार्रवाई&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह ऑपरेशन पूरी तरह खुफिया सूचना और पुख्ता सबूतों के आधार पर चलाया गया, जिसके बाद सुनियोजित कार्रवाई करते हुए मुकेश को दबोच लिया गया. उसके खिलाफ थाना नरेला में दर्ज FIR के तहत MCOC एक्ट की धाराओं में मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका था, जिसके बाद कानूनी जांच पूरी होने पर गिरफ्तारी की गई.
मुकेश उर्फ पुनीत जो 34 साल का है, उसने 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था और कुछ ही सालों में वह इलाके का खौफ बन गया था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार, अपहरण और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराधों के 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. दिल्ली के अलावा हरियाणा में भी उसके खिलाफ कई संगीन केस दर्ज हैं.
दिल्ली पुलिस की जांच में हुआ अहम खुलासा&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि मुकेश अपने संगठित गिरोह का सरगना था और प्रदीप उर्फ गुरी, विकास उर्फ विक्की, विनोद उर्फ सोनू और परदीप उर्फ अनिल जैसे बदमाश उसके नेटवर्क में सक्रिय थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसके कुख्यात गोगी गैंग से भी गहरे संबंध थे, जिससे उसकी आपराधिक ताकत और बढ़ गई थी. यह गिरोह रंगदारी, वसूली, हथियारबंद वारदात और गैंगवार जैसी घटनाओं में शामिल रहा है. फिलहाल पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>गोगी, गैंग, कनेक्शन, वाला, कुख्यात, गैंगस्टर, मुकेश, गिरफ्तार, MCOCA, की, कार्रवाई, से, गिरोह, को, बड़ा, झटका</media:keywords>
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<title>मेरठ में 20 लाख की अवैध वसूली केस में इंस्पेक्टर भी निलंबित, SSP की सख्त कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाले 20 लाख की अवैध वसूली मामले में एसएसपी अविनाश पांडेय ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब इंस्पेक्टर पर भी गाज गिरा दी है. लिसाड़ी गेट क्षेत्र के धागा कारोबारी को जेल भेजने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने के आरोप में जहां पहले दो दारोगाओं को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, वहीं अब लोहिया नगर थाने के इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है.
पूरा मामला तब सामने आया, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय को एक गोपनीय शिकायत पत्र मिला. पत्र में आरोप लगाया गया था कि लोहिया नगर थाने में तैनात दो दारोगाओं ने लिसाड़ी गेट निवासी धागा कारोबारी को उठाकर जेल भेजने की धमकी दी. आरोप है कि कारोबारी को करीब 24 घंटे तक मानसिक दबाव में रखा गया और उससे लगभग 21 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई.
जांच में आरोप मिले थे सही 
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी. जांच के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पहले दोनों दारोगाओं को निलंबित कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया. जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे प्रकरण में लोहिया नगर थाने के इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई.
लापरवाही में इंस्पेक्टर पर कार्रवाई 
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आने पर इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है. वहीं, मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी दारोगा फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और साफ संदेश दिया गया है कि वर्दी की आड़ में अवैध वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.लेकिन इस घटना ने पुलिस की साख पर बट्टा लगा दिया है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Maharashtra: &amp;apos;यदि किसी व्यक्ति को मारना हो तो...,&amp;apos; अजित पवार प्लेन क्रैश पर रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के बारामती में अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन को विपक्ष को एक साजिश बता रही है. एनसीपी (SP) नेता रोहित पवार ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार के प्लेन क्रैश को लेकर कई सवाल उठाए और इसे संभावित साजिश बताय. जिसके बाद अब रोहित पवार ने एक पोस्ट के जरिए अपने सभी डाउट्स का सॉल्यूशन मांगा है.&amp;nbsp;
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि इस एक्सीडेंट (बारामती प्लेन हादसा) में मैंने अपने चाचा को खो दिया है और महाराष्ट्र ने एक लीडर खो दिया है। इसलिए, हमारे सभी डाउट्स का सॉल्यूशन होना चाहिए; तब तक, हम इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे.
रोहित पवार ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के साथ मिलकर अजितदादा के प्लेन क्रैश पर डिटेल्ड प्रेजेंटेशन पेश किया है. उनके मुताबिक यह सिर्फ हवा में उठाए गए सवाल नहीं हैं, बल्कि हर पॉइंट का ठोस आधार है. उन्होंने मीडिया से लिंक के जरिए पूरा प्रेजेंटेशन देखने और डाउनलोड करने की अपील की है, वहीं राज्य व केंद्र की जांच एजेंसियों से सकारात्मक जवाब की उम्मीद भी जताई है.
साजिश की आशंका और नए दावे
बीते दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने अजित पवार की मौत को साजिश करार दिया था. उन्होंने कहा कि एक किताब में लिखा है कि यदि किसी व्यक्ति को मारना हो तो उसके ड्राइवर को निशाना बनाना सबसे आसान तरीका होता है. इसी संदर्भ में उन्होंने दुर्घटना से जुड़े कुछ तथ्यों की ओर इशारा किया.
रोहित पवार के अनुसार हादसे से एक दिन पहले अजित दादा को मुंबई से पुणे कार से आना था और काफिला भी निकल चुका था. लेकिन अचानक उन्होंने कार से यात्रा क्यों नहीं की, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने यह भी दावा किया कि अजित दादा एक बड़े नेता से मिलने वाले थे.
विपक्ष के आरोप और पार्टी में मतभेद
अजित पवार के निधन के बाद से विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. विपक्ष का कहना है कि एनसीपी के विलय की चर्चाएं चल रही थीं और ऐसे समय में हुआ प्लेन क्रैश संदेह पैदा करता है. इसी वजह से पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. हालांकि शरद पवार पहले ही इसे एक हादसा बता चुके हैं, लेकिन अब उन्हीं की पार्टी के नेता गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इससे पार्टी के भीतर मतभेद की स्थिति भी सामने आ रही है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूपी: भदोही में जमीनी विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात, एक की मौत</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद के औराई थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह जमीनी विवाद में गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई. जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण करते हुए घटना स्थल से लाइसेंसी रिवॉल्वर और अन्य लोगों को अपने हिरासत में ले लिया है, जिसमें एक मुख्य आरोपी फरार है. पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक और सर्किल ऑफिसर सहित तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स को तैनात कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है. जिसमें ताबड़तोड़ फायरिंग हो रही है. इस घटना ने जनपद में कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवाल पैदा कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक पूरी घटना औराई थाना क्षेत्र के बनपुरवा (जंगला) गांव की है. जहां आशीष यादव और बृजेश यादव के बीच में मंगलवार सुबह 10 बजे के आसपास करीब 7 एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर कहा सुनी और मारपीट में तब्दील हो गई. बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अंधाधुंध फायर कर दिया जिसमें आशीष यादव की मौके पर मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को नज़दीकी अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने एक आदमी को मृत घोषित कर दिया वहीं अन्य गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया है.
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि उपरोक्त मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है, बावजूद इसके निर्माण कार्य को लेकर विवाद हुआ और एक पक्ष ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.&amp;nbsp;बृजेश कुमार यादव ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग कर दी और गोली लगने से लगभग 28 वर्षीय आशीष यादव की मौत हो गई, जबकि अखिलेश यादव घायल हो गये है और दो अन्य घायल जिन्हें लाठी डंडे से चोटें आई थी उनकी भी स्थिति पहले से बेहतर है.
रिवाल्वर जब्त, पुलिस कार्रवाई जारी 
भदोही पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवाल्वर जब्त कर ली है और तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पीड़ित परिवार से मिली तहरीर के मुताबिक FIR दर्ज़ की जा रही है. मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति फिलहाल सामान्य है और मामले की जांच तेजी से की जा रही है. फिलहाल मौके पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट की एक टीम गठित की गई है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर और अन्य साक्ष्य जुटाकर रिपोर्ट देंगे और मृतकबकी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद सभी साक्ष्यों के आधार पर कठोर से कठोर दंडनामत्क कार्रवाई की जायेगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए देवघर तक बनेगा हाई&#45;स्पीड एक्सप्रेसवे, किन जिलों को फायदा?</title>
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<description><![CDATA[ बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को विधानसभा में बताया कि नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम (देवघर) तक &#039;पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ धाम हाई-स्पीड कॉरिडोर&#039; ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. विधानसभा में 2026-27 के लिए पथ निर्माण विभाग का 8,260 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया.&amp;nbsp;
दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रस्तावित 250 किलोमीटर लंबा &#039;पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर&#039; काठमांडू से शुरू होगा. भीमनगर और बीरपुर से गुजरते हुए बिहार के सुपौल जिले में भारत में प्रवेश करेगा. इसके बाद यह मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर जिले स्थित बैद्यनाथ धाम तक पहुंचेगा.&amp;nbsp;
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना उद्देश्य
बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को झारखंड के बैद्यनाथ धाम से सीधे जोड़ना है ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति मिल सके. इस कॉरिडोर के निर्माण से बिहार और झारखंड के कई जिलों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी एवं क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी.
मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-आमस एक्सप्रेसवे जैसे अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में सड़क संपर्क का एक सशक्त नेटवर्क विकसित होगा. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बिहार में कुल 554.08 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह परियोजना सीमावर्ती सात जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरती है. यह मार्ग पश्चिमी चंपारण के मदनपुर से शुरू होकर किशनगंज जिले के गलगलिया में समाप्त होगा.
आगे कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा बल्कि व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से भी राज्य को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा. वहीं, दिलीप जायसवाल ने कहा कि गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर आरा से लेकर भागलपुर तक जेपी गंगा पथ के विस्तार की योजना है. उन्होंने बताया कि राज्य की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना जेपी गंगा पथ का कार्य पूर्ण कर लोकार्पण किया जा चुका है और इस पथ पर आवागमन सुगम हो गया है.
यह भी पढ़ें- सामने आए तेज प्रताप यादव के पहले &#039;जयचंद&#039;, अनुष्का संग मामा का रिश्ता जोड़ने पर भड़के मुकेश रोशन ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बस्ती: पति के फोन पर OTP और खुला 2 साल पहले &amp;apos;मृत&amp;apos; पत्नी का राज, मर्डर केस में पुलिस भी रह गई हैरान</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के बस्ती में बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस बीते दो साल से एक महिला की हत्या की गुत्थी में उलझी हुई थी लेकिन एक दिन वो अचानक जिंदा निकल आई. पुलिस को अंदाजा भी नहीं था कि जिस महिला की हत्या के मामले की जांच चल रही है वो महिला दूसरे राज्य में किसी दूसरे शख्स के साथ हंसी खुशी जिंदगी जी रही होगी. महिला तो जिंदा मिल गई है लेकिन, अब न तो पति और न ही पिता उसे साथ रखना चाहते हैं.&amp;nbsp;
दरअसल ये मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखाये गांव का है जहां रहने वाले प्रियंका प्रजापति की शादी संदीप के साथ साल 2017 में हुई थी. दोनों का एक बेटा भी है. आठ साल तक सब कुछ अच्छा रहा. लेकिन, फिर दोनों में अनबन शुरू हो गई. दो साल पहले प्रियंका पति से नाराज होकर लाखों के जेवर और बेटे के साथ अपने मायके आ गई. कुछ घंटों के बाद वो बेटे के साथ मायके से भी निकल गई.&amp;nbsp;
पति से नाराज होकर निकली थी प्रियंका
महिला का कहना है कि वो आत्महत्या के लिए निकली थी. कई बार उसने सुसाइड की कोशिश की लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई. जिसके बाद वो थक हार कर अयोध्या में राम मंदिर का दर्शन करने पहुंच गई. यहां उसकी मुलाकात राजस्थान के मंगल चंद्र से हुई. कुछ ही समय बाद उसने आत्महत्या का इरादा छोड़ मंगल के साथ नई जिंदगी जीने का फैसला ले लिया.&amp;nbsp;
इधर पत्नी और बेटे के अचानक गायब हो जाने से पति परेशान हो गया. पति ने जब प्रियंका के मायके जाकर जानकारी ली तो कुछ लोगों ने बताया कि गहनों के चक्कर में पिता ने प्रियंका और उसके बच्चे की हत्या कर लाश को सरयू नदी में फेंक दी है. इसके बाद संदीप ने नवंबर 2024 में प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया.&amp;nbsp;
मोबाइल पर आए मैसेज से हुआ खुलासा
एक दिन संदीप के मोबाइल फ़ोन पर प्रियंका के आधार कार्ड और फोटो बदलने के लिए ओटीपी का मैसेज आया, जिसके बाद पति को शक हुआ तो उसने पुलिस से मदद मांगी. जिसके बाद पुलिस फौरन एक्शन में आई. पता चला कि आधार कार्ड में फोटो बदलने के लिए राजस्थान से अप्लाई किया गया था. जिसके बाद पुलिस प्रियंका की तलाश करते हुए उस तक पहुँच गई.&amp;nbsp;
दो साल से पति जिसे मुर्दा मान रहा था वो जिंदा निकली. संदीप का बेटा भी उसके साथ ही मिला, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा तो हो गया. लेकिन, इस पूरे मामले नया ट्विस्ट आ गया. पत्नी के धोखे से दुखी पति संदीप अब प्रियंका का साथ नहीं रखना चाहता है और न ही उसकी हत्या का आरोप झेल रहे माता-पिता. वहीं दूसरी तरफ़ प्रियंका भी नए पति मंगल के साथ ही रहना चाहती है.&amp;nbsp;
एएसपी श्यामकांत ने इस बारे में बताया कि महिला प्रियंका जिंदा मिल गई है. इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. हत्या का मुकदमा कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ था. इस मामले में महिला का कोर्ट में बयान हो चुका है. पहला पति अपने बच्चे को साथ रखना चाहता है. जिस पर सभी पक्षों से बात की जा रही है और विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>शून्य से शिखर का सफर! CM मोहन ने पंडित दीनदयाल के &amp;apos;चतुर्पुरुषार्थ&amp;apos; चिंतन को बताया राष्ट्र निर्माण का मूल</title>
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<description><![CDATA[ Deendayal Upadhyaya: व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाने वाले , विलक्षण व्यक्तित्व के धनी , एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पं . दीनदयाल उपाध्याय के चरणों में कोटिशः नमन.
पंडित दीनदयाल का जीवन भारत राष्ट्र को दिशा देने वाला प्रकाश स्तंभ है. वे एक ऐसे ऋषि राजनेता थे जो समाज, संस्कृति और राष्ट्र के समग्र उत्थान के लिए समर्पित रहे. उन्होंने राजनीति को राष्ट्रधर्म की साधना का माध्यम माना. उनका स्पष्ट मत था कि स्वतंत्र भारत की यात्रा भारतीय दर्शन , संस्कृति और परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए.
पंडित दीनदयाल ने राजनीतिक चिंतन को भारतीय मूल्यों से जोड़ते हुए एकात्म मानव दर्शन का सूत्र दिया. इसमें व्यक्ति , समाज , राष्ट्र और सृष्टि के बीच समन्वय और संतुलन समाहित है. यह जीवन और संपूर्ण सृष्टि को एक सूत्र में पिरोता है. यही दर्शन व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है. इसमें कृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से लेकर आज के वैश्विक परिदृश्य का समावेश है.
एकात्म मानव दर्शन और चतुर्पुरुषार्थ का संतुलन&amp;nbsp;
पंडित दीनदयाल भारत के भविष्य की कल्पना चतुर्पुरुषार्थ -धर्म , अर्थ , काम और मोक्ष के आधार पर की. उनका विश्वास था कि इन चारों का संतुलन ही व्यक्ति और समाज को पूर्णता की ओर ले जा सकता है. यदि व्यक्ति और समाज को विकास के समान अवसर दिए जाएं, तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण संभव है.
पं . दीनदयाल का मानना था कि राजनीति का अंतिम लक्ष्य सशक्त , समरस और स्वाभिमानी राष्ट्र का निर्माण है. उनका विकास मॉडल केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं था , बल्कि उसमें सांस्कृतिक चेतना , सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक संतुलन का समावेश था. वे चाहते थे कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, तभी वह सच्चा विकास कहलाएगा. यही अंत्योदय का भाव है.
वर्तमान भारत और पं . दीनदयाल का चिंतन&amp;nbsp;
हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस विकास पथ पर अग्रसर है , उसके मूल में पं . दीनदयाल का चिंतन है. विरासत से विकास , आत्मनिर्भर भारत , वोकल फॉर लोकल और सबका साथ - सबका विकास , यह सभी एकात्म मानव दर्शन के आधुनिक रूप हैं. प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 , स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित किया जाए. यह संकल्प पं . दीनदयाल के स्वप्निल भारत की ही साकार अभिव्यक्ति है.
मध्यप्रदेश में समरस और समावेशी विकास का प्रयास&amp;nbsp;
मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना को मूर्तरूप देने की दिशा में प्रदेश के प्रत्येक अंचल को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. प्रदेश के हर क्षेत्र की क्षमता , मेधा और दक्षता को अवसर प्रदान करने के लिए जहां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का नवाचार किया गया, वहीं भोपाल में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से स्थानीय उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया. निवेश के लिये हमने यूके , जर्मनी , जापान और दावोस आदि यात्राएं कीं और हैदराबाद , कोयंबटूर सहित मुंबई में रोड-शो के माध्यम से उद्योगपतियों को आमंत्रित किया. यह क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर तक उद्योग को जोड़ने का पहला सशक्त प्रयास है.
मुझे यह बताते हुए संतोष है कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पं . दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को व्यवहार में उतारने का प्रयत्न किया जा रहा है. समरस, संवेदनशील और उत्तरदायी शासन के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं और विकास के लक्ष्य धरातल पर पहुंच रहे हैं. प्रदेश में गरीब कल्याण, किसान कल्याण, युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण को केन्द्र में रखकर 4 मिशन के माध्यम से कार्य किया जा रहा है. इससे समाज के सभी वर्गों के कल्याण का लक्ष्य पूर्ण होगा.
कृषि, किसान और समग्र विकास का आधार&amp;nbsp;
पं . दीनदयाल ने आर्थिक विकास के लिए कृषि , उद्योग , परिवहन , व्यापार समाज , सुरक्षा एवं सेवा का एक स्पष्ट और व्यावहारिक क्रम बताया. इस क्रम में कृषि प्रधान देश भारत में खेती को प्रथम स्थान देने की आवश्यकता व्यक्त की. उनका मानना था यदि देश में कृषि सुदृढ़ होगी , तो किसानों की आय बढ़ेगी , ग्रामीण जीवन में स्थिरता आएगी और उद्योगों को कच्चा माल एवं श्रम दोनों सहज रूप से उपलब्ध होगा. इससे किसान, उपभोक्ता और समाज तीनों का संतुलन बना रहेगा.
पं . दीनदयाल खेती की मजबूती और किसानों की समृद्धि को समग्र विकास का आधार मानते थे. मुझे यह बताते हुए संतोष है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों के स्वाभिमान, सुरक्षित जीवन और आत्मनिर्भरता को केन्द्र में रखकर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है. इसमें आधुनिक तकनीक , उन्नत बीज , सिंचाई , भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा. कृषि आजीविका के साधन के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2025-26 किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है. मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल तथा केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित होगा. प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाया जायेगा.
प्रदेश में अन्न , सरसों और चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जा रही है. इससे अन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी. इन केंद्रों के जरिए फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा. प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पॉवर पम्प दिये जायेंगे. प्रदेश में सिंचाई का रकबा 65 लाख हैक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है.
राष्ट्रधर्म के अमर साधक को कोटिश: वंदन&amp;nbsp;
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्वाभिमानी, स्वावलंबी और विश्व कल्याण में अग्रणी भारत की कल्पना की थी. माननीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. उनका जीवन और दर्शन हम सबको राष्ट्रधर्म के पथ पर निरंतर अग्रसर करता रहेगा. राष्ट्र निर्माण के अमर साधक पं . दीनदयाल की पुण्यतिथि पर पुनः कोटिशः वंदन. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;बीजेपी की भी विदाई तय है...&amp;apos; यूपी बजट 2026 पेश होने से पहले अखिलेश यादव का बड़ा बयान</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब से थोड़ी देर बाद ही योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश होने वाला है. इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर बड़ा बयान दिया है. सपा अध्यक्ष ने इस बजट को प्रदेश में योगी सरकार की विदाई का बजट बताया और कहा कि अब प्रदेश से भाजपा सरकार चली जाएगी.&amp;nbsp;
बजट से पहले अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बजट को लेकर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- &#039;यूपी सरकार के विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है.&#039; वहीं सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने यूपी के बजट को लेकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वहां पर ही कौन सा अर्थशास्त्री मुख्यमंत्री है.&amp;nbsp;
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि जब केंद्र सरकार के बजट पर सबकी निगाहें थी जो झुक गई.. तो वहां (उत्तर प्रदेश) कौन सा अच्छा बजट आएगा? वहां कौन सा अर्थशास्त्री मुख्यमंत्री बैठा हैं. गरीबों के घर तो उजाड़ दिए.. अब बजट किसके लिए लाएंगे?
अवधेश प्रसाद ने भी साधा निशाना
यूपी की फैजाबाद सीट से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी यूपी के बजट से पहले तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस बजट से किसी को क्या उम्मीदें हो सकता है जब पहले ही ये कभी किसी की उम्मीद पर खरे नहीं उतरे. अवधेश प्रसाद ने कहा कि &quot;केंद्र का बजट देख लिया और केंद्र के बजट में यूपी के लिए कुछ नहीं. हमारी अयोध्या के लिए कुछ भी नहीं है. दूरबीन लगाकर देखा जाए तो भी कुछ नहीं होगा.&quot;&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि &quot;प्रदेश के किसानों से, युवाओं से, मजदूरों, दलितों और पिछड़ों से इस बजट का कोई लेना-देना नहीं है. इस बजट से उम्मीद क्या करेंगे, जब इनकी विचारधारा ही नहीं हैं. &amp;nbsp;उम्मीद तो उनसे की जाती है जो उम्मीदों पर खरा उतरा हो.&amp;nbsp;
अब तक ये कभी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, हमारे पीएम ने कहा था कि किसानों का आय दोगुनी होगी. तो अब इनसे क्या उम्मीदें करें, उम्मीद उससे की जाती है जो अपनी बातों, सिद्धांतो और उसूलों पर देश हित में अड़ा रहे.&quot;&amp;nbsp;
Exclusive: यूपी बजट से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का बड़ा बयान, Abp न्यूज को बताया किस बात पर रहेगा जोर ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:29 +0530</pubDate>
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<title>मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा, आगजनी और गोलीबारी के बाद पांच दिन के लिए इंटरनेट सर्विस सस्पेंड</title>
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<description><![CDATA[ मणिपुर के उखरुल जिले में तांगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित हमले को लेकर भड़की हिंसा में मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को सुबह खाली पड़े कुछ मकानों में आग लगा दी गई. इसके साथ इलाके में गोलीबारी भी हुई. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने जिले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया है.
पुलिस के अनुसार, लिटान सारेइखोंग इलाके में हुई गोलीबारी और आगजनी की यह घटना एक दिन पहले सोमवार (9 फरवरी, 2026) को दो तांगखुल नगा संगठनों की ओर से उखरुल और कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय की आवाजाही पर पाबंदी लगाए जाने के बाद सामने हुई.
सुरक्षा बल हालात पर काबू पाने की कर रहे कोशिश- पुलिस अधिकारी
मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, &amp;lsquo;सशस्त्र लोगों ने लिटान सारेइखोंग में खाली पड़े कुछ मकानों में आग लगा दी और गोलीबारी की. स्थिति तनावपूर्ण है और सुरक्षा बल हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि मणिपुर सरकार ने एहतियाती और निवारक उपाय के तहत उखरुल जिले के राजस्व क्षेत्र में ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वी-सैट से चलने वाली इंटरनेट सेवाओं को पांच दिन के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है.
कई ग्रामीणों ने कुकी बहुल इलाकों में शरण ली है- अधिकारी
वहीं, अपने घरों को छोड़कर भाग रहे स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में गोलीबारी रोकने में कथित विफलता को लेकर सुरक्षा बलों पर नाराजगी जताई. सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो क्लिप में पहाड़ी इलाके में घना धुआं फैलता हुआ दिखाई दे रहा है.
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पिछले दो दिन से लिटान सारेइखोंग और आसपास के कुकी बहुल गांवों से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सैकड़ों कुकी और तांगखुल नगा ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कई ग्रामीणों ने कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के मोटबुंग और सैकुल के कुछ हिस्सों में शरण ली है.&amp;rsquo;
मणिपुर के मंत्री ने घटना को लेकर क्या कहा?
वहीं, मणिपुर के मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने सोमवार (9 फरवरी, 2026) को कहा था कि कम से कम 21 मकान जलाए जा चुके हैं और स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है. उन्होंने कहा कि हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
इस बीच, लिटान थाना क्षेत्र के अंतर्गत लामलाई चिंगफेई कुकी गांव में ट्रक खराब हो जाने के कारण फंसे दो चालकों को सोमवार को सुरक्षित निकाल लिया गया. तांगखुल नगा संगठनों कथो लोंग और कथो कातम्नाओ लोंग ने उखरुल और उससे सटे कामजोंग जिले में कुकी समुदाय की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:13 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;कयामत का दिन आएगा, मंदिर&#45;मस्जिद पर बात...&amp;apos;, हिंदू&#45;मुस्लिम नेताओं के रवैये पर मौलाना रजवी का बड़ा बयान</title>
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<description><![CDATA[ ऑल इंडिया जमात के अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने मंदिर-मस्जिद हंगामे पर बयान जारी किया है. मौलाना रजवी ने कहा है कि मंदिर और मस्जिद का मामला खत्म होना चाहिए. अब इस पर बात नहीं होनी चाहिए. अब तो रोजगार और कारोबार पर बात होनी चाहिए.
कयामत का दिन जरूर आएगा: रजवी
मौलाना रजवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कयामत वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कयामत एक दिन जरूर आएगी. भले हजार साल बाद आए, लेकिन कयामत आएगी जरूर.
बाबरी मस्जिद और राम मंदिर पर क्या बोले मौलाना?
मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि आजकल मुस्लिम नेता मस्जिद की बात करते हैं और हिंदू नेता मंदिर की बात करते हैं. बाबरी मस्जिद और राम मंदिर पर बात नहीं होनी चाहिए. अब बुनियादी चीजों पर बात होनी चाहिए. अब वक्त सांप्रदायिक लड़ाई का नहीं बल्कि विकास की लड़ाई का है.
CM योगी ने बाबरी मस्जिद को लेकर दिया था सख्त बयान
योगी आदित्यनाथ ने 10 फरवरी 2026 बाराबंकी में एक सभा में बाबरी ढांचे को लेकर बहुत सख्त बयान दिया. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कयामत के दिन तक भी नहीं होगा, क्योंकि कयामत का दिन कभी आएगा ही नहीं. योगी ने कहा कि जो लोग कयामत का सपना देख रहे हैं, वे देखते-देखते सड़ जाएंगे और उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि हमने वादा किया था कि राम लला आएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे, आज वहां मंदिर बन चुका है.
CM योगी के बयान पर हुमांयू का पलटवार
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद से कहा कि यह लखनऊ या उत्तर प्रदेश नहीं है, यह बंगाल है और यहां ममता बनर्जी का राज है. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के तहत मुसलमान को भी मस्जिद बनाने का पूरा हक है, जैसे दूसरे लोग मंदिर या चर्च बनाते हैं. हुमायूं कबीर ने ऐलान किया कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे गिराए जाने की बरसी पर उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी और अब 11 फरवरी 2026 से निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे करीब 1,200 लोग कुरान पढ़ते हुए काम शुरू करेंगे. हुमायूं ने योगी को चुनौती दी कि अगर रोकना है तो रोककर दिखाएं, लेकिन वे डरते नहीं हैं और कोई दबाव नहीं मानेंगे. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:13 +0530</pubDate>
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<title>दिल्ली में सचिन तेंदुलकर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिया बेटे की शादी का न्योता, अमित शाह&#45;राहुल गांधी संग भी शेयर की तस्वीरें</title>
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<description><![CDATA[ देश के स्टार क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे. इस दौरान सचिन तेंदुलकर ने राष्ट्रपति मुर्मू को अपने बेटे अर्जुन और उनकी मंगेतर सानिया चंडोक की शादी में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया.
परिवार के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले सचिन तेंदुलकर

Last February, Hon&amp;rsquo;ble President Smt. Droupadi Murmu ji graciously hosted us at Rashtrapati Bhavan.We relived some of those cherished memories when we met the President today to invite her to Arjun and Saaniya&amp;rsquo;s wedding. Thank you for your warm wishes, Hon&amp;rsquo;ble President.&amp;hellip; pic.twitter.com/oZA4nZmzfo
&amp;mdash; Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026



सचिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में शेयर किया. सचिन तेंदुलकर ने अपने X पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;पिछले साल फरवरी महीने में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने हमें पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया था. आज जब हमने राष्ट्रपति जी से मुलाकात की और उन्हें अर्जुन और सानिया की शादी का निमंत्रण दिया, तो हमने उन खूबसूरत यादों को एक बार फिर से ताजा किया.&amp;rsquo; अंत में उन्होंने कहा कि आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, राष्ट्रपति.
अमित शाह को दिया बेटे की शादी का न्योता

We cordially invited Hon&amp;rsquo;ble Home Minister Shri @AmitShah ji to Arjun and Saaniya&amp;rsquo;s wedding.Thank you for the warmth extended to our family, we deeply appreciate your kind wishes. pic.twitter.com/IfcNIms6qK
&amp;mdash; Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026



सचिन तेंदुलकर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर उन्हें अर्जुन और सानिया की शादी में आने का न्योता दिया. उन्होंने एक अन्य X पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अर्जुन और सानिया की शादी में आमंत्रित किया है. हमार परिवार के इतने प्यार से स्वागत करने के लिए धन्यवाद, हम आपकी शुभकामनाओं की प्रशंसा करते हैं.&amp;rsquo;
बेटे और होने वाली बहु के साथ राहुल गांधी से मिले सचिन

Our family had the opportunity to meet Shri @RahulGandhi ji and invite him to Arjun-Saaniya&amp;rsquo;s wedding. pic.twitter.com/StdMKtaapq
&amp;mdash; Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026



वहीं, उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें भी शादी का न्योता दिया. उन्होंने X पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;हमारे परिवार को राहुल गांधी जी से मिलने और उन्हें अर्जुन और सानिया के विवाह का निमंत्रण देने का मौका मिला.&amp;rsquo;
सचिन तेंदुलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपने बेटे की शादी का निमंत्रण देने के लिए अपनी पत्नी अंजली तेंदुलकर, बेटे अर्जुन तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और होने वाली बहू सानिया चंडोक के साथ पहुंचे थे.
(रिपोर्ट- आईएएनएस के इनपुट के साथ) ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:12 +0530</pubDate>
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<title>संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनने में भारत का समर्थन करेगा चीन? ड्रैगन के बदले सुर, पहली बार दिया पॉजिटिव सिग्नल</title>
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<description><![CDATA[ भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार (10 फरवरी 2026) को भारत दौरे पर आए चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू के साथ बैठक की. इसमें बॉर्डर पर शांति और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता को लेकर चर्चा हुई. चीन ने स्पष्ट किया कि वह UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की आकांक्षाओं को समझता है और उनका सम्मान करता है.
भारत-चीन संबंधों को स्थिर रखने पर जोर दिया गया
दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए भारत-चीन के संबंधों को स्थिर रखना जरूरी है. चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री 8 से 10 फरवरी तक ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लेने के लिए भारत दौरे पर हैं. इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने का जिक्र किया और इसके विस्तार की उम्मीद जताई.
लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी
दोनों देशों ने एसर सर्विस एग्रीमेंट को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की आश्यकता पर जोर दिया. दोनों देश वीजा सुविधा प्रदान करने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए व्यावहारिक कदम जारी रखने पर सहमत हुए. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों अंतरराष्ट्रीय और इंटरनेशनल सिचुएशन में कॉम्प्लेक्स और बड़े बदलावों को देखते हुए चीन और भारत को राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच बनी जरूरी कॉमन अंडरस्टैंडिंग को सही तरीके से लागू करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.&#039;
धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे भारत-चीन के रिश्ते
गलवान विवाद के बाद से भारत और चीन के बीच हाल के कुछ समय में तनाव कम हुए हैं. दोनों देशों के बीच सेवाएं धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं, जो गलवान विवाद की वजह से पूरी तरह से बंद हो गई थीं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ाकर और संवेदनशील मुद्दों पर चिंताओं को दूर करके संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
ये भी पढ़ें : Exclusive: 2013 में पत्नी के साथ PAK क्यों गए थे गौरव गोगोई? CM हिमंत के आरोपों पर कांग्रेस नेता ने दिया ये जवाब ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:12 +0530</pubDate>
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<title>Weather Update: वेलेंटाइन डे पर आंधी, बिजली और बारिश का ट्रिपल अटैक! दिल्ली&#45;यूपी से लेकर पंजाब हरियाणा तक कैसा रहेगा मौसम?</title>
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<description><![CDATA[ देश के कई हिस्सों में अब ठंड का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है. सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर में तापमान बढ़ने से ठंड कम हो जाती है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि आने वाले दिनों यानी वेलेंटाइन वीक में उत्तर भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग के अनुसार 13 और 16-17 फरवरी को 3 वेस्टन डिर्स्टबेंस एक्टिव होंगे. इनके कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कुछ पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली गिरने की भी आशंका है. 16 फरवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम बदल सकता है. यहां कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
पहाड़ी इलाकों में बनी रहेगी ठंड
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ी इलाकों में ठंड अभी जारी रहेगी. वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों में तापमान थोड़ा बढ़ सकता है. इन राज्यों में फिलहाल बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है, लेकिन सुबह-शाम हल्का कोहरा रह सकता है.
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में 11 से 13 फरवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है. सुबह के समय हल्का कोहरा रह सकता है. अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के आसपास रह सकता है.
उत्तर प्रदेश का हाल
उत्तर प्रदेश में वेस्टन डिर्स्टबेंस का ज्यादा असर नहीं दिखेगा. 11 फरवरी की सुबह हल्का कोहरा रह सकता है. न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. अगले तीन दिनों में तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है. कुल मिलाकर, पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन हल्की ठंड और कोहरा बना रहेगा. कुल मिलाकर, मैदानी इलाकों में जहां ठंड कम हो रही है, वहीं वेस्टन डिर्स्टबेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर बदल सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:11 +0530</pubDate>
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<title>Fighter Jet Mileage: राफेल से लेकर सुखोई तक, हर घंटे कितना पेट्रोल पीते हैं लड़ाकू विमान? जान लेंगे तो पकड़ लेंगे माथा</title>
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<description><![CDATA[ युद्ध के मैदान में फाइटर जेट के मामले में माइलेज का मतलब बिल्कुल अलग होता है. वॉर के समय सबसे ज्यादा जरूरी होती है तेज रफ्तार, ताकत और मिशन की सफलता. यही वजह है कि फाइटर जेट बहुत ज्यादा फ्यूल खर्च करते हैं. फाइटर जेट का माइलेज किलोमीटर प्रति लीटर में नहीं, बल्कि मीटर प्रति लीटर में मापा जाता है. यानी 1 लीटर फ्यूल में ये सिर्फ 200 से 400 मीटर तक ही उड़ पाते हैं. Simple Flying वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक राफेल या F-16 जैसे मध्यम श्रेणी के जेट सामान्य गति पर करीब 300 से 400 मीटर प्रति लीटर का माइलेज देते हैं. यानी 1 किलोमीटर उड़ने में लगभग 2.5 से 3 लीटर ईंधन लग सकता है.
अगर जेट आफ्टरबर्नर मोड में चला जाए तो ईंधन की खपत 3 से 4 गुना तक बढ़ जाती है. इस दौरान माइलेज घटकर 100 मीटर प्रति लीटर या उससे भी कम हो सकता है. आफ्टरबर्नर इंजन को अतिरिक्त ताकत देता है, जिससे जेट बहुत तेज स्पीड पकड़ लेता है.
कौन से जेट ज्यादा ईंधन खर्च करते हैं?
ट्विन इंजन और भारी जेट सबसे ज्यादा फ्यूल खर्च करते हैं. जैसे F-22 Raptor और Su-30 MKI. F-22 एक घंटे में 8,000 से 10,000 लीटर तक फ्यूल जला सकता है. Su-30 MKI भी 7,500 से 9,000 लीटर प्रति घंटा तक खर्च कर सकता है. वहीं हल्के और सिंगल इंजन जेट जैसे Saab Gripen और भारत का LCA Tejas कम ईंधन खर्च करते हैं. इनकी खपत करीब 2,000 से 3,000 लीटर प्रति घंटा के बीच हो सकती है.
ईंधन खपत किन बातों पर निर्भर करती है?
फाइटर जेट कितना ईंधन खर्च करेगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे: जेट की स्पीड, आफ्टरबर्नर का इस्तेमाल, हथियारों और अतिरिक्त टैंक का वजन और उड़ान की ऊंचाई.
हवा में ईंधन भरना क्यों जरूरी है?
फाइटर जेट तेजी से ईंधन खर्च करते हैं, इसलिए लंबी दूरी के मिशन में हवा में ईंधन भरना जरूरी हो जाता है. टैंकर विमान की मदद से जेट उड़ान के दौरान ही ईंधन भर लेते हैं, जिससे वे बिना रुके कई घंटे तक ऑपरेशन कर सकते हैं. कुल मिलाकर, फाइटर जेट का माइलेज भले ही कम हो, लेकिन उनकी ताकत और गति ही उन्हें युद्ध का असली हथियार बनाती है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>लोकसभा के स्पीकर को क्या कभी हटाया गया? कितनी बार अब तक लाया गया प्रस्ताव?</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को सदन के महासचिव को नोटिस सौंपा है. विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK और कई अन्य पार्टियों के करीब 120 सांसदों ने साइन किए हैं. हालांकि, टीएमसी के 28 सांसदों ने अब तक ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर साइन नहीं किया है.
ओम बिरला की तरह पहले भी कई बार लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने की कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन कोई कोशिश कामयाब नहीं हुई. लोकसभा में अब तक लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने का प्रस्ताव कभी पारित नहीं हुआ है.
क्या है संविधान का नियम?
संविधान के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है. इसके बाद सदन में इस पर चर्चा होती है और फिर मतदान कराया जाता है. स्पीकर को हटाने के लिए सदन के कुल सदस्यों के बहुमत की जरूरत होती है.
लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव
लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए अब तक कई बार प्रस्ताव लाए गए हैं, लेकिन एक भी प्रस्ताव सफल नहीं हो सका है. इतिहास में तीन बड़े मामले दर्ज हैं, जिनमें स्पीकर के खिलाफ औपचारिक अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था. सबसे पहला मामला साल 1954 का है. उस समय जी. वी. मावलंकर लोकसभा स्पीकर थे. उनके खिलाफ समाजवादी नेता विग्नेश्वर मिश्रा ने प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन सदन में इसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया. दूसरी बार साल 1966 में सरदार हुकुम सिंह के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया. यह प्रस्ताव समाजवादी नेता मधु लिमये ने पेश किया था. इस पर चर्चा भी हुई, लेकिन अंत में यह प्रस्ताव गिर गया और स्पीकर अपने पद पर बने रहे. तीसरी बार साल 1987 में बलराम जाखड़ के खिलाफ सोमनाथ चटर्जी ने प्रस्ताव पेश किया. यह मामला भी काफी चर्चा में रहा, लेकिन मतदान में इसे जरूरी बहुमत नहीं मिला और प्रस्ताव पारित नहीं हो सका.
लोकसभा में विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस
पीटीआई ने लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस की पहले जांच की जाएगी और नियमों के मुताबिक उस पर आगे कार्रवाई की जाएगी. संविधान के अनुच्छेद 94सी में यह भी प्रावधान है कि सदन की ओर से साधारण बहुमत से पारित प्रस्ताव के जरिए भी अध्यक्ष पद पर आसीन व्यक्ति को हटाया जा सकता है.
संविधान के तहत अध्यक्ष कर सकता है अपना बचाव- आचारी
इस संबंध में लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचारी ने पीटीआई को बताया कि परंपरा के मुताबिक, बहुमत की गणना के लिए सदन के सभी सदस्यों की गिनती की जाती है, न कि उपस्थित और प्रस्ताव के लिए मतदान करने वाले सदस्यों की. उन्होंने यह भी बताया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा जाता है, न कि लोकसभा उपाध्यक्ष या किसी अन्य को.
नोटिस देने के बाद शुरुआती चरण में इस बात की जांच की जाती है कि इसमें क्या विशिष्ट आरोप शामिल हैं. इसमें विशिष्ट आरोप जरूरी हैं, क्योंकि तभी अध्यक्ष जवाब दे सकेंगे. संविधान के अनुच्छेद 96 के तहत अध्यक्ष को अपना बचाव करने का भी अधिकार दिया गया है. इसके अलावा, इस अनुच्छेद 96 के मुताबिक अध्यक्ष को तब तक सदन की अध्यक्षता करने का हक नहीं है, जब तक कि उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में विचाराधीन हो. जिसके बाद सदन के पीठासीन सभापति प्रस्ताव को लोकसभा विचार करने के लिए रखते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;राष्ट्रगान से पहले बजेगा वंदे मातरम, खड़े होना जरूरी, गाना होगा पूरा&amp;apos;, गृह मंत्रालय ने जारी किया बड़ा आदेश</title>
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<description><![CDATA[ वंदे मातरम को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक वंदे मातरम पर भी खड़े होना अनिर्वाय होगा. सिनेमाघरों में वंदे मातरम के लिए खड़े होना जरूरी नहीं होगा, लेकिन सरकारी प्रोग्राम या स्कूलों में 6 छंद वाला पूरा राष्ट्रगीत बजाया जाएगा. सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालय और संवैधानिक निकायों को इसको लेकर नोट जारी किया गया है.
3 मिनट 10 सेकंड के 6 छंद वाले वंदे मातरम को सरकारी प्रोग्राम में बजाने या गाने को अनिवार्य किया गया है. 10 पेज के आदेश में गृह मंत्रालय की ओर से यह भी साफ किया गया है कि अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा, इस दौरान लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा.
मंत्रालय ने जारी किया नोट
मंत्रालय के नोट में उन इवेंट और स्थानों की लिस्ट भी दी गई है, जहां यह गीत बजाया जा सकता है. इस लिस्ट में स्कूल सभाओं को भी शामिल किया गया है. राष्ट्रगीत बजाते समय लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना चाहिए. किसी न्यूज फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रगीत फिल्म के एक भाग में बजाया जाता है तो लोगों को खड़े होना जरूरी नहीं है, इससे राष्ट्रगीत की गरिमा बढ़ाए जाने की जगह अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति बनेगी.
सरकार का यह प्रयास वंदे मातरम को लोकप्रिय बनाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद में तीखी बहस और गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राष्ट्रगीत पर आधारित कई झांकियों का प्रदर्शन देखने को मिला था.
इस आदेश में बड़ी बात यह है कि अभी तक जो वंदे मातरम सार्वजनिक मंचों पर गाया जाता था, उसको अधूरा बताया गया है. यह वह पूरा वंदे मातरम है, जिसमें वह अतिरिक्त लाइन भी शामिल हैं, जो बंकिम चटर्जी ने शुरुआती तौर पर लिखा था. वंदे मातरम पर लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के ऊपर सवाल भी उठाये थे.
सामान्य तौर पर
1. जब कभी राष्ट्रगीत का गायन या वादन हो तब श्रोतागण सावधान होकर खड़े रहें, लेकिन जब न्यूज रील या डॉक्यूमेंट्री के दौरान राष्ट्रगीत फिल्म के अंश के रूप में बजाया जाता है तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती.2. जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए या बजाए जाएं तो राष्ट्रगीत पहले गाया या बजाया जाएगा.
राष्ट्रगीत कहां अनिवार्य?
1- सिविल सम्मान समारोह में.2. औपचारिक राजकीय समारोहों और सरकार द्वारा आयोजित अन्य समारोहों में राष्ट्रपति के आने पर और ऐसे समारोहों से उनके जाते समय.3. आकाशवाणी और दूरदर्शन से राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति के संदेश प्रसारित किए जाने से पहले और बाद में.4. राज्यपाल/उपराज्यपाल के अपने राज्य/संघ शासित क्षेत्र में औपचारिक राजकीय समारोहों में आने पर और ऐसे समारोहों से उनके जाते समय.5. जब राष्ट्रीय झंडे को परेड में लाया जाए.6. किसी भी ऐसे अन्य अवसर पर राष्ट्रगीत बजाया जायेगा, जिसके लिए भारत सरकार ने विशेष आदेश जारी किए हों. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Telangana Municipal Elections: तेलंगाना में 7 नगर निगम और 116 नगर पालिकाओं के लिए मतदान जारी, पोलिंग स्टेशनों पर भारी भीड़</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में आज नगरीय निकायों के लिए मतदान जारी है. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की ओर से आज सुबह 7 बजे शुरू हुई इस मतदान प्रक्रिया में राज्यभर के 7 नगर निगमों (Municipal Corporations) और 116 नगर पालिका समितियों (Municipalities) के मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. यह प्रक्रिया 412 डिवीजनों और 2,569 वार्ड्स में जारी है और शाम 5 बजे तक चलेगी. &amp;nbsp;मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी कतारें हैं.
मतदान के लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है. सुबह 7 बजे ही कई पोलिंग स्टेशनों पर महिलाओं और बुजुर्गों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी. हर वर्ग के लोग, चाहे युवा हों या बुजुर्ग, अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने शहर का भविष्य चुनने निकले हैं. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखा गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके. पोलिंग स्टेशनों की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी खास सुरक्षा मुहैया की गई है.
चुनाव तेलंगाना की राजनीति के लिए काफी अहम
यह चुनाव तेलंगाना की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है. पिछले कुछ समय में निगम और पालिका चुनावों को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच कई मुद्दों पर तकरार भी देखने को मिली थी, लेकिन अंततः लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह चुनाव संपन्न हो रहा है. ये चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक सेमीफाइनल की तरह है, जिससे पार्टियों को जमीनी हकीकत का पता चलता है.
मतदान शाम 5 बजे समाप्त होगा
शाम 5 बजे मतदान समाप्त होगा 13 फरवरी को वोटों की गिनती का दौर शुरू होगा. तेलंगाना की जनता का ये फैसला आने वाले समय में शहरी विकास और प्रशासन की दिशा तय करेगा. हर वोट की अहमियत को देखते हुए अब सबकी निगाहें परिणामों पर टिकी होंगी. जनता को इस बात की उम्मीद है कि आने वाला नेतृत्व उनके लिए अच्छा काम करेगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:09 +0530</pubDate>
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<title>Karnataka News: &amp;apos;धुरंधर&amp;apos; बनने के चक्कर में बुरे फंसे कांग्रेस विधायक के करीबी! बंदूकें लहराते बनाई रील, होगा एक्शन?</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के कलबुर्गी में एक वायरल वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस वीडियो में कांग्रेस विधायक के करीबी मतीन पटेल फिल्म धुरंधर के गाने &amp;ldquo;फाला&amp;rdquo; पर रील बनाते नजर आ रहे हैं. रील में वह पिस्तौल और बंदूक लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे.
वीडियो में मतीन पटेल फिल्मी अंदाज में हथियार दिखा रहे हैं. इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या इस तरह खुलेआम हथियार दिखाना कानून के खिलाफ है. कई लोगों ने इसे गैर जिम्मेदाराना हरकत बताया. कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह के वीडियो से समाज में गलत संदेश जाता है.
कलबुर्गी के पुलिस आयुक्त का बयान
कानून जानकारों का कहना है कि बिना सही अनुमति के हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन भारतीय शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत जांच के दायरे में आ सकता है. हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि हथियार लाइसेंस वाले हैं या नहीं और वीडियो किस जगह और किस हालात में बनाया गया. कलबुर्गी के पुलिस आयुक्त शरणप्पा एस डी ने बताया कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों को यह पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो कहां बनाया गया और मामला किस थाने के क्षेत्र में आता है. इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
कांग्रेस विधायक का करीबी
चूंकि मतीन पटेल को कांग्रेस विधायक का करीबी माना जाता है, इसलिए मामला अब राजनीतिक रूप भी ले रहा है. कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. फिलहाल पुलिस जांच कर रही है. जांच के बाद ही साफ होगा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं.
भारत में गंभीर अपराध
बिना सही कानूनी अनुमति के सार्वजनिक जगह पर हथियार दिखाना भारत में गंभीर अपराध माना जाता है. ऐसा करना आयुध अधिनियम, 1959 (Arms Act, 1959) और संबंधित राज्य कानूनों के तहत अवैध है. इस कानून का मकसद सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना और हथियारों के गलत इस्तेमाल को रोकना है.
कौन-सा कानून लागू होता है?
मुख्य रूप से Arms Act, 1959 और Arms Rules, 2016 लागू होते हैं. इसके अलावा, राज्य सरकारें समय-समय पर धारा 144 या अन्य आदेश जारी कर सकती हैं, जिनके तहत सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाना या दिखाना पूरी तरह प्रतिबंधित हो सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:50:08 +0530</pubDate>
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<title>Maharashtra: मजाक से शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा! मोबाइल को लेकर दोस्तों ने दोस्त को मार डाला</title>
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<description><![CDATA[ Solapur Murder News: महाराष्ट्र के&amp;nbsp;सोलापुर से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां दोस्तों के साथ शराब पी रहे एक युवक की मामूली विवाद में बेरहमी से हत्या कर दी गई. यह घटना अक्कलकोट रोड स्थित समाधान नगर इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है.
यह वारदात सोमवार देर रात करीब 1 बजे वंडरलैंड सिटी के पास राज बीयर शॉप के पीछे हुई. मृतक की पहचान 39 साल के शेकुंबर महबूब नदाफ निवासी समाधान नगर, सोलापुर के रूप में हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शेकुंबर नदाफ श्रीकृष्ण देशमुख और मल्लीनाथ माशाले के साथ शराब पी रहे थे. इस दौरान मजाक-मजाक के दौरान मोबाइल के लेन-देन को लेकर तीनों में विवाद हो गया. शुरू में मामूली रूप का यह विवाद कुछ ही क्षणों में उग्र हो&amp;nbsp; गया.&amp;nbsp;
सिर पर पत्थर मारकर दोस्त को किया खत्म
बता दें कि गुस्से में मल्लीनाथ माशाले ने शेकुंबर नदाफ को थप्पड़ मारा, जबकि श्रीकृष्ण देशमुख ने गाली दी और गुस्से में एक बड़ा पत्थर उठाकर सीधे शेकुंबर के सिर पर मारा. इस मारपीट में शेकुंबर नदाफ मौके पर ही बेहोश हो गए. घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मदद करने की कोशिश करने से पहले ही कुछ देर में उनकी मौत हो गई.
 दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया
घटना की जानकारी मिलते ही एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है. इस मामले में मृतक शेकुंबर नदाफ की पत्नी सायरा मेहबूब शेख की शिकायत पर श्रीकृष्ण देशमुख और मल्लीनाथ माशाले (दोनों निवासी समाधान नगर, अक्कलकोट रोड, सोलापुर) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
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नवी मुंबई में वार्ड बॉय बना फर्जी डॉक्टर, 21 साल की युवती को लगाया गलत इंजेक्शन, हुई मौत ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:52 +0530</pubDate>
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<title>बिहार दौरे पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, बजट सत्र में शामिल होने विधानसभा जाएंगे</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बिहार दौरे का मंगलावर को दूसरा दिन है. जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला पटना दौरा है, जो 20 जनवरी 2026 को पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद शुरू हुआ. नितिन नवीन बिहार विधानसभा पहुंचेंगे और बजट सत्र में शामिल होंगे, यहां बीजेपी विधायक उनका जोरदार स्वागत करेंगे.
नितिन नवीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे अपने विधानसभा क्षेत्र के मंदिरी इलाके पहुंचेंगे और मंदिरी नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी उनके साथ मौजूद रहेंगे. मंदिरी नाले का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके पूरा होने पर इनकम टैक्स गोलंबर से काली मंदिर तक नई सड़क बनेगी. इससे पटना के इस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी.
क्षेत्र के लोगों से करेंगे मुलाकात 
निरीक्षण के बाद नितिन नवीन अपने विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे. जबकि वे आज देर शाम वे दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनसे मुलाकात के लिए पहले से पहुंच चुके हैं.
सोमवार को हुआ था भव्य स्वागत 
सोमवार को पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया था. पटना एयरपोर्ट से बापू सभागार तक रोड शो निकाला गया, जिसमें भारी संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए. बापू सभागार में आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद किया. उन्होंने संगठन को और मजबूत बनाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने और राष्ट्र पहले, स्वयं बाद का संदेश दिया.
समारोह के बाद वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. देर शाम पटना स्थित बीजेपी दफ्तर में कोर ग्रुप की बैठक की, जिसमें संगठन की मजबूती, मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बेगूसराय: पहले पति छोड़ा, फिर देवर से शादी कर दोनों की हत्या! प्रॉपर्टी के लिए महिला की खौफनाक साजिश</title>
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<description><![CDATA[ बेगूसराय जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने शादी, रिश्ते और भरोसे जैसे शब्दों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. कहा जाता है कि शादी सात जन्मों का बंधन होती है, लेकिन यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने पहले दो भाइयों से शादी की और फिर सम्पत्ति हड़पने के लिए दोनों की हत्या करवा दी.
पहले बड़े भाई से शादी, फिर देवर से रचाया ब्याह
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कैथमा वार्ड संख्या 19 का है. परिजनों के अनुसार, सुनीता देवी की शादी साल 2011 में किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में भूषण सिंह से हुई थी. लेकिन शादी के महज एक महीने बाद ही वह भूषण सिंह को छोड़कर चली गई. इसके बाद उसने अपने ही देवर यानी भूषण के छोटे भाई राजू सिंह से कोर्ट मैरिज कर ली और उसके साथ रहने लगी.
परिजनों का आरोप है कि सुनीता देवी ने अपने दूसरे पति राजू सिंह की भी हत्या की साजिश रची. करीब एक साल पहले राजू सिंह को गोली मारी गई थी, हालांकि वह उस हमले में बच गया था.
लेकिन कुछ समय बाद जब वह ठीक होकर घर लौटा, तो कथित तौर पर गला घोंटकर और मुंह पर तकिया रखकर उसकी हत्या कर दी गई. उस वक्त किसी पर शक नहीं जा सका और मामला ठंडे बस्ते में चला गया.
खेत जाते वक्त मारी गई गोली, मौके पर ही मौत
सोमवार शाम भूषण सिंह अपने मवेशियों के लिए खेत में चारा काटने जा रहे थे. इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगते ही भूषण सिंह जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई.
मृतक के परिजनों, खासकर अशोक सिंह और अन्य लोगों ने साफ आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे भूषण सिंह की पहली पत्नी सुनीता देवी ही है. उनका कहना है कि जमीन और अन्य सम्पत्ति हड़पने के लिए उसने पहले राजू सिंह और अब भूषण सिंह की हत्या करवाई है.
परिजनों के मुताबिक, हाल के दिनों में सुनीता देवी ने कुछ जमीन बेच भी दी थी, जिसको लेकर भूषण सिंह से उसका विवाद चल रहा था.
परिजनों का दावा है कि जिस वक्त भूषण सिंह घर से खेत की ओर निकले, उसी समय घर के पास कुछ अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे. जैसे ही भूषण सिंह बाहर निकले, उन पर फायरिंग शुरू कर दी गई. इससे साफ होता है कि हत्या पूरी साजिश के तहत की गई.
घटना की जानकारी मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस पदाधिकारी अरविंद गौतम ने बताया कि कैथमा वार्ड संख्या 19 में एक युवक की गोली मारकर हत्या हुई है. हत्या के कारणों की जांच की जा रही है. परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जांच के बाद खुलेगा पूरा सच
फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है. अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला रिश्तों की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश के रूप में सामने आएगा. पूरे इलाके की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी हुई है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;भौजाई बोलेगी तो देवर का काम है बोलना&amp;apos;, CM नीतीश और राबड़ी देवी के बीच नोकझोंक पर JDU</title>
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<description><![CDATA[ बिहार में बजट सत्र चल रहा है. ऐसे में पक्ष और विपक्ष के नेताओं में सदन के अंदर तीखी बहस भी जारी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच हुई एक नोकझोंक पर मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को जेडीयू के विधायक श्याम रजक ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच देवर-भाभी का संबंध बताते हुए जवाब दिया.
श्याम रजक ने कहा, &quot;देखिए, एक भौजाई हैं और एक देवर&amp;hellip; महीना भी माघ का है, तो देवर-भौजाई के बीच छींटाकशी पर किसी दूसरे को टिप्पणी करना शोभा नहीं देता. चलता है&amp;hellip; अपराध बढ़े नहीं हैं, कुछ घटनाएं हुई हैं, उस पर कंट्रोल किया जा रहा है. भौजाई जब कुछ बोलेगी तो देवर का काम है कुछ बोलना.&quot;
विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट
दूसरी ओर बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विपक्ष मंगलवार को सदन से वॉकआउट कर गया. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तरह से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी संग दुर्व्यवहार किया वह एक महिला का अपमान है. यह माफी योग्य नहीं है. मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी के लिए जिस तरह से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, पहले मुख्यमंत्री को अपना इलाज करना चाहिए. उनको समय पर दवा खानी चाहिए.
भाई वीरेंद्र ने कहा, &quot;जिस तरह से नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं का अपमान कर रहे हैं यह बर्दाश्त नहीं होगा. जिस तरह दोनों सदनों में मुख्यमंत्री ने नेता विरोधी दल के नेताओं के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है और अपमान करने का काम किया है&amp;hellip; अविलंब मुख्यमंत्री जी को सदन में ही माफी मांगनी चाहिए.&quot;
भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि चुनाव से पहले 10000 और चुनाव के बाद हत्या-बलात्कार यह नहीं चलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल (सोमवार) सदन में बिहार की पहली मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपमानित किया. कुछ दिनों पहले एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने की कोशिश कर रहे थे, तो कहीं न कहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है.
यह भी पढ़ें- तेज प्रताप यादव को लेकर मची हलचल के बीच रोहिणी आचार्य का बयान, &#039;जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला&amp;hellip;&#039; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:51 +0530</pubDate>
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<title>नोएडा में बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ 
नोएडा के सेक्टर 16 स्थित बिजली विभाग के दफ्तर में आज सैकड़ों की संख्या में किसान और स्थानीय निवासी पहुंच धरना प्रदर्शन कर रहे है. भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की समस्या को लेकर किया है.प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लाखों परिवार वर्षों से बिजली और पानी की मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, लेकिन बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. पहले भी धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन फिर भी बिजली कनेक्शन नहीं लगे जिसके बाद आज फिर किसानों के नेतृत्व में प्रदर्शन का रहे है.
&#039;बिजली नहीं होने से पानी की सप्लाई हो रही बाधित&#039;
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन न होने से पानी की सप्लाई भी बाधित रहती है, जिससे करीब दो लाख कामगार वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे है. इसलिए किसान यूनियन और स्थानीय निवासी आज सेक्टर 16 बिजली घर का घेराव करने पहुंचे है.
&#039;डूब क्षेत्र के मजदूरों को नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं&#039;
भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डूब क्षेत्र में 2 लाख कामगार मजदूर रहते हैं, उनको मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली हुई हैं. उन तक कम से कम पानी पहुंचाया जाए. जब तक बिजली नहीं जाएगा, पानी कैसे पहुंचेगा? पिछली बार हम लोगों ने एक दिन का धरना दिया था तब चीफ इंजीनियर ने कहा था कि आपको बिजली मिलना चाहिए.
&#039;मांग पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना-प्रदर्शन&#039;
उन्होंने कहा कि एक महीने बीत जाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया, इसलिए आज हम यहां बैठे हैं. जरूरत पड़ेगी तो हमने दिल्ली का भी रास्ता देखा है, लखनऊ का भी रास्ता देखा है. जब तक मांग पूरी नहीं होती, अनिश्चितकालीन धरना बिजली विभाग के दफ्तर पर देते रहेंगे. किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. फिलहाल बिजली विभाग और पुलिस के अधिकारी किसानों को समझाने में जुटी हुई है.
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:50 +0530</pubDate>
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<title>नवी मुंबई में वार्ड बॉय बना फर्जी डॉक्टर, 21 साल की युवती को लगाया गलत इंजेक्शन, हुई मौत</title>
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<description><![CDATA[ नवी मुंबई में फर्जी डॉक्टर की लापरवाही से एक 21 वर्षीय युवती की मौत का मामला सामने आया है. वाशी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी असल में डॉक्टर नहीं, बल्कि एक अस्पताल में काम करने वाला वार्ड बॉय था.
मृतका को अनियमित पीरियड्स की शिकायत थी. इसी समस्या के इलाज के लिए वह आरोपी के पास पहुंची थी. आरोपी संतोष पाष्टे ने खुद को डॉक्टर बताकर युवती का इलाज शुरू किया. परिवार को भरोसा दिलाया गया कि दवा से जल्दी आराम मिल जाएगा.
नस में लगा दिए गलत इंजेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने युवती को एमसेट और डायनापार के इंजेक्शन सीधे नस में लगा दिए. ये इंजेक्शन बिना किसी सही मेडिकल जांच और योग्यता के दिए गए थे. इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद युवती की तबीयत बिगड़ने लगी और शरीर में गंभीर इन्फेक्शन फैल गया.
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
युवती की हालत नाजुक होने पर परिजन उसे तुरंत वाशी स्थित पीकेसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया.
युवती की मौत के बाद परिवार ने वाशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की. जांच में साफ हुआ कि संतोष पाष्टे कोई डॉक्टर नहीं है और उसने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की है.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. वाशी पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी इससे पहले कितने लोगों का इलाज कर चुका है और क्या इस तरह के और मामले सामने आ सकते हैं.
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि फर्जी डॉक्टर और झोलाछाप इलाज कितने खतरनाक हो सकते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इलाज के लिए हमेशा पंजीकृत और योग्य डॉक्टर के पास ही जाएं, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:41 +0530</pubDate>
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<title>3 पत्नियां, धर्म परिवर्तन, पुरानी मौत का राज! गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड केस में नए खुलासे</title>
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<description><![CDATA[ गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में 3 नाबालिग सगी बहनों की मौत का मामला सामने आने के बाद जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. घटना का मामला सामने आया तो पिता के बयान और कमरे की स्थिति के अनुसार इसे ऑनलाइन गेम से जुड़ा मामला बताया जाने लगा.&amp;nbsp;
लेकिन जब पुलिस ने आगे जांच की तो इस घटना में पारिवारिक उलझनें, आर्थिक तंगी और विरोधाभासी बयानों की परतें खुलने लगी. यह घटना इसी हफ्ते गाजियाबाद के भारत सिटी सोसायटी की नौवीं मंजिल पर हुई, जहां तीनों बहनों के गिरने से मौत हो गई. मामले में मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार और उनका पूरा पारिवारिक ढांचा जांच के केंद्र में है.
पिता की 3 पत्नियां खड़े कर रहे अहम सवाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन कुमार भारत सिटी सोसायटी में अपनी 3 पत्नियों के साथ रह रहा था. पहली पत्नी सुजाता से उसे एक बेटी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है. दूसरी पत्नी हीना, जो सुजाता की सगी बहन है, उससे चेतन की दो बेटियां हैं. तीसरी पत्नी टीना है, जिसकी उम्र 22 साल है और उससे चेतन की 3 साल की बेटी है.&amp;nbsp;
ACP शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के मुताबिक तीसरी पत्नी टीना मुस्लिम थी, जिसने 2023 में शादी से पहले अपना धर्म परिवर्तन किया. हालांकि चेतन द्वारा बताए गए शादी के सालों और बच्चों की उम्र में विरोधाभास हैं, जिससे शादी की समयरेखा और संदिग्ध हो गई है.
बयानों में गोलमाल से शक हुआ गहरा!
पुलिस के अनुसार चेतन ने पहले दावा किया था कि उसने सुजाता से 2010 में और हीना से 2013 में शादी की. लेकिन सुजाता की 16 वर्षीय बेटी इस दावे पर सवाल खड़े करती है. इसके अलावा चेतन पहले टीना को पत्नी मानने से इनकार कर चुका है और उसे साली बताया था. पुलिस अब विवाह से जुड़े दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन दोनों पत्नियां अशिक्षित हैं और उन्हें शादी की तारीख या कागजात की कोई जानकारी नहीं है. इससे केस की जांच और जटिल हो गई है.
आर्थिक तंगी और मोबाइल फोन की भूमिका
जांच में सामने आया है कि चेतन कुमार पर भारी कर्ज था और परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. बच्चियों ने कई साल पहले स्कूल जाना छोड़ दिया था. परिवार के सभी सदस्य 3 बेडरूम के फ्लैट में रहते हुए भी एक ही कमरे में सोते थे. पुलिस के मुताबिक तीनों बच्चियां देर रात तक जागती थीं, आपस में बात करती थीं और हमेशा साथ रहती थीं, इसलिए उनके कमरे से बाहर जाने पर किसी को शक नहीं हुआ.
बच्चियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे, जिन्हें चेतन ने कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया. एक फोन 6 महीने पहले और दूसरा घटना से 15 दिन पहले बेचा गया था. पुलिस दोनों मोबाइल फोन के IMEI नंबर के जरिए ट्रैकिंग की कोशिश कर रही है, हालांकि फोन फॉर्मेट होने के कारण डेटा मिलने की संभावना कम है. इसी बीच परिवार से जुड़ी एक पुरानी मौत भी फिर चर्चा में आ गई है.&amp;nbsp;
एक पुरानी मौत का मामला आया सामने!
सुजाता और हीना के पिता विनोद कुमार ने बताया कि करीब छह से सात साल पहले चेतन की बड़ी बेटी के जन्मदिन पर उनकी एक अन्य बेटी चेतन के घर आई थी. उस दौरान कपड़े उतारते समय वह तीसरी मंजिल की बालकनी से गिर गई थी और उसकी मौत हो गई थी. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उस मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी. अब इस पुराने हादसे को भी मौजूदा जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>जालोर में युवक की मौत से उबाल, हत्या के आरोप पर हाईवे जाम, प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान के जालोर जिले के आहोर उपखंड में युवक की संदिग्ध मौत का मामले ने तूल पकड़ लिया, भाद्राजून थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में युवक की संदिग्ध मौत को हत्या बताते हुए परिजन और मीणा समाज के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले हाईवे 325 को जाम किया गया, जहां पुलिस प्रशासन की समझाइश के बावजूद भीड़ सड़क पर डटी रही. इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि धरने के समय भी आरोपी उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर धमकियां दिलवा रहा है, जिससे माहौल और ज्यादा उग्र हो गया.
मोके पर मौजूद भीड़ ने देवीसिंह राजपूत और धमकी देने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ते हुए प्रदर्शन तेज कर दिया. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय की ओर बढ़ गए और वहां घेराव कर धरने पर बैठ गए. दूसरे दिन भी स्थिति पूरी तरह तनावपूर्ण बनी रही/ परिजनों के साथ भारत आदिवासी पार्टी के पिण्डवाड़ा जिलाध्यक्ष छगन मीणा और समाज के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए और फिर से हाईवे 325 जाम कर दिया गया.
पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी जुटे 
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस छगन मीणा को आहोर थाने ले गई, जिसके बाद हाईवे सुचारु कराया गया, लेकिन आक्रोशित लोगों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया, जिसके चलते पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा. इसके बाद एक बार फिर प्रदर्शनकारियों ने उपखंड कार्यालय का घेराव कर लिया. सूचना पर भाद्राजून नायब तहसीलदार रमेश कुमार, आहोर नायब तहसीलदार मनीष जिनगर और तहसीलदार लधाराम पवार मौके पर पहुंचे और समझाइश की, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे.
पोस्टमार्टम को हुए परिजन सहमत 
पुलिस का प्रशासन के अधिकारियों की ओर से लगातार समाज के लोगों और परिजनों से समझाइश की गई, पुलिस व प्रशासन और प्रदर्शनकारियो के बीच हुई अलग-अलग वार्ता के काफी देर बाद पोस्टमार्टम के लिए सहमति जताई, लेकिन देर शाम होने की वजह से मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाने के लिए परिजन तैयार हुए. फिलहाल मौके पर एएसपी मोटाराम, डीएसपी आहोर दशरथसिंह,भाद्राजून थानाधिकारी लालाराम और आहोर थाना प्रभारी नरपत सिंह सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा. पुलिस के अनुसार भाद्राजून पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर घटना के दिन ही मामला दर्ज कर लिया था और अब युवक की मौत को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
जांच कर की जाएगी कार्रवाई 
प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. भाद्राजून थाना अधिकारी लालाराम ने बताया कि लगातार हुई वार्ता के बाद पोस्टमार्टम के लिए सहमति जताई है, लेकिन देर शाम होने की वजह से मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी उन्होंने बताया पुलिस की ओर से मामला दर्ज किया जा चुका है और मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया जा चुका है. पूरे मामले को लेकर जांच और कार्रवाई जारी. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;लक्ष्य पर ध्यान और कड़ी मेहनत&amp;apos;&#45; CM मोहन ने स्टूडेंट्स को दिए पढ़ाई के मंत्र, परीक्षा पर खुलकर की बात</title>
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<description><![CDATA[ Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्&amp;zwj;यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 फरवरी को अलग ही अंदाज में नजर आए. उन्होंने साइकोलोजिस्ट की तरह पहले तो विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, फिर उसके बाद उनसे खुलकर बात की. सीम डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की शंकाओं का भी समाधान किया. उन्होंने बच्चों को परीक्षा के दौरान लक्ष्य पर ध्यान और कड़ी मेहनत करने सहित कई मंत्र दिए. इस दौरान उन्होंने बच्चों से कहा कि मुझे बीते शन&amp;zwj;िवार को आना था, लेक&amp;zwj;िन व्यस्तता के चलते नहीं आ पाया. आज मैं अपना वादा न&amp;zwj;िभाने आया हूं. मैं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का गार्जियन बनकर आया हूं. इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा की शुभकामनाएं दी.&amp;nbsp;
गौरतलब है कि स्&amp;zwj;कूल शिक्षा व&amp;zwj;िभाग ने सोमवार को शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में परीक्षा पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली तरह-तरह की शंकाओं और उनके समाधान पर चर्चा की. इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों से संवाद किया. उन्होंने स्टूडेंट्स के कई सवालों के जवाब दिए, समाधान किया. उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन की कसौटी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की पहचान है. उन्होंने स्टूडेंट्स को तनाव से मुक्त रहकर, सकारात्मक सोच और सही समय प्रबंधन के साथ परीक्षा देने के व्यावहारिक सुझाव दिए.&amp;nbsp;एकाग्रचित्त होकर करें पढ़ाई, च&amp;zwj;िंतन मनन भी करें
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव न लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई करें. वे चिंतन-मनन को भी अपने अध्ययन का हिस्सा बनाएं. उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल मूल्यांकन का माध्यम है, इसे भय का कारण न बनाएं. उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से न घबराने का संदेश दिया. सीएम डॉ. यादव ने कहा कि यदि पहली बार सफलता न मिले, तो दूसरी बार और अधिक आत्मविश्वास के साथ प्रयास करें. सफलता निरंतर प्रयास से ही प्राप्त होती है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जो भी काम करें उसे पूरे मन और समर्पण के साथ करें.&amp;nbsp;
मेहनत के लिए किया प्रेरित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं. उनकी कार्यशैली, अनुशासन और दूरदर्शिता से हम सभी को सीख लेने की आवश्यकता है. संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि वे डॉक्&amp;zwj;टर, इंजीन&amp;zwj;ियर, वकील, श&amp;zwj;िक्षक और राजनेता बनना चाहते हैं. इस पर मुख्&amp;zwj;यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे कहा कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें.&amp;nbsp;
परीक्षा को तनाव के रूप ने नहीं उत्&amp;zwj;सव के रूप में मनाएं
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही बच्चे तनाव में आ जाते हैं. जैसे-जैसे परीक्षाएं नज़दीक आती हैं, बच्चों में चिंता और दबाव स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगता है. ऐसे समय में परीक्षा को तनाव नहीं, बल्कि एक उत्सव और अवसर के रूप में देखना चाह&amp;zwj;िए.
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देनी चाह&amp;zwj;िए. इसी उद्देश्य से यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर साल &amp;ldquo;परीक्षा पर चर्चा&amp;rdquo; कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. इसके माध्यम से देशभर के विद्यार्थी सीधे प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं. परीक्षा पर संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कई तरह के सवाल पूछे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली: CM रेखा ने GB पंत में अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं का किया उद्घाटन, जानें क्या है खास</title>
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<description><![CDATA[ Delhi News: दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को गोविंद बल्लभ में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने वहां 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर, नई कैथ लैब तथा अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित किया गया. मुख्यमंत्री का कहना है कि इन सुविधाओं से न केवल दिल्ली के नागरिकों को, बल्कि अन्य राज्यों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
इस कार्यक्रम में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि राजधानी के सरकारी अस्पतालों में इस स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें स्थापित की जा रही हैं. सरकार का निरंतर प्रयास है कि दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र को विश्वस्तरीय बनाया जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध इलाज की गुणवत्ता किसी भी निजी अस्पताल से कम न हो.
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जीबी पंत अस्पताल में स्थापित 256-स्लाइस सीटी स्कैनर अपनी श्रेणी का अत्यंत आधुनिक उपकरण है और उत्तर भारत में यह पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसे किसी सरकारी अस्पताल में स्थापित किया गया है. यह मशीन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और एंजियोग्राफी से जुड़ी बीमारियों की त्वरित और सटीक पहचान में सहायक सिद्ध होगी तथा कई मामलों में जीवन रक्षक की भूमिका निभाएगी.
न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पंत अस्पताल में फिलिप्स की अत्याधुनिक एंजियोरियन मोनोप्लेन न्यूरो कैथ लैब की स्थापना की गई है. &amp;nbsp;जिससे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज को काफी हद तक डॉक्टर्स को मदद मिलेगी. उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल के पुराने न्यूरो आईसीयू को पूरी तरह से नवीनीकृत कर 16-बेड का आधुनिक न्यूरो आईसीयू विकसित किया गया है, जहां 24 घंटे गहन निगरानी और विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी&amp;nbsp; के देश को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के विज़न के अनुरूप दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि राजधानी दिल्ली भी एक प्रमुख हेल्थ हब के रूप में उभरे, जहां देश और दुनिया से लोग इलाज के लिए आएं. उन्होंने कहा कि यह उद्घाटन दिल्ली सरकार की उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत राजधानी में उन्नत, सुलभ और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है.&amp;nbsp;
स्वास्थ्य मंत्री का बयान&amp;nbsp;
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जीबी पंत अस्पताल में 256-स्लाइस सीटी स्कैनर, न्यूरो कैथ लैब और अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू की शुरुआत दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देती है. उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से अब दिल्ली के नागरिकों को न्यूरो और डायग्नोस्टिक उपचार के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर सुलभ इलाज मिल सकेगा.
उन्होंने बताया कि न्यूरो आईसीयू को नवीनतम तकनीक से अपग्रेड किया गया है और नया कैथ लैब शुरू किया गया है, जिससे स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर और अन्य जटिल न्यूरो समस्याओं का त्वरित इलाज संभव हो पाएगा. यह सुविधाएं विशेष रूप से गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगी. उन्होंने दोहराया कि आधुनिक तकनीक और समय पर उपचार ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि हर मरीज को नई तकनीक पर आधारित बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके.
ये हैं इन मशीनों की विशेषताएं&amp;nbsp;

स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर: करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर उत्तर भारत का पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसमें &amp;ldquo;ऑलवेज-ऑन&amp;rdquo; स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक उपलब्ध है. इस तकनीक की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट और सटीक जांच कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगी. इससे हृदय रोग, कैंसर, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों, स्ट्रोक और एंजियोग्राफी जैसी जटिल जांचों में तेज़ और सही निदान हो पाएगा. साथ ही, इसमें रेडिएशन की मात्रा भी कम रखी गई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतर होगी.
न्यूरो कैथ लैब: अस्पताल में 9 करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो कैथ लैब भी शुरू की गई है. इस लैब में स्ट्रोक के इलाज, ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और अन्य गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के लिए उन्नत &amp;nbsp;उपचार संभव हो सकेंगे. इस लैब के माध्यम से प्रति वर्ष 1,200 से अधिक मरीजों को उन्नत और समयबद्ध इलाज का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में मृत्यु और विकलांगता के जोखिम को कम किया जा सकेगा.&amp;nbsp;
आधुनिक न्यूरो आईसीयू: करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया गया है. यह न्यूरो आईसीयू उन्नत रोगी निगरानी प्रणालियों, विशेष ऑपरेटिव सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ से युक्त है, जिससे गंभीर न्यूरो-क्रिटिकल एवं पोस्ट-ऑपरेटिव मरीजों को समग्र और सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी.
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Punjab: ‘ऑपरेशन प्रहार&#45;2’ से अपराधियों में हड़कंप, CM मान के नेतृत्व में 72 घंटे का महाअभियान शुरू</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अपराध, गैंगस्टरवाद और नशे के लिए अब इस राज्य में कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू हुआ ऑपरेशन प्रहार-2 केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है जो पिछले चार सालों में पंजाब की कानून व्यवस्था की पहचान बन चुकी है.
72 घंटे के इस विशेष महाअभियान में पंजाब पुलिस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है. डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी, नाकाबंदी और धरपकड़ चल रही है. पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान खुद इस ऑपरेशन निगरानी कर रहे हैं. वहीं, सीएम भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी खुद जिलों की निगरानी कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि सरकार इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है. हाई-टेक नाके, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और किसी भी घटना के बाद पूरे इलाके को सील करने की रणनीति ने अपराधियों के लिए हर रास्ता बंद कर दिया है.
इससे पहले जनवरी में चले पहले ऑपरेशन प्रहार ने पंजाब की कानून व्यवस्था की दिशा बदल दी थी. 72 घंटे के उस अभियान में 3,256 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, 69 अवैध हथियार बरामद किए गए थे और पटियाला व फाजिल्का में गैंगस्टरों के साथ एनकाउंटर तक हुए थे. पहले ही दिन 1,314 और दूसरे दिन 1,186 गैंगस्टर और उनके सहयोगी पकड़े गए थे. उस समय 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 से ज्यादा टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं, जो अपने आप में पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा समन्वित पुलिस ऑपरेशन माना गया.
प्रहार-टू: अपराध पर प्रिवेंशन नीति- सीएम मान
प्रहार-टू इन आंकड़ों से भी आगे जाता दिख रहा है. सिर्फ पिछले 20 दिनों में पूरे पंजाब में 17,603 छापेमारी की गईं, 5,290 गैंगस्टर और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, 128 हथियार बरामद हुए और 344 घोषित भगोड़े अपराधियों को पकड़ा गया. इसके अलावा 2,973 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से कमजोर किया जा सके. यह डेटा बताता है कि मान सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर &amp;ldquo;रिएक्शन&amp;rdquo; नहीं, बल्कि &amp;ldquo;प्रिवेंशन&amp;rdquo; की नीति अपनाई है.
गैंगस्टरों के साथ-साथ नशा माफिया पर भी मान सरकार का एक्शन लगातार जारी है. &amp;lsquo;युद्ध नशियां विरुद्ध&amp;rsquo; अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 48,167 नशा तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इस दौरान 2,149 किलो हेरोइन बरामद की गई है और 15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई है. 33,779 एफआईआर दर्ज होना यह दिखाता है कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि ज़मीनी कार्रवाई पर भरोसा कर रही है.
मार्च 2025 से अब तक हजारों नशा तस्करों की गिरफ्तारी, टन के हिसाब से हेरोइन की बरामदगी और करोड़ों की ड्रग मनी जब्ती ने उस तंत्र को तोड़ा है, जो दशकों तक पंजाब की युवाओं की पीढ़ियों को बर्बाद करता रहा. यह वही तंत्र था जिसे कांग्रेस और अकाली-बीजेपी गठबंधन सरकारों के दौर में राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा और आम आदमी उसकी कीमत चुकाता रहा.
आज फर्क साफ दिखाई देता है. जिस पंजाब को पहले अपराध और नशे से जोड़कर देखा जाता था, वही पंजाब अब सख्त कानून व्यवस्था का उदाहरण बन रहा है. आंकड़े बताते हैं कि कुल अपराध दर में हरियाणा की स्थिति पंजाब से करीब तीन गुना ज्यादा खराब है. यह अंतर किसी संयोग से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, ईमानदार नेतृत्व और ज़ीरो टॉलरेंस अप्रोच से पैदा हुआ है.
अपराध पर सख्ती, जनता को सुरक्षा- सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का संदेश बिल्कुल साफ है, किसी भी मां का बेटा नशे या गैंगस्टरवाद की भेंट नहीं चढ़ेगा. यही वजह है कि आज पंजाब में अपराधियों में डर है और आम लोगों में भरोसा. सरकार ने जनता से भी अपील की है कि वे हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुप्त रूप से जानकारी दें, ताकि इस जंग में समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके.
ऑपरेशन प्रहार-2 यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब सिर्फ दावों से नहीं, बल्कि मजबूत कानून व्यवस्था, सख्त कार्रवाई और सुरक्षित भविष्य की ठोस नींव से आगे बढ़ रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली के प्रदूषण पर बड़ा वार! CM रेखा ने लॉन्च किए 6 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन, 100 वायु रक्षक तैनात</title>
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<description><![CDATA[ Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री &amp;nbsp;रेखा गुप्ता ने राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए सोमवार को 6 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations, CAAQMS) और 100 &amp;lsquo;वायु रक्षक&amp;rsquo; पहल का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई केवल सर्दियों की नहीं, बल्कि पूरे साल चलने वाला अभियान है और दिल्ली सरकार इसके लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है.&amp;nbsp;
दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री &amp;nbsp;मनजिंदर सिंह सिरसा व पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने निगरानी स्टेशनों का ऑनलाइन उद्धाटन किया और &amp;lsquo;वायु रक्षक&amp;rsquo; को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में पिछली सरकार की घोर लापरवाही के चलते वायु प्रदूषण लगातार गंभीर बन गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए उनकी सरकार लगातार गंभीर व प्रभावी कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर काम करना सिर्फ तीन-चार महीनों की जिम्मेदारी नहीं है. यह 365 दिन का विषय है. दिल्ली सरकार अपने संकल्प को आज फिर दोहरा रही है कि राजधानी को साफ, स्वच्छ और सांस लेने योग्य हवा देना हमारा कर्तव्य है.
डेटा पारदर्शिता और नीति निर्माण पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एयर क्वालिटी डेटा पूरी तरह पारदर्शी होता है जिसे किसी भी स्तर पर बदला नहीं जा सकता. उन्होंने जानकारी दी कि पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे और अन्य पैरामीटर्स का डेटा हर 5 मिनट में ऑनलाइन अपडेट होता है. यह डेटा सार्वजनिक है, छुपाया नहीं जा सकता. हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ पालिसी बनाने में विश्वास करती है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशनआज देश में लगभग 4000 ईवी बसों का सबसे बड़ा बेड़ा रखती है और 2028 तक 14,000 क्लीन फ्यूल बसों को दिल्ली में लाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही कूड़े के पहाड़ को खत्म करने, वेस्ट टू एनर्जी, मिस्ट स्प्रे, लिटर पिकर, मैकेनिकल रोड स्वीपर, एंटी स्मोग और ग्रीन कवर का विस्तार जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं.
इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री &amp;nbsp;मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मॉनिटरिंग जितनी जरूरी है, इंफ़ोर्समेंट उतना ही जरूरी है. वायु रक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लागू हों. उन्होंने बताया कि 2024 में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) में 233 पद रिक्त थे, जिनमें से 157 पद केवल 11 महीनों में भर दिए गए, जो पिछली 10 वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना है.
उन्होंने कहा कि 1985 से दिल्ली की हवा देश स्तर का मुद्दा है. दिल्ली में 15 साल कांग्रेस और 10 साल आम आदमी पार्टी ने शासन किया, लेकिन किसी ने स्थायी समाधान नहीं निकाला. आज पहली बार पोल्युशन के सोर्स पर काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदूषण को केवल एक सेक्टर से नहीं, बल्कि वाहन, सड़क निर्माण, धूल नियंत्रण और पौधारोपण, सभी मोर्चों पर एकसाथ नियंत्रित किया जा रहा है.
एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क का प्रभावी विस्तार
राजधानी में 6 नए सीएएक्यूएमएस जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं. इनके जुड़ने से दिल्ली में अब कुल 46 सीएएक्यूएमएस स्थापित हो चुके हैं, जो देश के किसी भी शहर से अधिक हैं. इन 46 स्टेशनों में से 30 दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), 10 भारत मौसम विज्ञान विभाग/आईआईटीएम, और 6 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. आने वाले समय में 14 और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.
&amp;lsquo;वायु रक्षक&amp;rsquo;: मॉनिटरिंग के साथ-साथ इंफ़ोर्समेंट
कार्यक्रम में 100 &amp;lsquo;वायु रक्षक&amp;rsquo; की तैनाती की भी औपचारिक शुरुआत की गई, जो डीपीसीसी के साथ मिलकर ज़मीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे. इसके अतिरिक्त 600 वायु रक्षक दिल्ली पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी कर रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:38 +0530</pubDate>
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<title>ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर क्या होगा सपा का रुख? रामगोपाल यादव ने किया खुलासा</title>
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<description><![CDATA[ संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी के बीच सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. जिस पर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि अगर विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो सपा का क्या स्टैंड होगा.&amp;nbsp;
अविश्वास प्रस्ताव पर सपा का रुख़
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर विपक्षी दलों के द्वारा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो सपा की इसका सदन में समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का साथ देगी.&amp;nbsp;
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान
वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का इस बयान आया है. उन्होंने कहा कि &quot;भारत के संविधान में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है पर वो एक अंतिम विकल्प के रूप में हो सकता है. मैं यहीं कह सकता हूं कि हमारा भरपूर प्रयास होगा कि ऐसी स्थिति कभी भी नहीं आए लेकिन, जब आएगा तो हम निश्चित रूप से सबसे पहले मीडिया के सामने आएंगे और बताएंगे. लेकिन ये हमारा अंतिम विकल्प होगा.&amp;nbsp;
बीजेपी सांसदों के लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र पर कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तो भारत के गाँव और शहरों के बच्चे हंस रहे हैं कि 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री तीन महिला सांसदों के वेल में आने से डर गए, घबरा गए.. डर उनको महिलाओं से नहीं थी &#039;ट्रंप पापा&#039; से था. वो क्या बोलेंगे भारत अमेरिका डील पर..पूरी ही समर्पण कर दिया है.&amp;nbsp;
ओम बिरला के व्यवहार पर उठाए सवाल
कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी ओम बिरला के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि जिस तरह से ओम बिरला व्यवहार कर रहे हैं वो आश्चर्य चकित करने वाला है, वो लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को कमजोर करने वाला है. लगातार उनका व्यवहार प्रतिपक्ष के प्रति सौतेला रहता है. प्रतिपक्ष के सांसदों को बोलने नहीं देते. ये लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है कि अगर सदन की चेयर ही अपने बच्चों से सौतेला व्यवहार करेगी तो सदन कैसे चलेगा.&amp;nbsp;
बता दें कि लोकसभा में सत्ता पक्ष और विरोधी दलों की बीच गतिरोध बना हुआ है. कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया है कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाएगा तब तक कांग्रेस सांसद सदन की कार्रवाई वहीं चलने देंगे. वहीं सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दल स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की तैयारी में हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:38 +0530</pubDate>
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<title>तेज प्रताप यादव को लेकर मची हलचल के बीच रोहिणी आचार्य का बयान, &amp;apos;जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है कि वे पिता बन गए हैं. अनुष्का यादव (Anushka Yadav) ने पटना के एक अस्पताल में बेटी को जन्म दिया है. हालांकि जैसे ही यह खबर आई तो तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे झूठा करार दिया. यह भी कहा कि उनका अनुष्का यादव से कोई रिश्ता नहीं है. इस बीच तेज प्रताप यादव की बहन रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है जिसे इस पूरे प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है.
&#039;टीका-टिप्पणी वही करते हैं जो निठल्ले होते हैं&#039;
हालांकि अपने पोस्ट में कहीं भी रोहिणी आचार्य ने तेज प्रताप का जिक्र नहीं किया है. सोमवार (09 फरवरी, 2026) की रात एक्स पर शेयर किए गए अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य लिखती हैं, &quot;किसी की निजी जिंदगी में ताका-झांकी, किसी के निजी मामलों पर टीका-टिप्पणी वही करते हैं जो निठल्ले होते हैं या फिर जिनकी खुद की फितरत व नीयत गंदी होती है.&quot;&amp;nbsp;

किसी की निजी जिंदगी में ताका - झांकी , किसी के निजी मामलों पर टीका - टिप्पणी वही करते हैं , जो निट्ठले होते हैं या फिर जिनकी खुद की फितरत व् नियत गंदी होती है .. बिना फीस के वकील बने बैठे भौंकने वाली बेचैन आत्माओं ... जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला है , उसे खुद या उसके परिवार को&amp;hellip;
&amp;mdash; Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) February 9, 2026



उन्होंने आगे लिखा, &quot;बिना फीस के वकील बने बैठे भौंकने वाली बेचैन आत्माओं... जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला है, उसे खुद या उसके परिवार को समझने-संभालने दो... नाहक परेशान मत हो, तुम जैसों की दिखावे की परेशानी का मतलब और मकसद सब समझते हैं...&quot;
सीएम नीतीश कुमार को रोहिणी आचार्य ने घेरा
बता दें कि परिवार पर जब भी बात आती है तो रोहिणी आचार्य खुलकर बोलती हैं. अभी हाल ही में जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में राबड़ी देवी को लेकर यह कह दिया था कि, &#039;लड़की हो&amp;hellip;&#039;, इस बीच रोहिणी ने ट्वीट कर लिखा था, &quot;माननीय मुख्यमंत्री जी की आदत बन चुकी है &quot;संसदीय भाषाई मर्यादा लांघने की&quot;. दर्जनों दफा मुख्यमंत्री जी ने सदन में और सार्वजनिक मंचों पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग, विशेषकर महिलाओं के संदर्भ में, किया है... जब तर्क और तथ्यों का टोंटा पड़ जाता है तभी भाषा की सीमा लांघ कर व्यक्ति अपनी खीज, अपने वैचारिक खोखलेपन का इजहार करता है.&quot;
आगे कहती हैं, &quot;वैसे भी मुख्यमंत्री जी के पिछले कुछ वर्षों के बयानों-वक्तव्यों पर गौर करने से ये स्पष्ट होता है कि वो महिलाओं के प्रति मानसिक-वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं और उनके द्वारा महिला सम्मान को लेकर कही जाने वाली बातें महज राजनीतिक व चुनावी दिखावा हैं...&quot;
यह भी पढ़ें- 5 &#039;जयचंद&#039; कौन जिन पर तेज प्रताप ने लगाए आरोप? कोई राबड़ी देवी का &#039;भाई&#039;, कोई तेजस्वी का &#039;सगा&#039; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:37 +0530</pubDate>
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<title>मथुरा में सामूहिक सुसाइड! परिवार के 5 लोगों ने साथ दी जान, 3 मासूमों के साथ माता&#45;पिता ने खाया जहर</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के पांच लोगों ने एक साथ आत्महत्या कर ली. घर में मौजूद पति-पत्नी और तीनों बच्चों ने जहर खाकर अपनी जान दे दी है. पांचों के शव घर के अंदर से मिले.&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि किसी बात से परेशान पति-पत्नी ने पहले अपने बच्चों को जहर दिया और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली. इस घटना की जानकारी मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में मातम पसर गया है. सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थ पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई है.&amp;nbsp;
आत्महत्या की वजह पता लगाने में जुटी पुलिस
मामला थाना महावन इलाके के गांव खप्परपुर का है. पति-पत्नी ने मिलकर ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका पता अब तक नहीं चल सका है. फिलहाल, पुलिस परिवालवालों और गांव वालों से पूछताछ कर मामले को समझने की कोशिश कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृतक परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था या जान देने की कोई और वजह थी.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बजट सत्र 2026: TMC सांसद समीरुल इस्लाम ने नागरिक आय को लेकर संसद में पूछा सवाल, जानें सरकार ने क्या कहा?</title>
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<description><![CDATA[ संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के सांसद भी कई मुद्दों को लेकर लगातार केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. जिसका सरकार की ओर से आंकड़ों सहित जवाब दिया जा रहा है. इसी कड़ी में सोमवार (9 फरवरी, 2026) को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद समीरुल इस्लाम ने भी केंद्र सरकार से नागरिकों के आय से संबंधित कई सवाल किए.
टीएमसी सांसद के सवाल का केंद्र सरकार की ओर से सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्&amp;zwj;वयन मंत्रालय में केंद्रीय राज्&amp;zwj;य मंत्री (स्&amp;zwj;वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय में केंद्रीय राज्&amp;zwj;य मंत्री (स्&amp;zwj;वतंत्र प्रभार) और संस्&amp;zwj;कृति मंत्रालय केंद्रीय राज्&amp;zwj;य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया.
TMC सांसद ने सरकार से क्या पूछा सवाल?
राज्यसभा में TMC सांसद समीरुल इस्लाम ने पूछा कि क्या योजना मंत्री यह बताएंगे कि क्या यह तथ्य है कि जनसंख्या के शीर्ष 1 प्रतिशत वर्ग की औसत आय निचले 50 प्रतिशत वर्ग की तुलना में लगभग 150 गुना है? इसके साथ ही, क्या यह भी तथ्य है कि जनसंख्या के शीर्ष 10 प्रतिशत को कुल आय का 57.75 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है, जबकि निचले 50 प्रतिशत जनसंख्या को केवल 15 प्रतिशत आय का हिस्सा मिलता है?
केंद्रीय मंत्री ने टीएमसी सांसद के सवाल का दिया जवाब
सदन में टीएमसी सांसद समीरुल इस्लाम के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत में आय के वर्ग-वार वितरण से संबंधित आंकड़ों का केंद्रीय स्तर पर संकलन नहीं किया जाता है. फिर भी, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से इकट्ठा किए गए घरेलू उपभोग व्यय आंकड़ों का इस्तेमाल उपभोग व्यय के आधार पर आर्थिक असमानता को मापने के लिए एक संकेतक (प्रॉक्सी) के रूप में किया जा सकता है.
मंत्री ने जानकारी दी कि नए घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (2023-24) के अनुसार, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आय असमानता में कमी आई है. ग्रामीण क्षेत्रों में गिनी गुणांक 2022-23 के 0.266 से घटकर 0.237 हो गया है और शहरी क्षेत्रों में यह 0.314 से घटकर 0.284 हो गया है.
उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक प्रवृत्ति विश्व बैंक के आकलन (इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ, अप्रैल 2025) रिपोर्ट से भी पुष्ट होती है. इसके अनुसार, भारत का गिनी सूचकांक 25.5 है, जबकि 2011-12 में यह 28.8 था, जिससे भारत आय समानता के मामले में वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;ओवन&amp;apos; बनी स्पाइसजेट की फ्लाइट! बिना AC के 90 मिनट तक रहे कैद, एयरलाइन ने क्या दी सफाई?</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई से गोवा जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट को लेकर अफरा-तफरी मच गई. यहां कंपनी ने बिना एसी के यात्रियों को 90 मिनट से ज्यादा समय तक विमान के अंदर रखा. इससे गुस्साए यात्रियों ने सोशल मीडिया पर कंपनी को जमकर ट्रोल किया और इसे मेटल ओवन करार दिया. साथ ही अब इस मामले में लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.&amp;nbsp;
कंपनी ने पूरे मामले में दी सफाई
एयरलाइन की तरफ से बयान सामने आया है. कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि 9 फरवरी 2026 को गोवा से मुंबई जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG 1082 अपने तय समय पर डिपार्चर के लिए तैयार थी. हालांकि, मुंबई एयरपोर्ट पर ट्रैफिक की वजह से विमान उड़ान नहीं भर सका. एसी पूरे समय चालू रहा. हालांकि, मुंबई के गर्म और उमस भरे मौसम के कारण कुछ यात्रियों को परेशानी हो सकती है. यात्रियों की सुरक्षा और आराम हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यात्रियों की हुई असुविधा के लिए हमें खेद है.&amp;nbsp;
उद्धव गुट के नेता ने सोशल मीडिया पर उठाया था मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब उद्धव गुट के नेता अंबादास दानवे ने एक्स पर लिखा था कि सांस घुट रही है. अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने पोस्ट कंपनी को टैग करते हुए लिखा कि flyspicejet की तरफ से बिल्कुल घटिया प्रोफेशनलिज्म. फ्लाइट SG1082 के यात्री 90 मिनट से ज्यादा समय से बिना एयर कंडीशन के विमान में फंसे हुए हैं. यह एक मेटल ओवन है. फ्लाइट नहीं. अगर किसी यात्री को गर्मी से जुड़ी कोई स्वास्थ्य समस्या होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

Absolutely pathetic &quot;professionalism&quot; from @flyspicejet. Passengers on flight SG1082 (BOM-GOX) have been stuck on the aircraft for 90+ mins with NO AIR CONDITIONING.​This is a metal oven, not a flight. If a passenger suffers a heat-related health crisis, who is taking&amp;hellip; pic.twitter.com/8IymobDwd5
&amp;mdash; Ambadas Danve (@iambadasdanve) February 9, 2026



उन्होंने आगे लिखा कि अब सिर्फ देखने का समय नहीं है. सुरक्षा के इस खुलेआम उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. इसके अलावा उन्होंने एयरपोर्ट के ऑफिशियल हैंडल पर भी टैग किया. साथ ही अपने पोस्ट में एक वीडियो भी टैग किया था.&amp;nbsp;
यात्रियों ने की सरकार से कानूनी एक्शन लेने की मांग
इधर, यात्री भी गुस्से में नजर आए. उन्होंने सरकार से कानूनी एक्शन लेने की मांग की है. यह घटना ऐसे समय हुई है, जब DGCA यात्रियों की सुविधाओं को लेकर सख्त नियम बनाने का दावा करता है. ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं.&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>शहबाज शरीफ ने टेके घुटने! टी20 वर्ल्डकप में भारत संग मैच खेलेगा पाकिस्तान, पाक PM ने कहा &#45; YES</title>
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<description><![CDATA[ IND vs PAK: आईसीसी टी20 वर्ल्डकप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले टी20 मुकाबले को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. &amp;nbsp;भारत के साथ मैच खेलने को लेकर पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया आई है. &amp;nbsp;सोमवार (9 फरवरी) देर शाम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मैच को लेकर हरी झंडी दिखा दी है. यानी दोनों टीमें पहले से तय तारीख 15 फरवरी को आमने-सामने होंगी.
इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री और पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लाहौर में आईसीसी के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग की जानकारी दी थी. मीटिंग में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम भी शामिल हुए थे.
पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया गया, &quot;पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी द्वारा पीसीबी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के प्रतिनिधियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चाओं के परिणामों के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी गई है.&quot;
सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, &amp;nbsp;&quot;कई पक्षों की चर्चा के बाद आए परिणाम के साथ मित्र देशों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 वर्ल्डकप में 15 फरवरी को खेलने की इजाजत दे दी है.&quot;
आईसीसी के एक प्रतिमंडल ने रविवार (8 फरवरी) को लाहौर में पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के साथ मुलाकात की थी, इस मीटिंग में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी हिस्सा लिया था. आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया गया था. तीनों ने मिलकर समाधान निकालने की कोशिश की, जिसके बाद लंबे समय से चले आए रहे विवाद का खात्मा हुआ.
भारत के साथ टी20 मैच खेलने को लेकर पाकिस्तान के रुख में लगातार बदलाव देखने को मिला. 1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने ऑफिशियल एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट किया , जिसमें टी20 वर्ल्डकप में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले टी20 मैच को न खेलने की घोषणा की थी. इसके बाद पीएसएस नीलामी के दौरान नकवी और पूर्व पीसीबी चीफ ने मैच को लेकर &#039;अच्छी खबर&#039; &amp;nbsp;का संकेत दिया. अब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मैच को लेकर हां कह दी है. यानी दोनों टीमें कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने नजर आएंगी.
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Weather Update: यूपी&#45;दिल्ली से बिहार तक बड़ी राहत! मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है. लगातार दिन में तेज धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से राहत मिली है, हालांकि सुबह और शाम के समय अब भी हल्की ठंड महसूस हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ज्यादातर मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम फिर बिगड़ सकता है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में 10-11 फरवरी को बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम ज्यादा खराब रहने का अनुमान है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है.
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 फरवरी तक सुबह के समय घने कोहरे की चेतावनी दी है. कोहरे की वजह से रेल, सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है. लोगों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
दिल्ली का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में 10 फरवरी को आसमान में हल्के बादल रहेंगे और रात में घना कोहरा छा सकता है. अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहने की संभावना है. 11 और 12 फरवरी को मौसम साफ रहेगा, लेकिन सुबह हल्की धुंध बनी रह सकती है.
उत्तर प्रदेश और बिहार
उत्तर प्रदेश में दिन में धूप निकलने से ठंड का असर कम हो गया है. पूर्वी यूपी में 10 फरवरी तक सुबह और रात में घना कोहरा रह सकता है. बिहार में भी ठंड धीरे-धीरे कम हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के आसार हैं.
पहाड़ी राज्यों का हाल
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 9 से 11 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बर्फ गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. यहां तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे बना रह सकता है. कुल मिलाकर, मैदानी इलाकों में मौसम राहत भरा रहेगा, जबकि पहाड़ों में ठंड और बर्फबारी परेशानी बढ़ा सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>India Petroleum Reserves: अगर तेल संकट पैदा हुआ तो कितने दिन काट लेगा भारत! देश के बाद कितना डीजल&#45;पेट्रोल, जानें</title>
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<description><![CDATA[ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार (9 फरवरी 2026) को राज्यसभा में बताया कि भारत के पास इतना पेट्रोलियम भंडार है, जिससे देश 74 दिनों तक अपनी तेल की जरूरतें पूरी कर सकता है. उन्होंने यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए दी.
पुरी ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा देश है और ऐसे देश के लिए सुरक्षित और मजबूत तेल भंडार होना बहुत जरूरी है. उन्होंने बताया कि अगर दुनिया में किसी तरह की उथल-पुथल होती है, जैसे युद्ध, आपूर्ति में रुकावट या कीमतों में भारी बढ़ोतरी तो भारत कमजोर स्थिति में नहीं रहेगा.
तेल रिफाइनरी सिस्टम मौजूद
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पश्चिमी और पूर्वी तट दोनों जगह तेल रिफाइनरी सिस्टम मौजूद हैं, जिससे देश की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए पुरी ने बताया कि आज भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. इसके साथ ही भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी तेल शोधन क्षमता भी है. अभी भारत करीब 26 करोड़ मीट्रिक टन कच्चे तेल का सालाना शोधन करता है, जिसे आने वाले समय में बढ़ाकर 32 करोड़ मीट्रिक टन प्रति वर्ष किया जाएगा. इसके अलावा भारत पेट्रोलियम उत्पादों के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक भी है.
क्यों बनाया गया पेट्रोलियम भंडार?
पुरी ने बताया कि पेट्रोलियम भंडार इसलिए बनाया गया है ताकि किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में देश की तेल जरूरतें बिना रुकावट पूरी हो सकें. IEA के अनुसार, किसी भी देश के पास कम से कम 90 दिनों का तेल भंडार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत अपने रणनीतिक भंडार के साथ-साथ रिफाइनरियों में मौजूद तेल को भी जोड़कर कुल भंडार का आकलन करता है. अभी कुल मिलाकर भारत के पास 74 दिनों का तेल भंडार मौजूद है. उन्होंने माना कि आदर्श स्थिति में यह 90 दिनों का होना चाहिए, लेकिन फिलहाल 74 दिनों के भंडार से वह खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. भविष्य में इसे और बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है.
53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेलइसके अलावा, मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) के जरिए आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तीन जगहों पर तेल भंडार बनाए हैं. इनकी कुल क्षमता 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की है. इन भंडारों में तेल की मात्रा बाजार की स्थिति के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:08 +0530</pubDate>
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<title>Hyderabad Software Engineer: सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना चोर, 26 घरों में डाला डाका, BMW खरीदी, 1 किलो सोना 6 किलो चांदी उड़ाई</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले 27 साल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को विशाखापट्टनम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, यह युवक अब तक कम से कम 26 घरों में चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है. आरोपी को महंगी और दिखावे वाली जिंदगी जीने का शौक था, लेकिन उसकी नौकरी की कमाई इसके लिए काफी नहीं थी. इसी वजह से उसने चोरी का रास्ता अपनाया.
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक विशाखापट्टनम के पुलिस कमिश्नर शंकरब्रत बागची ने बताया कि आरोपी बंद घरों को निशाना बनाता था. वह घरों में घुसकर नकद पैसे, सोने और चांदी के गहने चुरा लेता था. चोरी से मिले पैसों से उसने एक महंगी BMW कार भी खरीदी. पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विशाखापट्टनम के अलग-अलग इलाकों में चोरी के 26 मामले दर्ज हैं.
आरोपी की गिरफ्तारी में क्या हुआ बरामद?
इन चोरियों में करीब 1 किलो से ज्यादा सोना, 6 किलो चांदी और 40 हजार 500 रुपये नकद की चोरी हुई थी. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से 699 ग्राम सोने के गहने, 3.8 किलो चांदी के गहने और BMW कार बरामद की है. पुलिस को शक है कि आरोपी ने चोरी के पैसों से विदेश यात्राएं भी की थीं. पुलिस ने बताया कि आरोपी चोरी से पहले BMW कार में घूम-घूमकर ऐसे घरों की पहचान करता था, जिनके मालिक बाहर गए होते थे. वह हथौड़ा, कटर और पेचकस जैसे साधारण औजारों से ताले तोड़ता था. पहचान छुपाने के लिए वह मास्क और टोपी पहनता था.
आरोपी की चालाकी
आरोपी की एक और चालाकी यह थी कि वह एक ही इलाके में बार-बार चोरी नहीं करता था. वह दूर-दूर के इलाकों में जाकर घरों को निशाना बनाता था, ताकि पुलिस को शक न हो. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है. किशोर उम्र में उसे चार घरों में चोरी के आरोप में पकड़ा गया था और कुछ समय के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया था. इसके बाद अपने गृह जिले काकीनाडा में कई चोरियों के मामले में वह 14 महीने जेल भी जा चुका है. पुलिस का कहना है कि अब तक उसकी संलिप्तता 62 चोरी की घटनाओं में पाई गई है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:08 +0530</pubDate>
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<title>लोकसभा में बवाल के बीच BJP के महिला सांसदों की स्पीकर को चिट्ठी, कहा&#45; विपक्षी सांसदों पर लें एक्शन</title>
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<description><![CDATA[ Lok Sabha Ruckus: बीजेपी की 11 महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक साझा पत्र लिखकर विपक्ष की कुछ महिला सांसदों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है. इस पत्र में सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला पर पूरा भरोसा भी जताया है. यह पत्र ऐसे समय लिखा गया है, जब कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दल ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं.
यह पूरा मामला 4 फरवरी 2026 का है. उस दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में काफी हंगामा हुआ था. उसी घटना को लेकर बीजेपी की महिला सांसदों ने यह पत्र लिखा है.
स्पीकर ओम बिरला की तारीफ में कही ये बात
पत्र में सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने उस दिन सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने के लिए बहुत धैर्य और मजबूती दिखाई. सांसदों का कहना है कि उस दिन सदन के अंदर जो कुछ हुआ, वह बहुत ही दुखद और शर्मनाक था.
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए सदन के &amp;lsquo;वेल&amp;rsquo; में आ गए. कुछ सांसद टेबलों पर चढ़ गए, कागज फाड़े और उन्हें स्पीकर की तरफ फेंका. इतना ही नहीं, कुछ महिला सांसद हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर आगे बढ़ीं और प्रधानमंत्री की सीट के पास तक पहुंच गईं. वे ट्रेजरी बेंच की तरफ भी गईं, जहां वरिष्ठ मंत्री बैठे थे.
बीजेपी सांसदों ने कही ये बात
बीजेपी सांसदों ने लिखा है कि इन घटनाओं से वे बहुत नाराज और परेशान थीं, लेकिन अपने बड़े नेताओं के कहने पर उन्होंने खुद पर काबू रखा और कोई जवाबी कदम नहीं उठाया. उनका कहना है कि अगर उस समय संयम नहीं रखा जाता, तो हालात और भी बिगड़ सकते थे.
पत्र में यह भी कहा गया है कि बाद में कुछ विपक्षी सांसद स्पीकर के कक्ष की तरफ भी गए और वहां से तेज आवाजें सुनाई दीं. सांसदों ने लिखा है कि लोकसभा के पवित्र परिसर में इस तरह की घटनाएं बहुत चिंता की बात हैं और इससे हालात बहुत खराब हो सकते थे. उन्होंने इन घटनाओं को संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे काले पलों में से एक बताया है.
महिला सांसदों ने स्पीकर से की ये मांग
बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर से मांग की है कि नियमों के तहत उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जिन्होंने सदन के अंदर अनुशासन तोड़ा और गलत व्यवहार किया. उनका कहना है कि इस तरह के काम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचता है.
पत्र के आखिर में सांसदों ने ओम बिरला के अब तक के काम की भी तारीफ की है. उन्होंने लिखा है कि पिछले करीब सात सालों में स्पीकर के तौर पर उन्होंने सदन की गरिमा और कामकाज को बेहतर बनाने की कोशिश की है और सभी सदस्यों को बिना भेदभाव के बोलने का मौका दिया है. सांसदों ने कहा है कि उन्हें ओम बिरला के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है और लोकसभा उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ब्लैकमेल कर नाबालिग बहन से किया रेप, फिर रचाई फर्जी शादी, मौत तक जेल में रहेगा दोषी</title>
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<description><![CDATA[ Andhra Pradesh Rape News: आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले में समाज को झकझोर देने वाली घटना हुई है, यहां एक युवक ने अपनी ही नाबालिग बहन को धोखे और ब्लैकमेल के जरिए कई बार उसका रेप किया, जिससे वह गर्भवती हो गई. विजयवाड़ा की POCSO कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कड़ा और ऐतिहासिक फैसला दिया है.
अदालत ने आरोपी को मौत तक जेल में रहने की सजा सुनाई है और उस पर 6000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. साथ ही कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए.
तस्वीरों से ब्लैकमेल कर किया रेप
पुलिस के मुताबिक, प्रकाशम जिले के एक परिवार में पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते दोनों अलग-अलग रह रहे थे. पिता अपने बेटे के साथ कोंडापी मंडल के पेंटलूर गांव में रहता था, जबकि मां अपनी दो बेटियों के साथ कृष्णा जिले के मंताडा इलाके में रह रही थी.
साल 2023 में 21 साल का आरोपी युवक यह कहकर मंताडा पहुंचा कि वह अपनी मां से मिलने आया है. वहां उसने अपनी 17 साल की बहन के साथ नजदीकियां बढ़ाईं और उसकी तस्वीरें खींच लीं. बाद में उन्हीं तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल कर कई बार उसके साथ रेप किया. पीड़िता को धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके फोटो वायरल कर दिए जाएंगे. डर के कारण लड़की ने लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बताया.
ताबीज पहनाकर रचाई फर्जी शादी
2024 के क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान आरोपी मंटाडा गया और अपनी बड़ी बहन को उसके पिता के पास ले जाने के बहाने विजयवाड़ा ले गया. वहां उसने एक चर्च में उसके गले में ताबीज बांधा और उससे शादी कर ली. बाद में वह उसे हैदराबाद ले गया और कई बार उसका रेप किया. कुछ दिनों बाद मां ने अपने बेटे को फोन करके अपनी बहन को उसके पास भेजने के लिए कहा. पिछले साल फरवरी में आरोपी ने नाबालिग लड़की को ओंगोल बस स्टैंड पर छोड़ दिया और उसके पिता के साथ हैदराबाद चला गया.
अस्पताल में पता चली सच्चाई
घर पहुंचने के कुछ दिनों बाद लड़की बीमार पड़ गई और जब उसकी मां उसे अस्पताल ले गई तो सच्चाई सामने आई. जब बेटी से पूछताछ की गई तो उसने अपने भाई के किए गए अत्याचारों के बारे में अपनी मां को बताया. गुडीवाड़ा DSP धीरज विनील ने पहले आरोपी को उसकी मां की शिकायत पर पेंटलूर से गिरफ्तार किया था. इस मामले की सुनवाई हाल ही में स्पीड ट्रायल कोर्ट में पूरी हुई थी. विजयवाड़ा POCSO कोर्ट के जज जस्टिस वी. भवानी ने एक सनसनीखेज फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;बेटी पर भूत&#45;प्रेत का साया है&amp;apos;, झाड़&#45;फूंक के लिए फेमस पुजारी के पास ले गई मां, उसने किया रेप</title>
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<description><![CDATA[ Kerala Rape News: केरल के कोल्लम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भूत-प्रेत भगाने के बहाने एक लड़की का रेप करने वाले एक&amp;nbsp; पुजारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है.
आरोपी की पहचान 52 साल के राजन बाबू उर्फ मुरारी तंत्री के रूप में हुई है, जो कोल्लम जिले के पुथुर क्षेत्र के वेंधर गांव का निवासी है. राजन बाबू खुद को ज्योतिषी बताता था और सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय था. वह फेसबुक पेज &amp;ldquo;मुरारी ज्योतिषालयम&amp;rdquo; के जरिए वीडियो रील्स पोस्ट कर राज्यभर में मशहूर हो गया था. लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास आते थे और वह उनसे ज्योतिष के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूलता था.
 झाड़-फूंक के नाम पर रची साजिश
पुलिस के मुताबिक, हाल ही में उसी इलाके की एक मां अपनी बेटी को लेकर राजन बाबू के पास पहुंची. महिला ने बताया कि उसकी बेटी पर भूत-प्रेत का साया है और उसे झाड़-फूंक की जरूरत है. इस पर राजन बाबू ने अपने घर पर पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रियाएं शुरू कीं.
झाड़-फूंक के दौरान उसने लड़की की मां से कहा कि वह कुछ देर बाहर इंतजार करे क्योंकि उसे लड़की के साथ अकेले रहकर विशेष अनुष्ठान करना है. इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और लड़की का रेप किया. कुछ देर बाद जब लड़की बाहर आई तो उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई. यह सुनकर मां स्तब्ध रह गई और तुरंत अपनी बेटी को लेकर पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई.
POCSO एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज 
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और राजन बाबू के घर के सामने विरोध प्रदर्शन होने लगे. डर के कारण वह फरार होकर एक हॉस्टल में छिप गया था. पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ रेप और POCSO एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
इस मामले पर कुलकड़ पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष आर. राजेश ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राजन बाबू पहले ऑटो चालक था. बाद में उसने एक वरिष्ठ ज्योतिषी से ज्योतिष सीखी और इसे अपना पेशा बना लिया. ज्योतिषी बनने से पहले उसे मुरारी के नाम से जाना जाता था. उन्होंने कहा कि अब तक उसके खिलाफ इस तरह की यह पहली शिकायत सामने आई है. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं और भी लोग उसके शिकार तो नहीं हुए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:06 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;चुनाव आते ही SC में शुरू हो जाती हैं राजनीतिक लड़ाइयां&amp;apos;, हिमंत बिस्व सरमा के मुस्लिम&#45;विरोधी वीडियो विवाद पर क्यों ऐसा बोले CJI?</title>
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<description><![CDATA[ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के वीडियो को लेकर उपजे विवाद का मामला &amp;nbsp;सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने याचिकाओं पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि जब चुनाव पास होते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट में भी राजनीतिक लड़ाईयां शुरू हो जाती हैं. कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) और सीपीआई नेता अन्नी राजा ने याचिका दाखिल करके हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. याचिका में असम सीएम पर विशेष समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है.
याचिकाकर्ता के वकील ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के मुस्लिम-विरोधी वीडियो विवाद का जिक्र करते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया. एडवोकेट निजाम पाशा ने कोर्ट से कहा, &#039;हम हिमंत बिस्व सरमा की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर आपके तत्काल हस्तक्षेप के लिए अपील करते हैं. उनका हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह एक विशेष समुदाय के लोगों पर गोली चलाते हुए नजर आ रहे हैं. उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी गई है, लेकिन एफआईआर नहीं. &#039;
सीजेआई सुनवाई को तैयारलाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार वकील की दलीलों पर सीजेआई सूर्यकांत सुनवाई के लिए तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि चुनाव जब पास होते हैं, तब कोर्ट में भी राजनीतिक लड़ाईयां पहुंच जाती हैं. चीफ जस्टिस ने सुनवाई का आश्वासन देते हुए कहा, &#039;हम सुनवाई करेंगे, लेकिन समस्या यह है कि जब चुनाव आता है तो उसका एक हिस्सा कोर्ट में लड़ा जाता है. हम आपको तारीख देंगे.&#039;
क्या है हिमंत बिस्व सरमा का वीडियो विवाद?7 फरवरी को असम बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, लेकिन कुछ ही देर बाद इसे हटा दिया गया. वीडियो में हिमंत बिस्व सरमा हाथ में राइफल लिए नजर आ रहे थे. इसके साथ एआई से तैयार किया गया पार्ट भी जोड़ा गया था, जिसमें दाढ़ी और सफेद टोपी पहने दो पुरुषों की तस्वीरों पर गोलियां लगती हुई दिखाई गईं. जैसे ही वीडियो सामने आया तो कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. संसद में भी विपक्ष ने इसे लेकर हंगामा किया.
याचिका में क्या?सीपीआईएम और अन्नी राजा ने अलग-अलग रिट पेटीशन फाइल की हैं, जिसमें नफरती भाषण और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. साथ ही मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने की भी अपील की गई है. याचिका में कहा गया है कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:18:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Karnataka News: कर्नाटक के बीदर में युवती ने की आत्महत्या, ससुराल वालों पर देह व्यापार के लिए दबाव का आरोप</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के बीदर जिले के बसवकल्याण शहर में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने कथित तौर पर ससुराल वालों की लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान अंजनाबाई शेखर पाटिल (22) के रूप में हुई है, जो बीदर जिले के दूसरे शहर भालकी की रहने वाली थी.
2022 में हुई थी शादी, 11 महीने के बच्चे की थी मां
बीदर पुलिस ने इस मामले को लेकर बताया कि यह घटना बसवकल्याण शहर के बस स्टैंड के पास ओम कॉलोनी में स्थित एक मकान में हुई, जहां अंजनाबाई ने घर के अंदर फांसी लगा ली और उनके शव घर में फंदे पर लटका हुआ पाया गया. पुलिस के मुताबिक, मृतका अंजनाबाई की शादी साल 2022 में बसवकल्याण शहर के रहने वाले शेखर पाटिल से हुई थी. वह अपने पीछे एक 11 महीने के मासूम बच्चे को छोड़ गई है.
देह व्यापार के लिए महिला पर बनाया जाता था दबाव
पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, शेखर पाटिल से शादी होने के बाद से ही अंजनाबाई को उनके ससुराल वालों की ओर से उसे रोजाना मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. इसके अलावा, यह भी आरोप है कि मृतका अंजनाबाई पर देह व्यापार के लिए दबाव भी बनाया गया और वह घरेलू हिंसा के कारण वह गंभीर मानसिक तनाव में थी.
मृतका के पिता ने की शिकायत, तीन आरोपी हिरासत में
मृतका के पिता विजय कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि अवैध संबंध बनाए रखने से इनकार करने पर उनकी बेटी के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था. मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर बसवकल्याण सिटी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने पति शेखर पाटिल सहित तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में आगे की जांच जारी है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:10:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;SIR के लिए 8,500 अधिकारी देगी बंगाल सरकार&amp;apos;, चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 फरवरी, 2026) को मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह बी रैंक के जो 8,500 अधिकारी चुनाव आयोग को उपलब्ध करवाना चाहती है, उनकी लिस्ट चुनाव आयोग को दे दे. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:10:12 +0530</pubDate>
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<title>कानपुर अस्पताल हादसे पर CMO ने दिए जांच के आदेश, फायर अधिकारी ने बताई लापरवाही</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में बिठूर थाना क्षेत्र के राजा नर्सिंग होम में NICU में नवजात बच्ची की मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी ने बताया कि बच्ची की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच समिति गठित कर दी गयी है और टीम आज जांच के लिए जा रही है. इसके साथ ही इस मामले में अपस्ताल प्रबंधन की लापरवाही खुद चीफ फायर ऑफिसर दीपक शर्मा खोल रहे हैं, उनके मुताबिक अस्पताल के बजाय उन्हें इस घटना की सूचना मीडिया के द्वारा मिली. उन्होंने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में टेम्प्रेचर मशीन में खराबी के चलते ये हादसा हुआ है.
दीपक शर्मा के मुताबिक जो स्टाफ ने जानकारी दी है, उसके मुताबिक टेम्प्रेचर मशीन में गड़बड़ी आई,&amp;nbsp; उन्होंने बताया कि मशीन में बच्चे के शरीर के तापमान के हिसाब से गर्मी दी जाती है. बाकी&amp;nbsp; जांच की जा रही है. खुद सीएमओ ने भी जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक कानपुर के बाकरगंज रमेलनगर निवासी अरुण निषाद की दो साल पहले ही शादी हुई थी. रविवार को ऑपरेशन के बाद बच्ची का जन्म हुआ था. जिसके बाद उसे वॉर्मर मशीन में रखा गया था. लेकिन स्टाफ की लापरवाही की वजह से मशीन ओवरहीट हो गई और बच्ची की झुलसकर मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया.&amp;nbsp; &amp;nbsp;घटना की सूचना मिलने पर बिठूर थाना पुलिस मौके पहुंच गई. पुलिस ने नवजात बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
परिजनों ने पुलिस को दी है तहरीर
अस्पताल स्टाफ और प्रबंधन की लापरवाही को लेकर परिजनों ने पुलिस में शिकायत की है. जिस पर पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है. फिलहाल घटना के बाद परिजनों का बुरा हाल है.उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:18 +0530</pubDate>
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<title>पुणे: घर वालों ने बनाया अरेंज मैरिज का दवाब, युवक ने बना दी 11 लड़कियों की एक्सेल शीट, हुई वायरल</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के पुणे से एक युवक का अनोखा कारनामा सामने आया है. हरियाणा में जन्में 28 साल के विकास इन दिनों पुणे में रह रहे हैं. इस बीच उनके घर वालों ने उनके ऊपर शादी के लिए रिश्तों का दवाब बनाना शुरू किया. इसके बाद विकास ने अरेंज मैरेज का पूरा सेटअप बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
दरअसल विकास ने अरेंज मैरिज के लिए रिश्तों का दवाब देखते हुए 11 लड़कियों की एक एक्सेल शीट शेयर की है. जिसमें लड़कियों के नाम दिखाई दे रहे हैं. विकास द्वारा अपनी शादी के लिए इन सभी लड़कियों से बातचीत की जा रही है. इस एक्सेल शीट के आखिर में विकास ने एक खास कॉलम बनाया है.
इसमें उन्होंने स्थिति के बारे में जानकारी दी है. इसका मतलब यह है कि कौन सी लड़की से बातचीत कहां तक पहुंची, कौन सी लड़की उनके टाइप की, कौन सी लड़क से वाइब मैच नहीं हो रही है. यह सब उन्होंने इस एक्सेल शीट में लिख रखा है.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो
विकास एक डेटा एनालिस्ट हैं. इन दिनों वे अपने माता-पिता के कहने पर मेट्रिमोनियल साइट्स पर अपने लिए दुल्हन ढूंढ रहे हैं. इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. जो अब जमकर वायरल हो रहा है.&amp;nbsp;



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Instagram पर यह पोस्ट देखें

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Vikas (@thevikkchapter) द्वारा साझा की गई पोस्ट





विकास द्वारा बनाई गई इस एक्सेल शीट में लड़कियों के नाम के साथ, कॉल डिटेल और उनकी फीडबैक दिख रही है. इस वीडियो को शेयर करते हुए विकास ने लिखा कि जब जिंदगी आपको अरेंज मैरिज का मौका देती है, तो एक ट्रैकर, वीकेंड ट्रैकर बनाएं।
वीडियो में विकास ने दी यह जानकारी
वीडियो में विकास इसके बारे में जानकारी दी है. विकास बताते हैं कि अरेंज मैरिज के सेटअप में ट्रैक करने के लिए मैंने एक एक्सेल शीट का इस्तेमाल किया है. इसमें लड़कियों के नाम लिख दिए हैं. फिर पहली बार कॉल, दूसरी कॉल और माता-पिता का फीडबैक क्या है.&amp;nbsp;
उन्होंने आगे बताया कि इसके लिए करंट स्टेटस क्या है. अभी भी बात हो रही है, बातें बंद हो गईं या फाइनल स्टेज पर हैं और होल्ड हो गईं हैं. इसमें उन्होंने अपनी राय का भी कॉलम बनाया है और लड़की से बात करने के बाद वे कैसा महसूस कर रहे हैं यह सब लिख रखा है.
वीडियो के आखिर में विकास ने लोगों से कहा कि यह तरीका करके देखो एकदम काम कर रहा है.&amp;nbsp;फिलहाल विकास का यह अनोखा तरीखा अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे हैं. अब तक इस वीडियो को 9 लाख 90 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:17 +0530</pubDate>
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<title>यूपी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर मायावती बोलीं&#45; थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता</title>
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<description><![CDATA[ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल का भाषण परम्परा से हटकर राज्य के विकास एवं सर्वसमाज के उत्थान समेत व्यापक जनहित में वास्तविक एवं थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता.
मायावती ने &#039;एक्स&#039; पर लिखा,&amp;lsquo;&amp;lsquo;उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज राज्यपाल द्वारा विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किये जाने की संसदीय परम्परा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परम्परा से हटकर प्रदेश के विकास एवं सर्वसमाज के उत्थान समेत व्यापक जनहित में वास्तविक एवं थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
उन्होंने कहा,&amp;lsquo;&amp;lsquo;वास्तव में पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के करोड़ों लोग सरकार की ग़लत नीतियों एवं कार्यकलापों से त्रस्त हैं. उन्हें गरीबी एवं बेरोजगारी आदि के कारण अनेकों प्रकार की कठिन पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किन्तु इन सबसे ज़्यादा उन्हें अपने जान-माल एवं मजहब की ज़्यादा चिन्ता सता रही है, जिसके प्रति राज्यपाल को सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहिए था ताकि प्रदेश की जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी थोड़ा आश्वासन मिलता. ऐसा न होने कारण ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाजी होती रही तथा हंगामा भी होता रहा.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
बसपा ने कहा कि राज्यपाल के सम्बोधन में बीजेपी सरकार के जनहित एवं जनकल्याण सम्बंधी बड़े-बड़े दावों, आश्वासनों, घोषणाओं एवं वादों आदि को पूरा करने का विवरण नहीं होना लोगों के लिए चिन्ताजनक है, जिसका आगामी बजट भाषण में समायोजन करना उचित होगा. बजट सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विधानसभा के अंदर और बाहर विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;बात नहीं की तो मार दूंगा&amp;apos;, एकतरफा प्यार का खौफनाक अंजाम, लड़की पर कोयते से जानलेवा हमला</title>
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<description><![CDATA[ Maharashtra News: महाराष्ट्र के&amp;nbsp;जामखेड शहर के तपनेश्वर इलाके में एक युवक ने फोन पर बात न करने और नंबर ब्लॉक करने के गुस्से में अपनी एकतरफा मोहब्बत के चलते डांसर गायत्री सावंत पर कोयते से जानलेवा हमला कर दिया. इस हमले में गायत्री गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. पीड़िता की शिकायत के आधार पर जामखेड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार है.
पुलिस के मुताबिक, 26 साल की डांसर गायत्री तुषार सावंत (मूल निवासी वाघोली, जिला पुणे, वर्तमान में तपनेश्वर गली, जामखेड, जिला अहिल्यानगर) अपनी दोस्त मनीषा प्रकाश जावले के साथ रहती हैं और डांस&amp;nbsp;से अपनी आजीविका चलाती हैं. गायत्री और आरोपी राहुल अशोक कचरे (निवासी खलेगांव, तालुका गेवराई, जिला बीड) पांच साल से परिचित थे, लेकिन 2024 में उनके संबंध टूट गए थे. इससे पहले भी गायत्री ने राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
&amp;lsquo;अगर बात नहीं की तो मार डालूंगा&amp;rsquo;&amp;nbsp;
गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को रात करीब 10 बजे आरोपी राहुल कचरे ने शिकायतकर्ता महिला को फोन किया और धमकी दी, &amp;ldquo;तुम मुझसे बात करो, मैं तुमसे प्यार करता हूं. अगर तुम बात नहीं करोगी, तो मैं तुम्हें मार डालूंगा.&amp;rdquo; इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसका फोन काट दिया.
इसके बाद शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को सुबह करीब 2 बजे, जब गायत्री सावंत अपनी दोस्त मनीषा जावले के साथ अपने कमरे में थी. उसी समय आरोपी राहुल कचरे इमारत के पास छिपा हुआ था. आरोपी ने हाथ में कोयता लेकर सीधे गायत्री के कमरे में घुसकर, &amp;ldquo;तुम मुझसे बात क्यों नहीं करती? मेरा नंबर क्यों ब्लॉक किया?&amp;rdquo; कहते हुए गायत्री सावंत की उंगलियों, हाथों और सिर पर कोयते से वार किया. इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई.
हमले के बाद आरोपी फरार
इस दौरान दोस्त मनीषा जावले ने आरोपी को रोकने की कोशिश करते हुए &amp;ldquo;मारो मत&amp;rdquo; की विनती की, लेकिन आरोपी ने गायत्री को गाली दी और धमकी दी, &amp;ldquo;मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा&amp;rdquo; और घटनास्थल से भाग गया. इस मामले में गायत्री तुषार सावंत की शिकायत पर आरोपी राहुल अशोक कचरे के खिलाफ जामखेड पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बात, नहीं, की, तो, मार, दूंगा, एकतरफा, प्यार, का, खौफनाक, अंजाम, लड़की, पर, कोयते, से, जानलेवा, हमला</media:keywords>
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<title>कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास का दावा, &amp;apos;गौमाता की हत्या का आरोपी BJP का नेता&amp;apos;, सरकार को घेरा</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान की राजधानी जयपुर के अशोकपुरा में गौमाता की हत्या को लेकर सियासत गरमा गई है. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भजनलाल को घेरा है.
खाचरियावास ने कहा,&quot;मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी, यह अत्यंत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपके घर से मात्र 300 मीटर दूर अशोकपुरा में गौमाता की निर्मम हत्या कर दी गई और आरोपी भारतीय जनता पार्टी का पदाधिकारी है, फिर भी आपकी सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.
&#039;रिपोर्ट लिखवाने गए शख्स को किया बंद&#039;
उन्होंने आगे कहा, &quot;इससे भी ज़्यादा निंदनीय बात यह है कि गौहत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे निर्दोष नागरिकों को ही पुलिस ने बंद कर दिया, जबकि असली आरोपी खुलेआम घूम रहा है. क्या अब राजस्थान में अपराध करना सुरक्षित है और न्याय मांगना अपराध बन गया है?&quot;
&#039;गौमाता के नाम पर राजनीति करती है बीजेपी&#039;
पूर्व मंत्री ने ये भी कहा, &quot;बीजेपी दिन-रात गौमाता के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब सच सामने आता है तो भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर हो जाता है. मुख्यमंत्री जी जब आपके घर के पास गौमाता सुरक्षित नहीं है तो पूरे प्रदेश की जनता खुद को कैसे सुरक्षित माने?&quot;
&#039;जनता को जवाब दें सीएम&#039;
खाचरियावास ने मांग की, &quot;मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तत्काल अशोकपुरा जाकर जनता को जवाब देना चाहिए, आरोपी बीजेपी पदाधिकारी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जिन लोगों को न्याय मांगने के कारण जेल में डाला गया है उन्हें तुरंत रिहा किया जाए. अन्यथा जनता यह मानने को मजबूर होगी कि भाजपा की गौ-भक्ति केवल दिखावा है.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:15 +0530</pubDate>
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<title>सावरकर को भारत रत्न वाले मोहन भागवत के बयान पर बोले उद्धव गुट ने कहा, &amp;apos;गोल&#45;गोल जलेबी...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने संबंधी बयान के बाद सियासत तेज हो गई है. शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम पिछले 50 वर्षों से यही मांग कर रहे हैं. हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे जी ने जब 1966 में शिवसेना की स्थापना की थी, तब से हम वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं.&amp;nbsp;
शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने कहा, &#039;&#039;हम फिर से मांग कर रहे हैं कि मोहन भागवत जी आप सिर्फ इसे गोल-गोल जलेबी मत बनाइए. सरकार को चेतावनी दीजिए, अल्टीमेटम दीजिए. हम तो मांग ही रहे हैं. अगर हम कभी सत्ता में आए, तो हम उसी दिन पूरा कर देंगे.&#039;&#039;&amp;nbsp;

Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) spokesperson Anand Dubey says, &quot;I have been demanding this for the last 50 years. I have been raising this demand since 1966, when Balasaheb Thackeray founded the Shiv Sena. And once again, I appeal to Mohan Bhagwat&amp;mdash;do not keep this issue&amp;hellip; pic.twitter.com/2o4PMixBO6
&amp;mdash; IANS (@ians_india) February 9, 2026



वीर सावरकर के नाम पर राजनीति न हो- आनंद दुबे
उन्होंने आगे कहा, &#039;&#039;सिर्फ वीर सावरकर के नाम पर राजनीति न करें. ये भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं से हम अपील करेंगे. मोहन भागवत जी आप हम सबसे बड़े हैं. हिंदुओं के आप अग्रज हैं, आप कम से कम सरकार को चेतावनी दें कि 15 दिन के अंदर वीर सावरकर जी को भारत रत्न से नवाजा जाए.&quot;
मोहन भागवत ने वीर सावरकर को लेकर क्या कहा?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (08 फरवरी) को कहा कि अगर वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है, तो यह सम्मान खुद इस पुरस्कार की गरिमा को बढ़ाएगा. उन्होंने कहा, &#039;&#039;वीर सावरकर को किसी पुरस्कार की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे पहले ही देशवासियों के दिलों में जगह बना चुके हैं.&#039;&#039;&amp;nbsp;
उन्होंने आगे ये भी कहा, &#039;&#039;मैं उस कमेटी का हिस्सा नहीं हूं जो इस पर फैसला करती है, लेकिन अगर किसी से मुलाकात होगी तो जरूर पूछूंगा कि इसमें देरी क्यों हो रही है?&#039;&#039; बता दें कि वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग लंबे वक्त से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>सावरकर, को, भारत, रत्न, वाले, मोहन, भागवत, के, बयान, पर, बोले, उद्धव, गुट, ने, कहा, गोल-गोल, जलेबी...</media:keywords>
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<title>महाराष्ट्र: हिंदी कब से होगी अनिवार्य? त्रिभाषा समिति ने सौंपी रिपोर्ट, सरकार जल्द लेगी फैसला!</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र में त्रिभाषा सूत्र के अमल को लेकर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सरकार आने वाले दिनों में इस पर अंतिम फैसला लेगी. हिंदी भाषा किस कक्षा से अनिवार्य की जाए, इस विषय पर गठित नरेंद्र यादव समिति ने सोमवार (9 फरवरी) को अपनी रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार को सौंपी.&amp;nbsp;
गौरतलब है कि पिछले साल राज्य सरकार ने पहली कक्षा से हिंदी भाषा को अनिवार्य करने का फैसला लिया था. हालांकि जनता के विरोध के बाद सरकार ने यह निर्णय वापस लेते हुए हिंदी भाषा के इम्प्लीमेंटेशन को लेकर एक विशेष समिति का गठन किया था.
समिति को दी गई थी यह जिम्मेदारी
इस समिति को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को किस कक्षा से लागू किया जाए. समिति ने महाराष्ट्र भर में शिक्षा विशेषज्ञों और जानकारों से मुलाकात की, साथ ही संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सुझाव लिए. इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है.
अब महाराष्ट्र सरकार इस रिपोर्ट को कैबिनेट बैठक में रखकर उस पर चर्चा करेगी और इसके लागू किए जाने या न किए जाने को लेकर निर्णय लेगी. उम्मीद लगाई जा रही है कि सरकार इस पर जल्द ही फैसला लेने वाली है.
रिपोर्ट सौंपने के बाद राज्य में बढ़ी हलचल
महाराष्ट्र में त्रिभाषा सूत्र पर समिति की रिपोर्ट सौंपने के बाद हलचल बढ़ गई है. महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने पर नई बहस छिड़ी हुई. बता दें कि हिंदी भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. इसको लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे लगातार राज्य में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य किए जाने का विरोध कर रहे थे.
&amp;nbsp;राज ठाकरे तीसरी भाषा के संबंध में सरकार के निर्णय से खुश नहीं थे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को तीसरी वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाने का फैसला किया था. हालांकि राज्य में इसका बड़े स्तर पर विरोध हुआ था. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>राजस्थान में गरमाई सियासत, नगर निकाय और पंचायत चुनाव में EWS को 10 फीसदी आरक्षण की मांग</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान में वर्ष 2026 में होने वाले पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों से पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को लेकर एक अहम राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है. ईडब्ल्यूएस संघ समिति जोधपुर के बेनर तले आज भारी तदाद में समर्थन में पहुंचकर ज्ञापन दिया.
राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि जिस तरह शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, उसी तर्ज पर स्थानीय निकाय चुनावों में भी उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए.&amp;nbsp;
ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण की उठी मांग
राजस्थान सरकार द्वारा सदैव सामाजिक न्याय, समान अवसर एवं समावेशी विकास की भावना को प्राथमिकता दी जाती रही है. भारत सरकार द्वारा संविधान के 103वें संशोधन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसे राज्य सरकार द्वारा प्रभावी रूप से लागू किया जा चुका है.
वर्ष 2026 में प्रस्तावित नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के परिप्रेक्ष्य में यह अत्यंत आवश्यक प्रतीत होता है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए.
संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक सिद्धांत
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243D के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पंचायतों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इसी प्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी, संतुलित एवं न्यायसंगत बनाने हेतु आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाना संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगा.
विधिक आधार
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में आवश्यक संशोधन कर जिला परिषद, पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर निर्वाचित पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का विधिक प्रावधान किया जाना पूर्णतः संभव है. इसी प्रकार नगर निकाय अधिनियमों में भी आवश्यक संशोधन किया जा सकता है.
सामाजिक एवं आर्थिक वास्तविकताएं
राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के अनेक परिवार अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति में जीवनयापन कर रहे हैं. राजनीतिक आरक्षण के माध्यम से ऐसे परिवारों के युवाओं को नेतृत्व का अवसर प्राप्त होगा तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी.
समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पंचायत एवं नगर निकाय स्तर पर EWS वर्ग को प्रतिनिधित्व प्रदान किए जाने से सामाजिक संतुलन स्थापित होगा, समान अवसरों को बढ़ावा मिलेगा तथा न्याय आधारित शासन व्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी.
राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप पहल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीब, किसान, महिला एवं युवाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. ऐसे में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े नागरिकों को राजनीतिक रूप से सशक्त किए बिना &amp;ldquo;सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास&amp;rdquo; की संकल्पना को पूर्ण रूप से साकार करना संभव नहीं होगा.
बजट सत्र अथवा विशेष अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान की पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के आगामी चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित करने की कृपा करें.
ईडब्ल्यूएस संघर्ष समिति संयोजक का क्या कहना है?
ईडब्ल्यूएस संघर्ष समिति संयोजक हनुमान सिंह खागटा का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो यह स्थानीय राजनीति की तस्वीर बदल सकता है. इससे सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और पंचायतों में सामाजिक संतुलन मजबूत होगा.
एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि अब तक राजनीतिक आरक्षण का लाभ कुछ वर्गों तक सीमित रहा है. आर्थिक आधार पर प्रतिनिधित्व देने से लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार बजट सत्र या किसी विशेष अधिसूचना के माध्यम से इस मांग पर कोई बड़ा फैसला लेती है या नहीं. यदि ऐसा होता है, तो यह राजस्थान की स्थानीय राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:09:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>राजस्थान, में, गरमाई, सियासत, नगर, निकाय, और, पंचायत, चुनाव, में, EWS, को, फीसदी, आरक्षण, की, मांग</media:keywords>
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<title>बिहार: ITBP के जवान ने चचेरे भाई की हत्या की, पहले भी दे चुका था धमकी, गोली मारने के बाद फरार</title>
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<description><![CDATA[ भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बभनौली गांव में एक आईटीबीपी के एक जवान ने अपने चचेरे भाई गणेश तिवारी (उम्र करीब 50 साल) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. घटना सोमवार सुबह की है. गोली मारने के बाद वह फरार हो गया. मौके से एक खोखा बरामद किया गया है.&amp;nbsp;
मृतक गणेश तिवारी किसान थे. चारा काटते समय उन पर यह हमला किया गया है. परिजनों का आरोप है कि आरोपी जवान बसंत तिवारी उर्फ अभिषेक तिवारी पहले भी धमकाता और फायरिंग करता था. सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 राजकुमार साह, मुफस्सिल थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची. एफएसएल टीम को भी बुलाया गया.&amp;nbsp;
चारा काट रहे थे गणेश तिवारी
घटना की जानकारी देते हुए बेटे गोलू ने बताया कि पिता मवेशियों को चारा देने के लिए घर के बाहर कुट्टी मशीन से चारा काट रहे थे. इसी बीच उनके चचेरे चाचा बसंत तिवारी उर्फ अभिषेक तिवारी हथियार लेकर आए और फायरिंग करते हुए पापा को गोली मार दी. यह भी बताया कि बराबर वो (चाचा) हम लोगों से लड़ाई खोजते थे. वो चाहते थे कि उनके डर से हमलोग घर छोड़कर चले जाएं. जिस बात का डर था आज वही हुआ.
छुट्टी पर घर आया था जवान
घटना पर पहुंचे एसडीपीओ-1 राजकुमार साह ने बताया कि एक आईटीबीपी के जवान अपने ही चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है. दोनों पटीदार के बीच झगड़ा चल रहा था. हत्या के बाद गांव वालों के द्वारा बताया गया कि दूसरे लोगों पर भी फायरिंग की है. एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया है. आरोपी जवान छुट्टी पर घर आया था. राज कुमार साह ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान एवं टावर डंप के आधार पर आरोपी जवान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.&amp;nbsp;
बताया जाता है कि किसान गणेश तिवारी के दो बेटे (गोलू और दीपक) हैं. एक बेटी (नेहा कुमारी) भी है. इनके अलावा अब घर में बुजुर्ग पिता और पत्नी है.
यह भी पढ़ें- Patna News: पटना में बुलडोजर ऐक्शन पर बवाल, पुलिस और निगमकर्मी घायल, शीशा तोड़ा, आगजनी की ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;बेटियां सुरक्षित नहीं, सच बोलने वालों को जेल भेज रही है सरकार&amp;apos;, विधायक रणविजय साहू का NDA पर हमला</title>
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<description><![CDATA[ आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं और बेटियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज पूरे बिहार में कहीं भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. जो भी इस पर आवाज उठाता है, उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है.
पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल
रणविजय साहू ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे नीट छात्रा की हत्या के मामले में आवाज उठा रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की, लेकिन सरकार ने उन्हें जेल भेज दिया. यह दिखाता है कि सच बोलने वालों के साथ क्या हो रहा है.
सदन में तेजस्वी को चुप कराने का आरोप
विधायक ने बताया कि जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधानसभा में बेटियों के साथ हो रहे अत्याचारों पर बोल रहे थे, तब मुख्यमंत्री ने उन्हें चुप करा दिया. रणविजय साहू ने कहा, &amp;ldquo;जब सवाल सुरक्षा का हो, तो सरकार को जवाब देना चाहिए, न कि आवाज दबानी चाहिए.&quot;
उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने दावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;मुख्यमंत्री कहते थे कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त है और रात 12 बजे भी बेटियां सुरक्षित सड़कों पर चल सकती हैं. लेकिन आज हालत यह है कि बेटियों का सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो गया है.&amp;rdquo;
तेज प्रताप यादव को धमकी पर चिंता
रणविजय साहू ने तेज प्रताप यादव को जान से मारने की धमकी मिलने पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;यह सोचने की बात है कि एक पूर्व मंत्री को खुलेआम धमकी मिल रही है. यह कैसा शासन है? सरकार को मंथन करना चाहिए.&amp;rdquo;
&amp;lsquo;जयचंद&amp;rsquo; वाले आरोप पर टालमटोल
जब उनसे पार्टी के पांच नेताओं पर &amp;lsquo;जयचंद&amp;rsquo; होने के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे जांच का विषय बताया. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि &amp;ldquo;जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर मामलों पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.&amp;rdquo;
सरकार से जवाब की मांग
रणविजय साहू ने कहा कि एनडीए सरकार को बयानबाज़ी छोड़कर जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;बेटियों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आज़ादी, इन सब पर सरकार को साफ जवाब देना होगा.&amp;rdquo; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली के त्रिलोकपुरी में युवक की हत्या, चाकू गोदकर उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है. युवक को चाकू से मारकर मौत के घाट उतार दिया गया है. मृतक की पहचान वीर सिंह के रूप में हुई है. हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया है. पुलिस से परिजनों ने न्याय की मांग की है.&amp;nbsp;
पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. यह घटना सोमवार (9 फरवरी) की सुबह हुई है, जब वीर सिंह &amp;nbsp;को उसके दुकान के सामने ही चाकू मार दिया गया. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस द्वारा आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है.&amp;nbsp; &amp;nbsp;
पुलिस ने शुरू की जांच
इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को दी गई. सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. घटनास्थल के आसपास की सभी गतिविधियों पर पुलिस नजर रखे हुए है.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. मामले की जांच में पुलिस प्रशासन जुटा हुआ है. जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. घटना के बारे में हर पहलू की जांच की जा रही है.&amp;nbsp;
हत्या की वजह जानने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस द्वारा इस हत्या की वारदात का पता लगाया जा रहा है. साथ ही परिजनों से किसी व्यक्ति पर शक होने की भी जानकारी जुटाई जा रही है.&amp;nbsp;
युवक की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस मामले में छानबीन कर रही है. पुलिस द्वारा युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>राजस्थान में बदल रहा मौसम का मिजाज, गर्मी दे रही दस्तक, बाड़मेर में पारा 31 डिग्री</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के बाद अब मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है. प्रदेश के रेगिस्तानी इलाकों में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि सर्दी अब विदाई की ओर है और गर्मी ने अपनी दस्तक दे दी है. मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में स्पष्ट बदलाव देखा गया है.
पाली में रातें अब भी ठंडी बीते चौबीस घंटों के दौरान पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर रेगिस्तानी जिलों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा महसूस किया गया. भारत-पाक सीमा पर स्थित बाड़मेर जिले में सूरज के तेवर तीखे रहे, जहां राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है.
हालाँकि, मौसम का यह दोहरा चरित्र लोगों को हैरान कर रहा है. जहां एक तरफ दिन में पारा चढ़ रहा है, वहीं रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं. मैदानी इलाकों में शुमार पाली जिले में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 5.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा. दिन और रात के तापमान में यह भारी अंतर मौसमी बीमारियों का कारण भी बन सकता है.
अन्य शहरों का हाल
बाड़मेर के अलावा अन्य जिलों में भी गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है. जालोर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, चित्तौड़गढ़, स्वर्ण नगरी जैसलमेर और सन सिटी जोधपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है.
राजधानी जयपुर की स्थिति&amp;nbsp;
राजधानी जयपुर की बात करें तो यहाँ का मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है. पिछले 24 घंटों में यहाँ अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. यहाँ सुबह और शाम के समय हल्की &#039;गुलाबी ठंड&#039; बरकरार है, लेकिन दोपहर में धूप खिलने से तापमान बढ़ रहा है.
आगामी पूर्वानुमान&amp;nbsp;
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में कोई भी नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं है. इसके चलते आगामी दिनों में भी पूरे राजस्थान में मौसम पूरी तरह से शुष्क बने रहने की संभावना है. आसमान साफ रहने के कारण दिन के तापमान में और मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;जंगलराज में काम करना कितना मुश्किल था&amp;apos;, RJD पर बरसे नितिन नवीन, बोले&#45; &amp;apos;अब सिर्फ…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सोमवार (09 फरवरी, 2026) को नितिन नवीन पहली बार पटना पहुंचे. इस मौके पर उनका भव्य स्वागत किया गया. बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, &quot;मैं किन शब्दों में अपनी बातों को व्यक्त करूं यह समझ नहीं आ रहा है.&quot;&amp;nbsp;
नितिन नवीन ने कहा कि 2006 में पिता के निधन के बाद राजनीति में आया. 20 साल होने को है. जो भरोसा मुझ पर पीएम मोदी और पार्टी ने जताया है उस पर मैं खरा उतरने की कोशिश करूंगा. इस दौरान नितिन नवीन ने आरजेडी पर हमला किया. कहा कि जंगलराज काल में काम करना कितना मुश्किल था. कार्यकर्ता घर-घर चुपचाप पर्ची पहुंचाते थे. हम लोग उस जंगलराज से निकाल कर बिहार को यहां तक लाए हैं.
&#039;जिम्मेदारी और बढ़ गई है&amp;hellip;&#039;
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में संगठन कितना काम कर रहा है और कितना मजबूत हो रहा है इसकी जिम्मेदारी नितिन नवीन की बढ़ गई है. अब सिर्फ यह कहने से काम नहीं चलेगा कि बिहार का लड़का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया है. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, &quot;मैं अपने माता-पिता के संस्कार से यहां तक पहुंचा हूं. मैं उन्हें नमन करता हूं.&quot;
किसने क्या कहा?
सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री: &quot;हमें गर्व है कि नितिन नवीन उस पद पर हैं जहां कभी हमारे महान नेता हुआ करते थे. मुझे लगता है कि विधानसभा चुनावों में 202 सीटें जीतने से हमें इसका फल मिला है. हमें अपने संगठन को मजबूत करना होगा ताकि बीजेपी कार्यकर्ता हर बूथ स्तर पर मजबूत हों. हमारा अगला लक्ष्य है कि बंगाल, तेलंगाना और केरल में भी बीजेपी की सरकार बने.&quot;
विजय सिन्हा, उपमुख्यमंत्री: &quot;बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो राष्ट्र के लिए काम करती है, यहां सदस्यता से अधिक संबंध महत्वपूर्ण है. बिहार में दोहरी इंजन सरकार ने दिखाया है कि राज्य ने कितनी प्रगति की है. हम बिहार के नागरिक होने के नाते गर्व महसूस करते हैं कि नितिन नवीन को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.&quot;
संजय सरावगी, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष: नितिन नवीन का स्वागत करना हमारे लिए गर्व का दिन है, जो हमारी धरती के सपूत हैं. बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जहां कोई भी साधारण कार्यकर्ता शीर्ष पद तक पहुंचता है.&quot;
यह भी पढ़ें- तेज प्रताप यादव के आरोप पर सुनील सिंह की पहली प्रतिक्रिया, &#039;जयचंद&#039; के खुलासे पर कह दी बड़ी बात ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बस्ती में संपत्ति विवाद ने लिया खूनी रूप, 10वीं के छात्र को जिंदा जलाने की कोशिश, क्या बोली पुलिस?</title>
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<description><![CDATA[ 
बस्ती जिले के महुडर गांव में संपत्ति विवाद में 10वीं के छात्र को घर में कैद कर जिंदा जलाने की कोशिश की गई. पीड़ित छात्र हर्ष यादव पिछले दो महीने से अपने ही घर में &#039;कैदी&#039; बनकर रहने को मजबूर है, क्योंकि उसके घर के मुख्य रास्ते पर दबंगों ने दीवार खड़ी कर दी है. घटना के बाद इलाके में तनाव है.दरअसल, पुरानी बस्ती थाना अंतर्गत महुडर गांव निवासी उदयभान का अपने पिता और भाई जितेंद्र से लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है. उदयभान का आरोप है कि करीब 20 साल से वे इस घर में रह रहे हैं, लेकिन उनके पिता ने गुपचुप तरीके से घर को भाई की पत्नी के नाम कर दिया. मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है.
अज्ञात लोगों ने घर लगाई आग, लपटें देख घबराया छात्र
आरोप है कि दो माह पूर्व स्थानीय पुलिस के कथित सहयोग से विपक्षियों ने छात्र हर्ष के घर के ठीक सामने ऊंची दीवार खड़ी कर गेट लगाकर ताला लगा दिया, जिससे बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया. तब से हर्ष घर के अंदर ही कैद है, जबकि उसके माता-पिता घर के बाहर रहने को मजबूर हैं. बीती देर रात जब हर्ष घर के अंदर सो रहा था, तब अज्ञात दबंगों ने घर में आग लगा दी. आग की लपटें देख छात्र ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों और माता-पिता की मदद से किसी तरह उसकी जान बचाई जा सके.
दो महीने से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है छात्र
हर्ष का कहना है कि वह पिछले दो महीनों से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है और पुलिस से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उसे कोई राहत नहीं मिली. अब उसके बोर्ड के एक्जाम आ रहे है, और घर से बाहर निकल नहीं पाएगा तो उसका भविष्य खराब हो जाएगा. इसलिए प्रशासन के अधिकारी से पीड़ित छात्र हर्ष ने घर के सामने का रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है.इस मामले पर डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने मीडिया से टेलीफोनिक बातचीत में कहा कि मामला कोर्ट में होने के कारण पुलिस इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, अगर बच्चा बाहर निकलना चाहे तो पुलिस उसकी मदद करेगी, लेकिन गेट का ताला खुलवाने का पावर पुलिस के पास नहीं है.
 ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य का विवादित बयान, &amp;apos;देश की जमीन पर सनातन को मानने वालों का पहला हक, इसके लिए...&amp;apos;</title>
<link>https://www.barwarapatrika.com/5274</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर के हवामहल सीट से विधायक बालमुकुंदाचार्य एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चाओं में है दरअसल नगर निगम की ओर से बनाई जा रही मजार की छत निर्माण मामले में विवाद उत्पन्न हुआ. जिसके बाद सरकार ने निर्माण कार्य पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है लेकिन आज फिर विधायक बालमुकुंदाचार्य की एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है. जिसमें उन्होंने लिखा &quot;यह हिन्दुस्तान हैं इस भूमि पर सनातन संस्कृति को मानने वालों का प्रथम अधिकार है.&quot;
विधायक बालमुकुंद आचार्य का ये विवादित बयान सामने आया है जिसके बाद अब हर तरफ इस बयान को लेकर चर्चा होने लगी है. उन्होंने इसमें लिखा, &quot;इस भूमि पर सनातन संस्कृति मानने वालों का प्रथम अधिकार है और इस सत्य से कोई समझौता नहीं हो सकता.&quot;
&#039;बलिदान के लिए सदैव तत्पर&#039;
उन्होंने आगे लिखा, &quot;यह हिन्दुस्तान है जिसकी मिट्टी संस्कृति और चेतना सनातन परंपरा से निर्मित है, कल हुए विवाद को लेकर इशारा करते हुए लिखा कि परकोटे के स्वरूप और रंग से छेड़-छाड़ का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा. लाखों सनातनियो के बलिदान से सुरक्षित यह विरासत हमारी आस्था है और आवश्यकता पड़ी तो इसकी रक्षा हेतू हर प्रकार का बलिदान देने को हम सदैव तत्पर है.&quot;&amp;nbsp;
शांति व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
विधायक बालमुकुंद के इस बयान के बाद शहर की शांति व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं राजधानी जयपुर शांति और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती रही है लेकिन इसी बीच बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य का ये बयान आग में घी डालने का काम कर रहा है.
लाउडस्पीकर वाले बयान की भी हुई थी चर्चा
हालांकि उनके विवादित बयानों को लेकर पार्टी स्तर पर भी उन्हें पहले कई बार फटकार पड़ चुकी है. मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर दिए गए उनके बयान पर उनकी ही पार्टी के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने विधायक बालमुकुंद आचार्य के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि हम अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करते. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:54 +0530</pubDate>
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<title>सोशल मीडिया पर जलवा बिखेरने वाली NCP की नेता हारीं, पंचायत समिति चुनाव में नहीं चला जादू</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. इस बीच शिरूर तालुका के करेगांव की पूर्व सरपंच निर्मला नवले को इस साल पंचायत समिति के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. निर्मला नवाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से शिरूर पंचायत समिति के करेगांव कन्हुर मेसाई गांव से चुनाव मैदान में उतरीं थीं. निर्मला नवले सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं.
नवले की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. अब तक उनके कई रील्स और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं. निर्मला नवाले का अंदाज और उनके बयान की वजह से उनके रील्स सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं. हालांकि, इस साल के पंचायत समिति चुनाव में उनका जादू नहीं चल पाया. बीजेपी की मनीषा सतीश पचंगे ने निर्मला नवले को 300 वोटों से हरा दिया. इसे निर्मला नवले और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
इंस्टाग्राम पर नवले के 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स
पुणे जिले के करेगांव की पूर्व सरपंच निर्मला नवले सोशल मीडिया पर हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती हैं. हालांकि निर्मला नवले एक राजनीतिज्ञ हैं, लेकिन इंस्टाग्राम पर उनके पांच लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. एबीपी माझा के मुताबिक निर्मला नवले ने आईटी इंजीनियरिंग में शिक्षा प्राप्त की है. कुछ साल पहले, निर्मला नवले निर्विरोध करेगांव की सरपंच चुनी गईं थीं. तब से उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ. उच्च शिक्षित और लोकप्रिय चेहरे के रूप में, निर्मला नवले हमेशा सुर्खियों में रहीं. लेकिन पंचायत समिति के चुनाव में नवले का जादू नहीं चल पाया.
पुणे जिला परिषद चुनाव में 73 सीटों के नतीजे घोषित
इस बीच, पुणे जिला परिषद की कुल 299 सीटों में से 73 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें बीजेपी के 20, शिवसेना के 7, एनसीपी के 27, ठाकरे गुट के 2 और शरद पवार गुट के 3 उम्मीदवार विजयी हुए हैं. अजित पवार के निधन के बाद पुणे में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों का प्रचार पूरी तरह ठंडा पड़ गया था. पुणे में एक भी बड़ी सभा आयोजित नहीं हुई. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:53 +0530</pubDate>
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<title>बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में आरोपी आकाशदीप को मिली जमानत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई ये शर्त</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई हाई कोर्ट ने सोमवार (9 फरवरी) को कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या के आरोपी आकाशदीप करज सिंह को जमानत दे दी. वह इस मामले में जमानत पाने वाला पहला आरोपी है. न्यायाधीश नीला गोखले की पीठ ने पंजाब निवासी सिंह को मामले की सुनवाई पूरी होने तक मुंबई न छोड़ने का निर्देश दिया है.
आरोपी ने जमानत याचिका में फंसाए जाने का किया दावा
बांद्रा ईस्ट इलाके में 12 अक्टूबर, 2024 की रात को तीन हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी (66) की उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिस मामले में मुंबई पुलिस ने सिंह (22) को नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था. आरोपी ने जमानत याचिका में दावा किया था कि उसे इस मामले में फंसाया गया है और उस पर लगाए गए आरोप झूठे व अस्पष्ट हैं. सिंह ने यह भी दावा किया कि उस पर केवल एक संगठित अपराध गिरोह का सदस्य होने का आरोप है और इस मामले में उसकी कोई विशिष्ट भूमिका नहीं बताई गई है.
याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी दलील दी कि इस मामले की सुनवाई निकट भविष्य में शुरू नहीं होनी चाहिए और बिना सुनवाई के जेल में डाल देना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
आरोप पत्र में अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी के रूप में किया गया नामजद&amp;nbsp;&amp;nbsp;
पुलिस ने नए साल 2026, जनवरी में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था. आरोप पत्र में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी के रूप में नामजद किया गया है. सरकारी पक्ष के मुताबिक यह माना जा रहा है कि, अनमोल बिश्नोई ने अपराध गिरोह में भय और वर्चस्व स्थापित करने के लिए सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला भी दर्ज कर दिया गया है. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बाबा, सिद्दीकी, मर्डर, केस, में, आरोपी, आकाशदीप, को, मिली, जमानत, बॉम्बे, हाईकोर्ट, ने, लगाई, ये, शर्त</media:keywords>
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<title>बस्ती से रहस्यमय ढंग से गायब दारोगा अजय गौड़ का शव अयोध्या में मिला, CCTV से उलझी मौत की गुत्थी</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से पांच दिन पहले रहस्यमयी ढंग से लापता हुए दारोगा अजय गौड़ शव बरामद हो गया है. सोमवार को उनका शव कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत तिहुरा माझा में सरयू नदी (घाघरा) के पास बरामद हुआ. शव की शिनाख्त के बाद पुलिस महकमे और उनके परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
अयोध्या में 5 फरवरी को परशुरामपुर थाने में तैनात एसआई अजय गौड़ अचानक लापता हो गए थे. उनकी लावारिस कार बस्ती के अमहट घाट चौकी के पास कुआनो नदी के किनारे खड़ी मिली थी. गाड़ी के अंदर से कुछ सामान बरामद हुआ था जिसके बाद पुलिस ने कुआनो नदी में गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया. लेकिन, कोई सफलता नहीं मिल पाई थी.&amp;nbsp;
सीसीटीवी फुटेज से उलझी मौत की गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस को बस्ती मुख्यालय के कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले थे, जिसमें दारोगा की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी. सवाल उठता है कि अगर वह मुख्यालय तक सुरक्षित थे और उनकी गाड़ी कुआनो नदी (बस्ती) के किनारे मिली, तो वह अयोध्या की सरयू नदी तक कैसे पहुँचे? क्या उन्हें वहां ले जाया गया या वो स्वयं वहां तक गए थे. ये सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है.&amp;nbsp;
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हो सकता है खुलासा
दारोगा का शव बरामद होने की सूचना मिलने के बाद बस्ती पुलिस के आला अधिकारी मौके पर रवाना हो गए. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत पानी में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई और वजह है.&amp;nbsp;
मृतक दारोगा के परिजनों का आरोप है कि अजय गौड़ जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के साथ कुछ अनहोनी हुई है. गायब होने से लेकर शव मिलने तक की कड़ियाँ आपस में नहीं मिल रही हैं. पुलिस महकमे के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है इस मामले पर एडिशनल एसपी श्यामाकांत ने कहा कि हम सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से कड़ियों को जोड़ रहे हैं. जल्द की घटना का खुलासा किया जाएगा. &amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>उन्नाव रेप कांड: सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर की अपील पर तेज सुनवाई का दिया आदेश, HC तीन महीने में पूरी करेगा सुनवाई</title>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में कुलदीप सेंगर की अपील पर तेजी से सुनवाई का आदेश दिया है. सेंगर ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था,&amp;nbsp;लेकिन कोर्ट ने इस पर सुनवाई से मना किया है. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि वह सजा के खिलाफ सेंगर की अपील पर 3 महीने में सुनवाई पूरी करे
साल 2018 में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी. पूर्व विधायक सेंगर को इस मामले में धारा 304 (गैरइरादतन हत्या) के तहत 10 साल की सजा मिली है. 19 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की सजा स्थगित करने से मना कर दिया था. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सेंगर ने दलील दी थी कि वह 7 साल 7 महीना जेल में बिता चुका है इसलिए, अपील लंबित रहने के दौरान उसे जमानत दी जाए
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा स्थगित करने पर सुनवाई से मना किया. सेंगर के लिए पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कहा कि इस तरह तो अपील के लंबित रहते ही उनका मुवक्किल 10 साल की सज़ा काट लेगा. अगर इसके बाद हाई कोर्ट ने उसे निर्दोष पाया तो यह अन्याय होगा. इस पर कोर्ट ने हाई कोर्ट को 3 महीने में सेंगर की अपील के निपटारे के लिए कहा.
सुनवाई के दौरान बेंच के सदस्य जस्टिस जोयमाल्या बागची ने पूछा कि इस मामले में धारा 302 के तहत केस क्यों नहीं चला? पीड़िता के वकील ने कहा कि उन्होंने यह मांग करते हुए हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट 1 सप्ताह में पीड़िता की याचिका के खिलाफ सेंगर की आपत्तियों को सुने. अगर याचिका सुनवाई योग्य लगती है तो उसे भी मुख्य मामले के साथ सुना जाए.
मामले को सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके मीडिया ट्रायल पर नाराजगी जताई. बेंच ने पीड़िता के वकील महमूद प्राचा को कोर्ट के बाहर दिए उनके बयानों के लिए कड़ी फटकार लगाई. चीफ जस्टिस ने कहा, &#039;आपका लाइसेंस सस्पेंड होने से मैंने एक बार बचाया था. आप इस बात को समझें कि हमारी नजर आप पर है. प्रोफेशनल गरिमा को बनाए रखिए.&#039;
पीड़िता के पिता की मौत मामले में 10 साल की सजा के अलावा सेंगर को नाबालिग पीड़िता से बलात्कार के लिए भी उम्रकैद की सजा मिली है. उस मामले में हाई कोर्ट के उसकी सजा निलंबित की थी, लेकिन 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:03 +0530</pubDate>
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<title>Tamil Nadu: गर्भवती पाई गईं सैकड़ों नाबालिग लड़कियां, इंस्टा&#45;फेसबुक से पनपा प्यार, 300 लोगों पर केस दर्ज</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में सोशल मीडिया से शुरू हुए प्रेम संबंधों के चलते बड़ी संख्या में बाल विवाह हुए, जिनके कारण सैकड़ों नाबालिग लड़कियां गर्भवती हो गईं. इस मामले में पुलिस ने 300 युवाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.




तिरुपत्तूर जिले के आम्बूर, वाणियामबाड़ी, नाट्रमपल्ली और तिरुपत्तूर तालुकों में साल 2025 के दौरान सैकड़ों बाल विवाह दर्ज किए गए हैं. अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश शादी सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए पनपे प्रेम संबंधों का परिणाम थे, जबकि कई जोड़े राज्य से बाहर जाकर भी लव मैरिज कर चुके हैं.





बाल विवाह से अस्पतालों में बढ़े प्रेगनेंसी के मामले
जिला प्रशासन ने कई बाल विवाह रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद लव मैरिज और बाल विवाह के मामले लगातार सामने आते रहे. इसका असर यह हुआ कि जिले के सरकारी अस्पतालों में नाबालिग लड़कियों की गर्भावस्था और प्रसव के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं.
माता-पिता और युवकों पर केस दर्ज
इस चौंकाने वाली स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ऐसे मामलों में माता-पिता और संबंधित युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है. जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और सामाजिक जागरूकता की कमी किस तरह बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल रही है.
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:02 +0530</pubDate>
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<title>Telangana Municipal Election: चुनाव प्रचार में ये क्या कर डाला? स्टंट करते समय युवक के हाथ में फटा बम</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में नगर निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. उत्साह में एक युवा कार्यकर्ता द्वारा किया गया स्टंट उस पर भारी पड़ गया. सुल्तानाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान एक युवा जब तोप या पटाखों से फायरिंग का स्टंट कर रहा था, तभी अचानक उसके हाथ में पकड़ी बंदूक में विस्फोट हो गया. इस घटना में युवा घायल हो गया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हाथ में फट गया बमघटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों ने घायल युवा को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. स्थानीय ऑनलाइन न्यूज पोर्टल्स और सोशल मीडिया पर वायरल हुई जानकारी के अनुसार, युवा का हाथ इतना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है कि उसे गंभीर हालत में भर्ती कराना पड़ा है. बताया जा रहा है कि युवा अपनी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में रैली को रोमांचक बनाना चाहता था. उसने भीड़ को लुभाने के लिए जश्न के तौर पर हवाई फायरिंग करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी या लापरवाही के चलते &#039;बम&#039; (बैरल में मौजूद पटाखा) उसके हाथ में ही फट गया.
यह पूरा मामला चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाता है. स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुल्तानाबाद नगर पालिका चुनाव को लेकर जोश अपने चरम पर है. हालांकि इस तरह के स्टंट अक्सर खतरनाक साबित होते हैं. पिछले कुछ समय में भी तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में जुलूसों के दौरान ऐसी ही घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां जश्न के नाम पर जान का खतरा बढ़ गया था.
मामले की जांच में जुटी पुलिसफिलहाल, घायल कार्यकर्ता की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि उसके हाथ को बचाने के लिए लंबा ऑपरेशन करना पड़ सकता है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है. यह घटना सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं के लिए एक चेतावनी है कि चुनाव जीतने के लिए अपनी या दूसरों की जान जोखिम में डालना कभी उचित नहीं होता. जीत हार से बड़ी जिंदगी है और इसे इस तरह की लापरवाही से खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए.
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>KTR vs Revanth Reddy: KTR और CM रेवंत रेड्डी के बीच जुबानी जंग, &amp;apos;छोटे कद&amp;apos; से शुरू हुआ विवाद &amp;apos;कौन है रे तू&amp;apos; तक पहुंचा, जानें पूरी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना की सियासत में अब सियासी शब्द कम और व्यक्तिगत हमले ज्यादा होते जा रहे हैं. बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) के बीच चल रही जुबानी जंग ने एक नया और निचला स्तर छुआ है. केटीआर की ओर से सीएम रेवंत को पोट्टोडु (छोटे कद का) कहकर बेइज्जती करने के मामले ने तूल पकड़ा है, जिसके जवाब में सीएम ने केसीआर और उनके समर्थकों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. यह विवाद तेलंगाना के आंदोलन और अतीत को लेकर दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है.
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीआरएस नेता केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अपमानजनक शब्द &#039;पोट्टोडु&#039; का इस्तेमाल करते हुए कहा कि न तो रेवंत और न ही उनका नेता बीआरएस को कुछ नुकसान पहुंचा सकता है. केटीआर ने रेवंत के अतीत को याद करते हुए कहा, &quot;जब केसीआर तेलंगाना के लिए लड़ रहे थे, तब यह शख्स चंद्रबाबू नायडू के पीछे बैग उठाता फिरता था.&quot; उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर गलती से भी फिर से &#039;गुलाबी झंडा&#039; लहराया तो रेवंत की &#039;खैर नहीं&#039;. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी याने लोगों को फिर से लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा.
सीएम रेवंत रेड्डी का तीखा प्रहार
इस हमले पर पलटवार करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने केसीआर और उनके समर्थकों पर तीखा प्रहार किया. एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा, &quot;कौन है रे तू राष्ट्रपिता? तेरी जाति (कौम) कौन सी है?&quot; रेवंत ने पूछा कि जब तेलंगाना आंदोलन चल रहा था और केसीआर आमरण अनशन पर थे, तब ये लोग कहां छिपे हुए थे. उन्होंने कहा कि आज ये लोग राज्य के इतिहास पर बात करते हैं, लेकिन उस वक्त वे सिर्फ &#039;चाटुकारिता&#039; कर रहे थे. उन्होंने साफ कहा कि केसीआर के बलिदान के आगे किसी भी धमकी या कार्रवाई का कोई मोल नहीं है.
तेलंगाना में बदलते सियासी समीकरण
यह विवाद तब सामने आया है जब तेलंगाना में सियासी समीकरण लगातार बदल रहे हैं. बीआरएस, जो दशकों तक सत्ता में रही, अब विपक्ष में बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए है. वहीं, कांग्रेस सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ बीआरएस के शासनकाल को लेकर हमलावर है. सोशल मीडिया पर इन भाषणों की वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों दलों के समर्थकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. मामला सिर्फ राजनीति से आगे बढ़कर व्यक्तिगर टिप्पणियों तक पहुंच चुका है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आम जनता इस नफरत भरी राजनीति का क्या जवाब देती है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:08:01 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;6&#45;6 माफीनामे लिखने वाले को भारत रत्न?&amp;apos; ओवैसी ने उठाए सवाल, कहा&#45; शायद गोडसे को भी मिले सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ महबूबनगर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार (9 फरवरी) को RSS और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने विशेष व्यक्तियों को भारत रत्न देने की मांग करने वालों पर तीखा प्रहार किया और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इसी तरह से इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया तो शायद भविष्य में नाथूराम गोडसे को भी यह सम्मान दे दिया जाए.&amp;nbsp;
ओवैसी ने अपने संबोधन में आजादी की लड़ाई में मुस्लिमों के योगदान, खासकर हैदराबाद के अलाउद्दीन को याद कर इतिहास के उन पन्नों को खोला, जिन्हें भुलाने की कोशिश की जा रही है. अपने भाषण में ओवैसी ने RSS से सीधे सवाल पूछते हुए कहा, &quot;आप इतिहास के पन्ने पलटें और देखें कि असली कुर्बानी किसने दी.&quot;&amp;nbsp;
कौन थे मौलवी अलाउद्दीनउन्होंने हैदराबाद की धरती के महान स्वतंत्रता सेनानी मौलवी अलाउद्दीन, जो मक्का मस्जिद के इमाम थे. उनका जिक्र करते हुए बताया कि कैसे रमजान के महीने में मौलवी अलाउद्दीन ने एक विशाल मजमे का नेतृत्व किया और उस समय की निजाम सरकार व अंग्रेजों के खिलाफ &#039;सुल्तान बाजार&#039; में विरोध प्रदर्शन किया था. उस समय अंग्रेजों की रेजीडेंसी वहीं थी और निजाम उनके संरक्षण में काम करते थे.
ओवैसी ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखते हुए कहा कि मौलवी अलाउद्दीन और तुर्रेबाज खान जैसे जांबाजों ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया, जिसके चलते मौलवी को गिरफ्तार कर काला पानी (अंडमान) भेज दिया गया, जहां उनकी शहादत हो गई. उन्होंने RSS पर तंज कसते हुए पूछा, &quot;क्या काला पानी का वह पहला मुजरिम RSS का कोई व्यक्ति था या एक मुसलमान?&quot; उन्होंने स्पष्ट किया कि मौलवी अलाउद्दीन काला पानी की सजा पाने वाले पहले व्यक्ति थे.
&#039;मुस्लिम सपूतों को भुलाया जा रहा&#039;उन्होंने आगे कहा कि जिस व्यक्ति (संज्ञानात्मक रूप से वीर सावरकर का जिक्र) को भारत रत्न देने की बात की जा रही है, उन्होंने अंग्रेजों को छह-छह माफीनामे लिखे थे. उन्होंने कहा कि जब मौलवी अलाउद्दीन और अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी जैसे विद्वानों ने कभी घुटने नहीं टेके और देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी तो ऐसे सपूतों को भुलाया क्यों जा रहा है?&amp;nbsp;
उन्होंने जस्टिस कपूर कमीशन का हवाला देते हुए यह भी याद दिलाया कि महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में उन लोगों का नाम भी शामिल था जिन्हें आज खूबसूरत बताया जा रहा है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है और बीजेपी द्वारा सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग तेज हो रही है.&amp;nbsp;
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KTR vs Revanth Reddy: KTR और CM रेवंत रेड्डी के बीच जुबानी जंग, &#039;छोटे कद&#039; से शुरू हुआ विवाद &#039;कौन है रे तू&#039; तक पहुंचा, जानें पूरी कहानी ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Tamil Nadu: रिश्ते में बहन लगने वाली लड़की से था शख्स का संबंध, विवाद हुआ तो कर दी पत्नी की हत्या</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में शादी के मात्र पांच महीने बाद एक लड़की की हत्या की घटना ने इलाके में खलबली मचा दी. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे उसके पति का अवैध संबंध मुख्य वजह है.
बता दें कि&amp;nbsp;तिरुपत्तूर जिले के पेरियापलायम इलाके के पास मदुरा कंडिगाई नामक एक क्षेत्र में मुरुगन अपनी पत्नी रेवती के साथ रहते हैं. उनकी 20 साल की बेटी कौशल्या थी. लड़की ने चेन्नई के एक महिला कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी और पोन्नेरी के एक कॉलेज में टीचर बनने के लिए पढ़ाई कर रही थी.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;5 महीने पहले हुई थी शादी
इस बीच 5 महीने पहले, पोन्नेरी के पास पेरुमपेडु इलाके के राजेश की शादी कौशल्या से हुई थी. राजेश दुल्हन कौशल्या का दूर का रिश्तेदार है. शादी के बाद भी अपनी बीएड की पढ़ाई कर रही कौशल्या की कुछ दिन पहले रहस्यमय तरीके से मौत हो गई. घटना वाले दिन सुबह राजेश हमेशा की तरह काम पर गया था. दोपहर में पड़ोसियों ने राजेश को बताया कि कौशल्या घर में बेहोश पड़ी है. वह तुरंत घर आया दरवाजा तोड़ा और रसोई में बेहोश पड़ी कौशल्या को पास के एक निजी अस्पताल ले गया.&amp;nbsp;
पिता ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई
कौशल्या रसोई में बेहोश पड़ी थी और उसके सिर पर चोट लगी थी. डॉक्टरों ने सोचा कि वह बेहोश हो गई होगी. जब कौशल्या की जांच की गई तो पता चला कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी है. इससे सदमे में आए राजेश ने अपने ससुर मुरुगन को सूचना दी.&amp;nbsp;
लेकिन अस्पताल में अपनी बेटी को देखने आए मुरुगन ने उसके चेहरे पर चोट के निशान देखे और तुरंत पुलिस स्टेशन में इस मौत पर संदेह जताते हुए शिकायत दर्ज कराई. उस शिकायत के आधार पर पोन्नेरी के पुलिस निरीक्षक तमिलनबन के नेतृत्व में पुलिस ने राजेश को पूछताछ के लिए बुलाया. साथ ही उनके घर पर फोरेंसिक जांच भी की गई.&amp;nbsp;
पुलिस पूछताछ में राजेश ने स्वीकारा अपराध
इसके अलावा कौशल्या के सिर पर लगी चोट गिरने से नहीं हुई थी. इतना ही नहीं जब राजेश से कौशल्या के चेहरे और गर्दन पर खरोंच के बारे में पूछा गया तो राजेश ने असंबद्ध उत्तर दिए. इसलिए जब पुलिस ने पूछताछ की तो राजेश ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या की है.&amp;nbsp;
उसने पुलिस से कहा कि इस हत्या का कारण उसका अवैध संबंध था. यानी राजेश का दूर की बहन के रूप में आने वाली सेगुंद्रम गांधीनगर में रहने वाली दीपिका से संबंध था. धीरे-धीरे दोनों रिश्ते को भूलकर प्यार करने लगे. भाई-बहन के रिश्ते के कारण वह घर पर प्यार के बारे में नहीं बता सके. ऐसी स्थिति में कौशल्या की शादी राजेश से हुई.&amp;nbsp;
पुलिस ने राजेश और दीपिका दोनों को गिरफ्तार किया
पत्नी के कॉलेज जाने के बाद, राजेश ने दीपिका के साथ संबंध विकसित किए. इस तरह हत्या से दो दिन पहले दोनों ने अकेले समय बिताया. तब दीपिका ने कहा कि अगर तुम्हारी पत्नी कौशल्या जिंदा है तो हम खुश नहीं रह सकते. इसलिए उसे मार डालो और राजेश ने ऐसा ही किया.&amp;nbsp;
हत्या वाले दिन, राजेश ने पड़ोसियों से कहा कि वह काम पर जा रहा है और कुछ ही मिनटों में बिना किसी को बताए घर में घुस गया और बिस्तर पर सो रही कौशल्या की नाक और गर्दन को दबाकर उसकी हत्या कर दी. तभी उसके चेहरे और गर्दन पर खरोंचें आईं.
इसके बाद उसने उसके सिर को टाइलों पर मारा और चोट पहुंचाई. उसने सेट किया कि कौशल्या तेल के कारण फिसलकर मर गई. इसके बाद पुलिस ने राजेश और दीपिका दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और जेल में डाल दिया. इस घटना ने तिरुपत्तूर जिले में भारी हंगामा मचा दिया. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:55 +0530</pubDate>
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<title>गलत तरीके से बाल काटने का मामला: मॉडल को मिला 2 करोड़ का मुआवजा घटाकर सुप्रीम कोर्ट ने 25 लाख किया</title>
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<description><![CDATA[ मॉडल के बाल गलत तरीके से काटे जाने के मामले में दिए गए 25 लाख रुपए के मुआवजे को सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है. अपने तरीके के अनोखे मामले में शुरू में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) ने 2 करोड़ रुपए का मुआवजा तय किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे बहुत ज्यादा बताते हुए मुआवजा घटा दिया है.
मामला साल 2018 का है. आशना रॉय नाम की मॉडल ने आरोप लगाया था कि वह एक प्रोफेशनल इंटरव्यू से पहले हेयर कट के लिए गईं. दिल्ली के फाइव स्टार होटल आईटीसी मौर्य के सैलून में उनकी नियमित हेयर स्टाइलिस्ट मौजूद नहीं थी. किसी दूसरे स्टाफ ने उनके बाल काटे. उनके निर्देशों का पालन स्टाफ नहीं कर पाया और बाल बेहद खराब तरीके से काट दिए. हेयर ट्रीटमेंट के दौरान अधिक अमोनिया के कारण उनके बाल और सिर की त्वचा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उन्हें बहुत जलन हुई.
मॉडल ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में की. उन्होंने कहा कि गलत हेयर ट्रीटमेंट से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा और करियर पर नकारात्मक असर पड़ा. कुछ बड़े प्रोजेक्ट उनसे छूट गए. मॉडल की शिकायत के बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने सितंबर 2021 में होटल को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. होटल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दोबारा विचार के लिए NCDRC के पास भेज दिया. &amp;nbsp;
मामला NCDRC में वापस जाने के बाद मॉडल ने मुआवजे की मांग को बढ़ा कर 5.2 करोड़ रुपए कर दिया. हालांकि, अप्रैल 2023 में NCDRC ने दोबारा 2 करोड़ रुपए के मुआवजे का आदेश दे दिया. NCDRC ने आईटीसी लिमिटेड को घटना की तारीख से भुगतान तक 9 प्रतिशत ब्याज चुकाने का भी आदेश दिया.&amp;nbsp;
इसके खिलाफ आईटीसी दोबारा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. 6 फरवरी को जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने मामले पर फैसला दिया. इस फैसले में कोर्ट ने मुआवजे को बहुत ज्यादा बताया है. जजों ने यह भी कहा कि NCDRC में मॉडल ने अपने दावे के सबूत में पर्याप्त दस्तावेज नहीं पेश किए. अगर उनका कोई नुकसान हुआ भी था, तो भी यह इतना अधिक नहीं लगता कि 2 करोड़ का भारी मुआवजा दिया जाए.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NCDRC को मुआवजा तय करते समय तथ्यों को देखना चाहिए था. मुआवजा सिर्फ एक पक्ष के दावे के आधार पर तय नहीं किया जाना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि 2023 में मामले को दोबारा NCDRC के पास भेजते समय मॉडल को 25 लाख रुपए मुआवजा दिलवाया गया था. यह मुआवजा पर्याप्त है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सावधान! प्यार में होश खो बैठी लड़की, बॉयफ्रेंड को भेज दी मां की अश्लील तस्वीरें, ऐसे खुला राज</title>
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<description><![CDATA[ Bengaluru News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 23 साल की लड़की पर आरोप है कि उसने अपनी मां की अंतरंग तस्वीरें अपने बॉयफ्रेंड के साथ साझा की. पुलिस के मुताबिक लड़की अपनी पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही थी और अक्सर अपने बॉयफ्रेंड से घंटों फोन पर बातचीत करती थी. एक महीने पहले मां ने अपनी बेटी को अपने बॉयफ्रेंड से बात करते हुए देखा और उसने फोन छीन लिया.
कुछ दिन बाद महिला ने बेटी का फोन चेक किया और फोटो गैलरी में अपनी और रिश्तेदार महिला की अश्लील तस्वीरें देखीं. इन तस्वीरों को लड़की ने बिना बताए अपने बॉयफ्रेंड को भेजा था. घटना के बारे में जानकर महिला भारी सदमे और मानसिक तनाव में आ गई.
पुलिस ने मोबाइल जब्त कर शुरू की जांच
मां ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बेटी और उसके पति के मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं. पुलिस ने कहा कि अगर जांच में अपराध साबित होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
परिवार और पड़ोस में हलचल
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले ने परिवार और पड़ोसियों में भी चिंता पैदा कर दी है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्वीरें किस-किस तक पहुंची हैं और किस तरह साझा की गईं. पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके.
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>तुम्हारी शादी कब होगी? सवालों से तंग आकर 30 साल के शख्स ने किया सुसाइड, 20 मंजिला इमारत से कूदा</title>
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<description><![CDATA[ Hyderabad Suicide News: हाल ही में शहर में शादी न होने से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है. तेलंगाना के&amp;nbsp;हैदराबाद के अत्तापुर इलाके में रहने वाले 30 साल के प्रवीण लंबे समय से विवाह न हो पाने के कारण डिप्रेशन में थे. उम्र बढ़ने और बार‑बार रिश्ते तय न हो पाने से वह खुद को अकेला और असहाय महसूस करने लगे थे.
परिवार और दोस्तों की शादियों को देखकर और बार‑बार &#039;तुम्हारी शादी कब होगी? जैसे सवाल सुनकर उनका मानसिक दबाव और बढ़ गया. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रवीण बेहद परेशान थे और इसी मानसिक तनाव के चलते प्रवीण ने यह खतरनाक कदम उठाया.
20 मंजिला इमारत से कूदकर दी जान
जानकारी के मुताबिक, वह रविवार दोपहर को 20 मंजिला इमारत पर गया और वहां से कूद गया. गंभीर रूप से घायल प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रवीण के शव को कब्जे में ले लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि शादी नहीं होने से डिप्रेशन में जाने के कारण आत्महत्या हुई.&amp;nbsp;
डिप्रेशन या मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों की मदद करने और आत्महत्या को रोकने के लिए कई स्वयंसेवी संगठन मुफ्त हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. अगर कोई परेशानी में है, तो निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र
नेशनल हेल्पलाइन (Tele-MANAS): केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ये सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं.नंबर: 14416 या 1800 891 4416
रोशनी - हैदराबाद: डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों वाले लोगों को काउंसलिंग देने वाला एक प्रसिद्ध संगठन. 040-66202000 या 040-66202001 पर संपर्क करके मदद मांगी जा सकती है.
आसरा : यह 24/7 उपलब्ध एक मुफ्त सेवा केंद्र है. 98204 66726 पर कॉल करके सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं.
वनलाइफ: नंबर 78930 78930 पर कॉल करके समस्या बताने पर वे उन्हें बुरे विचारों से बाहर निकाल देंगे.
विशेष रूप से, ऐसे समय में अकेले न रहें. आपको अपने मन की पीड़ा या चिंता को करीबी दोस्तों या परिवार के सदस्यों के साथ साझा करना चाहिए. डिप्रेशन केवल एक बीमारी है. एक अच्छे मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक से इलाज कराने से जल्दी ठीक हो सकते हैं. अगर आप किसी को जीवन के खतरे में देखते हैं, तो आवश्यकतानुसार तुरंत 100 या 108 (एम्बुलेंस) को सूचित करें. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>India&#45;US Trade Deal: ट्रेड डील के बाद भी ट्रंप की धमकी, ऑर्डर में जो लिखा, बहुत डरावना है!</title>
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<description><![CDATA[ भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी 2026 को जो ट्रेड डील हुई थी, उस डील पर 7 फरवरी को ट्रंप ने अपनी मुहर लगा दी और उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर भी साइन कर दिए जिसमें भारत पर लगा 25 फीसदी का पेनल्टी टैरिफ हटा लिया गया लेकिन इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में ट्रंप की ओर से जो शर्तें रखी गई हैं, वो बेहद डरावनी हैं. ट्रंप ने सारी शर्तों के साथ ये भी शर्त रखी है कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो ट्रंप फिर से 25 फीसदी की पेनल्टी लगा देंगे और तब टैरिफ 43 फीसदी का हो जाएगा. यहां सवाल ये है कि जब इस ट्रेड डील की शर्तें सार्वजनिक हैं ही नहीं तो ट्रंप ये धमकी कैसे दे सकते हैं और अगर ट्रंप ये धमकियां दे रहे हैं, तो फिर भारत की ओर से कोई भी उनका जवाब क्यों नहीं दे रहा है. आखिर इस ट्रेड डील में ऐसा है क्या, जिसे बताया कम और छुपाया ज्यादा जा रहा है, आज क्लियर कट बात होगी इसी मुद्दे पर.
2 फरवरी को जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर इस ट्रेड डील का ऐलान किया था तो उसमें प्राथमिक तौर पर दो चीजें भारत के हित में नहीं दिख रहीं थीं. पहला था भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलना और दूसरा भारत का रूस से तेल खरीदने पर रोक लगाना. सबसे ज्यादा हंगामा और सबसे ज्यादा सवाल कृषि उत्पादों को लेकर ही हुए तो सबसे ज्यादा सफाई भी खेती-किसानी को लेकर ही आई है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि भारत ने इस डील में किसी भी राष्ट्रीय हित से रत्ती भर भी समझौता नहीं किया है और भारत के किसानों को इस डील से फायदे के अलावा कोई नुकसान नहीं होने वाला है. एक इंटरव्यू के दौरान जब पीयूष गोयल से सवाल हुआ कि इस डील से भारत के किसानों को नुकसान होगा तो उन्होंने कहा-
&#039;भारत के किसान जो भी पैदा करते हैं और जिनके लिए भारत किसी दूसरे देश से आयात पर निर्भर नहीं है, उन सभी उत्पादों को इस डील से बाहर रखा गया है. मीट, पोल्ट्री, सभी डेयरी उत्पाद, जेनेटिकली मॉडिफाइड प्रोडक्ट, अनाज यानी कि चावल और गेहूं, चीनी, सोया, कॉर्न, मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोडो, अमारंथ, फल जैसे केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, दाल जैसे हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, पशुओं का चारा, मूंगफली, शहद, एथनॉल, तंबाकू और हर वो चीज जो भारत के किसान पर्याप्त मात्रा में पैदा करते हैं, उन्हें इस ट्रेड डील से बाहर रखा गया है.&#039;
इस डील से बाहर रखे गए कृषि उत्पादों के नाम गिनाते हुए पीयूष गोयल ने पूछा कि बचा क्या है, किस बात का डर है. भारत में जो भी अनाज पैदा होता है और जिसकी जरूरत पूरी करने के लिए हमें बाहर से उसे खरीदना नहीं पड़ता है, वो सब इस ट्रेड डील का हिस्सा नहीं है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल की ही बात को दोहराया है और कहा है कि भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी उत्पाद इस डील में शामिल नहीं है.
दूसरा सवाल है कि क्या भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा, जिसकी बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की है, तो उसपर किसी भी केंद्रीय मंत्री की ओर से कोई क्लियर कट जवाब नहीं है. खुद पीयूष गोयल, जिन्होंने कृषि उत्पादों पर लंबी-चौड़ी सफाई दी है और इस डील को विकसित भारत के संकल्प के लिए जरूरी बताया है, वो भी रूस से तेल खरीद बंद करने के मुद्दे पर कह रहे हैं कि इसका जवाब विदेश मंत्रालय देगा.
विदेश मंत्रालय की ओर से भले ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसका जवाब न दिया हो, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 5 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया है कि भारत सरकार की पहली प्राथमिकता भारत के 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है.
2 फरवरी की ट्रंप की ट्रूथ सोशल की पोस्ट और फिर 7 फरवरी को साइन हुआ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर कहता है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा और अमेरिका से ऊर्जा की जरूरतों का सामान खरीदता रहेगा. इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में ट्रंप ने ये भी साफ-साफ लिखा है कि अमेरिका का कॉमर्स डिपार्टमेंट और विदेश विभाग इस बात की लगातार निगरानी करेंगे कि भारत रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कच्चा तेल न खरीदे. अगर भारत &amp;nbsp;दोबारा रूस से तेल खरीदना शुरू करता है, तो पेनाल्टी के तौर पर 25% अतिरिक्त टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है. इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के साइन होने के बाद और अमेरिका की ओर से शर्तें रखे जाने के बाद भी पीयूष गोयल अपने पुराने ही बयान पर कायम हैं और कह रहे हैं कि ट्रेड डील इस बारे में चर्चा नहीं करती कि कौन, क्या और कहां से खरीदेगा.
ट्रंप का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर तो यही कहता है कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया और अगर इस बात का पता अमेरिका को लग गया तो ट्रंप भारत पर फिर से 25 फीसदी की पेनल्टी लगा देंगे. ट्रंप ने इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को नाम दिया है MODIFYING DUTIES TO ADDRESS THREATS TO THE UNITED STATES BY THE GOVERNMENT OF THE RUSSIAN FEDERATION. ये एग्जीक्यूटिव ऑर्डर कहता है-
&#039;सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, सेक्रेटरी ऑफ ट्रेजरी और सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी इस बात की निगरानी करेंगे कि एग्जीक्यूटिव ऑर्डर नंबर 14329 के सेक्शन 7 के तहत भारत रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर तेल न खरीदे. अगर सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स को ऐसा कुछ मिलता है कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीद रहा है तो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, सेक्रेटरी ऑफ ट्रेजरी, सेक्रेटरी ऑफ कॉमर्स, सेक्रेटरी ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि,राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रपति के ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग के सलाहकार काउंसलर मिलकर मुझे ये बताएंगे कि मुझे भारत पर क्या ऐक्शन लेना है, जिसमें हटाए गए 25 फीसदी टैरिफ को फिर से लागू करना भी शामिल है.&#039;
भारत और अमेरिका की ओर से ट्रेड डील पर जो जॉइंट स्टेटमेंट सामने आया है, उसमें ऐसी कोई धमकी नहीं है, लेकिन अलग से वॉइट हाउस ने अपनी वेबसाइट पर जो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर की कॉपी छापी है, उसमें ये धमकी दी गई है और ट्रंप की इस धमकी का जवाब अभी तक भारत की ओर से किसी ने भी नहीं दिया है. ये सब तब है जब इतनी बातें होने के बाद भी इस ट्रेड डील की शर्तें सार्वजनिक नहीं हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 17:07:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>पाली में टोल नाके पर गुंडों का तांडव, 6 गाड़ियों के काफिले ने कर्मचारियों पर सरियों से किया हमला</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान के पाली जिले में स्टेट हाइवे पर स्थित आमलिया टोल नाके पर 7 से 8 युवकों ने 6 फरवरी को करीब 20 मिनट तक जमकर उत्पात मचाया. हमलावर छह गाड़ियों के काफिले में आए थे, जिनमें दो थार, एक स्विफ्ट, दो फोर्ड फिगो और एक कैंपर जीप शामिल थी. उन्होंने टोल बैरियर तोड़ते हुए टोल कैबिन पर भी हमला किया था.
युवकों ने लाठियां और हॉकी स्टिक से किया टोल कर्मचारियों पर हमला
टोल मैनेजर राहुल सामोता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आमलिया की ओर से आए इन युवकों ने बिना किसी बात के टोल केबिन में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कर्मचारियों के साथ मारपीट भी करने लगे. आरोप है कि हमलावरों ने कुर्सी उठाकर कर्मचारी पिंटू सिंह पर हमला किया. वहीं उनके पास लाठियां, हॉकी स्टिक और सरिए थे, जिससे डरकर टोल स्टाफ अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा.
5 फरवरी की घचना का सीसीटीवी फुटेज अब आया सामने
हमलावरों ने इसके बाद सर्वर रूम में घुसकर भी जमकर तोड़फोड़ की. टोल मैनेजर राहुल सामोता को अपनी जान बचाने के लिए सर्वर ऑफिस में छुपना पड़ा, लेकिन वहां भी हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि इस दौरान मॉनिटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरे और कांच तोड़ दिए गए, साथ ही टोल कलेक्शन की राशि भी लूट ली गई.
घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए बाबू लाल और कार्तिक के साथ भी मारपीट की गई. हमलावरों ने एक कैंपर जीप से टक्कर मारकर टोल पर खड़ी एक बाइक पर थार चढ़ा दी, जिससे केसर सिंह उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए.
यह पूरी घटना गुरुवार (5 फरवरी) की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है. जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आई है, जिसके आधार पर पुलिस ने यशपाल रावल (निवासी भंदर), भरत रावल (पिंडवाड़ा), कुलदीप सिंह राणावत (आसावा), कैलाश सिंह सहित 3-4 अन्य युवकों की पहचान की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि हमले की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सीहोर के सिविल अस्पताल में वसूली! डिलीवरी के बाद पैसे नहीं देने पर रोका नवजात, 1500 लेकर सौंपा बच्चा</title>
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<description><![CDATA[ मध्यप्रदेश के सीहोर बुधनी के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद जहां आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद थी, वहीं अब यहां से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूति दाइयों द्वारा प्रसूता के परिजनों से खुले आम पैसों की मांग की गई.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;नवजात शिशु को देने से पहले की 4000 रुपये की मांग
पीड़ित परिवार का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात दाई ने नवजात शिशु को देने से पहले 4000 रुपये की मांग की. जब परिवार ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताई और पूरी राशि को देने में अपने आप को असमर्थता बताया, तो दाई ने कथित तौर पर बच्चा देने से इंकार कर दिया. इसके बाद मजबूर गरीब परिवार ने जैसे-तैसे 1500 रुपये की व्यवस्था की, तब जाकर दाई ने उन्हें उनका नवजात शिशु दिया. इसी घटना को लेकर आक्रोशित परिवार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है.
&#039;कुछ कर्मचारी सरकारी योजनाओं के नाम पर कलंक लगा रही हैं&#039;
जब इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. बड़ोदिया से बात की गई, तो उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह घटना ना केवल अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह निम्न श्रेणी के कुछ कर्मचारी अपनी मनमानी से सरकारी योजनाओं के नाम पर कलंक लगा रही हैं.&amp;nbsp;
सरकार जहां जननी सुरक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को निःशुल्क प्रसव सुविधा देने का दावा करती है, वहीं इस तरह की वसूली गरीबों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है. अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा. जनता की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>सीहोर, के, सिविल, अस्पताल, में, वसूली, डिलीवरी, के, बाद, पैसे, नहीं, देने, पर, रोका, नवजात, 1500, लेकर, सौंपा, बच्चा</media:keywords>
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<title>&amp;apos;अगर दोष साबित हुआ तो खुद की गर्दन काट लूंगा&amp;apos;, रेप का आरोप लगने पर बोले यूट्यूबर शादाब जकाती</title>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर &#039;10 वाला बिस्किट का पैकेट कितने का है&#039; कहकर वायरल हुए यू-ट्यूबर शादाब जकाती इस वक्त एक गंभीर आरोप को लेकर चर्चा में हैं. शादाब जकाती पर एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराते हुए उस पर रेप का आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल तेज हो गई है.
यू-ट्यूबर शादाब जकाती ने दी सफाई&amp;nbsp;
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यू-ट्यूबर शादाब जकाती ने एक भावुक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है. वीडियो में शादाब ने कहा कि जिस महिला ने उस पर आरोप लगाए हैं, वह खुद एक दिन उनसे मदद मांगने आई थी. महिला ने शादाब से मदद मांगते हुए कहा था कि वह मजदूरी का काम करती है, उसका एक बच्चा है और आर्थिक तंगी के कारण वह अपने बच्चे की पढ़ाई नहीं करा पा रही. जिसके बाद शादाब ने इंसानियत के नाते उसकी मदद की और उसके बच्चे की छह महीने की फीस, कोर्स और किताबों की व्यवस्था कराई थी.
शादाब जकाती ने वीडियो में बताया कि उनकी टीम में करीब आठ लोग हैं, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल हैं, और वह लंबे समय से गरीबों की मदद करते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस महिला की कई बार आर्थिक मदद भी की गई. जैसे कभी 5 हजार, कभी 2 हजार और कभी 1 हजार रुपये की और उन्होंने कभी भी इसकी मदद करने से इनकार नहीं किया. महिला ने उनकी टीम के साथ कई वीडियो में भी काम किया है. शादाब ने यह भी बताया कि गांव का दुकानदार और उनकी टीम के सदस्य भी इस बात के गवाह हैं कि आरोप लगा रही महिला को कितने बार महीनों का राशन दिया जाता था.
&#039;मैंने आज तक उस महिला को छूआ नहीं&#039;
अपने वीडियो में शादाब जकाती ने आरोपों को साजिश बताते हुए कहा कि &#039;मैं कसम खाता हूं की मैंने आज तक महिला को छूआ भी नहीं है&#039;. मेरे घर में कैमरे लगे हैं और वहां हमेशा आठ से दस लोग मौजूद रहते हैं और महिला कभी भी मेरे घर पर रुकी तक नहीं है&#039;. शादाब ने जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर मेरे खिलाफ जरा-सा भी सबूत मिलता है, तो मैं अपनी गर्दन खुद काट लूंगा.
वीडियो के अंत में शादाब भावुक होते हुए बोले कि उन्होंने बहुत मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है. उन्हें दर्द इस बात का है कि वे मेहनत कर के फेमस हुए और आज जो भी पैसे भी कमा रहे हैं, उनसे लोगों की मदद ही करते हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>अगर, दोष, साबित, हुआ, तो, खुद, की, गर्दन, काट, लूंगा, रेप, का, आरोप, लगने, पर, बोले, यूट्यूबर, शादाब, जकाती</media:keywords>
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<title>कुशीनगर में बाइक सवार की जेब में रखा मोबाइल फटा, हादसे में बुरी तरह झुलसा पैर, 3 लोग घायल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से बेहद डराने वाली घटना सामने आई हैं, जहां एक बाइक सवार की जेब में रखे मोबाइल फोन की अचानक बैट्री फट गई. इस हादसे में युवक का पैर बुरी तरह झुलस गया. धमाके के साथ बाद बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने बिजली के खंबे से जा टकराई. इस हादसे में बाइक पर सवार उसकी सास और साली को भी चोटें आईं है. तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.&amp;nbsp;
ये हादसा कुशीनगर के संत गाडगेनगर में स्थित खरदर पुल के पास हुआ. जहां 31 साल का अरुण मिश्र अपने भाई की ससुराल थाना तुर्कपट्टी के मठिया गांव से कसाया की ओर जा रहा था. उसकी बाइक पर बड़े भाई की सास रीता देवी (55 साल) और साली नीशू (17 साल) भी पल्सर मोटर साइकिल पर सवार थी.&amp;nbsp;
जेब में रखे मोबाइल फोन में धमाका
रास्ते में युवक जब खरदर पुल के पास पहुंचा, तभी उसकी पेंट की जेब में रखे मोबाइल फ़ोन में ब्लास्ट हो गया. जिसके बाद बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने बिजली के खंबे से जा टकराई. जिससे तीनों सड़क पर गिर गए और घायल हो गई. फ़ोन में ब्लास्ट की वजह से अरुण का पैर झुलस गया और वो बुरी तरह घायल हो गया. वहीं सास और साली के भी सिर, हाथ-पैर में चोट आई है.&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि अरुण बाइक चलाते समय मोबाइल फोन पर हेडफोन लगाकर काफी देर से कही बातचीत कर रहा था, जिससे फ़ोन गर्म हो गया और उसमें धमाका हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अरुण ने हेलमेट पहना था जिसकी वजह से उसकी जान बच गई.&amp;nbsp;
हादसे में युवक का पैर झुलसा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को एंबुलेंस के ज़रिए अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज किया जा रहा हैं. पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है. घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है.&amp;nbsp;
एक्सपर्ट की माने तो मोबाइल में अक्सर बैटरी फटने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है. इससे बचने के लिए मोबाइल को कभी फुल चार्ज नहीं करना चाहिए और न हीं मोबाइल की बैटरी कभी बिल्कुल डाउन होनी चाहिए. मोबाइल कवर के अंदर कभी रुपये या कोई कागज भी नहीं रखना चाहिए. गर्मी के मौसम में मोबाइल को बहुत देर तक धूप के संपर्क में आने से बचाना चाहिए.
इनपुट- अखिलेश तिवारी ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>मुंबई: दादर स्टेशन पर यात्रियों को ठगने वाले  7 टैक्सी चालक गिरफ्तार, 4 टैक्सी जब्त</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई के माटुंगा पुलिस थाना क्षेत्र में दादर रेलवे स्टेशन पूर्व इलाके में यात्रियों से ठगी करने वाले टैक्सी चालकों और उनके साथियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. 24 जनवरी 2026 और 26 जनवरी 2026 को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो यात्रियों से क्रमशः 1800 रुपये और 2000 रुपये की ठगी की गई थी. मामले की जांच के बाद पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के पास से ठगी से जुड़ी संपत्ति और 4 टैक्सियां भी जब्त की गई हैं.
माटुंगा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दादासाहेब घुटुकड़े ने बताया कि आरोपी टैक्सी चालक सुबह-सुबह प्लेटफॉर्म पर आने वाले यात्रियों को मीठी बातों में फंसाकर स्टेशन के बाहर अपनी टैक्सी तक ले जाते थे. वहां पहले से मौजूद 2-3 साथी चालक मिलकर यात्रियों से 500 रुपये का नोट दिखाने के लिए कहते थे.
इसके बाद हाथ की सफाई से नोट बदलकर उसे 100 रुपये बताकर वापस करते और असली 500 रुपये का नोट टैक्सी में ही गिरा देते थे. टैक्सी के अंदर साफ दिखाई न दे, इसके लिए नीली लाइट लगाई जाती थी. इस तरीके से कई यात्रियों को ठगा गया.
सुबह का समय चुनते थे आरोपी
पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ठगी के लिए सुबह का समय इसलिए चुनते थे क्योंकि उन्हें पता है कि सुबह-सुबह यात्री थोड़ा नींद में होते हैं, पूरी तरह फ्रेश नहीं होते और उन्हें जल्दबाजी होती है. इसी वजह से यह समय चुना जाता था.
पुलिस की अपील और निर्देश
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के साथ ऐसा होता है तो उन्हें तुरंत इस बात की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए. पुलिस यात्रियों का ज्यादा समय नहीं लेगी. इसके साथ ही लोकल पुलिस, रेलवे पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त मीटिंग हुई है, जिसमें कई मार्गदर्शन किए गए हैं और सबको निर्देश दिया गया है कि टैक्सी ड्राइवर स्टेशन पर न जा पाएं. यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>बीजेपी की रितु तावड़े बनेंगी BMC मेयर, अब उद्धव ठाकरे गुट ने लिया ये बड़ा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. बीजेपी की रितु तावड़े अब निर्विरोध मेयर बन सकती हैं. अगर आज (7 फरवरी) शाम 6 बजे तक कोई और दल मेयर पद के लिए उम्मीदवारी नहीं दाखिल करता है, तो रितु तावड़े सीधे मेयर चुन ली जाएंगी.
इस बार महायुति की ओर से बीजेपी की रितु तावड़े ने मेयर पद के लिए और शिंदे गुट की शिवसेना के संजय घाड़ी ने उपमहापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है. वहीं, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और कांग्रेस ने अभी तक मेयर पद के लिए कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है. इस स्थिति में महायुति की उम्मीदवार रितु तावड़े का निर्विरोध मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है.
11 फरवरी को होगा बीएमसी मेयर पद का चुनाव
एनसीपी (एसपी) के एकमात्र पार्षद अजीत राव राणे ने भी महायुति का समर्थन करने का ऐलान किया है. इससे यह संभावना और मजबूत हो गई है कि मेयर और उपमहापौर का चुनाव बिना मुकाबले के ही संपन्न होगा. बीएमसी मेयर पद का चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगा. नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा आज शाम 5 बजे तक है. अगर इस समय तक विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं आता है, तो रितु तावड़े बिनविरोध मेयर बन जाएंगी और उपमहापौर का पद भी निर्विरोध तय हो सकता है.
मुंबई की राजनीति में मजबूत दिखाई दे रहा महायुति का दबदबा
इस चुनाव में महायुति की जीत लगभग पक्की मानी जा रही है. शिवसेना के मेयर पद के लिए उम्मीदवार न देने के फैसले ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. ऐसे में मुंबई की राजनीति में महायुति का दबदबा और मजबूत होता दिखाई दे रहा है.
ये भी पढ़िए- जोधपुर: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में विसरा रिपोर्ट का इंतजार, इंजेक्शन के बाद बिगड़ी थी तबीयत! ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:20 +0530</pubDate>
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<title>बिहार के रोहतास में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, नाच के दौरान चली गोली, मंच पर ही युवक की मौत</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोढनडीह गांव में शनिवार (7 फरवरी) की तड़के एक विवाह समारोह उस समय शोकसभा में तब्दील हो गया, जब बारात में आयोजित नाच के दौरान गोली चलने से एक युवक की मंच पर ही मौत हो गई. यह दुखद घटना सुबह करीब पांच बजे की बताई जा रही है. गोली चलने की आवाज से पूरे गांव में दहशत फैल गई और विवाह की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं.
नाच के दौरान मंच पर हुआ विवाद
घटना में मृतक की पहचान ढोढनडीह गांव निवासी 24 साल के वीर बहादुर सिंह के रूप में की गई है. जानकारी के अनुसार, गांव के ही मिथिलेश सिंह की पुत्री की शादी थी. जिसकी शुक्रवार (6 फरवरी) की शाम भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत यादवपुर गांव से बारात आई थी. परंपरागत रीति-रिवाजों के तहत रात भर विवाह कार्यक्रम चलता रहा और सुबह नाच का आयोजन किया गया था, जिसमें गांव के लोग और बाराती बड़ी संख्या में शामिल थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाच के दौरान वीर बहादुर सिंह मंच पर नर्तकी के साथ नाचने पहुंचे और उस पर पैसे लुटा रहे थे. इसी दौरान उनका एक करीबी मित्र भी मंच पर चढ़ गया. वीर बहादुर ने उसे मंच से हटने को कहा, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही घटना ने भयावह रूप ले लिया.
आरोपी ने तीन गोलियां चलाकर, युवक को उतारा मौत के घाट
बताया जाता है कि विवाद के दौरान आरोपी ने अचानक रिवॉल्वर निकाल ली और ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं. गोली लगते ही वीर बहादुर सिंह मंच पर ही गिर पड़े. वहां मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी. गोलियों की आवाज से कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे.
घटना के बाद पुलिस ने मंच के आसपास बिखरे हुए नोट और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है. गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. सूचना मिलते ही आसपास के थाना क्षेत्रों में हड़कंप मच गया और पुलिस को तत्काल अलर्ट कर दिया गया.
चार थानों की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची&amp;nbsp;
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूर्यपुरा थाना, नटवार थाना, भानस ओपी और दावथ थाना की पुलिस इंस्पेक्टर शेर सिंह यादव और डीएसपी सिंधु शेखर सिंह के नेतृत्व में दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा गया.
घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है. डीएसपी सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत होता है. प्रारंभिक जांच में गोली चलाने वाला मृतक का करीबी मित्र बताया जा रहा है. साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से आवश्यक नमूने एकत्र कर रही है.
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कर रही छापेमारी
पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है. आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली बाल संरक्षण आयोग में नियुक्ति में देरी, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार</title>
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<description><![CDATA[ &amp;nbsp;दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि 2023 से दिल्ली आयोग फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (DCPCR) में चेयरपर्सन और मेंबर्स के पद खाली पड़े हैं, जो साफ तौर पर इच्छाशक्ति की कमी दिखाता है. चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने सरकार से पूछा कि क्या आपकी सरकार का एक भी अधिकारी इतनी लंबी देरी को सही ठहरा सकता है. कोर्ट ने कहा कि यह कोई मुश्किल नहीं, बल्कि ध्यान और इच्छा की कमी का मामला है.
दिल्ली हाई कोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से वकील ने कहा कि कुछ वास्तविक कठिनाई है और कोर्ट से थोड़ा समय मांगा ताकि बताया जा सके कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने में और कितना समय लगेगा. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार यह तय करे कि कम से कम कितना समय लगेगा और अगली सुनवाई 16 फरवरी को तय कर दी.
चयन समिति की बैठकें हुईं, मंजूरी का इंतजार
सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि देरी जरूर हुई है, लेकिन काम रुका नहीं है. चयन समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं और सिफारिशें सक्षम प्राधिकारी को भेज दी गई हैं, जिनकी मंजूरी का इंतजार है. हालांकि कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. कोर्ट ने कहा कि जुलाई 2023 से आयोग लगभग गैर-कार्यात्मक है और कोर्ट के कई बार हस्तक्षेप और सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक नियुक्तियां नहीं हो सकीं.
90 दिनों में नियुक्ति का प्रावधान
याचिका में नेशनल चाइल्ड डेवलपमेंट काउंसिल ने कहा है कि DCPCR 2 जुलाई 2023 से बिना चेयरपर्सन के चल रहा है और इतने लंबे समय तक पद खाली रखना नियमों का उल्लंघन है. नियमों के मुताबिक किसी भी पद के खाली होने पर 90 दिनों के अंदर नियुक्ति हो जानी चाहिए. पूर्व चेयरपर्सन अनुराग कुंडू का कार्यकाल खत्म होने के बाद से आयोग का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
बच्चों के अधिकारों की निगरानी प्रभावित
याचिका में कहा गया है कि DCPCR बच्चों के अधिकारों की निगरानी करने वाला अहम वैधानिक निकाय है, जो अधिकारों की सुरक्षा, उल्लंघनों की जांच और सरकार को नीति संबंधी सलाह देने का महत्वपूर्ण काम करता है. चेयरपर्सन के अभाव में यह सभी कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं. अगली सुनवाई में सरकार से स्पष्ट समयसीमा की अपेक्षा की जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर बिहार में औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना, डेलीगेशन ने किया विजिट</title>
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<description><![CDATA[ 
बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल की तरफ से बताया गया कि बिहार में औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना है. औद्योगिक टाउनशिप होने के नाते जानकारी प्राप्त करने ग्रेटर नोएडा आए हैं.ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर जमीन अधिग्रहण से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया और नीतियों को जानकारी साझा की. इस बैठक में एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ प्रेरणा सिंह और एसीईओ सुमित यादव, महाप्रबंधक वित्त स्वतंत्र गुप्ता, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, ओएसडी नवीन कुमार सिंह, प्रबंधक अरविंद मोहन समेत वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे.
प्रतिनिधिमंडल ने तमाम पहलुओं पर हासिल की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजन, बिल्डिंग प्लान, आवंटन प्रक्रिया समेत तमाम पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की. प्राधिकरण के भूलेख विभाग की तरफ से जमीन अधिग्रहण की सभी धाराओं, किसानों को दिए जाने लाभ आदि की जानकारी दी. नियोजन विभाग की तरफ से मास्टर प्लान, सेक्टर लेआउट, बिल्डिंग बायलॉज, बसावट आदि से जुड़े नियमों व प्रक्रिया से अवगत कराया गया. इसी तरह परियोजना विभाग ने ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में जानकारी दी. वित्त विभाग के महाप्रबंधक स्वतंत्र गुप्ता ने वित्तीय मॉड्यूल प्रस्तुत किया. प्राधिकरण को स्ववित्तपोषित बनाने की प्रक्रिया को समझाया गया. प्राधिकरण के उद्योग विभाग के प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह ने ग्रेटर नोएडा में लागू औद्योगिक नीतियों, योजनाओं और आवंटन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी.
इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का भ्रमण
प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटीजीएनएल के इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का भ्रमण भी किया. टाउनशिप के प्लग एंड प्ले सिस्टम, वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, बिजली-पानी की 24 घंटे उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की. प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर को सराहा. यहां से प्राप्त जानकारी को बिहार के शहरी विकास एवं आवास विभाग की तरफ से पॉलिसी बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए बेहद उपयोगी बताया.
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:19 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा...&amp;apos;, यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती ने चली बड़ी चाल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. लखनऊ में हुई बड़ी बैठक में संगठन में बदलाव, चुनावी तैयारी तेज करने और जनता की समस्याओं सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार को मुद्दा बनाने पर जोर दिया है.
इस बीच मायावती ने कहा है कि सर्वसमाज के हित में बसपा ही बेहतर विकल्प है. इसके लिए कार्यकर्ता पूरी ताकत से ग्राउंड पर उतरें. उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद बहन मायावती ने शनिवार (7 फरवरी) को लखनऊ में बीएसपी उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट के स्टेट, मंडल, जिला व विधानसभा आदि स्तर तक के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों की बड़ी बैठक की.&amp;nbsp;
विधानसभा चुनाव को लेकर किया विचार-विमर्श
इस बैठक में विशेषकर आगामी यूपी विधानसभा आम चुनाव के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया. इसके साथ-साथ चुनावी और जमीनी तैयारियों को तेज करने को मद्देनजर रखते हुए पार्टी संगठन में व्यापक फेरबदल करके मिशनरी लोगों को पूरी तरजीह व आगे बढ़ाते हुए उन्हें अहम जिम्मेदारी भी सौंपी.
इस बीच मायावती ने कहा कि पार्टी के लोग, विरोधी पार्टियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों तथा कुछ स्वार्थी दलित संगठनों आदि के घिनौने षड्यंत्रों का डट कर मुकाबला करते हुए पूरे जी-जान से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं.
चुनावों को लेकर किया गया फेरबदल
बसपा चीफ ने बताया कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखकर संगठन में जरूरी फेरबदल किया गया है. जिससे मिशन-2027 को मिशन 2007 की तर्ज पर हकीकत में बदला जाए. उत्तर प्रदेश में लोगों की चाहत तथा पार्टी के संकल्प के मुताबिक &#039;सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय&#039; की पूर्ण बहुमत की बी.एस.पी. सरकार फिर से बनाई जा सके.
सभी लोग मायावती के &#039;कानून द्वारा कानून के बेहतरीन राज&#039; का पुनः पूरा लाभ उठा सकें और अमन-चैन व रोजगार के साथ विकासयुक्त जीवन आत्मसम्मान के साथ व्यतीत कर सकें. जिसका बी.एस.पी. की सरकार जाने के बाद से, आम जन धारणा के अनुसार, यहां लगातार घोर अभाव चल रहा है और बसपा सरकार की प्रतीक्षा है.
बीजेपी पर बोला करारा हमला
मायावती ने कहा कि वैसे तो बीजेपी सरकार से कुछ मुट्ठीभर उन लोगों की छोड़कर जिनके स्वार्थ की पूर्ति हर प्रकार से हो रही है, समाज के हर वर्ग के लोग काफी ज्यादा दुखी व त्रस्त हैं. खासकर ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा, असुरक्षा व असम्मान आदि के विरुद्ध काफी मुखर है और जिसकी चर्चा देश भर में है. जबकि बी.एस.पी. ने सर्वसमाज के साथ-साथ उन्हें भी पूरा-पूरा आदर-सम्मान, पद व न्याय दिया.
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को अपने अच्छे दिन हेतु बेहतर सड़क, बिजली, पानी, ट्रैफिक, शिक्षा, अस्पताल अर्थात् रोजगार सहित समतामूलक विकास की सख्त जरूरत है. बसपा चीफ ने यह भी कहा कि एस.आई.आर. में सरकार आमजन को वोटर बनने में सहानुभूतिपूर्वक सहयोग करें.
बजट सत्र को लेकर क्या बोलीं बसपा चीफ?
बसपा चीफ ने कहा कि संसद का वर्तमान बजट सत्र भी सरकार व विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीति व टकराव के कारण काफी हंगामेदार तथा स्थगन, निंलबन व बॉयकॉट आदि से ग्रस्त रहा है. जबकि संसद में सवाल-जवाब के साथ सभी को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि सभी को मौका मिलना बेहतर होगा, ताकि तथ्यों के आधार पर जनता खुद सही-गलत का आकलन कर सके. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:20:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>India&#45;US Trade Deal: भारत पर कब लागू होगा 18 प्रतिशत टैरिफ, व्हाइट हाउस ने बयान में क्या&#45;क्या बताया, पढ़ें 12 जरूरी पॉइंट्स</title>
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<description><![CDATA[ भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार किया है. इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना, बाजार पहुंच बढ़ाना और भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी BTA की नींव रखना है. दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि यह ढांचा जल्द लागू किया जाएगा और तय रोडमैप के अनुसार अंतिम समझौते की ओर बढ़ा जाएगा.
इस अंतरिम समझौते के तहत भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम करने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही कई अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को भी भारतीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी. इनमें पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं. इसका सीधा असर भारतीय आयात नीति पर पड़ेगा और उपभोक्ताओं को अधिक ऑप्शन मिलेंगे.
अमेरिका-भारत अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें इस प्रकार है:
&amp;bull; भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फ्रू़ड, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और अन्य उत्पाद शामिल हैं.
&amp;bull; अमेरिका ने 2 अप्रैल 2025 के कार्यकारी आदेश 14257 (व्यापार घाटे को कम करने हेतु पारस्परिक शुल्क विनियमन) के तहत, भारत से आने वाले मूल उत्पादों पर 18 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाएगा, जिनमें कपड़े और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, गृह सजावट, हैंड क्राफ्ट प्रोडक्ट उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं. साथ ही, अंतरिम समझौते के बाद, 5 सितंबर 2025 के कार्यकारी आदेश 14346 की लिस्ट में चिन्हित वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को हटाया जाएगा, जिनमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं.
&amp;bull; अमेरिका भारत के कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से लगाए गए शुल्क को हटाएगा. इसी तरह, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप, भारत को ऑटोमोबाइल पुर्जों पर तरजीही शुल्क कोटा प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, दवाओं और उन्हें तैयार किए जाने वाले समान पर अमेरिकी धारा 232 की जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय किए जाएंगे.
&amp;bull; अमेरिका और भारत आपसी हित के क्षेत्रों में एक-दूसरे को निरंतर आधार पर तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
&amp;bull; दोनों देश ऐसे मूल-नियम (रूल्स ऑफ ओरिजिन) स्थापित करेंगे, जिससे समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले.
&amp;bull; अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेंगे. भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने, आईसीटी उत्पादों के लिए आयात लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल बनाने और 6 महीने के भीतर यह तय करने पर सहमत है कि अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय मानक भारतीय बाजार में स्वीकार्य होंगे या नहीं. साथ ही, भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों से जुड़ी गैर-शुल्क बाधाओं को भी दूर करेगा.
&amp;bull; तकनीकी नियमों के अनुपालन को आसान बनाने के उद्देश्य से, दोनों देश आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करेंगे.
&amp;bull; अगर किसी भी देश की तरफ तय शुल्क में कोई बदलाव किया जाता है तो दूसरा देश भी अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकेगा.
&amp;bull; अमेरिका और भारत बीटीए वार्ताओं के माध्यम से बाजार पहुंच के अवसरों को और विस्तार देने की दिशा में कार्य करेंगे. अमेरिका इस दौरान भारतीय वस्तुओं पर शुल्क कम करने के भारत के अनुरोध पर विचार करेगा.
&amp;bull; दोनों देश आपूर्ति शृंखला की मजबूती और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेंगे तथा तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने, निवेश समीक्षा और निर्यात नियंत्रण के क्षेत्रों में सहयोग करेंगे.
&amp;bull; भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है. दोनों देश तकनीकी उत्पादों, विशेष रूप से ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) और डेटा सेंटर से जुड़े अन्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ाएंगे और संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करेंगे.
&amp;bull; अमेरिका और भारत डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रक्रियाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने और बीटीए के तहत मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियम तय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और संदर्भ शर्तों (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) में तय रोडमैप के अनुरूप, पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से अंतरिम समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देंगे. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>India-US, Trade, Deal:, भारत, पर, कब, लागू, होगा, प्रतिशत, टैरिफ, व्हाइट, हाउस, ने, बयान, में, क्या-क्या, बताया, पढ़ें, जरूरी, पॉइंट्स</media:keywords>
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<title>India&#45;US Trade Deal: &amp;apos;दोस्त&#45;दोस्त ना रहा...&amp;apos;, भारत&#45;US ट्रेड डील पर कांग्रेस ने साधा निशाना, जयराम रमेश ने कहा &#45; भारी पड़े नमस्ते ट्रंप</title>
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<description><![CDATA[ भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस डील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिका-भारत संयुक्त बयान में कई अहम बातें अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन जो जानकारियां सामने आई हैं. वे भारत के हितों को लेकर चिंता पैदा करती हैं.
जयराम रमेश के अनुसार, इस समझौते के बाद भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है, तो उस पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क फिर से लगाया जा सकता है. कांग्रेस नेता का कहना है कि यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वतंत्र विदेश नीति पर दबाव डालने जैसा है.
किसानों के हितों को लेकर चिंता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस डील के तहत भारतीय किसानों की कीमत पर अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा. उनके मुताबिक, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर शुल्कों में बड़ी कटौती करेगा, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान हो सकता है. जयराम रमेश ने इसे कृषि क्षेत्र के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बताया.
व्यापार संतुलन बदलने का दावा
जयराम रमेश का कहना है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है. इससे वस्तुओं के व्यापार में भारत का लंबे समय से बना आ रहा सरप्लस खत्म हो जाएगा. उन्होंने इसे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक नकारात्मक संकेत बताया.
IT और सेवा क्षेत्र पर अनिश्चितता
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अमेरिका में भारत के आईटी और अन्य सेवा निर्यात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. उनके अनुसार, इस डील में सेवा क्षेत्र को लेकर कोई ठोस गारंटी नजर नहीं आती, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों और पेशेवरों के भविष्य पर सवाल बने हुए हैं.
भारतीय निर्यात पर ज्यादा शुल्क का आरोप
जयराम रमेश ने दावा किया कि भारत के वस्तु निर्यात को अब अमेरिका में पहले की तुलना में ज्यादा शुल्कों का सामना करना पड़ेगा. उनका कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर हो सकती है.
राजनीतिक तंज और तीखी टिप्पणी
अपने पोस्ट के अंत में जयराम रमेश ने इस पूरे घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतनी झप्पियों और फोटो-ऑप्स का कोई खास नतीजा नहीं निकला. उन्होंने लिखा कि नमस्ते ट्रंप पर हाउडी मोदी भारी पड़ गया और दोस्त, दोस्त न रहा. कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी को सरकार की अमेरिका नीति पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज, स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो ने की शिरकत, कई लेखकों का हुआ सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (IGNCA) में शुक्रवार से दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल के 14वें संस्करण की शुरुआत हो गई है. यह साहित्यिक मेला अगले तीन दिनों तक चलेगा, जहां किताबों, लेखकों, कला और संस्कृति का सुंदर मेल देखने को मिलेगा. इस खास कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने किया. उद्घाटन समारोह में बोलते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि साहित्य सिर्फ कहानियों और किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह समाज को सोचने और समझने की दिशा देता है. उन्होंने कहा कि साहित्य हमें हमारी संस्कृति और सभ्यता से जोड़े रखता है और नई पीढ़ी को सही रास्ता दिखाता है.
इस मौके पर स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल भी मौजूद रहे. उनकी मौजूदगी से इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली. फेस्टिवल की चेयरपर्सन भारती भार्गव ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ विकास की बात करना नहीं है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी सहेज कर आगे बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.
लेखकों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हिंदी के प्रसिद्ध लेखक स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद शाम को &amp;lsquo;ऑथर अवार्ड्स 2026&amp;rsquo; का आयोजन हुआ. इसमें अलग-अलग भाषाओं के लेखकों को उनके बेहतरीन लेखन के लिए सम्मानित किया गया. कुल 13 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए. इस मंच पर नए और उभरते लेखकों को भी अपनी बात रखने का मौका मिला, जिससे युवा लेखकों का उत्साह बढ़ा. पहले दिन का समापन आचार्य प्रशांत के विशेष सत्र के साथ हुआ. इस सत्र में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनकी बातें ध्यान से सुनीं.
आगे क्या होगा
दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 8 फरवरी तक चलेगा. आने वाले दिनों में सीमा आनंद, नीलोत्पल मृणाल और शंभू शिखर जैसे प्रसिद्ध लेखक और कवि अपनी रचनाओं और विचारों को लोगों के साथ साझा करेंगे. यहां किताबों पर चर्चा, कविताओं का पाठ और विचारों का आदान-प्रदान होगा. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:11 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;तू 2 रुपये का भिखारी...&amp;apos;, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को लेकर ओवैसी का विवादित बयान, जानें पूरा मामला</title>
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<description><![CDATA[ एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर जबरदस्त हमला बोला है. निजामाबाद की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने उन्हें &#039;2 रुपये का भिखारी&#039; करार दिया.&amp;nbsp;
यह विवादित बयान उस समय आया जब ओवैसी ने मंच पर मौजूद जनता से दो रुपये का सिक्का मांगा और उसे हवा में लहराकर असम के सीएम को उनकी ही भाषा में जवाब दिया. यह पूरा मामला हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान पर प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है. रैली के दौरान ओवैसी ने भीड़ से 2 रुपये का सिक्का मांगा और जैसे ही उन्हें वह सिक्का मिला, उन्होंने असम के मुख्यमंत्री पर तीखा व्यंग्य कसना शुरू कर दिया.
ओवैसी का विवादित बयानओवैसी ने सिक्का लहराते हुए कहा, &quot;यह 2 रुपये हैं. असम का मुख्यमंत्री बोल रहा है कि अगर वहां के मिया मुसलमान ऑटो में किसी को बैठाकर लेकर गए, और अगर 5 रुपये ऑटो का किराया है तो 4 रुपये दो. हिमंत बिस्वा सरमा यह 2 रुपये की भीख तेरे को देता हूं मैं, लेता है क्या तू बोल?&quot; &amp;nbsp;ओवैसी के इस अंदाज पर पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा. उन्होंने आगे कहा, &quot;बोल, तू ₹2 का भिखारी है, मैं जानता हूं तेरे को. तू इतना कम आदमी है, इतना छोटा आदमी है कि एक गरीब जो ऑटो चलाता है, उसके 4-5 रुपयों के पीछे पड़ा है.&quot;
यह विवाद असम के मुख्यमंत्री के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि असम के &#039;मिया मुसलमान&#039; (बंगाली मूल के मुसलमान) अपनी दुकानों पर सामान और ऑटो-रिक्शा में किराया कम रखकर लोगों को लुभाते हैं. सरमा ने इसे &#039;लव जेहाद&#039; और जनसंख्या वृद्धि की साजिश का हिस्सा बताया था. ओवैसी ने इसी &#039;आर्थिक जिहाद&#039; वाले बयान का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें &#039;गरीब विरोधी&#039; करार दिया.&amp;nbsp;
&#039;कौम का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे&#039;ओवैसी का तर्क था कि एक मुख्यमंत्री का गरीब ऑटो ड्राइवर की कमाई पर टिप्पणी करना उसकी सोच को दर्शाता है. ओवैसी का यह भाषण अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि वह अपनी कौम के खिलाफ होने वाले किसी भी तरह के अपमान या छोटी सोच वाले बयानों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:11 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;हम मुसलमानों के खिलाफ नहीं...&amp;apos;, तेलंगाना चुनाव को लेकर बोले बंडी संजय, MIM को लेकर क्या कहा?</title>
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<description><![CDATA[ 11 फरवरी को होने वाले तेलंगाना नगर निकाय चुनावों से ठीक पहले करीमनगर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने शुक्रवार शाम को एक चौंकाने वाले बयान में मुस्लिम समुदाय से हमदर्दी जताई. आमतौर पर अपने तीखे बयानों के लिए जाने, जाने वाले बंडी ने अपना लहजा नरम करते हुए कहा कि बीजेपी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका मुकाबला सिर्फ MIM पार्टी की &#039;बांटने वाली राजनीति&#039; और ओवैसी परिवार के विकास विरोधी रवैये से है. उन्होंने कांग्रेस पर आरक्षण को लेकर MIM से &#039;गुप्त सौदा&#039; करने का आरोप लगाया.
&#039;दलितों के अधिकारों पर कुठाराघात&#039;अपने भाषण में बंडी संजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए एक अहम सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि मोदी जी जो राशन का चावल दे रहे हैं, क्या वह सिर्फ हिंदुओं के लिए है? उन्होंने कहा कि चावल, शौचालय और सड़कें सभी के लिए हैं, कोई भेदभाव नहीं है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि करीमनगर मेयर का पद MIM को देना दलितों के अधिकारों पर कुठाराघात है. यह बयान उस समय सामने आया है जब ऑनलाइन न्यूज पोर्टल्स और सोशल मीडिया पर कांग्रेस की इस &#039;डील&#039; की आलोचना हो रही है.
तेलंगाना की राजनीति में यह एक अहम मोड़ है. हैदराबाद के ओल्ड सिटी में MIM के किले को भेदने की कोशिश में बंडी ने कहा कि वहां की गलियां आज भी गंदगी से बदहाल हैं. उन्होंने दावा किया कि ओवैसी परिवार ने विकास के नाम पर सिर्फ अपना भला किया है और अब मुस्लिम समुदाय इस धोखे को समझ चुका है. यह स्थिति पहले जैसी नहीं रही जब लोग डर या लालच में वोट देते थे.
बीजेपी के पक्ष में मतदान की अपीलसंजय कुमार ने अपने भाषण की शुरुआत &#039;सबका साथ, सबका विकास&#039; के मंत्र से की और अंत में जनता से 11 फरवरी को बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ पार्षद चुनने का नहीं, बल्कि विकास और सम्मान का मुद्दा है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार &#039;कमल&#039; खिलेगा और लोगों का विश्वास जीता जाएगा.&amp;nbsp;
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India-US Trade Deal: &#039;दोस्त-दोस्त ना रहा...&#039;, भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस ने साधा निशाना, जयराम रमेश ने कहा - भारी पड़े नमस्ते ट्रंप ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:10 +0530</pubDate>
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<title>Exclusive: नागरिकता मामले को लेकर सोनिया गांधी की तरफ से कोर्ट में जवाब दाखिल, जानें क्या है पूरा मामला</title>
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<description><![CDATA[ बिना नागरिकता हासिल किए मतदाता सूची में कथित जालसाजी कर नाम शामिल कराए जाने के मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल रिवीजन पिटीशन पर राउज एवेन्यू कोर्ट में उनकी तरफ से जवाब दाखिल किया गया है.
कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में सोनिया गांधी ने कहा कि यह याचिका पूरी तरह गलत आधार पर दाखिल की गई है और इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है. कोर्ट में दाखिल जवाब में साफ तौर पर कहा गया है कि नागरिकता से जुड़े मामलों का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, जबकि मतदाता सूची से जुड़े विवाद चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
&#039;आरोप केवल अनुमान और कल्पना पर आधारित&#039;कांग्रेस नेता की तरफ से कहा गया कि ऐसे मामलों में आपराधिक अदालतों का दखल संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत प्रतिबंधित है. सोनिया गांधी की ओर से कहा गया कि शिकायत में लगाए गए आरोप केवल अनुमान और कल्पना पर आधारित हैं. शिकायतकर्ता यह तक स्पष्ट नहीं कर पाया कि कौन से दस्तावेज़ कथित रूप से जाली बनाए गए, कब बनाए गए और किसने बनाए. न तो किसी आवेदन की कॉपी लगाई गई और न ही यह बताया गया कि ऐसे किसी दस्तावेज़ को पाने के लिए कोई कानूनी प्रयास किया गया.
कोर्ट को बताया गया कि शिकायत जिन घटनाओं पर आधारित है, वे 1980&amp;ndash;83 के दौर की बताई जा रही हैं. इतने लंबे समय बाद न तो विश्वसनीय साक्ष्य मिल सकते हैं और न ही ऐसे मामलों को आगे बढ़ाना कानूनन उचित है. सोनिया गांधी ने कहा कि 40 साल से ज्यादा पुराने आरोपों को उठाना व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
जवाब में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने मीडिया रिपोर्ट्स और पुराने अखबारों की कतरनों के आधार पर मामला खड़ा करने की कोशिश की है, जिनका कोई कानूनी महत्व नहीं है. एक दस्तावेज़ पर तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शब्द का इस्तेमाल बताया गया जबकि यह शब्द 1991 के बाद प्रचलन में आया, जिससे उस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर सवाल उठता है.
21 फरवरी को अगली सुनवाई&amp;nbsp;इसके अलावा अदालत को यह भी बताया गया कि कानून के अनुसार धारा 175(3) के तहत दायर याचिका के साथ सही ढंग से सत्यापित हलफनामा अनिवार्य होता है, जो इस मामले में मौजूद नहीं है. ऐसे में मजिस्ट्रेट को इस शिकायत पर सुनवाई करने का अधिकार ही नहीं बनता. सोनिया गांधी ने कोर्ट से मांग की कि यह आपराधिक रिविजन याचिका खारिज की जाए, क्योंकि यह न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि निराधार और दुर्भावनापूर्ण भी है. राउज एवन्यू कोर्ट 21 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई करेगा. &amp;nbsp;
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&#039;हम मुसलमानों के खिलाफ नहीं...&#039;, तेलंगाना चुनाव को लेकर बोले बंडी संजय, MIM को लेकर क्या कहा? ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:09 +0530</pubDate>
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<title>Kashmir Shia Protest: इस्लामाबाद मस्जिद धमाके के खिलाफ कश्मीर में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन, लगे पाक मुर्दाबाद के नारे</title>
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<description><![CDATA[ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शिया मुस्लिम नमाज़ियों पर हुए आत्मघाती हमले के बाद कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे.&amp;nbsp; इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजतुल कुबरा मस्जिद और इमामबाड़ा में शुक्रवार (6 फरवरी 2025) को एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. इस भयानक हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 170 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह हमला पाकिस्तान की राजधानी में बीते कई वर्षों का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है.
इस घटना के विरोध में जम्मू-कश्मीर के बारामूला, बांदीपोरा और पट्टन जैसे इलाकों में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी हाथों में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेताओं अयातुल्ला खामेनेई और अयातुल्ला खुमैनी की तस्वीरों वाले पोस्टर लिए हुए थे. उन्होंने पाकिस्तान और इज़राइल के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि निर्दोष लोगों को मारने वालों को उन जगहों पर जाना चाहिए, जहां सच में मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, जैसे फिलिस्तीन, यमन और सीरिया.
किसने ली हमले की जिम्मेदारी?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही है. उन्होंने मोमबत्तियां जलाकर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई. लोगों ने पाकिस्तान में हो रही सांप्रदायिक हिंसा को तुरंत रोकने की मांग भी की. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के पाकिस्तान चैप्टर (ISPK) ने ली है. SITE इंटेलिजेंस ग्रुप के अनुसार, संगठन ने कहा कि आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के अंदर शिया नमाज़ियों के बीच जाकर विस्फोट किया, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ.
इस्लामाबाद &amp;nbsp;में सबसे घातक हमला&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि यह हमला साल 2008 में इस्लामाबाद के मैरियट होटल में हुए बम धमाके के बाद राजधानी में सबसे घातक हमला है. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और लोग पाकिस्तान सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:08 +0530</pubDate>
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<title>सरकारी स्कूल का खाना खाने के बाद 20 छात्राओं को फूड पॉइजनिंग, अस्पताल में मची चीख&#45;पुकार</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के मंचेरियल जिले के बेल्लमपल्ली शहर स्थित एक सरकारी एससी बालिका गुरुकुल में खाना खाने के बाद शुक्रवार की रात को 20 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से बेल्लमपल्ली सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस घटना को फूड पॉइजनिंग का मामला बताया जा रहा है, जिसने एक बार फिर राज्य के आवासीय शिक्षण संस्थानों में खाद्य सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है और अभिभावकों में गहरा रोष है.
जैसे ही यह खबर फैली, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. हमने खुद देखा कि कैसे मासूम बच्चियों को तकलीफ से छटपटाते हुए इलाज के लिए लाया गया. जानकारी के मुताबिक, रात के खाने में चावल या दाल में मिलावट होने का शक जताया जा रहा है. खाना खाने के कुछ ही देर बाद छात्राओं को उल्टी और तेज पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई.&amp;nbsp;
&#039;सभी की हालत अब स्थिर&#039;गुरुकुल प्रबंधन ने शुरू में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जैसे-जैसे बीमार छात्राओं की संख्या बढ़ी, उन्हें सभी को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि सभी की हालत अब स्थिर है और उन्हें आपातकालीन उपचार दिया जा रहा है.
तेलंगाना से कई मामले आए सामनेयह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि एक बड़ी व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करती है. पिछले कुछ महीनों में तेलंगाना के जगतियाल, सूर्यापेट और खम्मम जिलों के गुरुकुलों से लगातार फूड पॉइजनिंग की खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में जगतियाल में एक छात्रा की मृत्यु तक हो चुकी है, जिसके बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई के आदेश और निरीक्षण के वादे किए थे लेकिन बेल्लमपल्ली की यह घटना साबित करती है कि जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला है. रसोईघरों में सफाई व्यवस्था, राशन की गुणवत्ता और मेस मैनेजरों पर निगरानी करने में सिस्टम पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है.
गुरुकुल वे संस्थान होते हैं जहां गरीब परिवारों के बच्चे उज्ज्वल भविष्य की आशा लेकर आते हैं, न कि बीमारियां लेकर. अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक यह लापरवाही चलती रहेगी? जिम्मेदार अधिकारियों को इस लापरवाही पर तत्काल संज्ञान लेना होगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी मासूम की जान को खतरा न हो.
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महाराष्ट्र के पुणे में CBI का भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन, MES के दो अधिकारी 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:08 +0530</pubDate>
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<title>जिन देशों में चल रहा संघर्ष, वहां से तेल लाकर समंदर में बेचते थे तस्कर, ICG ने कर दिया भंडाफोड़</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने 6 फरवरी 2026 को एक साहसिक मध्य-समुद्र अभियान (मिड ऑशियन ऑपरेशन) चलाकर इंटरनेशनल तेल और तेल-आधारित कार्गो की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह कार्रवाई समुद्री और हवाई निगरानी के संयुक्त नेटवर्क के जरिए अंजाम दी गई.
तटरक्षक बल के अनुसार, तस्कर गिरोह संघर्ष प्रभावित देशों से सस्ता तेल और तेल आधारित माल बड़ी मात्रा में लाकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मोटर टैंकरों को बीच समुद्र में ट्रांसफर करता था और भारी मुनाफा कमाता था. इस पूरे नेटवर्क में कई देशों से जुड़े हैंडलर शामिल थे, जो समुद्री जहाजों के बीच सौदे और ट्रांसफर का समन्वय करते थे.
कैसे हुआ इस तस्करी रैकेट का भंडाफोड़?
आईसीजी ने 5 फरवरी 2026 को मुंबई से लगभग 100 नॉटिकल माइल पश्चिम में तीन संदिग्ध जहाजों को रोका. विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम ने जहाजों की गहन तलाशी ली, ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक डेटा और दस्तावेजों का मिलान किया तथा क्रू से पूछताछ कर तस्करी की पूरी कार्यप्रणाली और घटनाक्रम की कड़ी स्थापित की.
तकनीकी निगरानी सिस्टम के जरिए आईसीजी को भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में एक मोटर टैंकर की संदिग्ध गतिविधि का पता चला था. इसके बाद डिजिटल जांच और डेटा पैटर्न विश्लेषण के माध्यम से दो अन्य जहाजों को भी चिन्हित किया गया, जो समुद्र में अवैध रूप से तेल आधारित कार्गो ट्रांसफर कर रहे थे और तटीय देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के टैक्स और ड्यूटी से बच रहे थे.
कानून से बचने के लिए छिपाते थे पहचान, मालिक विदेशी
5 फरवरी को आईसीजी की विशेष टीमों ने जहाजों पर चढ़कर जांच की और डिजिटल सबूतों की पुष्टि के बाद तीनों को पकड़ लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये जहाज कानून से बचने के लिए बार-बार अपनी पहचान बदलते थे और इनके मालिक विदेशी देशों में रहते हैं.
तटरक्षक बल ने बताया कि पकड़े गए जहाजों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए मुंबई लाया जा सकता है, जहां उन्हें भारतीय कस्टम और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपा जाएगा. यह ऑपरेशन डिजिटल सर्विलांस और समुद्र में बढ़ती तटरक्षक मौजूदगी के जरिए संभव हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:07 +0530</pubDate>
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<title>हैदराबाद फॉरेंसिक लैब में आग, क्या ‘वोट&#45;फॉर&#45;नोट’ के सबूतों को मिटाने की है साजिश? KTR का बड़ा आरोप</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में स्थित राज्य फॉरेंसिक साइंस लैबरेटरी (FSL) में शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. लैब की पहली मंजिल पर जोरदार आग की लपटें उठने लगीं और घना धुआं फैल गया. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस हादसे ने सियासत में भूचाल ला दिया है. बीआरएस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री केटीआर (के टी रामाराव) ने इस घटना पर संदेह जाहिर करते हुए एक सनसनीखेज सवाल खड़ा कर दिया है.
केटीआर ने लगाया सबूत मिटाने का आरोप
केटीआर ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट किया कि फॉरेंसिक लैब में इतनी तेजी से आग लगना कोई आम बात नहीं है. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि क्या यह &#039;वोट के लिए नोट&#039; (Vote for Note) मामले और फोन टैपिंग केस के सबूतों को नष्ट करने की साजिश का हिस्सा है? केटीआर के मुताबिक, कांग्रेस सरकार उन आरोपों को सहारा दे रही है जिनके पास कोई ठोस सबूत नहीं थे और अब शायद इस आग के जरिए वही गैर-मौजूदा सबूतों को जलाकर राख कर दिया जा रहा है. उन्होंने लिखा, &#039;अचानक यह हादसा होना और उसी समय ध्यान आकर्षित होना, सवाल खड़े करता है.&#039;
यह नुकसान किसी बड़े सच को छिपा सकता है
इस पूरे मामले का पूरा संदर्भ समझना जरूरी है. &#039;वोट-फॉर-नोट&#039; मामला 2015 का है, जिसमें एक विधायक को खरीदने की कोशिश का आरोप था और इसकी जांच इसी फॉरेंसिक लैब में होती है. वहीं, हाल के दिनों में फोन टैपिंग का मुद्दा गरमाया हुआ था, जिसमें पिछली सरकार पर निशाना साधा जा रहा था. केटीआर का इशारा इसी बात की तरफ है कि फॉरेंसिक लैब किसी भी सरकार के लिए अहम होता है और यहां हुआ नुकसान किसी बड़े सच को छिपा सकता है.
फिलहाल तो आग बुझाने का काम जारी है और अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन केटीआर के इन आरोपों ने हैदराबाद की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है. अब देखना यह है कि प्रशासन इन संदेहों को दूर कर पाता है या नहीं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:17:06 +0530</pubDate>
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<title>यूपी के 68 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों की नहीं आएगी सैलरी! योगी सरकार का आदेश हो गया जारी</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण देना अब सख्ती से अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में राज्यकर्मी अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 68,236 राज्यकर्मियों ने अब तक अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है.
अब सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए थे. मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करते हुए समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा था. इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया. अब राज्य सरकार ने अब इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. जिन कर्मचारियों ने निर्धारित समयसीमा तक संपत्ति का विवरण जमा नहीं किया है, उनका वेतन रोकने के आदेश लागू कर दिए गए हैं.
34926 तृतीय श्रेणी कर्मचारी डिफॉल्टर सूची में
प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है. विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 34,926 तृतीय श्रेणी कर्मचारी डिफॉल्टर सूची में हैं. इसके अलावा 22,624 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 7,204 द्वितीय श्रेणी कर्मचारी और 2,628 प्रथम श्रेणी अधिकारी भी अब तक विवरण प्रस्तुत नहीं कर सके हैं. यह स्थिति प्रशासनिक स्तर पर चिंता का विषय मानी जा रही है.
विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है
सरकारी सूत्रों का कहना है कि संपत्ति का वार्षिक विवरण देना सेवा नियमों के तहत अनिवार्य है. इससे कर्मचारियों की आय और संपत्ति में पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण में मदद मिलती है. अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ वेतन रोकने के अलावा विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है. अब देखना यह होगा कि सख्ती के बाद कितने कर्मचारी जल्द से जल्द पोर्टल पर अपना विवरण अपडेट करते हैं.
वरिष्ठ इतिहासकार नफीस सिद्दीकी का निधन, रामपुर रियासत के इतिहास पर लिखी थीं कई अहम किताबें ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;जिस्मानी जख्म…&amp;apos;, तेजस्वी यादव के अंगूठे में लगी चोट तो रोहिणी आचार्य ने दिया ये रिएक्शन</title>
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<description><![CDATA[ सोमवार (02 फरवरी, 2026) से बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई है. सत्र के पहले दिन आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जब व्हीलचेयर पर पहुंचे तो सभी हैरान रह गए. पता चला कि तेजस्वी यादव के पैर के अंगूठे में चोट लगी है और यही कारण है कि उन्हें चलने में दिक्कत हो रही थी तो उन्होंने व्हीलचेयर का सहारा लिया. अब तस्वीर सामने आने के बाद उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट किया है.
&#039;चोट जब दिल पर लगती है दर्द...&#039;
हालांकि पोस्ट में कहीं भी उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम नहीं लिया है, लेकिन निशाना कहीं न कहीं उधर ही है. क्योंकि पहले भी वो इशारों-इशारों में कई बातें एक्स के जरिए कह चुकी हैं. अब तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना उन्होंने सोमवार (02 फरवरी, 2026) को अपने एक्स हैंडल से लिखा, &quot;जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है , मगर चोट जब दिल पर लगती है दर्द बेइंतेहा होता है...&quot;

जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है , मगर चोट जब दिल पर लगती है दर्द बेइंतेहा होता है ...
&amp;mdash; Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) February 2, 2026



पोस्ट पर यूजर्स ने किए एक से एक कमेंट
रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट पर यूजर्स भी खूब कमेंट कर रहे हैं. निरंजन कुमार सिंह लिखते हैं, &quot;चोट अपने ही देते हैं दीदी&amp;hellip; वरना गैरों को क्या पता कहां हाथ रखने से जख्म दुखेगा.&quot; एक यूजर ने लिखा, &quot;जिस्मानी जख्म तो मरहम से, वक्त से भर जाते हैं, दाग रह भी जाए तो दिखता है बस, महसूस कम होता है, लेकिन दिल पर लगी चोट... वो नजर नहीं आती, मगर हर सांस के साथ चुभती है. वो चुपके से अंदर तक उतर जाती है, और कभी-कभी सालों-साल तक खून बहाती रहती है-बिना किसी को पता चले.&quot;
बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जो नतीजे आए उसके बाद से रोहिणी आचार्य परिवार से अलग रह रही हैं. उन्होंने कई आरोप लगाते हुए घर छोड़ दिया था. रिजल्ट के बाद आरजेडी 25 सीट पर सिमट गई जबकि कांग्रेस को महज छह सीटों पर जीत मिली थी. महागठबंधन की ऐसी हार होगी इसकी उम्मीद नहीं थी.
यह भी पढ़ें- बिहार बजट सत्र के पहले दिन व्हीलचेयर पर आए तेजस्वी यादव! टूटा था अंगूठे का नाखून ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>लखनऊ में BJP विधायक के भतीजे ने की आत्महत्या, पंखे से लटकता मिला शव, पार्टनरों पर धोखे का आरोप</title>
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<description><![CDATA[ राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के विधायक विनय कुमार त्रिवेदी के भतीजे शिवम् त्रिपाठी ने फांसी लाकर आत्महत्या कर ली. शिवम् का शव फ्लैट के कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.&amp;nbsp;
ये घटना लखनऊ के सुशांत गोल्ड सिटी थाना क्षेत्र में स्थित मैनहैटन टॉवर की है. &amp;nbsp;शिवम् यहां टॉवर A2 के फ्लैट नंबर 407 में रहता था. परिजनों का कहना है कि शिवम् प्रॉपर्टी का किया करता था और वो पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी के काम लगे उनके पार्टनरों के साथ पैसों को लेकर परेशान था.&amp;nbsp;
फ्लैट में पंखे से लटकता मिला शव
रविवार की शाम को जब काफी देर तक उसके घर का दरवाजा नहीं खुला तो मकान मालिक को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब किसी तरह घर का दरवाजा तोड़ा तो कमरे का नजारा देखकर होश उड़ गए. शिवम् का शव चादर के सहारे पंखे से लटका मिला.&amp;nbsp;
परिजनों ने सहयोगियों पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके बिज़नेस पार्टनरों ने उसके पैसे हड़प लिए थे, वो काफी समय से उनसे पैसे माँग रहा था लेकिन, वो ना तो उसका ठीक से जवाब दे रहे थे और नहीं उसके पैसे वापस कर रहे थे. सहयोगियों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वो काफी परेशान रहने लगा था और तंग आकर उसने ये खौफनाक कदम उठा लिया.&amp;nbsp;&amp;nbsp;शिवम् त्रिपाठी बीजेपी विधायक विनय कुमार त्रिवेदी के भतीजे हैं और यूपी के बलरामपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले की जांच की जा रही है. मृतक के मोबाइल फ़ोन को भी कब्जे में लिया गया है.&amp;nbsp;
इनपुट- शहनवाज खान
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी को इस मुद्दे पर मिला अखिलेश यादव का साथ, जमकर हुआ हंगामा ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:42 +0530</pubDate>
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<title>हिमाचल: सुक्खू सरकार का बड़ा कदम, 2030 तक वन क्षेत्र 31 फीसदी करने का लक्ष्य, ब्लूप्रिंट तैयार</title>
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<description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग को साल 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को विस्तार प्रदान कर 31 प्रतिशत तक करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने आज (2 फरवरी 2026) को यहां वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे योजनाबद्ध और सतत तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है.
सरकार ने प्रदेश में &#039;राजीव गांधी वन संवर्धन योजना&amp;rsquo; शुरू की
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग एक वैश्विक समस्या बनकर उभरी है और इसके प्रतिकूल प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं. इसके दृष्टिगत वर्तमान राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है. हिमाचल प्रदेश में लगभग 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हिमाच्छादित, बंजर या पर्वतीय क्षेत्र है, जहां पौधारोपण संभव नहीं है, इसलिए वन विभाग को प्रत्येक जिले में पौधारोपण के लिए उपयुक्त संभावित क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए और उसके अनुसार चरणबद्ध पौधारोपण योजना तैयार करनी चाहिए. उन्होंने देशी प्रजातियों, फलदार पौधों और औषधीय महत्व वाले पौधों के रोपण पर भी बल दिया है.
सुक्खू ने कहा कि विभाग को केवल नए जंगलों के विस्तार पर ही नहीं बल्कि मौजूदा वनों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए, साथ ही वन संरक्षण की दिशा में स्थानीय लोगों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी को भी सुनिश्चित करना चाहिए. राज्य सरकार ने प्रदेश में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए &amp;lsquo;राजीव गांधी वन संवर्धन योजना&amp;rsquo; शुरू की है. इस योजना के तहत पिछले साल 924.9 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया.
सरकार ने पौधा रोपण के लिए 2.40 लाख की वित्तीय सहायता की प्रदान
इस पहल में कुल 285 महिला मंडल, 70 युवक मंडल, 59 स्वयं सहायता समूह और 13 समुदाय आधारित संगठनों ने सक्रिय योगदान दिया. योजना के अंतर्गत सरकार इन समूहों को दो हेक्टेयर क्षेत्र में पौधा रोपण के लिए 2.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, साथ ही पौधों की सर्ववाइवल दर के आधार पर वार्षिक प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है. ग्रामीण स्तर पर इस योजना को लक्षित समूहों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत आगामी वित्तीय साल में 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इनमें से 3,376 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान कर ली गई है, जबकि शेष 1,624 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>हिमाचल:, सुक्खू, सरकार, का, बड़ा, कदम, 2030, तक, वन, क्षेत्र, फीसदी, करने, का, लक्ष्य, ब्लूप्रिंट, तैयार</media:keywords>
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<title>&amp;apos;अजित पवार मुझे जरूर बताते&amp;apos;, NCP के विलय पर बोले CM फडणवीस तो उद्धव गुट ने कहा, &amp;apos;यही तो...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ एनसीपी के दोनों घटकों के विलय को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर ऐसी कोई बात थी तो अजित पवार उन्हें जरूर बताते. अब सीएम फडणवीस के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का तो हर परिवार में झगड़े करवाना ही काम है.
अरविंद सावंत ने कहा, &quot;उनके घर का मामला है, ये बताएंगे क्या? यही तो भारतीय जनता पार्टी है. हर परिवार में वाद निर्माण करना, झगड़े करवाना, यही तो काम है. एक परिवार को तोड़ रहे हो आप, पुण्य का काम नहीं कर रहे हो. उनके ED वाले चमचे बैठे हैं न तीन-चार उनका काम है ये सब.&quot;

Delhi: Shiv Sena (UBT) MP Arvind Sawant on CM Fadnavis&amp;rsquo; remarks regarding NCP merger claims says, &quot;How will they dictate matters of someone else&amp;rsquo;s household? This is exactly what the BJP does&amp;mdash;create conflicts in every family. You are breaking a family. This is not good...&quot; pic.twitter.com/l6SfSf9HI9
&amp;mdash; IANS (@ians_india) February 2, 2026



सीएम फडणवीस ने क्या कहा था?
बता दें कि रविवार को सीएम फडणवीस ने कहा कि अगर दोनों एनसीपी के विलय की चर्चा अंतिम चरण में होती तो अजित पवार उन्हें इसके बारे में जरूर बताते. फडणवीस ने हालांकि रविवार को कहा कि उन्हें अजित पवार की चाचा शरद पवार के साथ हुई बातचीत की जानकारी नहीं है और उन्हें 12 फरवरी की तारीख के बारे में भी नहीं पता. मुख्यमंत्री ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;क्या एनसीपी के विलय की बातचीत हमारी जानकारी के बिना अंतिम रूप ले सकती है?
दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद ये जानकारी सामने आई कि दोनों दल 12 फरवरी को विलय की घोषणा करने वाले थे. अजित पवार और शरद पवार के बीच बैठक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. ये वीडियो 17 जनवरी का बताया गया.&amp;nbsp;
पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर क्या बोले?
पाकिस्तान ने भारत के साथ टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया है. इस पर उन्होंने कहा, &quot;मैं तो स्वागत करता हूं. क्यों खेलना है इनके साथ. अभी हाल ही में खेले थे तब भी हमको गुस्सा आया था. जो देश हिंदुस्तान से नफरत करता है, हिंदुस्तान की हर चीज को बुरा कहने और करने की कोशिश करता रहता है, युद्ध हुआ न, और क्या चाहिए आपको. दुश्मनी करने वाले लोग हैं, उनके साथ क्या खेलना है.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:41 +0530</pubDate>
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<title>UP SIR के इन आंकड़ों ने बढ़ाई अखिलेश यादव की टेंशन! इस वजह से अब कर रहे फॉर्म 7 का जिक्र</title>
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<description><![CDATA[ समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान फॉर्म-7 के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे गैर-कानूनी तरीके से वोटरों के नाम हटाने के लिए आवेदन कर रहे हैं.
1 फरवरी और 2 फरवरी को जारी बयानों में कन्नौज सांसद ने आरोप लगाया कि PDA और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम हटाने के लिए नकली दस्तखत के साथ फॉर्म-7 के आवेदन जमा किए जा रहे हैं. उन्होंने इस मुद्दे को एक बड़ा धोखा बताया, न्यायिक संज्ञान लेने की मांग की और वोटर्स से मतदाता लिस्ट में अपने नाम वेरिफाई करने को कहा. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी संदिग्ध मामलों में कानूनी कार्रवाई करने की अपील की.अखिलेश ने कहा कि नामों को गलत तरीके से हटाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए.
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी को इस मुद्दे पर मिला अखिलेश यादव का साथ, जमकर हुआ हंगामा
किस ओर इशारा कर रहे यूपी एसआईआर के आंकड़े?
इन आरोपों के बीच, 6 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच फॉर्म-7 जमा करने का दिन-वार डेटा दिखाता है कि पूरे महीने में नाम हटाने और आपत्ति के आवेदनों में कैसे बढ़ोतरी हुई. 6, 7, और 8 जनवरी को कोई फॉर्म दर्ज नहीं किया गया. 9 जनवरी को 175 आवेदनों के साथ शुरू हुई, जबकि 10 जनवरी को कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं हुई. 11 जनवरी को 2,236 नए आवेदनों के साथ इसमें अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बाद 12 जनवरी (677), 13 जनवरी (734), 14 जनवरी (736), 15 जनवरी (889), और 16 जनवरी (906) फॉर्म जमा हुए.
महीने के दूसरे आधे हिस्से में यह गति और तेज हो गई. 17 जनवरी को 1,970 नए आवेदन दाखिल किए गए, इसके बाद 18 जनवरी को 3,865 आवेदन आए. 19 जनवरी से रोज़ाना के आंकड़े ज़्यादा रहे: 19 जनवरी (2,674), 20 जनवरी (2,670), 21 जनवरी (2,848), 22 जनवरी (2,787), 23 जनवरी (2,318), 24 जनवरी (2,861), 25 जनवरी (2,797), और 26 जनवरी (2,947). आखिरी दिनों में और बढ़ोतरी देखी गई-27 जनवरी (3,317), 28 जनवरी (3,424), 29 जनवरी (3,551), 30 जनवरी (4,288), और 31 जनवरी (8,503), जो एक दिन में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी थी. 31 जनवरी तक कुल मिलाकर 57,173 फॉर्म-7 एप्लीकेशन जमा हो चुके थे.
क्या है फॉर्म 7?
फॉर्म 7 भारत के चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराया गया आवेदन पत्र है जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट से किसी का नाम हटाने या वोटर लिस्ट में किसी का नाम शामिल करने पर आपत्ति जताने के लिए किया जाता है. इसे तब भरा जाता है जब अमुक लगता है कि किसी मतदाता का नाम लिस्ट में नहीं होना चाहिए. ऐसा तब हो सकता है जब मतदाता की मौत हो गई हो, वह हमेशा के लिए दूसरी जगह चला गया हो, उसका नाम दो बार दर्ज हो, या वह किसी और वजह से बतौर मतदाता पंजीकृत होने के योग्य न हो. कोई मतदाता, सूची से अपना नाम हटवाने के लिए भी फॉर्म 7 का इस्तेमाल कर सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:40 +0530</pubDate>
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<title>यूपी के मदरसों की विदेशी फंडिंग की होगी जांच, मौलाना रिजवी ने पूछा&#45; आखिर क्या चाहती है योगी सरकार</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी मदरसों के वित्तीय लेन-देन की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है. जांच का मुख्य उद्देश्य मदरसों को मिलने वाली विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाना है. यह कार्रवाई केवल संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मदरसा संचालकों के निजी बैंक खातों की भी समीक्षा की जाएगी. सरकार के निर्देश पर संबंधित एजेंसियां मदरसों और उनके संचालकों के वित्तीय रिकॉर्ड खंगालेंगी, ताकि किसी भी संदिग्ध लेनदेन या अवैध फंडिंग की जानकारी सामने लाई जा सके.
वहीं इस मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहाबुद्दीन रजवी ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार लगातार मदरसों की जांच के आदेश दे रही है. सरकार मदरसों के अंदर आखिर क्या ढूंढना चाहती है या क्या नया तलाशना चाहती है, यह स्पष्ट नहीं है. हालांकि सरकारी आदेश पर कोई आपत्ति नहीं है, चार बार पहले भी जांच हो चुकी है, पांचवीं जांच के लिए भी मदरसे तैयार हैं.
इसके साथ ही इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार को जरूर कुछ शिकायतें मिली होंगी, बिना कारण कुछ नहीं होता. उसी आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसे मैं आवश्यक मानता हूं. इस पर योगी सरकार की कार्रवाई की मैं सराहना करता हूं.
मदरसों के वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई पारदर्शिता सुनिश्चित करने अवैध धन के स्रोतों को रोकने और सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था में विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से आदेश दे दिए गए हैं कि मदरसों में पैसा कहां से आ रहा है फंडिंग कहां से आ रही है बिल्डिंग किसने बनवाई कैसे बनवाई ये तमाम चीजों की जांच की जाएगी और अगर कुछ भी अनियमितता पाई जाती है तो उन मदरसों के खिलाफ एक्शन भी होगा.
यूपी के 68 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों की नहीं आएगी सैलरी! योगी सरकार का आदेश हो गया जारी ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:39 +0530</pubDate>
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<title>राजस्थान: शादी के बंधन में बंधने जा रहे कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर, जानें कौन हैं दुल्हनिया?</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान में छात्र राजनीति से निकल कर कांग्रेस पार्टी से विधायक बने मुकेश भाकर अब राजनीतिक जीवन के साथ साथ वैवाहिक जिम्मेदारियां भी निभाएंगे. लंबे समय से उनके विवाह को लेकर चर्चाएं हो रहीं थी, वहीं अब वह 37 वर्ष की आयु में प्रेम विवाह करने जा रहे हैं.&amp;nbsp;
मुकेश भाकर की शादी की चर्चा जोरों शोरों पर है. तो अब हम आपको बताते हैं मुकेश भाकर की दुल्हनिया कौन हैं. दरअसल, राजस्थान विश्वविद्यालय में ये दोस्ती हुई और धीरे धीरे प्यार में बदल गई. अब दोनों शादी करने जा रहे हैं. मुकेश भाकर की दुल्हनिया बनने जा रही कोमल मीणा आरजेएस अधिकारी हैं.
2019 बैच की RJS अधिकारी हैं कोमल
विधायक मुकेश भाकर की दुल्हनिया कोमल मीणा दौसा जिले की रहने वाली है और 2019 बैच की आरजेएस अधिकारी है. कोमल महिला ने स्नातक तक की पढ़ाई जोधपुर से की उसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय आकर LLM की पढ़ाई की उसके बाद उस दिन वकालत करते हुए आरजेएस की तैयारी की है, जिसमें उनका चयन हुआ.
5 मार्च को होगी शादी
मुकेश भाकर और कोमल मीणा 5 मार्च को शादी के बंधन में बंधने जा रहे है. इस शादी में दोनों ही परिवारों के लोग पहुंचेंगे शादी को लेकर एक खास चर्चा इसलिए भी है क्योंकि दोनों ही अलग अलग जाति से आते हैं मुकेश भाकर जाट समाज से ताल्लुक़ रखते हैं तो कोमल मीणा, मीणा समाज से ताल्लुक़ रखती हैं ऐसे में यह विवाह अंतर्जातीय विवाह है.
शादी का कार्ड वायरल
शादी का कार्ड भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि शादी में राजनीति जगत से लेकर फिल्म इंडस्ट्री और पंजाबी म्यूज़िक इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी शामिल होंगे. कई पंजाबी कलाकार इस शादी में आने की चर्चा है तो वहीं राजनीतिक जगत के लोग भी शादी में पहुंचेंगे.
दो जगह होगा रिसेप्शन कार्यक्रम
पांच मार्च को लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए रिसेप्शन प्रोग्राम लाडनूं में ही रखा गया है, जिसमें अधिकतर लाडनूं विधानसभा के लोग शामिल होंगे. उसके बाद 9 मार्च को राजधानी जयपुर में रिसेप्शन प्रोग्राम का आयोजन होगा जहां करीब 20 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:38 +0530</pubDate>
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<title>Uttarakhand News: रामनगर बना उत्तराखंड का वेडिंग हब, जिम कॉर्बेट में शादियों की धूम, करोड़ों का कारोबार</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का सपना अब जमीन पर साकार होता दिखाई दे रहा है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला रामनगर अब शादियों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. नए साल की शुरुआत के साथ ही यहां डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है और फरवरी, मार्च व अप्रैल के तीन महीने स्थानीय कारोबारियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं माने जा रहे हैं.
रामनगर में अलग-अलग लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि इस साल बाहर से आने वाले लोग यहां शादियां करने पर पहले से कहीं ज्यादा खर्च कर रहे हैं. अनुमान के अनुसार, यहां डेस्टिनेशन वेडिंग का बजट 15 लाख रुपये से शुरू होकर 2 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है. आलीशान रिसॉर्ट, प्राकृतिक खूबसूरती, जंगल का रोमांच और आधुनिक सुविधाएं रामनगर को शादी के लिए बेहद आकर्षक बना रही हैं.
अलग-अलग राज्यों से आकर लोग कर रहे शादियां
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग रामनगर आकर शादियां कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर परिवार अपने बजट के अनुसार आयोजन कर रहा है-किसी का बजट 15-20 लाख रुपये है तो कोई 1 से 2 करोड़ रुपये तक खर्च कर रहा है.
हरि सिंह मान के मुताबिक, फरवरी, मार्च और अप्रैल शादी के लिए सबसे बेहतर महीने माने जाते हैं और इस दौरान जिम कॉर्बेट के आसपास स्थित अधिकांश रिसॉर्ट पूरी तरह बुक रहते हैं. उन्होंने कहा कि अब यह कहना गलत नहीं होगा कि रामनगर शादियों का हब बन चुका है.
डेस्टिनेशन वेडिंग से स्थानीय लोगों को फायदा
डेस्टिनेशन वेडिंग के इस बढ़ते चलन का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है. शादियों में बैंड-बाजा बजाने वाले साबिर अली बताते हैं कि इन तीन महीनों में उनकी अच्छी-खासी कमाई हो जाती है, जिससे वह साल भर अपने परिवार का खर्च चला पाते हैं. उनका कहना है कि पहले साल भर काम के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब शादी के सीजन में ही इतनी आमदनी हो जाती है कि आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है.
वहीं, शादियों में डीजे का काम करने वाले राहुल का कहना है कि फरवरी से अप्रैल तक का समय उनके लिए सबसे बेहतरीन होता है. इन तीन महीनों में उनकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है. इसके अलावा कैटरिंग, फूलों की सजावट, फोटोग्राफी, लाइटिंग, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय दुकानदारों को भी इस वेडिंग सीजन से बड़ा लाभ मिल रहा है.
पीएम मोदी ने की थी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की कल्पना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की जो परिकल्पना की गई थी, वह अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के आसपास हो रही शादियां न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं.
हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान
यदि अनुमान लगाया जाए तो आने वाले तीन महीनों में रामनगर और उसके आसपास हजार करोड़ रुपये से अधिक का वेडिंग कारोबार हो सकता है. स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ेगा, जिससे रामनगर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन में अपनी मजबूत पहचान बना लेगा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:38 +0530</pubDate>
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<title>पानीपत: दलित&#45;ओबीसी एकता मंच ने किया UGC का समर्थन, DC को सौंपा ज्ञापन</title>
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<description><![CDATA[ पानीपत में दलित व अन्य पिछड़ा वर्ग एकता मंच, जिला पानीपत द्वारा पानीपत लघु सचिवालय में इकट्ठा होकर यूजीसी का समर्थन करते हुए माननीय राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया. सचिवालय में विभिन्न समाज के लोग एकत्रित हुए और यूजीसी द्वारा जारी नोटिफिकेशन को जल्द से जल्द लागू करवाने की मांग की.
&amp;nbsp;सचिवालय में इकट्ठा हुए विभिन्न समाज के लोगों का कहना है कि यूजीसी द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2026 को जारी सामाजिक न्याय, समान अवसर एवं संरक्षण से संबंधित नोटिफिकेशन को शीघ्र प्रभाव से लागू करवाया जाए. हालांकि इस नोटिफिकेशन पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्टे लगाया गया है, लेकिन मंच की ओर से इसे हटाने और नोटिफिकेशन लागू करने की मांग की गई है.
&amp;nbsp;OBC, SC, ST, दिव्यांग और महिलाओं के हितों की रक्षा
दलित व अन्य पिछड़ा वर्ग एकता मंच, जिला पानीपत की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन की ओर ध्यान आकर्षित करवाया गया, जो सामाजिक न्याय, समान अवसर, भेदभाव-निरोध तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित है.
यह नोटिफिकेशन विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांगजन (Persons with Disabilities) एवं महिला वर्ग को उच्च शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित, सम्मान एवं न्यायपूर्ण वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
&amp;nbsp;स्टे से वंचित वर्गों के हित प्रभावित
मंच का कहना है कि इस नोटिफिकेशन पर स्थगन (स्टे) लगने से इन वर्गों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हित प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष सैनी ने कहा कि यह नोटिफिकेशन उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है.
&amp;nbsp;राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील
ज्ञापन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए स्टे को हटवाया जाए और यूजीसी नोटिफिकेशन को तत्काल लागू किया जाए. मंच का मानना है कि यह नोटिफिकेशन वंचित वर्गों के छात्रों और शिक्षकों को उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव से बचाएगा और उन्हें समान अवसर प्रदान करेगा.
इस आंदोलन में विभिन्न समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए और उन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई. मंच ने आश्वासन दिया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे और बड़े आंदोलन का आयोजन करेंगे. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>पानीपत:, दलित-ओबीसी, एकता, मंच, ने, किया, UGC, का, समर्थन, को, सौंपा, ज्ञापन</media:keywords>
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<title>Union Budget Session: राहुल गांधी ने लोकसभा में ऐसा क्या कहा कि मच गया बवाल, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने खड़े होकर किया चैलेंज</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा के बजट सत्र में 2 फरवरी 2026 को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए डोकलाम का जिक्र किया. राहुल के बयान से संसद में हंगामा हो गया. राहुल गांधी ने जैसे ही डोकलाम की बात करनी शुरू की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इन बातों का जिक्र नहीं था. राहुल गांधी ने संसद में डोकलाम और चीन का जिक्र किया तो राजनाथ सिंह ने उनके बयान का विरोध शुरू कर दिया.
पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब पर बवाल
राहुल गांधी पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब में चीन और डोकलाम के बारे में लिखे बयान को बताना चाहते थे. लेकिन राजनाथ सिंह ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा कि राहुल गांधी जिस किताब की बातें कर रहे हैं, वह छप ही नहीं सकी थी. राहुल का रेफरेंस गलत है. इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को रोकते हुए कहा कि जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, उस के बारे में संसद में बात नहीं की जा सकती है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए यह पुस्तक प्रकाशित हुई या नहीं. इसके बाद राजनाथ ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सदन को गुमराह करने की कोशिश न करें, यहां गैर जरूरी बातें ना करें.
राहुल के समर्थन में खड़े हुए अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने खड़े होकर राहुल के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने लोकसभा स्पीकर से गुजारिश की है कि वह राहुल को किताब पर बोलने दें. चीन का मुद्दा संवेदनशील है. लेकिन तभी स्पीकर ने राहुल से कहा कि आप सदन की मर्यादा तोड़ रहे हैं.
राहुल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग किताब से डर रहे हैं. अगर इन्हें डर नहीं है तो मुझे किताब पढ़ने दें. इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन नियमों से चलता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;मोहम्मद दीपक ही असली भारतीय&amp;apos;, बोले ओवैसी, किस बात लेकर हो गए भावुक</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में नगर निकाय चुनावों को लेकर चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है. इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (1 फरवरी) की शाम नलगोंडा के रहमत नगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया.&amp;nbsp;
इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के कोटद्वार की एक घटना का हवाला देकर बीजेपी और आरएसएस पर जोरदार हमला बोला. ओवैसी ने &#039;मोहम्मद दीपक&#039; नाम के एक हिंदू युवक की बहादुरी को &#039;सच्चे भारत&#039; की तस्वीर बताते हुए कहा कि अगर देश के युवा इसी तरह नफरत की राजनीति का मुकाबला करेंगे तो बीजेपी -आरएसएस का शासन खत्म हो जाएगा.
भावुक हुए ओवैसी &amp;nbsp;अपने संबोधन में ओवैसी भावुक हो गए और उन्होंने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन उत्तराखंड में हुई एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे एक 70 वर्षीय बुजुर्ग वकील अहमद की दुकान को निशाना बनाया गया. ओवैसी ने कहा कि तब वहां दीपक कुमार नाम का एक स्थानीय हिंदू युवक ढाल बनकर खड़ा हो गया.
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर साधा निशानाओवैसी ने बताया कि जब उपद्रवियों ने उसका नाम पूछा तो उसने डटकर जवाब दिया, &quot;मेरा नाम मोहम्मद दीपक है.&quot; ओवैसी ने इसे संविधान और भाईचारे की जीत बताते हुए कहा कि यही वह भारत है जिसे बीजेपी नष्ट करना चाहती है. ओवैसी ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार और पुलिस पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उपद्रवी हाईवे जाम कर रहे थे, तो पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ऐसे तमाशा देख रही थी जैसे किसी के घर में बैठकर नाश्ता कर रही हो. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब दुकान चलाने के लिए भी किसी संगठन की इजाजत लेनी होगी?
11 फरवरी को होने वाले नगर पालिका चुनावों को लेकर ओवैसी ने मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि नलगोंडा के विकास के लिए मजलिस को मजबूत करना जरूरी है. यह रैली तेलंगाना की 116 नगर पालिकाओं और 7 नगर निगमों में होने वाले चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ओवैसी का &#039;मोहम्मद दीपक&#039; वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे ध्रुवीकरण की राजनीति के खिलाफ एक नया मैसेज माना जा रहा है.&amp;nbsp;
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&#039;हम रेड कारपेट बिछाते हैं, वो ब्लैक से कर रहे स्वागत...&#039;, दिल्ली पहुंचते ही गुस्से से लाल हुईं ममता बनर्जी ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Tamil Nadu: अवैध संबंध का विरोध कर रहा था ससुर, बहू ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर जिंदा जलाया</title>
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<description><![CDATA[ Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कडलूर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे सभ्य समाज शर्मिंदा है. यहां एक बुजुर्ग को उसकी बहू और उसके बॉयफ्रेंड ने मिलकर जिंदा जलाने की कोशिश की. पीड़ित गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती है.
64 साल के पीड़ित राजेंद्रन पिछले कुछ समय से अपनी बहू का मणिकंदन नाम के व्यक्ति के साथ अवैध संबंध का विरोध कर रहे थे. इस मामले में परिवार में कई बार झगड़े भी हुए, जिसके बाद राजेंद्रन को रास्ते से हटाने के लिए बहू ने अपने बॉयफ्रेंड मणिकंदन के साथ मिलकर योजना बनाई.&amp;nbsp;
सरेआम पेट्रोल डालकर लगाई आग
बता दें कि पीड़ित राजेंद्रन जब बाइक पर जा रहे थे तो आरोपी मणिकंदन ने अपने साथियों के साथ उन्हें रोका. सभी के सामने, राजेंद्रन पर पेट्रोल डाला गया और आग लगा दी गई और वह वहां से भाग गए. आग में फंसे राजेंद्रन की चीखें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं.&amp;nbsp; शरीर पर 70 प्रतिशत जलने के कारण, वह वर्तमान में अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है. इस हृदय विदारक घटना के दृश्य देखने वाले भी गुस्से में हैं.
चार आरोपियों की गिरफ्तारी
इस घटना पर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू कर दी. मुख्य आरोपी मणिकंदन, पीड़ित की बहू जयप्रिया और इसमें शामिल दो अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. कडलूर पुलिस ने बताया कि कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है. विवाहेतर संबंधों के कारण जानलेवा होने वाली ऐसी घटनाएं स्थानीय स्तर पर चिंता का कारण बन रही हैं. विवाहेतर संबंध उनके जीवन के साथ-साथ दूसरों की जान को भी खतरे में डालते हैं. कुछ मामलों में, पूरे परिवार को अपनी जान गंवानी पड़ती है. फिर भी लोगों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आ रहा है, पुलिस का कहना है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Union Budget Session: राहुल गांधी के बयान पर आखिर सरकार को आपत्ति क्या, तीन&#45;तीन मंत्री एक साथ भिड़े?</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा के बजट सत्र में बड़ा हंगामा हो गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बिना छपी पुस्तक का जिक्र कर दिया. 2 फरवरी 2026 को सदन में राहुल ने जैसे ही पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब से उनका बयान पढ़ा तो केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू उन्हें रोकने के लिए खड़े हो गए.
राहुल के डोकलाम बयान पर हुआ विवाद
राहुल गांधी ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप लगाए, हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाए. इसके बाद राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा को कोट करना शुरू किया. राहुल ने कहा कि आप समझेंगे कि कौन है देशभक्त. वो कहते हैं कि चीनी टैंक भारतीय पोजशीन में कैलाश रेंज के कुछ सौ मीटर ही दूर थे. लेकिन उन्होंने जैसे ही बोलना शुरू किया तो एक के बाद एक तीन बड़े मंत्रियों ने खड़े होकर उन्हें रोकने की कोशिश की...

राजनाथ सिंह: राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इन बातों का जिक्र नहीं था. राहुल गांधी जिस किताब की बातें कर रहे हैं, वह छप ही नहीं सकी थी. राहुल का रेफरेंस गलत है.
अमित शाह:&amp;nbsp;राहुल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल को बताना चाहिए यह पुस्तक प्रकाशित हुई या नहीं. राहुल किसी का लिखा नहीं पढ़ सकते.
किरेन रिजिजू: राहुल को बोलने से रोकते हुए रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम तोड़ रहे हैं. संसद नियमों से चलती है और यहां आप बिना छपी किताब के बारे में बात नहीं कर सकते हैं.

राहुल के बयान पर सरकार को आपत्ति क्या?
राहुल नरवणे का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के बारे में लिखा गया है. मैं उसी का जिक्र कर रहा हूं. इस पर राजनाथ ने कहा कि वो किताब प्रकाशित नहीं हुई है. राहुल के बयान के खिलाफ सरकार की सबसे बड़ी आपत्ति यह रही कि एक बिना छपी किताब को संसद में नहीं पढ़ना चाहिए. राजनाथ सिंह ने कहा कि नरवणे की किताब में गलत तर्क दिए गए थे, जिस वजह से किताब को पब्लिश नहीं होने दिया. अब राहुल उसी किताब को पढ़ रहे हैं, जो गलत है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल दहलाने वाला मामला, 100 से ज्यादा कुत्तों को जिंदा दफनाया, एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट में खुलासा</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के जगत्याल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आवारा कुत्तों के कथित &#039;सफाई अभियान&#039; के नाम पर 100 से अधिक बेजुबान जानवरों को जिंदा दफना दिया गया. एबीपी न्यूज़ द्वारा खबर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि जिले के मेडिपल्ली इलाके के जंगलों में बड़े पैमाने पर कुत्तों की हत्या कर उन्हें गड्ढों में दबा दिया गया है. स्थानीय ग्रामीणों और पशु प्रेमियों की सूचना पर जब इस मामले की परतें खुलीं, तो हर कोई सकते में है.
&#039;कई कुत्तों को जिंदा ही मिट्टी में दबा दिया गया&#039;जानकारी के मुताबिक, पिछले कई दिनों से इलाके में कुत्तों की संख्या घटती जा रही थी लेकिन किसी को शक नहीं था कि इतना बड़ा जुल्म हो रहा है. जब ग्रामीणों को जंगल के पास से दुर्गंध आने लगी और उन्होंने वहां खुदाई करवाई तो वहां कई कुत्तों के शव और हड्डियां मिलीं. आरोप है कि स्थानीय ठेकेदारों ने इस काम को अंजाम दिया है, जिन्हें इलाके को साफ करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. यह काम इतनी बेरहमी से किया गया कि कई कुत्तों को जिंदा ही मिट्टी में दबा दिया गया, जिसके निशान उनके शवों पर साफ दिखाई दे रहे थे.
आवारा कुत्तों को मारने पर सख्त रोकयह पहला मामला नहीं है बल्कि तेलंगाना में आवारा कुत्तों के खिलाफ यह &#039;कत्लेआम&#039; लगातार जारी है. इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. तेलंगाना हाई कोर्ट ने भी आवारा कुत्तों को बेदखल करने या मारने पर सख्त रोक लगाई हुई है और सरकार से जन्म नियंत्रण दवाइयों का इस्तेमाल करने को कहा है लेकिन जमीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है.&amp;nbsp;
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. पशु प्रेमी और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह घटना समाज के उस हिस्से पर सवाल खड़ा करती है, जो बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करके अपनी क्रूरता को इंसानियत की मुहिम का नाम दे रहा है. अब सभी की निगाहें प्रशासन पर हैं कि क्या वह इस दिल दहलाने वाली वारदात के दोषियों को सजा दिला पाता है.
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Union Budget Session: राहुल गांधी ने लोकसभा में ऐसा क्या कहा कि मच गया बवाल, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने खड़े होकर किया चैलेंज ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Rahul Gandhi: डोकलाम का जिक्र करके राहुल गांधी की चुनौती&#45; सरकार किस बात से घबरा रही है, मुझे बयान पढ़ने दिया जाए</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चीन और डोकलाम का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सरकार किसी रिपोर्ट या जानकारी को छिपा रही है और इसी वजह से घबराई हुई नजर आ रही है. राहुल गांधी ने दावा किया कि डोकलाम के समय चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा में घुसे थे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार किस बात से घबरा रही है. मुझे बयान पढ़ने दिया जाए.&amp;nbsp;
राहुल गांधी ने कहा कि वह यह मुद्दा उठाने वाले नहीं थे, लेकिन कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल खड़े किए गए, इसलिए उन्हें बोलना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब से जुड़ा एक अंश पढ़ना चाहते हैं. राहुल गांधी ने बताया कि उस किताब में उस समय की घटनाओं का जिक्र है, जब चीनी टैंक भारतीय इलाके में दाखिल हुए थे और डोकलाम की एक पहाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आपत्ति
राहुल गांधी के डोकलाम का जिक्र करते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इस तरह की किसी बात का जिक्र नहीं था. राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि जिस किताब का राहुल गांधी हवाला दे रहे हैं, क्या वह प्रकाशित हुई है या नहीं. रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि जनरल नरवणे की जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है. उन्होंने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पुख्ता आधार के इस तरह की बातें नहीं की जानी चाहिए.
गृह मंत्री अमित शाह की आपत्ति
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी आपत्ति जताई और कहा कि राहुल गांधी को साफ करना चाहिए कि वह जिस किताब का हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित है या नहीं. उन्होंने भी कहा कि सदन में सही और प्रमाणित जानकारी रखी जानी चाहिए. वहीं, इस बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के समर्थन में बात रखी. उन्होंने कहा कि चीन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और ऐसे मुद्दों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार होना चाहिए.
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>डोकलाम में चीनी टैंक, कौन देशभक्त? सदन में ऐसा क्या बताने जा रहे थे राहुल गांधी, मच गया बवाल</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी का भाषण शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में डोकलाम और चीन से जुड़े अहम तथ्यों का जिक्र करते हुए पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का हवाला दिया. इससे सदन में तेज बहस छिड़ गई.
डोकलाम में चीनी टैंकों का हवालाराहुल गांधी ने कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे, और वे केवल कुछ 100 मीटर दूर थे. उन्होंने यह जानकारी एक मैगजीन के आर्टिकल और नरवणे की किताब (मेमॉयर) का हवाला देते हुए दी. राहुल ने सदन से कहा, &#039;ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चलेगा कौन देशभक्त है और कौन नहीं.&#039;
किताब पर विवादराहुल गांधी ने दावा किया कि यह किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है और डोकलाम से जुड़े तथ्य दबाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई सामने आने से रोक रही है. इसके बाद उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का जिक्र किया.
राजनाथ सिंह और अमित शाह का हस्तक्षेपराहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए और कहा कि ऐसे गंभीर आरोप बिना प्रमाण के नहीं लगाए जा सकते. उन्होंने यह भी कहा कि जिस किताब का हवाला राहुल दे रहे हैं, वह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और अन्य सदस्यों ने भी हस्तक्षेप किया. हालांकि, आपत्तियों के बावजूद राहुल गांधी अपने बयान पर कायम रहे. उन्होंने किताब को &#039;100 फीसदी ऑथेंटिक&#039; बताते हुए कहा कि अगर सरकार किसी किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसमें लिखी बातें सच हैं.
स्पीकर और नियमों का हवालास्पीकर ओम बिड़ला ने सदन में किताब रखने पर जोर दिया. राहुल गांधी की 46 मिनट लंबी स्पीच के दौरान उन्हें लगभग हर लाइन पर राजनाथ सिंह, अमित शाह, राजकिशोर रिजिजू, निशिकांत दुबे और स्पीकर द्वारा टोका गया और नियमों का हवाला दिया गया. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Telangana Foreign Couple: गोद लिए बेटे की असली मां की तलाश में भारत पहुंचा डेनमार्क का कपल, बोले&#45; &amp;apos;बच्चा हमारे पास ही रहेगा, सिर्फ...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में एक विदेशी दंपत्ति अपने गोद लिए बेटे की असली मां को खोजने के लिए गांव-गांव घूम रहा है. डेनमार्क के लुईस और रासमस ने अपने बेटे अर्जुन उर्फ दानिश को जन्म देने वाली मां की तलाश में भारत का सफर किया है. इनका मकसद बच्चे को उसके जन्म देने वाले माता-पिता से मिलवाकर उसके दिल का दर्द कम करना है.
साल 2016 में जन्म के समय अर्जुन की दोनों हाथों की उंगलियां आधी कटी हुई थीं. शायद गरीबी या परेशानी की वजह से उसके माता-पिता ने उसे आदिलाबाद के रिम्स अस्पताल में छोड़ दिया था. उसके बाद बच्चा एक अनाथालय चला गया, जहां से ऑनलाइन आवेदन करके डेनमार्क के इस दंपत्ति ने उसे दो साल की उम्र में गोद लिया. अब अर्जुन 9 साल का हो गया है और वह अपने असली मां-बाप को देखने की जिद कर रहा है.
गांववालों ने किया स्वागत
लुईस और रासमस ने अपने बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए इंद्रावल्ली और नारनूर मंडल के कई आदिवासी गांवों में जाकर लोगों से बात की. गांव वालों ने भी इनका ढोल-नगाड़ों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया. मुंबई हाईकोर्ट की वकील अंजलि पवार की मदद से ये लोग इस काम में जुटे हैं. अंजली ने बताया कि दंपत्ति बच्चे को वापस नहीं करना चाहता, बस साल में एक बार उसे उसकी मां से मिलवाना चाहता है, ताकि बच्चा बिना अपनी जड़ों को जाने.
विदेशी दंपत्ति ने किया ईनाम का ऐलान
विदेशी दंपत्ति ने साफ कहा है कि अगर अर्जुन की मां मिल जाती है तो वे उसे पैसों की मदद भी करेंगे और हमेशा संपर्क में रहेंगे. ये सप्ताह भर आदिलाबाद में रुकेंगे. अगर किसी के पास इस बच्चे के माता-पिता की जानकारी है, तो वह +629822206485 या +918329403661 पर संपर्क कर सकता है. यह मामला साबित करता है कि प्यार और रिश्तों को देश की सीमाएं नहीं रोक सकतीं.
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Tejas MK1A: आ रहा AI और SATCOM से लैस एडवांस तेजस, ताकत देख खौफ खा रहा पाकिस्तान</title>
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<description><![CDATA[ भारत 2 स्वदेशी तेजस MK1 फाइटर जेट हादसों में गंवा चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरफोर्स जल्द ही तेजस MK1 लड़ाकू विमान के बेड़े में 2 नए इसी तरह के जेट्स शामिल कर सकती है या फिर एडवांस फाइटर जेट तेजस MK1A से इसे बदल सकती है.&amp;nbsp;
तेजस MK1A&amp;nbsp;तेजस MK1A तेजस MK1 से बहुत एडवांस है. तेजस MK1A हाईटेक AESA रडार से लैस है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और स्वदेशी अस्त्र हथियार भी हैं. इसमें उड़ान के दौरान ही ऑनबोर्ड ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम और हवा में ही फ्यूल भरने की क्षमता होगी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तेजस MK1A के वायुसेना के बेड़े में आने तक तेजस MK1 को ही अपग्रेड किया जा रहा है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो और SATCOM लगाए जा रहे हैं.
कितना पावरफुल है ये जेटइस फाइटर जेट में सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो एक लचीला कम्युनिकेशन सिस्टम है, जो पारंपरिक फिक्स्ड-फंक्शन हार्डवेयर की जगह रेडियो सिग्नल को प्रोसेस, मॉड्यूलेट और डीकोड करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है. यह रियल टाइम में कई फ्रीक्वेंसी और वेवफॉर्म पर सुरक्षित, हाई-स्पीड और इंटर ऑपरेबल वॉयस/डेटा कम्युनिकेशन को संभव बनाता है.
SATCOM यानि सैटेलाइट कम्युनिकेशंस का मतलब है, दूर की जगहों के बीच वॉइस, डेटा और वीडियो ट्रांसमिशन के लिए रेडियो सिग्नल को आसान बनाने, बढ़ाने और रिले करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट का इस्तेमाल करना. यह ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशंस के लिए एक जरूरी बैकबोन का काम करता है, जिससे दूरदराज के इलाकों, एविएशन, समुद्री और आपदा राहत की स्थितियों में कनेक्टिविटी मिलती है.&amp;nbsp;
बता दें कि इंडियन एयरफोर्स के सेकेंड स्क्वॉड्रन में 16 तेजस MK1 FOC एयरक्रॉफ्ट हैं. ये जेट पुराने ELM-2032 रडार और एवियानिक्स से लैस हैं. हालांकि, एयर डिफेंस के मामलों में ये ऑपरेशनल जरूरतों और ट्रेनिंग मिशनों को पूरा करते हैं.
MK1 से कितना हाईटेक है तेजस MK1Aतेजस MK1 तेजस MK1A की तरह हाईटेक नहीं है. तेजस MK1A में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम, पॉड बेस्ड जैमिंग कैपेबिलिटी और इंप्रूव्ड एवियानिक्स आर्किटेक्चर है. वायुसेना ने 73 तेजस MK1A सिंगल सीटों और 10 दो सीटों वालें फाइटर्स खरीदे हैं. हाल ही में वायुसेना ने 97 और सिंगल सीटों वाले तेजस MK1A खरीदने का करार किया है और इसकी पूरी खेप 2032 के लास्ट तक मिलने की संभावना है.
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;रमजान में उर्दू स्कूलों के समय में होगा बदलाव&amp;apos;, कर्नाटक सरकार का फैसला</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार ने रमजान के महीने के राज्य के उर्दू स्कूलों के समय में बदलाव करने का फैसला किया है. ये बदलाव उर्दू माध्यम के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में किए जाएंगे. कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार (2 फरवरी, 2026) को कहा कि सरकार के इस कदम को अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण कहना सही नहीं है.
सरकार ने एक परिपत्र जारी कर कहा है कि यह निर्णय सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त उर्दू माध्यम के स्कूलों पर लागू होगा और यह फैसला मौजूदा आदेशों की समीक्षा और कर्नाटक राज्य प्राथमिक विद्यालय शिक्षा संघ (आर), बेंगलुरु की ओर से प्रस्तुत एक अभ्यावेदन के बाद लिया गया है.
सोमवार को सार्वजनिक हुए 30 जनवरी के परिपत्र में कहा गया है &#039;इससे पहले, 31 अक्टूबर, 2002 को जारी एक स्थाई आदेश के माध्यम से, राज्य में उर्दू माध्यम के निम्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च विद्यालयों को सिर्फ सुबह आठ बजे से दोपहर 12.45 बजे तक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी गई थी, और उक्त स्थाई आदेश के नियमों के अनुसार समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.&#039;
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने आठ मार्च, 2023 के अपने उस आदेश का हवाला दिया, जिसके तहत राज्य पाठ्यक्रम का पालन करने वाले स्कूलों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए एक गतिविधि कार्य योजना लागू की गई थी. उस परिपत्र के अनुसार, दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए विद्यालय के नियमित घंटे सुबह 10 बजे से शाम 4.20 बजे तक निर्धारित किए गए थे. हालांकि, रमजान और उर्दू माध्यम संस्थानों के लिए लंबे समय से चले आ रहे विशेष प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने एसोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से 17 जनवरी, 2026 को प्रस्तुत एक अभ्यावेदन के बाद मामले की नए सिरे से समीक्षा की.
आदेश में कहा गया है, &#039;शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में, राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त उर्दू माध्यम के निम्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च विद्यालयों के समय में परिवर्तन रमजान के महीने के प्रारंभ की तिथि से 20 मार्च, 2026 तक लागू होगा.&#039; इस कदम को उचित ठहराते हुए परमेश्वर ने कहा कि इनका उद्देश्य उर्दू माध्यम के बच्चों को अन्य बच्चों के बराबर लाना है.
उन्होंने कहा, &#039;अगर कोई अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की तरह हर मायने में आपके बराबर नहीं है, तो आपको क्या लगता है कि संविधान में शुरू से ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण क्यों दिया गया था? आपको क्या लगता है कि संविधान में पिछड़े वर्गों का ज़िक्र क्यों किया गया है? ये वो लोग हैं जिन्हें हजारों सालों से उपेक्षित किया गया है. क्या आप नहीं चाहते कि ये लोग दूसरों के बराबर हों और एक समतावादी समाज का निर्माण करें?&#039;
जी. परमेश्वर ने कहा कि समय में किया गया बदलाव कार्यक्रमों के संदर्भ में सरकार की ओर से दिया गया थोड़ा सा प्रोत्साहन है. उन्होंने कहा, &#039;अगर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि आप लोगों के साथ समान व्यवहार किए जाने के खिलाफ हैं.&#039; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:06:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>राजस्थान के पोखरण से ISI एजेंट गिरफ्तार, पैसों के लालच में पाकिस्तान को भेज रहा था सेना की जानकारी</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने पाकिस्तान के सरहदी जिले जैसलमेर के पोकरण क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पुलिस ने एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं सीमा पार भेजने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया है.
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राज्य में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है. इसी दौरान इंटेलिजेंस को सूचना मिली कि पोकरण के थाना सांकड़ा अंतर्गत नेडान गांव निवासी झबराराम पुत्र भाना राम (28 वर्ष) की गतिविधियां संदिग्ध हैं. तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार पाक हैंडलर्स के संपर्क में बना हुआ था.
ऐसे आईएसआई के जाल में फंसा आरोपी झबराराम
पूछताछ और मोबाइल के तकनीकी परीक्षण में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपी झबराराम को पाक एजेंसियों ने हनीट्रैप और धनराशि का लालच दिया था. इस लालच में आकर वह भारतीय सेना से संबंधित संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था. इतना ही नहीं, उसने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी पाक हैंडलर्स को देकर व्हाट्सएप एक्टिवेट करवाया, जिसका उपयोग देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था.
एडीजी कुमार ने बताया कि संदेह पुख्ता होने पर झबराराम को केन्द्रीय पूछताछ केन्द्र, जयपुर लाया गया. यहाँ राजस्थान पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने उससे संयुक्त रूप से कड़ी पूछताछ की. अपराध प्रमाणित पाए जाने पर राजस्थान इंटेलिजेंस ने शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज कर शुक्रवार की शाम को उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को आज जयपुर की कोर्ट में पेश किया जाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;...समझ नहीं आता&amp;apos;, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के गजनी वाले बयान पर बोले पूर्व सांसद मलूक नागर</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय लोकदल (RLD) नेता और बिजनौर से पूर्व सांसद मलूक नागर ने असम और घुसपैठ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का खुलकर समर्थन किया है. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के मोहम्मद गजनी संबंधी बयान पर कड़ा एतराज जताया है. मलूक नागर ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और सच्चाई को सामने लाना जरूरी है.
अमित शाह के असम और घुसपैठ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मलूक नागर ने कहा, &amp;ldquo;सो कॉल्ड इंडिया गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस और उनकी साथी पार्टियां, ये घुसपैठियों को बढ़ावा देती हैं. 17वीं लोकसभा में जब बीएसएफ को ताकत दी गई और बांग्लादेश बॉर्डर पर जहां फेंसिंग नहीं है वहां फेंसिंग कराई जाए ताकि घुसपैठ रोकी जा सके, तो इसका सबसे ज्यादा विरोध टीएमसी और कांग्रेस के नेताओं ने संसद में किया. तो क्या ये घुसपैठियों को घुसाना चाहते थे?&amp;rdquo;
उन्होंने आगे कहा कि एक बड़ी कन्फ्यूजन जानबूझकर पैदा की जाती है, देश के मुसलमानों को घुसपैठियों से जोड़कर दिखाने की. नागर के मुताबिक, &amp;ldquo;हमारे देश के मुसलमानों के लिए भारत सरकार और प्रदेश सरकारों की जो फायदे की योजनाएं हैं, अगर उन पर घुसपैठिये, चाहे वो बांग्लादेशी हों, पाकिस्तानी हों या किसी दूसरे देश के, कब्जा करेंगे, तो ये कैसे सही है?&amp;rdquo;
सीमा पर हालात का हवाला
मलूक नागर ने सीमा से जुड़े हालात का जिक्र करते हुए कहा, &amp;ldquo;अगर पिछली सरकारों में इतने घुसपैठिये बुलाए गए होते, तो आज हालात अलग होते. साफ दिखता है कि बांग्लादेश बॉर्डर पर लाखों लोग वापस भाग रहे हैं, नेपाल बॉर्डर पर भी लोग लौट रहे हैं. उन्हें निकाला नहीं जा रहा, वो खुद भाग रहे हैं. कहीं न कहीं बात में दम और सच्चाई है. माननीय गृहमंत्री जो कह रहे हैं, वो ठीक ही तो कह रहे हैं.&amp;rdquo;
हामिद अंसारी के बयान पर सख्त प्रतिक्रिया
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के मोहम्मद गजनी पर दिए बयान पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, &amp;ldquo;हामिद अंसारी साहब इस देश के महामहिम उपराष्ट्रपति रहे हैं. उनके परिवार का बैकग्राउंड बहुत सॉलिड है. आजादी के समय जम्मू-कश्मीर की लड़ाई से भी उनके परिवार का नाता रहा है, उनके रिश्तेदार ने भारतीय सेना में अहम भूमिका निभाई. फिर ऐसे बयान कैसे दिए जा सकते हैं, समझ नहीं आता.&amp;rdquo;
नागर ने सवाल उठाते हुए कहा, &amp;ldquo;अगर महमूद गजनवी आक्रांता नहीं था और उसने देश में लूटपाट नहीं की, तो क्या कांग्रेस के कार्यकाल में पढ़ाई गई इतिहास की किताबें झूठी थीं? क्या हम अब तक जो सुनते आए, वो सब गलत है? क्या हामिद अंसारी साहब के पास ऐसे कोई सबूत हैं कि वह आक्रांता नहीं थे या उन्होंने लूटपाट नहीं की?&amp;rdquo;
उन्होंने कहा,&amp;nbsp;&amp;ldquo;मैं तो यही कहूंगा कि वे दोबारा सोचें और या तो अपने बयान पर साफ स्पष्टीकरण दें या फिर बयान वापस लें.&amp;rdquo; ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>...समझ, नहीं, आता, पूर्व, उपराष्ट्रपति, हामिद, अंसारी, के, गजनी, वाले, बयान, पर, बोले, पूर्व, सांसद, मलूक, नागर</media:keywords>
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<title>केदारनाथ धाम मोबाइल और कैमरा बैन, नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना, प्रशासन और मंदिर समिति सख्त</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस वर्ष से मोबाइल इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती जा रही है. जिसमें केदारनाथ धाम में अब मोबाइल और कैमरे के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगने जा रही है. मंदिर परिसर में मोबाइल इस्तेमाल करने या रील बनाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. इसके लिए बद्री-केदार मंदिर समिति और रूद्रप्रयाग जिला प्रशासन मिलकर कार्य योजना तैयार कर रहे हैं.
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि मोबाइल का आस्था से कहीं कोई लेना-देना नहीं है और लोग अब अत्यधिक प्रयोग कर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे में इस पर प्रतिबन्ध लगाना जरुरी है. जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी.
रील और फोटो-वीडियो शूट से दिक्कत 
केदारनाथ धाम में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन हाल के वर्षों में मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाकर फोटो, वीडियो और रील बनाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इससे न सिर्फ मंदिर की मर्यादा प्रभावित होती है, बल्कि दर्शन के दौरान अन्य श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए अब मंदिर के भीतर और मंदिर परिसर में मोबाइल व कैमरे पर पूरी तरह बैन लगाने की तैयारी की जा रही है।.यदि कोई श्रद्धालु नियमों का उल्लंघन करते हुए मोबाइल या कैमरा ले जाता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.
भारी जुर्माने के प्रावधान 
डीएम प्रतीक जैन ने कहा कि &amp;ldquo;मंदिर समिति के साथ मिलकर केदारनाथ धाम में मोबाइल बैन को लेकर कार्य योजना बनाई जा रही है. मंदिर परिसर में मोबाइल प्रयोग और रील बनाने से अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी होती है. इस बार नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा.
गौरतलब है कि इससे पहले भी मंदिर परिसर में रील्स और मोबाइल के प्रयोग पर रोक लगाने की बात कही गई थी, लेकिन वह पूरी तरह लागू नहीं हो पाई. इस बार प्रशासन और मंदिर समिति पहले से ही ठोस योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि यात्रा सीजन शुरू होने से पहले नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके.
समिति ने मोबाइल बैन का निर्णय लिया&amp;nbsp;
समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान ने कहा &amp;ldquo;बद्री-केदार मंदिर समिति की बैठक में मोबाइल बैन करने का निर्णय लिया गया है. श्रद्धालु आस्था के साथ दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से व्यवस्था प्रभावित होती है. इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.&amp;rdquo; बहरहाल, अब देखना होगा कि प्रशासन और मंदिर समिति की यह पहल केदारनाथ धाम की गरिमा बनाए रखने में कितनी कारगर साबित होती है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>महाराष्ट्र: पवार फैमिली में अभी भी सबकुछ ठीक नहीं! सुनेत्रा के इस कदम से लग रही हैं अटकलें</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पवार परिवार सुर्खियों में है. उपमुख्यमंत्री पद को लेकर लिया गया एक फैसला अब परिवार और पार्टी दोनों के भीतर सवाल खड़े कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का अगला उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय केवल एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेताओं ने लिया, जबकि इस पर पवार परिवार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया.
परिवार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े राजनीतिक फैसले से पहले परिवार को भरोसे में लेना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यही वजह है कि भीतरखाने नाराजगी की बात सामने आ रही है. परिवार का साफ कहना है कि उन्हें इस निर्णय की न तो पूर्व जानकारी थी और न ही उनसे कोई राय ली गई.
विधायक दल की बैठक से पहले उभरा विवाद
यह पूरा विवाद शनिवार (31 जनवरी) को होने वाली विधायक दल की अहम बैठक से ठीक पहले सामने आया है. माना जा रहा है कि इसी बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर आधिकारिक मुहर लग सकती है. अचानक सामने आए इस घटनाक्रम ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है.
शरद पवार से मिले बिना मुंबई रवाना
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार बिना शरद पवार से मुलाकात किए ही पुणे से मुंबई रवाना हो गईं. इसे पवार परिवार के भीतर जारी दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. इससे यह भी साफ होता है कि परिवार में अभी सबकुछ सामान्य नहीं है.
सूत्रों का दावा है कि सुनेत्रा पवार को कैबिनेट में शामिल करने के फैसले पर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) गुट से कोई परामर्श नहीं किया गया. यहां तक कि शरद पवार के परिवार के सदस्यों को भी इस कदम की भनक नहीं थी.
अजित पवार के निधन के बाद बदले हालात
बताया जा रहा है कि अजित पवार के निधन के बाद दोनों एनसीपी गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं जरूर तेज हुई थीं, लेकिन सुनेत्रा के उपमुख्यमंत्री बनने के फैसले को इससे जोड़कर नहीं देखा जा रहा. बुधवार को बारामती में हुए विमान हादसे के बाद हालात और संवेदनशील हो गए.
पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना
सुनेत्रा पवार फिलहाल महाराष्ट्र विधानमंडल के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं. शनिवार को उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है, जिसके बाद शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो वे राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं लेकिन इस उपलब्धि से पहले परिवार और पार्टी के भीतर उठा विवाद उनकी राह को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:35 +0530</pubDate>
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<title>बारामती की बहू से महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM तक, जानें कौन हैं सुनेत्रा पवार</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद यह लगभग तय है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की उपमुख्यमंत्री का कार्यभार संभालेंगी. सुनेत्रा पवार आज (31 जनवरी) शाम 5 बजे मुंबई में शपथ लेंगी और महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनेंगी. इससे पहले दोपहर 2 बजे विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें उन्हें नेता चुना जाएगा.
शपथ ग्रहण से पहले होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक को लेकर पार्टी ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने विधायक दल की बैठक का आधिकारिक पत्र विधानसभा सचिवालय को सौंप दिया है. बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुने जाने की तैयारी है.
इस बीच सुनेत्रा पवार बारामती से मुंबई पहुंच चुकी हैं और शपथ समारोह की अंतिम तैयारियां पूरी की जा रही हैं. उपमुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्हें राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा. ऐसे में यह चर्चा भी तेज है कि रिक्त होने वाली राज्यसभा सीट पर पार्थ पवार को जिम्मेदारी मिल सकती है.
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार का जन्म वर्ष 1963 में धराशिव जिले में हुआ था. उनके पिता बाजीराव पाटिल अपने समय के प्रभावशाली स्थानीय नेता थे, जबकि पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल उनके सगे भाई हैं. उन्होंने वर्ष 1983 में सरस्वती भुवन कॉलेज, संभाजीनगर से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की.
साल 1985 में पद्मसिंह पाटिल की पहल पर उनका विवाह अजित पवार से हुआ. विवाह के बाद लंबे समय तक वे सक्रिय राजनीति से दूर रहीं, लेकिन सामाजिक कार्यों से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा. काटेवाड़ी गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण की पहल उनका पहला उल्लेखनीय सामाजिक प्रयास माना जाता है.
सामाजिक कार्य से राजनीति तक का सफर
काटेवाड़ी में किए गए स्वच्छता अभियानों के चलते वर्ष 2006 में गांव को निर्मल ग्राम पुरस्कार मिला और इसे हगंडारी-मुक्त घोषित किया गया. साल 2008 में उन्होंने &amp;lsquo;बारामती हाई टेक टेक्सटाइल पार्क&amp;rsquo; की स्थापना की और उसकी अध्यक्ष रहीं. वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं.
वर्ष 2011 से वे फ्रांसीसी थिंक टैंक &amp;lsquo;वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम&amp;rsquo; की सदस्य हैं और 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट में शामिल हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शुरू की. 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ा, लेकिन सुप्रिया सुले से हार गईं. इसके बाद 18 जून 2024 को वे राज्यसभा सदस्य बनीं और अब महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली की जहरीली हवा में हुआ सुधार! जानें क्यों जनवरी 2026 बना 2022 के बाद सबसे बेहतर महीना?</title>
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<description><![CDATA[ अगर आप दिल्ली या आसपास के इलाकों में रहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है, क्योंकि राजधानी में खराब हवा की परेशानी से फिलहाल राहत मिली है. वायु गुणवत्ता में आए इस सुधार से लोगों को प्रदूषण के असर से कुछ समय के लिए राहत महसूस हो रही है.
दिल्ली में जनवरी 2026 के दौरान वायु गुणवत्ता ने 2022 के बाद दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के विश्लेषण के अनुसार, राजधानी में 30 जनवरी तक औसत AQI 307 रहा. यह आंकड़ा जनवरी 2025 के औसत AQI 306 से थोड़ा अधिक है, लेकिन इसके बावजूद जनवरी 2026, 2022 के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ जनवरी महीना माना गया है.
CREA की रिपोर्ट क्या कहती है?
CREA के विश्लेषण के मुताबिक, जनवरी 2025 में दिल्ली का औसत AQI 306 रहा था, जो 2022 के बाद सबसे बेहतर जनवरी थी, जब औसत AQI 279 दर्ज किया गया था. जनवरी 2026 में औसत AQI 307 रहा, जिससे यह महीना 2022 के बाद दूसरा सबसे अच्छा जनवरी बन गया. रिपोर्ट में साफ किया गया है कि भले ही इस साल औसत AQI थोड़ा बढ़ा हो, लेकिन कुल मिलाकर प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ वर्षों की तुलना में नियंत्रित रहा है.
जनवरी 2026 बनाम जनवरी 2025
जनवरी 2026 में अब तक दिल्ली ने दो &#039;मॉडरेट&#039;, 12 &#039;खराब&#039;, 14 &#039;बहुत खराब&#039; और दो &#039;गंभीर&#039; वायु गुणवत्ता वाले दिन दर्ज किए हैं. वहीं जनवरी 2025 में दो &#039;मॉडरेट&#039;, 13 &#039;खराब&#039; और 16 &#039;बहुत खराब&#039; दिन थे, लेकिन उस महीने एक भी &#039;गंभीर&#039; दिन दर्ज नहीं हुआ था. CREA के अनुसार, जनवरी 2025 में &#039;गंभीर&#039; दिनों की अनुपस्थिति और जनवरी 2026 में दो &#039;गंभीर&#039; दिनों की मौजूदगी ही इस साल के औसत AQI को थोड़ा ज्यादा दिखाती है.
आगे की चेतावनी और AQI की श्रेणियां
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने 31 जनवरी के लिए दिल्ली में &amp;ldquo;बहुत खराब&amp;rdquo; वायु गुणवत्ता की चेतावनी जारी की है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, AQI 0 से 50 के बीच &#039;अच्छा&#039;, 51 से 100 &#039;संतोषजनक&#039;, 101 से 200 &#039;मॉडरेट&#039;, 201 से 300 &#039;खराब&#039;, 301 से 400 &#039;बहुत खराब&#039; और 401 से 500 &amp;ldquo;गंभीर&amp;rdquo; श्रेणी में आता है. इन मानकों के आधार पर देखें तो जनवरी 2026 में प्रदूषण की स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर रही, लेकिन 2022 के बाद के वर्षों की तुलना में यह महीना अपेक्षाकृत बेहतर माना जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अयोध्या में BJP की अंतर्कलह खुलकर आई सामने, केशव प्रसाद मौर्य के सामने ही भिड़े नेता</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेताओं में परस्पर असंतोष अब जमीन पर दिखने लगा है. अयोध्या में उपमुख्मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने ही एक कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संजीव सिंह और बीजेपी नेता सच्चिदानंद पांडे में मंच पर ही हाथापाई शुरू हो गई. जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को अलग किया.
इस घटना पर केशव प्रसाद मौर्य ने भी नाराजगी जाहिर की. अब इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर बीजेपी में अंतर्कलह को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की माता के निधन के बाद तेरहवीं संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान दोनों बीजेपी नेता आपस में भिड़ गए. इस दौरान काफी देर अफरा-तफरी का माहौल रहा.
क्या था पूरा घटनाक्रम ? 
मंच पर डिप्टी सीएम समेत कई नेता बैठे थे, अचानक संजीव सिंह और सच्चिदानंद पांडेय के बीच किसी बात पर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया. वायरल &amp;nbsp;वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों नेता एक-दूसरे की कॉलर पकड़ते हुए धक्का-मुक्की कर रहे हैं. इस घटना से डिप्टी सीएम बेहद असहज नजर आए. अन्य कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को अलग किया.
स्थानीय कार्यकर्ताओं के मुताबिक दोनों नेताओं में पहले से अनबन चली आ रही है और गुरूवार को दोनों डिप्टी सीएम के सामने ही भिड गए. फिलहाल इस मामले में अब दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जा रही है.
स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत में तनातनी 
शुक्रवार को महोबा में एक कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति अम्न्त्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत में उनके क्षेत्र में जलकल योजना में कार्य न होने को लेकर नाराजगी देखने को मिली. विधायक के कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प का वीडियो भी वायरल है.
यह दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं. जिसमें बीजेपी के भीतर व्यापक असंतोष की बता कही जा रही है. फिलहाल इस मामले में किसी बड़े पदाधिकारी का बयान नहीं आया है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;अजित पवार की इच्छा थी...&amp;apos;, सुनेत्रा पवार की शपथ से पहले शरद पवार के बयान से बढ़ा सियासी सस्पेंस</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के अचानक निधन के बाद उठे सवालों और कयासों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा है कि हालात ऐसे हैं, जहां किसी न किसी को आगे आकर अजित पवार की जिम्मेदारी संभालनी ही पड़ेगी. यह बयान ऐसे समय आया है, जब यह चर्चा तेज है कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.
शरद पवार ने कहा कि सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने को लेकर फिलहाल उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई भी फैसला पार्टी स्तर पर होगा और वही अंतिम निर्णय लेगी. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में चल रही अटकलों से अलग, पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही आगे की राह तय की जाएगी.
विलय की बातचीत आखिरी चरण में थी
शरद पवार ने यह भी खुलासा किया कि पिछले 4 महीनों से जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय को लेकर बातचीत चल रही थी. यह चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी और 12 तारीख को इसका सार्वजनिक ऐलान होना था. उनके अनुसार, अजित पवार इस प्रक्रिया को लेकर काफी गंभीर थे और संगठन को एकजुट करना चाहते थे.
अजित पवार को याद करते हुए शरद पवार भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि अजित पवार एक सक्षम, कर्मठ और प्रतिबद्ध नेता थे, जिन्होंने हमेशा आम लोगों के लिए काम किया.
जनता की समस्याओं को वे गहराई से समझते थे और न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत रहते थे. बारामती की जनता हमेशा उनके साथ खड़ी रही और उन्होंने भी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी.
परिवार की नई पीढ़ी से उम्मीद
अजित पवार के निधन से उपजे राजनीतिक और भावनात्मक शून्य पर बात करते हुए शरद पवार ने कहा कि यह समय मजबूती के साथ आगे बढ़ने का है. हमें लोगों के दुख और पीड़ा को कम करने के लिए काम करना होगा और उन्हीं मूल्यों व कार्यशैली को आगे बढ़ाना होगा, जिनके साथ अजित पवार ने जनता की सेवा की. उन्होंने भरोसा जताया कि परिवार की नई पीढ़ी उनकी विरासत और कार्यपद्धति को आगे जरूर बढ़ाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;कोई भी मुसलमान मुख्यमंत्री से डरता नहीं&amp;apos;, CM हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर भड़के मौलाना रजवी</title>
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<description><![CDATA[ ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने देश-विदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी है. उन्होंने एएनआई से बातचीत में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह मस्जिद मामले की सुनवाई, पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत, उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी शरणार्थियों को जमीन देने के फैसले और मध्य प्रदेश में मस्जिदों के लाउडस्पीकर को लेकर दिए गए बयान पर खुलकर बात की.
एएनआई से बातचीत में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने असम के मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि &#039;बदन पर कफन&#039; जैसे शब्दों का इस्तेमाल एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता. मुख्यमंत्री को मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि असम का कोई भी मुसलमान मुख्यमंत्री से डरता नहीं है. मौलाना ने कहा कि एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का बयान बिल्कुल सही है और अगर आने वाले चुनाव में बीजेपी ने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़ा, तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
असम में 5 सालों से मुसलमानों को बनाया जा रहा निशाना- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि असम में पिछले करीब पांच सालों में मुसलमानों को लगातार निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर परेशान किया गया. जेल भेजा गया, मदरसों का दर्जा खत्म किया गया और कई जगहों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई. उनका कहना था कि ऐसे कदमों से देश और दुनिया में गलत संदेश जाता है. जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम देशों से अच्छे रिश्ते बनाना चाहते हैं. इसके अलावा कहा कि मथुरा की ईदगाह जमा मस्जिद से जुड़े मामले पर मौलाना ने कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जो लंबे समय से चल रही है. उन्हें उम्मीद है कि अदालत का फैसला मस्जिद के पक्ष में आएगा और न्याय होगा.
बांग्लादेश में राजनीतिक बदलावों के बाद बदले हालात- मौलाना
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 साल बाद सीधी उड़ानों की शुरुआत पर मौलाना ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मतभेद रहे हैं. खासकर 1971 के बाद. हाल के वर्षों में बांग्लादेश में राजनीतिक बदलावों के बाद हालात बदले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले हुए हैं, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया. इसके बावजूद हर देश को यह अधिकार है कि वह अपने पड़ोसी देशों से अच्छे रिश्ते बनाए.
बांग्लादेशी शरणार्थियों को बसाने के फैसले का मौलाना ने किया स्वागत
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बांग्लादेशी शरणार्थियों को बसाने के फैसले का मौलाना रजवी ने स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मेरठ में रह रहे 99 परिवारों को कानपुर के रसूलपुर गांव में बसाना इंसानियत और मानवता के लिहाज से अच्छा कदम है. इन लोगों को पहचान पत्र, राशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि 1971 में आए मुसलमानों को भी नागरिकता मिलनी चाहिए.
सिर्फ अजान के लिए होता है लाउडस्पीकर का इस्तेमाल
मध्य प्रदेश के एक विधायक द्वारा मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करने के बयान पर मौलाना ने कहा कि लाउडस्पीकर का इस्तेमाल सिर्फ अजान के लिए होता है, जो मुश्किल से डेढ़ मिनट की होती है. उन्होंने कहा कि विधायक को नफरत की भाषा छोड़कर मोहब्बत और भाईचारे की बात करनी चाहिए, ताकि हिंदू-मुसलमान आपसी सौहार्द के साथ रह सकें.
ये भी पढ़िए- &#039;मुनासिब नहीं है कि ऊंची आवाज में अजान हो&#039;, लाउडस्पीकर पर बोले AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सऊदी अरब तक पहुंची यूपी पुलिस, CEIR पोर्टल से बरामद किए 25 लाख के 121 मोबाइल</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले की सर्विलांस पुलिस टीम के हाथ तकनीक के सहारे बड़ी सफलता हाथ लगी है. विभिन्न राज्यों और विदेशों तक फैले 121 गुमशुदा मोबाइल बरामद किए हैं. बरामद किए गए फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है.
इस मामले में पुलिस की तकनीकी पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बरदहिया बाजार से गुम हुआ एक मोबाइल सऊदी अरब में ट्रेस कर बरामद किया गया. CEIR पोर्टल के जरिए सऊदी अरब से मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया. इसके अलावा बिहार, एमपी, गुजरात और बंगाल जैसे राज्यों से भी मोबाइल खोजे गए.
&amp;nbsp;CEIR पोर्टल की मदद से मिली सफलता
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस को यह सफलता मिली है. भारत सरकार के CEIR पोर्टल के माध्यम से आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है. इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद IMEI नंबर को ब्लॉक और ट्रेस करना आसान हो गया है.
इस शानदार कार्य के लिए एसपी ने सर्विलांस सेल प्रभारी अभिमन्यु सिंह व उनकी टीम को 25,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. यह पुलिस की तकनीकी दक्षता और मेहनत का नतीजा है.
&amp;nbsp;पुलिस की जनता से खास अपील
एसपी संदीप मीना ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत आधार कार्ड, बिल और थाने की गुमशुदगी रिपोर्ट के साथ पोर्टल पर पंजीकरण कराएं. इससे मोबाइल को ट्रेस और बरामद करना आसान हो जाता है. यह मामला यह साबित करता है कि तकनीक का सही इस्तेमाल करके पुलिस देश-विदेश से भी चोरी के मोबाइल बरामद कर सकती है. CEIR पोर्टल आम नागरिकों के लिए एक कारगर उपकरण साबित हो रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:30 +0530</pubDate>
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<title>Indigo Crisis: उड़ानें बचाने के चक्कर में सुरक्षा से समझौता ? DGCA की छूट पर हाई कोर्ट नाराज</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली हाई कोर्ट ने विमानन नियामक संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से पायलटों के साप्ताहिक आराम और छुट्टी से जुड़े नियमों में दी गई अनिश्चितकालीन छूट पर सख्त सवाल किए. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को ऐसे ही हल्के में नहीं लिया जा सकता.
दिल्ली HC ने DGCA से पूछा अहम सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान DGCA से पूछा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के उस अहम प्रावधान को क्यों वापस लिया गया, जिसमें साफ कहा गया था कि पायलटों की साप्ताहिक छुट्टी को उनकी लीव से बदला नहीं जा सकता.&amp;nbsp;
इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने DGCA और इंडिगो एयरलाइंस को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. दरअसल, DGCA ने 5 दिसंबर 2025 को इंडिगो को कुछ FDTL नियमों से छूट दी थी. इसका मकसद उड़ानों में हो रही भारी कटौती को रोकना और परिचालन को सामान्य करना बताया गया. नवंबर 2025 से नए नियम लागू होने के बाद इंडिगो सैकड़ों उड़ानें रद्द करने को मजबूर हुई थी. क्योंकि वह नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए तैयार नहीं थी.
नियमों के लागू होने के बाद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है - DGCA&amp;nbsp;
दिल्ली हाई कोर्ट में DGCA के वकील ने कोर्ट को बताया कि नए नियमों के लागू होने के बाद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. एयरलाइंस की ओर से यह शिकायत आई थी कि पायलट साप्ताहिक आराम को छुट्टी के साथ जोड़ रहे हैं. DGCA ने यह भी साफ किया कि साप्ताहिक आराम अब भी अनिवार्य है, जबकि लीव पायलट और एयरलाइन के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर करती है.
DGCA ने नियमों को सही से नहीं किया लागू - याचिकाकर्ता
हालांकि कोर्ट ने यह सवाल उठाया कि जब उसी दिन रात की ड्यूटी से जुड़े नियमों में दी गई छूट फरवरी 2026 तक सीमित है, तो फिर साप्ताहिक आराम और लीव से जुड़ी छूट की कोई समय-सीमा क्यों नहीं रखी गई. कोर्ट ने कहा कि यह छूट सिर्फ एक एयरलाइन की परेशानी के कारण सभी पर लागू कर दी गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि DGCA ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन &amp;nbsp;के नियमों की अनदेखी की और थकान से बचाव के नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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<title>IEW 2026: भारत ने नीदरलैंड, जापान, आइसलैंड और अमेरिका के साथ ऊर्जा साझेदारी को दी नई धार</title>
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<description><![CDATA[ इंडिया एनर्जी वीक के दूसरे दिन भारत ने दुनिया के प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से &#039;क्लीन एनर्जी&#039; और &#039;ऊर्जा सुरक्षा&#039; के क्षेत्र में बड़े समझौतों की ओर कदम बढ़ाए हैं. सचिव स्तर की इन वार्ताओं में हाइड्रोजन, जियोथर्मल और एलएनजी जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया.
भारत-नीदरलैंड: जल्द शुरू होगी &#039;रणनीतिक साझेदारी&#039;
नीदरलैंड के साथ हुई बैठक में टिकाऊ ऊर्जा इकोसिस्टम बनाने पर चर्चा हुई. दोनों देशों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन कॉरिडोर और हाइड्रोजन रिसीविंग स्टेशन बनाने पर सहमति बनी. भारत में इलेक्ट्रोलाइजर बनाने और निर्यात दक्षता बढ़ाने के लिए &#039;लास्ट माइल चैनल&#039; विकसित करने पर विचार किया गया. भारत ने डच कंपनियों को इंजीनियरिंग और नवाचार के लिए भारत में ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने का न्योता दिया.
भारत-जापान: हाइड्रोकार्बन और बायोफ्यूल्स पर बड़ा दांव
टोक्यो राउंडटेबल के बाद हुई इस बैठक में ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (Energy Value Chain) में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. ONGC और MOL ने दो बड़े ईथेन कैरियर (VLECs) के लिए जॉइंट वेंचर बनाया है. भारत ने अपनी अतिरिक्त इथेनॉल क्षमता और बायोफ्यूल्स के क्षेत्र में जापान को साझेदारी का प्रस्ताव दिया. ऑयल और गैस क्षेत्र में AI, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और ऑटोमेशन (SCADA सिस्टम) को लागू करने पर जापानी कंपनियों के साथ चर्चा हुई.
भारत-आइसलैंड: भू-तापीय (Geothermal) ऊर्जा से रोशन होगा भारत
आइसलैंड की तकनीक और भारत की 10.6 GW की भू-तापीय क्षमता को जोड़ने पर मंथन हुआ. लद्दाख की पुगा घाटी में ONGC के प्रोजेक्ट और अरुणाचल प्रदेश में चिन्हित हॉट स्प्रिंग्स के विकास पर आइसलैंड की कंपनियों (जैसे Geotropy) ने रुचि दिखाई. आइसलैंड, भारत को CO2 से ई-मेथनॉल और फिर उसे ई-एसएएफ (Sustainable Aviation Fuel) में बदलने में मदद करेगा. OIL राजस्थान में अपना पहला CCS प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है जो 200 टन CO2 प्रतिदिन कैप्चर करेगा.
भारत-अमेरिका: $13.7 बिलियन के व्यापार को और विस्तार देने की तैयारी
अमेरिका वर्तमान में भारत का छठा सबसे बड़ा ऊर्जा व्यापार भागीदार है. भारतीय कंपनियां अमेरिका में निर्माणाधीन LNG परियोजनाओं में इक्विटी हिस्सेदारी (Equity Participation) लेने की इच्छुक हैं. दोनों देशों ने &#039;क्रिटिकल मिनरल्स&#039; सेक्टर विकसित करने के लिए अपनी तुलनात्मक शक्तियों का उपयोग करने पर चर्चा की. अमेरिकी कंपनियों ने भारत के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&amp;amp;P) क्षेत्र में निवेश करने और गैस व्यापार बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>NCB का बड़ा एक्शन, मैसूर में ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10 करोड़ की MD ड्रग जब्त</title>
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<description><![CDATA[ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने देश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है. NCB ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है और कर्नाटक के मैसूर में चल रही एक ड्रग फैक्ट्री को भी पकड़ा है. इस छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की सिंथेटिक ड्रग्स, कैश और लग्जरी गाड़ी जब्त की गई है.
NCB को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 28 जनवरी 2026 को गुजरात के सूरत जिले के पलसाना इलाके में कर्नाटक नंबर की एक टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV को रोका गया. गाड़ी की तलाशी में करीब 35 किलो मेफेड्रोन यानी MD नाम की ड्रग बरामद हुई. ये ड्रग राजस्थान में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी.
छापामार कार्रवाई में क्या आया सामने?&amp;nbsp;
इसके बाद NCB ने पलसाना स्थित दास्तान रेसिडेंसी में रहने वाले महेंद्र कुमार विश्नोई के घर पर छापा मारा. जांच में सामने आया कि वही इस पूरे ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड है. उसके घर से 1.8 किलो अफीम, 25.6 लाख रुपये कैश और बड़ी मात्रा में केमिकल्स बरामद हुए. इस छापेमारी में सूरत पुलिस ने भी NCB के साथ थी.
जब इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया तो जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ. खुलासा ये कि महेंद्र कुमार विश्नोई पहले भी अफीम और स्मैक की तस्करी में शामिल रहा है. NDPS केस में जेल जाने के दौरान उसने दूसरे कैदियों से सिंथेटिक ड्रग्स बनाने के तरीके, बाजार की डिमांड और सप्लाई चेन की जानकारी हासिल की. जमानत पर बाहर आने के बाद उसने इस प्लान को जमीन पर उतार दिया.
एनसीबी ने गुप्त ड्रग लैब का भी किया भंडाफोड़
NCB ने कर्नाटक के मैसूर के हेब्बल इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही एक गुप्त ड्रग लैब का भी भंडाफोड़ किया. ये यूनिट बाहर से क्लीनिंग केमिकल बनाने की फैक्ट्री बताई जा रही थी, लेकिन अंदर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की पूरी सेटअप वाली लैब चल रही थी. लैब में ड्रग बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण और 500 किलो से ज्यादा केमिकल्स मिले. NCB के मुताबिक ये फैक्ट्री मास्टरमाइंड के एक रिश्तेदार और सह-आरोपी के नाम पर किराए पर ली गई थी. उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है. अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले है.
NCB ने इस केस में करीब 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 25.6 लाख रुपये नकद, टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी भारी मात्रा में केमिकल्स जब्त किए है. ड्रग फैक्ट्री वाली यूनिट को फॉरेंसिक जांच के लिए सील कर दिया गया है. जांच में ये भी सामने आया है कि महेंद्र कुमार विश्नोई एक आदतन अपराधी है. उसके खिलाफ राजस्थान में तीन और गुजरात में एक केस पहले से दर्ज है.
ड्रग की कई खेप तैयार कर सप्लाई की जा चुकी थी
NCB के मुताबिक ये ड्रग लैब साल 2024 में शुरू की गई थी और तब से कई खेप तैयार कर सप्लाई की जा चुकी थी. देश में मेफेड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए NCB ने सभी राज्यों को Red Flag Indicators (RFI) जारी किए है, ताकि फील्ड लेवल पर ऐसे लैब्स की पहचान हो सके. NCB ने दो अहम केमिकल्स 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन और मोनो मिथाइलमाइन (MMA) की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल MD ड्रग बनाने में होता है. केमिकल इंडस्ट्री से कहा गया है कि वे खरीदारों की सही जांच करें, ताकि इन केमिकल्स का गलत इस्तेमाल ना हो. फिलहाल मामले की जांच जारी है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>ED की बड़ी कार्रवाई, RCOM के पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार, कैसे किया था 40 हजार करोड़ का घोटाला?</title>
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<description><![CDATA[ ED की स्पेशल टास्क फोर्स ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारी 29 जनवरी 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई. मामला RCOM और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा करीब 40 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है.
ED की ये जांच CBI द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी. CBI ने अगस्त 2025 में RCOM से जुड़े बैंक फ्रॉड को लेकर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में केस दर्ज किया था. इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच तेज की.
RCOM में ऊंचे पद पर रहे हैं पुनीत गर्ग
जांच में सामने आया है कि पुनीत गर्ग लंबे समय तक RCOM में ऊंचे पदों पर रहे. उन्होंने 2006 से 2013 तक कंपनी के ग्लोबल एंटरप्राइज बिजनेस को संभाला, फिर 2014 से 2017 तक रेगुलेटरी अफेयर्स के प्रेसिडेंट रहे. अक्टूबर 2017 में उन्हें RCOM का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया और अप्रैल 2019 से अप्रैल 2025 तक वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे.
ED का आरोप है कि 2001 से 2025 के बीच अलग-अलग पदों पर रहते हुए पुनीत गर्ग बैंक फ्रॉड से पैदा हुई अवैध कमाई को छुपाने, घुमाने और ठिकाने लगाने में सक्रिय रूप से शामिल थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, ये पैसा RCOM की कई विदेशी सब्सिडियरी और ऑफशोर कंपनियों के जरिए बाहर भेजा गया.
अमेरिका से जुड़े हैं तार, ईडी का खुलासा
ED की जांच में एक बड़ा खुलासा अमेरिका से जुड़ा है. आरोप है कि इसी अवैध पैसे से न्यूयॉर्क के मैनहैटन में एक लग्जरी कोंडोमिनियम अपार्टमेंट खरीदा गया था. ये प्रॉपर्टी RCOM के कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी प्रोसेस (CIRP) के दौरान पुनीत गर्ग ने कथित तौर पर धोखाधड़ी से बेच दी. इस बिक्री से मिले करीब 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर को दुबई की एक कंपनी में फर्जी निवेश दिखाकर भारत से बाहर भेजा गया. ED का दावा है कि ये दुबई स्थित कंपनी एक ऐसे व्यक्ति के कंट्रोल में थी, जिसके पाकिस्तान से लिंक बताए जा रहे है. हैरानी की बात ये है कि इस पूरे लेनदेन की जानकारी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल को नहीं दी गई.
बैंकों से लिए कर्ज का निजी इस्तेमाल किया
जांच में ये भी सामने आया है कि बैंकों से लिए गए कर्ज का एक हिस्सा पुनीत गर्ग ने निजी खर्चों में इस्तेमाल किया. इसमें उनके बच्चों की विदेश में पढ़ाई से जुड़े खर्च भी शामिल बताए जा रहे है. गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने ED को 9 दिन की कस्टडी रिमांड दी है.
ED का कहना है कि रिमांड के दौरान बाकी बचे पैसों का पता लगाया जाएगा. अन्य लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी. ED ने साफ किया है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>खम्मम के सरकारी स्कूल में मिड&#45;डे मील बना जहर, 32 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के खम्मम जिले में शिक्षा का मंदिर अचानक एक अस्पताल का नजारा बन गया, जब सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद दर्जनों छात्रों की हालत बिगड़ गई. कोणिजर्ला मंडल के बोडिया तांडा स्थित इस स्कूल में गुरुवार को हुई इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को बयान कर दिया. लापरवाही से पकाया गया खाना करीब 32 मासूम बच्चों के लिए जहर साबित हुआ, जिससे उन्हें उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई और उन्हें तुरंत खम्मम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
स्थानीय लोगों ने क्या जानकारी दी?&amp;nbsp;मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, खम्मम जिले के स्कूल में दोपहर का भोजन बंटवाया गया था, लेकिन भोजन खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबियत बिगड़नी शुरू हो गई. एक-एक करके बच्चे उल्टी करने लगे और पेट दर्द से तड़पने लगे. आनन-फानन में स्थानीय लोगों और शिक्षकों की मदद से सभी पीड़ित छात्रों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, सभी बच्चों की स्थिति अब खतरे से बाहर है और उन्हें प्राथमिक उपचार देकर डिस्चार्ज करने की तैयारी है, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान छोड़ गई है.यह पहला मौका नहीं है जब तेलंगाना राज्य के आदिवासी इलाकों में स्कूलों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. तांडा क्षेत्रों के स्कूलों में अक्सर मिड-डे मील तैयार करने के दौरान साफ-सफाई की कमी और सामग्री की खराब क्वालिटी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इस घटना ने फिर से उन नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा करते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
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<title>यमुना की सफाई पर अब तक कितने करोड़ रुपये हुए खर्च, सरकार ने संसद में बताया चौकाने वाला आंकड़ा</title>
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<description><![CDATA[ यमुना नदी की साफ सफाई को लेकर अब तक करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. केंद्र सरकार ने लोकसभा में यमुना नदी की साफ-सफाई को लेकर बड़ा खुलासा किया. एक लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि यमुना नदी के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पुनरुद्धार के लिए अब तक कुल 1,951 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है.
जवाब में केंद्र सरकार ने कहा है कि यह खर्च विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और राज्यों के सहयोग से किया गया है. सरकार ने कहा कि यह राशि मुख्य रूप से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण, पुराने प्लांटों के उन्नयन, सीवरेज नेटवर्क विस्तार और प्रदूषण निगरानी जैसे कार्यों पर खर्च की गई है. यमुना से जुड़े राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग परियोजनाओं के तहत यह फंड जारी किया गया.
परियोजनाओं में कई तरह के उपचार पर दिया गया ध्यान
लोकसभा को जानकारी दी गई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत यमुना बेसिन में कई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं. इनमें सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक अपशिष्ट पर नियंत्रण और नदी में गिरने वाले नालों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार के मुताबिक, इन प्रयासों का उद्देश्य यमुना में बिना शोधन के गंदे पानी के प्रवाह को रोकना है.
केंद्र और राज्य के साथ स्थानीय निकायों की भी भूमिका अहम
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यमुना की सफाई एक निरंतर और दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय निकायों की भूमिका अहम है. नदी के जल की गुणवत्ता पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि सुधार की स्थिति का आकलन किया जा सके.
हालांकि, सरकार ने माना है कि यमुना की स्थिति में अपेक्षित सुधार के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है. आने वाले समय में नई परियोजनाओं, बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन और राज्यों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाया जा सके.
यह भी पढ़ेंः ऑफिस में चल रही थी IT की रेड, बेंगलुरु में बिजनेस टायकून ने खुद को मार ली गोली, आखिरी समय में ऐसा क्या हुआ? ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>फिर बदला मौसम, ठंड बढ़ने के बीच बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें देश का वेदर अपडेट</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम बदलता दिख रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक आज 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच 2 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे. इसके चलते जम्मू-कश्मीर लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. राजस्थान के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है. वहीं अगले कुछ हफ्तों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़त और फिर 2-4 डिग्री सेल्सियस गिरावट की संभावना है. महाराष्ट्र में अगले दो दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त हो सकती है.
दिल्ली का मौसमदिल्ली में आज सुबह मौसम आंशिक बादलों के साथ ठंडा रहेगा. सुबह हल्का कोहरा रहने की संभावना है. दोपहर में मौसम थोड़ा खुला रहेगा, लेकिन शाम और रात को गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 06-08 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा.&amp;nbsp;
यूपी में बदल रहा मौसमयूपी के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. कभी बारिश तो कभी कोहरा आफत बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक 1 फरवरी से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काले बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी. अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. उसके बाद इसमें धीरे-धीरे थोड़ा उछाल आएगा.&amp;nbsp;
लखनऊ मौसम केंद्र की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्य होगा. वहीं पूर्वी यूपी के कई जिलों में आज 100 से 500 मीटर की दृश्यता वाला कोहरा नजर आएगा. इसके अलावा 1 फरवरी को पश्चिमी यूपी के कई शहरों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. 2 फरवरी को आसमान में बादल छाए रहेंगे.
कहां-कहां रहेगा कोहरामौसम विभाग के मुताबिक आज कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के साथ आस पास के जिलों में कोहरा नजर आएगा. मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, संभल, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बदायूं, शाहजहांपुर, सीतापुर, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोंडा, मिर्जापुर, चंदौली, आजमगढ़, जौनपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव, अमेठी, रायबरेली, झांसी, महोबा, कानपुर, बांदा और चित्रकूट में आसमान साफ होगा.&amp;nbsp;
बिहार में मौसम शुष्कबिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम शुष्क बना रहा है. सबसे अधिक तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस सुपौल में दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी मध्य भागों के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि शेष भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया. सबसे कम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस भागलपुर के सबौर में दर्ज किया गया है.&amp;nbsp;
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यमुना की सफाई पर अब तक कितने करोड़ रुपये हुए खर्च, सरकार ने संसद में बताया चौकाने वाला आंकड़ा ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
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<title>SIT ने केसीआर को फिर भेजा समन, 1 फरवरी को आवास पर होगी पूछताछ, यर्रावेल्ली की मांग खारिज</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को एक बार फिर से जांच एजेंसी (SIT) की ओर से नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 160 के तहत यह निर्देश दिया है कि वह 1 फरवरी, 2026 को दोपहर 3 बजे अपने हैदराबाद स्थित नंदीनगर आवास पर मौजूद रहें.&amp;nbsp;
जांच एजेंसी ने केसीआर द्वारा यर्रावेल्ली में पूछताछ कराने की मांग को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि यह पूछताछ केवल उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज पते पर ही होगी. 30 जनवरी को जारी इस आधिकारिक पत्र में एसआईटी अधिकारियों ने कहा है कि प्रकरण संख्या 243/2024 के संबंध में उन्हें साक्ष्य के रूप में शामिल किया जा रहा है. नोटिस में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक रिकॉर्ड अत्यंत संवेदनशील हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें यहां से कहीं और ले जाना संभव नहीं है.&amp;nbsp;
अधिकारियों ने क्या कहा&amp;nbsp;अधिकारियों ने कहा कि हालांकि केसीआर की उम्र और स्वास्थ्य का ध्यान रखा गया है, लेकिन रिकॉर्ड की प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपने हैदराबाद आवास पर आना होगा. यह भी कहा गया कि पुलिस स्टेशन के पास उपस्थित होने की पिछली बाध्यता को उनके आवास पर जांच करने के लिए शिथिल किया गया है, लेकिन स्थान बदला नहीं जाएगा.
जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर केसीआर ने क्या कहाइससे पहले केसीआर की ओर से उनके प्रतिनिधियों ने 29 जनवरी को जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर यर्रावेल्ली (V) मारकूक (M) में जांच कराने की मांग की थी. हालांकि जांच एजेंसी ने अपनी ओर से दो बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि आधिकारिक दस्तावेजों में जांच का स्थान हैदराबाद ही दर्ज है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे बदलना उचित नहीं होगा. नोटिस पर जुबिली हिल्स डिवीजन के एसीपी (ACP) और जांच अधिकारी के हस्ताक्षर हैं.
अब सभी की निगाहें 1 फरवरी को होने वाली इस कार्रवाई पर टिकी हैं. यह नोटिस उस समय आया है जब राज्य में राजनीतिक गहमागहमी चरम पर है. जांच एजेंसी का यह कदम यह दर्शाता है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए किसी भी तरह की राजनीतिक दबाव या सुविधा को नजरअंदाज करने के मूड में हैं. अब देखना है कि केसीआर इस नोटिस के बाद क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे अपनी यर्रावेल्ली में पूछताछ की मांग पर अडिग रहते हैं या एजेंसी के निर्देशों का पालन करते हैं.
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फिर बदला मौसम, ठंड बढ़ने के बीच बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें देश का वेदर अपडेट ]]></description>
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>EXCLUSIVE: &amp;apos;भारत दोनों का दोस्त...&amp;apos; फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष पर दी प्रतिक्रिया, जानें PM मोदी को लेकर क्या कहा</title>
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<description><![CDATA[ एबीपी न्यूज से हुई एक सुपर-एक्सक्लूसिव बातचीत में फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वार्सेन अगाबेकियन शाहिन ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उनके फिलिस्तीनी संघर्ष पर पड़ने वाले गहरे प्रभावों पर खुलकर अपनी बात रखी. विदेश मंत्री शाहिन ने कहा, &#039;इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष अब केवल जमीन या सीमाओं का विवाद नहीं रह गया है. यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक कूटनीति को प्रभावित कर रहा है.&#039; उनके अनुसार फिलिस्तीन में जारी अस्थिरता का असर पड़ोसी देशों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक गठबंधनों पर साफ तौर पर दिखाई देता है.
फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वार्सेन अगाबेकियन शाहिन ने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने &amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बात करते हुए कहा, &#039;भारत की स्थिति खास है, क्योंकि वह इजरायल और फिलिस्तीन दोनों का दोस्त है.&#039; उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत एक सेतु की भूमिका निभा सकता है और लोकतंत्र, मानवाधिकार तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अपने मूल्यों के आधार पर शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सकारात्मक योगदान दे सकता है.
शांति की शुरुआत और इजरायल से अपेक्षाएं
शांति की प्रक्रिया को लेकर मंत्री शाहिन ने कहा कि इसकी शुरुआत इजरायल की ईमानदार मंशा से होनी चाहिए. उनके अनुसार इजरायल को यह समझना होगा कि अपने पड़ोसियों की सुरक्षा के बिना उसकी अपनी सुरक्षा संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि शांति की एक कीमत होती है और उस कीमत को चुकाने की राजनीतिक इच्छा दिखाना अनिवार्य है.&amp;nbsp;नेतन्याहू सरकार और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इजरायल की मौजूदा नेतन्याहू सरकार पर बात करते हुए मंत्री शाहिन ने कहा कि नेतन्याहू खुले तौर पर फिलिस्तीनी राज्य के खिलाफ बयान देते रहे हैं. ऐसे में उनसे बिना किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के शांति पहल की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका से लेकर भारत तक, जहां भी प्रभाव है, वहां से दबाव बनाना जरूरी होगा.
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:30:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>EXCLUSIVE:, भारत, दोनों, का, दोस्त..., फिलिस्तीनी, विदेश, मंत्री, ने, इजरायल, के, साथ, चल, रहे, संघर्ष, पर, दी, प्रतिक्रिया, जानें, मोदी, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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<title>J&amp;amp;K Terrorism Operation: जम्मू कश्मीर के डोलगाम में एनकाउंडर, सुरक्षाबलों का आतंकियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, सर्च ऑपरेशन जारी</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के केंद्र में है. जनवरी 2026 में शुरू किया गया ऑपरेशन त्राशी-I जम्मू क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का एक बड़ा और सुनियोजित अभियान माना जा रहा है. इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य किश्तवाड़ जिले और आसपास के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय आतंकियों को खत्म करना और उनके नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर करना है. वहीं जम्मू कश्मीर जिला के सीमावर्ती गांव चालियारी में शनिवार (31 जनवरी 2026) की सुबह पाकिस्तानी ड्रोन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की BSF ने 4 राउंड फायर किया. इसके बाद वापस पाक सीमा में लौट गया. वहीं घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (31 जनवरी 2026) की सुबह किश्तवाड़ के डोलगाम और चत्रू इलाकों में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुआ. यह इस बात का संकेत है कि खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं के आधार पर जमीन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर सतर्क थीं.
ऑपरेशन त्राशी-I की पृष्ठभूमि और शुरुआत
ऑपरेशन त्राशी-I एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान है, जिसे भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल मिलकर चला रहे हैं. इस अभियान की शुरुआत जनवरी 2026 में किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र से हुई थी. यह इलाका पहले भी आतंकी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, क्योंकि यहां घने जंगल और ऊंचे पहाड़ आतंकियों को छिपने में मदद करते हैं.
खुफिया एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन, खासतौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी, इस इलाके में ठिकाने बनाकर सक्रिय हैं. इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही ऑपरेशन त्राशी-I को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया.
डोलगाम और चत्रू में मुठभेड़ की स्थिति
31 जनवरी 2026 को तड़के डोलगाम क्षेत्र में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच संपर्क हुआ. सेना की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन से पहले सभी खुफिया सूचनाओं का गहन विश्लेषण किया गया था. इसके बाद इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया. मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या सुरक्षा बलों को हुए नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. व्हाइट नाइट कोर ने साफ किया है कि ऑपरेशन त्राशी-I अभी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
ऑपरेशन त्राशी-I के मकसद
ऑपरेशन त्राशी-I केवल एक मुठभेड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है. इस अभियान का मकसद जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करना है. इसके साथ ही आतंकियों को मिलने वाली हथियार सप्लाई, रसद नेटवर्क और स्थानीय सहयोग तंत्र को खत्म करना भी इस ऑपरेशन का अहम लक्ष्य है. सुरक्षा बल उन रास्तों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकी जम्मू क्षेत्र से कश्मीर घाटी में आने-जाने के लिए करते रहे हैं.
कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की रणनीति
किश्तवाड़ का डोलगाम और चत्रू क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. यहां घने जंगल, ऊंचे पहाड़, सीमित सड़क संपर्क और बदलता मौसम सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कठिनाई पैदा करता है. इसके बावजूद ऑपरेशन त्राशी-I को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है और जमीन पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. सभी यूनिट्स के बीच रियल टाइम कम्युनिकेशन के जरिए तालमेल बनाए रखा जा रहा है, ताकि आतंकियों को किसी भी तरह से बच निकलने का मौका न मिले.
जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
ऑपरेशन त्राशी-I को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त और स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है. हाल के वर्षों में आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के बजाय जम्मू के पहाड़ी जिलों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की है. इस अभियान के जरिए सुरक्षा बल यह संदेश देना चाहते हैं कि चाहे इलाका कितना ही दुर्गम क्यों न हो, आतंकवाद के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है.
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<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:29:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>भीलवाडा मैँ कोहरे का कहर: कोठारी पुलिया पर मौत का तांडव</title>
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<description><![CDATA[ घने कोहरे में आधा दर्जन वाहन भिड़े, तीन की दर्दनाक मौत, एक दर्जन से अधिक घायल ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:28:31 +0530</pubDate>
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<title>UGC के नए नियमों पर आए सुप्रीम फैसले को लेकर क्या है RJD का स्टैंड? मृत्युंजय तिवारी ने बताया</title>
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<description><![CDATA[ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ कहा कि मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय में है, इसलिए किसी तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है.
मृत्युंजय तिवारी ने कहा, &quot;माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यूजीसी मामले पर संज्ञान लिया और इस पर तत्काल रोक लगाया. आगे सुनवाई होगी और माननीय न्यायालय के फैसले पर तो कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं दी जा सकती है.&quot;
उन्होंने आगे कहा, &quot;सबको इंतजार करना चाहिए. माननीय सर्वोच्च न्यायालय में यह मामला है और जब तक सर्वोच्च न्यायालय का कोई फैसला अंतिम रूप से नहीं आ जाता है, तब तक इस पर कुछ भी प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है.&quot;
उनका कहना है कि जब मामला अदालत में विचाराधीन हो, तब बयानबाजी से बचना ही लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीका है.
फैसले का करना चाहिए इंतजार
RJD नेता ने न्याय की अवधारणा पर भी बात करते हुए कहा, &quot;ये न्याय का मतलब यही है ना, सबके साथ न्याय होना चाहिए. जो निर्दोष हो, वो फंसे नहीं और जो दोषी हो, वो बचे नहीं. यही तो न्याय है. इसलिए तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय में यह पूरा मामला है. उनके फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए.&quot;
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर पहले से ही देशभर में बहस चल रही है. सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है. हालांकि, मृत्युंजय तिवारी की प्रतिक्रिया से साफ है कि RJD इस मामले में किसी भी तरह का दबाव या टिप्पणी करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहती है.अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई पर टिकी हैं. जब तक अदालत की ओर से अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से दूरी बनाए रखने की बात RJD नेता ने दोहराई है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:59 +0530</pubDate>
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<title>अगर जिंदा होते अजित पवार तो महाराष्ट्र में होने वाला था बड़ा सियासी बदलाव, हो गई थी पूरी तैयारी</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मौत के बाद से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है. इस बीच सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर आ रही है कि अगर अजित पवार जिंदा होते तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आने वाला था. बदलाव यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार की मृत्यु से पहले यह फैसला हो गया था कि चाचा-भतीजा साथ आ जाएंगे और एनसीपी अब विभाजित नहीं रहेगी.
सूत्रों की मानें तो बारामती विमान हादसे के कुछ दिन पहले ही अजित पवार और शरद पवार के बीच बातचीत हुई थी. इस बातचीत में एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने पर सहमती बन गई थी. इसके बाद दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच एक बैठक हुई जिसमें आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की गई.
8 फरवरी को NCP विलय का होना था ऐलान?
सूत्रों का दावा है कि अजित पवार और शरद पवार ने जिला परिषद चुनाव के तुरंत बाद इस विलय का ऐलान करने का फैसला लिया था. बताया जा रहा है कि 8 फरवरी को इसकी घोषणा होने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन इससे पहले ही दुखद विमान हादसे में अजित पवार नहीं रहे.
अजित पवार के करीबी ने भी किया यही दावा
इससे पहले अजित पवार के करीबी रहे किरण गुजर ने भी यह दावा किया था कि एनसीपी के दोनों सीनियर नेताओं ने बारामती प्लेन क्रैश के ठीक 5 दिन पहले इस विषय पर लंबी चर्चा की थी और दोनों इस बात से सहमत थे कि पार्टियों को एक हो जाना चाहिए. किरण गुजर ने दावा किया था कि दोनों चाचा-भतीजे इस फैसले से खुश थे और विलय को लेकर उत्साहित भी थे. अजित पवार के करीबी ने यह भी बताया कि एनसीपी चीफ दोनों गुटों का विलय महाराष्ट्र के हित में मानते थे.&amp;nbsp;
बारामती प्लेन क्रैश में चल बसे अजित पवार
NCP के विलय का ऐलान हो पाता, इससे पहले अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई. बुधवार, 28 जनवरी की सुबह एनसीपी चीफ मुंबई से बारामती के लिए निकले थे. बारामती में उनकी कई जनसभाएं और बैठकें थीं. यहां वह जनता से बातचीत करने आ रहे थे, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले ही उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि कम विजिबिलिटी की वजह से कैप्टन को प्लेन की लैंडिंग में दिक्कत हो रही थी. पहला अटेम्ट फेल होने के बाद जब लैंडिंग की दूसरी कोशिश की जा रही थी, तभी विमान अचानक क्रैश हो गया और उसके अगले हिस्से में आग लग गई. प्लेन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और उसमें बैठे अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई.&amp;nbsp;
प्लेन में अजित पवार के साथ उनके पर्सनल गार्ड कांस्टेबल विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, फ्लाइट कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक थीं. सभी की जान चली गई. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>हापुड़ में हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मां&#45;बेटे को जूतों की माला पहनाकर घुमाया, 4 गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मां और बेटे का जुलूस निकाला गया है. ग्रामीणों ने दोनों के गले में जूतों की माला पहनाकर हाथ जुड़वाकर पूरे गाँव में घुमाया. इस मामले में पुलिस ने गांव के पाँच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है जबकि चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.&amp;nbsp;
ये घटना गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के शाहपुर चौधरी गांव की है, जहां एक युवक ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर हिन्दू धर्म को लेकर टीका-टिप्पणी की थी, इससे पहले भी युवक ने गांव में श्रीराम मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस पर गांव के लोगों ने पंचायत में जाकर युवक की शिकायत की.&amp;nbsp;
जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया
इस घटना को लेकर पंचायत ने फरमान दिया कि युवक को जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया जाए और हाथ जोड़कर उससे माफी मंगवाई जाए. जिसके बाद ग्रामीण युवकों ने युवक और उसकी मां दोनों को पहले जूतों की माला पहनाई और फिर उसके बाद पूरे गांव में घुमाया. जिसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो की जानकारी जैसे ही पुलिस-प्रशासन को हुई, तो पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया. पुलिस ने तत्काल इस मामले में युवक की तहरीर पर गांव के ही पांच युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली और कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया.&amp;nbsp;
पुलिस के मुताबिक युवक को पंचायती फरमान पर सजा देने वाले चार युवकों अनिल, अमित, सागर और विनित नाम के युवक को गिरफ़्तार कर लिया कर लिया है. इस मामले में पाँच ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पांचवें आरोपी की भी तलाश की जा रही है. इस घटना को लेकर पूरे गाँव में तनाव देखने को मिल रहा हैं. पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई हैं. &amp;nbsp;
UP Weather: यूपी में घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट, 1 फरवरी से पलटेगा मौसम, झमाझम बारिश से और बढ़ेगी ठंड&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट में होगा बड़ा बदलाव! SIR में आए 17 लाख आवेदन, कौन जुड़ा&#45;कौन बाहर?</title>
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<description><![CDATA[ गुजरात में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने से पहले 16.76 लाख से ज्यादा आवेदन दाखिल किए गए हैं. इस प्रक्रिया में नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े दावे शामिल हैं. यह रिवीजन चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत पूरे राज्य में किया जा रहा है.
कितने आवेदन, किस श्रेणी में
गांधीनगर में 29 जनवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर के दौरान कुल 16.76 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 6.88 लाख से ज्यादा आवेदन वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए दाखिल किए गए. वहीं, 9.88 लाख से अधिक आवेदन नाम हटाने से संबंधित हैं.
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, 28 जनवरी तक राज्य की 182 विधानसभा सीटों से नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 और 6 &amp;lsquo;ए&amp;rsquo; के कुल 6,88,116 आवेदन जमा हुए. इसी अवधि में नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के 9,88,621 आवेदन प्राप्त किए गए. ये आंकड़े रिवीजन प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दिखाते हैं.
दावे, आपत्तियां और सत्यापन प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने वोटरों को वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने, हटाने या किसी तरह के सुधार से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दावों और आपत्तियों का सत्यापन समानांतर रूप से किया जाएगा.
फील्ड-लेवल जांच के बाद ही प्रत्येक आवेदन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न हटे. आईएएनएस के अनुसार, प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रहे. सत्यापन के दौरान दस्तावेजों और स्थानीय स्तर की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है.
एसआईआर का उद्देश्य और आगे की प्रक्रिया
गुजरात में एसआईआर अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई थी, जिसमें सभी 182 विधानसभा सीटों को शामिल किया गया. बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाता रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया. गिनती चरण पूरा होने के बाद 19 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की गई, ताकि सार्वजनिक जांच हो सके.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य मतदाताओं को सूची से बाहर न किया जाए और अयोग्य नामों को हटाया जाए. इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं, स्थान बदलने वाले नागरिकों, मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट एंट्री और स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों की पहचान शामिल है. सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:57 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;फोन पर काजल की चीखें सुनाई दे रही थीं&amp;apos;, दिल्ली पुलिस कमांडो के भाई ने बयां की हत्या की खौफनाक कहानी</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल SWAT कमांडो काजल की कथित तौर पर उनके पति द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि यह मामला शुरू से ही दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़ा हुआ था.
काजल के भाई निखिल ने बताया कि घटना के दिन उन्हें अपनी बहन का फोन आया. फोन पर काजल की चीखें सुनाई दे रही थीं. निखिल ने बताया कि मैंने फोन पर अपनी बहन की आवाज सुनी और वह बहुत दर्द में थी. करीब पांच मिनट बाद मेरे जीजा का फोन आया और उसने बताया कि काजल की मौत हो गई है.

#WATCH | Delhi | Kajal, a Delhi Police SWAT Commando, was reportedly battered to death by her husband.Her brother, Nikhil, says, &quot;I received a call. I heard my sister&#039;s screams. Then, five minutes after that, I received another call from my brother-in-law saying that she had&amp;hellip; https://t.co/J43C8DUoxe pic.twitter.com/8BgMSadUBl
&amp;mdash; ANI (@ANI) January 30, 2026



दहेज की मांग करते थे बहन के ससुराल वाले- निखिल
निखिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि काजल की शादी के बाद से ही उसके ससुराल में दहेज को लेकर विवाद चल रहा था. ससुराल वाले लगातार कहते थे कि उन्हें ज्यादा दहेज मिलना चाहिए था. शुरू में हालात कुछ समय के लिए ठीक रहे, लेकिन बाद में काजल के पति का व्यवहार भी वैसा ही हो गया. परिजनों के मुताबिक, काजल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था. जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह ब्रेन डेड हो चुकी है और इलाज संभव नहीं है. इसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई.
मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान थी बेटी
काजल की मां ने भी अपनी बेटी की पीड़ा को साझा करते हुए कहा कि उसकी शादी 23 नवंबर 2023 को हुई थी. शादी के तुरंत बाद से ही पति-पत्नी के बीच झगड़े शुरू हो गए थे. मां के अनुसार, काजल शादी के पहले दिन से ही मुझे सब कुछ बताती थी. वह मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान थी.
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>फोन, पर, काजल, की, चीखें, सुनाई, दे, रही, थीं, दिल्ली, पुलिस, कमांडो, के, भाई, ने, बयां, की, हत्या, की, खौफनाक, कहानी</media:keywords>
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<title>UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, राकेश टिकैत खुश या निराश? जानें क्या बोले</title>
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<description><![CDATA[ UGC कानून को लेकर देशभर में चल रहे विरोध और सियासी बयानबाजी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत के इस फैसले के बाद किसान नेता राकेश टिकैत की प्रतिक्रिया सामने आई है. टिकैत ने सुप्रीम कोर्ट के कदम को हालात के मद्देनजर सही बताया और कहा कि अगर किसी कानून से समाज में टकराव बढ़ता है, तो उससे नुकसान ही होता है.
&#039;कोर्ट ने हालात देखकर फैसला लिया&#039;
राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सब कुछ जानता है. उसने देखा कि लोग सड़कों पर हैं और कई संगठनों में नाराजगी है. ऐसे में अदालत ने समय रहते दखल दिया. टिकैत के मुताबिक किसी भी कानून से अगर झगड़े बढ़ते हैं और समाज में तनाव पैदा होता है, तो सरकार को उस पर दोबारा सोचने की जरूरत होती है.
समाज में तनाव बढ़ने की आशंका
किसान नेता ने कहा कि UGC कानून से समाज में खिंचाव और टकराव बढ़ सकता है. इससे जातियों के बीच तनाव और हिंसा की स्थिति भी बन सकती है. उन्होंने कहा कि देश में अभी आपसी तालमेल बना हुआ है और उसे बिगाड़ने की कोई जरूरत नहीं है. देश को धीरे-धीरे, संविधान और कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाना चाहिए.
जनसंख्या नियंत्रण पर सख्त बयान
जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर राकेश टिकैत ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि आने वाले 50 से 100 सालों में जनसंख्या विस्फोट होगा, जिसे संभालना मुश्किल हो जाएगा. टिकैत ने यहां तक कहा कि दो बच्चों से ज्यादा होने पर सख्त कानून बनना चाहिए.
उनके मुताबिक तीसरे बच्चे पर 10 साल और चौथे बच्चे पर 20 साल की सजा का प्रावधान होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को जातियों में लोगों को बांटने की बजाय जनसंख्या नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए.
राकेश टिकैत ने मौजूदा राजनीति पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज की राजनीति जनता को उलझाकर देश की संपत्ति लूटने का जरिया बन गई है.
उन्होंने दावा किया कि देश का संविधान दुनिया के सबसे बेहतरीन संविधानों में से एक है, लेकिन कुछ बड़े उद्योगपतियों ने राजनीतिक दलों पर कब्जा कर लिया है. टिकैत ने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन और आवाज उठाते रहें. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>गाजीपुर मुर्गा मंडी पर हाई कोर्ट सख्त, जताई गहरी नाराजगी,अवमानना की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट ने गाजीपुर मुर्गा मंडी में चिकन और अन्य पक्षियों के लगातार हो रहे अवैध कटान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. कोर्ट ने इसे हॉरिफाइंग यानी बेहद डरावना बताया और साफ कहा कि अगर उसके पुराने आदेशों का पालन नहीं हुआ तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी.
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह याचिका पशु कल्याण कार्यकर्ता गौरी मौलेखी ने दायर की है. उन्होंने कोर्ट को कुछ ताजा तस्वीरें दिखाईं. जिनमें कथित तौर पर यह साफ नजर आ रहा है कि गाजीपुर मुर्गा मंडी में आज भी खुलेआम पक्षियों का कटान किया जा रहा है.
&amp;nbsp;2018 के आदेश की अनदेखी
दिल्ली हाई कोर्ट ने याद दिलाया कि उसने 24 सितंबर 2018 को गाजीपुर मुर्गा मंडी में पक्षियों के कटान पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. साथ ही, उस समय नगर निगम और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए थे कि पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े सभी नियमों का पालन करते हुए एक उचित और व्यवस्थित बाजार बनाने की योजना तैयार की जाए.
&amp;nbsp;तस्वीरों से साफ हुई खुलेआम अनदेखी
लेकिन अब जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनसे लगता है कि कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है. तस्वीरें देखने के बाद अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, &quot;कृपया सुनिश्चित करें कि यह सब बंद हो. यह स्थिति डरावनी है.&quot; कोर्ट ने नगर निगम से पूछा कि क्या उसके 2018 के आदेश का उल्लंघन हो रहा है.
&amp;nbsp;दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाई कोर्ट में एमसीडी की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि निगम ने नियम तोड़ने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बिना लाइसेंस के या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्लॉटरहाउस चला रहा पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
&amp;nbsp;मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने नगर निगम दिल्ली और अन्य संबंधित एजेंसियों को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले&#45; &amp;apos;आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में किसानों के लिए कुछ नहीं&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया, जिसको लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में किसानों के लिए कुछ नहीं है.
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, &quot;वित्त मंत्री ने आज सदन में आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें किसानों के लिए कुछ नहीं है. किसान हमारा अन्नदाता है. हमारे देश के करीब 72 फीसदी लोग कृषि से जुड़े हैं. जब तक हमारा किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक हमारा देश खुशहाल नहीं हो सकता. सरकार 2047 में देश को जहां पर देखना चाहती है, ऐसा लगता है कि वे झूठ बोल रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है.
सपा सांसद ने विकसित भारत-जी रामजी विधेयक को लेकर कहा, &quot;यह पहले मनरेगा था, जो करीब 20 वर्ष पुरानी योजना थी. यह योजना मजदूर वर्ग के लिए थी. 20 साल पहले जो मजदूरी थी, तब से आज तक हमारी मुद्रा की क्रय शक्ति घटी है. इसके फलस्वरूप महंगाई बढ़ी है. भारत में सोना और चांदी की कीमत महंगी हो गई है, जितनी दुनिया के किसी और देश में नहीं है. सभी चीजें महंगी हो गई हैं. अगर सही मायने में सरकार किसानों की हितैषी है, तो वे सबसे पहले किसानों और श्रमिकों की मजदूरी को आज की महंगाई के हिसाब से बढ़ाए.&quot;
 मजदूरों ने जो काम किया है, उसका भुगतान होने वाला नहीं- अवेधश प्रसाद
उन्होंने कहा, &quot;वहीं, आज के समय में करोड़ों किसान श्रमिक ऐसे हैं, जिन्होंने मेहनत और मजदूरी की है, लेकिन उन्हें उसका भुगतान नहीं मिला है. इनकी संख्या सैकड़े और हजारों में नहीं बल्कि करोड़ों में है. आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में इसके बारे में कुछ नहीं कहा गया है, तो इसका मतलब यह माना जाए कि मजदूरों ने जो काम किया है, उसका भुगतान होने वाला नहीं है.&quot;
सरकार को पिछला भुगतान पूरा कराना चाहिए- अवधेश प्रसाद
सपा सांसद ने कहा, &quot;सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने योजना के तहत कार्यदिनों की संख्या बढ़ाकर 125 दिन की है. देश के अधिकांश श्रमिक ऐसे हैं, जो दूसरे राज्यों में जाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं, ऐसे में 125 दिन की जगह इनकी संख्या 200 करनी चाहिए थी. सरकार को पिछला भुगतान पूरा कराना चाहिए और भुगतान को आज के जमाने के हिसाब से करना चाहिए था.&quot; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>सपा, सांसद, अवधेश, प्रसाद, बोले-, आर्थिक, सर्वेक्षण, की, रिपोर्ट, में, किसानों, के, लिए, कुछ, नहीं</media:keywords>
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<title>JNU कैंपस में UGC पर रोक का विरोध, लगे ब्राह्मणवाद विरोधी नारे, तुरंत एक्ट लागू करने की मांग</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के कैंपस में UGC बिल पर रोक का विरोध किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया है कि यूजीसी के नए नियम फिलहाल लागू नहीं किए जाएंगे और साल 2012 वाले नियम ही जारी रहेंगे. इसको लेकर जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने जमकर विरोध किया और ब्राह्मण विरोधी नारे लगाए.&amp;nbsp;
इतना ही नहीं, जेएनयू के छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों पर लगी रोक के खिलाफ आवाज उठाई और ब्राह्मणवाद का पुतला दहन किया गया. नारे कुछ इस प्रकार थे- &#039;सामंती ब्राह्मणवादी दबाव के आगे झुकने से इनकार करो. BJP सरकार की सच्चाई को उजागर करो.&quot; बैनरों पर &#039;ब्राह्मण मुर्दाबाद&#039; भी लिखा गया.&amp;nbsp;
इस प्रदर्शन में ABVP या किसी और छात्र संगठन की तरफ से विरोध दर्ज नहीं किया गया. तीन घंटे से ज्यादा देर तक चले इस विरोध प्रदर्शन में कई छात्रों ने भाषण भी दिया.&amp;nbsp;
&#039;कई एक्ट का विरोध करते रहे हैं ब्राह्मण&#039;- JNU छात्र
छात्रों ने भाषण में कहा कि इसी तरह ब्राह्मणों और ब्राह्मणवादी विचारधारों ने मंडल कमीशन एक्ट का भी विरोध किया था. इस तरह विरोध SC-ST एक्ट का भी विरोध किया गया था, लेकिन हमें किसी दबाव में नहीं आना है. इस एक्ट को और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर देना है.&amp;nbsp;छात्रों ने UGC के नए नियम में कमेटी को स्वतंत्रता देने की बात कही है. रात में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन खत्म किया गया.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>JNU, कैंपस, में, UGC, पर, रोक, का, विरोध, लगे, ब्राह्मणवाद, विरोधी, नारे, तुरंत, एक्ट, लागू, करने, की, मांग</media:keywords>
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<title>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर FIR दर्ज कराने का मामला, कोर्ट ने कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट</title>
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<description><![CDATA[ प्रयागराज माघ मेले में विवाद के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दाखिल अर्जी पर सुनवाई हुई.अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप पार्चा ने मामले की सुनवाई की. जिसमें अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से पूरे मामले की जांच कर 6 फरवरी तक रिपोर्ट मांगी है.&amp;nbsp;
ये अर्जी श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से की गई थी, इस याचिका में शंकराचार्य और उनके शिष्यों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अर्जी में कहा गया है कि माघ मेले में 18 जनवरी को निकली श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्रा पर हमला किया गया.&amp;nbsp;
शंकराचार्य और उनके समर्थकों पर लगाया आरोप
यह हमला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पास कथित रूप से किया गया. माघ मेले में हुए विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायियों ने आम रास्ते पर अवैध जाम लगाकर यात्रा रोकी. जब इसका विरोध किया गया तो उन लोगों पर सामूहिक रूप से हिंसक हमला किया गया. साथ ही उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई.&amp;nbsp;
आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि इस मारपीट के दौरान श्रीकृष्ण सेना के पदाधिकारी भी घायल हुए और ठाकुर श्री केशवदेव जी महाराज की प्रतिमा नीचे गिर गई. कोर्ट में दाखिल अर्जी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, अरविंद मिश्रा, मुकुंदानंद और कई दर्जन अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ झूंसी थाने में संबंधित धाराओं में प्राथिमिकी दर्ज कराने और मामले की जांच के निर्देश देने की मांग की गई है.&amp;nbsp;
&#039;शंकराचार्य&#039; पद का किया दुरुपयोग&amp;nbsp;
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस घटना के बाद उन पर फोन के जरिए लगातार शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई है. इसके साथ ही उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर शंकराचार्य पदनाम के दुरुपयोग करने और श्रद्धालुओं को गुमराह करने का आरोप लगाया.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले में कोर्ट से बीएनएस की धारा 175 के तहत फिर दर्ज करने का आदेश दिए जाने की मांग की गई है. 28 जनवरी को उनकी याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली के बाद अब हैदराबाद के &amp;apos;शीशमहल&amp;apos; पर बवाल, नए नवेले मंत्री बने अजहरुद्दीन ने सरकारी घर में लगा दिए 76 लाख</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है. कांग्रेस सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और अब अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन के सरकारी बंगले की मरम्मत और रेनोवेशन के लिए 76 लाख रुपए मंजूर किए हैं. यह खबर सामने आने के बाद विपक्ष और जनता में काफी आक्रोश है, क्योंकि सरकार बार-बार कहती है कि उसके पास पैसे की कमी है.
मिनिस्टर क्वार्टर नंबर 29 की मरम्मत होगी
यह पैसा हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में स्थित मिनिस्टर क्वार्टर नंबर 29 की मरम्मत पर खर्च होगा. यह सरकारी आवास लंबे समय से खाली पड़ा था और लगभग 15 साल से कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा था. इसलिए इसमें काफी खराबी आ गई थी. मरम्मत के काम में छत की वाटरप्रूफिंग, फ्लोर टाइलिंग, UPVC खिड़कियां लगाना, मॉड्यूलर किचन बनाना, दीवारों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य जरूरी बदलाव किए जाएंगे. ये काम रोड्स एंड बिल्डिंग्स डिपार्टमेंट के तहत कैपिटल आउटले के लिए सरकारी आवासों के फंड से किए जा रहे हैं. आदेश हाल ही में जारी हुए हैं और अब ये सार्वजनिक हो गए हैं.
विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
विपक्ष का कहना है कि सरकार वेलफेयर स्कीम्स, पेंडिंग बिल्स, कर्मचारियों के बकाया और विकास परियोजनाओं के लिए पैसे की कमी बताती है, लेकिन मंत्रियों के आवासों पर लाखों रुपए खर्च कर रही है. पिछले दो हफ्तों में ही दो मंत्रियों के आवासों पर रेनोवेशन के लिए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा मंजूर हुए हैं. इसमें स्वास्थ्य मंत्री के बंगले पर 30 लाख रुपए भी शामिल हैं.
विपक्ष के विरोध पर सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी?
सरकार की तरफ से सफाई दी गई है कि यह आवास 15 साल से खाली था और बहुत खराब हालत में था. मंत्री को आवंटित होने के बाद इसे रहने लायक बनाने के लिए मरम्मत जरूरी थी. यह कोई लग्जरी नहीं, बल्कि बेसिक रिपेयर और हैबिटेबल बनाने का काम है.
मोहम्मद अजहरुद्दीन भारत के मशहूर क्रिकेट कप्तान रहे हैं और हाल ही में तेलंगाना कैबिनेट में शामिल हुए हैं. वे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं. यह विवाद राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और लोग सवाल कर रहे हैं कि प्राथमिकताएं क्या हैं, आम जनता की जरूरतें या मंत्रियों के आवास? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, के, बाद, अब, हैदराबाद, के, शीशमहल, पर, बवाल, नए, नवेले, मंत्री, बने, अजहरुद्दीन, ने, सरकारी, घर, में, लगा, दिए, लाख</media:keywords>
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<title>अगर आज हो जाएं चुनाव तो BJP को आएंगी कितनी सीटें? जानें PM मोदी का जलवा बरकरार है या नहीं</title>
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<description><![CDATA[ देश में अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएं तो किस पार्टी की सरकार बनेगी, इसको लेकर सी-वोटर ने &#039;मूड ऑफ द नेशन&#039; (MOTN) सर्वे किया है. सर्वे की मानें तो बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की सीटें बढ़कर 352 हो जाएंगी. सिर्फ बीजेपी को 287 सीटें मिल सकती हैं. वहीं इंडिया गठबंधन को 182 सीटें आएंगी, जिसमें कांग्रेस की सीटें 99 से घटकर 80 रह जाने की संभावना है. अन्य को 9 सीटें मिल सकती हैं.
आज चुनाव हुए तो किसकी बनेगी सरकार?
वोट फीसदी की बात करें तो अभी चुनाव हुए तो एनडीए को 47 फीसदी तो इंडिया गठबंधन को 39 फीसदी वोट मिल सकता है. अन्य के खाते में 14 फीसदी वोट जा सकता है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिल पाई थी. तब एनडीए ने 293 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें बीजेपी को 240 सीटें, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को 16 सीटें और जेडीयू को 12 सीटें मिली थी.
पिछले चुनाव की तुलना में बढ़ जाएगी बीजेपी की सीटें
पिछले लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को 233 सीटें तो अन्य ने 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसमें कांग्रेस को 99 सीटें, समाजवादी पार्टी को 37 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 29 और डीएमके 22 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. उत्तराखंड में बीजेपी ने सभी पांच लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं उत्तर प्रदेश में बीजेपी का बड़ा नुकसान हुआ था. राज्य की 80 सीटों में से एनडीए के उम्मीदवार 36 तो समाजवादी पार्टी के 43 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी. उस समय महाराष्ट्र में भी बीजेपी की परफॉर्मेंस खराब रहा था.
कई राज्यों में बीजेपी ने की जोरदार वापसी
हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, जहां बीजेपी ने जोरदार वापसी की. सिर्फ झारखंड को छोड़कर हर चुनाव राज्यों में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार बनी. 2024 लोकसभा चुनाव के बाद हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया. इस चुनाव में बीजेपी को 132, शिवसेना (शिंदे) को 57, एनसीपी को 41 सीटें मिली थी.
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>अगर, आज, हो, जाएं, चुनाव, तो, BJP, को, आएंगी, कितनी, सीटें, जानें, मोदी, का, जलवा, बरकरार, है, या, नहीं</media:keywords>
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<title>अगर आज चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस पार कर पाएगी 100 का आंकड़ा? बजट से पहले सामने आया सर्वे</title>
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<description><![CDATA[ देश में अगर आज चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस को 100 सीटें भी नहीं मिल पाएंगी. 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 तक हुए मूड ऑफ द नेशन यानी MOTN के मुताबिक कांग्रेस सिर्फ 80 सीटों पर ही सिमट जाएगी. हर आयु, जाति, वर्ग, धर्म, लिंग वाले करीब 36 हजार लोग इस सर्वे में शामिल हुए. हालांकि, इन आंकड़ों में फेरबदल हो सकता है.
इंडिया गठबंधन की सीटों की स्थिति क्या?
इस सर्वे के मुताबिक इंडिया गठबंधन को 182 सीटें मिल सकती हैं. वोट प्रतिशत की बात करें तो इंडिया गठबंधन को 39 फीसदी ही वोट मिलेंगे. जबकि 2024 में हुए चुनावों में इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली थीं और वोट 40 प्रतिशत था.
2024 लोकसभा चुनाव के सर्वे में हुआ था उलटफेर
2024 में चुनाव के समय 13 एग्जिट पोल ने सर्वे किया था.उस डेटा के मुताबिक, पोल ऑफ पोल्स में NDA को 365 और इंडिया गठबंधन को 145 सीटों का अनुमान था. अन्य को 32 सीटें मिलने की बात कही गई थी. हिंदी पट्टी के राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली में भाजपा को एकतरफा बढ़त का अनुमान बताया गया था. इन राज्यों की 90% से ज्यादा सीटों पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी. हालांकि, नतीजे इसके उलट निकले थे. कांग्रेस दमदार विपक्ष बनकर उभरा था.
2024 लोकसभा चुनाव में सर्वे से कितना अंतर था?
2024 के लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक कुल सात चरणों में हुए और मतगणना 4 जून 2024 को हुई थी. लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 272 सीटें चाहिए. यह चुनाव देश के इतिहास में सबसे बड़ा था, क्योंकि लगभग 97 करोड़ से ज्यादा मतदाता पंजीकृत थे और 64 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट डाला था. टर्नआउट करीब 66% रहा था.
NDA ने 293 सीटें जीतीं थीं, जिसमें बीजेपी अकेले 240 सीटें जीती. यह 2019 के 303 सीटों से काफी कम था. वहीं, इंडिया गठबंधन ने 234 सीटें जीतीं थीं. इसमें कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं, जिसने 10 साल बाद पार्टी को आधिकारिक विपक्ष का दर्जा दिलाया था. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली की कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा नोटिस, भड़काऊ भाषण मामले में 27 फरवरी को सुनवाई</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है. यह मामला साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी रैली में दिए गए उनके कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है.&amp;nbsp;
रविंद्र गुप्ता नाम के शख्स ने कोर्ट में दायर की है अर्जी&amp;nbsp;
खरगे के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान RSS और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं. इसे लेकर रविंद्र गुप्ता ने एक शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, नवंबर 2024 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने इस शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था और याचिका को खारिज कर दिया था.
तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट होकर याचिकाकर्ता रविंद्र गुप्ता ने राउज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट में इसे चुनौती दी. याचिकाकर्ता का कहना था कि खड़गे का भाषण न केवल आपत्तिजनक था, बल्कि इससे समाज में नफरत फैलने की आशंका भी थी. इसलिए इस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- सभी पक्षों को सुनना जरूरी&amp;nbsp;
राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया और उनसे अपना पक्ष रखने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि मामले में सभी पक्षों को सुनना जरूरी है ताकि यह तय किया जा सके कि क्या वास्तव में कोई आपराधिक मामला बनता है या नहीं.
तीस हजारी कोर्ट ने 16 नवंबर को खारिज की थी याचिका
पिछले साल 16 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लेने से मना करते हुए शिकायत को खारिज कर दिया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खरगे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक के नरेगल में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की थी. दरअसल, यह मामला दिसंबर 2024 में भी उस समय सामने आया था, जब कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने से मना कर दिया था. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:16 +0530</pubDate>
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<title>भारत का अब तक का सबसे बेहतर पीएम कौन? नरेंद्र मोदी या इंदिरा गांधी, सर्वे के नतीजों ने चौंकाया</title>
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<description><![CDATA[ देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के कार्यकाल की लोग अक्सर तुलना करते हैं. इंडिया टुडे-सी वोटर के &#039;मूड ऑफ द नेशन&#039; (MOTN) ने इसे लेकर सर्वे किया है. सर्वे में 50 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को देश का अब तक का सबसे बेहतर प्रधानमंत्री बताया है. वहीं इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी 12-12 फीसदी लोगों ने अब तक का सबसे बेहतर पीएम बताया है.
नेहरू को कितने फीसदी लोगों ने बताया बेहतर
सी-वोटर के सर्वे में 11 फीसदी लोगों ने डॉ. मनमोहन सिंह को तो 6 फीसदी लोगों ने जवाहरलाल नेहरू ने सबसे बेहतर पीएम बताया. इसमें 55 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को मौजूदा समय में पीएम का सही दावेदार बताया है. वहीं 27 फीसदी लोगों ने मौजूदा पीएम के तौर पर राहुल गांधी पर भरोसा जताया है.
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देश की राजनीति में बदलाव का माहौल बनने लगा था. इसकी सबसे बड़ी वजह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बीजेपी का खराब प्रदर्शन था. यूपी में अखिलेश और राहुल गांधी की जोड़ी ने बीजेपी को पछाड़ा तो ऐसा लगने लगा कि कुछ दिनों में राजनीति करवट बदल सकती है, लेकिन फिर बीजेपी ने जोरदार वापसी की.
लोकसभा चुनाव में खोई जमीन बीजेपी ने वापस पा ली
लोकसभा चुनाव के बाद पूरे देश की नजर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर थी, जहां बीजेपी की स्थिति अच्छी नहीं थी. हालांकि फिर बीजेपी की अगवाई वाली महायुति ने जमीनी स्तर पर फिर से संगठन को एक किया और विधानसभा चुनाव में ऐसा प्रदर्शन किया कि विपक्ष आसपास भी नजर नहीं आई. इस चुनाव में बीजेपी को 132, शिवसेना (शिंदे) को 57, एनसीपी को 41 सीटें मिली थी.
पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को क्रेडिट दे दिया. हालांकि भारत ने अलग-अलग मंचों से कई बार कहा है कि सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी. अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे के बाद कांग्रेस पीएम मोदी पर हमलावर हो गई और पाकिस्तान के खिलाफ उनकी तुलना इंदिरा गांधी से करने लगी.&amp;nbsp;
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था, &#039;इंदिरा गांधी महिला थीं, लेकिन इस मर्द (नरेंद्र मोदी) से ज्यादा दम उनमें था. नरेंद्र मोदी डरपोक हैं. 1971 में इंदिरा गांधी अमेरिका से नहीं डरीं, उनके आगे नहीं झुकीं. नरेंद्र मोदी में दम है तो कह दें कि ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर नहीं रुकवाया.&#039; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:16 +0530</pubDate>
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<title>आतंकियों और ISI के निशाने पर कश्मीर के बुद्धिजीवी, लश्कर ने भारत का साथ देने पर दी जान से मारने की धमकी</title>
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<description><![CDATA[ कश्मीर के जिहाद के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाने और मारने वाली पाकिस्तान की आतंकी तंजीमें अब कश्मीर में रहकर विदेशों में पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों की पोल खोलने वाले बुद्धिजीवियों को निशाना बनाने और मारने की धमकी दे रही हैं. कल पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने अपने छद्म नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के नाम से चिट्ठी जारी करके देश के जाने माने काउंटर टेररिज्म विशेषज्ञ और यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक जुनैद कुरैशी को जान मारने की धमकी दी.
TRF छद्म नाम से जारी की गई चिट्ठी में लश्कर ए तैयबा ने जुनैद कुरैशी को गद्दार करार दिया और कहा कि जुनैद की हत्या करने में लश्कर ए तैयबा (TRF) जरा भी संकोच नहीं करेगा. पिछले 6 महीने में ये दूसरी बार है जब लश्कर ए तैयबा ने आतंकवाद का विरोध करने वाले और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों को वैश्विक मंच पर एक्सपोज करने वाले किसी नेता, पत्रकार या फिर बुद्धिजीवी को मारने की धमकी दी है. साथ ही पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों के ट्रैक रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो साल 1989 से 2020 तक कश्मीर में 5 हज़ार से ज़्यादा ऐसे लोगों की पाकिस्तान के पालतू आतंकी संगठनों ने हत्या की है जो भारत के पक्ष में बात करते थे और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों का विरोध करते थे. साल 2018 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने इसी तरह पहले कुछ महीने तक सरेआम धमकी देकर राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की 14 जून 2018 को हत्या कर दी थी. इसी तरह पिछले साल अप्रैल में भी सामाजिक कार्यकर्ता गुलाम रसूल मागरे की कुपवाड़ा जिले में संदिग्ध आतंकियों ने हत्या कर दी थी.
जुनैद कुरैशी ने क्या आरोप लगाए?
एबीपी न्यूज़ से बातचीत करते हुए जुनैद कुरैशी ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI रच रही है और उसने ही अपने पालतू आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और उसके कमांडर सज्जाद गुल को उन्हें डराने या हो सकता है मारने का टास्क दिया है. जुनैद के मुताबिक, धमकी में लिखा गया है कि वो कश्मीर में रहने वाले भारत समर्थक बुद्धिजीवियों का एक थिंक टैंक बना रहे हैं, ये बात अब तक पब्लिक डोमेन में नहीं थी और जिनके साथ वो संपर्क में थे, उन्हीं को पता था ऐसे में इस नाम पर लश्कर ए तैयबा की धमकी में जिस तरह से साफ-साफ लिखा है कि जुनैद क़ुरैशी थिंक टैंक इंटेलीजेंसिया बना रहे हैं जो कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रोपेगंडा को ध्वस्त करेगा और भारत के सच को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाएगा. ये जानकारी किसी आतंकी संगठन के हासिल करना मुश्किल है ऐसे में जुनैद के मुताबिक, उनको मिली धमकी के पीछे सीधा सीधा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ही है, जिसके लिए लश्कर ए तैयबा काम करती है.

प्लेन क्रैश में शामिल आतंकी के बेटे हैं जुनैद&amp;nbsp;
जुनैद कुरैशी आजाद भारत के पहले हाईजैकर हाशिम क़ुरैशी के बेटे हैं. जिन्होंने साल 1971 में एयर इंडिया की IC-405 को हाईजैक किया था ताकि कश्मीर की आजादी की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाया जा सके. हालांकि हाशिम कुरैशी के बेटे जुनैद क़ुरैशी अपने पिता की विचारधारा से उलट हमेशा कश्मीर और भारत के हित की बात करते और कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान और उसके आतंकियों के प्रोपेगेंडा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक्सपोज करते आए हैं. इतना ही नहीं IC-405 हाईजैकिंग जुनैद के जन्म से पहले हुई थी और जुनैद ने हमेशा अपने पिता और उनकी विचारधारा से दूरी बनाई है और IC-405 हाईजैकिंग को आतंकवाद का कृत्य करार दिया है.
जुनैद ने अपने थिंक टैंक से पाकिस्तान को किया बेनकाब
साथ ही जिस आतंकवाद को पाकिस्तान कश्मीर की आजादी की लड़ाई बताता है, उसे भी ज़ुनैद कुरैशी ने अपने थिंक टैंक EFSAS की मदद से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबूतों के साथ पाकिस्तान को एक्सपोज किया है कि ये आजादी की लड़ाई नहीं बल्कि आम लोगों की हत्या और आतंकवाद की मोडस ऑपरेंडी है जिसे लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद ISI के कहने पर अंजाम देते हैं.
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जुनैद और अन्य बुद्धिजीवियों को धमकी जिस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप से दी गई और जिस अकाउंट से दी गई है वो अकाउंट रावलपिंडी से ऑपरेट होता है और उसे लश्कर ए तैयबा का कमांडर शेख सज्जाद गुल खुद ऑपरेट करता है. साथ ही 24 अगस्त 2025 को इस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप पर सज्जाद गुल ने अपना अकाउंट एक छद्म नाम से बनाया था जिस पर वो अपनी तस्वीरें और TRF की गतिविधियों को पोस्ट करता रहता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:15 +0530</pubDate>
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<title>लोकसभा चुनाव आज होते तो क्या बंगाल में बीजेपी को मिल पाती बढ़त? सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े</title>
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<description><![CDATA[ MOTN Survey 2026: अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर होता नजर नहीं आएगा। इंडिया टुडे&amp;ndash;CVoter के मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे 2026 के मुताबिक, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी 2024 जैसी मजबूत पकड़ बनाए रख सकती है.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीटों और वोट शेयर में हल्की बढ़त मिलने के संकेत जरूर मिलते हैं, लेकिन तस्वीर अब भी TMC के पक्ष में ही दिखाई दे रही है.
जानें किस पार्टी को मिलेगी कितनी सीटें
2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 2019 के प्रदर्शन को बेहतर करते हुए पश्चिम बंगाल की 42 में से 29 सीटें जीती थीं . वहीं BJP 12 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी . ताजा 2026 MOTN सर्वे के अनुसार, अगर अभी चुनाव होते हैं तो TMC की सीटें हल्की गिरावट के साथ 28 रह सकती हैं, जबकि BJP की सीटें बढ़कर 14 तक पहुंच सकती हैं .
यह अनुमान MOTN के अगस्त संस्करण की तुलना में BJP के लिए बढ़त दिखाता है . अगस्त सर्वे में BJP को 11 सीटें मिलने का अनुमान था, जो अब बढ़कर 14 हो गया है . इसके उलट अगस्त 2026 सर्वे में TMC की सीटें 31 बताई गई थीं, जिन्हें अब घटाकर 28 कर दिया गया है . यह सर्वे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से महज दो महीने पहले आया है .
वोट शेयर में भी बदलाव के संकेत2026 MOTN सर्वे के मुताबिक, BJP के नेतृत्व वाले NDA के वोट शेयर में करीब तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है . NDA का वोट शेयर 39 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है . हालांकि, सर्वे के नतीजों को पूरी तरह अंतिम सच नहीं माना जा सकता, लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि पश्चिम बंगाल में BJP अभी कोई बड़ा सेंध लगाने की स्थिति में नहीं है और राज्य की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस की प्रासंगिकता अब भी मजबूत बनी हुई है . मूड ऑफ द नेशन सर्वे पिछले आठ हफ्तों में किया गया है, जिसमें देशभर से 1.25 लाख से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया . सर्वे के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर BJP के नेतृत्व वाला NDA 350 से अधिक सीटें जीत सकता है .&amp;nbsp;
पिछले सर्वे के आंकड़ेअगस्त 2024 के MOTN सर्वे में TMC को 32 सीटें, BJP को 8 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलने का अनुमान था . वहीं फरवरी 2024 के सर्वे में अगर उस समय चुनाव होते, तो TMC को 22 और BJP को 19 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी . ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:15 +0530</pubDate>
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<title>BRS सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव का पुलिस को जवाब, जांच में सहयोग का आश्वासन, पेशी के लिए रखी अपनी शर्तें</title>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने जुबली हिल्स पुलिस द्वारा जारी किए गए नोटिस का औपचारिक जवाब दे दिया है. यह मामला अपराध संख्या 243/2024 से संबंधित जांच का है, जिसके सिलसिले में एसीपी पी. वेंकटगिरी ने उन्हें 30 जनवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे पेश होने का निर्देश दिया था.&amp;nbsp;
केसीआर ने जांच में पूर्ण सहयोग का वादा किया है, लेकिन अपनी व्यस्तता और कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए पुलिस स्टेशन आने से असमर्थता जताई है. वर्तमान में तेलंगाना में नगर पालिकाओं और नगर निगमों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और 30 जनवरी नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है.&amp;nbsp;
के. चंद्रशेखर राव ने क्या कहाबीआरएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि वे पार्टी की ओर से उम्मीदवारों को आधिकारिक बी-फॉर्म और प्राधिकरण जारी करने के कार्य में व्यस्त हैं, जिसके कारण वे निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हो सकते. उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि वे उनकी सुविधा के अनुसार कोई अन्य तिथि तय करें. कानूनी बारीकियों का जिक्र करते हुए केसीआर ने सीआरपीसी (CrPC) की धारा 160 का हवाला दिया है.&amp;nbsp;
उन्होंने पत्र में लिखा कि कानून के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी पुरुष को पुलिस स्टेशन बुलाने के बजाय उसके निवास स्थान पर ही पूछताछ की जानी चाहिए. केसीआर ने प्रस्ताव दिया कि पुलिस उनकी जांच सिद्दीपेट जिले के मरकूक मंडल स्थित उनके एरावली निवास (H.No. 3-96) पर आकर कर सकती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी नोटिस इसी पते पर भेजे जाएं.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते केसीआर ने दोहराया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच टीम को पूरा समर्थन देंगे, बशर्ते वह कानूनी दायरे में हो. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हैदराबाद पुलिस इस कानूनी दलील पर क्या रुख अपनाती है और क्या जांच टीम पूछताछ के लिए उनके एरावली स्थित फार्महाउस जाएगी.
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लोकसभा चुनाव आज होते तो क्या बंगाल में बीजेपी को मिल पाती बढ़त? सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:14 +0530</pubDate>
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<title>पीटी उषा के पति वी श्रीनिवास का निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने फोन कर जाहिर किया दुख</title>
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<description><![CDATA[ PT Usha Husband Death: भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया. पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है. वह 67 वर्ष के थे. उनके निधन से खेल और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वी श्रीनिवासन शुक्रवार तड़के अपने आवास पर अचानक बेहोश हो गए. इसके तुरंत बाद उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
उषा के जीवन और करियर में निभाई अहम भूमिका
वी श्रीनिवासन केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी थे. वे पी टी उषा के शानदार खेल करियर से लेकर उनके राजनीतिक सफर तक हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे. उन्हें उषा का मजबूत संबल माना जाता था और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति के रूप में देखा जाता था. पी टी उषा और वी श्रीनिवासन का एक पुत्र है, जिसका नाम उज्ज्वल है.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने जताया शोक
पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और वह दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी वी. श्रीनिवासन के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने एक पोस्ट में कहा, &quot;राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पी.टी. उषा के पति वी. श्रीनिवासन के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. पी.टी. उषा और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. इस मुश्किल समय में ईश्वर से हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं.&quot;
पीटी उषा, जिन्हें &amp;lsquo;उड़नपरी&amp;rsquo; के नाम से जाना जाता है, भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं. ऐसे में उनके निजी जीवन में आई यह क्षति न केवल उनके लिए, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी बेहद दुखद है. सोशल मीडिया पर खिलाड़ी, कोच, प्रशंसक और आम लोग लगातार उन्हें हिम्मत और संबल देने के संदेश भेज रहे हैं.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;बापू ने मानवता की रक्षा के लिए...&amp;apos;, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, जानें क्या बोले CM योगी</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज (30 जनवरी) को पुण्यतिथि है इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. 1948 में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी. गांधी जी की पुण्यतिथि पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को किया यादपीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन. पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधार स्तंभ है. उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा. पीएम मोदी ने एक और पोस्ट कर कहा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया. इसमें वह शक्ति है, जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है.

पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है, जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है।अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः।अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥ pic.twitter.com/DOkI98wdYu
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) January 30, 2026



केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महात्मा गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिश नमन. &amp;nbsp;पूज्य बापू ने भाषा, क्षेत्र, जाति में बंटे देश को एक कर आजादी के आंदोलन को व्यापकता दी. स्वदेशी, स्वाधीनता व स्वच्छता को एक सूत्र में बांधकर गौरवशाली भारत की कल्पना करने वाले महात्मा गांधी जी के विचार हमें प्रेरित करते रहेंगे.
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर क्या बोले सीएम योगी&amp;nbsp;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन. श्रद्धेय &#039;बापू&#039; का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेगी. आइए बापू के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें.
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&#039;सरकार कहीं न कहीं कंफ्यूज है&#039;, UGC के नए नियमों पर रोक के बाद मोदी सरकार पर भड़का विपक्ष, जानें क्या कहा? ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:04:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>बापू, ने, मानवता, की, रक्षा, के, लिए..., महात्मा, गांधी, की, पुण्यतिथि, पर, मोदी, ने, दी, श्रद्धांजलि, जानें, क्या, बोले, योगी</media:keywords>
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<title>UGC के नए नियमों पर BSP सुप्रीमो मायावती ने दिया बड़ा बयान, सरकार और संस्थानों को दी सलाह</title>
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<description><![CDATA[ देशभर में यूजीसी के नए नियमों को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा हैं. इस बीच बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. बसपा सुप्रीमो ने यूजीसी नियमों के विरोध को गलत बताया और कहा कि इन नियमों को लागू करने से पहले सभी का विश्वास में लेना चाहिए था. अगर ऐसा होता तो ये सामाजिक तनाव की वजह नहीं बनता.&amp;nbsp;
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूजीसी के नए नियमों का समर्थन किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में दलितों व पिछड़ों को भी भड़काऊ बयानों से बचने की सलाह दी और कहा कि ऐसे लोग आए दिन इस तरह की घिनौनी राजनीति करते हैं, जिससे सावधान रहने की जरुरत है.&amp;nbsp;
यूजीसी के नए नियमों पर बोलीं मायावती
मायावती ने सोशल मीडिया अकाउंट &#039;एक्स&#039; पर लिखा- &#039;देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के निराकरण/समाधान हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी, द्वारा सरकारी कॉलेज एवं निजी यूनिवर्सिटियों में भी &amp;rsquo;इक्विटी कमेटी&amp;rsquo; (समता समिति) बनाने के नये नियम के कुछ प्रावधानों को सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के ही लोगों द्वारा इसे अपने विरुद्ध भेदभाव व षडयंत्रकारी मानकर इसका जो विरोध किया जा रहा है, तो यह कतई भी उचित नहीं है.
जबकि पार्टी का यह भी मानना है कि इस प्रकार के नियमों को लागू करने के पहले अगर सभी को विश्वास में ले लिया जाता तो यह बेहतर होता और देश में फिर सामाजिक तनाव का कारण भी नहीं बनता. इस ओर भी सरकारों व सभी संस्थानों को जरूर ध्यान देना चाहिये.&amp;nbsp;

1.देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के निराकरण/समाधान हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी, द्वारा सरकारी कॉलेज एवं निजी यूनिवर्सिटियों में भी &amp;rsquo;इक्विटी कमेटी&amp;rsquo; (समता समिति) बनाने के नये नियम के कुछ प्रावधानों को सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के ही लोगों&amp;hellip;
&amp;mdash; Mayawati (@Mayawati) January 28, 2026


साथ ही, ऐसे मामलों में दलितों व पिछड़ों को भी, इन वर्गों के स्वार्थी व बिकाऊ नेताओं के भड़काऊ बयानों के बहकावे में भी क़तई नहीं आना चाहिये, जिनकी आड़ में ये लोग आए दिन घिनौनी राजनीति करते रहते हैं अर्थात् इन वर्गों के लोग ज़रूर सावधान रहें, यह भी अपील.&#039;
बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण वर्ग में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है. तमाम संगठन इस लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. &amp;nbsp;
UP Weather: यूपी में कोहरे और बारिश का डबल अटैक! तेज हवाओं के साथ गरज चमक और बिजली गिरने की चेतावनी&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>महाराष्ट्र की सियासत में अब नहीं दिखेगी चाचा&#45;भतीजे की जोड़ी! अजित पवार के निधन से राजनीति पर बड़ा असर</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती के पास हुए एक विमान हादसे में निधन हो गया. बताया गया कि विमान में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई. अजित पवार एक जनसभा को संबोधित करने बारामती जा रहे थे. महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार और शरद पवार की चाचा&amp;ndash;भतीजे की जोड़ी लंबे समय तक मजबूत मानी जाती रही. शरद पवार ने अजित को राजनीति में स्थापित किया, लेकिन सत्ता संघर्ष के चलते रिश्तों में दरार आई. 2019 और 2023 की राजनीतिक घटनाओं ने दोनों को अलग खेमों में खड़ा कर दिया.
महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और अजित पवार का नाम लंबे समय तक साथ लिया जाता रहा. शरद पवार ने अजित पवार को राजनीति में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई.
शुरुआती दौर में अजित पवार को शरद पवार का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जाने लगा था. दोनों के बीच गुरु-शिष्य जैसा रिश्ता था. शरद पवार का अनुभव और अजित पवार की आक्रामक राजनीति, यह मेल पार्टी के लिए फायदेमंद माना जाता था.
बारामती से सत्ता तक का सफर
अजित पवार ने अपनी पहचान मेहनत और राजनीतिक समझ से बनाई. 1995 में वे पहली बार बारामती विधानसभा सीट से विधायक बने और इसके बाद लगातार कई चुनाव जीतते चले गए.
बारामती उनकी सियासत का केंद्र रही. स्थानीय मुद्दों से लेकर राज्य स्तर की राजनीति तक, अजित पवार ने खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया. यही वजह रही कि वे कई बार उपमुख्यमंत्री बने और सत्ता के सबसे अहम चेहरों में गिने गए.
2019 में दरार आई सामने
रिश्तों में सबसे बड़ा मोड़ 2019 में आया. जब अजित पवार ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश की, तो यह कदम शरद पवार की राजनीतिक सोच के बिल्कुल उलट माना गया.
इस घटनाक्रम के बाद चाचा-भतीजे के रिश्ते में आई दरार खुलकर सामने आ गई. पार्टी के भीतर और बाहर यह साफ दिखने लगा कि दोनों अब एक ही लाइन पर नहीं चल रहे.
2023 में पार्टी दो खेमों में बंटी
साल 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी औपचारिक रूप से दो धड़ों में बंट गई. अजित पवार अपने समर्थकों के साथ सत्ता पक्ष में शामिल हो गए, जबकि शरद पवार ने विपक्ष में रहते हुए अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना. यहीं से &amp;ldquo;साथ&amp;rdquo; की राजनीति &amp;ldquo;अलग&amp;ndash;अलग रास्तों&amp;rdquo; में बदल गई. एक तरफ सत्ता में भागीदारी की राजनीति, तो दूसरी तरफ वैचारिक लड़ाई.
सोच का फर्क, सियासत की दिशा
समय के साथ दोनों नेताओं की सोच में फर्क साफ नजर आने लगा. शरद पवार पारंपरिक धर्मनिरपेक्ष राजनीति और विपक्ष की भूमिका पर जोर देते रहे. वहीं अजित पवार व्यावहारिक राजनीति और सत्ता-साझेदारी के समर्थक दिखे. एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर मतभेदों ने पार्टी के भीतर खाई को और गहरा कर दिया. यही फर्क आगे चलकर अलगाव की बड़ी वजह बना.
निजी रिश्ते बनाम राजनीतिक टकराव
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद निजी रिश्तों में पूरी तरह कटुता की तस्वीर कभी सामने नहीं आई. सार्वजनिक मंचों पर जहां तीखे बयान दिखे, वहीं व्यक्तिगत स्तर पर शिष्टाचार बनाए रखने की बातें भी सुनने को मिलीं. कई मौकों पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाया, जिससे यह संदेश गया कि लड़ाई विचारों की है, रिश्तों की नहीं.
नजदीकियों की अटकलें
हाल के समय में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान दोनों गुटों के बीच नजदीकियों की चर्चाएं तेज हुई थीं. जिला परिषदों और नगर निगम चुनावों में सहयोग के संकेत मिले. पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे इलाकों में साझा रणनीति की खबरों ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या चाचा-भतीजे फिर से साथ आ सकते हैं? राजनीतिक गलियारों में इस पर लगातार चर्चा चलती रही. लेकिन फिर से चाचा-भतीजे का साथ आने सपना अजित पवार की मौत के साथ ही अधूरा रह गया.
एक रिश्ते का अधूरा अध्याय
इस हादसे की खबर के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा अध्याय अधूरा रह गया, जिसमें सत्ता, संघर्ष, रिश्ते और समझौते सब कुछ था.&amp;nbsp;अजित पवार और शरद पवार का रिश्ता सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाला रहा है. साथ से अलगाव तक का यह सफर आने वाले वर्षों तक सियासी बहसों का हिस्सा बना रहेगा. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>MP: 60 हजार करोड़ के निवेश से पैदा होगी 4 हजार मेगावॉट बिजली, अनूपपुर में लगेंगे नए प्लांट</title>
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<description><![CDATA[ Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक &amp;nbsp;विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के &amp;nbsp;जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के &amp;nbsp;एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के &amp;nbsp;रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ. यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है. जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है.
4000 मेगावॉट से ऊर्जा का विस्तार- सीएम मोहन यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे. इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी. डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.&amp;nbsp;
निवेशकों की पहली पसंद मध्यप्रदेश- सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है. विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है. इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है.
प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं. प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा. प्रदेश में साल-2026 को कृषक कल्याण साल के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>SYL विवाद: समाधान के लिए पंजाब &amp;apos;बड़े भाई&amp;apos; की भूमिका निभाने को तैयार, राज्य के हितों से समझौता नहीं</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के दौरान सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद का समाधान आपसी सहमति से निकालने की पैरवी करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार जल विवाद पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, हमारे पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए पानी नहीं है, लेकिन हरियाणा का बड़ा भाई होने के नाते हम अपने पड़ोसी राज्य के साथ वैर-विरोध नहीं चाहते और इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का शीघ्र समाधान चाहते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है. मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पंजाब के हिस्से के पानी की एक बूंद भी किसी और के साथ साझा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि एसवाईएल एक भावनात्मक मुद्दा है और यदि इसे लागू किया गया तो राज्य को कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की स्थिति में एसवाईएल नहर के लिए पंजाब के पास भूमि ही उपलब्ध नहीं है.
पंजाब के जल अधिकारों की पुकार- सीएम मान
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब द्वारा किसी को भी उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं किया जा रहा. उन्होंने कहा कि तीन नदियों के 34.34 मिलियन एकड़ फीट पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ, यानी लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मिला है, 60 प्रतिशत पानी हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को जाता है, जबकि इन राज्यों से होकर इन नदियों में से कोई भी नदी नहीं बहती.
पंजाब के जल संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, सतही जल में कमी के कारण भूमिगत जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है. पंजाब के 153 ब्लॉकों में से 115 ब्लॉकों में पानी का अत्यधिक दोहन हो चुका है. उन्होंने कहा कि पंजाब में भूमिगत जल निकासी की दर पूरे देश में सबसे अधिक है.
भाई घनैया जी की सच्ची भावना का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, पंजाब अपनी जरूरतों को दरकिनार करते हुए 60 प्रतिशत पानी गैर-रिपेरियन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए देता रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब अपने नदियों का पानी दूसरों के साथ साझा करता है, लेकिन बाढ़ से होने वाला नुकसान अकेले पंजाब को ही झेलना पड़ता है. इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि कोई भी निर्णय लेते समय पंजाब के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए.
पावन गुरबाणी की पंक्ति &amp;lsquo;पवण गुरु पाणी पिता माता धरत महत॥&amp;rsquo; का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे महान गुरु साहिबान ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया है. उन्होंने कहा कि इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है.
पानी पर साझा समाधान की पहल- सीएम मान
मुख्यमंत्री ने कहा, हाल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दोनों सरकारें इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीर विचार-विमर्श कर रही हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जीत या हार का प्रश्न नहीं है, बल्कि पंजाब और पंजाबियों के हितों एवं भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी दोनों राज्यों की जीवन रेखा है. दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच निरंतर बैठकें आयोजित करने के लिए एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप गठित करने का सुझाव देते हुए भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि इस संयुक्त वर्किंग ग्रुप की नियमित बैठकों से इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकलेगा और दोनों राज्यों में विकास, प्रगति और समृद्धि का नया दौर शुरू होगा.
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, जल संसाधन सचिव कृष्ण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Baramati Plane Crash: &amp;apos;चाह कर भी कोई मदद नहीं कर सका&amp;apos;, चश्मदीद ने बताई अजित पवार के प्लेन क्रैश की आंखों देखी</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार, 28 जनवरी 2026 को एक भीषण प्लेन क्रैश हुआ, जिसमें एनसीपी नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सवार थे. यह हादसा उस समय हुआ जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था. DGCA के अनुसार शुरुआती जानकारी में विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के जीवित बचने की पुष्टि नहीं हुई है.
उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति के सार्वत्रिक चुनाव प्रचार के तहत कई सभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम तय था. इसी क्रम में उनका विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला था. लैंडिंग के दौरान विमान ने संतुलन खो दिया और रनवे के पास क्रैश हो गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया.
चश्मदीद का आंखों देखा बयान&amp;nbsp;
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने जो देखा, वह बेहद दर्दनाक था. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, &amp;ldquo;मैंने अपनी आंखों से देखा. जब विमान नीचे आ रहा था, तभी लगा कि यह दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा और वही हुआ. प्लेन गिरते ही जोरदार विस्फोट हुआ. पूरे विमान में आग लगी थी और उसके बाद 4 से 5 धमाके हुए.&amp;rdquo; एएनआई को दिए बयान में चश्मदीद ने बताया कि स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े. लोग विमान से यात्रियों को निकालने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी अंदर तक पहुंच नहीं सका. बाद में पता चला कि विमान में अजित दादा सवार थे, यह जानकर सभी स्तब्ध रह गए.

#WATCH | Crash landing in Baramati | Baramati, Maharashtra: An eyewitness at the spot says, &quot;I saw it with my eyes. This is really painful. When the aircraft descended, it seemed it would crash, and it did crash. It then exploded. There was a massive explosion. After that, we&amp;hellip; pic.twitter.com/fBQplnxHON
&amp;mdash; ANI (@ANI) January 28, 2026


करीब 100 फुट की दूरी से विमान नीचे गिरा- चश्मदीद&amp;nbsp;
चश्मदीद के अनुसार विमान ने आखिरी क्षणों में ट्रैक पर आने की कोशिश की थी. करीब 100 फुट की दूरी से विमान नीचे गिर गया. ऐसा प्रतीत होता है कि पायलट ने आपात लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका. प्राथमिक रिपोर्ट में कहा गया है कि लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे से फिसलते हुए क्रैश हो गया.&amp;nbsp;
हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू टीमें और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति और पायलटिंग एरर, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल प्रशासन और DGCA की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:09 +0530</pubDate>
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<title>अजित पवार के निधन पर CM योगी स्तब्ध, अखिलेश यादव और मायावती ने भी जताया शोक</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है. जिसके बाद पूरे देश में शोक पसर गया है. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर दिख जताया है. वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है.&amp;nbsp;
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अजित पवार के निधन पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- &#039;महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार जी एवं अन्य सदस्यों का निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि.&#039;
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने आगे कहा- &#039;मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिवार को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.&#039;&amp;nbsp;

महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार जी एवं अन्य सदस्यों का निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि&amp;hellip;
&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 28, 2026


अखिलेश यादव ने प्रकट की संवेदनाएं
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. अखिलेश ने लिखा- &#039;महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम श्री अजीत पवार जी का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि!&#039;&amp;nbsp;

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम श्री अजीत पवार जी का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद !ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।भावभीनी श्रद्धांजलि ! pic.twitter.com/kN1zLOGQWK
&amp;mdash; Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 28, 2026 &amp;nbsp;


अजित पवार के निधन पर मायावती ने जताया दुख&amp;nbsp;
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अजित पवार के निधन पर दुख जताते हुए लिखा- &#039;महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता श्री अजित पवार जी का आज बारामती में विमान हादसा में हुई मौत अति-दुखद. उनके परिवार तथा उनकी पार्टी के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना, कुदरत उन सबको इस दुख को सहन करने की शक्ति दे.&#039;

महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता श्री अजित पवार जी का आज बारामती में विमान हादसा में हुई मौत अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनकी पार्टी के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन सबको इस दुख को सहन&amp;hellip;
&amp;mdash; Mayawati (@Mayawati) January 28, 2026


बता दें कि अजित पवार आज सुबह ही मुंबई से बारामती के लिए अपने चार्टर प्लेन से रवाना हुआ थे. बारामती में उनकी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर मीटिंग होनी थी, जिसमें उन्हें शामिल होना था. लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के चलते प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार समेत विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई.&amp;nbsp;
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता माने जाते थे. वो एक बार सांसद और सात बार विधायक रहे हैं. प्रशासनिक क्षेत्र से लेकर आम लोगों के बीच उनकी जबरदस्त पकड़ थी.
&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>अजित, पवार, के, निधन, पर, योगी, स्तब्ध, अखिलेश, यादव, और, मायावती, ने, भी, जताया, शोक</media:keywords>
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<title>Punjab Weather: पंजाब में 3 दिन कोहरे और शीतलहर का अलर्ट, इन जिलों में बारिश की संभावना, जानें मौसम</title>
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<description><![CDATA[ Punjab Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में आज यानी कि 28 जनवरी बुधवार से लगातार तीन दिन, यानी 30 तारीख तक लोगों को घने कोहरे और शीतलहर का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग की ओर से इस संबंध में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही आज तीन जिलों में बारिश होने की संभावना भी है.
पहाड़ों पर हो रही बारिश और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पड़ी बारिश और ओलावृष्टि के कारण अधिकतम तापमान में 3.1 डिग्री की कमी दर्ज की गई है. अब तापमान सामान्य से लगभग 4.9 डिग्री नीचे आ गया है, जिससे ठंड और बढ़ गई है. बठिंडा में अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 7.7 डिग्री लुधियाना में दर्ज हुआ.
आज मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग के मुताबिक आज (बुधवार) अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और मलेरकोटला में कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर घना कोहरा छाया रहने की संभावना है.
इसके साथ ही पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर में कुछ स्थानों &amp;rsquo;ते शीतलहर चल सकती है. हालांकि तीन जिलों&amp;mdash;पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर&amp;mdash;में कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है.
30 जनवरी से फिर बदलेगा मौसम
इस समय उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बन्स सक्रिय है. आसमान में हवाओं का एक घुमाव बना हुआ है, जो मौसम को प्रभावित कर रहा है. यह सिस्टम उत्तरी-पूर्वी अरब सागर से लेकर सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिमी राजस्थान के रास्ते पंजाब तक फैला हुआ है. 30 जनवरी 2026 की रात से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बन्स उत्तर-पश्चिमी भारत में असर दिखा सकता है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा.
न्यूनतम तापमान में होगी कमी
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक 28, 31 जनवरी और 1 फरवरी को कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर हल्की बारिश हो सकती है. 2 फरवरी को भी राज्य के कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं. आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक घट सकता है. इसके बाद तापमान में किसी बड़ी तब्दीली की संभावना नहीं है.
अगले तीन दिनों का मौसम कैसा रहेगा
29 जनवरी: अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और मलेरकोटला में कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाया रहने की संभावना है. जबकि अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर शीतलहर चल सकती है.
30 जनवरी: अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और मलेरकोटला में कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर घना कोहरा रहने की संभावना है.
अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में कुछ स्थानों &amp;rsquo;पर कड़ाके की ठंड / शीतलहर चल सकती है. आने वाले समय के दौरान मौसम साफ और सूखा रहने की संभावना है.
31 जनवरी: कोई भी मौसमी चेतावनी जारी नहीं की गई है. पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Punjab: मोहाली में चौथी मंजिल से गिरकर युवक की दर्दनाक मौत, लड़की के साथ झगड़े के बाद बिगड़ा संतुलन</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब के मोहाली जिले के जीरकपुर स्थित वीआईपी रोड पर मौजूद मिल्टन टावर सोसाइटी में चौथी मंजिल से गिरने से एक नौजवान की मौत हो गई. पुलिस ने बीएनएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज करके शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद पारिवारिक सदस्यों को सौंप दिया है.
बता दें कि मृतक की पहचान मिल्टन टावर के रहने वाले संदीप उर्फ सनी के रूप में हुई है, जो पेशे से रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाता था. वह अपनी एक महिला मित्र से मिलने के लिए सोसाइटी आया हुआ था.
दोनों के बीच किसी बात को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, संदीप अपने दोस्त गुरसेवक सिंह के साथ सोसाइटी में मौजूद था. दोनों की एक फीमेल फ्रेंड से मिलने की योजना थी. मुलाकात के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके कारण मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई.
चौथी मंजिल से गिरने से मौत
चश्मदीदों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर संदीप वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान चौथी मंजिल पर लगी रेलिंग के पास उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसल कर नीचे गिर गया. गिरने से उसको गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला एक हादसा लगता है, हालांकि सभी पक्षों से गहराई से जांच की जा रही है. इस घटना ने इलाके में सभी को हिलाकर रख दिया है.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:07 +0530</pubDate>
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<title>विमान हादसे में अजित पवार के निधन पर नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया, &amp;apos;महाराष्ट्र की राजनीति में…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र के बारामती जिले में हुए बुधवार (28 जनवरी, 2026) को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;यह विमान हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और मैं इस घटना से मर्माहत हूं.&quot;
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, &quot;अजित पवार एक कर्मठ एवं कुशल राजनेता थे. महाराष्ट्र की राजनीति में उनका अहम योगदान था. वे मृदुभाषी, बेहद मिलनसार एवं लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे. उनके निधन से न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है.&quot;
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति और उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.
यह भी पढ़ें- अजित पवार के निधन पर गिरिराज सिंह बोले- &#039;वे केवल उपमुख्यमंत्री नहीं बल्कि&amp;hellip;&#039;, मांझी ने भी जताया शोक ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:06 +0530</pubDate>
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<title>Punjab: मानसा में आमने&#45;सामने टकराई तेज रफ्तार Swift, पति&#45;पत्नी समेत 3 लोगों की दर्दनाक मौत</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब के मानसा जिले के खियाला कलां गांव में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल की हालत नाजुक होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है.&amp;nbsp;
यह हादसा उस समय हुआ जब दो स्विफ्ट कारें आमने-सामने से टकरा गईं. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कारों के परखच्चे उड़ गए और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस घटना ने सभी को चौंका दिया है.
मृतकों की पहचान हुई
SMO गुरमीत गुरमेल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों की पहचान उपकार सिंह और उनकी पत्नी सुपिंदर कौर के रूप में हुई है. दोनों रतिया, फतेहाबाद (हरियाणा) के निवासी थे. हादसे में जान गंवाने वाला तीसरा व्यक्ति खियाला गांव का रहने वाला बलकार सिंह है. इस हादसे में धलेवा गांव का रहने वाला अमनप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बाहरी अस्पताल रेफर कर दिया गया है.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है. खियाला कलां गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे की असली वजह सामने आएगी.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:06 +0530</pubDate>
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<title>भारत की IT राजधानी बेंगलुरु में डेटा चोरी का बड़ा मामला, इंडस्ट्री में हड़कंप, सॉफ्टवेयर कंपनी को करीब 87 करोड़ का नुकसान</title>
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<description><![CDATA[ देश की आईटी राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु से डेटा चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आईटी इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा और कॉर्पोरेट गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले में एक सॉफ्टवेयर कंपनी को करीब 80 लाख यूरो यानी लगभग 87 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने इस संबंध में व्हाइट फील्ड स्थित CEN क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है. यह मामला क्राइम नंबर 0050/2026 के तहत पंजीकृत किया गया है. एफआईआर के अनुसार, अमाडेयुस सॉफ्टवेयर लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पूर्व कर्मचारी आशुतोष निगम ने कंपनी का गोपनीय सोर्स कोड और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी कर लिया. आरोप है कि 11 अक्टूबर, 2025 को आशुतोष निगम ने अपने निजी ईमेल अकाउंट के जरिए बिना अनुमति कंपनी का अहम डेटा ट्रांसफर किया.
डेटा चोरी की आशंका पर पूछताछ के बाद अधिकारी को किया बर्खास्त
आशुतोष निगम कंपनी में सीनियर मैनेजर&amp;ndash;रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत थे. कंपनी को जब डेटा चोरी की आशंका हुई और आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसने वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से डेटा एक्स-फिल्ट्रेशन की बात स्वीकार की. इसके बाद कंपनी ने 3 दिसंबर, 2025 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया.
कंपनी का दावा है कि चोरी किए गए सॉफ्टवेयर और सोर्स कोड की अनुमानित कीमत करीब 8 मिलियन यूरो (लगभग 87 करोड़ रुपये) है. इस घटना से कंपनी को भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ है और उसकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है.
पुलिस ने किन-किन धाराओं में दर्ज की FIR
पुलिस ने मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं 65, 66, 66(C) और 66(D) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने इस संबंध में अदालत में भी एक रिपोर्ट पेश की है. जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
यह भी पढ़ेंः इंडिया एनर्जी वीक 2026 में भारत-कनाडा ऊर्जा साझेदारी को नई मजबूती, जानें कैसे दोनों देशों को होगा फायदा ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
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<title>UGC के नए नियम का BHU में छात्रों ने किया विरोध, केंद्र सरकार की नीतियों पर भी उठाए सवाल</title>
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<description><![CDATA[ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन रेगुलेशन, 2026 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ किसी एक कॉलेज और यूनिवर्सिटी के कैंपस तक सीमित नहीं रहा है. छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बाद अब यह मुद्दा प्रशासन और राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है. इसी मामले पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों ने बातचीत में विरोध जताया है.
मामले के विरोध में एक छात्र ने दाखिल की PIL
अलग-अलग वर्ग के छात्रों ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर समानता की बात होती है तो सभी छात्रों के हित को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालय शिक्षण संस्थान में कोई भी व्यक्ति पहले छात्र होता है. चर्चा के बीच मौजूद शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी की ओर से इस मामले में PIL दाखिल की गई है, जिसे न्यायालय की ओर से स्वीकृत कर लिया गया है.
BHU छात्रों ने चर्चा के दौरान इस नए नियम को लेकर नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़ा किया है. दर्जन भर की संख्या में BHU छात्रों ने UGC गाइडलाइन को लेकर अपनी बातें रखी.
क्या है UGC के नए इक्विटी नियम?
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 15 जनवरी, 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इक्विटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशंस, 2026 नियम को लागू कर दिया है. इस नियम को मुख्य उद्देश्य देश भर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों और कर्मचारियों को एक समान मौका देना बताया गया है.
नए नियम के तहत प्रत्येक हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट को एक समान अवसर केंद्र बनाना होगा. इंस्टीट्यूट में भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष समितियां गठित करनी होगी और 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा भी शुरू करनी होगी. इसके अलावा, नियम के मुताबिक, एक तय समयसीमा में दाखिल की गई शिकायतों पर कार्रवाई भी करनी होगी. इस नियम का सबसे अहम विशेषता यह है कि अब अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है.
UGC के नए नियम का क्यों हो रहा विरोध?
इस नियम के लागू होते ही देश के कई हिस्सों में सवर्ण जातियों से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि यह नियम सभी वर्गों के लिए संतुलित नहीं है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस नियम को लेकर सबसे बड़ा डर यह है कि झूठे भेदभाव के आरोप लगाकर छात्रों और शिक्षकों को फंसाया भी जा सकता है.
यह भी पढ़ेंः India Energy Week 2026: गोवा में भारत की &#039;हाइड्रोजन शक्ति&#039; का प्रदर्शन, लो-कार्बन भविष्य की ओर कैसे बढ़ रहा देश, जानें सब कुछ ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
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<title>Sonamarg Avalanche: पहाड़ों पर न जाएं, आ रही बर्फीली तबाही! सफेद तूफान का ये वीडियो रोंगटे खड़े कर देगा</title>
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<description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग में मंगलवार (27 जनवरी 2026) की देर रात एक भीषण हिमस्खलन हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात यह रही कि प्रशासन के अनुसार इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. यह हिमस्खलन ऐसे समय हुआ है, जब कश्मीर घाटी लगातार भारी बर्फबारी की चपेट में है और जनजीवन पहले से ही बुरी तरह प्रभावित है.
यह घटना मध्य कश्मीर के गांदरबल ज़िले में रात करीब 10:12 बजे हुई. इलाके में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए दृश्य बेहद डरावने हैं, जिनमें पहाड़ से नीचे आती बर्फ की विशाल दीवार कुछ ही सेकंड में कई इमारतों को ढकती नजर आती है. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई.

VIDEO | An avalanche hit Sonamarg tourist resort in Jammu and Kashmir late Tuesday night, but there was no loss of life, officials said.They said the avalanche hit Sonamarg resort in central Kashmir&#039;s Ganderbal district at 10.12 pm on Tuesday.The massive avalanche was caught&amp;hellip; pic.twitter.com/Dw5Dl9FCDp
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) January 27, 2026



कैसे हुआ हिमस्खलन, क्या है वजह
अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण पहाड़ों पर जमा बर्फ अस्थिर हो गई थी, जो अचानक खिसककर नीचे आ गई. सोनमर्ग लगभग 2,700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और सर्दियों के मौसम में इसे हिमस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील एरिया माना जाता है. CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बर्फ का सैलाब तेज़ी से नीचे आया और कुछ ढांचों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि जिन इमारतों को नुकसान पहुंचा, वे या तो खाली थीं या प्रशासन की तरफ से पहले ही एहतियातन खाली करवा ली गई थीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया.
भारी बर्फबारी से कश्मीर में हालात बिगड़े
कश्मीर में सोमवार रात से शुरू हुई भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और सामान्य जीवन ठप पड़ गया है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44), जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, बर्फ जमने के कारण बंद कर दिया गया है. काजीगुंड के पास नवयुग टनल और बनिहाल सेक्टर में हालात सबसे खराब बताए जा रहे हैं. इसके चलते सैकड़ों वाहन फंस गए हैं, जिनमें जरूरी वस्तुओं से लदे ट्रक भी शामिल हैं.
श्रीनगर एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रद्द
मौसम की मार हवाई यातायात पर भी पड़ी है. श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी 58 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 29 आगमन और 29 प्रस्थान शामिल हैं. रनवे पर भारी बर्फ जमने और कम दृश्यता के कारण उड़ानों का संचालन असुरक्षित हो गया था. इससे सैकड़ों पर्यटक एयरपोर्ट और होटलों में फंस गए हैं. स्थानीय प्रशासन और होटल संघ पर्यटकों को सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं.
11 जिलों में हिमस्खलन चेतावनी जारी
जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (JKUTDMA) ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए 11 जिलों में हिमस्खलन चेतावनी जारी की है.गांदरबल ज़िले में 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए उच्च खतरे (High Danger) की चेतावनी दी गई है, जिसमें सोनमर्ग भी शामिल है.अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामूला, कुलगाम, कुपवाड़ा, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी और रामबन जिलों में मध्यम खतरे (Medium Danger) का अलर्ट जारी किया गया है.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Sonamarg, Avalanche:, पहाड़ों, पर, न, जाएं, आ, रही, बर्फीली, तबाही, सफेद, तूफान, का, ये, वीडियो, रोंगटे, खड़े, कर, देगा</media:keywords>
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<title>गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के &amp;apos;पाकिस्तान कनेक्शन&amp;apos; को लेकर बड़ा दावा, जानें क्या बोले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा</title>
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<description><![CDATA[ असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. एक तरफ बीजेपी के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा है, जिनपर कांग्रेस भ्रष्टाचार को लेकर हमलावर है, तो वहीं कांग्रेस गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर चुकी है. कांग्रेस कमान गोगोई के हाथ में है. ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी का दौरा जारी है.&amp;nbsp;
इसी सिलसिले में वहां के मु्ख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बड़ा बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य मंत्रिमंडल कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों पर विशेष जांच दल (SIT) रिपोर्ट के संबंध में कार्रवाई के बारे में 7 फरवरी को औपचारिक फैसला लेगा.&amp;nbsp;
गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान से प्रत्यक्ष संबंध: सीएम
सरमा ने यहां कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि विवादास्पद मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल की तरफ से प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान के साथ प्रत्यक्ष संबंध हैं.
उन्होंने कहा, &#039;आज की कैबिनेट बैठक में हमने एसआईटी रिपोर्ट पर अनौपचारिक चर्चा की. एक प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद सभी मंत्री सच्चाई जानकर स्तब्ध रह गए. कुछ ने तो यह भी टिप्पणी की कि तरुण गोगोई के पुत्र ऐसे कैसे हो सकते हैं.&#039;
7 फरवरी को तय की जाएगी आगे की कार्रवाई
सरमा ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस विषय पर एक औपचारिक ज्ञापन लाने का फैसला किया है ताकि सात फरवरी को होने वाली अगली बैठक में इस मामले पर आगे की कार्रवाई तय की जा सके.
उन्होंने कहा,&#039;कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए अधिकृत किया है ताकि एसआईटी रिपोर्ट के निष्कर्षों से जनता को अवगत कराया जा सके. कुछ गोपनीय और संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की जा सकती है, लेकिन अधिकांश तथ्य जनता के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे.&#039;
SIT की जांच रिपोर्ट 8 फरवरी को की जाएगी सार्वजनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी की अधिकांश जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए आठ फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा.&amp;nbsp;
भाजपा और असम के मुख्यमंत्री सरमा लोकसभा सदस्य गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमलावर हैं. एक विशेष जांच दल ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप के मामले की जांच की, जिसके बारे में दावा किया गया था कि उसके तार गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न से जुड़े थे. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:59 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;जो सनातन धर्म के मानने वालों को...&amp;apos;, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गांधी नगर में दिया बड़ा बयान, जानें सरकार को लेकर क्या कहा</title>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को देश में सनातन धर्म के मूल्यों और उसके प्रति सरकार की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जो सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को कायम रखने में विफल रहती है, वह कभी सत्ता में वापस नहीं आएगी.
दरअसल, गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्वामीनारायण संप्रदाय की एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि विभिन्न सनातन परंपराओं के अनुयायी देश की आजादी के बाद लंबे समय तक इस उम्मीद में इंतजार करते रहे कि उन्हें ऐसी सरकार मिलेगी, जो सनातन धर्म को उचित महत्व देगी और इसके सिद्धांतों के अनुसार शासन करेगी. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे पूरा विश्वास है कि संतों के आशीर्वाद से, सनातन धर्म के अनुयायियों को निराश करने वाली कोई भी सरकार इस देश में फिर कभी सत्ता में नहीं आएगी.&amp;rsquo;
शिक्षापत्री के 200 साल पूर्ण होने पर बोले अमित शाह
यह आयोजन भगवान स्वामीनारायण की ओर से 1826 में लिखित 212 संस्कृत श्लोकों वाली पवित्र आचार संहिता शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था. यह स्वामीनारायण संप्रदाय के अनुयायियों के लिए एक मूलभूत मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है, जिसमें अहिंसा, पवित्रता, आहार और दैनिक कर्तव्यों सहित नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक सिद्धांतों की रूपरेखा दी गई है. शाह ने कहा कि गुजरात के बेटे नरेंद्र मोदी पिछले 11 सालों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भगवान राम के उस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है, जो 550 साल से भी अधिक समय पहले नष्ट कर दिया गया था, जिससे सदियों से इस क्षण का इंतजार कर रहे लोगों की इच्छा पूरी हुई है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में मोदी सरकार की ओर से लिए गए विभिन्न फैसले भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया और तीन तलाक को समाप्त कर दिया गया. इन 11 सालों में योग, आयुर्वेद, गौ संरक्षण और बद्रीनाथ, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और अब सोमनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया है.&amp;rsquo;
स्वामीनारायण ने गुजरात में बसने से पहले पूरे भारत की यात्रा की- शाह
उन्होंने गुजरात और भारतीय समाज में भगवान स्वामीनारायण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वह ब्रिटिश काल के दौरान एक मार्गदर्शक शक्ति थे. गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने कहा, &amp;lsquo;भगवान स्वामीनारायण ने गुजरात में बसने से पहले पैदल ही पूरे भारत की यात्रा की. ऐसे समय में जब समाज कई बुराइयों और व्यसनों से ग्रस्त था, उन्होंने समुदाय को संगठित करने और सुधारने के लिए काम किया.&amp;rsquo;
भगवान स्वामीनारायण की ओर से रचित शिक्षापत्री के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि इसमें प्रमुख हिंदू धर्मग्रंथों का सार समाहित है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह जीवन के लिए एक नैतिक संविधान की तरह है. यह आत्म-अनुशासन, सामाजिक आचरण, करुणा, अहिंसा और कर्तव्यबोध पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है.&amp;rsquo;
शिक्षापत्री का महत्व आज भी प्रासंगिक- शाह
शाह ने कहा कि यह पाठ आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि यह लोगों को विवादों से बचने के लिए वित्तीय लेन-देन और व्यक्तिगत आचरण में पारदर्शिता बनाए रखने की सलाह देता है. भगवान स्वामीनारायण ने लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करके, पशु बलि का विरोध करके और जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ अभियान चलाकर सामाजिक सुधारों की पुरजोर सिफारिश की थी.
उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण संप्रदाय अपनी स्थापना के बाद से ही सनातन मूल्यों की रक्षा और समाज के उत्थान की दिशा में काम कर रहा है. सभी का कल्याण ही शिक्षापत्री का सार है. भगवान स्वामीनारायण ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया और लोगों में अनुशासन का संचार किया.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Weather Forecast: यूपी&#45;बिहार समेत 8 राज्यों में 10 घंटों में होगी बारिश, दिल्ली का कैसा रहेगा मौसम, जानें चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ देशभर में कड़ाके की ठंड से लोग पहले ही परेशान हैं और अब लगातार हो रही बारिश ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं. IMD ने अगले 10 घंटे के लिए 8 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आएगी और ठंड और बढ़ेगी. इसका सीधा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों की सेहत पर पड़ सकता है. उत्तर भारत के कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी से पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ गया है.
इन 8 राज्यों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. उत्तराखंड में 28 जनवरी को कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिहार में 28 जनवरी को बारिश के साथ बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की संभावना है. सिक्किम में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 30 जनवरी 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. इसके असर से 1 और 2 फरवरी को पश्चिमी हिमालय और आसपास के मैदानी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
उत्तर भारत के 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
IMD ने 28 जनवरी को उत्तर भारत के 17 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, अयोध्या, अमरोहा, आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बदायूं, कानपुर, ललितपुर और महोबा में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा. दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, यमुनानगर और पानीपत में सुबह के समय तेज और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है. पंजाब के अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, मोगा और रूपनगर में भी शीतलहर से लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी.
दिल्ली, यूपी और बिहार का मौसम
दिल्ली में 28 जनवरी को बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड बनी रहेगी. राजधानी में अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. गौरतलब है कि 23 जनवरी की बारिश के बाद दिल्ली में तापमान 4 डिग्री तक गिर गया था. उत्तर प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती, बाराबंकी, गोरखपुर और देवरिया सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. लखनऊ में तापमान 18 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
बिहार में भी 28 जनवरी को बारिश का असर देखने को मिलेगा. पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सीतामढ़ी में अगले 15 घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर का हाल
उत्तराखंड में 28 जनवरी को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और उधम सिंह नगर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मसूरी में तापमान 16 से 8 डिग्री और देहरादून में 18 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन शीतलहर जारी रहेगी. कांगड़ा, मंडी, सोलन, हमीरपुर और सिरमौर में ठंड का असर रहेगा. मनाली में तापमान माइनस 1 से माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और कई इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है. जम्मू-कश्मीर में 28 जनवरी को बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह के समय ठंडी हवाएं चलेंगी. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 3 और न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम की मार
राजस्थान में बारिश नहीं होगी, लेकिन घने कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. हनुमानगढ़, चुरू, सीकर, अलवर, भरतपुर, करौली और धौलपुर में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है. जयपुर में तापमान 19 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. मध्य प्रदेश में 28 जनवरी को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. छतरपुर, शिवपुरी, सतना, पन्ना, रीवा और टीकमगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. भोपाल में अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:58 +0530</pubDate>
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<title>अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन, चाचा शरद पवार के अलावा परिवार में कौन&#45;कौन, जानें फैमिली ट्री</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के बारामती में एक प्लेन क्रैश हो गया है, जिसमें एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सवार होने की सूचना है. बताया जा रहा है कि इस हादसे में उनकी मौत हो गई है. यह घटना उस समय सामने आई है, जब अजित पवार जिले में चुनाव प्रचार के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे. उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती तालुका में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव प्रचार के तहत कई सभाओं को संबोधित करने वाले थे.कौन थे अजित पवार?अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता थे और इस समय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद संभाल रहे थे. वह एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे थे. पिछले साल अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था.
अगर बॉलीवुड चुनते तो फिल्मी दुनिया में होता नामअजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवारा में हुआ था. उन्होंने हाई-स्कूल और कॉलेज स्तर पर पढ़ाई महाराष्ट्र में की. कुछ रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी प्राथमिक और आगे की पढ़ाई देवलाली देओलाली प्रवारा और बारामती में पूरी की. उन्होंने बीकॉम (B.Com) की डिग्री शिवाजी यूनिवर्सिटी से हासिल की. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा.अगर अजित पवार अपने पिता के रास्ते पर चलते, तो वह बॉलीवुड में भी पहचान बना सकते थे. उनके पिता अनंतराव पवार मशहूर फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ &amp;lsquo;राजकमल स्टूडियो&amp;rsquo; में काम करते थे, लेकिन अजित ने अपने चाचा शरद पवार की तरह राजनीति को अपना रास्ता चुना.
मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षाअजित पवार, जिन्हें लोग &amp;lsquo;दादा&amp;rsquo; भी कहते हैं, महत्वाकांक्षी और साफ-साफ बोलने वाले नेता माने जाते थे. माना जाता है कि उनकी नजर हमेशा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रही. 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से वह नाराज हो गए थे, लेकिन दिसंबर 2010 में उन्होंने छगन भुजबल की जगह यह पद हासिल कर लिया. उन्होंने कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की खुलकर आलोचना भी की थी.
राजनीति में एंट्री और शुरुआती सफरअजित पवार ने राजनीति में एंट्री परिवार की पारंपरिक राह से की - गन्ना सहकारी समितियों के जरिए. 1991 में वह बारामती से सांसद चुने गए, लेकिन छह महीने बाद ही उन्होंने सांसद पद छोड़ दिया, क्योंकि शरद पवार उस समय रक्षा मंत्री बने थे. इसके बाद अजित ने विधानसभा चुनाव जीता और राज्य की राजनीति में सक्रिय हो गए. जब शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तब अजित पवार को अलग-अलग विभागों में राज्य मंत्री बनाया गया.
एनसीपी की स्थापना और मंत्री बनने का सफर1999 में सोनिया गांधी की विदेशी नागरिकता के मुद्दे पर शरद पवार ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी बनाई. अजित पवार भी उनके साथ एनसीपी में चले गए. उसी साल कांग्रेस-एनसीपी की सरकार बनी और 40 साल की उम्र में अजित पवार सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने. उन्हें सिंचाई मंत्रालय मिला, जहां वह करीब 10 साल तक रहे. इसी विभाग से जुड़ा कथित करोड़ों का घोटाला बाद में विवादों में रहा.
पवार परिवार की जड़ें सातारा से बारामती तकशरद पवार के करीबी बताते हैं कि उनके पूर्वज महाराष्ट्र के सातारा जिले के रहने वाले थे. 18वीं सदी में पड़े भयानक सूखे के कारण परिवार सातारा से पलायन कर बारामती के काटेवाडी इलाके में आकर बस गया. कहा जाता है कि पवार परिवार के पूर्वज सातारा के भोंसले शासकों की सेना में भी रहे थे. बाद में उन्होंने खेती शुरू की और बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया. गन्ने की खेती में परिवार ने खास पहचान बनाई.
गोविंदराव पवार और सहकारी आंदोलनशरद पवार के पिता गोविंदराव पवार गन्ने की खेती करते थे. वह पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन उनकी सोच और संगठन क्षमता की काफी तारीफ होती थी. उन्होंने बारामती के किसानों को जोड़कर सहकारी समिति बनाई, जिससे बाद में चीनी मिलें और साख समितियां बनीं. वह लंबे समय तक गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष रहे.
शारदाबाई पवार: शिक्षा और समाज सेवा की मिसालशरद पवार की मां शारदाबाई पवार बच्चों की शिक्षा को लेकर बेहद जागरूक थीं. उन्होंने महिलाओं के लिए नाइट स्कूल और नाइट क्लिनिक भी चलाया. ब्रिटिश शासन के दौरान उन्हें बारामती महिला उत्कर्ष समिति में नियुक्त किया गया. वह परिवार की पहली महिला थीं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा और स्थानीय चुनाव लड़ा.
11 भाई-बहनों में नौवें नंबर पर शरद पवारगोविंदराव और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे थे. शारदाबाई का जन्म 12 दिसंबर 1911 को कोल्हापुर के पास एक गरीब किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने पुणे के &amp;lsquo;सेवा सदन&amp;rsquo; में रहकर सातवीं तक पढ़ाई की. कम उम्र में माता-पिता का निधन हो गया, जिसके बाद बड़ी बहन के पति श्रीपत राव जादव ने उन्हें सहारा दिया. 1938 में शारदाबाई पवार पुणे लोकल बोर्ड के लिए निर्विरोध चुनी गईं और 14 साल तक चुनी जाती रहीं. 1952 में एक हादसे में घायल सांड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी कई हड्डियां टूट गईं. इसके बाद उन्हें जीवनभर बैसाखी के सहारे चलना पड़ा. 12 अगस्त 1975 को उनका निधन हुआ.
पवार परिवार के भाई-बहन

पवार परिवार में कुल 11 भाई-बहन थे- 7 भाई और 4 बहनें. इनमें प्रमुख नाम हैं:
अप्पा साहेब पवार (निधन हो चुका है): उनके बेटे राजेंद्र और रंजीत हैं.
अनंतराव पवार (निधन हो चुका है): उनके बेटे अजित पवार थे. जिनका प्लेन क्रैश में निधन हो गया.
शरद पवार
प्रताप पवार
सरोज पाटिल

अजित पवार का परिवारअजित पवार की मां का नाम आशा पवार था. उन्होंने एक बार इच्छा जताई थी कि वह अपने जीवनकाल में अजित को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं. अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार हैं, जो पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं. उनके दो बेटे हैं -पार्थ पवार और जय पवार. पार्थ 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि जय पवार फिलहाल कारोबार से जुड़े हैं.
डकैतों से मुठभेड़ में भाई की मौतमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में हुई थी. काटेवाडी के पादरे इलाके में आज भी उनका स्मारक मौजूद है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र से दिल्ली तक शोक, पीएम मोदी&#45;अमित शाह ने लगाया CM फडणवीस को फोन</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन हादसे की खबर सामने आने के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक शोक की लहर दौड़ गई है. महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की और घटना की पूरी जानकारी ली. महाराष्ट्र सरकार ने यह जानकारी दी है. इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और पांच अन्य लोगों की मौत हो गई.
मुंबई से बारामती जा रहा था विमानफ्लाइट से जुड़ी जानकारी के अनुसार यह विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ था और इसे 8:50 बजे बारामती एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले, सुबह 8:48 बजे हादसा हो गया. बताया गया है कि लियर जेट 45 विमान (VT-SSK) जब बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी वह रनवे से फिसल गया और हादसे के बाद उसमें आग लग गई. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पुष्टि की है कि विमान में कुल 6 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई.
जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे अजित पवारअजित पवार पुणे जिले के अपने गृह क्षेत्र बारामती जा रहे थे. उन्हें जिला परिषद चुनाव से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करना था. पुणे के पुलिस अधीक्षक संदीप गिल ने बताया, &#039;अब तक छह शव अस्पताल भेजे जा चुके हैं. हादसे के तुरंत बाद पहले तीन शव बरामद किए गए थे.&#039; अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुर्जर ने भी पुष्टि की है कि अजित पवार समेत सभी छह लोगों को मृत अवस्था में लाया गया.&#039;
एयरपोर्ट मैनेजर ने क्या बतायाबारामती एयरपोर्ट के मैनेजर शिवाजी तावड़े ने बताया कि &#039;विमान VT-SSK लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह रनवे से किनारे चला गया और टकराते ही उसमें विस्फोट हो गया. यह विमान मुंबई से चार्टर किया गया लियर जेट 45 था.&#039;
हाल ही में बदला था एयरपोर्ट का संचालनबारामती एयरपोर्ट पहले एक निजी कंपनी के पास था, लेकिन हाल ही में इसका संचालन महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी को सौंपा गया था. हादसे को लेकर जांच जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:57 +0530</pubDate>
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<title>अजित पवार के निधन पर PM मोदी हुए इमोशनल, बोले&#45; &amp;apos;मैं इस शोक की घड़ी में...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ 28 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी CM और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार के निधन पर भी शोक जताया है. PM मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, &#039;महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से मैं बहुत दुखी हूं.&#039;
PM मोदी ने अजित पवार के साथ की तस्वीरें शेयर कीं
अजित पवार के निधन पर PM मोदी ने उनके साथ अपनी दो तस्वीरें शेयर करते हुए कहा, &#039;अजित पवार जनता के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था. महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करने में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ, गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था. उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं. ओम शांति.&#039;

श्री अजित पवार जी हे जनतेशी घट्ट नाते असलेले, तळागाळाशी मजबूत नाळ असलेले लोकनेते होते. महाराष्ट्रातील जनतेच्या सेवेत सदैव अग्रभागी राहणारे एक मेहनती व्यक्तिमत्त्व म्हणून त्यांना व्यापक आदर होता. प्रशासकीय बाबींची त्यांना सखोल जाण होती. गरीब आणि वंचितांच्या सक्षमीकरणासाठीची&amp;hellip; pic.twitter.com/Rn1E8OXQRm
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) January 28, 2026



हादसे पर दु:ख जताते हुए क्या बोले PM मोदी?
दर्दनाक हादसे पर PM मोदी ने कहा, &#039;मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है. इस गहन शोक की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति और साहस मिले, इसके लिए मैं प्रार्थना करता हूं.&#039;
हादसे में 5 लोगों का निधन हुआ है...

अजित पवार: उपमुख्यमंत्री
एचसी विदिप जाधव: अजित के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर
कैप्टन सुमित कपूर: पायलट
कैप्टन शांभवी पाठक: पायलट
पिंकी माली: फ्लाइट अटेंडेंट
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:57 +0530</pubDate>
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<title>Baramati Plane Crash: जिसने सिखाए राजनीतिक दांवपेच, उन्हीं चाचा से अजित पवार ने छीन ली थी NCP,  जानें कब कैसे बदले रिश्ते</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार (28 जनवरी 2026) की सुबह एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 6 लोगों की मौत हो गई. दावा किया गया कि यह हादसा उस समय हुआ, जब उनका विमान बारामती में लैंड कर रहा था. PTI के मुताबिक विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे और बारामती से जुड़े रहे. वे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विभिन्न पदों पर काम कर चुके थे और लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री और NCP के वरिष्ठ नेता रहे.&amp;nbsp;&amp;nbsp;चाचा शरद पवार ने सिखाई राजनीतिक कौशल
अजित पवार का राजनीतिक सफर अपने चाचा शरद पवार की देख-रेख में शुरू हुआ, जिन्होंने उन्हें राजनीतिक कौशल और संगठनात्मक रणनीति सिखाई और बारामती क्षेत्र को पारिवारिक राजनीतिक गढ़ बनाया. दोनों के बीच सियासी रिश्ते और बाद में राजनीतिक विभाजन ने महाराष्ट्र की राजनीति को कई मोड़ों पर प्रभावित किया.
1991 का लोकसभा चुनाव और शरद पवार के लिए त्याग
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक 1991 में अजित पवार ने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया. यह जीत सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं थी, बल्कि शरद पवार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा थी. बाद में अजित पवार ने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी, ताकि वे केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बन सकें. यह फैसला दिखाता है कि उस दौर में अजित पवार पूरी तरह शरद पवार के नेतृत्व में काम कर रहे थे.
प्रशासनिक कौशल की पाठशाला
शरद पवार के साथ काम करते हुए अजित पवार ने प्रशासन के कई अहम सबक सीखे. तेज फैसले लेना, समय की पाबंदी, अधिकारियों और जनता दोनों से संतुलन बनाकर काम करना और संकट के समय कठोर लेकिन व्यावहारिक निर्णय लेना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बना. शरद पवार का मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में अनुभव अजित पवार के लिए एक जीवंत प्रशिक्षण जैसा रहा.
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार की अलग पहचान
समय के साथ अजित पवार ने खुद को केवल शरद पवार के भतीजे तक सीमित नहीं रखा. सिंचाई, वित्त और प्रशासन जैसे अहम विभागों में काम करते हुए उन्होंने अपनी तेज और सख्त कार्यशैली से अलग पहचान बनाई. लंबे समय तक वे महाराष्ट्र सरकार में सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने लगे और बारामती क्षेत्र में उनका राजनीतिक वर्चस्व मजबूत होता गया.
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:46:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>दिल्ली: सफदरजंग एन्क्लेव में कांस्टेबल पर हमला, लूटी पिस्टल के साथ 2 बदमाश गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला करने और उसकी सरकारी पिस्टल लूटकर फरार हुए दो बदमाशों को पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है.&amp;nbsp;
बदमाशों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीम और उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टुंडला पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी अविनाश उर्फ जानू को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी वसीम को बाद में दबोचा गया.
कांस्टेबल पर हमला कर छीनी पिस्टल
दरअसल, 22 जनवरी 2026 को दोपहर करीब सवा 2 बजे सफदरजंग एन्क्लेव इलाके में बीट ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल राजकुमार को एक राहगीर ने पार्क के पास इलाके में मौजूद दो संदिग्ध लोगों की सूचना दी. मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मी ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने अचानक हमला कर दिया. एक आरोपी ने सिपाही को काबू में लिया, जबकि दूसरे ने उसकी सर्विस पिस्टल छीन ली. इतना ही नहीं उसने पुलिसकर्मी पर पिस्टल तानकर धमकी भी दी और हवा में फायरिंग कर मौके से भाग गया. गनीमत रही कि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए.
खंगाले 500 CCTV फुटेज
वारदात के बाद पुलिस ने पीछा किया, लेकिन आरोपी एक बाइक सवार को जबरन रोककर फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई. टीमों ने सफदरजंग एन्क्लेव, हौज खास, मालवीय नगर, महरौली समेत आसपास के इलाकों के करीब 500 CCTV फुटेज खंगाले.
आरोपी फिरोजाबाद से गिरफ्तार
टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए एक आरोपी की पहचान अविनाश उर्फ जानू के रूप में हुई, जो पहले भी दिल्ली में लूट और स्नैचिंग के कई मामलों में शामिल रहा है. जांच में पता चला कि आरोपी दिल्ली से फरार होकर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के टुंडला इलाके में छिपा हुआ है.
वहीं 23 जनवरी 2026 को दिल्ली पुलिस और टुंडला पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी की तलाश में दबिश दी. दोपहर करीब 2:15 बजे आरोपी को टुंडला इलाके में एक स्कूटर पर जाते हुए देखा गया. पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो तो तेज रफ्तार में भागने लगा. लेकिन संतुलन बिगड़ने से गिर पड़ा.&amp;nbsp;
पकड़ने गई पुलिस पर भी की फायरिंग
खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. गोलियां पुलिस की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी. पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के घुटनों में गोली लगी और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया.
आरोपी से पिस्टल समेत ये सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपी अविनाश उर्फ जानू से पुलिस ने लूटी गई 9 एमएम की सरकारी पिस्टल, तीन खोखे, एक स्कूटर और मोबाइल फोन बरामद किया. पूछताछ में उसने सफदरजंग एन्क्लेव की घटना में अपनी भूमिका कबूल की और बताया कि उसका साथी वसीम भी इस वारदात में शामिल था.
साथी को दिल्ली से ही किया गिरफ्तार
आरोपी की निशानदेही और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने 23 जनवरी की रात करीब 11:42 बजे मालवीय नगर के स्वामी नगर इलाके में कब्रिस्तान के पास से उसके साथी वसीम को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक 30 साल का अविनाश उर्फ जानू दिल्ली में लूट और स्नैचिंग के 10 से ज्यादा मामलों में शामिल रह चुका है. फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>UGC New Rules: यूजीसी के नियमों पर जीतन राम मांझी की पार्टी का बड़ा बयान, &amp;apos;फंडामेंटल राइट का…&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियम 2026 को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है. इस पर मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) की ओर से बड़ा बयान दिया गया है. उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सरकार कोई भी बिल लाती है तो वह जनहित का होता है. पहले इसे पहले पढ़ना और समझना चाहिए, उसके बाद ही टिप्पणी करनी चाहिए. संतोष सुमन ने गयाजी में पत्रकारों से यह बातें कहीं.
संतोष सुमन ने कहा, &quot;समाज के उस तबके के लोग जो गरीब, पिछड़ा हैं, शिक्षण संस्थानों में दिव्यांगता, धर्म या जाति, किसी पर कोई टिप्पणी की जाती है उस पर रोक लगाने के लिए यह बिल है. किसी पर ज्यादती करने वाला बिल नहीं है. ऐसा प्रावधान है कि कमेटी में 10 सदस्य होंगे, जिसमें सभी जाति के लोग रहेंगे. शिक्षण संस्थानों के जो हेड हैं जो समाजसेवी हैं वह किसी भी समाज से हो सकते हैं. कमेटी के बाद भी अपील का प्रावधान है. अगर ऐसा कुछ होता है कि 30 दिनों के अंदर अपील भी कर सकते हैं.&quot;
&#039;फंडामेंटल राइट का हनन हो रहा है तो...&#039;
संतोष सुमन ने कहा कि सरकार ने निष्पक्ष रूप से कोशिश की है कि सुधार हो, कैंपस में एक माहौल बन सके, ताकि सभी लोग अच्छे से पढ़ सकें. किन्हीं को लगता है कि फंडामेंटल राइट का हनन हो रहा है तो न्यायालय का भी मामला है. सरकार के समक्ष अपील होनी चाहिए. इसे हिंसा के रूप में नहीं लेना चाहिए. यह कोई चाबुक चलाने वाला बिल नहीं है. यह समाज के सभी तबके को न्याय दिलाने की बात है ताकि वह भी अच्छे माहौल में पढ़ सकें.&amp;nbsp;
पप्पू यादव कोर्ट नहीं- संतोष कुमार सुमन
दूसरी ओर नीट छात्रा की मौत मामले पर पप्पू यादव ने बयान दिया है कि बड़ी मछलियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. इस पर कहा कि पप्पू यादव कोर्ट नहीं हैं. पप्पू यादव के कहने से सरकार अपना कोई फैसला नहीं बदलेगी या जांच प्रभावित नहीं होगा. जांच अपने तरीके से होगी. बड़ी मछली हो या छोटी मछली, कानून से बड़ा कोई नहीं होता है.&amp;nbsp;
मंत्री ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाए जाएंगे तो सलाखों के पीछे होंगे. पप्पू यादव के बयान से न तो सरकार को मतलब है और न ही जांच करने वाले को. उनके इस तरह के बयान से उन्हें फॉलो करने वालों के बीच गलत मैसेज जाता है, जो यह जांच प्रभावित भी करता है. उन्हें ऐसी बातों से बचना चाहिए. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:14 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;SIR के बहाने NRC से ज्यादा वोट...&amp;apos;, बंगाल में BJP पर जमकर बरसे सपा चीफ अखिलेश यादव</title>
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<description><![CDATA[ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बंगाल दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की है. साथ बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. इस दौरान सपा चीफ ने मीडिया से बातचीत की है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में भाजपा से कोई मुकाबला कर रहा है वह ममता बनर्जी कर रही है.&amp;nbsp;
यही मुकाबला भाजपा से किया जा सकता है. अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बंगाल के लिए एसआईआर लेकर आए हैं. पहली बार देखने को मिल रहा है कि एसआईआर के बहाने एनआरसी करके ज्यादा से ज्यादा वोट काट रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम होता है ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोट के लिए जोड़ना.
चुनाव आयोग पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि चुनाव आयोग दीदी को परेशान कर रहै है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की लड़ाई हारने की लड़ाई है. यहां की जनता और ममता दीदी बीजेपी को इज्जत से हराएंगी.&amp;nbsp;
सपा चीफ ने आगे कहा कि ये हमारे देश की धर्मनिरपेक्षता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. यहां तो हो ही रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश में इससे ज्यादा वोट काटने का काम कर रहे हैं. चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर ऐसा कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दीदी ने ईडी को हरा दिया. वो पेन ड्राइव का पेन नहीं भूल पा रही है. हमारा पूरा सहयोग दीदी के साथ है.
&#039;एसआईआर के बहाने दीदी को परेशान कर रहे हैं&#039;
यह SIR के बहाने हम लोग पहली बार देख रहे हैं कि दीदी को परेशान करने का काम कर रहे हैं. लेकिन यहां की जनता का जो प्यार और लगाव है, वो पुनः यहां से मुख्यमंत्री बनने जा रहीं हैं. भारतीय जनता पार्टी से कोई मुकाबला कर रहा है तो यहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रहीं हैं.
उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स बीजेपी का संगठन है, जहां बीजेपी को लगता है इनको आगे करके लड़ा जा सकता है वो इनको आगे कर देते हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि SIR ही NRC था, क्योंकि कई लोगों को नागरिकता साबित करनी पड़ी. मैं बधाई देना चाहता हूं दीदी को जिन्होंने डिजिटल डकैती को बचा लिया. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:13 +0530</pubDate>
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<title>अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने पत्नी को किया फोन, फिर रोते हुए कहा&#45; मैंने...</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से आहत होकर इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है.&amp;nbsp;
पद से इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने पत्नी को फोन किया. फोन पर वह भावुक हो गए. उन्होंने रोते हुए बताया सीएम योगी के समर्थन में मैंने इस्तीफा दे दिया. प्रशांत सिंह ने कहा कि रोते हुए कहा कि &#039;जिसका नामक खाते हैं, उसका आदर करना चाहिए. मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ.&#039;
बता दें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि -अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर लोकतंत्र के विरुद्ध साजिश की जा रही है. उन्हें सरकार के विरुद्ध खड़ा किया जा रहा है, जिससे भारत के संविधान और संवैधानिक आचरण को ठेस पहुंच रही है. इससे आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य के विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.
प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा- विगत कई दिनों से अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. इन परिस्थितियों से आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा उनके विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.
&#039;नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी&#039;
उन्होंने लिखा कि मैं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी हूं. सरकार का वेतनभोगी होने के नाते मेरा कर्तव्य केवल यह नहीं है कि प्रदेश सरकार या मुख्यमंत्री के विरुद्ध अनर्गल प्रलाप या अपमानजनक टिप्पणियाँ होती रहें और मैं मौन रहकर वेतन लेता रहूं. मैं एक सरकारी सेवक होने के साथ एक संवेदनशील व्यक्ति भी हूं. राष्ट्र, संविधान, राज्य और लोकतांत्रिक पद्धति से चुने गए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के विरुद्ध कोई अपमानजनक टिप्पणी होती है तो मन आहत होना स्वाभाविक है. एक राष्ट्रप्रेमी, राज्यप्रेमी और संविधानप्रेमी के भीतर यह भावना होना आवश्यक है. अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा समाज में जातिवाद फैलाने और देश व प्रदेश को अस्थिर करने के प्रयासों से आहत होकर मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थन में तथा उनके विरोध में अपना त्यागपत्र दे रहा हूं.
प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा- मैं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करने वाला एक निष्ठावान कर्मचारी हूं. सरकार और मुख्यमंत्री के समर्थन में तथा अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य के विरोध में दिए गए अपने त्यागपत्र के स्वीकार होने तक मैं नियमानुसार और पूरी निष्ठा से राजस्व वृद्धि हेतु अपने पद और कर्तव्यों का निर्वहन करता रहूंगा. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>मेरठ: नाले में गिरे बच्चे का नहीं लगा सुराग, 18 घंटे बाद भी सर्च ऑपरेशन जारी</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बच्चा गहरे नाले में गिर गया, बच्चे की उम्र लगभग 8 से 10 साल बताई गई है. बच्चे के नाले की गिरने की सूचना पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, पुलिस ने बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. बच्चे को बचाने के लिए प्रशासन पिछले 18 घंटे से तलाशी अभियान जारी रखा, लेकिन बच्चे का अभी तक पता नहीं चल सका है.
जानकारी के मुताबिक, यह मामला मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र से सामने आया है. यहां थाना टीपी नगर क्षेत्र के एक नाले में कूड़ा बीनते समय एक बच्चा गिर गया, बच्चे की तलाशी का अभियान 18 घंटे बाद भी लगातार जारी है. बताया गया कि सोमवार 26 जनवरी को डायल 112 नंबर पर सूचना मिली थी कि एक बच्चा नाले में गिर गया है. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया.
बच्चे की तलाश में खुद नाले में उतरे थाना प्रभारी
वहीं इस सूचना पर मौके पर पहुंचे टीपी नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण मिश्रा खुद बच्चे को तलाशने के लिए नाले की गहराई में उतरे. सोमवार दोपहर से ही पुलिस, नगर निगम और राहत दल संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. नाले के भीतर जेसीबी मशीनों की मदद से अलग-अलग स्थानों पर खुदाई कर बच्चे की तलाश की जा रही है.&amp;nbsp;
पुलिस ने नाले के किनारे तैनात की टीमें
पुलिस ने नाले के किनारे-किनारे कुछ दूरी पर टीमें तैनात कर रखी हैं ताकि किसी भी संकेत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. हालांकि, अब तक बच्चे का परिवार सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार तलाश में जुटा हुआ है. देर रात और मंगलवार सुबह भी अभियान जारी रखा गया है. लेकिन अभी तक रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिल सकी है.
ये भी पढ़ें: UGC के नियमों पर सपा सवर्णों के साथ या खिलाफ? प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कर दिया क्लियर ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:11 +0530</pubDate>
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<title>UGC बिल पर नीतीश कुमार की JDU ने साफ किया रुख, &amp;apos;समाज के किसी तबके में...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ यूजीसी बिल 2026 पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का रुख सामने आया है. पार्टी के प्रवक्ता और एमलसी नीरज कुमार ने कहा कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने इस देश के अंदर संविधान बनाया है. संविधान में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है. ऐसी स्थिति में समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न्याय के साथ सबका विकास और सबका सम्मान के रोल मॉडल हैं. यूजीसी का जो नया रेगुलेशन आया है, उस संबंध में तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. अब इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. न्यायपालिका का सम्मान तो सब करते हैं तो अब न्यायपालिका का फैसला ही सबके लिए महत्वपूर्ण होगा.
यूजीसी की नई गाइडलाइंस का क्यों हो रहा है विरोध

UGC Equity Regulations 2026 इसी महीने लागू हुआ है
OBC वर्ग को जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया
झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर जुर्माना या निलंबन जैसे प्रावधान हटे
सामान्य वर्ग के मुताबिक, कानून का दुरुपयोग उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है
दावा है कि गलत शिकायत दर्ज कराने वाले को किसी दंड का डर नहीं होगा

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
यूजीसी की नई गाडलाइंस ने यूपी का सियासी पारा बढ़ा दिया है. बीजेपी के कई पदाधिकारियों ने इसको लेकर इस्तीफा तक दे दिया. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया कि जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई गई है और संस्थागत सुरक्षा से कुछ श्रेणियों को बाहर कर दिया गया है.
कोर्ट से रोक लगाने की मांग
सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि इसके मौजूदा स्वरूप में लागू करने से रोका जाए और जाति-आधारित भेदभाव को &amp;lsquo;जाति-तटस्थ और संविधान अनुरूप&amp;rsquo; तरीके से फिर से परिभाषित किया जाए. इसमें कहा गया है, &amp;ldquo;जाति के आधार पर भेदभाव को इस तरह से परिभाषित किया जाना चाहिए कि जाति के आधार पर भेदभाव का शिकार होने वाले सभी लोगों को सुरक्षा मिले, चाहे उनकी जाति की पहचान कुछ भी हो.&amp;rdquo; &amp;nbsp;याचिका में केंद्र सरकार और यूजीसी को अंतरिम निर्देश देने की मांग की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन नियमों के तहत बनाए गए &amp;lsquo;समान अवसर केंद्र&amp;rsquo; और &amp;lsquo;समानता हेल्पलाइन&amp;rsquo; आदि को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराया जाए. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>रामनगर के फाटो टूरिज्म जोन में टाइगर साइटिंग के नाम पर जिप्सियों की रेस, सुरक्षा पर उठे सवाल</title>
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<description><![CDATA[ 
रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग अंतर्गत फाटो टूरिज्म जोन में टाइगर साइटिंग के दौरान लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. हाल के दिनों में फांटो क्षेत्र में लगातार बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है. इसी भीड़ और रोमांच की होड़ के बीच कुछ जिप्सी चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए टाइगर की ओर जिप्सियों को दौड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.फाटो टूरिज्म जोन कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला और झिरना रेंज के बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है. यह क्षेत्र बाघों के मूवमेंट का अहम कॉरिडोर माना जाता है, जहां बाघ अक्सर एक रेंज से दूसरी रेंज की ओर आते-जाते रहते हैं. ऐसे संवेदनशील इलाके में वाहनों की तेज रफ्तार न केवल बाघों के लिए खतरा है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा को भी जोखिम में डाल देती है.
वन विभाग के दिशा-निर्देशों के विपरीत हो रहा कार्य
बताया जा रहा है कि टाइगर को नजदीक से दिखाने की होड़ में कुछ जिप्सी चालक जानबूझकर गाड़ी को बाघ की दिशा में तेजी से ले जाते हैं, ताकि पर्यटकों को रोमांचक अनुभव मिल सके. लेकिन इस तरह की हरकतें वन्यजीव पर्यटन के मूल उद्देश्य और वन विभाग के दिशा-निर्देशों के बिल्कुल विपरीत हैं.
दो गाइड पर लगा अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध
इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है. तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ के अनुसार, जांच के बाद दो जिप्सियों, उनके ड्राइवरों और दो गाइड पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया गया है. विभाग का साफ कहना है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि टाइगर साइटिंग एक सौभाग्य हो सकता है, लेकिन इसके लिए नियमों की अनदेखी करना न तो सही है और न ही सुरक्षित. बाघों की शांति, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पर्यटकों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है. इस कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि आगे कोई भी रोमांच के नाम पर वन्यजीवों और इंसानों की सुरक्षा से खिलवाड़ न कर सके.
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>शंकराचार्य विवाद को लेकर भड़के AAP सांसद संजय सिंह, बोले&#45; &amp;apos;इस मुद्दे पर योगी सरकार ने...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज द्वारा उनके साथ प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बदसुलूकी के आरोप लगाए गए हैं. इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने शंकराचार्य से मुलाकात की है. इस बीच संजय सिंह ने मामले पर मीडिया से खास बातचीत की है.
उन्होंने कहा कि आज की बैठक में शंकराचार्य का मुद्दा उठाया है. अगर राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत नहीं करना चाहता है तो मैंने कहा है कि केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात करें. संजय सिंह ने आगे कहा कि शंकराचार्य का धरने पर बैठना ठीक नहीं है. इसमें हस्तक्षेप हो. इस मुद्दे पर सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है. सिर्फ उन्होंने सुना है.&amp;nbsp;
शंकराचार्य को रोके जाने पर क्या बोले संजय सिंह?
संजय सिंह ने कहा कि स्वामी अविमक्तेश्वरानंद महाराज को संगम नोज पर स्नान करने के लिए जाने से रोकना योगी सरकार ने अपराध किया है. इसके बाद उनसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया. यह भी एक अपराध है.&amp;nbsp;
उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. आप सांसद ने आगे कहा कि उनके शिष्यों को धक्का दिया गया. साथ ही उनकी चोटी खींचकर पिटाई की गई और सरेआम उनका अपमान किया गया, यह पाप है.&amp;nbsp;
बता दें कि बीते दिनों माघ मेले के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य अपने शिष्यों के साथ स्नान करने के लिए पहुंचे. इस दौरान उन्हें संगम नोज पर जाने से पुलिस ने रोक लिया. महाराज की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि उनके साथ धक्का-मुक्की और शिष्यों को पीटा गया है. इसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे.
यूजीसी को लेकर क्या कहा?
यूजीसी को लेकर आम आदमी पार्टी के भीतर बातचीत की जाएगी. पार्टी की जो लाइन होगी बता दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोग अपने-अपने तरीके से लोग इस पर प्रदर्शन कर रहे हैं.&amp;nbsp;
संजय सिंह ने आगे कहा कि काशी कॉरिडोर के नाम पर मंदिर थोड़ा, मणिकर्णिका घाट तोड़ा, वृंदावन में बाबा के साथ धक्का-मुक्की की गई. वहीं शंकराचार्य के साथ जो तस्वीर आई है वह बताता है कि कैसे नारेबाजी की गई. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:09 +0530</pubDate>
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<title>बिहार: पूर्णिया के बड़े व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, जान बचाकर भागे प्राइवेट गार्ड और भाई</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के पूर्णिया में शहर के बड़े व्यवसायी सूरज बिहारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को वे अपनी गाड़ी से उतर ही रहे थे कि बदमाशों ने अंधाधुंध गोली चला दी. फायरिंग के दौरान तीन गोली जाकर सूरज को लग गई. बचाव में गए प्राइवेट गार्ड और फुफेरे भाई पर भी दो राउंड गोली चली. ऐसे में जान बचाकर ये दोनों भाग निकले. यह घटना मरंगा थाना क्षेत्र के नेवा लाल चौक के समीप की है.&amp;nbsp;
मृतक की पहचान शहर के सदर थाना क्षेत्र के खुश्किबाग चौहान टोला निवासी जवाहर यादव के बेटे सूरज बिहारी के रूप में हुई है. सूरज शहर के सबसे बड़े मक्का गोदाम के मालिक थे. मर्डर का आरोप नेवा लाल चौक के रहने वाले दो भाई ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह पर लगा है. वारदात के बाद से ये लोग फरार हैं.
क्या है घटना का कारण?
प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार ने बताया कि सरस्वती पूजा के दिन इंस्टाग्राम रील बनाने को लेकर व्यवसायी सूरज बिहारी के भाई उदय यादव और उनके दोस्तों से ब्रजेश और नंदू सिंह की आपसी कहासुनी हुई थी. उस दिन ये विवाद किसी तरह सुलझा लिया गया था. आज (मंगलवार) सुबह दोबारा से ब्रजेश और नंदू ने सूरज के छोटे भाई उदय के ब्लॉगर दोस्त को घेर लिया. मारपीट करने लगे. इस पर ब्लॉगर दोस्त ने फोन कर उदय को बुलाया. उदय के वहां पहुंचते ही दोनों ने उसे भी बंधक बना लिया और मारपीट करने लगे.
उदय ने बड़े भाई सूरज बिहारी को फोन कर पूरी बात बताई. सूरज भी आनन-फानन में अपने प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार को लेकर नेवा लाल चौक पार्क के लिए रवाना हुए. आरोप है कि सूरज ब्लैक स्कॉर्पियो से उतरे ही थे कि 20 से 25 गुर्गे के साथ खड़े नंदू और बृजेश सिंह अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे. तीन गोली सूरज बिहारी को लगी. पहली गोली पीठ, दूसरी कमर से ऊपर और तीसरी बाह में मारी गई. गोली लगने से मौके पर मौत हो गई.
उन्हें बचाने आगे आए गार्ड और फुफेरे भाई पर भी दो गोली चलाई गई तो वे लोग किसी तरह जान बचाकर भागे. सूचना मिलते ही मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार और सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ पहले नेवा लाल चौक और फिर वहां से हॉस्पिटल पहुंचे. परिजनों का बयान दर्ज किया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
यह भी पढ़ें- Patna News: पटना से सटे बिहटा में कुएं से मिली युवक की लाश, कल से लापता था, परिजन बोले- हत्या हुई ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>अयोध्या में प्रशांत सिंह के इस्तीफे पर आई शंकराचार्य की प्रतिक्रिया, कहा&#45; &amp;apos;ये अधिकारी चापलूसी कर रहा&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने सीएम योगी के समर्थन में अपना इस्तीफ सौंप दिया है. इस पर सीएम योगी के पक्ष में इस्तीफा देने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को शंकराचार्य ने चापलूस बताया. शंकराचार्य ने कहा कि ये अधिकारी चापलूसी कर रहा है. इस अधिकारी का इस्तीफा भी तत्काल प्रभाव से मंजूर किया जाए नहीं तो हम समझेंगे कि ये इनके बीच का है. शंकराचार्य ने कहा कि मैंने किसी के बारे में बुरा नहीं कहा यूजीसी को लेकर भी बोले कि ये फैसला विभाजित करने वाला है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:29:08 +0530</pubDate>
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<title>यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष ने जेब से ऐसा क्या निकाला कि देखकर हंसने लगे PM मोदी, ट्रंप को दे दिया बड़ा संदेश</title>
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<description><![CDATA[ भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबे समय बाद मंगलवार (27 जनवरी 2026) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है. इस समझौते को साल 2027 में लागू किए जाने की संभावना है. इस दौरान यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने खुद को प्रवासी भारतीय बताया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्कुराने लगे. इस दौरान उन्होंने अपनी जेब से ओवरसीज इंडियन पासपोर्ट (OCI) निकालकर भी दिखाया.
मैं ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं: कोस्टा&amp;nbsp;
एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि उन्हें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया जो उनके लिए बहुत ही गर्व की बात है. उन्होंने कहा, &#039;मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन इसके साथ ही मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं इसलिए मेरे लिए ये पल भावनात्मक भी है. मुझे गोवा की अपनी पहचान पर बहुत गर्व है, जहां मेरे पिता का परिवार आया है. मेरे लिए भारत और यूरोप का रिश्ता सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि निजी भी है.&#039;

#WATCH | Delhi | President of the European Council, Ant&amp;oacute;nio Lu&amp;iacute;s Santos da Costa, says, &quot;I&#039;m the President of the European Council, but I&#039;m also an overseas Indian citizen. Then, as you can imagine, for me it has a special meaning. I&#039;m very proud of my roots in Goa, where my&amp;hellip; pic.twitter.com/wDMuNbzr3h
&amp;mdash; ANI (@ANI) January 27, 2026



यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष का ट्रंप को सख्त संदेश
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष के कहा, &#039;भारत के साथ इस शिखर सम्मेलन ने दुनिया को सख्त संदेश दिया है. जब दुनिया बड़े वैश्विक बदलाव की ओर बढ़ रही है ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़े हैं. भारत और यूरोपीय यूनियन अपने नागरिकों को लाभ पहुंचाने, शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को आकार देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.&#039; एंटोनियो कोस्टा यह बयान देकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त संदेश दिया, जो बार-बार टैरिफ के बहाने बीते कुछ दिनों से यूरोपीय देशों को धमका दे रहे हैं.
भारत-EU डील से क्या फायदा होगा?
भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और यूरोपीय यूनियन के दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने से यह वैश्विक जीडीपी का 25 फीसदी हिस्सा और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई है. भारत के 99 फीसदी से अधिक निर्यात को यूरोपीय यूनियन के मार्केट में प्रवेश मिलेगा, जिससे अपार संभावनाएं बनेगी. कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में 33 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को एफटीए के तहत पहुंच से भारी लाभ होने की संभावना है.
&#039;दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल&#039;
पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को मदर ऑफ ऑल डील और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, &#039;भारत ग्लोबल मांग को पूरा करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है. आज हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए दुनिया के टॉप पांच देशों में से हैं. हमारा एक्सपोर्ट 150 से ज्यादा देशों तक पहुंचता है. भारत की क्षमता आपके लिए बहुत उपयोगी होगी इसीलिए एनर्जी वीक जैसा प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन जगह है.&#039; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>यूरोपीय, काउंसिल, के, अध्यक्ष, ने, जेब, से, ऐसा, क्या, निकाला, कि, देखकर, हंसने, लगे, मोदी, ट्रंप, को, दे, दिया, बड़ा, संदेश</media:keywords>
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<title>भारत&#45;EU के समझौते में क्या खास बातें, मदर ऑफ ऑल डील क्यों कहा गया, 10 पॉइंट्स में समझें पूरा FTA</title>
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<description><![CDATA[ 27 जनवरी 2026 को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन (EU) कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा के साथ मीटिंग की. भारत और यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान भारत-EU के बीच सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) समझौता किया. इस समझौते की 10 बड़ी बातें जानते हैं...
1. 25% GDP को कवर करेगा भारत-EU समझौता
बीते 4 साल में भारत 7 FTA साइन कर चुका है, जिसमें यूके, ओमान, न्यूजीलैंड शामिल हैं. अब 27 जनवरी को EU के साथ FTA की घोषणा हुई है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि EU 27 देशों का ग्रुप और दुनिया की सबसे बड़ा व्यापारिक ब्लॉक है. वहीं भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था है. EU की GDP 22.53 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर है. दोनों के साथ आने से 200 करोड़ लोगों का मार्केट बनेगा. साथ ही दुनिया की 25% GDP को कवर करेगा. 2025 में भारत और EU ने 12.5 लाख करोड़ रुपए का ट्रेड किया था. FTA आने के बाद भारत की बर्लिन, रोम, म्यूनिख जैसे यूरोपीय बाजारों में और यूरोप की दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे भारतीय बाजारों में पहुंच बन जाएगी. अनुमान है कि FTA होने से भारत-EU का व्यापार जल्द ही दोगुना हो जाएगा.
2. कारें सस्ती और पुर्जों पर टैरिफ 0% हो जाएगा
कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे. कार के पुर्जों पर लगने वाले टैरिफ को शून्य तक कम कर दिया जाएगा. इससे भारत और यूरोप के बीच सप्लाई चेन में गहरा एकीकरण होगा, यानी दोनों तरफ के उद्योग ज्यादा करीब से जुड़ेंगे और सहयोग बढ़ेगा. यूरोप भारतीय ऑटो कंपोनेंट सप्लायर्स के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है, इसलिए इस डील से भारतीय कंपनियों को काफी फायदा होगा. दूसरी तरफ, यूरोप में बने पार्ट्स की कीमत ज्यादा होने की वजह से भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री पर असर सीमित रहने की उम्मीद है.
3. भारतीय फार्मा इंडस्ट्री मजबूत होगी
EU से भारत में आने वाली दवाइयों पर 11% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म हो जाएंगे, लेकिन भारत से EU में जाने वाली दवाइयों पर पहले से ही आसान पहुंच है. EU अभी भारत से निर्यात होने वाली ज्यादातर दवाइयों पर 0% या बहुत कम टैरिफ लगाता है. इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से EU बाजार में भारतीय जेनेरिक दवाइयों को और आसान पहुंच मिलेगी, जिससे भारत की दवा कंपनियों के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हो सकती है. भारत दुनिया का &#039;फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड&#039; कहलाता है, खासकर जेनेरिक दवाइयों के मामले में. EU में पहले से ही ज्यादातर भारतीय दवाइयों पर कोई या बहुत कम ड्यूटी है, इसलिए यह डील भारतीय फार्मा इंडस्ट्री को और मजबूत बनाएगी. इससे EU में सस्ती और क्वालिटी वाली जेनेरिक दवाइयां ज्यादा उपलब्ध होंगी, जिससे यूरोप के मरीजों को भी फायदा होगा. इस डील की वजह से फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर में भारत को हर साल 20-30% के ट्रेड का फायदा हो सकता है.
4. यूरोपीय बाजारों में भारतीय कपड़ा चमकेगा
भारत के कपड़े और चमड़े पर EU अभी 10% ड्यूटी लगाता है. FTA के बाद यह कम या खत्म हो सकती है. इससे यूरोप में भारतीय कपड़े, जूते सस्ते होंगे और उनकी डिमांड बढ़ेगी. इससे भारत में गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर जैसी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को सीधा फायदा होगा.
5. यूरोप में लगेंगी भारत की हथियार फैक्ट्रियां
EU से FTA होने के बाद भारत को डिफेंस सप्लायर और मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बन गया है. इससे इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा. फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली जैसे EU देश भारत को एडवांस्ड वेपन बेचते हैं. 2024 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन डेढ़ लाख करोड़ रुपए रहा. वहीं डिफेंस एक्सपोर्ट 25 हजार करोड़ रुपए रहा. अब डील होने के बाद भारत की हथियार कंपनियों को EU की डिफेंस जरूरतें पूरी करने वाले SAFE फंड्स की पहुंच मिल जाएगी. ऐसा होने से यूरोप में भारतीय फैक्ट्रियां लग सकती हैं.
6. भारत के IT प्रोफेशनल्स को फायदा मिलेगा
भारतीय IT, प्रोफेशनल और एजुकेशन सर्विसेज को EU में बड़ा बाजार मिलेगा. भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स को EU के 144 सर्विस सेक्टर्स में काम करने का मौका मिलेगा. EU को भारत के 102 सर्विस सेक्टर्स में एंट्री मिलेगी. भारतीय प्रोफेशनल्स को EU में काम और बिजनेस के लिए जाना आसान होगा. डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सर्विसेज और नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा.
7. यूरोपीय शराब सस्ती होगी, एविएशन सेक्टर में भी फायदा
इस समझौते के बाद यूरोप से आने वाले खाद्य उत्पादों पर लगने वाला भारी शुल्क घटा दिया गया है. यानी जैतून का तेल, मार्जरीन और दूसरे वनस्पति तेलों पर अब जीरो टैक्स लगेगा. यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है. इसे घटाकर 20&amp;ndash;30% किया जाएगा. बीयर पर शुल्क 110% से घटाकर 50% होगा और स्पिरिट पर टैक्स 40% होगा. इसके अलावा विमान और अंतरिक्ष से जुड़े लगभग सभी उत्पाद अब बिना टैरिफ के आएंगे, जिससे भारत के एविएशन सेक्टर को बड़ा फायदा होगा.
8. भारत और यूरोप की सप्लाई चेन जुड़ेगी
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह समझौता दुनिया को साफ संदेश देता है कि ग्लोबल चुनौतियों का सबसे अच्छा जवाब सहयोग है. इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत और यूरोप की सप्लाई चेन आपस में जुड़ेंगी और जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग ताकत मजबूत होगी. उन्होंने बताया कि इससे हर साल करीब 4 अरब यूरो (43.5 हजार करोड़ रुपए) के टैरिफ कम होंगे. भारत और यूरोप में लाखों लोगों के लिए अच्छी नौकरियां बनेंगी. भारत-यूरोप का आगे बढ़ना दुनिया के लिए जरूरी है.
9. 2032 तक भारत-EU व्यापार दोगुना होगा
भारत और EU के बीच 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर रहा था. इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की. वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी.इस एग्रीमेंट के बाद 2032 तक व्यापार दोगुना हो जाएगा. समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा.
10. मदर ऑफ ऑल डील क्यों कहा जा रहा?
दुनिया अमेरिका और चीन के विकल्प ढूंढ रही है. ऐसे में यह डील भारत को चीन की जगह बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकती है और यूरोप के साथ व्यापार तेजी से बढ़ा सकती है. पिछले साल भारत-EU का व्यापार 12.5 लाख करोड़ रुपए रहा था. FTA के बाद दोनों देशों को एक-दूसरे के बाजारों में ज्यादा पहुंच मिलेगी और व्यापार के दोगुना होने की उम्मीद है. इस वजह से इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>यूरोप जाने का सपना देखने वाले प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट के लिए खुशखबरी! EU&#45;भारत के बीच हुआ ये अहम समझौता</title>
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<description><![CDATA[ यूरोप जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों, मजदूरों और प्रोफेशनल्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है. भारत और यूरोपीय संघ ने एक मोबिलिटी पैक्ट पर साइन किए हैं. साथ ही दोनों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी फाइनल किया गया है. इस एग्रीमेंट से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नया रूप देने की कोशिश है.&amp;nbsp;
मोबिलिटी फ्रेमवर्क के तहत ईयू ने भारतीय छात्रों के लिए बिना किसी रोक-टोक के आने जाने की सुविधा देने का वादा किया है. इससे भारतीय छात्रों को ईयू के राज्यों में यात्रा करने, पढ़ाई करने और काम करने की आसानी होगी.&amp;nbsp;
होराइजन पब्लिक प्रोग्राम पर क्या है?&amp;nbsp;&amp;nbsp;
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे अच्छा उदाहरण है. इसलिए आज यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम होराइजन यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव को लेकर काम कर रहे हैं. होराइजन दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिक प्रोग्राम है. इसमें हमारे बेहतरीन टैलेंट को स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा.&amp;nbsp;
इसके अलावा उन्होंने बताया कि मोबिलिटी पर एक एग्रीमेंट पर साइन करके छात्रों और रिसर्चर्स के आने जाने को आसान बनाया जाएगा. यह भारतीय टैलेंट को सपोर्ट करने के लिए वन स्टॉप हब होगा.&amp;nbsp;
भारत और ईयू के बीच हुआ ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
यह एग्रीमेंट एक ऐतिहासिक भारत-ईयू के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है. इसे दोनों पक्षों ने सालों के महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते में से एक &amp;nbsp;बताया है. इस डील के तहत भारत ने (ढाई लाख वाहनों के सालाना कोटे के तहत) यूरोपीय कारों पर इंपोर्ट टैरिफ को 110% से घटाकर 10% करने पर सहमति जताई है. यह एक संरक्षित ऑटोमोबाइल मार्केट के लिए बड़ी शुरुआत है. इससे बाजार तक पहुंच बढ़ेगी. भारत में ईयू के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. एक बार यह समझौता लागू हो जाएगा, तो भारत को निर्यात किए जाने वाले 90% से ज्यादा ईयू सामानों पर कम या शून्य टैरिफ लगेगा. इन समझौता का मतलब दोनों देशों के संबंधों और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है. इसमें बिजनेस, इन्वेस्टमेंट, सर्विस जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:55 +0530</pubDate>
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<title>Bengaluru ATM Cash Scam: बेंगलुरु में ATM कैश घोटाले से मचा हड़कंप! Hitachi के कर्मचारियों पर लगा 57 लाख रुपये गबन करने का आरोप</title>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु में एक बार फिर ATM के लिए रखी गई नकदी की कथित चोरी का मामला सामने आया है. CMS कैश वैन लूट कांड के कुछ ही महीनों बाद, अब एक पेमेंट सर्विस कंपनी से जुड़ा बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. आरोप है कि Hitachi Payment Services Pvt. Ltd. के कर्मचारियों ने एटीएम में कैश डालने के लिए रखी गई 57 लाख रुपये से ज्यादा की रकम गबन कर ली है.
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में CMS कैश वैन लूटकांड ने पूरे देश को हिला दिया था. उस मामले में खुद को RBI अधिकारी बताने वाले लोगों ने दिनदहाड़े कैश वैन को लूटा था. जांच में सामने आया था कि इस वारदात को CMS के पूर्व कर्मचारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था. अब इसी तरह का एक और मामला सामने आया है, जिसमें Hitachi Payment Services, जो SBI और Axis Bank के एटीएम में कैश जमा करने का काम करती है के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं.
कंपनी अधिकारियों ने पुलिस को दी शिकायत
कंपनी अधिकारियों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि Axis Bank, कोरमंगला से निकाली गई नकदी, जिसे एटीएम में जमा किया जाना था, उसे रास्ते में ही कथित तौर पर हड़प लिया गया. कंपनी के एक कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी संभाल रहे चार कर्मचारियों ने अलग-अलग समय पर 57 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. जांच अधिकारियों का शक है कि यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और सुनियोजित तरीके से गबन की गई.
कंपनी से मांगा गया लेनदेन का पूरा ब्योरा
पुलिस का यह भी कहना है कि कंपनी ने धोखाधड़ी का पता चलने के कई हफ्तों बाद शिकायत दर्ज कराई है. फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं. यह मामला कोरमंगला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. पुलिस ने कंपनी से संबंधित दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्योरा भी मांगा है, ताकि घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके.
ये भी पढ़ें: &#039;भारत-EU के बीच हुआ बड़ा समझौता&#039;, पीएम मोदी ने किया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान, बताया कैसे होगा फायदा ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:52 +0530</pubDate>
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<title>Hyderabad China Manjha Incident: हैदराबाद में दिल दहला देने वाली घटना! चाइनीज मांझा बना काल, बाइक पर जा रही बच्ची की दर्दनाक मौत</title>
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<description><![CDATA[ हैदराबाद के कूकटपल्ली इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक नन्हीं बच्ची की जान चाइना मांझा (synthetic manja) की वजह से चली गई. यह घटना तब घटी जब बच्ची अपने पिता के साथ बाइक पर सफर कर रही थी और रास्ते में अचानक जानलेवा मांझा उसके गले में फंस गया. अस्पताल ले जाने की कोशिशों के बावजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यह पहली बार नहीं है जब हैदराबाद में चाइनीज मांझे ने किसी की जान ले ली है. त्योहारों के मौसम या साधारण दिनों में भी यह सिंथेटिक या नायलॉन का बना मांझा जानलेवा साबित हो रहा है. हैदराबाद पुलिस और प्रशासन ने कई बार इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, फिर भी बाजारों में इसकी अवैध बिक्री और उपयोग जारी है. यह मांझा साधारण सूती मांझे की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत और धारदार होता है, जो किसी भी पास से गुजरने वाले व्यक्ति या जानवर के लिए गंभीर खतरा बना रहता है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. लोग ऐसे खतरनाक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार को हमेशा के लिए तोड़कर रख सकती है, इस घटना ने यह सच्चाई फिर से सामने ला दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यह है कि आखिरकार यह खतनाक खेल कब तक जारी रहेगा?
सिंथेटिक मांझे पर बैन
भारत में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इंसानों और पक्षियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए नायलॉन, सिंथेटिक या कांच लेपित किसी भी प्रकार के मांझे के निर्माण, बिक्री, स्टोर करने और इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Bengal: आनंदपुर अग्निकांड में अब तक 8 लोगों की मौत, शव जलने से पहचान मुश्किल, अब DNA टेस्ट ही सहारा</title>
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<description><![CDATA[ West Bengal News: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आनंदपुर इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां नाजीराबाद इलाके में स्थित दो गोदामों में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. इस हादसे के बाद पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है. चारों तरफ मातम पसरा है और अपनों को खोने वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
आग इतनी भीषण थी कि कई शव बुरी तरह जल गए हैं. चेहरों की पहचान तक संभव नहीं हो पा रही है. इसी कारण शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है. आनंदपुर और आसपास के इलाकों के कई लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में अस्पताल, थाने और घटनास्थल के चक्कर काट रहे हैं.
दो गोदामों को निगल गई आग
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात ईएम बाईपास के पास आनंदपुर के नाजीराबाद इलाके में पहले एक डेकोरेटर्स के गोदाम में आग लगी. देखते ही देखते आग पास के खाने-पीने के सामान वाले गोदाम तक फैल गई. कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने दोनों गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया.
गोदाम के अंदर काम कर रहे कई कर्मचारी आग की चपेट में आ गए. प्रत्यक्षदर्शियों और लापता कर्मचारियों के परिजनों का आरोप है कि गोदाम का दरवाजा बंद था, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके. कई कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
जेसीबी से मलबा हटाकर तलाश जारी
आग बुझने के बाद दमकल विभाग ने जेसीबी मशीन की मदद से जले हुए लोहे के ढांचे और मलबे को हटाना शुरू किया. इसके बाद अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.
इस हादसे ने गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया गया है कि इतनी बड़ी फैक्ट्री में केवल 5 किलो के दो अग्निशमन यंत्र लगे हुए थे. न तो स्प्रिंकलर सिस्टम था और न ही कोई आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम. पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने की स्थिति में कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं थी.
पूर्व कर्मचारी का बड़ा खुलासा
गोदाम के एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि वेयरहाउस बनाते समय स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने की बात हुई थी, लेकिन उसे कभी लागू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि अंदर ज्वलनशील पदार्थ ज्यादा थे और आग बुझाने के लिए पर्याप्त साधन मौजूद नहीं थे.
दमकल अधिकारियों ने भी माना है कि आग बुझाने की व्यवस्था पूरी तरह से नाकाम साबित हुई. उनका कहना है कि सुरक्षा इंतजाम अगर सही होते तो जानमाल का नुकसान इतना बड़ा नहीं होता. इस हादसे के बाद कई गरीब परिवार उजड़ गए हैं. जिन घरों में खुशी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है. आनंदपुर इस समय एक मृत्यु के शहर में बदल चुका है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:52 +0530</pubDate>
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<title>Bengal: गांव में घुसा तेंदुआ, कई लोगों पर किया हमला, भीड़ ने पीछा कर पीट&#45;पीटकर मार डाला</title>
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<description><![CDATA[ West Bengal News: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले से एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाली घटना सामने आई है. फलाकाटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत धनीरामपुर 2 नंबर ग्राम पंचायत के सरुगांव इलाके में सोमवार शाम अचानक एक तेंदुआ गांव में घुस आया. दिन के उजाले में तेंदुए की मौजूदगी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. देखते ही देखते तेंदुए ने एक के बाद एक ग्रामीणों पर हमला करना शुरू कर दिया.
स्थानीय सूत्रों और वन विभाग के मुताबिक, तेंदुए के हमले में करीब 7 से 8 ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तेंदुआ हमला कर चुका था. घायलों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं. तेंदुए के अचानक हमलों से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे.
पुलिस और वन विभाग मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही जटेश्वर फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने हालात को संभालते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की. सभी घायलों को बीरपाड़ा राज्य सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल बन गया.
लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गुस्सा भर गया. आरोप है कि भड़की हुई भीड़ ने तेंदुए का पीछा करना शुरू कर दिया. इसी दौरान वन विभाग के जलपाईगुड़ी प्रभाग के दलगांव रेंज के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि तेंदुआ जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ है.
लाठी-डंडों से पीटने का आरोप
वन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मृत तेंदुए के चारों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और कई लोगों के हाथों में लाठी-डंडे थे. आशंका जताई जा रही है कि गुस्साई भीड़ ने तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला. हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी.
जलपाईगुड़ी के डीएफओ वी. विकास ने बताया कि धनीरामपुर गांव में एक तेंदुआ घुस आया था, जिसने कई लोगों को घायल किया. इलाके से एक तेंदुए का शव बरामद किया गया है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. वन विभाग और पुलिस की टीम इलाके में नजर बनाए हुए है, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Karnataka Toll: दोनों पैर गंवा चुके आर्मी कमांडो से टोल पर बदसलूकी, कहा&#45; &amp;apos;देश के लिए लड़ने वाले सैनिक से...&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के कुंडापुर स्थित सस्थाना टोल गेट पर देश के लिए अपने दोनों पैर गंवा चुके एक वीर सैनिक के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. व्हीलचेयर पर चलने वाले इस सैनिक को टोल कर्मचारियों की तरफ से अपमानित किए जाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद देशभर में गुस्सा और आक्रोश देखने को मिल रहा है.
पीड़ित सैनिक की पहचान श्यामराज के रूप में हुई है, जो केरल के कासरगोड जिले के एदानिरु गांव के रहने वाले हैं. श्यामराज भारतीय सेना की 21 पैरा मिलिट्री यूनिट में कमांडो के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं. वे ऑपरेशन पराक्रम के दौरान घायल हुए थे, जिसमें उन्होंने अपने दोनों पैर देश के लिए कुर्बान कर दिए.
श्यामराज ने बताई अपनी पीड़ा
वीडियो में श्यामराज हिंदी में अपनी पीड़ा बताते हुए कहते हैं, &#039;मैं आर्मी कमांडो श्यामराज हूं. मैंने 21 पैरा मिलिट्री में सेवा दी है. सस्थाना टोल, उडुपी के पास मुझे टोल देने के लिए परेशान किया जा रहा है. मेरे पास टोल छूट से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं. मैं एक युद्ध पीड़ित हूं और आर्मी एक्ट के तहत टैक्स-फ्री हूं. पूरे देश में मैंने किसी भी टोल पर शुल्क नहीं दिया, लेकिन केवल यहीं मुझे जबरन रोका जा रहा है.&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;क्या आप जानते हैं कि मैं इस व्हीलचेयर पर क्यों बैठा हूं? क्या एक युद्ध पीड़ित का अपमान करना सही है? देश के लिए लड़ने वाले सैनिक से टोल वसूला जा रहा है.&#039;
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से पूछा सवाल
श्यामराज ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी सवाल करते हुए कहा कि एक सैनिक को, जो पूरी तरह से टोल शुल्क से मुक्त है, इस तरह रोका जाना बेहद शर्मनाक है. इस मामले पर सस्थाना टोल गेट के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें इस छूट की जानकारी नहीं थी और वे अपने उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे.हालांकि, सैनिक श्यामराज ने इस पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, &#039;अगर आपके घर में भी कोई सैनिक होता, तो आपको हमारा दर्द समझ में आता. हम खुशी से व्हीलचेयर पर नहीं बैठे हैं.&#039; यह वीडियो सामने आने के बाद टोल कर्मचारियों के रवैये को लेकर भारी नाराज़गी जताई जा रही है. सोशल मीडिया पर लोग टोल प्रशासन की आलोचना कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>भेदभाव खत्म या नया डर? UGC के नए कानून पर छात्रों की नाराजगी की आखिर वजह क्या है?</title>
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<description><![CDATA[ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियम 2026 को लेकर देशभर में विवाद तेज हो गया है. खासकर सामान्य वर्ग के छात्र और संगठन इसके खिलाफ खुलकर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह नियम समानता के नाम पर एकतरफा है और इससे कैंपस में डर, अविश्वास और टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है. मामला अब सामाजिक के साथ-साथ राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है.
कब शुरू हुआ पूरा विवाद?पूरा विवाद 13 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जब UGC ने &amp;lsquo;प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन 2026&amp;rsquo; लागू किया. यह नियम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में दिए गए &#039;समानता और समावेशन&#039; के सिद्धांत पर आधारित है. इसका उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव की शिकायतों को रोकना और उनके समाधान के लिए एक तय व्यवस्था बनाना बताया गया है.
UGC का कहना क्या हैUGC का दावा है कि यह नियम- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दिव्यांग छात्र, शिक्षक और कर्मचारी के साथ होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए लाया गया है. आयोग का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और इसी कारण इस तरह के सख्त नियम जरूरी हो गए हैं.
इक्विटी कमेटी बनाने का प्रावधाननए नियम के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में 9 सदस्यों वाली इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य किया गया है.इस कमेटी में शामिल होंगे:

संस्थान प्रमुख
तीन प्रोफेसर
एक कर्मचारी
दो सामान्य नागरिक
दो विशेष रूप से आमंत्रित छात्र
एक को-ऑर्डिनेटर
नियम के मुताबिक, इन 9 में से कम से कम 5 सदस्य SC, ST, OBC, दिव्यांग या महिला वर्ग से होना जरूरी होगा.

यहीं से शुरू हुआ विरोधआलोचकों और छात्रों का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था में सामान्य वर्ग के लिए कोई अनिवार्य प्रतिनिधित्व नहीं रखा गया है. उनका आरोप है कि भले ही कानून भेदभाव रोकने के लिए लाया गया हो, लेकिन इसका असर सबसे ज्यादा सामान्य वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा. छात्रों को डर है कि शिकायत दर्ज होते ही उन्हें पहले से दोषी मान लिया जाएगा.
भेदभाव की शिकायतों के आंकड़ेUGC ने संसद समिति और सुप्रीम कोर्ट के सामने जो आंकड़े रखे हैं, उनके मुताबिक-&amp;nbsp; 2019-20 में 173 शिकायतें, 2023-24 में 378 शिकायतें और पांच साल में कुल 1160 शिकायतें मिली हैं. यानि शिकायतों में करीब 118 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन आलोचक इन आंकड़ों का दूसरा पक्ष भी सामने रख रहे हैं.
आंकड़ों का दूसरा पक्ष यह है कि देश में फिलहाल 1153 विश्वविद्यालय, 48 हजार से ज्यादा कॉलेज हैं, लगभग 4 करोड़ 20 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. अगर इनमें से करीब 50 प्रतिशत छात्र SC, ST, OBC, EWS और दिव्यांग वर्ग से भी मान लिए जाएं, तब भी भेदभाव की शिकायत करने वालों का प्रतिशत करीब 0.0018 प्रतिशत ही बैठता है. आलोचकों का कहना है कि इतनी कम शिकायतों के आधार पर पूरे सामान्य वर्ग को शक के दायरे में लाना गलत है.
गलत शिकायतों पर कार्रवाई का अभावछात्रों और विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि नए नियम में झूठी शिकायत करने वालों पर सख्त सजा का कोई साफ प्रावधान नहीं है. सिर्फ इतना कहा गया है कि अगर कोई समिति के फैसले से असंतुष्ट है, तो वह 30 दिन में अपील कर सकता है. ओम्बड्समैन को भी 30 दिन में अपील निपटानी होगी, लेकिन झूठे आरोप लगाने वालों पर कोई दंड तय नहीं किया गया है. इससे छात्रों को डर है कि कानून का गलत इस्तेमाल हो सकता है.
क्यों बढ़ता जा रहा है विरोध?छात्रों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि वे भेदभाव के खिलाफ हैं, लेकिन कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए. गलत इस्तेमाल की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. कैंपस में भरोसे का माहौल बनाए रखना जरूरी है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>धमकी दी फिर गिड़गिड़ाया PAK, अब UN में भारत ने बताया&#45; पाकिस्तान को कब देंगे सिंधु का पानी</title>
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<description><![CDATA[ पहले भारत को हमलों की धमकी, फिर सीजफायर की गुहार और अब सिंधु जल संधि को लेकर बयानबाजी-पाकिस्तान की दोहरी नीति को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में बेनकाब कर दिया है. UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का रास्ता नहीं छोड़ता, तब तक सिंधु जल संधि पर कोई नरमी नहीं होगी.
पहले धमकियां, फिर सीजफायर की अपीलUN में बोलते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने बताया कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमले करने की धमकी दे रहा था. लेकिन 10 मई को हालात पलट गए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने खुद भारतीय सेना को फोन कर लड़ाई रोकने की गुहार लगाई. भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान हुआ.
&amp;lsquo;आतंकवाद को न्यू नॉर्मल नहीं मान सकता भारत&amp;rsquo;हरीश ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को सामान्य बनाने की कोशिश करता है, लेकिन भारत इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में जायज नहीं है और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर इसे सही ठहराने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
सिंधु का पानी कब मिलेगा पाकिस्तान को?भारतीय प्रतिनिधि ने दो टूक कहा कि भारत ने 65 साल पहले सिंधु जल संधि अच्छे इरादों से की थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे बार-बार तोड़ा. उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद और हर तरह की आतंकी गतिविधियों को पूरी तरह और स्थायी रूप से खत्म नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.यानी साफ है- आतंकवाद पर नकेल कसेगी, तभी सिंधु का पानी मिलेगा.
जम्मू-कश्मीर पर बोलने का हक नहींUN में भारत ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान को भारत के अंदरूनी मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस सच्चाई को कोई नहीं बदल सकता.
UN में पाकिस्तान की पोल खुलीभारत ने कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना है. UN जैसे मंच पर पाकिस्तान झूठे आरोप लगाकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन सच्चाई अब दुनिया के सामने है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;सबको मिले गर्भगृह में जाने का अधिकार&amp;apos;, उज्जैन महाकाल में VIP एंट्री पर आपत्ति जताने वाले से CJI ने क्यों कहा&#45; तो आप भी कोई श्रद्धालू नहीं</title>
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<description><![CDATA[ उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में वीआईपी लोगों को प्रवेश की अनुमति के मामले पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि महाकाल के परिसर में कोई वीआईपी नहीं है, लेकिन इस तरह की याचिका दाखिल करना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता का मकसद भी श्रद्धा नहीं लगता है.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि मंदिर में किसे प्रवेश मिले, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मंदिर प्रशासन को ज्ञापन देने की सलाह दी, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ली.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार याचिका में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया कि उज्जैन के महाकेश्वर मंदिर के गर्भगृह में वीआईपी प्रवेश की अनुमति देना मंदिर प्रशासन और जिला अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करता है. याचिकाकर्ता दर्पण सिंह अवस्थी के वकील विष्णु शंकर जैन कहा कि वह यहां संविधान के अनुच्छेद 14 के उल्लंघन की बात कर रहे हैं. किसी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी जाए या नहीं, ये दिशा-निर्देशों पर निर्भर होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट नागरिकों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता हैं. वह वीआईपी के आधार पर इस तरह भेदभाव नहीं कर सकता. एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गर्भगृह में प्रवेश के लिए सभी के लिए एक जैसी नीति होनी चाहिए. विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गर्भगृह में प्रवेश करता है तो उसे कलेक्टर की सिफारिश पर अनुमति दी जाती है. इस तरह तो अगर कोई और श्रद्धालू महाकाल जाता है, तो उसको भी गर्भगृह में जाने और भगवान पर जल चढ़ाने का अधिकार है.
एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उनका कहना सिर्फ इतना है कि या तो गर्भगृह में जाने का अधिकार सबको मिले या किसी को भी नहीं. सबके लिए नियम एक जैसा हो. सीजेआई सूर्यकांत ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि गर्भगृह में जाने की अनुमति दी जाए या नहीं, इसका फैसला करना कोर्ट का काम नहीं है. कौन गर्भगृह में जाएगा और कौन नहीं, अगर ये फैसला कोर्ट करने लगा तो ये उसके लिए बहुत ज्यादा हो जाएगा. सीजेआई ने कहा कि अगर कोर्ट यह मानता है कि गर्भगृह में आर्टिकल 14 लागू होना चाहिए, तो कल को लोग आर्टिकल 19 जैसे दूसरे अधिकारों का भी दावा करने लगेंगे.
सीजेआई ने कहा, &#039;पहले आप कहेंगे कि मेरे पास भी गर्भगृह में जाने का अधिकार है क्योंकि फलां व्यक्ति ने प्रवेश किया, फिर आप कहेंगे कि मुझे वहां मंत्र जाप करने का अधिकार है क्योंकि मेरे पास बोलने की आजादी है, तो इस तरह गर्भगृह के अंदर सभी मौलिक अधिकारों का दावा किया जाने लगेगा. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ये जो लोग याचिका दाखिल कर रहे हैं, ये भी श्रद्धालू नहीं हैं. ये कुछ और चाहते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सभी श्रद्धालुओं को जाने देने की मांग सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कहा&#45; &amp;apos;इस तरह का आदेश देना कोर्ट का काम नहीं&amp;apos;</title>
<link>https://www.barwarapatrika.com/4875</link>
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<description><![CDATA[ उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सभी श्रद्धालुओं को जाने देने की मांग पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. याचिकाकर्ता ने कहा था कि गर्भगृह में सिर्फ वीआईपी लोगों को जाने की अनुमति दी जाती है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुनने से मना करते हुए कहा कि मंदिर में कौन जाए, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है.
इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी इस मांग को खारिज किया था. हाई कोर्ट ने कहा था कि वह मंदिर प्रबंधन के कामकाज में दखल नहीं देगा. इसके खिलाफ याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. मामला चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच के सामने लगा. याचिकाकर्ता की तरफ से वकील विष्णु शंकर जैन कोर्ट में पेश हुए.
सनी की शुरुआत में ही चीफ जस्टिस ने याचिका पर सवाल उठा दिए. उन्होंने कहा, &quot;महाकाल के प्रांगण में कोई वीआईपी नहीं हो सकता. लेकिन इस तरह की याचिका दाखिल करने का उद्देश्य क्या है? ऐसी याचिका दाखिल करने वाले लोग मंदिर में श्रद्धा से नहीं जाते हैं. उनका मकसद कुछ और ही होता है.&quot;
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वह मंदिर में प्रवेश की एक समान नीति बताने की मांग कर रहे हैं. इस समय उज्जैन के कलक्टर तय करते हैं कि किसे महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जाने दिया जाएगा. चीफ जस्टिस ने इस पर कहा कि मंदिर में प्रवेश को लेकर फैसला वहां के प्रशासन पर ही छोड़ जाना चाहिए. कोर्ट इस पर सुनवाई नहीं कर सकता.
बेंच को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए जैन ने कहा कि हाई कोर्ट ने श्रद्धालुओं के बीच अंतर किया. यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, &quot;पहले प्रवेश के लिए समानता के अधिकार के दलील दी जाएगी. फिर वहीं बैठ कर मंत्र जाप करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की दलील दी जाएगी. गर्भगृह में मूल अधिकारों की माला पहन कर जाने से बेहतर है कि वहां न जाएं.&quot;
जजों के रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस लेने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि वह मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. जजों ने इससे सहमति जताते हुए उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:49 +0530</pubDate>
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<title>मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील के बाद भारत&#45;EU का जॉइंट स्टेटमेंट, लाखों नौकरियां आएंगी, 2 अरब लोगों के बीच होगा व्यापार</title>
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<description><![CDATA[ भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और कई रणनीतिक समझौतों पर सहमति जताई. इस दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे.
पहली बार गणतंत्र दिवस पर EU नेता मुख्य अतिथिकोस्टा और वॉन डेर लेयेन का दौरा भारत-EU रिश्तों में बढ़ती नजदीकी और साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है. दोनों नेताओं का स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया और उन्होंने परेड में शामिल होकर भारत-EU सैन्य प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया.
16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में चर्चाप्रधानमंत्री मोदी, कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने सम्मेलन में साझा मूल्यों जैसे लोकतंत्र, मानवाधिकार, कानून का शासन और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने सुरक्षा खतरों से निपटने, सतत विकास लक्ष्यों, जलवायु और जैव विविधता कार्यों पर भी सहमति जताई.
व्यापार और निवेश को बढ़ावानेताओं ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते की सफलता का स्वागत किया. यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा और दोनों पक्षों के लिए समृद्धि लाएगा. दोनों नेताओं ने व्यापारिक मंच पर निजी निवेश को बढ़ाने और उद्योग क्षेत्रों में नए सहयोग की अपील की.
सुरक्षा, रक्षा और तकनीकी सहयोगभारत-EU सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी सहमति हुई, जिसमें साइबर, आतंकवाद, अंतरिक्ष सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं. तकनीक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए EU-India Trade and Technology Council को मजबूत करने और AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6G और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया.
क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोगनेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सुधार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांतिपूर्ण और खुला वातावरण सुनिश्चित करने और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई. यूक्रेन और इरान सहित अंतरराष्ट्रीय संकटों पर संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
शिक्षा और लोगों के बीच संबंधशिक्षा, कौशल विकास और गतिशीलता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत-EU मूवमेंट और शिक्षा संवाद की शुरुआत का ऐलान किया गया. उच्च शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई.
जलवायु, ऊर्जा और सतत विकासजलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए EU-India Green Hydrogen Task Force और Wind Business Summit की घोषणा हुई. महासागर और मत्स्य पालन, जल सुरक्षा और जैव विविधता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल पर भी सहमति बनी.
आगामी शिखर सम्मेलन और AI समिटनेताओं ने भारत में 19-20 फरवरी 2026 को होने वाले AI Impact Summit का स्वागत किया और 17वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को ब्रसेल्स आमंत्रित किया. यह शिखर सम्मेलन भारत-EU संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने और मुक्त व्यापार, सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 16:28:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Republic Day 2026 पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखी चिट्ठी, यूुपी वालों से कर दी बड़ी अपील</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक पत्र में लिखा, &#039;मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, हमारा संविधान हमें स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व का अमूल्य उपहार प्रदान करता है. ये संवैधानिक मूल्य हमारे लोकतंत्र की आत्मा हैं. प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार इन मूल्यों को केंद्र में रखकर एक ऐसे उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रही है, जहाँ अन्नदाताओं के खेत लहलहा रहे हैं, महिलाएँ सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं, युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुँच रहा है.
सीएम ने लिखा कि आज उत्तर प्रदेश डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान की मूल भावना के अनुरूप सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और सर्वांगीण विकास के पथ पर दृढ़ता से अग्रसर है.
उन्होंने लिखा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ संविधान हमें इस महान राष्ट्र की लंबी संवैधानिक यात्रा और लोकतंत्र की शक्ति का स्मरण कराता है. लोकतांत्रिक आदर्शों और &amp;lsquo;विविधता में एकता&amp;rsquo; के संवैधानिक मार्गदर्शक मूल्यों को आधार बनाकर हम सशक्त, समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. सरकार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ समरस एवं समतामूलक राज्य के निर्माण में जुटी है. हमारा संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त अनुभव करे.
युवाओं से की ये अपील
सीएम ने लिखा कि गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं विशेष रूप से प्रदेश के युवाओं से आह्वान करता हूँ कि वे संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्र के प्रति समर्पण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संकल्प लें. संविधान के आदर्शों को आत्मसात करते हुए नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ और राष्ट्र निर्माण की सभी गतिविधियों में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हों, जिससे देश निरंतर उपलब्धियों की नई ऊँचाइयों को छुए.
उन्होंने लिखा कि आपके परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्रभावना के साथ हम &amp;lsquo;विकसित भारत&amp;ndash;विकसित उत्तर प्रदेश&amp;rsquo; के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करेंगे. सभी प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>Republic, Day, 2026, पर, सीएम, योगी, आदित्यनाथ, ने, लिखी, चिट्ठी, यूुपी, वालों, से, कर, दी, बड़ी, अपील</media:keywords>
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<title>गणतंत्र दिवस पर महाराजगंज के 7 पुलिसकर्मियों को मिलेगा सेवा पदक, DM करेंगे सम्मानित</title>
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<description><![CDATA[ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनपद महाराजगंज के सात पुलिसकर्मियों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए सेवा पदकों से सम्मानित किया जाएगा. चयनित पुलिसकर्मियों को यह सम्मान सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य&amp;nbsp;रैतिक&amp;nbsp;परेड के दौरान मुख्य अतिथि जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा प्रदान किया जाएगा. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महाराजगंज सोमेंद्र मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे.
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने चयनित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी निष्ठा,&amp;nbsp;कर्तव्यपरायणता&amp;nbsp;एवं अनुकरणीय सेवा का प्रतीक है. इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और अन्य पुलिसकर्मियों को भी कर्तव्य के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी.
इन्हें मिलेगा सेवा पदक 
अति उत्कृष्ट सेवा पदक से रेडियो उपनिरीक्षक सुनील कुमार विश्वकर्मा, हेड कांस्टेबल एमटी&amp;nbsp;चन्द्रशेखर&amp;nbsp;यादव, मुख्य आरक्षी चालक संतोष कुमार गुप्ता तथा मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस&amp;nbsp;जयकिशुन&amp;nbsp;को सम्मानित किया जाएगा. वहीं उत्कृष्ट सेवा पदक के लिए निरीक्षक नागरिक पुलिस रामकृष्ण यादव, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस&amp;nbsp;वीरेन्द्र&amp;nbsp;कुमार यादव एवं मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस सुनील कुमार चौधरी का चयन किया गया है.
रविवार को परेड का अभ्यास किया गया 
उधर, गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली&amp;nbsp;रैतिक&amp;nbsp;परेड की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को जनपद महाराजगंज की पुलिस लाइन में ग्रैंड रिहर्सल का आयोजन किया गया था. रिहर्सल के दौरान परेड में शामिल सभी टोलियों ने अनुशासन एवं तालमेल के साथ अभ्यास किया था.
रैतिक परेड में कुल नौ टोलियों ने भाग लिया, जिनमें पुलिस ऑफिस, महिला पुलिस, पीएसी, एनसीसी कैडेट सहित जनपद पुलिस की विभिन्न टोलियां शामिल रहीं. इसके साथ ही मोटरसाइकिल दस्ता, एंटी ह्यूमन ट्रैफिक थाना, महिला थाना, अग्निशमन विभाग, एसओजी, रेडियो शाखा एवं पुलिस विभाग की अन्य सहयोगी शाखाओं ने भी रिहर्सल में सहभागिता की. रैतिक परेड के लिए क्षेत्राधिकारी फरेंदा को प्रथम परेड कमांडर तथा प्रतिसार निरीक्षक को द्वितीय परेड कमांडर नामित किया गया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Maharashtra: नासिक से मुंबई तक किसानों का पैदल मार्च, अपनी मांगों को लेकर सरकार पर बनाया दबाव</title>
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<description><![CDATA[ नासिक से मुंबई की ओर रविवार (25 जनवरी) को किसानों और खेत मजदूरों का एक बड़ा पैदल मार्च शुरू हुआ. जमीन के अधिकार, सिंचाई की पुख्ता व्यवस्था और लगातार बिजली आपूर्ति जैसी मांगों को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं. यह मार्च मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में निकाला जा रहा है.
मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी हाथों में लाल झंडे लिए हुए हैं और सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया. किसानों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी जमीनी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर रास्ते में उनकी मांगों पर गंभीर बातचीत नहीं हुई, तो वे मुंबई पहुंचकर राज्य सचिवालय का घेराव करेंगे.
बड़े नेता भी मार्च में शामिल
इस मार्च में माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले भी शामिल हैं. उनके साथ सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.एल. कराड भी किसानों के साथ पैदल चल रहे हैं. नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ मांगों की सूची नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है.
क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें
किसानों की प्रमुख मांगों में वन अधिकार कानून को पूरी तरह लागू करना, &amp;lsquo;पेसा&amp;rsquo; कानून के तहत आदिवासी इलाकों में जमीन के अधिकार सुनिश्चित करना, लंबित सिंचाई योजनाओं को पूरा करना और सोयाबीन व मक्का जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी शामिल है. किसानों का कहना है कि इन मुद्दों पर देरी से उनकी आजीविका लगातार प्रभावित हो रही है.
मुंबई तक पहुंचने का संकल्प
पूर्व विधायक जे. पी. गावित ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपने साथ राशन और जरूरी सामान रखा है. उनका कहना है कि किसान और मजदूर मुंबई तक पहुंचने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और जब तक समाधान नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:33 +0530</pubDate>
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<title>&amp;apos;अब और देरी न हो... &amp;apos;Republic Day पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार से कर दी बड़ी मांग</title>
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<description><![CDATA[ बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र सरकार से एक बड़ी मांग की है. उन्होंने पार्टी के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग दोहराई है. मायावती ने कहा कि देश के करोड़ों बहुजन, गरीब, शोषित और वंचित वर्गों को आत्मसम्मान और स्वाभिमान का वन दिलाने के लिए कांशीराम ने अपना पूरा वन संघर्ष में समर्पित कर दिया. मायावती ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी लगातार कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करती रही है और अब इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए.
26 जनवरी के अवसर पर जारी मायावती ने देशवासियों और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. इसके साथ ही उन्होंने संविधान की भावना पर भी सवाल उठाए. मायावती ने कहा कि केवल बड़े-बड़े दावों और लुभावने वादों से अलग हटकर यह ईमानदारी से आकलन किया जाना चाहिए कि क्या केंद्र और राज्य सरकारों ने संविधान की सर्वसमाज हितैषी मंशा के अनुरूप राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र को मजबूत किया है या नहीं.
&#039;संविधान पर गर्व तभी सार्थक है जब...&#039;
उन्होंने कहा कि संविधान पर गर्व तभी सार्थक है, जब उसके मूल उद्देश्यों के अनुरूप आम लोगों के वन स्तर में वास्तविक और अपेक्षित सुधार हो. मायावती ने यह भी कहा कि देश की ज्वलंत समस्याओं से मुक्ति का रास्ता संविधान की भावना को सही मायनों में लागू करने से ही निकलेगा.
Republic Day 2026 पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखी चिट्ठी, यूुपी वालों से कर दी बड़ी अपील
इसके साथ ही मायावती ने गणतंत्र दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री और वीरता पुरस्कार पाने वाले सभी सम्मानित व्यक्तियों और उनके परिवारों को भी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>77th Republic Day: &amp;apos;तारीख 26, साल भी 26...&amp;apos; सपा चीफ अखिलेश यादव ने इस अंदाज में दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने एक पोस्ट के जरिए बधाई दी.
सपा चीफ ने लिखा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ये एक अनूठा &amp;nbsp;गणतंत्र दिवस है, जब तारीख़ भी 26 है साल भी 26 है. इसीलिए इस विशेष गणतंत्र दिवस की विशेष बधाई और शुभकामनाएँ! आइए इस विशेष गणतंत्र दिवस पर देश के गणतंत्र के आधार जनतंत्र और उसके आधार &amp;lsquo;संविधान&amp;rsquo; की रक्षा का विशिष्ट संकल्प उठाएं. जय हिंद!
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भी शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि मस्त देशवासियों को &#039;गणतंत्र दिवस&#039; की हार्दिक शुभकामनाएं.
चंद्रशेखर आजाद ने भी दी बधाई
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना महान संविधान अपनाया, जो केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि समानता, न्याय और स्वतंत्रता के आदर्शों पर आधारित भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव है.
चंद्रशेखर आजाद ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक वक्तव्य को उद्धृत करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने संविधान सभा में चेतावनी दी थी कि भारत राजनीतिक समानता की ओर बढ़ेगा, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानताएं एक बड़ी चुनौती बनी रहेंगी. उन्होंने कहा कि यह संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करता है.
&#039;अब और देरी न हो... &#039;Republic Day पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार से कर दी बड़ी मांग
भेदभाव को खत्म करने का लें संकल्प- आजाद
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश को जाति, धर्म, वर्ग और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने हर नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के समान अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि यही संविधान की वास्तविक भावना है.
उन्होंने नागरिकों से अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने और बंधुत्व व एकता के भाव को मजबूत करने की अपील की. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि गणतंत्र दिवस का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब भारत हर नागरिक के लिए समान रूप से स्वतंत्र और सशक्त देश बने. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Punjab Weather: घने कोहरा और शीतलहर से कांपा पंजाब, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, जानें मौसम का हाल</title>
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<description><![CDATA[ Punjab News: पंजाब में मौसम विभाग ने कुछ दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है. गुरदासपुर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है.
इन इलाकों में पड़ सकता है घना कोहरा
अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और जालंधर के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा या शीतलहर चलने की संभावना है. फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा के कुछ हिस्सों में भी घना कोहरा या शीतलहर रह सकती है. वहीं चंडीगढ़ में भी कोहरा छाया रहने का अनुमान है.
पंजाब के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान काफी कम दर्ज किया गया है. लुधियाना में 4.0 डिग्री, पटियाला में 3.5 डिग्री और बठिंडा में सबसे कम 0.8 डिग्री तापमान रहा. फरीदकोट में 1.0 डिग्री, गुरदासपुर में 4.4 डिग्री और एसबीएस नगर में 3.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. फिरोजपुर में 1.6 डिग्री, मानसा में 3.9 डिग्री, अमृतसर में 2.4 डिग्री और रूपनगर में 4.3 डिग्री तापमान रहा. एक डिग्री से भी नीचे न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है.
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों का तापमान काफी कम हो गया है. पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान सबसे कम 0.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा फरीदकोट में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री रहा. कल के मुकाबले आज राज्य में औसत अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य तापमान से 3.6 डिग्री कम बना हुआ है.
तेज हवाओं की चेतावनी
सोमवार को भी कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी. जिस कारण मौसम में कोई बड़ी तब्दीली नजर नहीं आ रही है. पश्चिमी विक्षोभ, जो जम्मू और आसपास के पाकिस्तान के ऊपर एक कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में मौजूद था, अब समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती चक्र के रूप में दिखाई दे रहा है.
उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक प्रेरित चक्रवाती घूर्णन बना हुआ है. जम्मू और उसके आसपास के पाकिस्तान के इलाकों पर कम दबाव क्षेत्र से जुड़ी चक्रवाती घूर्णन से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक फैली धूल अब काफी हद तक कमजोर पड़ गई है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>राजस्थान में गणतंत्र दिवस का जश्न, CM भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, कांग्रेस नेताओं ने उठाए ये मुद्दे</title>
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<description><![CDATA[ आज (सोमवा, 26 जनवरी) को देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. 26 जनवरी 1950 को आज ही के दिन देश में संविधान लागू हुआ था. इसी उपलक्ष्य में इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं.&amp;nbsp;
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज विश्व में भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं ने भी गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए संविधान पर हो रहे हमलों का जिक्र किया.&amp;nbsp;
क्या बोले सीएम भजनलाल शर्मा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, &quot;आज हम अपना गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. इस सुअवसर पर समस्त प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं. देश के उन स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया. बाबासाहेब अंबेडकर को नमन, जिन्होंने देश को संविधान दिया.&quot;
इसके आगे सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, &quot;आज पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है. पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है. राजस्थान में भी डबल इंजन सरकार लगातार काम कर रही है.&quot;
अशोक गहलोत ने दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने कहा, &quot;समस्त देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएं. आज का दिन महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है, जिन्होंने हमें दुनिया का सबसे श्रेष्ठ और समावेशी संविधान दिया. हमारा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हर नागरिक के हक और हुकूक की ढाल है. आइए, हम संविधान की मूल भावना की रक्षा करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने, आपसी सद्भाव व भाईचारे को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लें, हमारा साझा संकल्प ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान बनेगा.&quot;
&#039;देश का संविधान खतरे में&#039;- डोटासरा
कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- &#039;आज देश का संविधान खतरे में है. संविधान के कमजोर होने से लोकतंत्र कमजोर होता है. आज हम संविधान को बचाने का संकल्प लेते हैं, हमें धर्मनिरपेक्षता के आधार पर सभी को साथ लेकर चलना है. संविधान से मिली शक्तियों का आज की सरकार दुरुपयोग कर रही है, संवैधानिक संस्थाओं पर &#039;बुलडोजर&#039; चलाया जा रहा है.&#039;
&#039;गणतंत्र की वजह से आए और गणतंत्र को कमजोर कर रहे&#039;
बड़ी चौपड़ पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, &#039;गणतंत्र दिवस पर बधाई देता हूं, एक ऐसा गणतंत्र जहां अलग अलग धर्म, भाषा और बोलियों का गुलदस्ता है. आज गणतंत्र पर हमले किए जा रहे. जो संविधान की वजह से आए हैं, वो ही संविधान को कमजोर कर रहे हैं. गणतंत्र ने हमें वोट का अधिकार दिया, अब वोट काटा जा रहा है. जो सत्ता में हैं वो कमियां सुनना नहीं चाहते.&#039;
उन्होंने आगे कहा, &#039;गणतंत्र में शंकराचार्य का अपमान हो रहा. सनातन का अपमान किया जा रहा. गौ हत्या के खिलाफ मुहिम चलाने वाले से डिग्री पूछी जा रही. जो खुद अपनी डिग्री नहीं दे पाए, वो शंकराचार्य से सर्टिफिकेट मांग रहे हैं.&#039; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>पंजाब की महिलाओं के खाते में 1000 रुपये आने का रास्ता साफ! सीएम भगवंत मान ने बता दी योजना</title>
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<description><![CDATA[ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार, 25 जनवरी को कहा कि उनकी सरकार हर महिला को 1,000 रुपये देने के अपने वादे को पूरा करेगी, जिसके लिए राज्य के अगले बजट में प्रावधान किए जाएंगे.
सलेरन बांध पर एक पर्यटन परियोजना का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित करके रोजगार सृजित कर रही है. उन्होंने कहा, &#039;पंजाब के बजट में प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये देने का वादा पूरा किया जाएगा.&#039;
मकर संक्रांति पर दिया था आश्वासन
श्री मुक्तसर साहिब में 14 जनवरी को राज्य स्तरीय माघी मेला सभा में सीएम मान ने आश्वासन दिया था कि राज्य की हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान करने का आम आदमी पार्टी (आप) का चुनावी वादा जल्द ही पूरा किया जाएगा.
बिना शर्त फ्री मिलेगा 10 लाख रुपये तक का इलाज
सीएम भगवंत मान ने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर वर्ग को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. सरकारी कर्मचारी और पेंशन भोगी भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. राज्य के लोगों का स्वास्थ्य और आम आदमी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में AAP
गौरतलब है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं. इस बीच महिलाओं को दी जाने वाले एक हजार रुपये का वादा आम आदमी पार्टी सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके तहत राज्य की हर महिला को एक हजार रुपये दिए जाने हैं.&amp;nbsp;
3 साल का बकाया देने की भी होगी बात?&amp;nbsp;
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का आरोप है कि वादा करने के बावजूद आप सरकार ने महिलाओं को समय पर एक हजार रुपये नहीं दिए. ऐसे में अब महिलाओं को बीते तीन साल का बकाया भी दिया जाना चाहिए.&amp;nbsp; ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
<media:keywords>पंजाब, की, महिलाओं, के, खाते, में, 1000, रुपये, आने, का, रास्ता, साफ, सीएम, भगवंत, मान, ने, बता, दी, योजना</media:keywords>
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<title>&amp;apos;मेरे भाई ने अंतरिक्ष में लहराया तिरंगा&amp;apos;, अशोक चक्र मिलने पर भावुक हुईं शुभांशु शुक्ला की बहन</title>
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<description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी और भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन व अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को गणतंत्र दिवस के मौके पर अशोक चक्र से सम्मानित किया जा रहा है. उनकी इस उपलब्धि पर उनका परिवार बेहद गौरान्वित महसूस कर रहा है. शुभांशु की बहन शुची मिश्रा ने इस अवसर पर कहा, &quot;यह बहुत गर्व की बात है. उन्होंने इतनी मेहनत की है और उन्हें यह सम्मान मिल रहा है. इतनी बड़ी आबादी में वे अकेले हैं जिन्होंने भारत का नाम इतनी ऊंचाई तक पहुंचाया है. वे अंतरिक्ष में गए और वहां भारतीय ध्वज फहराया. आज जब वे अशोक चक्र प्राप्त कर रहे हैं, इससे बड़ा गर्व का विषय कुछ नहीं हो सकता.&quot;
शुचि ने आगे कहा कि शुभांशु का सफर प्रेरणादायक है और अब हर कोई उन्हें अपना भाई या बेटा मान रहा है. उन्होंने बताया कि परिवार में इस उपलब्धि की कल्पना नहीं की थी, लेकिन अब यह पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है.
शुभांशु ने पिछले साल जून में ISS पर कदम रखा था
यहां बता दें कि शुभांशु शुक्ला ने जून 2025 में ISS पर कदम रखा थाऔर भारतीय तिरंगा लहराया था. यही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हिंदी में बातचीत की थी. यह अंतरिक्ष मिशन इसरो और नासा का संयुक्त प्रोजेक्ट था. जिसमें शुभांशु ने भारत का प्रतिनिधित्व किया. राकेश शर्मा के बाद वे भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित 
शुभांशु शुक्ला को यह सम्मान एक्सियम-4 मिशन के दौरान अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने के लिए मिल रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा या पुरूस्कार प्रदान किया जाएगा.&amp;nbsp;
इससे पहले उत्तर प्रदेश दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह भी सम्मानित कर चुके हैं, शुभांशु शुक्ला ने इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश का भी नाम रोशन किया है, लखनऊ जैसे शहर से निकलकर आज पूरी दुनिया में नाम कमाया है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>&amp;apos;शिबू सोरेन भारत रत्न थे और रहेंगे&amp;apos;, पिता को पद्मभूषण मिलने पर बोले झारखंड CM हेमंत सोरेन</title>
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<description><![CDATA[ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत पिता और वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा पर रविवार (25 जनवरी) को केंद्र सरकार का आभार जताया. वहीं, सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न की मांग दोहराई.
शिबू सोरेन का नाम देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण के लिए चुने गए 13 लोगों में शामिल है. इस घोषणा के बाद झारखंड की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे झारखंड और आदिवासी समाज के लिए सम्मान की बात बताया.
केंद्र सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा, &amp;ldquo;हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा करने के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मैं केंद्र सरकार का हार्दिक आभार जताता हूं.&amp;rdquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;ldquo;उनका जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है. उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है.&amp;rdquo;
झारखंड राज्य आंदोलन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा, &amp;ldquo;यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना अलग राज्य दिलाया.&amp;rdquo;
उन्होंने यह भी कहा, &amp;ldquo;झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे.&amp;rdquo;
झामुमो की भारत रत्न की मांग
झामुमो ने एक बयान जारी कर कहा कि शिबू सोरेन को पद्म भूषण नहीं, बल्कि भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मांग आगे भी लगातार उठाई जाती रहेगी.&amp;nbsp;झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि वह पद्म भूषण देने के लिए केंद्र सरकार की आभारी हैं, लेकिन उनके अनुसार शिबू सोरेन भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>गिग वर्कर्स की यूनियन ने किया बड़ा ऐलान, 26 जनवरी को ऑनलाइन ऐप बंद हड़ताल, 3 फरवरी को विरोध&#45;प्रदर्शन</title>
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<description><![CDATA[ गिग और प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने देशभर के लाखों डिलीवरी पार्टनर्स, राइड-हेलिंग ड्राइवर्स और अन्य ऐप-बेस्ड वर्कर्स को एकजुट करने का बड़ा कदम उठाया है. यूनियन ने 26 जनवरी 2026 को पूरे देश में ऑनलाइन हड़ताल का आह्वान किया है, जिसमें वर्कर्स अपने ऐप बंद कर विरोध जताएंगे. इसके बाद 3 फरवरी को विभिन्न शहरों में सड़कों पर राष्ट्रव्यापी भौतिक प्रदर्शन होगा.
आंदोलन का नेतृत्व महिला गिग वर्कर्स करेंगी
खास बात यह है कि इस आंदोलन का नेतृत्व महिला गिग वर्कर्स करेंगी. यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था में महिलाओं का शोषण सबसे ज्यादा हो रहा है. कई महिला वर्कर्स को सर्विस देने के बाद &amp;nbsp;पैसे कम दिए जाते है, मारपीट का सामना करना पड़ता है, और जब वे कंपनी से शिकायत करती हैं तो AI सिस्टम बस टाइम पास करता है. अंत में उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है और रोजगार छीन लिया जाता है. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है.
जोमेटो हर महीने हजारों वर्कर्स टर्मिनेट कर देते हैं
यूनियन का आरोप है कि जोमेटो जैसे प्लेटफॉर्म्स हर महीने 5,000 से ज्यादा वर्कर्स को टर्मिनेट कर देते हैं. अर्बन कंपनी के वर्कर्स इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जो मीडिया से बात करना चाहते हैं लेकिन डर के मारे चेहरा छुपाते हैं. क्या यह मौलिक अधिकारों का हनन नहीं है? वर्कर्स मजबूर होकर काम कर रहे हैं, फिर भी उनकी आवाज दबाई जा रही है.
सीमा सिंह ने बताया कि यूनियन ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हाल ही में मंत्री मनसुख मांडविया ने 10 मिनट वाली इंस्टेंट डिलीवरी बंद करने की बात कही थी, लेकिन कोई लिखित आदेश या अधिसूचना नहीं आई. सरकार सिर्फ बातें करती है, लेकिन गिग वर्कर्स की असली समस्याओं आईडी ब्लॉकिंग, सुरक्षा, वर्कर स्टेटस पर चुप्पी साधे हुए है.
वर्कर्स की मुख्य शिकायतें क्या हैं?
मनमानी तरीके से आईडी ब्लॉकिंग और अनुचित रेटिंग सिस्टम
आय में लगातार कटौती, कमीशन बढ़ना और पारदर्शिता की कमी
ग्राहक शिकायतों पर वर्कर को सफाई देने का मौका न मिलना
डबल कैंसिलेशन पेनल्टी, टाइम कैप, बंडल बुकिंग और ऑटो-असाइन जैसी प्रणालियां
महिलाओं के लिए सुरक्षा की कमी, मासिक धर्म अवकाश और &#039;रेड बटन&#039; इमरजेंसी फीचर की मांग
नई पॉलिसी या बदलाव से पहले वर्कर्स से कोई सलाह न लेना
यूनियन की प्रमुख मांगें
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए अलग से एक मजबूत केंद्रीय कानून बनाया जाए
मनमानी आईडी ब्लॉकिंग और अनुचित रेटिंग पर तुरंत रोक
आय दरों में बढ़ोतरी, कमीशन कटौती पर लगाम
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकने के लिए आंतरिक शिकायत समितियां
पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र और वर्कर्स-अनुकूल पॉलिसी
GIPSWU सभी गिग वर्कर्स से की अपील
GIPSWU ने सभी गिग वर्कर्स चाहे जोमेटो, स्विगी, अर्बन कंपनी, ओला, उबर या किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े हों से अपील की है कि वे 26 जनवरी को ऐप बंद करके और 3 फरवरी को सड़क पर उतरकर एकजुट हों. साथ ही सांसदों, अन्य ट्रेड यूनियनों, महिला संगठनों और आम जनता से समर्थन मांगा है. यह सिर्फ हमारी लड़ाई नहीं है, यह पूरे डिजिटल इकोनॉमी के वर्कर्स की गरिमा और सुरक्षा की लड़ाई है. अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे और बड़े आंदोलन होंगे. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>गणतंत्र दिवस से पहले देश को दहलाने की साजिश नाकाम, 10 हजार किलो विस्फोटक बरामद, कहां और कैसे मिला?</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान के नागौर में रविवार (25 जनवरी) को एक घर से पुलिस ने 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया है. नागौर के एसपी मृदुल कछवा ने कहा कि आंतरिक सूचनाओं के आधार पर नागौर पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी सुलेमान खान के थानवला स्थित आवास पर छापा मारा और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, सुलेमान ने अपने खेत में विस्फोटक सामग्री छिपा रखी थी, जिसमें 187 कार्टन में 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, 9 कार्टन डेटोनेटर, नीले रंग के तार के 15 बंडल, लाल रंग के तार के 9 बंडल और अन्य चीजें शामिल थीं.
नागौर एसपी ने क्या बतायाएसपी ने बताया कि आरोपी सुलेमान खान के खिलाफ नागौर के थानवला, पादुक्कल्लन और अलवर के चौपसनी में भी 3 मामले दर्ज हैं. ये तीनों मामले विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने सुलेमान को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
केंद्रीय एजेंसियां कर सकती हैं पूछताछएक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुलेमान खदान मालिकों को विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति भी करता था. हालांकि, जब्त की गई भारी मात्रा को देखते हुए हमें संदेह है कि वह किसी बड़ी साजिश में भी शामिल हो सकता है. हम उससे पूछताछ के लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क कर सकते हैं.&amp;nbsp;
दिल्ली धमाके में भी अमोनियम नाइट्रेट का हुआ था इस्तेमालपुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमोनियम नाइट्रेट पहले भी कई बड़े विस्फोटों से जुड़ा रहा है. नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में भी इसका इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा 2 दिसंबर को नाथद्वारा श्रीनाथजी में अवैध विस्फोटकों से लदी एक पिकअप ट्रक को जब्त किया गया था, जिससे लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचाई जा सकती थी. वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी, जिसमें 2.78 किलोग्राम वजन के आईसीएल प्राइम एक्स विस्फोटक के 83 पैकेट शामिल थे. जब्त की गई सामग्री में कुल 109 कार्टन थे जिनमें 981 कारतूस थे और एक अलग कार्टन में 100 टीएलएचडी (ट्रक लाइन डेटोनेटर) और डीटी फ्यूज से लैस 93 अन्य डेटोनेटर थे.&amp;nbsp;
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तमिलनाडु में 13 और बंगाल में 11... जिन राज्यों में इस साल होने हैं चुनाव, वहां कितने लोगों को मिले पद्म पुरस्कार ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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<title>Padam Awards 2026: रूस, जर्मनी से लेकर अमेरिका तक... सरकार ने किन&#45;किन देशों के नागरिकों को दिए पद्म पुरस्कार?</title>
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<description><![CDATA[ पद्म पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जिनकी घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है. वर्ष 2026 के लिए भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की सूची जारी कर दी है. इस सूची में देश के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. सरकार की तरफ से जारी सूची में रूस, जर्मनी, अमेरिका और जॉर्जिया के नागरिक शामिल हैं. इन सभी को कला, शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा और खेल जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए पद्म सम्मान प्रदान किया जाएगा.
पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं. पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है. पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, जबकि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है. ये सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक जीवन, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में दिए जाते हैं.
Padma Awards 2026 में कुल कितने पुरस्कार
सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी के अनुसार, वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है. इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीनों श्रेणियों के पुरस्कार शामिल हैं. इनमें कुछ संयुक्त पुरस्कार भी हैं, जिन्हें एक ही पुरस्कार के रूप में गिना गया है.
महिलाओं, विदेशी नागरिकों और मरणोपरांत सम्मान
इस वर्ष की पद्म पुरस्कार सूची में 19 महिलाओं को सम्मानित किया गया है. इसके अलावा 6 विदेशी, एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई श्रेणी के व्यक्तियों को भी पद्म सम्मान दिया जाएगा. सूची में 16 ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन्हें मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा.
विदेशी नागरिकों को मिलेगा पद्म सम्मान
रूस की नागरिक ल्यूडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने हिंदी, पंजाबी, गुजराती और मारवाड़ी जैसी भारतीय भाषाओं के अंतरराष्ट्रीय प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
जर्मनी के प्रोफेसर डॉ. लार्स-क्रिश्चियन कोच को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री दिया जाएगा. उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर गहन शोध कर उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है.
संयुक्त राज्य अमेरिका के विजय अमृतराज को खेल के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने भारतीय टेनिस को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है. अमेरिका के ही डॉ. नोरी दत्तात्रेयुलु को चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया जाएगा, जबकि डॉ. प्रतीक शर्मा को गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में विशेषज्ञता के लिए पद्म श्री दिया जाएगा.
जॉर्जिया के व्लादिमीर मेस्तविराश्विली को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने भारतीय कुश्ती को नई दिशा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया था.
पद्म पुरस्कार समारोह कब और कहां होगा
पीआईबी के अनुसार पद्म पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में किया जाएगा. यह समारोह आमतौर पर मार्च या अप्रैल महीने में होता है, जहां भारत के राष्ट्रपति स्वयं इन पुरस्कारों को प्रदान करते हैं.
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:15 +0530</pubDate>
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<title>Weather Forecast Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर 11 राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश! दिल्ली&#45;यूपी बिहार से पंजाब तक अलर्ट, जानें ताजा अपडेट</title>
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<description><![CDATA[ देश में लोग आज गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के जश्न में डूबे हैं. इस बार भी गणतंत्र दिवस की परेड में देश की सैन्य शक्ति और आधुनिक हथियारों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला नजर आ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है तो कई जिलों में शीतलहर की भी संभावना है.
कहां-कहां होगी बारिशवेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो सकती है. पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठिठुरन और गलन देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और केरल में बारिश की संभावना जताई है. 27 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.&amp;nbsp;
दिल्ली का मौसम26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में सुबह की शुरुआत कड़ाके की ठंड और धुंध के साथ हुई है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा धूप खिलने की संभावना है. आज सुबह का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. सुबह के समय &#039;हल्का से मध्यम&#039; कोहरा छाया रहेगा, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है.
यूपी में बदल रहा मौसमउत्तर प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव दिख रहा है. आज सोमवार सुबह प्रदेश के कई भागों में कोहरे का असर दिखा, लेकिन अब कई जगहों पर कोहरा छटता दिख रहा है. प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी भागों के आसमान में बादलों की आवाजाही दिख रही है. राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस के मौके पर मौसम साफ रहने का अनुमान है. हालांकि तेज हवाओं के असर के कारण तामपान में गिरावट दर्ज की जा रही है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्टराजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रविवार को दिन और रात के पारे में गिरावट दर्ज की गई. दिन का पारा 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो वहीं रात का पारा 11 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विज्ञानियों ने शहर में 27 जनवरी को 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है.&amp;nbsp;
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म हो गया है. इसके साथ ही मौसम साफ होने और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आई है. मौसम में बदलाव आज भी जारी रहने की उम्मीद है. तराई वाले जिलों में आज और कल 27 जनवरी की सुबह कहीं-कहीं घना कोहरा रहने की संभावना है.
बिहार का मौसमबिहार में जनवरी के अंतिम सप्ताह में मिला-जुला मौसम रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी से 31 जनवरी के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा. उत्तर बिहार के कुछ जिलों में मौसम बदल सकता है. 28 जनवरी को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी और शिवहर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.&amp;nbsp;
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गणतंत्र दिवस से पहले देश को दहलाने की साजिश नाकाम, 10 हजार किलो विस्फोटक बरामद, कहां और कैसे मिला? ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 11:13:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Barwara Patrika</dc:creator>
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